Tuesday, 31 August 2021

Sprouts benefits : सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है यह तीन स्प्राउट्स, रोज करें सेवन

स्प्राउट्स यानी अंकुरित अनाज का सेवन आपके शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है। कुछ अनाज को अंकुरित करके खाना आपके लिए बहुत फायदेमंद होता है। आइए जानते हैं वह कौन से तीन अनाज हैं। जिनको अंकुरित करके खाने से आपके शरीर को पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स मिलेंगे और आप भी सेहतमंद रहेंगे।

मूंग के फायदे-

मूंग को अंकुरित करके खाना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। अगर आप सुबह के नाश्ते में तली-गली और भारी चीजों का सेवन कर रहे हैं। तो आप इसकी जगह मूंग खाएं। मूंग को अंकुरित करके खाएं। इसके सेवन से आपके शरीर को पर्याप्त मात्रा में फाइबर मिलेगा। जिससे कब्ज की समस्या नहीं होगी। आप अंकुरित मूंग का सेवन करते हैं। तो इससे आपके शरीर में सुस्ती नहीं रहेगी। आपका मेटाबॉलिज्म भी बढ़ेगा और शरीर को ऊर्जा मिलेगी। मूंग खाने से आपका ब्लड शुगर लेवल भी नहीं बढ़ता है। इसके सेवन से आपका वजन भी कम होगा। यह आपकी स्किन के लिए भी फायदेमंद है। क्योंकि इसमें आयरन पर्याप्त मात्रा में रहता है और खून की कमी भी नहीं होने देता है।

इस तरह मूंग करें अंकुरित-

मूंग अंकुरित करने के लिए आप सबसे पहले मूंग को अच्छे से साफ कर लें। उसमें कंकर पत्थर नहीं रहे। इसके बाद इसे धो कर पानी में गला दें। करीब 6 से 8 घंटे तक गलने के बाद आप इसे दोबारा पानी से धो लें और इसके बाद एक कॉटन के कपड़े में लपेटकर 10 से 12 घंटे के लिए लटका दें। इसके बाद ये खुद अंकुरित नजर आने लगेंगे। आप इन्हें निकालकर साधारण तरीके से खा सकते हैं, या फिर आप इसमें स्वादानुसार नमक मिर्ची आदि चीजें डाल कर भी खा सकते हैं। नाश्ते के लिए यह बहुत अच्छी चीज है।

चना का फायदा-

अंकुरित चना आपकी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। क्योंकि इसमें वैसे ही प्रोटीन पर्याप्त मात्रा में रहता है। अगर आप इसे अंकुरित करके खाएंगे। तो यह आपके लिए और भी फायदेमंद होता है। इसे अंकुरित करने के लिए आपको काले चने उपयोग में लेने होंगे। इसे अंकुरित करने से इसके पोषक तत्व डबल हो जाते हैं। इससे कब्ज की शिकायत से निजात मिलती है। इससे शरीर में फुर्ती बनी रहती है। खून की कमी की समस्या नहीं होती है। यूरिन संबंधी समस्या भी दूर होती है।

मेथी का सेवन करें -

अगर आप मेथी को अंकुरित करके सेवन करते हैं। तो इससे आपके शरीर को पर्याप्त मात्रा में फाइबर मिलता है। आपका पाचन तंत्र मजबूत करता है। इससे आपका शुगर लेवल भी कंट्रोल रहता है और इम्यूनिटी बुस्ट करता है।



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Health News: तनाव से बचाव में कारगर है मशरूम, जानें इसके फायदे

Health Tips: मशरूम में मौजूद साइलोसाइबिन नामक कंपाउंड डिप्रेशन की आशंका को काफी हद तक कम करने में सक्षम हो सकता है। साथ ही यह इस रोग के इलाज में भी कारगर सिद्ध हुआ है। शोधकर्ताओं के अनुसार अवसाद के इलाज में ली जाने वाली दवाएं अक्सर दिमाग में भावनाओं संबंधी प्रतिक्रियाओं पर असर डालती हैं। ऐसे में मशरूम इस असर को कम कर सकता है।

इम्‍युनिटी
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए लोग दवाइयों का भी इस्तेमाल करते हैं। लेकिन खाने की ऐसी बहुत सी चीजें हैं जो इम्‍युनिटी को बढ़ाती है। ऐसे ही मशरूम शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। मशरूम के सेवन से शरीर में बीमारियों से लड़ने की ताकत बढ़ती है। मशरूम में प्रोटीन, कार्बोहाइडेट, नाइट्रोजन, फास्फोरिक एसिड पाया जाता है। जिनसे शरीर को बीमारियों से लड़ने की ताकत मिलती है।

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एनीमिया में कारगर
मशरूम में आयरन भरपूर मात्रा में होता है। पर्याप्त मात्रा में इसके सेवन से एनीमिया के खतरे को कम किया जा सकता है। इसके अलावा मशरूम में दमा और मधुमेह जैसी बीमारियों से लड़ने की भी क्षमता होती है। इसमें कार्बोहाइड्रेट काफी कम मात्रा में होता है, लिहाजा यह शरीर का वजन नियंत्रित करने में भी मददगार होता है। इसमें मौजूद विटामिन डी हड्डियों और त्‍वचा संबंधी बीमारियों से भी छुटकारा दिलता है।

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Health Tips: सेहतमंद बने रहने के लिए रोज खाएं उबली सब्जियां

Health Tips: अक्सर सुनने में आता है कि उबली सब्जियां खाने में बेस्वाद होती हैं और इनमें मौजूद पोषक तत्व इन्हें उबालने से नष्ट हो जाते हैं। लेकिन सेहत के लिहाज से गौर किया जाए तो उबली सब्जियां खाने के कई फायदे होते हैं। ये सुरक्षित होने के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मददगार होती हैं। फायदों की बात की जाए तो ये कई कीटाणु और जीवाणु जनित बीमारियों से बचाव करने के साथ ही पोषक तत्त्वों की कमी पूरी करती हैं और वजन नियंत्रित रहता है। जानें इसके अन्य फायदों के बारे में-

खाने में सुरक्षित
इन दिनों सब्जियों को उगाने से लेकर पकाने तक कई तरह के कीटनाशक और रसायनों का प्रयोग होता है। जिससे सब्जियां दूषित हो जाती हैं। ऐसे में जब भी हम सब्जियों को उबालते हैं तो उस समय इनमें मौजूद गंदगी, बैक्टीरिया और हानिकारक तत्त्व नष्ट हो जाते हैं। इसके बाद जब भी हम इनका सेवन करते हैं तो शरीर को किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं होता। इस दौरान ध्यान रखने वाली बात है कि उबालने के बाद इन्हें २-३ बार पानी से धोना चाहिए ताकि नष्ट हो चुके कीटाणु अच्छे से इनमें से बाहर निकल सकें।

सेहतमंद
लोगों में यह भ्रम होता है कि सब्जियों को उबालने के दौरान कीटाणु और जीवाणु तो नष्ट होते ही हैं साथ ही इनमें मौजूद पोषक तत्व भी कम या लगभग खत्म हो जाते हैं। लेकिन यह केवल भ्रम है क्योंकि उबालने के दौरान केवल बाहरी रूप से इनकी अच्छे से सफाई होती है। अंदरुनी रूप से इनके पोषक तत्त्वों के स्तर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।

रोगों की आशंका कम
अक्सर मिर्गी रोग के मामलों में जब कारणों का पता लगाया जाता है तो कई वजहों में से एक कारण गंदे पानी में उगी सब्जियां होती हैं। इस स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ सब्जियों और फलों को खरीदने के बाद अच्छे से धोकर और साफ कर खाने की सलाह देते हैं। ऐसे में सब्जियों को उबालना न केवल मिर्गी रोग की आशंका को कम करता है बल्कि पेट संबंधी रोगों में भी कमी आती है। पाचन सही होने के साथ हृदय दुरुस्त रहता है।



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Weight Loss Tips: पेट से संबंधी समस्याओं में चोकर वाली रोटी हैं फायदेमंद

Weight Loss Tips: जिन लोगों को कब्ज की समस्या रहती है, उन्हें गेहूं की चोकर युक्त रोटी खानी चाहिए। चोकर की रोटी पानी ज्यादा सोखती है और पेट में मल को सूखने नहीं देती। दरअसल गेहूं के चोकर में अघुलनशील फाइबर होता है, जिसे सैल्यूलोज कहते हैं। इसमें कैल्शियम, सिलीनियम, मैगनीशियम, पोटेशियम, फॉस्फोरस जैसे खनिजों के साथ-साथ विटामिन ई और बी कॉम्प्लेक्स भी पाए जाते हैं।

चोकर आंतों को सुरक्षित रखने के साथ-साथ कैंसर से भी रक्षा करता है। यह अमाशय के घाव को ठीककर टीबी से भी रक्षा करता है। चोकर हृदय रोग से बचाने के साथ-साथ कोलेस्ट्रोल की समस्या नहीं होने देता। नहाने के पानी में आधा कटोरी चोकर मिलाकर स्नान करने से चर्मरोग में भी राहत मिलती है।

गेहूं के एक किलो आटे में 100 ग्राम चोकर मिला लें और इस आटे की रोटी बनाकर खाएं। इससे खाना न पचने की समस्या दूर होगी और आपको कब्ज से छुटकारा मिलेगा।

5 कप पानी में 25 ग्राम चोकर, तुलसी के 10-11 पत्ते व मुनक्के के 10-11 दाने डालकर अच्छी तरह उबालें। मीठा करने के लिए इसमें शक्कर डाल लें। चोकर वाली स्वादिष्ट चाय लाभ देगी।

जितना चोकर लें, उससे दोगुना पानी डालकर एक घंटे के लिए रखे दें। नहाने से पहले इसे पूरे शरीर पर मसलने से त्वचा मुलायाम व चमकदार होगी।



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Health News: सेहत और त्वचा के लिए फायदेमंद है एलोवेरा, बिना जानकारी के न करें इस्तेमाल

Health News: एलोवेरा (ग्वारपाठा) में पीले रंग का लेटेक्स टॉक्सिक है जिससे सिरदर्द, एलर्जी व कैंसर जैसे रोगों का खतरा बढ़ता है। मेरिलेंड मेडिकल सेंटर यूनिवर्सिटी के अध्ययन के अनुसार एलो लेटेक्स का गर्भावस्था के दौरान प्रयोग नहीं करना चाहिए। यह यूट्राइन कॉन्टै्रक्शन पैदा करता है जिससे गर्भपात की आशंका बढ़ती है।

स्टीम बाथ से घटता हाईबीपी का खतरा
ह फ्ते में 4—7 बार स्टीम बाथ लेने से ब्लड प्रेशर के स्तर में गिरावट आती है। इससे रोगों की आशंका 50 फीसदी तक घटती है। ईस्टर्न फिनलैंड यूनिवर्सिटी के शोध के अनुसार बाथ के दौरान शरीर का तापमान बढऩे से धमनियों में रक्तसंचार बेहतर और पसीना निकलने से विषैले तत्त्व बाहर आते हैं।

एक घंटे वर्कआउट से डिप्रेशन दूर
हफ्ते में एक घंटे वर्कआउट से डिप्रेशन दूर होता है। जर्नल ऑफ साइकिएट्री में प्रकाशित शोध में वर्कआउट और मेंटल हैल्थ के बीच कनेक्शन मिला। इसमें वर्कआउट करने और न करने वालों को शामिल किया। जिन्होंने हफ्ते में न्यूनतम एक घंटा व्यायाम किया था उनमें डिप्रेशन कम था।

कभी थोड़ा ज्यादा भी सो लेना चाहिए
एक शोध के अनुसार तनख्वाह में बढ़ोतरी से भी आपको उतनी खुशी नहीं होती, जितनी एक घंटा ज्यादा सोने से होती है। अमरीकी मनोवैज्ञानिक के मुताबिक रात को एक घंटे ज्यादा सोना किसी इंसान के लिए कई करोड़ रुपए कमाने से भी ज्यादा सुकून देने वाला है। रोजमर्रा में ऐसा न कर पाएं तो छुट्टी वाले दिन कर सकते हैं।



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Health Tips: देसी दवा के रूप में कालीमिर्च के हैं बहुत से फायदे, खांसी-जुकाम ऐसे करें सेवन

Health Tips: सर्दी के मौसम में कालीमिर्च का प्रयोग न केवल आपको फिट रखेगा बल्कि खांसी और जुकाम जैसे रोगों से भी दूर रखता है। जानते हैं इसके फायदों के बारे में। आधा चम्मच कालीमिर्च के चूर्ण और एक चम्मच मिश्री को मिलाकर एक कप गुनगुने दूध के साथ दिन में तीन बार लेने से सर्दी-जुकाम में लाभ होता है।


सोने से पहले 3-4 कालीमिर्च चबाकर उसके बाद गुनगुना दूध पीने से जुकाम में आराम मिलता है।कालीमिर्च और बताशे को पानी में उबालकर पीने से जुकाम ठीक हो जाता है और दिमाग भी हल्का होता है। इसके अलावा कालीमिर्च को पीसकर शहद में मिलाकर चाटने से खांसी-जुकाम में आराम मिलता है। चाय-दूध में काली मिर्च मिलाकर पीने से सर्दी से सीने में होने वाला दर्द ठीक होता है। सुबह गर्म पानी के साथ काली मिर्च के सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।


विटामिन सी, ए, फ्लेवनॉयड्स, कैरोटीन और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होने के कारण इसका सेवन कैंसर का रिस्क कम करता है। दिन भर की डाइट में आधा चम्मच काली मिर्च पाउडर का इस्तेमाल पर्याप्त है। काली मिर्च में मौजूद तत्व पेपरीन पाचन को ठीक रखने में मदद करता है। यह डायरिया, कॉन्स्टिपेशन और एसिडिटी से आराम दिलाने में मदद करती है। वजन घटाने में यह मददगार है। इसमें मौजूद पोटेंटफाइटोन्यूट्रियंट नामक तत्व फैट्स कोशिकाओं को तोडऩे का प्रयास करता है।


बालों में रूसी की समस्या भी यह दूर करती है। एक कप दही में काली मिर्च पाउडर मिलाएं और सिर में लगाकर आधे घंटे के लिए छोड़ दें। फिर पानी से साफ करें और अगले दिन शैंपू करें। कफ की समस्या से भी काली मिर्च का सेवन बचाव करता है। काली मिर्च का इस्तेमाल सूप या रसम में करके कफ की समस्या को दूर किया जा सकता है। अपच, दस्त, कब्ज आदि को दूर करने के लिए काली मिर्च श्रेष्ठ औषधि है। काली मिर्च के सेवन से हाइड्रोक्लोरिक एसिड संतुलित रहता है। यह एसिड पेट की पाचन क्रिया स्वस्थ रखता है, जिससे भोजन सामग्री को पचाने में सहायता मिलती है।



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Children health : बच्चों को स्ट्रांग बनाने के लिए जरूरी है यह पोषक तत्व

बच्चों के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास के लिए शुरू से ही उन्हें पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन विटामिन और मिनरल्स देना जरूरी होता है। तभी बच्चे हर तरह से विकास कर पाते हैं। आप भी अपने बच्चों को उनके आहार में कुछ ऐसे पोषक तत्व दें। जिनसे उनकी क्षमता दिनों दिन बढ़ें और वे स्ट्रांग रहे।

बच्चों को शुरू से ही ऐसे पोषक तत्वों से भरपूर आहार देने की जरूरत होती है। जिनसे उनका संपूर्ण विकास हो। ऐसे में उन्हें कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन सभी देने जरूरी होते हैं। ताकि उनकी लंबाई, उनका वजन, उनकी बौद्धिक शक्ति सभी का विकास हो। इसलिए आपको शुरू से ही बच्चों के आहार पर ध्यान देना होगा। ताकि वह किसी भी क्षेत्र में कमजोर नहीं हो।

कैल्शियम युक्त चीजें दे-

बच्चों के शरीर को कैल्शियम की बहुत आवश्यकता होती है। क्योंकि उनकी हड्डियां दांत कैल्शियम से ही मजबूत होते हैं। इसलिए आप दूध, दही, पनीर सहित अन्य डेयरी प्रोडक्ट दें। ताकि उन्हें पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम मिले।

फाइबर युक्त चीजें दे-

बच्चों को उनके आहार में ऐसी चीजें दें। जिसमें फाइबर पर्याप्त मात्रा में हो। इसके लिए आप ब्रोकली, सेब फल, नट्स, एवोकाडो, नाशपाती आदि दे सकते हैं। जो बच्चों के लिए बहुत फायदेमंद है।

आयरन युक्त खाद्य प्रदार्थ दें -

बच्चों को ऐसे खाद्य पदार्थ जरूर देना चाहिए। जिससे उनके शरीर में आयरन की पूर्ति हो। इससे उनके शरीर में ब्लड तैयार होगा और उन्हें खून की कमी का सामना भी नहीं करना पड़ेगा। बढ़ते बच्चों के लिए आयरन बहुत जरूरी होता है। इसके लिए चुकंदर, साबुत अनाज, बींस, नट्स, ड्राई फ्रूट आदि देने चाहिए।

एक्सरसाइज कराएं -

बच्चों को शुरू से फिट और तंदुरुस्त रखने के लिए उन्हें शुरू से हल्की एक्सरसाइज कराना चाहिए। उन्हें ऐसे गेम भी खेलने देना चाहिए। जिससे वे शारीरिक रूप से एक्टिव रहें। उन्हें सुबह की धूप भी दिलाना चाहिए। ताकि विटामिन डी भी शरीर को मिले, जिससे हड्डियां मजबूत होती है।



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Stretch marks : वजन कम होने पर नजर आ रहे निशान, घरेलू उपाय से करें दूर

जो लोग वजन कम करते हैं या जिनका वजन कम हो जाता है। उन लोगों के पेट, कमर सहित अन्य स्थानों पर स्ट्रेच मार्क्स दिखने लगते हैं। जो शरीर के विभिन्न अंगों पर नजर आते हैं। अगर आपके शरीर पर भी ऐसे ही निशान नजर आ रहे हैं। तो उन्हें दूर करने के लिए आप कुछ घरेलू उपाय कर सकते हैं। वैसे उनसे कोई नुकसान नहीं होता है।लेकिन वे देखने में ठीक नहीं दिखते हैं।

एलोवेरा लगाएं-

एलोवेरा में एंटीऑक्सीडेंट और हिलिंग गुण होते हैं। इस कारण यह आपकी त्वचा पर आए स्ट्रेच मार्क्स को भी दूर करने में मददगार होता है। आप एलोवेरा के ताजा पत्ते को काटकर उसका जेल निकाले या उसी से आप रगड़ते हुए प्रभावित जगह पर लगाएं। इसका रोजाना उपयोग करने से यह निशान बहुत जल्दी दूर हो जाएंगे।

शहद का उपयोग करें-

शरीर के किसी भी स्थान पर स्ट्रेच मार्क नजर आते हैं। तो उन्हें दूर करने के लिए आप शहद और शक्कर को बराबर मात्रा में लेकर उसमें कुछ बूंद नींबू के रस की डालें और इसे प्रभावित जगह पर लगाएं और हल्के हाथों से मसाज करें। ऐसा करने से डेड स्किन हट जाएगी और यह निशान भी दूर होंगे। ऐसा आप 10 मिनट तक के लिए करें और कुछ देर बाद आप पानी से धो लें।

अंडे का उपयोग करें-

स्ट्रेच मार्क्स हटाने के लिए आप अंडे की सफेद जर्दी और विटामिन ई का कैप्सूल दोनों को मिलाकर इसे प्रभावित जगह पर लगाएं। इससे आपकी स्किन हील होगी और स्ट्रेच मार्क्स दूर होंगे।

बादाम नारियल का तेल मिलाकर लगाएं-

नारियल और बादाम दोनों का तेल मिलाकर आप अगर प्रभावित जगह पर लगाएंगे। तो इससे स्ट्रेच मार्क्स दूर होने लगेंगे या फिर आप रात में सोने से पहले लगाकर मालिश करें और सो जाएं। इससे आपको कुछ ही दिन में स्ट्रेच मार्क्स से निजात मिलेगी।



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National Nutrition Week 2021: शारीरिक और मानसिक विकलांगता बढ़ाता है कुपोषण

National Nutrition Week 2021 कुपोषण भारत में एक व्यापक स्वास्थ्य संकट है, जो आमतौर पर बचपन में शुरू हो जाता है। कुपोषण शारीरिक और मानसिक विकलांगता के साथ मृत्यु का भी कारण बन सकता है। इसलिए संतुलित आहार बहुत जरूरी है। संतुलित आहार से कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिंस, मिनरल्स, पानी और फाइबर जैसे सभी पोषक तत्त्वों को उचित मात्रा और अनुपात में शामिल किया जाता है। संतुलित आहार शरीर में संचित होने वाल पोषक तत्त्वों की मात्रा बढ़ाकर बीमारी, चोट आदि में एनर्जी प्रदान करता है।

इस तरह पूरी करें खुराक
संतुलित आहार को बढ़ावा देना फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से शुरू किए गए 'ईट राइट इंडिया' अभियान का हिस्सा था। इसकी टैगलाइन 'सही भोजन बेहतर जीवन' रखी गई थी। संतुलित आहार में इन्हें शामिल करें-
मोटा अनाज
दालें/दूध/दही
हरी एवं पत्तेदार सब्जियां
फल
दाने और बीज
वसा और तेल

एक्सपर्ट
“हम सभी आयु वर्ग के लोगों के आहार व्यवहार में बदलाव देख रहे हैं। प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों की खपत बढ़ रही है और लोग अपने पारंपरिक आहार को पीछे छोड़ रहे हैं। यह हमारे भोजन में असंतुलन पैदा कर रहा है और हमारे आहार से एक या अधिक खाद्य समूह गायब हैं। एफएसएसएआई ईट राइट इंडिया पहल के माध्यम से जो खाद्य प्रणाली दृष्टिकोण पर आधारित है, संतुलित आहार के महत्व और स्थानीय मौसमी खाद्य पदार्थों के उपयोग के बारे में जागरूकता पैदा कर रहा है। नागरिकों को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के साथ-साथ अच्छी आहार प्रथाओं को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। स्कूलों, परिसरों, खाद्य उद्योग, अस्पतालों, सरकारी कार्यालयों आदि जैसी सभी सेटिंग्स में जागरूकता की जा रही है। खाद्य सुरक्षा और पोषण के क्षेत्र में विभिन्न हितधारकों को शामिल किया जा रहा है क्योंकि यह एक स्वस्थ खाद्य वातावरण बनाने की साझा जिम्मेदारी है।“.”
इनोशी शर्मा, कार्यकारी निदेशक, फ़ूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (एफएसएसएआई)

 

पोषण से भरपूर थाली

कुपोषण को दूर करने के लिए जरूरी है कि अपनी थाली में सभी पोषक तत्त्वों को शामिल करें। जानें पोषक तत्त्वों का सही अनुपात-

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आहार में सुधार के लिए उठाएं तीन कदम
दिन के लिए अपनी प्लेट की तुलना आइसीएमआर की ओर से अनुशंसित 'माय प्लेट' से करें।
प्रोसेस्ड और पैकेज्ड खाद्य पदार्थों की खपत में कटौती करें।
रोजाना कम से कम 5-6 गिलास पानी पीएं।

पोषण से जुड़े सवाल-जवाब
प्रश्न - नमक हैल्थ के लिए हानिकारक होता है, क्या इसे डाइट से हटा दें?
जवाब- नमक शरीर में पानी के संतुलन को नियंत्रित करने, मांसपेशियों की कार्यक्षमता बढ़ाने एवं तंत्रिका आवेगों को संचालित करने में मदद करता है। इसलिए संतुलित आहार में थोड़ा सा नमक बहुत जरूरी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक दिन में एक चम्मच (५ ग्राम) नमक को सुरक्षित माना है।
प्रश्न - एक दिन में कितनी चीनी का प्रयोग किया जा सकता है?
जवाब - चीनी का प्रयोग कम मात्रा में ही किया जाना चाहिए। भारतीय आहार के निर्देशों के अनुसार एक दिन में चार-पांच चम्मच का सेवन किया जा सकता है। इसमें पेय पदार्थों और खाद्य पदार्थ में मौजूदा चीनी भी शामिल है।

समझें शब्दावली
कार्बोहाइड्रेट - यह शरीर की ऊर्जा का मुख्य स्रोत हैं। यह आहार फाइबर की आवश्यकता पूरी करता है।
प्रोटीन - प्रोटीन कोशिकाओं के विकास, मरम्मत और उन्हें स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक है।
विटामिंस - शरीर के सामान्य कामकाज और अच्छे स्वास्थ्य के लिए बहुत कम मात्रा में जरूरी हैं।



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गुरु मनीष - एक कुशल लीडर एवं आयुर्वेद विशेषज्ञ, जो आयुर्वेद के जरिए करते हैं पूर्ण शारीरिक और मानसिक कल्याण की बात

जीरकपुर/ चंडीगढ़, अगस्त 31, 2021 गुरु मनीष, एक जाने-माने युवा एवं सक्रिय आयुर्वेद व प्राकृतिक चिकित्सा विशेषज्ञ, जिन्होंने स्वयं को एक विचारक के रूप में भी स्थापित किया है, ने प्राचीन जड़ी-बूटियों पर आधारित भारत के औषधि शास्त्र या वेद- आयुर्वेद के बारे में जागरूकता उत्पन्न करने के लिए खुद को पूरी तरह से प्रतिबद्ध किया है। बचपन में गुरु मनीष काफी अस्वस्थ रहते थे। समय बीतने के साथ, उन्होंने महसूस किया कि उनके शरीर को सिर्फ दवाइयां नहीं बल्कि कुछ ऐसा भी चाहिए जोकि उनके शरीर की आवश्यकता है। उन्हें सिर्फ ठीक होने की नहीं, बल्कि उपचार की भी आवश्यकता है। जब उन्हें आयुर्वेदिक उपचार से परिचित कराया गया और उन्होंने अपने शरीर में फर्क महसूस करना शुरू किया तो उन्हें यकीन हुआ कि आयुर्वेद स्वस्थ व रोग मुक्त जीवन का एक संपूर्ण समाधान है। तब गुरु मनीष ने आयुर्वेद को भारत की स्वास्थ्य प्रणाली में सबसे आगे लाने का फैसला किया।

गुरु मनीष कहते हैं, 'आयुर्वेद बिना किसी दुष्प्रभाव के बीमारियों के मूल कारण पर काम करता है। इसके अलावा, हर्बल उत्पाद विषाक्त पदार्थों से शरीर को छुटकारा दिलाते हैं और इसे ठीक करने में मदद करते हैं। यह प्रक्रिया शरीर को किसी भी बीमारी से लड़ने में मदद करती है। '

गुरु मनीष ने 1997 में आयुर्वेद के माध्यम से समग्र स्वास्थ्य की अवधारणा का प्रचार करना शुरू किया और बड़े प्रयासों के बाद 2019 में चंडीगढ़ के निकट ज़ीरकपुर में एक आयुर्वेदिक क्लीनिक एवं अनुसंधान केंद्र 'शुद्धि आयुर्वेद ' की स्थापना की। शुद्धि आयुर्वेद तथा गुरु मनीष के नेतृत्व में भरोसेमंद सदियों पुराने आयुर्वेद के ज्ञान और उपचार, जो शरीर को आंतरिक रूप से पोषण देता है, का उपयोग विभिन्न रोगों से पीड़ित व्यक्तियों के इलाज के लिए किया जाता है।

गुरु मनीष केवल 46 वर्ष के हैं और भारत सरकार के 'वोकल फॉर लोकल ' अभियान के तहत आयुर्वेद को बढ़ावा देने का उनका बहुत स्पष्ट विजन है। आयुर्वेद में दुनिया भर में बिगड़ते स्वास्थ्य हालात को उलटने की बहुत बड़ी क्षमता है। बिना रोग वाले व्यक्ति को किसी उपचार की आवश्यकता नहीं है, लेकिन अपने शरीर को रोग से बचाने के लिए सभी को स्वयं को तैयार रखना चाहिए। हालांकि, यदि रोग होता है, तो रोग के लक्षणों के उपचार और रोग के कारण को समाप्त करने के लिए एक आक्रामक रणनीति का उपयोग किया जाता है। आयुर्वेद रक्षात्मक व आक्रामक रणनीति दोनों प्रदान करता है, जबकि एलोपैथी की भूमिका आक्रात्मक रणनीति तक ही सीमित होती है।

गुरु मनीष का मंत्र है कि आयुर्वेद और स्वस्थ रहन-सहन की आदतों का उपयोग बीमारी को होने से रोकने के लिए होना चाहिए, न कि उसके इलाज के लिए। वह एक ऐसा जीवन जीने पर जोर देते हैं जो आयुर्वेद के उपयोग के इर्द-गिर्द घूमता है, स्वस्थ जीवन शैली अपनाता है, संतुलित आहार लेता है और योग व ध्यान का अभ्यास करता है। आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए अथक परिश्रम और अटूट जुनून के साथ, गुरु मनीष आयुर्वेद को लोकप्रिय बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

आज शुद्धि आयुर्वेद के तहत पूरे भारत में 160 से अधिक आयुर्वेदिक केंद्र संचालित हैं। इसके अलावा, उन्होंने आयुर्वेद के माध्यम से 'स्वास्थ्य का अधिकार ' नामक एक पहल भी शुरू की है और चंडीगढ़ के पास डेराबस्सी में भारत का पहला एकीकृत चिकित्सा विज्ञान अस्पताल - राजीव दीक्षित मेमोरियल अस्पताल एवं एकीकृत चिकित्सा विज्ञान संस्थान (एच आई आई एम एस) की स्थापना की है।

गुरु मनीष ने कहा, 'इंटीग्रेटेड मेडिसिन साइंसेज हॉस्पिटल विभिन्न चिकित्सा प्रणालियों के विवेकपूर्ण मिश्रण का उपयोग करते हुए रोगियों को ठीक करेगा। एचआईआईएमएस विभिन्न चिकित्सा विज्ञानों की उपयोगिता और उपचार क्षमता को एक छत के नीचे लेकर आया है। इसके पीछे विचार यह है कि मानव शरीर की किसी भी बीमारी का इलाज करने के लिए विभिन्न चिकित्सा प्रणालियों की सर्वोत्तम प्रथाओं का प्रभावी ढंग से उपयोग किया जाये। अस्पताल आयुर्वेद, एलोपैथी, मधुमेह नियंत्रण, यूनानी, प्राकृतिक चिकित्सा, होम्योपैथी आदि की सुविधाएं प्रदान करेगा। इनका प्रबंधन उन विशेषज्ञों द्वारा किया जाएगा जो अपने चुने हुए क्षेत्रों में शीर्ष विशेषज्ञ हैं। '



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Bay leaf tea : सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है तेजपत्ता की चाय, इस तरह करें घर में तैयार

सुबह उठते ही आप खाली पेट चाय का सेवन करते हैं। तो इस आदत में थोड़ा सुधार कीजिए।आप साधारण चाय पीने की जगह तेजपत्ता की चाय पीजिए। क्योंकि यह आपकी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होती है। इससे आपका मेटाबॉलिज्म भी बेहतर रहता है और आपका वजन कंट्रोल होता है। इससे आपका इम्यूनिटी सिस्टम स्ट्रांग रहता है। इसलिए तेजपत्ता की चाय आपकी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होती है।

तेजपत्ता की चाय पीने से आपको प्रोटीन, फाइबर और अन्य पोषक तत्व मिलते हैं। जो आपकी सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं। तेज पत्ते की चाय में एंटी ऑक्सीडेंट, कैल्शियम, सेलेनियम, आयरन, कॉपर, पोटेशियम आदि तत्व पाए जाते हैं। अगर आप रोजाना तेजपत्ता की चाय पिएंगे। तो आप का बढ़ता हुआ वजन भी कंट्रोल होगा।

इस तरह तैयार करें तेज पत्ते की चाय-

तेज पत्ते की चाय तैयार करने के लिए आप एक बर्तन में एक चुटकी दालचीनी पाउडर, दो कप पानी के साथ करीब 3 से 4 तेज पत्ता डालें। पत्ते धोकर डालने हैं। जब यह चाय उबल जाए तो इसे छान लें। फिर इसमें स्वाद अनुसार नींबू और शहद डालें।

यह होंगे फायदे -

तेज पत्ते की चाय सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होती है। इसका सेवन करने से आपका मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है। जिससे वजन कंट्रोल होता है। तेज पत्ते की चाय आपके शरीर में एक्स्ट्रा फैट को बर्न करती है और इसमें प्रोटीन और फाइबर होता है। जो शरीर के लिए फायदेमंद होता है। पत्ते की चाय में उपयोग होने वाली दालचीनी से हमारे शरीर के विषैले पदार्थ बाहर निकलते हैं। इस चाय का सेवन करने से तनाव से भी निजात मिलेगी और वजन भी कम होगा।

इंफेक्शन से मिलेगी निजात हृदय भी रहेगा स्वस्थ-

तेज पत्ता की चाय का सेवन करने से आपका इम्यूनिटी सिस्टम स्ट्रांग होता है। आपको किसी भी प्रकार के संक्रमण से बचाव होने में मदद मिलती है। इसका सेवन करने से आपका ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है और हृदय से संबंधित बीमारियों से भी लड़ने में मदद मिलती है। आगर आप रोजाना साधारण चाय की अपेक्षा तेज पत्ते की चाय पिएंगे। तो वह आपकी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होगी।



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Creamy salad : क्रीमी सलाद का सेवन कम करेगा वजन, ह्रदय भी रहेगा स्वस्थ

सलाद का सेवन सेहतमंद रहने के लिए सबसे बेहतरीन उपाय हैं। इससे आपका वजन भी घटेगा और आपके शरीर को पर्याप्त मात्रा में ऊर्जा भी मिलेगी। इससे आपका पेट भी भरा रहेगा और आपको कमजोरी का शिकार भी नहीं होना पड़ेगा।आइए जानते हैं, क्रीमी सलाद किस तरह घर में तैयार कर सकते हैं और इसका सेवन क्या-क्या फायदे पहुंचाता है।

आहार में शामिल करें सलाद-

आप को अपने आहार में सलाद को शामिल करना चाहिए। क्योंकि सलाद में कैलोरी बहुत कम होती है। आप सलाद में सब्जियों फलों और गाजर मूली प्याज आदि सभी को शामिल कर सकते हैं। यह हमारी सेहत के लिए फायदेमंद होता है। इससे वजन कंट्रोल होता है। स्वास्थ्य में सुधार होता है। वजन कम होता है और यह हमारी इम्यूनिटी के लिए भी फायदेमंद रहता है। सलाद का सेवन करने से हमारा डाइजेशन सिस्टम भी मजबूत होता है। इसमें मौसमी फल, हरी पत्तेदार सब्जियों का भी उपयोग कर सकते हैं।

कैलोरी कम मिलेगी-

क्रीमी सलाद का उपयोग आपकी सेहत के लिए फायदेमंद होता है। इसमें कैलोरी बहुत कम होती है। क्रीमी सलाद का सेवन से आपका वजन कम होगा और सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है। वैसे इसमें वह क्रीम नहीं मिलाई जाती है। जो केक में उपयोग होती है। इसमें दही मिलाया जाता है। कई बार इसमें मलाई डालकर भी सलाद बनाया जाता है। जो वजन कंट्रोल करने के लिए फायदेमंद होता है। इसमें फाइबर पर्याप्त मात्रा में रहता है।

इस तरह तैयार करें क्रीमी सलाद-

क्रीमी सलाद तैयार करने के लिए आप एक बाउल में दही लें। इसमें स्वादानुसार नमक, लाल मिर्च, जीरा आदि डाल सकते हैं। चाट मसाला का भी इसमें उपयोग कर सकते हैं। इसे अच्छी तरह से मिलाएं और इसके बाद आप एक बारीक कटा हुआ प्याज, गाजर, सलाद, पत्ता, मटर, पनीर, चेरी, टमाटर या अन्य सब्जियां और फल भी मिला सकते हैं। इन सब को अच्छे से मिला लें। आपका यह क्रीमी सलाद तैयार हो चुका है। यह आपकी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसका उपयोग आप भोजन के साथ भी कर सकते हैं। आप चाहे तो बीच में भूख लगने पर भी क्रीमी सलाद का सेवन कर सकते हैं। यह आपके शरीर के लिए बहुत फायदेमंद है।

सलाद में शामिल करें प्रोटीन युक्त पदार्थ-

आप सलाद में प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे क्रीमी सलाद टेस्टी भी बनेगा। इसमें राजमा, छोला आदि चीजें भी आप मिला सकते हैं। इसमें ड्राई फ्रूट्स, नट्स मिलाने से आपके सलाद का टेस्ट भी बढ़ जाएगा और यह आपकी सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होगा।



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Face Fat Loss Exercise: चेहरे की चर्बी को छूमंतर कर देंगे ये व्यायाम

नई दिल्ली। Face Fat Loss Exercise In Hindi: यूं तो सभी को सुंदर चेहरा और आकर्षक शारीरिक संरचना की चाह होती ही है। अच्छे खान-पान और योगासन, व्यायाम आदि के द्वारा आप अपने शरीर को फिट रख सकते हैं। परंतु किसी भी इंसान से वार्तालाप के दौरान सबसे पहले उनकी नजर आपके चेहरे पर ही जाती है।
कई सारी शारीरिक गतिविधियां और व्यायाम करने के बावजूद भी कुछ लोगों को चेहरे पर जमी वसा परेशान करती है। अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं तो इन एक्सरसाइज द्वारा एक आकर्षक चेहरा प्राप्त कर सकते हैं:

1. चिन लिफ्ट एक्सरसाइज
इस एक्सरसाइज के दौरान आपको अपनी गर्दन को पीछे झुकाते हुए चेहरा ऊपर उठाकर आसमान की की तरफ देखना होता है। इस एक्सरसाइज को आप खड़े होकर अथवा बैठकर कैसे भी कर सकते हैं। इस क्रिया में याद रखें कि केवल होठों की मांसपेशियों का ही उपयोग करें जैसे आपके होंठ आसमान को चूम रहे हों। 10-10 सेकंड के अंतराल में इस क्रिया को दोहराएं।

2. जॉ रिलीज़
इस क्रिया के दौरान चेहरे को सीधा रखकर सामने की तरफ देखते हुए अपने जबड़े को जोर-जोर से चलाएं जैसे आप कुछ चबा रहे हों। इसके पश्चात एक गहरी सांस लेकर धीरे-धीरे बाहर छोड़ें। फिर अपना पूरा मुंह खोलकर नीचे वाले दांतो को ढकते हुए जीभ को बाहर निकालें।

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3. ब्लोइंग एयर एक्सरसाइज
संपूर्ण चेहरे और गले की मांसपेशियों पर काम करते हुए यह एक्सरसाइज फूले हुए गालों तथा ठोड़ी व गले के मध्य वसा जिसे डबल चिन कहा जाता है को कम करने में कारगर है। यह चेहरे को पतला करते हुए एक उठाव देता है। इस क्रिया के दौरान सिर को पीछे झुकाते हुए चेहरा आसमान की ओर ले जाएं और होठों को बाहर की तरफ खींचते हुए मुंह से हवा बाहर निकालें।

4. नेक रोल एक्सरसाइज
किस क्रियाविधि को करने के लिए कुर्सी पर सीधे कमर करके बैठ जाएं। इसके पश्चात अपनी गर्दन को दाहिनी ओर घुमा कर अपनी ठोड़ी को कंधे पर छूने की कोशिश करें तथा 3-4 सेकंड रुक कर इसी क्रिया को बाएं तरफ दोहराएं। प्रतिदिन इस एक्सरसाइज को 8-10 बार करने पर चेहरे की वसा को कम किया जा सकता है।

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Monday, 30 August 2021

Acne home remedies : मुंहासे की समस्या से निपटने के लिए चेहरे पर लगाएं शहद का उबटन

चेहरे पर कील मुंहासे और दाग धब्बों के कारण आपकी खूबसूरती प्रभावित हो जाती है। आप इन समस्याओं को दूर करने के लिए कुछ घरेलू उपाय अपना सकते हैं। इसमें शहद का ऑप्शन आपके लिए सबसे फायदेमंद होगा। यह विभिन्न समस्याओं को दूर करने के साथ ही आप के चेहरे में चमक लाएगा। आइए जानते हैं शहर का उबटन किस तरह लगाना है।

शहद में कई प्रकार के प्रोटीन, विटामिन, आयरन, मैग्निशियम, कैलशियम, फास्फोरस, पोटेशियम, सोडियम आदि तत्वों से भरपूर होता है। इसलिए यह हमारी सेहत के साथ ही त्वचा के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। आइए जानते हैं शहद हमारी सेहत को कैसे दुरुस्त करता है।

दाग धब्बों को करेगा दूर-

शहद का उपयोग आप पुराने से पुराने निशान को दूर करने के लिए कर सकते हैं। क्योंकि यह एंटीसेप्टिक और हीलिंग गुणों से भरपूर होता है।अगर रोजाना आप अपने जले हुए निशान पर भी शहद लगाएंगे। तो पुराने निशान भी गायब हो जाएंगे। आप मलाई चंदन और बेसन के साथ शहद मिलाकर फेस पैक के रूप में लगाएं। इससे चेहरे की गंदगी दूर होगी और त्वचा मुलायम और खूबसूरत बनेगी। आपके चेहरे में चमक आएगी, चेहरे के दाग धब्बे कील मुंहासे भी दूर होंगे। आप कुछ दिन इसका इस्तेमाल करेंगे। तो आपको खुद ही फर्क नजर आने लगेगा।

इस तरह तैयार करें शहद का उबटन-

शहद का उबटन बनाने के लिए आप एक कटोरी में आधी कटोरी बेसन, 3 चम्मच शहद, एक चम्मच मलाई और चार चम्मच कच्चा दूध तथा कुछ बूंद नींबू के रस की डालें और इसे अच्छे से मिलाएं।इसे अच्छे से मिलाने के बाद आप चेहरे पर और प्रभावित जगह पर लगाएं। इसे आप करीब 20 से 25 मिनट या सूखने तक लगा रहने दें। इसके बाद नहा लें। ऐसा करने से कुछ ही दिनों में आपकी त्वचा में निखार आने लगेगा और कील मुंहासे दाग धब्बे भी दूर होने लगेंगे।



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Health Tips: शोध के दौरान पता चला है कि शाकाहारियों को बोन फ्रैक्चर का खतरा ज्यादा होता है, जानिए कैसे करें बचाव

नई दिल्ली। Health Tips:शाकाहारी भोजन सेहत के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। शाकाहारी भोजन जल्दी से पच भी जाता है और आप कुछ ही देर में हल्का महसूस करने लगते हैं। शाकाहारी भोजन को अच्छा माना जाता है, लेकिन वहीं एक चौकानें वाला अध्ययन सामने आया है। ये अध्यन ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी, इंग्लैंड के द्वारा किया गया है। उसमें बताया गया है कि जो भी शाकाहारी व्यक्ति हैं उनको शरीर के किसी भी पार्ट में बोन फ्रैक्चर का खतरा बना रहता है। उनके इस अध्यन के अनुसार सबसे ज्यादा खतरा कुल्हे की हड्डी में फ्रैक्चर होने का खतरा अधिक होता है।
वहीँ एक और अध्यन के बारे में हम आपको बताते हैं जर्मन फेडरल फॉर असेसमेन्ट के द्वारा ये करी गई थी उनके अध्यन के अनुसार, एक वेजीटेरियन आहार को फॉलो करने वाले लोगों में कम अल्ट्रासाउंड वैल्यू थी, जो हड्डियों को कमजोर होने का संकेत देता है।
और भी बहुत सारे ऐसे अध्यन हैं जिनके अनुसार ये पता चला है कि प्रोटीन और कैल्शियम का सेवन सेहत के लिए जरूरी है। इसलिए यदि आप शाकाहारी हैं तो आपको अपनी डाइट का खासतौर पर अधिक ध्यान रखना चाहिए। ताकि बोन फ्रैक्चर का खतरा कम रहे।

Health Tips

इसलिए जानते हैं शाकाहारी लोग अपनी डाइट में क्या शामिल कर सकते हैं-
- फल और सब्जी को रोजाना करें डाइट में शामिल
वेजीटेरियन के लिए फल और सब्जी ही अच्छा सोर्स माना जाता है। इसमें प्रोटीन,कैल्शियम ,फाइबर, जिंक, मैग्नीशियम और पोषक तत्त्व होते हैं। आप अपनी डाइट में ब्रोकोली,गोभी,आलू, पपीता,अनार, स्प्रॉउट्स,संतरा, और नींबू शामिल कर सकते हैं।
-विटामिन डी और विटामिन सी को करें शामिल
विटामिन डी हड्डियों के लिए बहुत अच्छा होता है। विटामिन सी और विटामिन डी के सेवन से हड्डियां मजबूत होती हैं । संतरा,नींबू,मशरूम को डेली डाइट में शामिल कर सकते हैं।

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-प्रोटीन का सेवन करें
हड्डियों की मजबूती और उनके विकास के लिए प्रोटीन का सेवन बहुत जरूरी है। इसलिए प्रोटीन युक्त फूड्स का सेवन करना चाहिए।
-हड्डियों के लिए कैल्शियम का सेवन जरूरी
कैल्शियम की पर्याप्त मात्रा शरीर में होना जरूरी है। कैल्शियम का सेवन बोन फ्रैक्चर के खतरे को कम करता है। इसलिए शाकाहारी लोगों को अपनी डाइट में कैल्शियम का सेवन जरूर करना चाहिए। दूध,पनीर,बीन्स, पालक आदि का आप सेवन कर सकते हैं।

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Health Tips: कई रोगों के उपचार में पीपल के पत्ते हैं लाभकारी, जानें कब और कैसे करें सेवन

Health Tips: पवित्र पीपल वृक्ष को अनंतकाल से ही हिंदुओं द्वारा पूजा जाता है, लेकिन पीपल वृक्ष धार्मिक मान्यता के अलावा औषधीय गुणों से भरपूर है तथा अनेक असहाय मानी जाने वाली बीमारियों का पीपल के उपयोग से स्थायी उपचार किया जा सकता है। भारतीय उपमहाद्वीप में उगने वाले पीपल वृक्ष को औषधीय गुणों का भंडार माना जाता है तथा इसके उपयोग से नपुंसकता, अस्थमा, गुर्दे, कब्ज, अतिसार तथा अनेक रक्त विकारों का सुगम घरेलू उपचार किया जा सकता है। पीपल की पत्तियों, बीज, छाल, जड़े, तने, टहनियों में औषधीय गुणों का भंडार पाया जाता है। पीपल को प्राचीन भारतीय सांस्कृति काल से ही औषधीय पौधे के रूप में प्रयोग किया जाता है। पीपल के पौधे के औषधीय उपयोग से कई रोगों का सफल उपचार किया जा सकता है।


खूनी दस्त अतिसार :- पीपल के कोमल तने, बीज, क्रिस्टल चीनी को बराबर मात्रा में मिलाकर इसका मिश्रण बना लें तथा दिन में इस मिश्रण को आवश्यकतानुसार 3-4 बार लें। इसके सेवन से खूनी अतिसार बंद हो जाएंगे।
भूख कम लगना :- पीपल के पके हुए फलों के उपयोग से भूख कम लगना, खांसी, पित्त, रक्त संबंधी विकार तथा उल्टी का स्थायी उपचार संभव है।
पेट दर्द :- पीपल के पौधे की 2-5 पत्तियों का पेस्ट बनाकर उसे 50 ग्राम गुड़ में मिलाकर मिश्रण बना लें तथा इस मिश्रण की छोटी-छोटी गोलियां बनाकर दिन में 3-4 बार सेवन से पेट दर्द में राहत मिलेगी।
अस्थमा :- पीपल की छाल तथा पके हुए फलों का अलग-अलग पाउडर बनाकर उसे समान मात्रा में मिला लें। इस मिश्रण को दिन में 3-4 बार सेवन से अस्थमा रोग से मुक्ति मिलती है।
सांप काटने पर :- जहरीले सांप के काटे जाने पर पीपल की कोमल पत्तियों के रस की दो-दो बूंदे लें तथा उसकी पत्तियों को चबाएं। उससे सांप के विष का असर कम होगा।
त्वचा रोग :- पीपल की कोमल पत्तियों को चबाने से त्वचा की खारिश तथा अन्य रोगों का उपचार होता है। पीपल की पत्तियों की 40 मिलीलीटर चाय का सेवन भी अत्यंत प्रभावकारी साबित होता है।
दाद खाज खुजली :- 50 ग्राम पीपल की छाल की राख बनाकर, इसमें नींबू तथा घी मिलाकर इसका पेस्ट बना कर इस पेस्ट को प्रभावित अंगों पर लगाने से आपको तुरंत शीतलता प्राप्त होगी। पीपल की छाल की 40 मिलीलीटर चाय के प्रतिदिन सेवन से भी राहत मिलती है।
फटी एडिय़ां :- फटी एडिय़ों पर पीपल की पत्तियों का रस या उसका दूध लगाएं इससे इस समस्या में पूरा उपचार मिलेगा।
रक्त की शुद्धता :- 1-2 ग्राम पीपल बीज पाउडर को शहद में मिलाकर प्रतिदिन दो बार उपयोग से रक्त शुद्ध होता है।



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Health Tips: जानें कौनसी चाय सेहत को नहीं पहुंचाती नुक्सान, यहां पढ़ें पूरी डिटेल्स

Health Tips: ज्यादातर लोग चाय की चुस्कियां थकान मिटाने या आदत की वजह से पीते हैं। कई लोग चाय के सेवन को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक भी मानते हैं। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि कम ऑक्सीडेशन वाली चाय सेहत के लिए लाभकारी होती है। चाय को जितना कम प्रोसेस किया जाता है उसमें उतना ही ज्यादा स्वाद व खुशबू होने के साथ ही लाभकारी गुण भी होते हैं।

ओलोंग टी
एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर इस चाय में कैल्शियम, मैग्नीज, पोटेशियम, कॉपर और सेलेसियम होता है। यह वजन नियंत्रित करने, दांतों को खराब होने से रोकने और त्वचा को निखारने में मददगार होता है। यह चाय काले धब्बे और झुर्रियां कम करने के साथ ही सनस्क्रीन और टोनर के तौर पर भी काम करती है।

ब्लैक टी
यह डायबिटीज के स्तर को कम करने के अलावा दिल संबंधित बीमारियों की आशंका को भी घटाती है। इसके अलावा त्वचा के लिए भी लाभकारी होती है। यह रोम छिद्रों में कसावट लाने और चेहरे की रंगत निखारने में मदद करती है।

सफेद चाय
यह कॉलेस्ट्रॉल व ब्लड प्रेशर को कम करने में सहायक होती है। इसमें कैफीन की मात्रा कम और फिनॉल की मात्रा ज्यादा होती है। यह एलेस्टिन और कोलेजन को मजबूती देने के साथ ही झुर्रियां रोकने और मुंहासे ठीक करने में भी मदद करती है।

हर्बल टी
इसमें कैफीन नहीं होता है। यह त्वचा की एलर्जी में लाभकारी होने के साथ ही कैंसर से भी लडऩे में सहायक होता है।

ग्रीन टी
एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर यह चाय कोलेस्ट्रॉल कम करने और स्वस्थ कोशिकाओं को तेजी से बढऩे में मदद करता है। इस्तेमाल फेस स्क्रबर और टोनर के तौर पर भी किया जा सकता है।

यह होते हैं लाभ
चाय पीने से मेटाबॉलिज्म बढ़ता है खासतौर पर ग्रीन टी के सेवन से।
चाय में फ्लोराइड और टैनिन की उपस्थिति प्लाक को दूर रखता है। इससे दांत और मसूड़े स्वस्थ रहते हैं।
पॉलीफिनॉल और एंटीऑक्सिडेंट की मात्रा होने से चाय कैंसर से लडऩे में मददगार होती है।
किसी तरह की चीनी और दूध न मिलाया जाए तो चाय कैलोरी मुक्त होती है जो आपको कई तरह से रिफ्रेश कर देती है।
चाय पीने से धमनियां चिकनी और कॉलेस्ट्रॉल मुक्त होती हैं जिससे दिल का दौरा और स्ट्रोक का खतरा कम हो जाता है।



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Health News: बारिश के मौसम में जरूर खाएं भुट्टा, यह पेट के लिए है फायदेमंद

Weight Loss Tips: बारिश के मौसम में कच्ची मक्का या भुट्टा बेहद फायदेमंद माना जाता है। भुट्टा ऐसा अनाज है जिसे पकाने के बाद भी उसके पौष्टिक और एंटीऑक्सीडेंट गुण नष्ट नहीं होते बल्कि बढ़ जाते हैं। पेट के अल्सर से छुटकारा दिलाने में भुट्टे मददगार होते हैं।

कॉर्नफ्लेक्स के रूप में लेने पर यह हृदयरोग की रोकथाम में सहायक होता है। इसमें विटामिन बी और फॉलिक एसिड होता है जिससे खून की कमी दूर होती है।

इससे आयरन की कमी पूरी होती है। भुट्टा लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में खास भूमिका निभाता है।

भुट्टा आंतों में बैक्टीरिया या बीमारी फैलाने वाले जीवाणुओं को खत्म करता है जिससे कब्ज-बवासीर जैसी पाचन संबंधी समस्याएं नहीं होती।इससे दांत और मसूड़े भी मजबूत होते हैं।

दरअसल, मक्का अन्य अनाज की अपेक्षा बहुत फायदेमंद होता है। वैसे तो बाजार में कई प्रकार की मक्का आती है। लेकिन सभी फायदेमंद होती है । इस प्रकार करीब 100 ग्राम उबले हुए मक्का में 96% कैलोरी, 70% पानी, और 20% कार्ब्स होता है। इसमें कुछ मात्रा फाइबर, प्रोटीन और फेट भी होता है।

मक्का खाने के फायदे -

मक्का में कैरोटिनॉयड, जेकसेन्थिन, ल्यूटिन, एंटीऑक्सीडेंट आदि तत्व होते हैं। जो आंखों को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। ल्यूटिन आंखों को लैपटॉप और सेल फोन स्क्रीन की नीली रोशनी से उत्पन्न ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद करता है। इसमें मौजूद पोटैशियम आपके हृदय को स्वस्थ रखता है और फोलेट बच्चों के मानसिक विकास में वृद्धि करता है। इसलिए मक्का खाना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है।



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Health News: कच्ची हल्दी का अचार सेहत के लिए होता है बेहद फायदेमंद

Health Tips: कच्ची हल्दी पाउडर से ज्यादा गुणकारी है। यह सर्दी में आसानी से उपलब्ध होती है। यह कई रोगों से बचाव करती है। इसे सब्जी, अचार के अलावा हलवा या सलाद के रूप में खा सकते हैं। इसके एक छोटे टुकड़े को कुछ देर मुंह में रखने से गले में खराश, कफ, खांसी, जुकाम आदि में आराम मिलता है।

प्रमुख गुण
खाने का स्वाद बढ़ाने के अलावा एंटीबायोटिक तत्त्वों से भरपूर कच्ची हल्दी शरीर में बाहरी और आंतरिक दोनों तरह से असर करती है। बाहरी रूप से किसी घाव, चोट या फेसपैक में मिलाकर लगा सकते हैं। वहीं सब्जी, अचार या दूध में उबालकर पीना आंतरिक रूप से फायदेमंद है। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर खून साफ करने का काम करती है। उष्ण प्रकृति होने के कारण सर्दियों में इसका प्रयोग शरीर का तापमान सामान्य रखने में मददगार है। साथ ही सूजन की समस्या में कारगर है।

रोगों में आराम
गठिया रोगियों में दर्द-सूजन को दूर करती है। कफरोधक होने से मधुमेह रोगियों के लिए फायदेमंद है। रक्तसंचार बेहतर करने के साथ हल्दी सांस रोग जैसे अस्थमा में राहत पहुंचाती है। किसी प्रकार के पुराने दर्द, जोड़दर्द व त्वचा रोगों में यह उपयोगी है।

कौन न खाए
कच्ची हल्दी की सब्जी रोजाना खा सकते हैं। अचार सीमित मात्रा में खाएं। जिन्हें पेट में अल्सर, हाई बीपी, एसिडिटी, पेशाब या पेट में जलन हो वे डॉक्टरी सलाह से लें।

सामग्री
कच्ची हल्दी 1 किलो (हल्दी गठीली हो यानी नर्म न हो), नमक 30 ग्राम, लाल मिर्च पाउडर 20 ग्राम, दरदरी पिसी सौंफ -30 ग्राम, पिसी राई -20 ग्राम, कलौंजी - 10 ग्राम, काली मिर्च- 10 ग्राम, चुटकीभर हींग, सरसों का तेल 400 मिली।

हल्दी का अचार बनाने की विधि
हल्दी को अच्छी तरह से धोकर व छीलकर छाटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। दोबारा पानी से धोकर ३-४ घंटे अच्छी तरह सुखा लें। धीमी आंच पर कढाही में तेल गर्म कर हल्दी डालें, पांच मिनट तक हल्दी को कम आंच पर पकने दें। उसके बाद उसमें सभी मसाले मिलाएं। दो मिनट बाद गैस बंद कर दें। ठंडा होने पर कांच के बर्तन में रखें।



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Health News: जानें किन धातुओं के बर्तनों में पका हुआ खाना सेहत के लिए होता है गुणकारी, यहां पढ़ें

Health News: बर्तनों में खाना पकाने और खाने से भी शरीर पर उसका प्रभाव पड़ता है। पुराने समय में घरों में सबसे अधिक चांदी, पीतल और लोहे के बर्तनों का इस्तेमाल होता था जिनमें मौजूद सूक्ष्म तत्त्व (माइक्रो-एलिमेंट) खाने के साथ शरीर में जाकर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का काम करते हैं। ये बर्तन जिन तत्त्वों से बनते हैं वो जमीन के भीतर से निकालकर तैयार किए जाते हैं जिनमें सभी तरह के गुण होते हैं जो शरीर के लिए काफी फायदेमंद होते हैं।

खास बात ये है कि इन धातुओं से बने बर्तनों में खाना पकने या खाना खाने से शरीर के भीतर जो भी दूषित तत्त्व होते हैं बाहर निकल जाते हैं। इन धातुओं से बने बर्तनों में मौजूद तत्त्व शरीर में जाकर सकारात्मक असर दिखाते हैं। ध्यान रखने वाली बात यह है कि मौजूदा समय में इस्तेमाल होने वाले स्टील और एल्युमीनियम के बर्तनों में खाना पकाने या खाने से इनमें मौजूद तत्त्व भी शरीर के भीतर जाते हैं जिससे शरीर का भीतरी संतुलन खराब होता है। इसका नकारात्मक असर शरीर पर लंबे समय बाद दिखाई पड़ता है।

मिट्टी के बर्तन : शीतलता
मिट्टी के बर्तन में खाना बनाने से खाने के पोषक तत्त्व नष्ट नहीं होते हैं। सुराही का पानी शीतल होने के कारण प्यास बुझाता है और नुकसान नहीं करता। साथ ही पाचन क्षमता बेहतर करता है। इन पर बना खाना खाने से शरीर में हानिकारक तत्त्व नहीं जाते हैं।

लोहा : एनीमिया से राहत
लोहे के बर्तन में बना खाना खाने से शरीर में खून व आयरन की कमी नहीं होती। इन बर्तनों में पर्याप्त मात्रा में आयरन होता है जो खाने में मिलकर संतुलित रूप में शरीर में पहुंचता है। ऐसे लोग जिनमें आयरन की कमी है खासकर महिलाएं लोहे के बर्तनों में बना खाना जरूर लें। सब्जी लोहे की कढ़ाई में बनाई जाए तो पोषक तत्त्वों की पूर्ति होगी।

पीतल: पाचनतंत्र दुरुस्त
पीतल कॉपर और कांसा का मिश्रण होता है। इस बर्तन में तेज आग पर जब खाना बनता है तो इस मेटल के तत्त्व खाने में आ जाते इस कारण खाना लंबे समय तक सुरक्षित रहता है। पीतल के लोटे में पानी पीने शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढऩे के साथ मन-मस्तिष्क शांत और पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है। पुराने समय में पूजा-पाठ में पीतल के बर्तनों का प्रयोग किया जाता था क्योंकि इन्हें पवित्र माना जाता है।

पत्ते में खाना पकाने के फायदे
पत्ता सबसे शुद्ध होता है जिसमें किसी भी तरह का दूषित तत्त्व नहीं होता है। हरे केले के पत्ते में गरम खाना खाने से उसमें मौजूद हैल्दी बैक्टीरिया खाने के साथ मिलकर पेट में जाते हैं। ये आंतों को मजबूत बनाने के साथ उसकी कार्यक्षमता बढ़ाते हैं। पत्ते में खाना पकाने के भी बहुत फायदे हैं। हल्दी, केले और दूसरे पौधों के पत्तों में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं। इन पत्तों में लपेटकर खाना पकाया जाए तो वो बहुत हैल्दी और टेस्टी होता है। इन पत्तों में मौजूद बैक्टीरिया होते हैं जो शरीर में जाकर पाचन तंत्र को ठीक करते हैं। साथ ही उस खाने में जो पानी इस्तेमाल होता है उसे शुद्ध करने का काम करते हैं।

चांदी : हड्डियां मजबूत
चांदी भी शुद्ध होती है। इसके बर्तनों में खाना खाने से इसमें मौजूद तत्त्व आसानी से शरीर में पहुंच जाते हैं। ये तत्त्व शरीर की हड्डियों से लेकर मांसपेशी और रोग प्रतिरोधक क्षमता को संतुलित रखते हैं। कोई तत्त्व जो शरीर की इम्युनिटी घटाता उसे चांदी में मौजूद सूक्ष्म तत्त्व रोकने या खत्म करने का काम करते हैं। साथ ही रक्तसंचार बेहतर करते हैं।

सोना : मन सेहततंद
सोना खरा और शुद्ध होता है। सोने के बर्तन में खाना खाने से इस मेटल में मौजूद सूक्ष्म तत्त्व शरीर जाते हैं और बॉडी को मजबूत बनाने के साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं। ये भी कहा जाता है कि सोने के बर्तन में खाने से मन-मस्तिष्क सेहततंद रहता है और व्यक्ति ऊर्जावान रहता है।

तांबा : बीपी नियंत्रित
तांबे के बर्तन में रखा पानी पीने से यूरिन और पसीने के माध्यम से शारीरिक शोधन होता है। इस धातु में मौजूद तत्त्व पानी को शीतल बनाने के साथ साफ भी करने करते हैं। सुबह तांबे के बर्तन में रखा पानी पीने से शरीर में स्फूर्ति महसूस होती है। नियमित ऐसा करने से ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है और पेट संबंधी विकार भी दूर होते हैं।

इन बर्तनों में नहीं खाते तो ये करें...
सोने, चांदी, तांबे, पीतल व लोहे के बर्तन में बना या परोसा खाना नहीं खाते हैं तो साल में एक बार आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह से ‘शोधन थैरेपी’ ले सकते हैं। ये थैरेपी ऋतु के हिसाब से दी जाती हैं। इसकी मदद से शरीर से विषैले तत्त्वों को बाहर निकाल कर रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। थैरेपी के निम्न हिस्से हैं...

वस्ती
गुदा मार्ग से औषधि प्रवेश कराकर शरीर के दूषित तत्त्वों को बाहर निकालते हैं। ये थैरेपी मुख्य रूप से वर्षा के बाद या मध्य में दी जाती है।

विरेचन
दस्त के माध्यम हानिकारक तत्त्वों को बाहर निकालते हैं। यह थैरेपी आमतौर पर सर्दी की शुरूआत में देते हैं।

वमन
उल्टी कराकर शरीर से विषैले तत्त्वों को बाहर निकालते हैं। ये शोधन प्रक्रिया आमतौर पर वसंत ऋतु में की जाती है।



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Health Tips:आइए जानते हैं एसिडिटी में क्या खाएं और किन चीजों से दूरी बनाएं

नई दिल्ली। Health Tips: एसिडिटी की प्रॉब्लम होने के बाद डाइट को लेकर हमेसा एक सवाल रहता है कि क्या खाएं और क्या नहीं। यदि कुछ उल्टा-सीधा खा लेते हैं तो पेट में दर्द बना रहता है। और इसी के साथ बहुत सारी समस्याएं भी आ जाती हैं जैसी की अपच, पेट में दर्द होते रहना, जी मिचलाना आदि। ये धीरे-धीरे इतनी बड़ी प्रॉब्लम बन जाती है कि व्यक्ति इससे बेहद परेशान हो जाता है। पेट से जुड़ी हुई समस्या का खासतौर पर अधिक ध्यान रखने की जरूरत होती है। ध्यान रखें यदि आपका खाना-पीना अच्छा नहीं होगा तो बॉडी में भी इसका असर दिखना शुरू हो जाएगा। इसलिए ध्यान रखें की डाइट में हमेसा हरी सब्ज़ी जैसे पालक, लौकी, करेला, तरोई, भिंडी को जरूर शामिल करें। रोजाना फल खाएं, दूध पियें। ताकि बॉडी को जरूरी तत्त्व मिलते रहें। और आप फिट भी रहे। अगर आपको पेट से जुड़ी कोई प्रॉब्लम हो जाती है तो अच्छी डाइट ही उसको ठीक भी कर सकती है।
इसलिए आज हम आपको बताएंगे कि एसिडिटी होने पर कौन-कौन से चीजों को खाया जा सकता है।

सबसे पहले जानते हैं कि एसिडिटी होने पर किन चीजों का सेवन न करें
-अत्यधिक लहसुन सेवन करने से बचें क्योंकि लहसुन की तासीर गर्म होती है,इसलिए लहसुन का सेवन ज्यादा न करें।
-खट्टी चीज़ों से परहेज करें जैसे की विनेगर, आचार आदि ये और नुकसान पहुंचा सकते हैं।
-ज्यादा कोल्ड ड्रिंक्स, कॉफ़ी या चाय के सेवन से बचें। क्योंकि ये एसिडिटी की समस्या को और बढ़ा सकता है।
-ज्यादा तेल, मसाले, घी, मलाई और मक्खन के सेवन से बचें।
-जंक फूड्स से दूरी बना लें।
-कुछ दालें खाने से बचें जैसे की उड़द क्योंकि इनके सेवन से पेट में समस्या आ सकती है।


यह भी पढ़ें: पेट की समस्याओं से कैसे पाएं छुटकारा

Health Tips

अब जानते हैं एसिडिटी होने पर किन चीजों को अपनी रोजाना की डाइट में शामिल करें
-मूंग की दाल का सेवन ज्यादा से ज्यादा करें। क्योंकि ये आसानी से हजम हो जाती है।
-आप अपनी डाइट में अंडे के सफेद हिस्से को भी शामिल कर सकते हैं। इसमें प्रोटीन की प्रचुर मात्रा पाई जाती है।
-फलों को ज्यादा से ज्यादा खाएं जैसे की सेब, केला, पपीता, अनार, नासपाती आदि।
-हरी सब्ज़ियों को रोज खाएं। ये आपके पेट की समस्या को दूर करने में सहयता करेगी। जैसे कि लौकी, बीन्स, तरोई, करेला, पालक,बथुआ आदि।
-एक-साथ ज्यादा न खाएं। इस बात को ध्यान में रखें कि हमेसा थोड़ा-थोड़ी करके खाएं। ताकि खाना आसानी से पच जाए।


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Body ache : दिन भर काम करके थक गए हैं तो थकान दूर करने के लिए अपनाएं ये उपाय

कई महिलाओं पर घर और बाहर दोनों की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में वे ऑफिस का काम पूरा करने के बाद घर का काम भी करती हैं। जिससे उन्हें जमकर थकान होती है। ऐसे में वे दर्द से परेशान हो जाती हैं। अगर ऐसी समस्या आपके साथ में भी आती है। तो कुछ घरेलू उपाय से आप इस दर्द से निजात पा सकते हैं।

दरअसल, कई महिलाओं और पुरुष पर घर की पूरी जिम्मेदारी रहती है। कई बार वे दफ्तर से लौटकर घर का काम भी पूरा करते हैं। ऐसे में उन्हें काफी दर्द और थकान हो जाती है। जिससे उनके शरीर पर भी प्रभाव पड़ता है। ऐसे में वे कई बार दर्द निवारक दवाएं लेकर भी काम चलाते हैं। लेकिन बार बार दवाइयां शरीर के लिए फायदेमंद नहीं है। ऐसे में शरीर दर्द से निजात पाने के लिए आप कुछ घरेलू उपाय अपना सकते हैं। जिससे आपके शरीर को किसी प्रकार का नुकसान भी नहीं होगा।

अदरक का उपयोग करें-

अदरक का सेवन शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है। क्योंकि यह एंटीइन्फ्लेमेटरी तत्वों से भरपूर होता है। इससे शरीर का दर्द, सूजन आदि भी कम होती है। अगर आप अदरक के टुकड़े को कूट कर पानी में उबालें और इसे छानकर पी जाएं।तो इससे दर्द से काफी राहत मिलेगी।

हल्दी का दूध-

हल्दी का दूध आपकी थकान को दूर करने के लिए सबसे फायदेमंद है। आप रात को सोने से पहले एक गिलास दूध गर्म करें और उसमें एक चम्मच हल्दी डालकर पिए। जिससे आपको बदन दर्द में काफी आराम मिलेगा।

गुड़ का सेवन करें -

गुड़ का सेवन आपके शरीर के लिए बहुत फायदेमंद है। आप रोज रात को भोजन करने के बाद थोड़ा सा गुड का टुकड़ा खाएं। इससे आपको थकान में राहत मिलेगी और आपने आपको तरोताजा महसूस करेंगे।

सेब का सिरका उपयोग करें -

बदन दर्द को दूर करने के लिए आप सेब का सिरका का उपयोग कर सकते हैं। यह एंटीइन्फ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है। जिससे शरीर की सूजन को कम किया जा सकता है। इससे दर्द में भी आराम मिलता है। आप एक गिलास गर्म पानी में एक चम्मच एप्पल साइडर विनेगर मिलाएं और इसमें स्वादानुसार शहद डालकर पी लें। इससे दर्द से राहत मिलेगी।

सरसों के तेल से मालिश करें -

आपका बदन काफी दर्द कर रहा है और शरीर में सूजन है। तो आप सरसों के तेल का उपयोग कर सकते हैं। आप एक कप सरसों के तेल में चार कली लहसुन की कूट कर डालें और उसे अच्छे से गर्म करें। इसके बाद जब यह गुनगुना रह जाए, तो आप इसे दर्द वाली जगह पर लगाकर मालिश करें।

नमक से सिकाई करें -

नमक में पर्याप्त मात्रा में सल्फर और मैग्नीशियम पाया जाता है। इसलिए आप नमक गर्म करके एक कपड़े में डालें और इस से सिकाई करें। इससे आपको बदन दर्द से राहत मिलेगी।



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Fasting day : उपवास के दिन भी सेहत का रखें ध्यान, इन चीजों का जरूर करें सेवन

हर व्यक्ति कोई ना कोई व्रत या उपवास जरूर रखता है। उपवास ओर व्रत आस्था के साथ ही सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है। क्योंकि इससे हमारे शरीर को भी फायदा होता है। लेकिन उपवास के दौरान खाने-पीने में अत्यधिक कमी करना सेहत के लिए फायदेमंद नहीं है। आइए जानते हैं। वह कौन सी चीज है जिनका सेवन उपवास के दौरान भी करना सेहत के लिए ठीक रहता है।

जन्मअष्टमी का पर्व देश भर में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस दिन श्रद्धालु व्रत उपवास रखकर भगवान की आराधना में लीन रहते हैं। व्रत करना भी चाहिए। क्योंकि यह शरीर के लिए भी ठीक रहता है। क्योंकि व्रत करने से सप्ताह में 1 दिन आपके शरीर को भी आराम मिलता है। सप्ताह में 1 दिन व्रत रखने से हमारा पाचन तंत्र भी दुरुस्त होता है। अगर आप भी व्रत उपवास रख रहे हैं। तो इन बातों का जरूर ध्यान रखें।

भरपूर पानी पीएं-

व्रत या उपवास के दिन आपके शरीर में पानी की कमी हो जाती है। क्योंकि अन्न ग्रहण नहीं करने के कारण आप पानी भी बहुत कम पीते हैं। इसलिए अगर आप व्रत उपवास रख रहे हैं। तो आप भरपूर मात्रा में पानी पिए। इससे आपका शरीर हाइड्रेट रहेगा और आपके शरीर में एनर्जी भी रहेगी।

ड्राय फ्रूट्स का सेवन करें-

व्रत के दौरान अत्यधिक भूखा रहना भी ठीक नहीं है। क्योंकि खाली पेट संक्रमण का भय भी रहता है। ऐसे में आप अपनी इम्यूनिटी को स्ट्रांग रखने के लिए ड्राई फ्रूट का सेवन करें। व्रत की शुरुआत भी आप चाहे तो अखरोट, बादाम से कर सकते हैं।

फलों का सेवन करें-

व्रत के दिन आपकी एनर्जी बेहतर रहे और आपकी इम्युनिटी भी स्ट्रांग रहे। इसलिए आप अन्य चीजों की अपेक्षा फलों का सेवन जरूर करें। जिससे आपको भरपूर एनर्जी मिलेगी और आपको कमजोरी भी महसूस नहीं होगी।

दही की लस्सी ओर जूस पीएं-

आप अपने शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए दही की लस्सी और जूस का सेवन कर सकते हैं। जो व्रत में पिया भी जा सकता है और आपकी सेहत के लिए भी फायदेमंद रहेगा।



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Benefits Of Onions: जानते हैं प्याज से होने वाले फायदे के बारे में, स्किन से लेकर डायबिटीज तक में है फायदेमंद

नई दिल्ली। Benefits Of Onions: प्याज खाने के स्वाद को दो गुना बढ़ाता है। इसके बिना खाने का स्वाद अच्छा नहीं लगता है। प्याज का सेवन सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है। इसके साथ ही प्याज बालों के ग्रोथ के लिए अच्छा माना जाता है। इसलिए प्याज को हमें अपनी रोजाना की डाइट में शामिल करना चाहिए। प्याज को सब्जी या दाल में डाल के या सलाद के रूप में सेवन करा जा सकता है। प्याज के और फायदों की बात किया जाए तो इसमें विटामिन सी,विटामिन बी, पोटेशियम, एंटी ऑक्सीडेंट्स और एंटी इन्फ्लेमेटरी जैसे अनेक जरूरी तत्त्व पाए जाते हैं। साथ ही साथ ये शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को इम्प्रूव करने में भी लाभदायक होते हैं। इसलिए प्याज को अपने डेली के डाइट में जरूर शामिल करें।

Benefits Of Onion

जानते हैं प्याज से होने वाले और फायदों के बारे में-
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प्याज का सेवन ब्लड को थिन कर देता है। ये खून को नेचुरल थिनर बनाता है,जिससे हार्ट अटैक जैसी समस्या कम हो सकती है।
रोजाना यदि आप प्याज खाते हैं तो ये कोलेस्ट्रॉल के लेवल को भी कंट्रोल में रखता है।
-प्याज का सेवन बॉडी में खून का जमाव नहीं होने देता है।
-यदि बालों के टूटने या झड़ने की समस्या से आप परेशान हैं तो प्याज के रस का इस्तेमाल कर सकते हैं। ये बालों की झड़ने की समस्या को कम करेगा। और आपके बालों की ग्रोथ में भी सहायता करेगा।
-प्याज का सेवन बालों की ग्रोथ के साथ-साथ दांत और मसूड़े के दर्द से भी आराम पहुंचाते हैं।
-प्याज का रोजाना सेवन त्वचा में ग्लो लेकर आता है। इसलिए आपको प्याज अपनी डाइट में शामिल करनी चाहिए।
-जोड़ों या गठिया के दर्द से परेशान हैं तो प्याज के रस में सरसों का तेल मिलाकर लगाने से आराम मिलता है।
- गर्मियों में इसका सेवन अधिक करना चाहिए क्योंकि ये लू से बचाता है।

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Corona Epidemic: आइए जानते हैं कोरोना काल में क्यों बढ़ रही हैं लोगों की मानसिक परेशानियां

नई दिल्ली। Corona Epidemic: बूढ़े-बुजुर्ग से लेकर बच्चे तक सब मानसिक तनाव से परेशान हैं। बाहर आना-जाना बंद है, सोशल डिस्टेंस को बना के रखना है और सब कुछ ऑनलाइन होने के कारण बहुत सारी दिक्कतें आ गई हैं। बहुत लोगों की आर्थिक स्थिरता पर बुरा प्रभाव पड़ा है। जिनसे निकलना थोड़ा मुश्किल का काम है। पूरे दिन घर पर रहना और ऑनलाइन पढ़ना या काम करते रहना ये मानसिक परेशानी को बढ़ाने का काम है। जिसपर ध्यान देना बहुत जरूरी है। क्योंकि यदि हम मानसिक परेशानियों से गुजर रहे होंगे। तो धीरे-धीरे ये बीमारी और डिप्रेशन का कारण भी बन जाएगा। इसलिए शरीर के साथ दिमाग को भी फिट रखना चाहिए। ताकि बीमारियों से बचा जा सके।

क्यों हुई है ये समस्या
लोगों के भीतर मानसिक समस्या बढ़ना इसलिए भी शुरू हो गई है क्योंकि मिलना-जुलना, या कहीं पर भी आना जाना नहीं हो पा रहा है। हम अपने घर तक सीमित होकर रह गए हैं। इसलिए ये परेशानी देखी जा रही है। साथ ही साथ बीमारी से कैसे बच कर रहना है लोगों के दिमाग में इसका भी भय बना हुआ है। इसलिए लोगों के भीतर मानसिक समस्याएं देखने को मिल रही हैं।

Mental health

अब जानते हैं कि मानसिक परेशानियों से दूर कैसे रहना है
बॉडी का ध्यान रखें
यदि आपकी सेहत अच्छी रहेगी तभी आप फिट और खुश रहेंगे। इसलिए अपने सेहत पर खासतौर पर अधिक ध्यान दें। खाना-पीना अच्छा और ताजा खाएं। हरी सब्जियां और दूध का सेवन रोजाना करें। इसके आलावा रोज व्यायाम और मेडिटेशन करें। ये आपके शरीर से बीमारी को दूर रखेगा।

दिनचर्या के अनुसार काम करें
अपनी दिनचर्या तय करें। उसके तहत काम करें। रोजाना पढ़ाई और ऑफिस के काम से कुछ समय अपने लिए निकालें। इंडोर गेम्स खेलें, रोजाना परिवार के साथ बैठ कर कुछ बातें करें। ऐसा करने से आपको अच्छा लगेगा। और अपनी बातें भी अपने फैमिली से शेयर कर पाएंगे।

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कुछ नया सीखते रहें
कुछ न कुछ नया सीखने की कोशिश करें। ऐसा करने से आपकी स्किल भी इम्प्रूव होती जाएगी। अपने पसंदीदा काम करें और सीखें जैसे कि डांस करना, पेंटिंग बनाना, आर्टिकल्स पढ़ना या लिखना आदि। यदि ये काम आप रोज करेंगे तो ख़ुशी भी होगी और कुछ नया करने की प्रेरणा भी मिलेगी।

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Sunday, 29 August 2021

Janmashtami 2021 Rangoli Designs : जन्माष्टमी पर रंगोली बनाए तो इन बातों का जरूर रखें ध्यान

श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर श्रद्धालुओं द्वारा विभिन्न प्रकार के आयोजन किए जा रहे हैं। कोई मंदिर जाकर पूजा अर्चना कर रहा है। तो कोई घर पर रहकर ही भगवान कृष्ण की भक्ति में लीन है। ऐसे में लोग अपने घर आंगन में भी सजावट करने में कोई कमी नहीं छोड़ रहे हैं। अगर आप भी इस दिन अपने घर में सजावट कर रहे हैं। तो कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें।

Janmashtami 2021 Rangoli Designs : जन्माष्टमी पर रंगोली बनाए तो इन बातों का जरूर रखें ध्यानJanmashtami 2021 Rangoli Designs : जन्माष्टमी पर रंगोली बनाए तो इन बातों का जरूर रखें ध्यानJanmashtami 2021 Rangoli Designs : जन्माष्टमी पर रंगोली बनाए तो इन बातों का जरूर रखें ध्यानJanmashtami 2021 Rangoli Designs : कृष्ण जन्माष्टमी पर रंगोली से इस तरह सजाएं अपना घर-आंगन

श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर अगर आप अपने घर आंगन में ऐसी रंगोलियां सजा रहे हैं। जिसमें भगवान की आकृति हो तो आप उसे ऐसी जगह बनाएं जहां पर आने जाने वाले लोगों के पैर नहीं लगे। इससे भगवान का भी अपमान होता है।इसलिए कोशिश करें की भगवान की आकृति वाली रंगोली तैयार करें तो दरवाजे के साइड या आंगन में ऐसी जगह बनाएं। जहां किसी के पैर नहीं लगे। इसी के साथ इस बात का भी ध्यान रखें कि भगवान की आकृति वाली रंगोली घर के सामने सड़क पर भी बनाने से बचें। क्योंकि वहां पर भी आवाजाही करने वाले लोगों के पैर लगते हैं। ऐसे में आप आकर्षक डिजाइनों वाली फूलों और रंगों से बनने वाली ऐसी रंगोली बनाएं। जिस पर किसी के पैर भी लग जाएं। तो कोई दिक्कत नहीं हो।



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Best Serum For Skin: त्वचा की ढेरों समस्याएं और एक हल

नई दिल्ली। Best Serum For Skin: हमारे शरीर का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण अंग मानी जाती है। शरीर के आंतरिक और बाह्य दोनों में होने वाली किसी भी परेशानी का पता सबसे पहले त्वचा से ही पड़ता है। प्राचीन समय में तो आयुर्वेद ज्ञानी अथवा वैद्य मरीज के चेहरे अथवा त्वचा से ही काफी हद तक बीमारी का पता लगा लेते थे। हालांकि वर्तमान समय में बदलती जीवन शैली के कारण विभिन्न तरह की शारीरिक समस्याओं और उनके निजात ने भी जन्म लिया है। आज के दौर में त्वचा का सुंदर और चमकदार होना बहुत महत्वपूर्ण है, चेहरे पर एक मुंहासा होने पर भी हम घबरा जाते हैं। खासकर यह चिंता महिलाओं में देखने को अधिक मिलती है। वे तरह-तरह के नुस्खे अपनाकर अपनी त्वचा को किसी भी तरह की समस्या से बचाना चाहती हैं। अधिकतर शारीरिक समस्याओं से छुटकारा बेहतर खानपान और व्यायाम द्वारा मिल सकता है। परंतु कुछ त्वचा संबंधी समस्याएं ऐसी है जिनके लिए विटामिन आधारित उत्पादों के इस्तेमाल की सलाह दी जाती है। उनमें से एक है विटामिन-सी आधारित सीरम जो कि त्वचा संबंधी अनेक समस्याओं का रामबाण उपाय है।

1. त्वचा की देखभाल हेतु प्रयोग किए जाने वाले बहुत से विटामिन-सी आधारित उत्पादों में मैग्नीशियम एस्कॉर्बियल फॉस्फेट पाया जाता है, जो कि त्वचा की नमी को बनाए रखने का कार्य करता है।

2. त्वचा की रंगत को हल्का करने तथा सतह को चिकना बनाने के लिए भी इसका प्रयोग लाभदायक है।

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3. जब त्वचा में मेलेनिन ज्यादा मात्रा में बनता है तो एज स्पॉट्स और मेलाजमा जैसे कुछ चर्म रोग होने लगते हैं। विटामिन-सी सीरम को लगाने पर त्वचा में मेलेनिन बनना कम किया जा सकता है।

4. चेहरे पर महीन रेखाओं और आंखों के नीचे काले घेरों को हल्का करने के लिए भी विटामिन-सी सीरम एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है।

5. त्वचा में बनने वाले प्राकृतिक प्रोटीन कोलाजेन के उत्पादन को बढ़ाने के लिए भी विटामिन-सी सीरम कारगर है। क्योंकि कोलाजेन का उत्पादन घटने पर महीन रेखाएं और झुर्रियों जैसी समस्याएं उत्पन्न होने लगती हैं।

6. विटामिन सी सीरम एंटीऑक्सीडेंट से युक्त होता है तथा एंटीऑक्सीडेंट त्वचा स्वस्थ कोशिकाओं को बचाने का काम करता है।

7. विटामिन सी सीरम द्वारा त्वचा पर हुए जलन संक्रमण तथा अन्य घावों को शीघ्रता से भरने में मदद करता है।

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Amla Pack For Hair Growth: बालों के टूटने से हैं परेशान, तो अपना सकते हैं इन आसान से टिप्स को

नई दिल्ली। Amla Pack For Hair Growth: आज के समय बालों के झड़ने से सब परेशान हैं, ये एक आम बात हो गई है। बहुत सारे लोग बालों के टूटने में केमिकल्स का यूज़ कर लेते हैं। जिससे उनके बाल और ज्यादा टूटने शुरू हो जाते हैं। इसलिए यदि आप के साथ भी यही समस्या हो तो आंवला को अपनी डेली के डाइट में इस्तेमाल करके देख सकते हैं। आंवला में प्रचुर मात्रा में विटामिन सी पाई जाती है। जो आंखों की रोशनी और बालों के ग्रोथ के लिए बेहद फायदेमंद होती है। इसलिए इसे अपनी डाइट में रोजाना शामिल करें। आंवला को अनेक प्रकार से खाया जा सकता है। जैसे कि इसका मुरब्बा, चटनी या इसके जूस का आप सेवन कर सकते हैं।
आवलें को खाने के साथ आप इसके हेयर पैक्स को बालों में भी इस्तेमाल कर सकते हैं। जिससे बाल काले और घने हो जाएंगे। इनका इस्तेमाल बालों को सुंदर और चमकदार बना देगा।और इसको बनाना भी बेहद आसान है।

आंवला और शिकाकाई
आंवला बालों को टूटने से बचाता है, वहीं शिकाकाई बालों के ग्रोथ के लिए अच्छी मानी जाती है। इसलिए इनका हेयर पैक आप बालों में इस्तेमाल कर सकते हैं।
सबसे पहले एक कटोरे में आंवला और शिकाकाई का पाउडर लें। इन्हें आप बराबर की मात्रा में लें। फिर पानी डालकर इनका पेस्ट तैयार करें। उसके बाद अच्छी तरह से बालों के स्कैल्प से लेकर लेंथ तक लगा लें। फिर लगभग 1 घंटे तक बालों को छोड़ दें। उसके बाद इसे धोएं। हफ्ते में इस हेयर पैक्स का दो बार यूज़ किया जा सकता है। आंवला और शिकाकाई दोनों ही बालों के लिए अच्छे होते हैं।

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नींबू और आंवला
इसके बनाने के लिए एक कटोरी में बालों के लेंथ के अनुसार,आंवला पाउडर लें। फिर इसमें नींबू का रस मिला लें। इसके पेस्ट को बालों में लगाए और आधे घंटे के लिए छोड़ दें। फिर अच्छे से अपने बालों को वाश कर लें। नींबू और आंवला बालों को घना और मजबूत बना देगा।

आंवला और नारियल ऑइल
नारियल के तेल को एक छोटी कटोरी में अच्छे से गर्म करें। उसके बाद इस तेल में दो से तीन चम्मच आंवला का पाउडर मिलाएं। इन दोनों का पेस्ट तैयार करें। और बालों के स्कैल्प में लगाएं। इनके यूज़ से बालों का टूटना तो रुकेगा ही और बाल घने भी हो जाएंगे। इस पैक को आप एक या दो बार हफ्ते में लगा सकते हैं।

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Saturday, 28 August 2021

Health News: हड्डी के रोगों से बचाता है विटामिन- K, जानें किन सब्जियों में होती है इसकी प्रचुर मात्रा

Health News: हमारे शरीर में खून के थक्के बनाने का काम विटामिन-के करता है। इससे चोट लगने या किसी अन्य कारण से रक्तस्त्राव रुकता है। रक्त जमने की प्रक्रिया के दौरान विटामिन-के विभिन्न प्रोटीन, मिनरल्स और कैल्शियम को भी सक्रिय करता है। विटामिन-के हड्डियों को मजबूत करने के साथ धमनियों में कैल्शियम का जमाव रोकता है। इससे हृदय रोग व हृदयाघात का खतरा घटता है। विटामिन-के उम्र के बढ़ते प्रभाव को भी रोकता है। एक वयस्क पुरुष को हर रोज नियमित रूप से लगभग 120 माइक्रोग्राम और वयस्क महिला को 90 माइक्रोग्राम विटामिन-के लेना चाहिए।

चोट लगने पर लंबे समय तक खून बहना।
नाक या मसूड़ों से ब्लीडिंग।
विटामिन-के की अत्यधिक कमी हो तो पाचनतंत्र में भी ब्लीडिंग होने लगती है।
ऑपरेशन के दौरान अत्यधिक रक्तस्त्राव, धमनियों का सख्त होना।
पित्त की छोटी आंत की परेशानी, सिस्टिक फाइब्रोसिस। यूरिन में ब्लड आना।

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ये हैं अच्छे स्त्रोत

गोभी की तरह हरी पत्तेदार सब्जियों में सबसे ज्यादा विटामिन-के होता है। इसके एक कप में 1147 माइक्रोग्राम विटामिन है। बैंगनी या हरे रंग की पत्तियों वाली केल पकने के बाद मीठी और स्वादिष्ट हो जाती है। इसे सलाद के रूप में खा सकते हैं।

पालक आयरन के साथ विटामिन-ए व बीटा कैरोटीन का भी स्त्रोत है।
शलगम साग के एक कप में लगभग 441 मिलीग्राम विटामिन-ए, 851 माइक्रोग्राम विटामिन-के है। इसे साग या सलाद के रूप में खाएं।

चुकंदर के एक कप रस में में 276 मिलीग्राम विटामिन-ए, 697 माइक्रोग्राम विटामिन-के है। इसका सलाद भी ले सकते हंै।

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फूलगोभी के एक कप जूूस में लगभग 220 माइक्रोग्राम विटामिन-के है। इसमें आयरन, प्रोटीन, कैल्शियम, कार्बोहाइड्रेट, क्रोमियम, विटामिन-ए और सी भी पा सकते हैं।

विटामिन-के की कमी और रोग

इस तत्त्व की कमी से हृदय रोग व हृदयाघात का खतरा बढ़ता है। हृदयरोग का कारण है धमनियों का सख्त हो जाना। विटामिन-के धमनियों की लाइनिंग व शरीर के टिश्यूज से कैल्शियम हटाता है, जो धमनियों को मजबूत बनाता है।
गर्भवती महिलाओं के शरीर में विटामिन-के की कमी हो तो भ्रूण में इंटरनल ब्लीडिंग हो सकती है। गर्भस्थ शिशु की अंगुलियां विकृत हो सकती हैं। भ्रूण के संपूर्ण विकास में विटामिन-के मदद करता है। गर्भवती महिला को इसीलिए विटामिन-के सप्लीमेंट के रूप में दिया जाता है।

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इंटरनेशनल जर्नल ऑफ ओन्कोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार विटामिन-के कैंसर रोगियों में कैंसर सेल्स की वृद्धि रोकता है।



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Weight Loss Tips: वेटलॉस के लिए जरूर आजमाएं ये डाइट का फार्मूला

Weight Loss Tips: अक्सर शरीर की अतिरिक्त चर्बी घटाने के लिए लोग खानपान में बदलाव करते हैं लेकिन जब बात हाई कैलोरी फूड की आती है तो वे मुंह बनाने लगते हैं। शरीर का वजन घटाने में हाईकैलोरी फूड की अहम भूमिका होती है क्योंकि शरीर को ऊर्जा प्राप्त करनेे के लिए हाई कैलोरी की आवश्यकता होती है। जानिए कुछ ऐसे ही हाई कैलोरी फूड आइटम्स के बारे में जो वजन कम करने में सहायक होते हैं।

केला-

ज्यादातर लोगों मानते हैं कि केले का सेवन वजन बढ़ाने के लिए किया जाता है लेकिन हकीकत यह भी है कि केला वजन कम करने में भी अहम भूमिका निभाता है। वर्कआउट से पहले और वर्कआउट के बाद दोनों ही समय केले का सेवन किया जा सकता है।

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अंडे की जर्दी -

अंउे की जर्दी में विटामिन ए, के2 और बी समेत कई विटामिंस होते हैं। ये पोषक तत्त्व शरीर के मेटाबॉलिक फंक्शन को तेज करने में सहायक होते हैं। ऐसे में अगर आपका मेटाबॉलिज्म बढ़ेगा तो ज्यादा कैलोरी बर्न होगी। इसलिए बेहतर होगा कि आप अंडे की जर्दी को डाइट में शामिल करें।

सूखे मेवे -

कई रिसर्च से भी साबित हो चुका है कि सूखे मेवे वजन कम करने में मददगार होते हैं। नट्स में काफी मात्रा में प्रोटीन, फाइबर और गुड फैट्स पाया जाता है जो सेहत के लिए फायदेमंद हैं।

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घी-

घी अक्सर लोग डाइटिंग के दौरान अवॉयड करते हैं। लेकिन इसमें एक तरह का गुड फैट है। इसमें बहुत-सी स्वास्थ्यवर्धक कैलोरी होती हैं। इसके लिए रोजाना एक टेबलस्पून घी लें क्योंकि यह शरीर के लिए बेहद जरूरी है।

पीनट बटर -

वजन कम करने के लिए घर पर बना पीनट बटर एक बहुत अच्छा विकल्प है। ज्यादातर डायट चार्ट से पीनट बटर को सिर्फ इसलिए हटा दिया जाता है, क्योंकि प्रोसेस्ड पीनट बटर में अनावश्यक ट्रांसफैट व कैलोरी होती हैं, जिनसे वजन बढऩे का डर होता है। लेकिन घर पर बने पीनट बटर में भरपूर मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है। ऐसे में अगर वजन कम करना चाहते हैं तो इन फूड्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। साथ ही इन्हें एक तय मात्रा में ही लें।

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Health Tips: हरी सब्जि‍यां और फल में छुपा है सेहत का राज, जानें नियमित सेवन के फायदे

Health Tips: हरी सब्जियां और फल खाने के बहुत से फायदे आपको पहले से ही पता होंगे लेकिन ये एक ऐसा फायदा है जिसके बारे में शायद ही आपको पता हो। एक शोध के अनुसार, फल और सब्जियां खाने से एक ओर जहां कैंसर से बचाव होता है, वहीं दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी कम होता है। इसके साथ ही हरी सब्जियां और फल खाने वाले लोग सब्जियां और फल नहीं खाने वालों की तुलना में ज्यादा खुश रहते हैं।

लंदन की यूनिवर्सिटी ऑफ वारविक के प्रोफेसर ओसवाल्ड के अनुसार, फल और सब्जियां खाने से खुशी मिलती है और इसके चलते हमारी सेहत पर भी सकारात्मक असर पड़ता है। ये शोध उन लोगों पर किया गया जो बिल्कुल भी सब्जी और फल नहीं खाते थे। लेकिन जब उन्होंने ये खाना शुरू किया तो उन्हें खुद में पॉजिटिविटी फील हुई।

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ओसवाल्ड के अनुसार, डाइट में फलों और सब्जियों का उपभोग बढ़ाकर आप कुछ ही दिनों में फर्क देख सकते हैं। ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ क्वींसलैंड की शोधकर्ता रेडजो का कहना है कि फल और सब्जियों से हमें मनोवैज्ञानिक लाभ मिलता है और ये तुरंत मिलता है।

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Throat Dry : पानी पीने के बाद भी सूखता है गला, तो अपनाएं ये घरेलू उपाय

भले कि अभी बारिश का मौसम चल रहा है।लेकिन बारिश बंद होते ही अगर आप बाहर निकलते हैं। तो तेज धूप के कारण आपका गला सूखने लगता है। बार-बार पानी पीने के बावजूद भी आप का गला सूखता है। तो आप यह घरेलू उपाय अपनाएं। इससे गला सूखने की समस्या से निजात मिलेगी और आपको भी बेहतर लगेगा।

दरअसल, कई बार शरीर के अंदर का तापमान भी अधिक हो जाने के कारण आप को पानी पीने के बावजूद भी तरल पदार्थ की आवश्यकता महसूस होती है। ऐसे में आप पानी तो बार-बार पीते हैं। लेकिन फिर भी आप को पानी पीने की इच्छा होती है। अगर आपको भी ऐसी समस्या हो रही है। तो यह घरेलू उपाय अपनाएं।

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दही का सेवन करें -

-आप करीब 125 ग्राम दही, 60 ग्राम शक्कर, 5 ग्राम घी और 3 ग्राम शहद, पांच 5 ग्राम काली मिर्च ओर इलायची का पाउडर लेकर अच्छे से मिलाएं और इसे एक स्टील के बर्तन में रख दें ।इसका सेवन करने से आपको बार-बार लगने वाली प्यास से निजात मिलेगी।

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लौंग का सेवन करें -

-भरपूर पानी पीने के बाद भी आपका गला सूखता है और आपको प्यास लगती है। तो आप लौंग को मुंह में डालकर चूसें या फिर पानी में शहद मिलाकर कुल्ला करें। इससे गला नहीं सूखेगा और आप जायफल का एक टुकड़ा भी मुंह में डालकर चूस सकते हैं।

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गुड़ का सेवन करें -

-दही में गुड़ को मिलाकर खाने से भी प्यास बुझती है और गला सूखने की समस्या नहीं होती है।

जो का पानी पीएं-

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-भुने हुए जो के रस को पानी में घोलकर थोड़ा घी मिलाकर पीने से प्यास बुझती है। चावल की भूसी में शहद डालकर पीने से बार-बार प्यास लगने की समस्या से निजात मिलेगी। पान खाने से भी प्यास बुझती है और गला नहीं सूखता है।



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Healthy hair tips : आपके आहार पर निर्भर करती है बालों की सेहत, जरा इन बातों का रखें खाने में ध्यान

रूखे और बेजान, झड़ते बाल, बालों में डैंड्रफ आदि समस्याओं के कारण कई लोग परेशान रहते हैं। जिसमें महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। क्योंकि अगर उनके बाल ठीक नहीं होते हैं। तो उनकी खूबसूरती पर इसका सीधा प्रभाव पड़ता है। आप अपने बालों को मजबूत और घने बनाने और झड़ने से बचाने के लिए अपने आहार में कुछ चीजों को शामिल करना चाहिए।

दरअसल, कुछ प्रोटीन और विटामिन हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी होते हैं। यह हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य का ध्यान रखते हैं। इसलिए हमारे शरीर में अगर यह विटामिन पर्याप्त मात्रा में पहुंचेंगे। तो हमारा शरीर किसी भी प्रकार से कमजोर नहीं होगा। ऐसा ही बालों के साथ भी होता है। अगर उन्हें पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन, विटामिन मिलते रहेंगे।तो बाल भी स्वस्थ रहेंगे। आइए जानते हैं बालों को स्वस्थ रखने के लिए कौन से प्रोटीन विटामिन जरूरी होते हैं।

प्रोटीन के लिए खाएं यह चीजें-

हमारे शरीर को प्रोटीन अंडे, चिकन, फिश, पनीर, फलीदार सब्जियां, बादाम आदि से प्राप्त होता है। प्रोटीन हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी तत्व है।आप अगर पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन लेंगे। तो आपके बाल रूखे और कमजोर नहीं होंगे और बालों का झड़ना भी बंद हो जाएगा।

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आयरन की कमी नहीं होने दे-

अपने शरीर में आयरन की कमी की पूर्ति करने के लिए आपको हरी सब्जियां, गोभी, ब्रोकली, सलाद आदि का सेवन करना चाहिए। आयरन की पूर्ति रहने से आपके शरीर में खून की कमी भी नहीं होगी और हिमोग्लोबिन लेवल भी बराबर रहेगा। इससे आपके बाल भी मजबूत और घने होंगे।

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विटामिन सी का सेवन करें-

विटामिन सी हमारे शरीर के लिए हर तरह से फायदेमंद होता है। बालों की ग्रोथ के लिए भी विटामिन सी जरूरी है। आप विटामिन सी संतरा, अमरूद, कीवी, पपीता, स्ट्रॉबेरी, मीठे आलू , ब्रोकली, ब्लूबेरी आदि से प्राप्त कर सकते हैं।

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ओमेगा 3 फैटी एसिड-

शरीर के लिए कुछ फेट भी जरूरी होता है। ऐसा ही फैट ओमेगा 3 फैटी एसिड है। जो हमारा शरीर तैयार नहीं करता है। इससे आपके बालों और सिर को पर्याप्त तेल मिलता है। जिससे वे हाइड्रेट रहते हैं। यह मछलियों में पाया जाता है। शाकाहारी लोग इसे एवोकाडो, अखरोट, सीताफल आदि से प्राप्त कर सकते हैं।

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विटामिन ए-

विटामिन ए का सेवन हमारे शरीर के लिए विभिन्न प्रकार से फायदेमंद होता है। यह हमारी आंखों के लिए भी लाभदायक होता है। हमारे बालों के लिए भी फायदेमंद होता है। इसलिए आप विटामिन ए का सेवन जरूर करें। यह आपको गाजर, सीताफल, मीठे आलू सहित अन्य पदार्थों से मिल सकता है। इसका सेवन करने से आपके शरीर को कई प्रकार के फायदे होंगे।



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Iron deficiency : लोहे की कढ़ाई में तैयार भोजन से नहीं होगी शरीर में आयरन की कमी

जो लोग अपनी सेहत का विशेष रूप से ध्यान रखते हैं। वह आज भी लोहे की कढ़ाई में भोजन तैयार करते हैं। क्योंकि उसमें तैयार भोजन से शरीर में आयरन की कमी नहीं होती है। आइए जानते हैं। लोहे की कढ़ाई में तैयार किए गए भोजन से क्या-क्या फायदे होते हैं।

दरअसल, पहले के समय में लोहे के बर्तन बहुत अधिक चलते थे। लोग उनका उपयोग करते थे इसलिए उन्हें कई बीमारियां नहीं होती थी और शरीर में भी आयरन सहित अन्य तत्वों की कमी नहीं होती थी। क्योंकि लोहे और पीतल के बर्तन अधिक उपयोग किए जाते थे। लेकिन अब नॉन स्टिक बर्तनों का उपयोग शुरू हो गया है। ऐसे में भोजन पकाने से कोई फायदा भी नहीं मिलता है। आइए जानते हैं। लोहे की कढ़ाई में तैयार किए गए भोजन को खाने से क्या फायदा होता है।

आयरन की नहीं होगी कमी -

अगर आप लोहे की कढ़ाई में सब्जियों को पकाते हैं। तो इससे आपके शरीर में आयरन की कमी नहीं होगी। क्योंकि जिस बर्तन में हम भोजन पकाते हैं। उसका तत्व भी भोजन में आता है। इससे आपके शरीर में लौह तत्व की कमी नहीं होगी। इससे आपका शरीर भी मजबूत रहेगा।

देर तक रहती है गरम-

लोहे की कढ़ाई में भोजन तैयार करने से यह भी फायदा होता है कि यह अधिक देर तक गर्म रहती है। जिससे भोजन भी बराबर बनता है। रोटी भी लोहे के तवे पर तैयार करने से अच्छे से पक जाती है, कच्ची नहीं रहती है। जबकि नॉनस्टिक तवे या अन्य किसी धातु के तवे पर रोटी बनाए तो वह ठीक से सिक नहीं पाती है।

लंबे समय तक चलते हैं बर्तन -

लोहे के बर्तन लंबे समय तक चलते हैं। जबकि नॉनस्टिक या अन्य धातु के बर्तन कम समय में ही खराब हो जाते हैं और उनकी देखरेख भी ठीक से करनी पड़ती है। लोहा अन्य धातु की अपेक्षा सस्ता भी होता है। इसलिए यह कम कीमत में भी आ जाता है और लोहे के बर्तन साफ भी आसानी से हो जाते हैं।



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Digestion Tips: पाचन तंत्र को मजबूत बनाना है, तो फॉलो कर सकते हैं इन टिप्स को

नई दिल्ली। Digestion Tips: शरीर को फिट रखने के लिए पाचन तंत्र का मजबूत होना जरूरी है। यदि पाचन तंत्र मजबूत नहीं होता है तो बीमारी का खतरा शरीर में बना रहता है। आजकल का खाना पीना भी कुछ इस प्रकार का हो गया है कि वो हमारे पाचन तंत्र को धीरे-धीरे कमजोर बनाता जाता है। जिससे हम कमजोर होना शुरू हो जाते हैं। इसलिए पाचन तंत्र को यदि मजबूत रखना है तो, खाना पीना और लाइफस्टाइल का ध्यान देने की अत्यधिक जरूरत होती है। डाइट में फ्रूट्स, हरी सब्जी और दूध को जरूर शामिल करें। इसके साथ ही रोज व्यायाम करें। तब जाकर आप फिट रह पाएंगे।

Digestion Tips

विटामिन सी युक्त फूड्स को डाइट में शामिल करें
विटामिन सी पेट के लिए तो फायदेमंद होता ही है इसके साथ ही स्किन में ग्लो भी लेकर आता है। विटामिन सी से युक्त फूड्स का सेवन पाचन तंत्र को मजबूत रखने में फायदेमंद साबित होता है। इसलिए रोजाना विटामिन सी को अपने डाइट में जरूर शामिल करें। गन्ना, नींबू, संतरा, ब्रोकली, कीवी आदि चीजों को अपने डाइट में जरूर शामिल कर सकते हैं।


फाइबर युक्त आहार डाइट में शामिल करें
फाइबर पाचन को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाता है। सब्जी, फल, अनाज, बीन्स, फलियां इनमें फाइबर की प्रचुर मात्रा पाई जाती है। इसलिए इन्हें अपने रोजाना के डाइट में जरूर शामिल करें।

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ठंडे पानी का उपयोग कम करें
यदि आपको ठंडा पानी पीना पसंद हैं तो तुरंत ही सतर्क हो जाएँ। ठंडा पानी शरीर के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। इसलिए नार्मल या गुनगुने पानी का ही सेवन करें। पानी बॉडी के लिए बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण चीजों में से एक है। इसकी कमी से हम बीमार हो सकते हैं। इसलिए रोजना लगभग 8 से 10 गिलास पानी जरूर पियें। ताकि आपका पाचन तंत्र मजबूत रह सके।

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रोजाना व्यायाम करें
सुबह जल्दी उठें और कुछ देर व्यायाम जरूर करें। रोजाना व्यायाम करने से आपका पाचन तंत्र मजबूत हो जाएगा। और आपका वजन भी नहीं बढ़ेगा। इसलिए टहलें, योग करें और अपने शरीर को फिट बनाएं।

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Health Tips : सेहतमंद रहने के लिए महिलाओं और पुरुषों को लेनी चाहिए इतनी कैलोरी

सेहतमंद रहने के लिए हमें पौष्टिक चीजों का सेवन तो करना ही चाहिए। लेकिन इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि हमें फिट और तंदुरुस्त रहने के लिए कितनी कैलोरी ग्रहण करना चाहिए। अगर आप रोजाना इतनी कैलोरी से अधिक ग्रहण करते हैं। तो वह आपके लिए मोटापे का कारण भी बन सकती है। वहीं ओसत से कम कैलोरी ग्रहण करना आपकी कमजोरी भी हो सकती है।

दरअसल, महिला और पुरुष दोनों को अलग-अलग प्रकार से काम करना होता है। इसलिए उनके शरीर को ऊर्जा भी अलग-अलग मात्रा में चाहिए होती है। इसलिए 19 से 25 साल के युवा को रोजाना 2800 कैलोरीज ग्रहण करना चाहिए।वही 26 से 45 साल के व्यक्ति को 2100 कैलोरी की जरूरत होती है।

इसी प्रकार 18 से 25 साल की लड़कियों को रोजाना 2200 कैलोरी ग्रहण करना चाहिए। वही 26 से 50 साल की महिलाओं को 1 दिन में 2000 कैलोरीज जरूरी होती है।

इस तरह अकाउंट कर सकते हैं कैलोरीज-

आप अपने आहार में जो चीज शामिल करते हैं। उसकी कैलोरी काउंट कर सकते हैं। ताकि आपको पर्याप्त आहार लेने में परेशानी नहीं हो। इसलिए हरा प्याज 60 ग्राम में 50 कैलोरी, 90 ग्राम गवारफली में 50 कैलोरी, पकी हुई सब्जी आधा कटोरी में 50 कैलोरी, 30 ग्राम शकरकंद में 50 कैलोरी, 30 ग्राम साबूदाना में 50 कैलोरी, 30 ग्राम चावल में 100 कैलोरी, 30 ग्राम गेहूं के कच्चे आटे में 100 कैलोरी, 30 ग्राम दलिया में 100 कैलोरी, 2 स्लाइस ब्रेड में 100 कैलोरी, एक चपाती में 100 कैलोरी, ज्वार की रोटी में 100 कैलोरी, डोसे में 100 कैलोरी, आधा कटोरी पोहा में 100 कैलोरी, आधा कटोरी उपमा में 100 कैलोरी, दो इडली में 100 कैलोरी, 30 ग्राम बेसन में 100 कैलोरी, चने की दाल 30 ग्राम में 100 कैलोरी, काबुली चना 30 ग्राम में 100 कैलोरी, अरहर की दाल 30 ग्राम में भी 100 कैलोरी होती है। 15 ग्राम पनीर में 50 कैलोरी होती है। 40 मिलीग्राम भैंस के दूध में 50 कैलोरी होती है। 90 मिलीग्राम गाय के दूध में 50 कैलोरी होती है। 75 मिलीग्राम कॉफी में 50 कैलोरी होती है। दूध की चाय 75 मिलीग्राम में 50 कैलोरी होती है।



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Jackfruit Benefits: मतभेद और अंधविश्वास से घिरा कटहल है गुणों की खान

नई दिल्ली। Jackfruit Benefits: कहीं सब्जी अथवा कहीं फल कहे जाने वाले कटहल को लेकर कई मतभेद चलते आ रहे हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि कई स्थानों पर तो इस कटहल को इसकी आकृति और रूप के कारण तंत्र-मंत्र से जोड़कर अशुभ तक माना जाता है। परंतु पकने पर बहुत मीठा और स्वादिष्ट लगने वाले कटहल से सब्जी, अचार या पकोड़े तक बनाए जा सकते हैं। यह फल केवल जायकेदार व्यंजन बनाने में ही गुणों से भरपूर होने के कारण कई बीमारियों से लड़ने में मदद करता है। आइए जानते हैं कि कटहल का सेवन करके कौन-कौन सी शारीरिक समस्याएं दूर की जा सकती हैं:

1. पोटेशियम, कैल्शियम, विटामिन सी, विटामिन-ए, थाइमिन जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण कटहल में बिल्कुल भी कैलोरी नहीं होती है। पके हुए कटहल के गूदे को मसलकर पानी में उबाल लें तथा इस पानी को ठंडा करके सेवन करें। यह दिल के रोगियों के लिए फायदेमंद होता है।

2. शरीर में रक्त संचार सही करने या खून की कमी को दूर करने के लिए भी इस रेशेदार सब्जी या फल का उपयोग किया जा सकता है।

3. कटहल की जड़ को पानी में उबाल लें और फिर इस पानी को छानकर अस्थमा के मरीजों को पिलाने से लाभ होता है।

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4. ओस्टियोपोरोसिस की समस्या से निजात पाने या हड्डियों को मजबूती बनाने के लिए भी मैग्नीशियम युक्त कटहल का इस्तेमाल करना गुणकारी माना जाता है।

5. अगर आपको बीमारियां जल्दी पकड़ लेती हैं तो विटामिन-ए एवं सी युक्त कटहल का सेवन बेहतरीन चुनाव हो सकता है। जो हमें वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण से बचाकर रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोतरी करता है।

6. आंखों की रोशनी बढ़ाने और त्वचा को चमकदार बनाने के लिए भी कटहल का उपयोग लाभदायक होता है।

7. कटहल ही नहीं बल्कि इसकी पत्तियां भी बड़े काम की हैं। कटहल की ताजा पत्तियों को धोकर सुखा लें तथा इससे बनी राख को अल्सर के रोगियों को दें।

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