Tuesday, 31 May 2022

Fruits for Bones: कमजोर-बूढ़ी हड्डियों में नई जान डाल देंगे ये विटामिन डी-कैल्शियम से भरे सस्ते फल

घुटनों में दर्द या यूरिक एसिड की समस्या अब बढ़ती उम्र में ही नहीं, कम उम्र में भी देखने को मिल रही हैं। खान-पान की गलत आदतें और आरामदायक जीवनशैली इसके लिए जिम्मेदार होती है। लेकिन खानपान से ही इन बीमारियों को ठीक भी किया जा सकता है। यहां आपको कुछ ऐसे ही फलों के बारे में बताने जा रहे हैं जो हडि्डयों में नई जान डाल सकते है।

उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों में कमजोरी आना आम बात है लेकिन सही खान-पान से इसे लंबे समय तक मजबूत रखा जा सकता है। कैल्शियम और विटामिन डी कमी ही जोड़ों के दर्द से ऑस्टियोपोरोसिस तक की समस्या का कारण होती है। गर्मियों में कई तरह के फल मिलते हैं, इनमें कुछ हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी हैं।

पपीता खाने की डाल लें रोज आदत
विटामिन ए और सी और फाइबर से भरा पपीता हड़्डियों की मजबूती के लिए भी काम करता है। पपीते में मौजूद पपैन एंजाइम कार्ब्स, फैट और प्रोटीन को तोड़ता है और पाचन शक्ति को मजबूत बनाता है। साथ ही ये यूरिक एसिड को भी कम करने का काम करता है। यूरिक एसिड का लेवल कम होने से हडि्डयों का क्षरण रुकता है और वे मजबूत होती हैं।

सेब में यूरिक एसिड के कम करने का दम
सेब में आयन से लेकर कैल्शियम और विटामिन सी भरा होता है। ये पोषक तत्व कोलेजन और हड्डियों के नए टिश्यू बनाने के लिए जरूरी हैं। इनके अलावा सेब में वो सभी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए जरूरी हैं। यूरिक एसिड को कम करने के लिए सेब खाएं या एप्पल साइडर विनेगर को पीना शुरू कर दें।

स्ट्रॉबेरीज में है हडि्डयों को मजबूत बनाने का गुण
रसीली लाल-लाल स्ट्रॉबेरी स्वाद ही नहीं, सेहत के लिए भी फायदेमंद है। एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर ये फल फ्री रैडिकल डैमेज के प्रभाव को कम करती हैं और विटामिन सी की अधिकता के चलते ये कैल्शियम के अवशोषण को बढ़ाती है और विटामिन डी के साथ मिलकर हड्डियों को मजबूती देती है। स्ट्रॉबेरीज में कैल्शियम, पोटेशियम, मैंगनीज और विटामिन सी जैसे तत्व पाए जाते हैं। ये सभी पोषक तत्व शरीर में नई हड्डियों का निर्माण करते हैं।

कमजोर हड्डियों का इलाज अनानास
अनानास पोटैशियम से भरपूर होता है। पोटेशियम एसिड के भार को बेअसर करने में मदद कर सकता है और इस तरह हड्डियों से कैल्शियम की कमी को कम कर सकता है। इसके अलावा, अनानास कैल्शियम और विटामिन ए से भरपूर होता है। गर्म के दिनों में अनानास के ठंडे स्लाइस आपको तरोताजा कर देते हैं।

संतरा है विटामिन डी की खान
संतरे विटामान डी और सी से भरा होता है।कैल्शियम और विटामिन डी दोनों ही इस फल से मिलता है और ये तीनों ही चीजें यूरिक एसिड और हड्डियों के लिए बेस्ट होती हैं। रोजाना संतरे के जूस पीने से ऑस्टियोपोरोसिस से भी बचा जा सकता है। इसके अलावा यह विटामिन का भी भंडार है, इससे इम्यून सिस्टम मजबूत बनाता है।

पोटेशियम से भरा केला भी फायदेमंद
पाचन को दुरुस्त रखने के अलावा केला मैग्नीशियम का भी अच्छा स्रोत है। यह पोषक तत्व हड्डी और दांतों की संरचना के विकास में एक अहम भूमिका निभाता है। इसलिए रोजाना एक केला खाने से कमजोर हड्डियों को ताकत मिलती है।

कीवी खाने से हड्डियों में आती है ताकत
चाहे फल हो या जूस, कीवी में सबसे अधिक मात्रा में कैल्शियम होता है, लगभग 60 मिलीग्राम। यह हड्डियों की मजबूती, दांतों की संरचना को विकसित करने में मदद करता है और ऑस्टियोपोरोसिस को भी रोकता है।

डिस्क्लेमर- आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल सामान्य जानकारी प्रदान करते हैं। इन्हें आजमाने से पहले किसी विशेषज्ञ अथवा चिकित्सक से सलाह जरूर लें। 'पत्रिका' इसके लिए उत्तरदायी नहीं है।



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Chaulai Benefits: एनिमिया, डायबिटीज और हार्ट पेशंट्स के लिए वरदान है ये साग, जानिए इसके और भी फायदे

Chaulai Benefits: अमूमन मेथी, पालक या सरसों के साग के बारे में सब जानते हैं, लेकिन क्या आपको पता है इन सब साग से ऊपर भी एक और साग है। ये साग है चौलाई या चौराई।
औषधिय गुणों की खान मानी जाती है चौलाई की साग। खास बात ये है कि चौलाई का ये साग कई रंग में आता है। चौलाई का साग अगर खाना रोज शुरू कर दें तो ये कई बीमारियों का इलाज कर सकती है।

चौलाई में पोषक तत्व (Nutrients In Amaranth)
कई विटामिन, खनिज, और प्रोटीन से भरी चौलाई हाई फाइबर, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, विटामिन ए, बी6, सी, ई और यहां तक कि आयरन, मैग्नीशियम, फास्फोरस, कॉपर, कैल्शियम, पोटेशियम, सेलेनियम और मैंगनीज जैसे खनिजों से भरी होती है। चौलाई को अमीनो एसिड और फैटी एसिड का भी एक बड़ा स्रोत माना जाता है और यही कारण है कि ये अन्य साग से ज्यादा फायदेमंद होती है।
चौलाई के गुण
चौलाई जीवाणुरोधी, एंटी इंफ्लेमेटरी, एंटीऑक्सिडेंट, कसैले, पाचन, कार्मिनेटिव, हाइपोलिपिडेमिक और डायफोरेटिक गुणों से भरी होती है।

यह असाधारण स्वास्थ्य लाभ प्रदान करती है और व्यापक रूप से हृदय रोगों, पाचन विकारों, हड्डियों और जोड़ों की समस्याओं, डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल, मोटापा, त्वचा और बालों की समस्याओं आदि के उपचार के लिए उपयोग किया जाता है.

चौलाई के स्वास्थ्य लाभ- Amazing Health Benefits Of Amaranth Vegetable

1-कब्ज से लेकर अपच और गैस में फायदेमंदअपच, कब्ज, पेट फूलना, हार्टबर्न, दस्त, पेप्टिक अल्सर जैसी समस्या में चौलाई रामबाण दवा की तरह काम करती है। चौलाई गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल विकारों की दवा है। चौलाई आंत में फूड कणों को तोड़ने में मदद करती है और पाचक रस की मात्रा को बढ़ा देती है।

2- डायबिटी को नियंत्रित करता है
चौलाई डायबिटीज रोगियों के लिए वरदान है। ये ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में जादुई असर दिखाती है। वहीं, ये कफ-पित्त संतुलन दोषों के कारण मेटाबॉलिज्म में सुधारने वाली भी मानी गई है। एंटी-ग्लाइसेमिक गुणों से भरी चौलाई हाई फाइबर से भरी होती है और शुगर को जल्दी ब्लड में घुलने नहीं देती और खाने को पेट में लंबे समय तक रखती है। साथ ही ये अग्न्याशय को सक्रिय करता है और संतुलित मात्रा में इंसुलिन के स्राव को उत्तेजित करता है।

3- जोड़ों के दर्द और हडि्डयों की कमजोरी होगी दूर

चौलाई हड्डियों की कमजोरी और जोड़ों के दर्द को दूर करती है। साथ ही ये सूजनरोधक की तरह काम करती है। अगर आप हड्ड्‌डी या दांत से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या से जूझ रहे तो आपके लिए चौलाई खाना बेहद फायदेमंद होगा। चौलाई खाने वालों में मांसपेशियों का घनत्व बढ़ता है और ऑस्टियोआर्थराइटिस, ऑस्टियोपोरोसिस और फाइब्रोमायल्गिया जैसी समस्याएं देखने को नहीं मिलतीं।

4- कार्डिएक फंक्शनिंग को बढ़ाता है
चौलाई एक ऐसा पत्तेदार हरा साग है जो हार्ट के मरीज के लिए भी फायदेमंद है। एंटीऑक्सीडेंट और एक कार्डियो-प्रोटेक्टिव घटक होने के नाते, यह कई हृदय रोगों के इलाज में मदद कर सकता है। हाई कोलेस्ट्रॉल को कम कर ये हार्ट पर से प्रेशर हटाता है। धमनियों में जमा वसा हटाने में चौलाई बहुत काम आती है।

5- एनीमिया को रोकता है
आयरन, विटामिन सी और बी9 से भरपूर चौलाई के पत्तों का सेवन एनीमिया को रोकने में मदद कर सकता है। यह एनीमिया के कई लक्षणों जैसे सामान्य थकान, शारीरिक कमजोरी और त्वचा की पीली मलिनकिरण, चक्कर, आलस्य, सांस की तकलीफ, चक्कर आना, सूजन और सिरदर्द के इलाज के लिए बेहतरीन है।



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Peach Benefits: गर्मियों में आड़ू खाने के है अनगिनत फायदे, इम्यूनिटी बढ़ाने में होता है फायदेमंद

Peach Benefits: गर्मियों में आड़ू का सेवन करने से सेहत को कई तरह से लाभ मिलते हैं। कई सारे पोषक तत्वों से भरपूर आड़ू स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं को दूर करने में फायदेमंद होता है। आड़ू में विटामिन ए, विटामिन सी, पोटेशियम, जिंक, कॉपर, कैल्शियम, फाइबर, मैग्निशियम और सोडियम आदि पोषक तत्वों के भरपूर गुण पाए जाते हैं, जो कई समस्याओं को दूर करने में फायदेमंद होते है। आड़ू का सेवन करने से इम्यूनिटी सिस्टम मजबूत होता है। साथ ही पेट से जुड़ी समस्या दूर होती है। ये आंखों की रोशनी बढ़ाने में भी मददगार साबित होता है। तो आइए जानते हैं आड़ू का सेवन करने से सेहत को मिलने वाले फायदे के बारे में

आड़ू खाने के फायदे

1. इम्यूनिटी बढ़ाने में फायदेमंद
इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए आड़ू का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। आड़ू में विटामिन सी की भरपूर मात्रा पाई जाती है, जो जो शरीर में एंटी ऑक्सीडेंट की तरह कार्य करता है। जिससे इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। साथ ही आड़ू का सेवन सीजनल बीमारियों से बचने के लिए भी किया जाता है।
यह भी पढ़े: प्रोस्टेट कैंसर से बचाव करने के लिए इन चीजों को अपनी डाइट में करें शामिल

2. वजन कम करने में फायदेमंद
वजन कम करने के लिए आड़ू का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। आड़ू में कैलोरी की मात्रा काफी कम पाई जाती है, जो वजन कम करने में मदद करता है। अगर आप वजन कम करना चाहते है तो आड़ू का सेवन जरूर करें।

3. आंखों की समस्या दूर करने में फायदेमंद
आंखों की समस्या दूर करने के लिए आड़ू का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। आड़ू में विटामिन ए के गुण पाए जाते है, जो आंखों की रोशनी बढ़ाने में मदद करते है। साथ ही ये आंखों की समस्या दूर करने में फायदेमंद होता है।
यह भी पढ़े: आंखों की रोशनी बढ़ाने से साथ पाचन को दुरुस्त को करती है खुबानी, जानें इसके फायदे

4. पाचन की समस्या दूर करने में फायदेमंद
पाचन की समस्या दूर करने के लिए आड़ू का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। आड़ू में फाइबर की भरपूर मात्रा पाई जाती है जो पेट से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में मदद करता है।

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Health Tips: प्रोस्टेट कैंसर से बचाव करने के लिए इन चीजों को अपनी डाइट में करें शामिल

Health Tips: आजकल की बदलती लाइफस्टाइल और खानपान की वजह से ज्यादातर पुरुष प्रोस्टेट का शिकार हो रहे हैं। प्रोस्टेट कैंसर सिर्फ पुरुषों में ही पाया जाता है। प्रोस्टेट पुरुषों में पाई जाने वाली एक ग्रंथि है। प्रोस्टेट ग्लैंड या ग्रंथि में होने वाले कैंसर को ही हम प्रोस्टेट कैंसर कहते हैं। प्रोस्टेट ग्रंथि एक अखरोट की आकार की ग्रंथि होती है जो सिर्फ पुरुषों में ही पाई जाती है। पुरूषों में प्रोस्टेट कैंसर पुरूषों में दूसरा सबसे अधिक होने वाला कैंसर है। प्रोस्टेट कैंसर का पता शुरुआती समय में चल जाता है और इसका इलाज संभव है। प्रोस्टेट कैंसर से बचाव करने के लिए आप हेल्दी डाइट का सेवन करें। कुछ फूड्स प्रोस्टेट कैंसर से बचाव करने में मदद करते हैं। आइए जानते हैं इन फूड्स के बारे में04:04 PM

प्रोस्टेट कैंसर बचाव करने के वाले फूड्स

1. लहसुन और प्याज
प्रोस्टेट कैंसर बचाव करने के लिए लहसुन और प्याज का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। लहसुन प्याज में सल्फर कंपाउंड पाया जाता है, प्रोस्टेट कैंसर की सेल्स को खत्म कर देता है। लहसुन प्याज कैंसर की बीमारी से बचाव करने में काफी फायदेमंद होता है।
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2. फल और सब्जियां
प्रोस्टेट कैंसर बचाव करने के लिए फल और सब्जियां का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। टमाटर, गोभी, ब्रोकली जैसे सब्जियां और ब्लूबेरी, चेरी, तरबूज, अंगूर जैसे फल में एंटी ऑक्सीडेंट, विटामिन ए, ई के गुण पाए जाते है, जो प्रोस्‍टेटिटिस के कारण होने वाले सेल्‍युलर परिवर्तन को रोकता है। साथ ही एंटी ऑक्सीडेंट प्रोस्‍टेट ग्‍लैंड में ट्यूमर को बढ़ने से रोकता है।

3. हल्दी
प्रोस्टेट कैंसर बचाव करने के लिए हल्दी का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। हल्दी में आयरन, विटामिन बी 6, मैग्नीशियम, पोटेशियम ओमेगा 3, ओमेगा 6 फैटी एसिड और एंटीसेप्टिक के भरपूर गुण पाए जाते है, प्रोस्टेट कैंसर से बचाने में काफी फायदेमंद होता है।
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4. नट

प्रोस्टेट कैंसर बचाव करने के लिए नट का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। बादाम और अखरोट जैसे नट में सेलेनियम की भरपूर मात्रा होती है, जो प्रोस्‍टेट ग्‍लैंड से बचाते हैं। साथ ही इसमें मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट प्रोस्‍टेट हेल्‍थ को बेहतर करते हैं।

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Quinoa Benefits: क्विनोआ से सेहत को मिलते हैं कमाल के फायदे, कई समस्याओं को दूर करने में होता है मददगार

Quinoa Benefits: क्विनोआ का सेवन करने से सेहत को कई तरह से लाभ मिलता है। पोषक तत्वों से भरपूर क्विनोआ शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। क्विनोआ दूसरे अनाज की तरह ही एक तरह का बीज होता है। क्विनोआ फाइबर, आयरन और प्रोटीन के गुणों से भरपूर होता है। साथ ही इसमें एंटी कैंसर, एंटी सेप्टिक और एंटी एजिंग जैसे गुण पाए जाते हैं, जो स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं को दूर करने में मदद करते हैं। क्विनोआ का सेवन करने से हड्डियां मजबूत होती है। साथ ही एनीमिया की समस्या से बचाने में मदद करता है। तो आइए जानते हैं क्विनोआ का सेवन करने से सेहत को मिलने वाले फायदे के बारे में

क्विनोआ खाने के फायदे

1. पाचन को बेहतर बनाने में फायदेमंद
पाचन को बेहतर बनाने के लिए क्विनोआ का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। क्विनोआ में फाइबर की भरपूर मात्रा पाई जाती है, जो पाचन को बेहतर बनाने में मदद करती है। साथ ही ये पेट से जुड़ी समस्या को दूर करने में मदद करती है।
यह भी पढ़े: आंखों की रोशनी बढ़ाने से साथ पाचन को दुरुस्त को करती है खुबानी, जानें इसके फायदे

2. हड्डियों को मजबूत बनाने में फायदेमंद
हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए क्विनोआ का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। क्विनोआ में कैल्शियम, मैग्नीशियम, प्रोटीन, मैंगनीज और अमीनो एसिड जैसे पोषक तत्वों के गुण पाए जाते है, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करते है। साथ ही ये ऑस्टियोपोरोसिस के खतरे से बचाने में मदद करते है।

3. वजन कम करने में फायदेमंद
वजन कम करने के लिए क्विनोआ का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। क्विनोआ में फाइबर की भरपूर मात्रा पाई जाती है। जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और भूख भी जल्दी नहीं लगती है। ऐसा करने से वजन कम करने में मदद मिलता है।
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4. शरीर में खून को कमी को पूरा करने में फायदेमंद
शरीर में खून को कमी को पूरा करने के लिए क्विनोआ का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। क्विनोआ में आयरन भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर में खून के लेवल को बढ़ाने में मदद करता है। साथ ही इसमें कई ऐसे पोषक तत्त्व पाए जाते है, जो खून की कमी को पूरा करने में मदद करते है।

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Foods for kidney disease: किडनी की बीमारी में जरूर खाएं ये 5 फूड, विषाक्त पदार्थ को बाहर निकाल गुर्दे को बना देंगे फिर से मजबूत

किडनी की बीमारी में खान-पीन का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है। थोड़ी सी लापरवाही किडनी को और खराब कर सकती है। वहीं, कुछ ऐसे फूड्स हैं जो किडनी को वापस सही करने और शरीर से विषाक्त पदार्थ निकालने में मददगार होते हैं।

किडनी रोग के लक्षण (Kidney disease symptoms) आसानी से शरीर में नजर नहीं आते, ये तब ही आते हैं जब बीमारी गंभीर हो जाती है। इसलिए अपनी किडनी को हेलदी रखने के लिए हमेशा ही बेस्ट डाइट लेनी चाहिए।
किडनी खराबी के सामान्य लक्षणों
वजन कम होना और भूख कम लगना, टखनों, पैरों या हाथों में सूजन, थकान, आपके पेशाब में खून आना, यूरिन में खूना आना, पेट और पीठ के साइड में दर्द, मांसपेशियों में ऐंठन और त्वचा में खुजली होना आदि शामिल हैं।
तो चलिए जानें वो कौन से फूड हैं जो किडनी के लिए बेस्ट हैं

किडनी रोग के इलाज (Kidney disease treatment) की बात की जाए, तो मेडिकल में इसके लिए कई इलाज मौजूद हैं हालांकि आप अपने खाने-पीने में बदलाव करके भी इन लक्षणों से जल्दी राहत पा सकते हैं या किडनी रोग से बच सकते हैं। अवार्ड विनिंग नूट्रिशनिस्ट लवनीत बत्रा आपको कुछ खाने-पीने की चीजों के बारे में बता रही हैं, जिनके जरिए किडनियों को साफ, स्वस्थ और मजबूत बनाया जा सकता है।

फूलगोभी
विटामिन सी, फोलेट और फाइबर से भरी फूलगोभी किडनी के लिए बेस्ट सब्जी है। इंडोल, ग्लूकोसाइनोलेट्स और थियोसाइनेट्स से युक्त होने के कारण ये किडनी ही नहीं लिवर से भी विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने का काम करती है। ये कोशिका झिल्ली और डीएनए को नुकसान पहुंचाने वाले टिशूज से बचाती है।

सेब
सेब में पोटैशियम, फॉस्फोरस और सोडियम से भरा होता है, इसलिए किडनी के मरीजों के लिए बेस्ट है। सेब या एप्पल साइडर विनेगर पीना किडनी या यूरिन से जुड़ी समस्या में बहुत फायदा देता है

लहसुन
लहसुन में मैंगनीज, विटामिन सी और विटामिन बी6 होता है औश्र ये सूजन से बचाता है। इसलिए किडनी इंफेक्शन या सूजन आदि में इसे कच्चा खाने की आदत डालें।

लाल शिमला मिर्च
लाल शिमला मिर्च में पोटैशियम की मात्रा कम होती है जिस वजह से यह किडनी के मरीजों के लिए एबेहत्र फूड है। इसके अलावा इसमें विटामिन सी और विटामिन ए के साथ-साथ विटामिन बी 6, फोलिक एसिड और फाइबर जैसे तत्व भी पाए जाते हैं।

प्याज
किडनी की बीमारी में सोडियम वाली चीजों को कम करना जरूरी होता है। प्याज में विटामिन A और K न सिर्फ हड्डियों को मजबूती देते हैं बल्कि इनमें एंटी-ऑक्सीडेंट गुण भी होते हैं। शरीर के भीतरी हिस्से को साफ करने की भी क्षमता हरे प्याज में भरपूर है। इसके अलावा हरे प्याज में ह्रदय को स्वस्थ रखने का भी गुण होता है। इसमें मौजूद विटामिन C उच्च रक्तचाप से बचाव करता है जिससे ह्रदय संबंधी रोग दूर रहते हैं।

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Monday, 30 May 2022

Jeera Benefits: जीरा को करें रोजाना के डाइट में शामिल, पेट से लेकर हार्ट तक की सेहत को स्वस्थ रखने में करता है मदद

Cumin Seeds Benefits: जीरा का सेवन आमतौर पर खाने के स्वाद को बढ़ाने के लिए किया जाता है, लेकिन क्या आपको पता है कि इसके सेवन से स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याएं दूर हो जाती हैं, जैसे कि पेट दर्द, पेट में गैस, अपच आदि सारी समस्याएं, ऐसे में आप इनका सेवन रोजाना कर सकते हैं। आप इसको मसाले के तौर पर तो शामिल करें हीं, वहीं इसको कच्चा भी खा सकते हैं, या इसके पानी को भी इस्तेमाल कर सकते हैं। जानिए जीरे के पानी के रोजाना सेवन से होने वाले इन फायदों के बारे में।

 

डायबिटीज के पेशेंट्स के लिए लाभदायक
डायबिटीज के पेशेंट्स के लिए जीरे का सेवन बहुत ही ज्यादा लाभदायक होता है, इसके सेवन से पेट से जुड़ी कई समस्याएं दूर हो जाती हैं, वहीं यदि आपको कब्ज, अपच जैसी परेशानियाँ रहती हैं तो भी आप जीरे को रोजाना के डाइट में शामिल कर सकते हैं । जीरे को तो शामिल करें हीं वहीं आप जीरे के पानी का भी सेवन कर सकते हैं।

 
 

पेट की सेहत को रखता है स्वस्थ
पेट की सेहत को स्वस्थ बना के रखना चाहते हैं तो जीरे का सेवन बहुत ही ज्यादा अच्छा होता है, अक्सर व्यक्तियों को पेट से जुड़ी कोई न कोई परेशानी बनी ही रहती है, ऐसे में जीरे के इस्तेमाल से पेट साफ़ हो जाता है, वहीं इसमें कैलोरी की मात्रा कम होती है और फाइबर की मात्रा भी भरपूर होती है, इसलिए जीरे का इस्तेमाल आप रोजाना कर सकते हैं।

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इम्यून सिस्टम को बनाता है मजबूत
इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाना चाहते हैं तो जीरे का इस्तेमाल बहुत ही ज्यादा लाभदायक होता है, इसमें एंटी ऑक्सीडेंट की मात्रा भरपूर होती है, ये संक्रमण पैदा करने वाले बैक्टेरिया को नस्ट कर देता है, इसलिए इसको आप रोजाना के डाइट में शामिल कर सकते हैं।

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त्वचा को बनाता है सॉफ्ट
त्वचा से जुड़ी समस्यायों को दूर करना चाहते हैं तो जीरे का इस्तेमाल बहुत ही ज्यादा लाभदायक होता है, इसमें पोटैशियम, कैल्शियम, मैंगनीज जैसे कई सारे पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, इसलिए इनका सेवन आप रोजाना कर सकते हैं ताकि त्वचा से जुड़ी समस्याएं दूर हो जाएंगी।

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Potassium Rich Foods: शरीर में पोटैशियम की कमी को पूरा करने में मदद करेंगे ये फूड्स, रहेंगी बीमारियां दूर

Potassium Rich Foods: स्वस्थ रहने के लिए शरीर को पर्याप्त मात्रा में पोटैशियम देने की जरूरत होती है। आजकल की बदलती लाइफस्टाइल और खानपान की वजह से हार्ट और किडनी जैसी समस्या आम हो गई है। लेकिन पोटैशियम की कमी होने की वजह से शरीर को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। यदि शरीर को पर्याप्त मात्रा में पोटैशियम नहीं मिलता है तो बहुत सी बीमारियां होने लगती है। इन बीमारियों से बचने के लिए और पोटैशियम की कमी को पूरा करने के लिए आप कुछ फूड्स को अपने डाइट में शामिल कर सकते हैं। ये फूड्स पोटैशियम की कमी को पूरा करने में मदद करते हैं। तो आइए जानते हैं इन पोटैशियम रिच फूड्स के बारे में

पोटैशियम की कमी को पूरा करने वाले फूड्स

1. आलू
शरीर में पोटैशियम की कमी को पूरा करने के लिए आलू का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। आलू पोटैशियम का सबसे अच्छा सोर्स है, जो शरीर में पोटैशियम की कमी को पूरा करने में मदद करता है।
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2. तरबूज
शरीर में पोटैशियम की कमी को पूरा करने के लिए तरबूज का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। क्योंकि तरबूज में पोटैशियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर में पोटैशियम की कमी को पूरा करने में मदद करता है। साथ ही इसका सेवन करने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती।

3. केला
शरीर में पोटैशियम की कमी को पूरा करने के लिए केला का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। क्योंकि केला में पोटैशियम अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर में पोटैशियम की कमी को पूरा करने में मदद करता है।
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4. शकरकंद
शरीर में पोटैशियम की कमी को पूरा करने के लिए शकरकंद का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। क्योंकि शकरकंद में पोटैशियम की मात्रा पाई जाती है, जो शरीर में पोटैशियम की कमी को पूरा करने में मदद करता है। साथ ये हृदय रोग और डायबिटीज की समस्या से बचाने में मदद करता है।

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Arbi Leaves Benefits: पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने से लेकर आंखो की रोशनी बढ़ाने में फायदेमंद होता है, अरबी का पत्ता

Arbi Leaves Benefits: अरबी के पत्ते का सेवन करने शरीर को कई तरह से लाभ मिलते हैं। अरबी के पत्ते का इस्तेमाल सही तरह से किया जाता है। अरबी के पत्ते में औषधीय गुण मौजूद होते हैं। साथ ही इसमें कैल्शियम विटामिन ए, बी, सी, पोटेशियम और एंटी ऑक्सीडेंट की भरपूर मात्रा पाई जाती है, जो शरीर में पोषक तत्वों की कमी को पूरा करते है। अरबी के पत्ते का सेवन करने से स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याएं दूर हो सकती है। इसका सेवन करने से पेट से जुड़ी कई समस्या दूर होती हैं। साथ ही ये आंखों की रोशनी बढ़ाने में मदद करता है। तो आइए जानते हैं और भी के पत्ते खाने से शरीर को मिलने वाले फायदे के बारे में

अरबी के पत्ते खाने के फायदे

1. आंखों की रोशनी बढ़ाने में फायदेमंद
आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए अरबी के पत्तों का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। क्योंकि अरबी के पत्तों में विटामिन ए भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो आंखों को स्वस्थ रखने में मदद करता है। साथ ये आंखों की रोशनी भी बढ़ाता है।
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2. ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में फायदेमंद
ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने के लिए अरबी के पत्तों का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। क्योंकि अरबी के पत्तों में सोडियम और पोटैशियम और मैग्नीशि‍यम भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में मदद करता है।

3. जोड़ों के दर्द से राहत दिलाने में फायदेमंद
जोड़ों के दर्द से राहत पाने के लिए अरबी के पत्तों का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। क्योंकि अरबी के पत्ते का सेवन करने से जोड़ों के दर्द से राहत मिलती है।
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4. पेट से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में फायदेमंद
पेट से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए अरबी के पत्तों का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। क्योंकि अरबी के पत्ते के डंठल को पानी में उबालकर, उसमें घी डालकर पीने से पेट से जुड़ी समस्याओं से राहत मिलती है।02:04 PM

डिस्क्लेमर- आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल सामान्य जानकारी प्रदान करते हैं। इन्हें आजमाने से पहले किसी विशेषज्ञ अथवा चिकित्सक से सलाह जरूर लें। 'पत्रिका' इसके लिए उत्तरदायी नहीं है।



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Health Tips: रात को भूलकर भी न करें इन 5 चीजों का सेवन, सेहत को हो सकते कई सारे नुकसान

Health Tips: शरीर को स्वस्थ रखना चाहते हैं और बीमारियों को दूर रखना चाहते हैं अच्छी नींद आने की बहुत ही ज्यादा आवश्य्कता होती है, नींद की पूर्ती होने से व्यक्ति स्वस्थ बना रहता है, वहीं स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याएं भी दूर हो जाती हैं, लेकिन साथ ही साथ इस बात की भी खासतौर पर नजर रखने की जरूरत होती है कि रात में डिनर करते समय आपको कौन-कौन सी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। जानिए कौन से ऐसे फूड्स होते हैं जिनका सेवन रात के समय नहीं करना चाहिए।

हैवी फूड्स
हैवी फूड्स का सेवन सेहत के लिए बहुत ही ज्यादा नुकसानदायक होता है, इसलिए रात में कभी भी फ़ास्ट फ़ूड, जैसे कि बर्गर, पिज़्ज़ा जैसी चीजों का सेवन रात के समय नहीं करना चाहिए। रात में कोशिश करना चाहिए कि कुछ हल्का ही खाएं ताकि पेट से जुड़ी दिक्कतें दूर रहें।

 

थायमिन रिच फूड्स
यदि आप अनिद्रा की समस्या से ग्रसिर रहते हैं तो आप डाइट में थायमिन युक्त चीजों को शामिल नहीं करना चाहिए, इसके सेवन से पेट लंबे समय तक भरा हुआ रहता है, वहीं ये नींद को भी बाधित कर सकता है, इसलिए रात के समय आपको सोयाबीन, टमाटर जैसी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए।

 

लिक्विड युक्त चीजों का ज्यादा सेवन न करें
लिक्विड डाइट का सेवन बॉडी के लिए बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है, लेकिन इनके ज्यादा मात्रा में सेवन से स्वास्थ्य को कई सारी समस्यें हो सकती हैं, लिक्वीड डाइट लेने से आपको रात में बार-बार वाशरूम जाने की परेशानी हो सकती है, जिसका असर नींद के ऊपर भी पड़ता है, इसलिए लिक्विड युक्त चीजों का सेवन कम करें।

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मसालेदार चीजों का सेवन करना
रात में मसालेदार चीजों का ज्यादा मात्रा में सेवन करते हैं तो आपको पाचन से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती हैं, इसके आलावा मसालेदार भोजन के साथ-साथ नमक युक्त चीजों का सेवन भी नुकसानदायक साबित हो सकते हैं।


शुगर लोडेड फूड्स
स्वस्थ रहना चाहते हैं और नींद की पूर्ती करना चाहते हैं तो शुगर लोडेड फूड्स का सेवन आपको ज्यादा मात्रा में नहीं करना चाहिए, कोशिश करें कि डाइट में रात में कैंडी, चॉकलेट जैसी चीजों क सेवन ज्यादा मात्रा में बिल्कुल न करें।


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डिस्क्लेमर- आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल सामान्य जानकारी प्रदान करते हैं। इन्हें आजमाने से पहले किसी विशेषज्ञ अथवा चिकित्सक से सलाह जरूर लें। 'पत्रिका' इसके लिए उत्तरदायी नहीं है।



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Health Tips: क्या आपको तनाव और अनिद्रा के कारण आते हैं बुरे विचार, तो ये उपाय दिलाएंगे इससे राहत

Health Tips: आज के समय में भागदौड़ की वजह से तनाव होना आम बात है। तनाव की वजह से अनिद्रा की समस्या हो जाती है। आज के समय में ज्यादातर लोग अनिद्रा की समस्या से ग्रसित है। पूरे दिन काम करने की वजह से शरीर थक जाता है। लेकिन रात में सोने के समय बिस्तर पर नींद नहीं आती है। थकान और अनिद्रा के कारण दिमाग काम करना बंद कर देता है। जिसकी वजह से दिमाग में बहुत सी चीजें चलने लगती है। मन में बुरे विचार आने लगते हैं। साथ ही शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। लेकिन इस समस्या से छुटकारा दिलाने में कुछ उपाय आपकी मदद कर सकते हैं। तो आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में, जो पूरे विचार को दूर करने में मदद करते हैं, जिससे तनाव और अनिद्रा की समस्या दूर होती है।

अनिद्रा और तनाव से राहत पाने के उपाय

तलवे की मसाज करें
अनिद्रा और तनाव से राहत पाने के लिए सोने से पहले आप हाथ-पैर को अच्छे से धो लें। फिर इसके बाद अपने हाथ पैर के तलवे की अच्छे से मसाज करें। ऐसा करने से शरीर में खून का प्रवाह बेहतर होता है और थकान की समस्या भी दूर होती है। जिससे नींद भी अच्छी आती है।
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मोबाइल से बनाएं दूरी
अनिद्रा और तनाव से राहत पाने के लिए सोने से दो घंटे पहले आप मोबाइल, कंप्यूटर और टीवी से दूरी बनाकर रहें। आज की लाइफस्टाइल में ज्यादातर लोग सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं, जिसकी वजह से वह रात में अच्छे से सो भी नहीं पाते हैं। इसलिए रात मे सोने के समय मोबाइल से दूरी बनाकर रखें।

एक्टिविटी करें
अनिद्रा और तनाव से राहत पाने के सोने से पहले कुछ एक्टिविटी करके आप अनिद्रा और तनाव की समस्या से राहत पा सकते हैं। इसके लिए बुक रीडिंग करें, म्यूजिक सुनने, व्यायाम करें या प्रार्थना व ध्यान कर सकते हैं। इन एक्टिविटी को करने से आपको नींद आ सकती है। साथ ही इससे तनाव भी दूर होगा।

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Healthy Drinks: चाय नहीं इन ड्रिंक्स और काढ़े से करें अपने दिन की शुरुआत और रहें बीमारियों से कोसों दूर

Health Tips: ज्यादातर घरों में सुबह उठने के बाद दिन की शुरुआत चाय या कॉफ़ी से होती है, इनका सेवन शरीर के लिए बिल्कुल भी अच्छा नहीं होता है, वहीं ये हार्ट अटैक और किडनी की दिक्कतों को दो गुना ज्यादा बढ़ाने का काम करता है। वहीं यदि आपको चाय या कॉफ़ी का सेवन पसंद है तो कुछ खा के ही इनका सेवन करें, ताकि स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याएं दूर हो जाएँ और आप स्वस्थ भी बने रहें।

अदरक, काली मिर्च और हल्दी का करें सेवन
हल्दी, अदरक और काली मिर्च ये तीनो चीजें ही किचन में आसानी से मिल जाती हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि इनके साथ में सेवन करने से स्वास्थ्य को बहुत सारे लाभ मिलते हैं, इन तीनों का यदि आप काढ़ा बना के पीते हैं तो इससे विषाक्त पदार्थ बॉडी से बाहर निकल जाते हैं। वहीं ये फेफड़ों को भी स्वस्थ बना के रखने में असरदार होते हैं, इसलिए सुबह के समय इनका सेवन आपको जरूर करना चाहिए।

लौंग और पुदीने से बना काढ़ा
पुदीने के साथ-साथ लौंग भी काफी सारे फायदेमंद तत्वों से भरपूर होता है, इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स की मात्रा भरपूर होती है जो पेट से जुड़ी कई समस्यायों को दूर करती है, इसके सेवन से वहीं स्वास से जुड़ी कई समस्याएं दूर हो जाती हैं। यदि आप स्वस्थ रहना चाहते हैं तो इनका सेवन काढ़े के रूप में जरूर करें।

 

इलायची से बना काढ़े का कर सकते हैं सेवन
इलायची का इस्तेमाल आमतौर पर माउथफ्रेशनर की तरह करते हैं, ये स्वाद को बढ़ाने का काम करती है, लेकिन क्या आपको पता है कि इलायची में ऐसे कई सारे तत्व पाए जाते हैं जो इम्युनिटी को बढ़ा के रखने में मदद करते हैं, वहीं इनके सेवन से फेफड़े की सेहत भी स्वस्थ बनी रहती है। इसलिए इलायची का सेवन आप काढ़े के रूप में जरूर करें।

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सेब का सिरका
सेब का सिरका सेहत के लिए बहुत ही ज्यादा लाभदायक होता है, इसका सेवन यदि आप सुबह उठ के करते हैं तो स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्यायों को ये दूर करने में असरदार होते हैं, इसको इस्तेमाल करने के लिए आप एक गिलास गर्म पानी को लें और इसमें दो चम्मच सेब के सिरके को मिला लें। इसके रोजाना सेवन से वजन तो कम होगा ही वहीं दांतों से जुड़ी समस्याएं भी दूर हो जाएंगी।

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ग्रीन टी
ग्रीन टी पीने के कई सारे फायदे होते हैं, ये एंटी ऑक्सिडनट्स, एंटी इन्फ्लामेट्री के जैसे कई सारे पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, इनके सेवन से वेट कम हो जाता है, वहीं त्वचा से जुड़ी समस्याएं भी दूर हो जाती हैं, इसलिए आप रोजाना ग्रीन टी का सेवन कर सकते हैं।

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Sunday, 29 May 2022

Health Tips: लौकी के साथ इसके छिलकों का भी ऐसे करें इस्तेमाल, जानिए इसको खाने से होने वाले इन अनगिनत लाभों के बारे में

Health Tips: लौकी का सेवन तो आप करते ही होंगें, वहीं लौकी का सेवन स्वास्थ्य के लिए भी बहुत ही ज्यादा लाभदायक होता है, इसके सेवन से स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याएं दूर हो जाती हैं। लेकिन क्या आपको ये पता है कि लौकी ही नहीं इसका छिलका भी कई सारे फायदेमंद तत्वों से भरपूर होता है। इसमें विटामिन बी 1, विटामिन बी 6, पोटैशियम, फाइबर जैसे कई सारे पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। लौकी के छिलके के सेवन से हार्ट से जुड़ी कई बीमारियां दूर हो जाती हैं, वहीं ये त्वचा से जुड़ी कई समस्यायों को भी दूर कर देता है।
जानिए लौकी के छिलके के रोजाना सेवन से होने वाले इन फायदों के बारे में।

 

1.वेट को कम करने में करता है मदद
वजन को कम करना चाहते हैं तो लौकी का सेवन बहुत ही ज्यादा अच्छा होता है, इसमें कैलोरी की मात्रा बहुत ही कम होती है, वहीं लौकी में फाइबर की मात्रा भी भरपूर होती है। लौकी के छिलके के सेवन से पेट में जमी चर्बी की समस्या भी दूर हो जाती है। वहीं लौकी के छिलके के सेवन से आपके हार्ट की सेहत भी स्वस्थ बनी रहती है। इसलिए इसके छिलके का सेवन आप सब्जी के रूप में कर सकते हैं, वहीं इसके जूस का भी इस्तेमाल भी कर सकते हैं।

2.पाइल्स
यदि आप पाइल्स की समस्या से ग्रसित रहते हैं तो लौकी के छिलके का इस्तेमाल बहुत ही ज्यादा फायदेमंद हो सकता है, पाइल्स के पेशेंट्स को इसके छिलकों को सूखाकर इनका पाउडर बनाना है, और रोजाना सुबह खाली पेट गुनगुने पानी के साथ इसका सेवन करना है। पाइल्स और पेट से जुड़ी कई समस्यायों को दूर करने में ये असरदार साबित होगा।

3.पाचन से जुड़ी समस्या हो जाएगी दूर
लौकी के छिलकों में फाइबर की मात्रा भरपूर होती है , ये एक प्रकार से हेल्दी सब्जी होती है, जो बहुत सारे विटामिन, मिनरल्स से भरपूर होती है, लौकी के छिलके के सेवन से पाचन तंत्र मजबूत होता जाता है, वहीं इसके एसिडिटी जैसी कई सारी गंभीर समस्याएं भी दूर हो जाती हैं, लौकी के छिलके को आप सलाद के रूप में या इसकी सब्जी को बना कर खा सकते हैं। इसके रोजाना सेवन से व्यक्ति की पाचन क्रिया भी मजबूत हो जाती है।

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4.बालों के टूटने व झड़ने की समस्या को करता है दूर
यदि आप बालों के झड़ने की व टूटने की समस्या से परेशान रहते हैं तो लौकी के छिलके का इस्तेमाल बहुत ही ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है, इसे आप सरसों के साथ में मिलाकर हल्का सा गर्म करके अपने बालों के स्कैल्प पर लगा लें। वहीं इससे रूसी की समस्या भी दूर हो जाती है।

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5.जलन की समस्या हो जाती है दूर
लौकी के छिलके की तासीर ठंडी होती है, इसके सेवन से गर्मी की समस्या दूर हो जाती है, यदि आपके बॉडी में जलन की समस्या रहती है तो लौकी का इस्तेमाल बहुत ही ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है, इससे आप जलन वाले हिस्से में हल्के-हल्के हांथों से रगड़ लें, इससे आपको काफी ज्यादा आरा मिली और त्वचा को भी ठंडक का अहसास होगा।

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Health Tips: धूम्रपान और तंबाकू का करते हैं ज्यादा मात्रा में सेवन तो आंखों को पहुंचाता है नुकसान, जानिए

Eye Care Tips: धूम्रपान और तंबाकू के सेवन से कैंसर जैसी बीमारी होने का खतरा बहुत ही ज्यादा बढ़ जाता है, इसका असर वहीं आंखों के ऊपर भी पड़ता है। जैसे कि इनके सेवन से दिल की सेहत को बहुत ही ज्यादा नुकसान होता है वैसे ही आंखों के रोशनी के ऊपर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ता है। यदि आप इसके सेवन को कम नहीं करते हैं तो आंखों से जुड़ी कई समस्याएं बढ़ जाती हैं ये इतना ज्यादा खतरनाक होती है कि आप नेत्रहीन तक हो सकते हैं।

जानिए आंखों को कैसे रखें स्वस्थ
आंखों की सेहत को स्वस्थ रखना चाहते हैं और आंखों से जुड़ी बीमारियों को दूर करना चाहते हैं तो कोशिश करें कि तक़रीबन तीन से चार लीटर पानी का सेवन जरूर करें, वहीं तंबाकू के सेवन को कम कर दें। खान-पान के ऊपर भी विशेष रूप से ध्यान देने की जरूरत होती है, खाने में हरी सब्जियां,जैसे कि पालक, बथुआ, मेथी को डाइट में जरूर शामिल करें। आंखों की रोशनी को बढ़ाने के लिए रोजाना व्यायाम करें, वहीं खुली हवा में भी जरूर जाएँ। कोशिश करें कि यदि ज्यादा तंबाकू या धूम्रपान करते हैं तो बिल्कुल बंद कर दें या कम कर दें।

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जो व्यक्ति रोजाना धूम्रपान करता है या तंबाकू का सेवन बहुत ही ज्यादा मात्रा में करता है उसे कोशिश करना चाहिए कि नियमित रूप से बॉडी का साथ में आंखों की भी जांच कराए। आंखों में दवाई और आई ड्राप का इस्तेमाल करते रहें और वहीं कोशिश करें कि धुंए से बचें और वहीं धूम्रपान करने वालों के पास में भी न रहें।

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Pooping after eating: खाते ही क्‍या तुरंत भागते हैं टॉयलेट, जानिए किस बीमारी से जूझ रहे आप

हल्का खाने के बाद भी अगर आपको बाथरूम भागना पड़ रहा तो ये सेहत के लिए अच्छा साइन नहीं है। हर खाने के बाद अगर ऐसा होने लगे तो इससे अपको पाचन संबंधित गंभीर बीमारी का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, अगर यह स्थिति कहीं बाहर खाने के बाद हो तो ये और भी संकट पैदा करती है।

ऐसा होने का मतलब ये नहीं कि आपने जो खाया वह तुरंत बाहर आ गया, बल्कि ऐसा होने का मतलब है कि आपकी आंत में मल फंसा रह रहा है और खाने के दबाव के बाद वह बारह आ रहा है। भले ही आप हर बार पॉटी करने के बाद खुद को हल्का महसूस करते हों, लेकिन मल पूरी तरह से बाहर नहीं आ रहा होता है।

खाने के बाद भोजन को आपके पेट और आंत से गुजरने में लगभग 6-8 घंटे लगते हैं। इसके बाद ये आगे पाचन और अवशोषण के लिए आंत में जाता है। इस प्रक्रिया के पूरी होने के बाद भोजन को शरीर से बाहर निकाल दिया जाता है। इसलिए अगर आपको लगता है कि जो खाना आप खाते हैं, वो कुछ ही घंटों में पच जाता है, तो आप गलत हैं। आइए जानते हैं कि खाने के बाद तुरंत क्यों टॉयलेट भागना पड़ता है।

गैस्ट्रो कॉलिक रिफ्लेक्स हो सकता है कारण

गैस्ट्रो कॉलिक रिफ्लेक्स इस समस्या के पीछे कारण हो सकता है। ये एक फिजियोलॉजिकल रिफ्लक्स है, जो खाने के बाद लोअर गैस्ट्रोइंटेस्टनाइल ट्रेक्ट को नियंत्रित करता है। खाने के बाद पॉटी जाने की बीमारी के पीछे यही कारण होता है। खाने के बाद कोलन में एक प्रतिक्रिया शुरू हो जाती है और इससे कोलोनिक संकुचन होता है। भोजन के सेवन के बाद यह कोलोनिक संकुचन शरीर में पचे हुए भोजन को शौच के लिए मलाशय की तरफ धकेलता है। अक्सर इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम वाले लोगों में गैस्ट्रो कॉलिक रिफ्लेक्स की समस्या ज्यादा देखी जाती है। इसलिए लोग जो सोचते हैं , उसके विपरीत भोजन के ठीक बाद का मल वही होता है, जो व्यक्ति 1-2 दिन पहले खाता है।

गैस्ट्रो कॉलिक रिफ्लेक्स के कारण क्या हैं
फूड एलर्जी, एन्जाइटी, गैस्ट्राइटिस, क्रॉनिक इन्फ्लेमेटरी बॉवेल डिजीज और अन्य पेट से जुड़ी समस्याओं के कारण ऐसा संभव है। वहीं आंत में गुड बैक्टिरियाज का कम होना या किसी इंफेक्शन के कारण भी ऐसा हो सकता है। कई बार मसालेदार भोजन , कार्बोनेटेड ड्रिंक और धूम्रपान का सेवन, शराब पीना, खराब आहार खाने की आदत, कम शारीरिक गतिविधि करना , कुछ दवाएं और डेयरी प्रोडक्टस के प्रति संवेदनशीलता के कारण भी ऐसा होता है।

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Black Cardamom Benefits: बड़ी इलायची में छिपे हैं कई गुणों के लाभ, रोजाना सेवन करने से मिलते हैं ये 4 फायदे

Black Cardamom Benefits: बड़ी इलायची का सेवन करने से सेहत को कई प्रकार के लाभ मिलते हैं। बड़ी इलायची औषधीय गुणों से भरपूर होता है। बड़ी इलायची में फाइबर, विटामिन सी, एंटी ऑक्सीडेंट और पोटैशियम भरपूर मात्रा में होता है, जो स्वास्थ्य संबंधित कई समस्याओं को दूर करने में मदद करता है। बड़ी इलायची में पाए जाने वाले पोषक तत्व शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं। साथ ही ये इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत बनाने में भी मदद करता है। रोजाना इलायची का सेवन करने से कई बीमारियों से बचा जा सकता है। तो आइए जानते हैं बड़ी इलायची का सेवन करने से मिलने वाले स्वास्थ्य लाभ के बारे में

बड़ी इलायची खाने के फायदे

इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत बनाने में फायदेमंद
इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए बड़ी इलायची का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। क्योंकि बड़ी इलायची में विटामिन सी की भरपूर मात्रा पाई जाती है, जो इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करता है। साथ ही ये शरीर में रक्त के प्रभाव को भी बेहतर बनाता है।
यह भी पढ़े: इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए करें इन चीजों का सेवन, कभी नहीं पड़ेंगे बीमार

मुंह की बीमारियों को दूर करने में फायदेमंद
मुंह की बीमारियों को दूर करने के लिए बड़ी इलायची का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। क्योंकि बड़ी इलायची मुंह में पनपने वाले कीटाणुओं को खत्म करने में मदद करता है, जो मुंह को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है। साथ ही बड़ी इलायची चबाने से सांसों की बदबू दूर होती है और मुंह की बीमारियां भी दूर होती है।

विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में फायदेमंद
शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने के लिए बड़ी इलायची का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। क्योंकि बड़ी इलायची शरीर में इकट्ठे हुए विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है जिससे शरीर स्वस्थ रहता है। शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने के लिए रोजाना बड़ी इलायची का सेवन जरूर करें।
यह भी पढ़े: विटामिन B12 की कमी को पूरा करने के लिए खाएं ये चीजें, रहेंगे हमेशा स्वस्थ

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Immunity Booster Food: इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए करें इन चीजों का सेवन, कभी नहीं पड़ेंगे बीमार

Immunity Booster Food: आजकल की बदलती लाइफस्टाइल और खानपान का असर हमारे इम्यूनिटी सिस्टम पर पड़ता है। शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत रखना बहुत ही जरूरी होता है। क्योंकि इम्यून सिस्टम शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद करता है। जिसकी वजह से शरीर स्वस्थ रहता है। इम्यूनिटी सिस्टम कमजोर होने पर शरीर को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत बनाए रखने के लिए खानपान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए अपने डाइट में इन चीजों को शामिल करें। जिससे इम्यूनिटी सिस्टम मजबूत होता है। तो आइए जानते हैं इन चीजों के बारे में

इम्यूनिटी सिस्टम मजबूत करने वाले फूड्स


1. हल्दी
इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए हल्दी का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। क्योंकि हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेटरी के भरपूर गुण पाए जाते हैं, जो इम्यूनिटी बढ़ाता है और संक्रमण से लड़ने में भी की मदद करता है। रोजाना सुबह हल्दी पानी पीने से इम्यूनिटी सिस्टम मजबूत होता है।
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2. ग्रीन टी
इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए ग्रीन का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। ग्रीन टी में एल-थीयानीन पाया जाता है, जो संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं। रोजाना ग्रीन टी पीने से इम्यूनिटी सिस्टम मजबूत होता है।

3. खट्टे फल
इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए खट्टे फल का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। क्योंकि खट्टे फल में विटामिन सी की भरपूर मात्रा पाई जाती है, जो इम्यूनिटी को बढ़ाने में मदद करता है। ये संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं। जिसकी वजह से इम्यूनिटी सिस्टम मजबूत होता है। इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए नींबू, संतरा, आंवला और अंगूर जैसे खट्टे फल का सेवन जरूर करें।
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4. लहसुन
इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए लहसुन का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। क्योंकि लहसुन में कई ऐसे गुण पाए जाते हैं, जो संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं। ये इम्यूनिटी को बढ़ाने में मदद करते हैं। जिसकी वजह से इम्यूनिटी सिस्टम मजबूत होता है।

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Saturday, 28 May 2022

Thyroid: थायराइड के पेशेंट्स में लगातार तेजी से वजन बढ़ने से हैं परेशान, तो आपके लिए यहां 4असरदार वेट लॉस ट्रिक्स हैं

Thyroid: थायराइड एक कॉमन बीमारी है, जो पुरषों से ज्यादा आमतौर पर महिलाओं को ज्यादातर होती है। थायराइड से ग्रसित पेशेंट्स को वेट लॉस में बहुत सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, यदि आप थायराइड के पेशेंट हैं और वजन को कम करने कि सोंच रहे हैं तो ये आसान से टिप्स को आप फॉलो कर सकते हैं। इससे न केवल आपका वजन कम होगा बल्कि स्वास्थ्य से जुड़ी कई प्रोब्लेम्स भी दूर हो जाएंगी। जानिए इन टिप्स के बारे में।

 

थायराइड के पेशेंट्स वजन कम करने कि सोंच रहे हैं तो इन टिप्स को फॉलो कर सकते हैं

फाइबर रिच फ़ूड का सेवन करें
थायराइड के मरीज यदि वजन को कम करने कि सोंच रहे हैं तो उन्हें डाइट में ऐसी चीजों को शामिल करना चाहिए जिनमें फाइबर की मात्रा भरपूर हो वहीं कैलोरी की मात्रा न के बराबर हो। फाइबर रिच फ़ूड के सेवन से शरीर में टॉक्सिन्स खत्म हो जाता है और वहीं ये कैलोरी की मात्रा को भी कम करता है। ऐसे में आप डाइट में हरी सब्जियां जैसे कि ब्रोकली, बीन्स, पालक जैसी सब्जियों को डाइट में शामिल कर सकते हैं।

 

डाइट रूटीन को फॉलो करें
यदि आप अपने मेटबॉयोलिज्म में इम्प्रूवमेंट लेकर आना चाहते हैं और वहीं वेट को भी तेजी से कम करना चाहते हैं तो थायराइड की मरीजों को डाइट की स्पेशल केयर करने कि जरूरत होती है, आप डाइट में हरी सब्जियां, फ्रूट्स इनको शामिल कर सकते हैं, वहीं जिन चीजों में फैट की मात्रा अधिक उन्हें कम मात्रा में ही खाएं।

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शुगर और कार्ब युक्त चीजों का सेवन कम मात्रा में ही करें
शुगर और कार्ब इन दोनों चीजों के सेवन से व्यक्ति का वेट तेजी से बढ़ सकता है, ऐसे में वेट को कंट्रोल करना चाहते हैं तो शुगर युक्त चीजों के सेवन को कम मात्रा में ही खाना चाहिए, ऐसे फूड्स का ही सेवन करें जो इन्सुलिन के लेवल को बढ़ाते नहीं है, जैसे कि कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फ़ूड।

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आयोडीन का सेवन भरपूर मात्रा में करें
थयरॉइड की बीमारी को यदि नियंत्रित करना चाहते है तो आयोडीन युक्त चीजों का सेवन बहुत ही ज्यादा लाभदायक साबित हो सकता है, थयरॉइड के पेशेंट्स को डाइट में आयोडीन नमक चीजों का सेवन प्रचुर मात्रा में करना चाहिए।

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डिस्क्लेमर- आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल सामान्य जानकारी प्रदान करते हैं। इन्हें आजमाने से पहले किसी विशेषज्ञ अथवा चिकित्सक से सलाह जरूर लें। 'पत्रिका' इसके लिए उत्तरदायी नहीं है।



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Skin Care Tips: गर्मियों में स्किन रैशेज से छुटकारा दिलाने में काम आएंगे, ये घरेलू उपाय

Skin Care Tips: गर्मियों के मौसम और तेज धूप का सीधा असर हमारी स्किन पर पड़ता है। गर्मियों के मौसम आते ही लोगों को स्किन से जुड़ी तमाम समस्या पैदा होने लगती है। गर्मियों में पसीना बहुत ज्यादा होता है। साथ ही कई प्रकार के फंगल इंफेक्शन भी हो जाते है। गर्मियों के मौसम में स्किन रैशेज एक आम समस्या होती है। लेकिन जो लोग इसके शिकार होते है उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। रैशेज की वजह से खुजली बहुत ज्यादा होती है। साथ ही सूखने के बाद दर्द भी ज्यादा होता है। ऐसे में खुद को स्किन रैशेज से बचाने के लिए कुछ घरेलू उपाय अपना सकते है। ये घरेलू उपाय आपको इस समस्या से राहत दिलाने में मदद करता है। तो आइए जानते है इन घरेलू उपायों के बारे में

गर्मियों में स्किन रैशेज से छुटकारा पाने के उपाय

एलोवेरा
स्किन रैशेज से छुटकारा पाने के लिए एलोवेरा का इस्तेमाल करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। ये स्किन पर पड़ने वाले रैशेज को दूर करने में मदद करता है। एलोवेरा जेल में ल्यूपियोल नामक फैटी एसिड पाया जाता है जो स्किन पर पड़ने वाले रैशेज में होने वाले दर्द से राहत दिलाने में मदद करता है। इसलिए सोने के समय एलोवेरा जेल को प्रभावित हिस्से पर लगाए। ऐसा करने से आपको राहत जल्द ही मिलेगा।
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कपूर और नारियल तेल
स्किन रैशेज से छुटकारा पाने के लिए कपूर और नारियल तेल का इस्तेमाल करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। ये स्किन पर पड़ने वाले रैशेज को दूर करने में मदद करता है। साथ ही रैशेज से स्किन पर होने वाली खुजली को दूर करने में मदद करता है। इसलिए कपूर को पीसकर उसमें नारियल तेल मिला लें फिर इसे प्रभावित हिस्से पर लगाएं। ऐसा करने से आपको राहत जल्द ही मिलेगा।

नीम के पत्ते
स्किन रैशेज से छुटकारा पाने के लिए नीम के पत्ते का इस्तेमाल करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। ये स्किन पर पड़ने वाले रैशेज को दूर करने में मदद करता है। नीम के पत्ते एंटी बैक्टीरियल और एंटी इंफ्लेमेटरी के गुणों से भरपूर होता है,स्किन एलर्जी की समस्या को दूर करने में मदद करता है। प्रभावित हिस्से पर नीम का पेस्ट लगाने से स्किन रैशेज की समस्या से राहत मिलता है।

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Virus Attack: कोरोना-मंकीपॉक्स के बाद अब एक और वायरस का अटैक,जानिए जीका वायरस के लक्षण और बचाव

जीका वायरस भी डेंगू और चिकनगुनिया की तरह ही एक वायरस है और मच्छरों के जरिये ही फैलता है। तो चलिए जाने जीका वायरस के लक्षण और बचाव क्या हैं, ताकि समय रहते इससे बचाव हो सके।

एडीज मच्छर से फैलती है बीमारी
मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों के उलट यह बीमारी एडीज मच्छर से फैलती है। ये मच्छर दिन के समय ही काटता है। एडीज की कई प्रजातियां जीका संचारित कर सकती हैं।

जीका वायरस के लक्षण
जीका वायरस के शुरूआती लक्षण डेंगू और चिकनगुनिया की तरह ही होता है। शुरुआत हल्के बुखार से तेज बुखार तक से होती है। इसके बाद बदन में रैशेज, जोड़ों में दर्द, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द और उल्टी जैसे समस्या सामने आने लगती है। जीका वायरस का संकेत मिलते ही इसका इलाज शुरू कर देना चाहिए। अगर प्रेग्नेंसी में जीका वायरस का अटैक होता है तो बच्चे में जन्मजात मास्तिष्क दोष होने का खतरा बढ़ जाता है। इसे माइक्रोसेफेली के रूप में जाना जाता है. इसमें नवजात शिशु का मास्तिष्क और सिर सामान्य से आकार में छोटा हो सकता है। जीका वायरस के लिए कई रेपिड डिटेक्शन टेस्ट भी उपलब्ध हैं जो संक्रमण की पुष्टि कर सकते हैं।

जीका वायरस के फैलने के कारण
यह मच्छरों के काटने से फैलता है, लेकिन कभी-कभी एक गर्भवती महिला से उसके भ्रूण तक, यौन संपर्क के जरिए और ब्लड ट्रांसफ्यूजन के जरिए भी यह फैल सकता है। बता दें कि जीका का कोई इलाज नहीं है, लेकिन रेस्ट करने और अत्यधिक तरल पदार्थ लेने से ये बीमारी कंट्रोल हो जाती है।

जीका वायरस से बचने का तरीका
जीका संक्रमण को रोकने का सबसे अच्छा तरीका है- मच्छरों के काटने से बचना, मच्छरों को बढ़ने से रोकना, सुरक्षित यौन संबंध बनाना। फुल स्लीव्स कपड़े पहनने मच्छरों को भगाने वाले रिप्लेसमेंट का यूज, मच्छरदानी का प्रयोग आदि करना।

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Health Tips: कान की मालिश इस तरह करेंगे, तो बढ़ेगी सुनने की क्षमता और कई बीमारियां भी हो जाएंगी दूर

Health Tips: कान की मालिश रोजाना करने से स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याएं दूर हो जाती हैं, इससे मानसिक से शारीरिक दर्द दूर हो जाता है। यदि आप कान में रोजाना मसाज या मालिश करते हैं तो सर्कुलशन भी इम्प्रूव हो जाता है। वहीं कान में रोजाना मालिश करने से सूजन, तनाव, नींद न आने की समस्या जैसी अन्य कई सारी गंभीर समस्याएं भी दूर हो जाती हैं। इससे मानसिक तनाव तो दूर ही होता है वहीं बॉडी की आंतरिक घड़ी को भी ये नियंत्रित करता है।
इसलिए जानिए रोजाना कान में मालिश करने से होने वाले इन फायदों के बारे में।

वजन हो जाता है कम
यदि आप वजन को कम करना चाहते हैं तो स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली को अपनाने की जरूरत होती है, इसी के साथ ही आप कुछ लाइफस्टाइल में बदलाव करके भी वजन को कंट्रोल कर सकते है। इससे शरीर में कुछ ऐसे हार्मोन्स रिलीज होते हैं, जो आपके वेट को धीरे-धीरे कम करने में असरदार साबित हो सकते हैं।

 

सिरदर्द की समस्या हो जाती है दूर
कान में मालिश करने से सिरदर्द की समस्या दूर हो जाती है, यदि आपको माइग्रेन या अन्य मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी अन्य समस्याएं रहती है तो कान में मालिश एक प्राकृतिक उपचार हो सकता है, इसके लिए आप किसी भी तेल को लें, जैसे कि सरसों का, नारियल का, जैतून का तेल आदि। इन्हें हल्का सा लकेरा गर्म कर लें, और फिर इसे काम के ऊपरी सतह पर लगाएं , ऐसा रोजाना करने से सिरदर्द की समस्या दूर हो जाएगी।

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एनर्जी का होता है अच्छा सोर्स
यदि आप लो एनर्जी महसूस कर रहे हैं और एनर्जी के स्तर को बढ़ाना चाहते हैं तो कान में मालिश जरूर करें, कान में रोजाना मालिश करने से बहुत ही ज्यादा राहत मिलती है, वहीं यदि आप गुस्से में रहते हैं, लो एनर्जी फील करते हैं तो आप कान में रोजाना मालिश कर सकते हैं।

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अनिद्रा की समस्या को करता है दूर
यदि आप अनिद्रा की समस्या को दूर करना चाहते हैं और मानसिक तनाव को कम करना चाहते हैं तो कान के ऊपर सतह में मालिश करना बहुत ही ज्यादा लाभदायक साबित हो सकता है, ये आपके दिमाग को शांत करता है, वहीं इससे नींद भी अच्छी आती है, इसलिए अनिद्रा की समस्या को कान में मालिश जरूर करें।

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Khajoor seeds benefits: खजूर के बीज कोलेस्ट्रॉल से लेकर ब्लड शुगर और वेट लॉस तक में हैं फायदेमंद, जानिए इसके और भी गुण

खजूर ही नहीं, खूजर के बीज भी औषधिय गुणों से भरे होते हैं। खजूर के बीज सामान्य समस्याओं में ही नहीं, कई गंभीर बीमारियों का इलाज करने में भी कारग है। तो चलिए आपको खजूर के बीज का प्रयोग और इसके फायदे बताएं।

डाइटरी फाइबर से भरे खूजर के बीज के फायदे

1. हाई कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर रहेगा कंट्रोल
खूजर के बीज की कॉफी बना कर पीना शुरू कर दें। कैफीन फ्री एनर्जी बूस्टर की तरह इसके बीज काम करते हैं। वहीं इनके बीज में बैड कोलेस्ट्रॉल और हाई ब्लड शुगर को कंट्रोल करने का भी गुण होता है। साथ ही ये शारीरिक कमजोरी को भी दूर करते हैं।

कैसे बनाएं खूजर के बीज की कॉफी
खजूर के बीज को ड्राई रोस्ट करके पीस लें। अब इसे आप ब्लैक कॉफी की तरह बना लें। चाहें तो इस कॉफी में दालचीनी और इलाइची पाउडर मिला लें।

2. कब्ज और आंत की समस्या में लाभकारी
खजूर के बीज रोस्ट करने के बाद आप इसके किसी भी रूप में ले सकते हैं। फाइबर से भरे इसके बीज कब्ज से लेकर आंत को साफ करने में भी काम आते हैं।

3. डेट सीड एनिमिया में लाभकारी
खजूर ही नहीं, खजूर के बीज भी खून बढ़ाने में काम आते है। खजूर के बीज का प्रयोग आप सलाद के ऊपर या मिल्क शेक आदि में कर सकते हैं।

4. स्क्रबिंग से दूर होंगा कालापन
डेट सीड पाउडर को बॉडी स्क्रब की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे शरीर का कालापन दूर होता है और शरीर की डेड स्किन हटती है। इससे शरीर और चेहरे पर निखार आता है।

5. डेट सीड वेट लॉस में कारगर
वेट कम करने के लिए अगर आप डेट सीड टी पीना शुरू कर दे तो ये मेटाबॉलिक रेट को बढ़ा सकता है। आप चाय या कॉफी कुछ भी पीएं, लेकिन उसमें दूध का प्रयोग न करें। चाय में शहद और नींबू का प्रयोग कर सकते हैं।

कैसे बनाएं डेट सीड पाउडर?
इसे बनाने का सबसे आसान तरीका यही है कि आप खजूर के बीज को 24 घंटे के लिए भिगो दें और फिर उसे सूखा कर ग्राइंड कर लें या भून कर ग्राइंड कर लें।

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Mango Peel Benefits: आम के छिलके को भूलकर भी न फेकें, जानें इसके कमाल के फायदे

Mango Peel Benefits: आम का सेवन करना हर कोई पसंद करता है। कई पोषक तत्वों से भरपूर आम कई समस्याओं को दूर करने में फायदेमंद होता है। आम जिस तरह स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है, वही इसके छिलके में गूदे से ज्यादा फायदे होते है, जो कई स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याओं को दूर करने में मदद करता है। आम के छिलके में कैंसर-रोधी और एंटी-ऑक्सीडेंट के गुण पाए जाते है। साथ ही इसमें विटामिन, पॉलीफेनोल्स, कैरोटीनॉयड भी होते है। ये सेहत से लेकर स्किन से जुडी समस्याओं को दूर करने में मदद करता है। तो आइए जानते है आम के छिलके के फायदे के बारे में

आम के छिलके के फायदे

1. पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद
पाचन तंत्र स्वस्थ रखने के लिए आम के छिलके का इस्तेमाल करना फायदेमंद माना जाता है। आम के छिलके में फाइबर के गुण पाए जाते है जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करते है।
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2. इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में फायदेमंद
इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए आम के छिलके का इस्तेमाल करना फायदेमंद माना जाता है। आम के छिलके में विटामिन ए, सी और एंटी ऑक्सीडेंट के गुण पाए जाते है, जो इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करते है।

3. दिल स्वस्थ रखने के लिए फायदेमंद
दिल स्वस्थ रखने के लिए आम के छिलके का इस्तेमाल करना फायदेमंद माना जाता है। आम के छिलके पौधों में पाए जाने वाले फाइटोन्यूट्रिएंट्स के गुणों से भरपूर होता है, जो दिल से संबंधी समस्याओं से बचाने में मदद करता है।
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4. टैनिंग दूर करने में फायदेमंद
टैनिंग दूर करने के आम के छिलके का इस्तेमाल करना फायदेमंद माना जाता है। आम के छिलके में विटामिन सी के गुण पाए जाते है, टैनिंग को दूर करने में मदद करता है। साथ ही ये स्किन से जुड़ी समस्याओं से भी राहत दिलाता है।

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Friday, 27 May 2022

Health Tips: बार-बार यूरिन आना हो सकता है कई सारे गंभीर बीमारियों का संकेत, जानिए कारण और उपायों के बारे में

Health Tips: अक्सर ऐसा होता है कि दिन में तो बार-बार यूरिन आती है, वहीं रात के मौसम में भी आपको बार-बार वाशरूम जाना पड़ता है। अत्यधिक यूरिन आने के पीछे कई बार कारण ये होते हैं आप ज्यादा पानी का सेवन कर लेते हैं, लेकिन वहीं यदि ये समस्या आपको रोज हो रही है तो इसके पीछे के कई सारे कारण हो सकते हैं। बार-बार यूरिन आने केसे सेहत से जुड़ी कई सारी गंभीर बीमारियों का सामना आपको करना पड़ सकता है। इसलिए जानिए कि यदि आपको भी बार-बार यूरिन आती है तो इसके पीछे के मुख्य कारण कौन-कौन से हो सकते हैं।

जानिए एक दिन में कितनी बार यूरिन आना कॉमन होता है
यदि आपको दिनभर में लगभग 8 से 10 बार यूरिन आती है तो ये आम बात है, लेकिन ज्यादातर लोग इससे ज्यादा बार आपको यूरिन आती है तो आपको सतर्कता बरतने की जरूरत होती है, इसलिए जानिए कि कितनी बार पेशाब आना सेहत के लिए कॉमन होती है।

 

डायबिटीज के पेशेंट्स को
डायबिटीज के पेशेंट्स को बार-बार यूरिन आती है, वहीं बार-बार यूरिन आना डायबिटीज बीमारी के शुरूआती लक्षण भी हो सकते हैं। इसलिए यदि आप डायबिटीज के पेशेंट हैं तो आपको बहुत ही ज्यादा सतर्कता बरतने कि जरूरत होती है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से तुरंत सम्पर्क करें।

 

किडनी में समस्या होने के कारण
बार-बार यूरिन आने के पीछे मुख्य कारण ये भी हो सकते हैं कि किडनी की बीमारी हो। इसके साथ में और भी लक्षण दिखाई देते हैं जैसे कि पेट दर्द, तेज बुखार, कमजोरी आना ये सारे किडनी डैमेज होने के शुरूआती लक्षण हो सकते हैं।


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प्रेगनेंसी के कारण
प्रेगनेंसी के कारण आपको बार-बार यूरिन आने की समस्या हो सकती है, इसके होने पर आपका मूत्राशय सिकुड़ जाता है, इस वजह से भी आपको बार-बार यूरिन आने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

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इंटरस्टिशियल सिस्टिटिस
ये एक स्थिति यूरिन तो बहुत बार आता है लकिन इसके साथ में ही बहुत ही ज्यादा दर्द का सामना भी करना पड़ता है, इसके होने पर व्यक्ति को बैचनी होने से लेकर दर्द का सामना भी करना पड़ता है, ये स्थिति ब्लैडर सिंड्रोम के रूप में जानी जाने वाली बीमारी के एक स्पेक्ट्रम का पार्ट है।

यह भी पढ़ें: क्या आप भी PCOS और PCOD के बीच रहते हैं कंफ्यूज, जानिए कि इन दोनों के बीच में क्या है अंतर

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Mulberry Benefits: गर्मियों में शहतूत का सेवन करने के है अनगिनत फायदे, फेफड़ों के लिए होता है फायदेमंद

Mulberry Benefits: गर्मियों के मौसम में शहतूत का सेवन का करने से सेहत को कई तरह के लाभ मिलते है। शहतूत विटामिन-सी, के, आयरन, कैल्शियम, पोटैशियम, फास्फोरस से भरपूर होता है। साथ ही इसमें फाइबर और एंटी-ऑक्सीडेंट भी होते हैं, जो स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याओं को दूर करने में मदद करते है। शहतूत का सेवन से फेफड़े के इंफेक्शन को दूर किया जा सकता है। साथ ये पेट से जुड़ी कई समस्याओं को दूर करने में मदद करता है। इम्यूनिटी को मजबूत बनाने के लिए शहतूत का सेवन करना फायदेमंद होता है।तो आइए जानते है शहतूत से मिलने वाले फायदे के बारे में

शहतूत खाने के फायदे

फेफड़ों के लिए फायदेमंद
फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए शहतूत का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। फेफड़ों में हुए इंफेक्शन को दूर करने के लिए शहतूत खाना फायदेमंद होता है। शहतूत के पेड़ की जड़ की छाल में भी एंटीवायरल और जीवाणुरोधी गुण होते हैं, जो फेफड़ों को स्वस्थ रखने में मदद करते है।
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पाचन को बेहतर बनाने में फायदेमंद
पाचन को बेहतर बनाने के लिए शहतूत का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। शहतूत में फाइबर पाए जाते है, जो पाचन को बेहतर बनाने में मदद करते है। साथ ही ये पेट से जुड़ी कई समस्याओं को दूर करने में मदद करता है।

इम्यूनिटी मजबूत बनाने में फायदेमंद
इम्यूनिटी को मजबूत बनाने के लिए शहतूत का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। शहतूत में विटामिन सी, विटामिन ए, और एंटी-ऑक्सीडेंट के गुण पाए जाते है, जो इम्यूनिटी को मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं।

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हड्डियों मजबूत बनाने में फायदेमंद
कमजोर हड्डियों की समस्या को दूर करने के लिए शहतूत का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। शहतूत में विटामिन के, कैल्शियम, आयरन, फॉस्फोरस और मैग्नीशियम के गुण पाए जाते है, जो कमजोर हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करते है।

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PCOS Vs PCOD: क्या आप भी PCOS और PCOD के बीच रहते हैं कंफ्यूज, जानिए कि इन दोनों के बीच में क्या है अंतर

PCOS Vs PCOD: अक्सर महिलाएं पीसीओडी और पीसीओस के बीच में बहुत ही ज्यादा कन्फ्यूज़ हो जाती हैं, उन्हें लगता है कि ये दोनों समस्या एक ही है, लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। इनका आमतौर पर मुख्य कारण होता है कि ये दोनों में हार्मोन्स से जुड़ी हुई होती हैं, लेकिन फिर भी इनके बीच बहुत ही ज्यादा अंतर होता है। इसलिए जानिए कि इन दोनों के बीच के अंतर का मुख्य कारण कौन-कौन से हो सकते हैं।

 

सबसे पहले जानिए कि पीसीओडी क्या होता है
पीसीओडी का मतलब होता है पॉलीसिस्टिक ओवरी डिसऑर्डर, इसमें अंडाशय टाइम से पहले ही एग्स को रिलीज करता है, इसके होने पर अक्सर महिलाओं के ओवरी का साइज का आकार बड़ा हो जाता है, पीसीओडी की बात करें तो ये महिलाओं में एण्ड्रोजन यानि पुरुष हार्मोन के अधिकता होने का विकार है।

 

पीसीओएस क्या होता है
पीसीओएस का मतलब होता है कि पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम, ये एक गंभीर बीमारी होती है। इसकी बात करें तो इसमें मेटाबॉलिक और हार्मोनल इम्बैलेंस ज्यादा होता है, इनके होने का खतरा उन महिलाओं को ज्यादातर होता है जिन्हें समय से पीरियड्स नहीं आते हैं, ये समस्या वहीं अनुवांशिक भी हो सकती है। पीसीओडी की तुलना में वहीं पीसीओएस में ज्यादा तेजी से वजन बढ़ता है।

 

जानिए पीसीओडी और पीसीओएस के लक्षणों के बारे में
- बाल का टूटना व झड़ जाना
-वजन का तेजी से बढ़ना
-पीरियड्स कभी भी सही समय में न होना
-पिम्पल्स या एक्ने की समस्या का होना
-अनियमित ब्लीडिंग पैटर्न होना

 

जानिए पीसीओडी और पीसीओएस के लक्षणों के बारे में
-पीसीओएस एक विकार है, ये वहीं हार्मोनल डिसऑर्डर का कारण भी बन सकता है, जबकि वहीं पीसीओडी इसके शुरुआत के लक्षणों में एक है।
-पीसीओडी एक सामान्य स्थिति है, इसे आमतौर पर लाइफस्टाइल को ठीक करके सही किया जा सकता है, लेकिन पीसीओडी वहीं एक गंभीर बीमारी है।
-पीसीओएस की स्थिति में ज्यादातर कंसीव करने में कई सारी समस्यायों का सामना करना पड़ सकता है, वहीं पीसीओडी में कंसीव किया जा सकता है।
-पीसीओएस का इलाज यदि सही समय पर नहीं किया जाता है तो कैंसर की स्थिति दो गुना ज्यादा बढ़ सकती है, वहीं पीसीओएस में प्रेगनेंसी के दौरान डायबिटीज होने का खतरा बना रहता है।
-डाइट टिप्स को सही तरीके से फॉलो करके पीसीओडी को सही किया जा सकता है, वहीं पीसीओएस एक मेटाबॉलिक डिसऑर्डर है, इसमें खान-पान, लाइफस्टाइल के साथ दवाइयों के सेवन की भी जरूरत होती है।

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इन दोनों समस्यायों को कैसे ठीक किया जा सकता है
इन दोनों ही परिस्थितियों में डाइट और लाइफस्टाइल के ऊपर खासतौर पर ध्यान रख के, डाइट रूटीन, रोजाना व्यायाम करके सही किया जा सकता है। लेकिन फिर भी यदि आपको समस्यायों का सामना करना पड़ रहा है तो डॉक्टर्स से भी जरूर संपर्क करना चाहिए, कोशिश करें कि जरूरत से ज्यादा स्ट्रेस न लें वरना समस्याएं कम होने के बजाय और भी ज्यादा बढ़ सकती हैं।

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डिस्क्लेमर- आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल सामान्य जानकारी प्रदान करते हैं। इन्हें आजमाने से पहले किसी विशेषज्ञ अथवा चिकित्सक से सलाह जरूर लें। 'पत्रिका' इसके लिए उत्तरदायी नहीं है।



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Curd and Sugar Benefits: रोजाना दही और चीनी खाने से सेहत को मिलते है कई फायदे, शरीर को तुरंत मिलता है ग्लूकोज

Curd and Sugar Benefits: किसी शुभ काम की शुरुआत पहले हम दही और चीनी खाकर करते है। सुबह खाली पेट दही और चीनी खाने से सेहत को कई लाभ मिलते है। दही और चीनी को एक साथ खाना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसमें कैल्शियम, विटामिन बी, विटामिन बी 12, पोटेशियम और मैग्नीशियम जैसे कई पोषक तत्व होते हैं, जो कई समस्याओं को दूर करने में मदद करते है। साथ ही चीनी के साथ दही मिलाकर खाने से पेट को ठंडक मिलती है और शरीर को ग्लूकोज भी तुरंत मिलता है। इसलिए जो लोग दूध नहीं पीते हैं उन्हें दही जरूर खाना चाहिए। इसलिए रोजाना सुबह दही और चीनी का सेवन जरूर करना चाहिए। तो आइए जानते है दही और चीनी खाने के फायदे के बारे में

दही और चीनी खाने के फायदे


1. पेट ठंडा रखने में फायदेमंद
दही और चीनी को एक साथ सेवन करने से पेट ठंडा रहता है। क्योंकि दही और चीनी शरीर को ठंडा करता है, पेट में अम्लता और जलन को कम करता है। साथ ही पाचन तंत्र भी बेहतर रहता है। पेट ठंडा रखने के लिए दही और चीनी का सेवन जरूर करें।
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2. शरीर को ग्लूकोज तुरंत मिलता
दही और चीनी को एक साथ मिलाकर सेवन करने से शरीर को ग्लूकोज तुरंत मिलता है। शरीर को ग्लूकोज से एनर्जी मिलती है। इसलिए घर से बाहर जाने के समय बच्चों को दही और चीनी खिलाकर भेजा जाता है।

3. अच्छे बैक्टीरिया के लिए फायदेमंद
दही में मौजूद बैक्टीरिया सेहत के लिए लाभकारी होते हैं। दही अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देता है, जो पाचन को बेहतर बनाने में मदद करता है। साथ ही ये पेट से जुड़ी समस्या को दूर करता और इम्यूनिटी बूस्ट करने में भी मदद करता है।
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4. यूरिन में जलन को करें
कई लोगों को यूरिन पास होने के दौरान जलन की समस्या होती है। इस समस्या से जूझ रहे लोगों को दही और चीनी को एक साथ मिलाकर खाना चाहिए। इसे खाने से आपको यूरिन में होने वाले जलन से तुरंत राहत मिलेगी।

डिस्क्लेमर- आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल सामान्य जानकारी प्रदान करते हैं। इन्हें आजमाने से पहले किसी विशेषज्ञ अथवा चिकित्सक से सलाह जरूर लें। 'पत्रिका' इसके लिए उत्तरदायी नहीं है।



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Sedentary Lifestyle: अधिक समय तक बिस्तर पर लेटे रहने से और एक्सरसाइज न करने से हो सकते हैं ये जानलेवा रोग, जानिए कैसे करें बचाव

Sedentary Lifestyle: आलसपन व शरीर में लंबे समय तक सुस्ती बरक़रार रहना ये सारी ऐसी हैबिट्स होती हैं जिनके कारण आपको स्वास्थ्य से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, यदि आप ज्यादा देर तक टीवी देखते हैं, मोबाइल चलाते हैं या गाने सुनते हैं तो आपको स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्यायों का सामना करना पड़ सकता है। सेडेंटरी लाइफस्टाइल सेहत से जुड़ी कई सारी समस्यायों को बढ़ाती है जैसे कि ऑस्टियोपोरोसिस, हाई ब्लड प्रेशर, डिप्रेशन, ओवर थिंकिंग आदि। ऐसे में यदि आप भी इस लाइफस्टाइल को फॉलो करते हैं तो जानिए कौन-कौन सी समस्यायों का सामना आपको करना पड़ सकता है। जानिए इनके बारे में।

गतिहीन लाइफस्टाइल के कारण बढ़ सकता है वेट
यदि आप भी ऑफिस में या अन्य जगहों पर एक ही जगह लंबे समय तक बैठे रहते हैं तो इसका असर आपके गतिहीन जीवनशैली के ऊपर पड़ सकता है, एक ही जगह ज्यादा देर तक बैठे रहने से फिजिकल एक्टिविटी न के बराबर हो जाती है, जिसके कारण हार्ट से जुड़ी समस्साएं बढ़ सकती हैं।

 

गतिहीन जीवनशैली के कारण हो सकती हैं कई बीमारियां
यदि आप ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, वेट का बढ़ना जैसे अन्य समस्यायों से परेशान हैं तो आपको गतिहीन जीवनशैली को फॉलो नहीं करना चाहिए, ये सेहत के लिए बहुत ही ज्यादा नुकसानदायक साबित हो सकता है। ये सारे कारण हाई ब्लड प्रेशर, वेट का बढ़ना जैसी कई सारी समस्यायों को बढ़ा सकते हैं।

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गतिहीन जीवनशैली के कारण बॉडी में बनी रहती है लंबे समय तक थकान
यदि आप थका हुआ महसूस करते हैं या शरीर में एक्सरसाइज की कमी हो जाती है, तो इसका असर मेटाबॉलिज्म के साथ बॉडी के अन्य पार्ट्स में भी नकारात्मक प्रभाव छोड़ता है, ये आपके रोजाना की गतिविधियों की पूर्ती करने में बाधा उत्पन्न कर सकते हैं।

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गतिहीन जीवनशैली के दौरान हो सकती है नींद न आने की समस्या
शारीरिक निष्क्रियता आपके नींद को भी प्रभावित करती है, यदि आप पूरे दिन घर पर बैठे रहते हैं या पैदल नहीं चलते हैं , तो आपको नींद न आने की प्रॉब्लम का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए नींद के लिए आपको रोजाना व्यायाम करने कि बहुत ही ज्यादा आवश्य्कता होती है।

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डिस्क्लेमर- आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल सामान्य जानकारी प्रदान करते हैं। इन्हें आजमाने से पहले किसी विशेषज्ञ अथवा चिकित्सक से सलाह जरूर लें। 'पत्रिका' इसके लिए उत्तरदायी नहीं है।



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Health Tips: गठिया के मरीजों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए इन फूड्स का सेवन, हो सकती है समस्या

Health Tips: आज के समय में ज्यादातर लोग गठिया रोग के शिकार हो रहे है। गठिया रोग से सिर्फ बुजुर्ग ही नहीं बल्कि कम उम्र के लोग तेजी से शिकार हो रहे हैं। जिसकी वजह से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। गठिया रोग होने पर जोड़ों में दर्द, सूजन, हाथों पैरों में जकड़न और चलने-फिरने की समस्या होती है। इसलिए गठिया के मरीजों को अपने खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। बहुत सी चीजें ऐसी भी होती है, जिसका सेवन करने से गठिया रोग की समस्या और ज्यादा बढ़ सकती है। तो आइए जानते है कौन सी ऐसी चीज है जिसका सेवन गठिया के मरीजों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए।

गठिया में भूलकर भी न करें इन फूड्स का सेवन


1. रेड मीट
गठिया में भूलकर भी रेड मीट का सेवन नहीं करना चाहिए। रेड मीट शरीर में इन्फ्लेमेशन बढ़ाता है जिसके वजह से शरीर में सूजन और दर्द होता है, जो गठिया रोग को बढ़ा सकता है। इसलिए गठिया के मरीजों को रेड मीट का सेवन करने से बचना चाहिए।
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2. चावल
गठिया में भूलकर भी चावल का सेवन नहीं करना चाहिए। चावल में कार्बोहाइड्रेट भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो ब्लड शुगर को बढ़ाने के साथ-साथ शरीर में सूजन बढ़ा देता है। जिसकी वजह से गठिया रोग बढ़ सकता है। इसलिए गठिया के मरीजों को चावल का सेवन करने से बचना चाहिए।

3. ग्लूटेन वाले फूड्स
गठिया में भूलकर भी ग्लूटेन वाले फूड्स का सेवन नहीं करना चाहिए। जिस खाने में ग्लूटेन की मात्रा ज्यादा होती है, गठिया की समस्या उससे ही बढ़ती है। क्योंकि इसमें इन्फ्लेमेशन की समस्या हो सकती है जो गठिया जैसी बीमारी को उत्पन्न करता है। इसलिए गठिया के मरीजों को ग्लूटेन वाले फूड्स का सेवन करने से बचना चाहिए।
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4. आइसक्रीम
गठिया में भूलकर भी आइसक्रीम का सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि आइसक्रीम में अधिक मात्रा में सैचुरेटेड फैट के साथ शुगर होता है, जो शरीर में सूजन को तेजी से बढ़ाता है। जिसकी वजह से गठिया रोग बढ़ सकता है। इसलिए गठिया के मरीजों को आइसक्रीम का सेवन करने से बचना चाहिए।

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Thursday, 26 May 2022

Health Tips: गर्मी के मौसम में खुद को हेल्दी बनाए रखने के लिए अपनी डाइट में प्याज को जरूर शामिल करें

Onion Benefits: गर्मियों के मौसम में प्याज का सेवन करने से शरीर को कई प्रकार के फायदे मिलते हैं। प्याज तासीर ठंडा होता है, जो गर्मियों में शरीर में ठंडक पहुंचाने का कार्य करता है। गर्मियों में कच्चा प्याज का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। प्याज कई सारे पोषक तत्वों के गुणों से भरपूर होता है, जो कई समस्याओं से बचाने में मदद करता है। लू से बचने के लिए प्याज का सेवन करना फायदेमंद होता है। साथ ये इंफेक्शन से बचाने में भी मदद करता है। तो आइए जानते हैं गर्मियों के मौसम में प्याज खाने से मिलने वाले फायदे के बारे में

प्याज खाने के फायदे

शरीर को लू से बचाने में फायदेमंद
गर्मियों के मौसम शरीर को लू से बचाने के लिए प्याज का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। क्योंकि प्याज में कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो गर्मी और लू से बचाने में मदद करते हैं। साथ ही प्याज की तासीर ठंडी होती है, जिसे खाने से गर्मी भी कम लगती है और डिहाईड्रेशन भी नहीं होता।
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सूजन कम करने में फायदेमंद
सूजन कम करने के लिए प्याज का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। क्योंकि प्याज में एंटी ऑक्सीडेंट के गुण पाए जाते हैं, जो शरीर में होने वाली सूजन को कम करने में मदद करते हैं।

इंफेक्शन
गर्मियों के मौसम में होने वाले इंफेक्शन से बचने के लिए प्याज का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। क्योंकि प्याज में इंफेक्शन से बचाने में मददगार मानी जाती है. प्याज में एंटी-एलर्जिक, एंटी-ऑक्सीडेंट के गुण पाए जाते हैं, जो शरीर को कई तरह के इंफेक्शन से बचाने में मदद करते हैं। इसलिए गर्मियों में प्याज का सेवन खूब करना चाहिए।

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Health News: बॉडी में अनचाही गांठों से रहते हैं परेशान, कहीं ये लिपोमा तो नहीं, जाने कैसे करें पहचान

Lipoma: गांठ की समस्या होने पर बॉडी को अनेकों नुकसान हो सकते हैं, इस समस्या को यदि आप ज्यादा दिन तक अनदेखा करते हैं तो स्वास्थ्य से जुड़ी अनेकों समस्याएं आपको झेलनी पड़ सकती हैं। गांठ की समस्या होने के कारण ये कैंसर के जैसी गंभीर बीमारी भी बन सकती है। गांठ होने के पीछे और भी कई सारे कारण हो सकते हैं, जैसे कि डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, ओबेसिटी, लेस फिजिकल एक्टिविटी आदि सारे कारण हो सकते हैं, जिनके कारण शरीर में गांठ बन सकती है। ऐसे में जानिए कि बॉडी में अनचाही गांठ कहीं लिपोमा तो नहीं, जानिए।

जानिए लिपोमा के कौन-कौन से लक्षण हो सकते हैं
- लिपोमा की बात करें तो ये बॉडी के किसी भी हिस्से में हो सकता है जैसे कि कंधे, पेट, जांघ, हाँथ, पैर, पीठ आदि में।
-लिमोपा आमतौर पर दर्दनाक नहीं होता है, लेकिन ये ज्यादा बढ़ने पर गांठ भी बन सकती है, जिसके कारण ये दर्दनाक साबित होते हैं।
-लिपोमा की बात करें तो ये ज्यादा टाइट गांठ नहीं होती है, उंगलियों से यदि इसपर प्रेशर बनाया जाता है तो ये आसानी से इधर-उधर चलते हैं।
-लिपोमा कि शुरुआत की बात करें तो ये दिखने में छोटे से होते हैं, लेकिन समय के साथ ही ये बढ़ना शुरू कर देते हैं।

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जानिए इस बीमारी का खतरा किस व्यक्ति को ज्यादातर होता है
लिपोमा की बीमारी का खतरा आमतौर पर 40 से लेकर 60 वर्ष के लोगों को ज्यादातर होती है, ये बीमारी अक्सर इस ऐजग्रुप के लोगों को ज्यादातर होती है, इसलिए कहा जाता है कि बढ़ती उम्र के लोगों को वजन कम रखने कि बहुत ही ज्यादा आवश्य्कता होती है।

जानिए लिपोमा के क्या-क्या कारण होते हैं
लिपोमा होने के कई सारे कारण हो सकते हैं, जैसे कि शरीर में फैट जरूरत से ज्यादा बढ़ जाने के कारण, वहीं इसके होने का कारण ये भी हो सकता है कि ये अनुवांशिक रूप से परिवारों में एक-दूसरे को हो सकता हो।

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Basil Benefits: जानिए रोजाना तुलसी का सेवन करने से मिलते है अनगिनत फायदे, कई बीमारियों के लिए है रामबाण

Basil Benefits: तुलसी का सेवन करने से सेहत को कई तरह के लाभ मिलते हैं। तुलसी का इस्तेमाल औषधीय गुणों के रूप में किया जाता है। कई पोषक तत्वों से भरपूर तुलसी, स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं को दूर करने में फायदेमंद होता है। रोजाना सुबह खाली पेट तुलसी का सेवन करने से छोटी से लेकर बड़ी बीमारियों को ठीक किया जा सकता है। रोजाना तुलसी का सेवन करने से इम्यूनिटी सिस्टम मजबूत होता है। साथ ही तुलसी में एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टीज होती है, जो पेट से जुड़ी कई समस्याओं को दूर करने में मदद करती है। तो आइए जानते हैं तुलसी के सेवन करने से मिलने वाले फायदे के बारे में

तुलसी के फायदे

1. सर्दी जुकाम दूर करने में फायदेमंद
सर्दी जुकाम दूर करने के लिए तुलसी के पत्ते का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। क्योंकि तुलसी के पत्तों मेंं एंटी-बैक्टीरियल तत्व होते हैं, जो सर्दी जुकाम, खांसी जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करते हैं।
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2. तनाव कम करने में फायदेमंद
तनाव कम करने के लिए तुलसी के पत्ते का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। क्योंकि तुलसी में एंटीस्ट्रेस गुण पाए जाते है, जो तनाव को कम करने में मदद करते हैं।

3. मुंह की बदबू को दूर करने में फायदेमंद
मुंह की बदबू को दूर करने के लिए तुलसी के पत्ते का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। क्योंकि सुबह खाली पेट तुलसी की पत्तियां खाने पर मुंह के बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं और मुंह से बदबू आने की समस्या भी दूर हो जाती है।
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4. इम्यूनिटी सिस्टम मजबूत बनाने में फायदेमंद
इम्यूनिटी सिस्टम मजबूत बनाने के लिए तुलसी के पत्ते का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। क्योंकि तुलसी की पत्तियों में एंटी ऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाई जाती है, जो शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करती है और इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करती है।

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Green Apple Benefits: वजन कम करने से लेकर हड्डियों को मजबूत बनाने में मददगार होता है, हरा सेब

Green Apple Benefits: रोजाना एक हरा सेब का सेवन करने से सेहत को कई प्रकार के फायदे मिलते हैं। हरे सेब में कैल्शियम, प्रोटीन, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस और पोटेशियम, कॉपर, आयरन, जिंक, विटामिन-ए और विटामिन-के जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं को दूर करने में मदद करते है। हरे सेब का सेवन करने से हड्डियां मजबूत होती हैं। साथ ही ये वजन कम करने में मदद करता है और आंखों के स्वस्थ के लिए भी फायदेमंद होता है। रोजाना अपने डाइट में एक हरा सेब शामिल करने से कई समस्याओं से बचा जा सकता है। तो आइए जानते है हरा सेब खाने के फायदे के बारे में

हरा सेब खाने के फायदे

1. हड्डियों को मजबूत बनाने में फायदेमंद
हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए हरा सेब का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। क्योंकि हरे सेब में कैल्शियम और पोटैशियम के गुण पाए जाते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस की रोकथाम करने के मदद करता है। हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए रोजाना एक हरे सेब का सेवन जरूर करें।
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2. आंखों के लिए फायदेमंद
आंखों के लिए हरा सेब का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। क्योंकि हरे सेब में विटामिन-ए के गुण पाए जाते हैं, जो आंखों को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है। इसलिए रोजाना एक हरे सेब का सेवन करें, जिससे आंखों की कमजोरी या उनमें सूखेपन की समस्या से राहत मिलती है।

3. वजन कम करने में फायदेमंद
वजन कम करने के लिए हरा सेब का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। क्योंकि हरे सेब में सही मात्रा में प्राकृतिक शुगर होती है, जो वजन कम करने में मदद करते हैं। इसलिए रोजाना एक हरे सेब का सेवन करके आप वजन कम कर सकते है।
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4. डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद
डायबिटीज के मरीजों के लिए हरा सेब का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। क्योंकि हरे सेब में शुगर की मात्रा कम पाई जाती है और फाइबर भी भरपूर मात्रा में होता है, जो टाइप-2 डायबिटीज के खतरे को कम करने में मदद करता है। इसलिए डायबिटीज के मरीजों को रोजाना एक हरे सेब का सेवन जरूर करना चाहिए।

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Health Tips: दूध में चीनी डालकर पीते हैं तो आज ही छोड़ दीजिए इस हैबिट को, सेहत को हो सकते हैं ढेरों नुकसान

Health Tips: दूध के साथ चीनी का सेवन बहुत ही ज्यादा आम बात है, अक्सर लोग दूध को खाली पीना पसंद नहीं करते हैं, ऐसे में वे इसके स्वाद को बढ़ाने के लिए शुगर का इस्तेमाल करते हैं, यदि आप भी ऐसे हैं जो चीनी के साथ में दूध का इस्तेमाल करते हैं तो आपको बहुत ही ज्यादा सतर्कता बरतने कि जरूरत होती है। ऐसे में जानिए कि दूध के साथ शुगर के सेवन से कौन-कौन से नुकसान हो सकते हैं और इनका साथ में सेवन क्यों नहीं करना चाहिए।

 

बढ़ सकता है हाई ब्लड प्रेशर
हाई ब्लड प्रेशर के पेशेंट हैं तो आपको शुगर और दूध के साथ में सेवन को अवॉयड करना चाहिए, शुगर में सक्रोज़ की मात्रा बहुत ही ज्यादा होती है, वहीं मिल्क में लैक्टोज की मात्रा अधिक होती है, जिसके कारण डायबिटीज की बीमारी बढ़ने का खतरा बहुत ही ज्यादा बढ़ जाता है। यदि आपका ब्लड प्रेशर अक्सर हाई रहता है तो दूध के साथ में शुगर के सेवन से बचना चाहिए।

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फैटी लिवर का बढ़ सकता है खतरा
दूध में चीनी डालकर पीते हैं तो ये आपके मेटाबायोलिज्म को भी प्रभावित करता है, इसके कारण आपके लिवर में फैट एकत्रित होने लग जाता है, जिसके कारण फैटी लिवर की समस्या बाद सकती है।

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कोलेस्ट्रॉल लेवल हाई हो जाना
दूध में चीनी डालकर पीते हैं तो ये आपके कोलेस्ट्रॉल लेवल को बढ़ा सकती है, कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने से आपके हार्ट को अनेकों समस्यायों का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए कोशिश करें कि दूध के साथ कभी भी शुगर को मिक्स करके न पियें।

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एजिंग
लगातार दूध में शुगर डालकर सेवन करते हैं तो इससे एजिंग की प्रोब्लेम्स बढ़ सकती हैं, इसके ज्यादा इस्तेमाल से डल स्किन, रिंकल्स, फेस के ग्लो का कम हो जाना जैसी अन्य समस्यायों का सामना करना पड़ सकता है, इनके कारण आप वहीं उम्रदराज दिखाई देने लगते हैं।


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