Friday, 31 March 2023

मौसम बदलने पर बार-बार सर्दी-जुकाम हो जाता है तो अनाज बदल-बदल कर खाएं

यदि कोई व्यक्ति हर बदलते मौसम में बीमार हो रहा है, तो इसका बड़ा कारण है कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी)। कोरोनाकाल के बाद से हर उम्र के लोगों की इम्युनिटी पर असर पड़ा है। अभी बार-बार मौसम में बदलाव होने से कई रोगों के मामले बढ़ रहे हैं। अभी से मलेरिया, डेंगू के मामले सामने आने लगे हैं। इन दिनों इन्फ्लुएंजा वायरस का सबसे अधिक प्रकोप है। एच3एन2 वायरस हालांकि घातक नहीं है, लेकिन यह लोगों को ज्यादा दिनों तक बीमार कर रहा है। इस समय अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। जो लोग बार-बार बीमार पड़ते हैं, बुजुर्ग, बच्चे या जिन लोगों को डायबिटीज, हाइपरटेंशन है। उन्हें अपने खानपान, पहनावे और जीवनशैली पर अधिक ध्यान देना चाहिए। बदलते मौसम में अपनी प्रकृति के अनुसार सक्रिय वायरस-बैक्टीरिया का हमला कमजोर इम्युनिटी वालों पर अधिक होता है।

अंकुरित अनाज खाएं:

इसको गुणों का खजाना कहते हैं। इनमें अंकुरित मूंग, मोठ, चना आदि लें। इनमें प्रोटीन अधिक होता है, जिससे इम्युनिटी मजबूत होती है।

बदल-बदलकर अनाज खाएं:

मौसमी चीजें और अनाजों को बदल-बदल कर खाना चाहिए। इससे हर पोषक तत्व की पूर्ति होती है।

हल्दी, तुलसी और अदरक का सेवन करें:

इनमें एंटीऑक्सीडेंट्स के साथ एंटीवायरल, एंटीफंगल गुण होते हैं। इससे इम्युनिटी बढ़ती है।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/D7rRSQA

Thursday, 30 March 2023

Go Natural: केमिकल से रहें दूर, इन ऑर्गेनिक काजल से आंखों को दें परफेक्ट लुक

Ditch the Chemicals : श्रृंगार चाहे जितना भी कम या ज़्यादा हो आँखों के काजल की बात ही कुछ और है। काजल लग जाने से जैसे आंखें बोल उठती हैं। मार्किट में कई तरह के काजल और आईलाइनर अवेलेबल हैं लेकिन हमारी आंखों की सेहत के लिए ऑर्गेनिक काजल बेस्ट होते हैं। ये आंखों के लिए सेफ ऑप्शन है। इनमें अक्सर नेचुरल इंग्रेडिएंट्स जैसे कि बादाम ऑयल, केस्टर ऑयल या शीया बटर होते हैं जो हमारी आंखों की नाजुक त्वचा को मॉइस्चराइज और नरीश करने में मदद करते है। अपनी आंखों को हम ज़्यादा काजल से बोल्ड और ड्रामेटिक भी दिखा सकते हैं, बिना इस डर के की इसमें कहीं कोई केमिकल तो नहीं। आर्गेनिक काजल की एक और खास बात यह होती है की ये लम्बे समय तक चलता है और स्मज-प्रूफ होता है। अगर आप आर्गेनिक काजल खरीदना चाहते हैं पर ये सोच रहे हैं कि कौन सा ब्रांड लें तो हम आपकी मुश्किल आसान कर देते हैं। यहां हमने कुछ आर्गेनिक काजल के ब्रांड शेयर किया है।

kajal-1963364_1280.jpg


Soul Tree Ayurvedic Kajal : यह काजल घी, आलमंड ऑयल और नेचुरल पिगमेंट्स जैसे इंग्रेडिएंट्स से तैयार किया गया है। यह उन लोगों के लिए बेहतरीन है जिनकी स्किन सेंसिटिव है

Plum Natur Studio All-Day-Wear Kohl Kajal : यह काजल स्मूथ होने के साथ-साथ पिग्मेंटेड है। यह स्मज-प्रूफ, वाटर-प्रूफ और लंबे समय तक चलने वाला काजल है। आंखों की देखभाल के लिए इसमें विटामिन इ है। कहा जाता है यह नेचुरल और वीगन सामग्री जैसे जोजोबा ऑयल, मकदमिया ऑयल और शिया बटर से बनाया गया है।

Forest Essentials Natural Eye Kohl : यह काजल घी और बादाम के तेल जैसे नेचुरल इंग्रेडिएंट्स से बना है। यह आंखों के लिए सॉफ्ट होने के साथ ही सेंसिटिव स्किन वाले लोगों के लिए बेस्ट काजल है। कहते हैं आंखों को शांत करने और तनाव को दूर करने के लिए यह काजल कारगर है।

Kama Ayurveda Natural Kajal : दूसरे आर्गेनिक काजल की तरह यह भी नेचुरल सामग्री जैसे घी, कपूर और बादाम के तेल से बनाया जाता है। यह लंबे समय तक चलने वाला और स्मज-प्रूफ है, पूरे दिन पहनने के लिए एकदम सही है।

Biotique Bio Kaajal : इस काजल के काले रंग की बात ही कुछ और है। यह काजल आर्गेनिक सामग्री जैसे बादाम का तेल, कैस्टर तेल और कपूर से बना है। इसे लगाना आसान है और इसका काला आंखों पर घंटों तक टिकता है।

यह भी पढ़ें : इन आसान घरेलू उपचार से बालों की समस्याओं को कहें अलविदा



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/f1aZe7J

Sunday, 26 March 2023

जानिए कौन से परफ्यूम बेस्ट हैं आपके हर मूड और मौके के लिए

Pick your favourite perfume : अक्सर लोग आपसे पहले आपकी खुशबू को नोटिस करते हैं और कुछ लोग आपसे पहले आपकी लगाई हुई सुगन्धि से इम्प्रेस होजाते है। यह भी हो सकता है की आपका परफ्यूम आपकी पहचान बन जाए। कहते हैं एक परफ्यूम हमारे बॉडी को खुशबू देने के साथ साथ हमारा मूड भी बदल देता है। यहां तक की ऐसा भी माना जाता है की एक अच्छा परफ्यूम लगाने से ना सिर्फ हम अट्रैक्टिव लगते हैं बल्कि हम अपने आत्मविश्वास को एक अच्छा शानदार बूस्ट देते है। इससे हो सकता है हमारी लाइफ को एक पॉजिटिव आउटलुक मिले। पर्सनली भी अच्छी खुशबू हमारे अंदर एक नयी और पॉजिटिव एनर्जी देती है। कई परफ्यूम में नेचुरल ऑयल्स होते हैं जिनसे अरोमाथेरेपी होते हैं। जैसे ऑरेंज और लेमन सेंट्स अपलिफ्टिंग और एनर्जाइजर होते हैं तो लैवेंडर मूड को कूल रखने में मदद करता है।

Must-Try Perfumes for Every Mood : वैसे तो अच्छे परफ्यूम की लिस्ट बहुत लम्बी है लेकिन उनमें से कुछ हम आपके लिए यहां शेयर कर रहे हैं।

Chanel No. 5 : फ्लोरल और वुडी सेंट में मिलने वाला यह परफ्यूम सबसे ज़्यादा पसंद किये जाने वाले परफ्यूम में से एक है। निकोल किडमैन, मार्लियन मोनरो और ब्रैड पिट्ट जैसे हॉलीवुड सेलिब्रिटीज इसके ब्रांड अम्बस्सॉर्डस रह चुके हैं।

Dior J'adore : अगर आपको फ्लोरल सेंट पसंद है तो यह परफ्यूम आपके लिए है। इसमें फूलों की खुशबू के साथ ही वो फ्रेशनेस भी है जो किसी के भी सेंसेस एक्टिव कर देते हैं ।

Tom Ford Black Orchid : इसका अनोखा सेंट काफी सेंसुअल है। इस परफ्यूम में ब्लैक ट्रफल, इलंग-इलंग और बर्गमोट की सुगंध है।

Calvin Klein Euphoria : अनार, ब्लैक ऑर्किड और महोगनी की लकड़ी से बना यह इस परफ्यूम एक्स्ट्रा सेंसुअल हैं।

Gucci Guilty : अगर आपकी पसंद वाइल्ड और स्पाइसी है तो आपके लिए बना है गुची का यह शानदार परफ्यूम।

Carolina Herrera Good Girl : यह कई वीमेन का फेवरेट परफ्यूम है। इसकी बोतल भी काफी इम्प्रेससिवे है। जैस्मीन, रजनीगंधा, और टोंका बीन को एक साथ ब्लेंड करके बनाया गया है यह परफ्यूम।

Yves Saint Laurent Black Opium: बोल्ड टेस्ट के लिए परफेक्ट है यह कॉफी, वेनिला और वाइट फ्लावर्स से बना यह मोहक सेंट।

यह भी पढ़ें : oraimo ने इलेक्ट्रिक टूथब्रश लेकर स्मार्ट ट्रिमर की नई रेंज को किया लॉन्च



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/abq8fkW

Friday, 24 March 2023

Summer Care : गर्मियों में घर पर ऐसे करें त्वचा और बालों की देखभाल

Home Remedies for summer skin and hair care : सर्दी के मौसम की तरह गर्मियों में भी स्किन और हेयर की देखभाल बहुत जरूरी होती है। गर्मी के मौसम में धूप और धूल मिट्टी के कारण त्वचा और बालों को नुकसान पहुंचता है। इसलिए उनकी देखरेख का पूरा ख्याल रखना होता है। खुद को धूप से बचने और गर्मी से होने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए अच्छे सनस्क्रीन, सनग्लासेस, और स्कार्फ़ का इस्तेमाल करना आवश्यक है। इसके अलावा गर्मियों में त्वचा पर जमती हुई धूल, मिट्टी और पसीने की गंदगी को हटाने के लिए अच्छा स्क्रब, हर्बल साबुन और फेसवाश यूज कर सकते हैं। इन सबके के साथ ही कुछ होम रेमेडीज आजमाने से स्किन और हेयर की बढ़िया देखभाल की जा सकती है।


1. सुबह उठ कर चाय कॉफी की बजाय नारियल पानी पीने से स्किन और हेयर दोनों स्वस्थ रहते हैं।

2. स्किन को सॉफ्ट करने के लिए कच्चा दूध या मलाई चेहरे और हाथों पर लगाकर कुछ देर छोड़ दें। बाद में ठंडे पानी से धू लें। इससे स्किन ग्लो हो जायेगी।

3. टी बैग्स को भीगा कर फ्रिज में रखकर ठंडा करें। बाद में इन ठंडे टी बैग्स को आंखों पर रखें। इसे धीरे -धीरे चेहरे पर भी मसाज कर सकते हैं। ठंडे टी बैग्स से आपकी थकी हुई आंखों को आराम मिलेगा और चेहरा भी खिल उठेगा।

4. अपने चेहरे पर ग्लो लाने के लिए नींबू के रस में शहद और दही मिलाकर चेहरे पर लगाएं, कुछ देर बाद चेहरा धो लें। इसी तरह शहद, नींबू और दही का मिक्सचर बालों पर लगाने से बाल भी सॉफ्ट होते है।

5. सिर्फ नींबू का रस और शहद मिलाकर पर लगाने से भी स्किन ग्लो करने लगती हैं। ऐसा करने से धूल भी साफ़ होती है। सोने से पहले नींबू का रस और शहद मिलाकर लगाने से त्वचा निखरती है। 10 मिनट बाद धो लें।

6. स्किन को सॉफ्ट करने के लिए कच्चा दूध या मलाई चेहरे और हाथों पर लगाकर कुछ देर छोड़ दें। बाद में ठंडे पानी से धू लें। इससे स्किन ग्लो हो जायेगी।

7. सॉफ्ट स्किन के लिए ऑलिव ऑयल लगाकर मसाज करना फायदेमंद है।

8. शहद, नींबू और दही का मिश्रण बालों पर लगाने से बाल मुलायम होते है।

यह भी पढ़ें : घर हो या ऑफिस, जानिए क्यों जरूरी लंच के बाद दोपहर की झपकी



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/d5GyiLE

Tuesday, 21 March 2023

Best Summer Drinks For Diabetes: गर्मी में शुगर कंट्रोल में रखने के लिए डायबिटीज के मरीज ट्राई करें ये ड्रिंक्स

Best Summer Drinks For Diabetes: आमतौर पर लोग गर्मी के मौसम में सेहत का ध्यान रखते हुए ही डाइट फॉलो करते हैं। लेकिन मधुमेह (Diabetes) के मरीजों के लिए यह बिल्कुल भी आसान नहीं होता है। एक्सपर्ट्स से आपने डायबिटीज की डाइट के बारे में बहुत कुछ सुना होगा। ऐसे में ब्लड शुगर को नियंत्रित करने के लिए कौन से पेय पदार्थों का सेवन करना चाहिए। जो आपके ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखने में मदद कर सके। रेडी-टू-ड्रिंक अधिक चीनी और स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने वाली होती हैं। लंबे समय तक ब्लड शुगर को कंट्रोल नहीं करने से शरीर के कई अंग डैमेज होने का जोखिम होता है। गर्मियों का मौसम शुरू हो गया है और इस मौसम में आपको अपने ब्लड शुगर को कंट्रोल रखना जरूरी है। डायबिटीज को कंट्रोल में करने के लिए इन ड्रिंक्स का सेवन कर सकते है।


नींबू पानी -

गर्मियों में डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए नींबू पानी बहुत ही फायदेमंद है। नींबू पानी बनाते समय उसमें चीनी की जगह काला नमक डालें। यह आपकी एनर्जी बढ़ाने के साथ ही ब्लड शुगर लेवल को प्रभावित नहीं करेगा।

वेजिटेबल जूस -
आप अपनी पसंद की सब्जियों का जूस पी सकते हैं। साथ ही अपने तरीके से जूस को तैयार कर सकते हैं। आप इस बात का ध्यान रखें कि जूस में नमक और चीनी को न मिलाएं या बहुत कम मात्रा में मिलाये।

यह भी पढ़ें - क्यों जरूरी है हमारे लिए हाउस स्पैरो, जानिये किन कारणों से ये हो रहीं है लुप्त

diabetes_diet_a.jpg


नारियल पानी -

नारियल का पानी इस दुनिया में मौजूद सबसे हेल्दी ड्रिंक्स में एक है। यह स्वादिष्ट होने के साथ -साथ पौष्टिक भी है। इसमें कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स और बहुत कम नेचुरल शुगर होती है। इसमें मौजूद पोषक तत्व ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में सहायता करते हैं।

छाछ है बहुत फायदेमंद-
छाछ पीने से ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल का लेवल भी कम हो सकता है। यह डायबिटीज के मरीजों के लिए एक बढ़िया ड्रिंक है क्योंकि इसमें कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स, कम फैट और कम कैलोरी होती है।

यह भी पढ़ें- शरीर की बैटरी करें रिचार्ज, बेहतर नींद के लिए अपनाएं यह टिप्स



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/AcuVlET

Saturday, 18 March 2023

अपनी स्माइल को दें नयी चमक, दांतों व मसूड़ों का ऐसे रखें ख्याल

How to care for your teeth : चमकदार दांत किसे अच्छे नहीं लगते पर क्या हम उनकी देखभाल करते हैं ? अक्सर कई लोग सुबह उठ कर दाँतों को ब्रश जरूर करते हैं लेकिन सिर्फ एक अनचाही ड्यूटी निभाने की तरह। डेंटिस्ट्स का कहना है की खाना खाने के तुरंत बाद ही हमारे दांतों पर प्लाक बनना शुरू हो जाता है। इसकी सफाई रोज ना हो तो यह प्लाक दांतों की सड़न या मसूड़ों की बीमारी का कारण बन सकता है। इसलिए जैसे हम चेहरे की सुंदरता के लिए कई जतन करते हैं वैसे ही अपने दांतों का भी हमें नियमित रूप से ध्यान रखना चाहिए। रेगुलर डेंटल केयर से दांतों का निखार तो होगा ही, साथ ही कई बीमारियों से भी निजात मिलेगी। ऐसा करने से ना सिर्फ हमारे दांत साफ़ रहेंगे, हमारी मुस्कान खिली-खिली होगी और हम दांतों की सड़न और मसूड़ों की बीमारी प्लाक, बैक्टीरिया से भी बचे रहेंगे। सही तरीके से दिन में कम से कम दो बार ब्रश और फ्लॉस करने से दांतों की सही देखभाल होती है।


1. Tongue Brush : अपने दांतों और जीभ के लिए अलग-अलग टूथब्रश का इस्तेमाल करें। अपनी जीभ क्लीन करने के लिए टंग ब्रश पर थोड़ा टूथपेस्ट लगाकर धीरे धीरे स्ट्रोक देते हुए अपनी जीभ साफ करें। इसके अलावा कभी कभी नमक और बेकिंग सोडा को मिक्स करके भी दांत और जीभ साफ कर सकते हैं। दिन में दो बार टंग क्लीन करने से मुंह की बदबू और बैक्टीरिया तो ख़तम होंगे ही साथ ही मुंह के स्वाद में भी सुधार आएगा। इससे हर तरह के टेस्ट जैसे मीठे- नमकीन, कड़वे-खट्टे के बीच अंतर कर पाएंगे।

2. Strong Gums : अपने मसूड़ों को स्वस्थ रखने के लिए कम से कम दिन में दो बार अच्छी तरह से ब्रश और तीन से चार बार फ्लॉस करें। ज्यादा खट्टा या मीठा खाने से परहेज करें। जब भी आप इस तरह का कुछ खाते हैं तो खाने के तुरंत बाद फ्लॉस करें। मजबूत मसूड़ों के लिए एलोवेरा जेल लगाएं और धीरे-धीरे मसूड़ों के चारों ओर मालिश करें। इसके अलावा नमक के पानी से फ्लॉस करें।

3. Chewing Gum : खाना खाने के तुरंत बाद दांतो पर एसिड अटैक का रिस्क बढ़ जाता है। ऐसे में अगर कभी दांतो को ब्रश या फ्लॉस करना संभव नहीं हो तब शुगर फ्री च्युइंग गम चबाने से दांतों और मसूड़ों की रक्षा करने में मदद मिलती है।

teethpower4.jpg


4. Regular floss : हर दिन कम से कम एक बार फ्लॉस करें। अगर आपको फ्लॉस करने की आदत नहीं है तो डाल लें। यह आपके मसूड़ों के लिए बेहतर है। फ्लॉस करने के लिए नमक के पानी के अलावा एलोवेरा जूस का इस्तेमाल किया जा सकता है। मार्केट में मिलने वाले माउथवॉश की तरह ही इसे भी मुंह में अच्छी तरह घुमा कर थूकना चाहिए। ऐसा रोज दिन में तीन से चार बार करने से दांत और मसूड़े दोनों स्ट्रांग रहेंगे।

5. Clean your brush : अपने टूथब्रश को साफ करने के लिए, उनके ब्रिसल्स पर गर्म पानी डालें। ऐसा दांत ब्रश करने से पहले और बाद में करें। इसके अलावा गुनगुने पानी में नमक, एक चुटकी हल्दी डालकर अपने ब्रश की ब्रिसल्स डुबाते हुए कुछ समय के लिए उसमें छोड़ दें। ऐसा करने से इन पर जमे बैक्टीरिया छूट जाते हैं।

यह भी पढ़ें : क्यों जरूरी है हमारे लिए हाउस स्पैरो, जानिये किन कारणों से ये हो रहीं है लुप्त



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/76LKyZf

Thursday, 9 March 2023

एक्टर, डायरेक्टर सतीश कौशिक के अलावा इन सेलेब्स का भी हुआ हार्ट अटैक से देहांत

Heart attack rampant? Actor Satish Kaushik, other celebs die of heart attack : सतीश कौशिक एक पॉपुलर एक्टर होने के साथ - साथ बहुत ही अच्छे थिएटर आर्टिस्ट, कॉमेडियन, डायरेक्टर, प्रोडूसर और स्क्रिप्ट राइटर भी थे। थिएटर, फिल्म और टेलीविज़न की दुनिया में उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई है। साथ ही अपनी जिंदादिल पर्सनालिटी और उदार व्यव्हार से उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में कई अच्छे दोस्त और प्रशंसक भी बनाए हैं। गहरे दोस्त अनुपम खेर से लेकर, कंगना रनौत, जैकी श्रॉफ, सुभाष है, रितेश देशमुख, अभिषेक बच्चन सहित कई एक्ट्रेस व डायरेक्टर्स ने सतीश की देहात पर शोक प्रकट किया। उनकी मृत्यु हार्ट अटैक से हुई।

heartattack2.jpg


गौरतलब है की पिछले कुछ सालों में कई पॉपुलर और टैलेंटेड सेलेब्रिटीज, एक्टर्स, सिंगर, कॉमेडियन का देहांत हार्ट अटैक से हुआ है। इनमें कई एक्टर्स 40 साल और उसके ऊपर उम्र के हैं। कहीं किसी को जिम में अटैक आया तो कभी कोई स्टेज पर परफॉर्म करते हुए हार्ट अटैक का शिकार हुआ। इसी साल 17 फरवरी को बॉलीवुड फिल्मों और वेब सीरीज 'मिर्जापुर' के एक्टर शाहनवाज प्रधान ने भी 56 साल की उम्र में हार्ट अटैक से अपनी जान गवाई। कुछ समय पहले सबके चहेते टेलेविज़न/फिल्म एक्टर और बिग बॉस शो विन्नेर सिद्धार्थ शुक्ल की डेथ ने सभी को हिला कर रख दिया था। वे सिर्फ 40 साल के थे। इसी तरह 46 साल के टी वी एक्टर सिद्धांत वीर सूर्यवंशी को जिम में कसरत करते समय हार्ट अटैक होने से उनकी मृत्यु हो गयी।

heartattack1.jpg


इधर कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव भी 58 साल की उम्र में हार्ट अटैक का शिकार हुए और दिल्ली के एम्स अस्पताल में उनका देहांत हुआ। इसके अलावा फेमस सिंगर के के (KK) को भी एक शो के दौरान हार्ट अटैक हुआ और वे चल बसे। मशहूर एक्ट्रेस रीमा लागू को कुछ साल पहले सीने में दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाया गया। वहीं कार्डियक अरेस्ट से उनका निधन हो गया। सतीश कौशिक और दूसरे सेलिब्रिटीज की अचानक हुई डेथ हमें सोचने पर मजबूर करती है की क्या हार्ट अटैक के केसेस बढ़ रहे हैं ? अगर हाँ तो क्यों ?

यह भी पढ़ें : एक्टर-डायरेक्टर सतीश कौशिक का हार्टअटैक से निधन, अनुपम खेर ने दी श्रद्धांजलि



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/l1KMG6I

Wednesday, 8 March 2023

स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से रोकें मसल और बोन लॉस, नूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर ने बताए फायदे

Nutritionist Rujuta Diwekar shares benefits of strength training : जब फिटनेस की बात करते हैं तो स्ट्रेंथ ट्रेनिंग का नाम जरूर आता है।आमतौर पर ऐसा मन जाता है की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग केवल पुरुषों के लिए है लेकिन यह धारणा बिलकुल गलत हैं। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग में वीमेन भी शामिल हो सकती हैं और इसके कई फायदे हैं। महिलाओं को भी स्ट्रेंथ ट्रेनिंग रूटीन शुरू करना चाहिए। इससे मसल टोनिंग, फैट बर्निंग और स्ट्रेंथ बढ़ाने में मदद मिलती है। सेलिब्रिटी ट्रेनर रुजुता दिवेकर के मुताबिक ज्यादातर वीमेन विशेष रूप से ३० की उम्र के बाद अपनी थाइस से मसल्स खो देतीं हैं। इसकी वजह से वे तेजी से इंट्रामस्क्युलर फैट गेन करती हैं। हाल ही में इंस्टाग्राम पर रुजुता ने एक वीडियो शेयर किया जिसमे उन्होंने स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के बारे में बताया।


सेलेब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर का कहना है की जैसे-जैसे हम बड़े होते हैं हमारी मसल्स और बोन्स तेज़ी से घटने लगती है। हम सभी उम्र के साथ कमजोर होते जाते हैं हर दस साल में हम दो से चार किलो मांसपेशियों का वजन कम करते हैं। इससे हमारा इंट्रा मस्कुलर फैट बाहर निकलने लगता है और स्ट्रेंथ लॉस जल्दी होती है।

रुजुता आगे कहती हैं की ५०-६० साल की उम्र में हमारी 30 परसेंट स्ट्रेंथ कम हो जाती है। उनके मुताबिक हम अपना स्ट्रेंथ लॉस कम कर सकते हैं। 'हम इस स्पीड को जिम में ट्रेनिंग करके और एक्सरसाइज की मदद से काबू में ला सकते है। ऐसे में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग सबसे असरदार एक्सरसाइज है।'

रुजुता दिवेकर ने बताया की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के और भी कई फायदे है। सप्ताह में केवल एक स्ट्रेंथ ट्रेनिंग सेशन से ये हो सकते हैं फायदे :

• यह डायबिटीज को रोकता है। यदि आपको पहले से ही डायबिटीज है तब भी स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से फायदा मिल सकता है। इससे दवाइयों का डोज कम होने की संभावना बढ़ जाती है।
• मेंस्ट्रुअल साइकिल को रेगुलर करता है और दर्द से भी आराम दिलाता है।
• आर्थराइटिस के दर्द और यूरिक एसिड को कम करता है।
• ब्लड प्रेशर कम करता है ।
• ब्रेन को फंक्शन करने में मदद करता है।
• वाकिंग स्पीड बढ़ता है।
• इससे डिप्रेसिंग विचार नहीं आते और नींद भी अच्छे से आती है।

यह भी पढ़ें: Head for the hills : वेकेशन में धर्मशाला, मैक्लॉडगंज को करें एक्सप्लोर



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/rXZzkn3

Sunday, 5 March 2023

वेकेशन के लिए हैं तैयार, एक्सपर्ट से जानें कैसे करें ट्रेवल में स्किन और हेयर केयर

Beauty expert's tips skin and hair care during travel : मार्च का महीने आने के साथ ही वेकेशन के प्लान बनाना शुरू हो जाते हैं। वेकेशन की प्लानिंग आसान नहीं होती ट्रेवल डेट्स से लेकर कब, कैसे, कहाँ और किसके साथ जाना है इत्यादि तय करना आसान नहीं होता। एक बार यह सारी प्लानिंग हो जाती है तब बारी आती है शॉपिंग की। इस बार जब आप अपनी ट्रेवल शॉपिंग लिस्ट तैयार करें तो कपड़े, फुटवियर के साथ-साथ अपनी स्किन और हेयर केयर प्रोडक्ट्स का भी ध्यान रखें। बीच वेकेशन हो या हिल स्टेशन की सैर, ट्रेवल के दौरान बेफिक्र और बेपरवाह घूमने पर बैक्टीरिया, चेमिकल्स और तेज टेम्परेचर जैसी चीजों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में वेकेशन के दौरान भी अपना स्किन और हेयर केयर रूटीन बनाये रखें। ट्रेवल ब्यूटी केयर आइडियाज के लिए यहां दिए गए फेमस ब्यूटी एक्सपर्ट शहनाज़ हुसैन के सुझाये यह टिप्स आपके काम आ सकते हैं।


1) त्वचा की देखभाल के लिए सनस्क्रीन लोशन लेना याद रखें। साथ ही एक एंटी-टैन सनस्क्रीन या सन-ब्लॉक भी रखें। बीच वेकेशन हो या हिल स्टेशन धूप से बचाव ही सुरक्षा है। धूप में बाहर निकलने से पहले ब्रॉड स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन लगाएं। याद रहे सनस्क्रीन बाहर जाने से 20 मिनट पहले लगाएं। अगर आप धूप में एक घंटे से ज्यादा समय के लिए बाहर हैं तो फिर से एक बार सनस्क्रीन लगाएं। सेंसटिव स्किन के लिए 30 या उससे ज़्यादा हाई एसपीएफ़ का प्रयोग करें।

2) ट्रेवल के दौरान आपको एक मॉइस्चराइजर, रिहाइड्रेंट क्लींजर, हैंड क्रीम, लिप बाम की भी आवश्यकता होगी। तैलीय त्वचा के लिए और गर्मियों में त्वचा की चमक बनाए रखने के लिए स्क्रब यूज करें। इससे स्किन पोर्स को गहराई से साफ करने में मदद मिलेगी। साथ ही दिन में दो बार चेहरे को साफ करें और जितनी बार संभव हो पानी से रिंस करें, खासकर अगर आप साइट सीइंग के लिए जा रहे हैं।

3) बीच वेकेशन है तो ज़्यादा मेकअप की जरूरत नहीं होगी। एक आई-पेंसिल, काजल और लिपस्टिक साथ रखें जो दिन और रात दोनों समय यूज कर सकें। लिप ग्लॉस, कॉम्पैक्ट पाउडर और पाउडर ब्लश-ऑन शामिल करें। कुछ टिश्यू और कॉटन बॉल्स साथ में रखें। यदि आपकी त्वचा ऑयली है, या मौसम गर्म और नम है, तो वेट वाइप्स (wet wipes )अच्छे होते हैं। इसके अलावा डिओडोरेंट और टैल्कम पाउडर भी लें।

यह भी पढ़ें : वेकेशन के लिए असम बेहतरीन, यहां मुस्कुराता है नेचर

beachready123.jpg

4) बीच वेकेशन है तो ज़्यादा मेकअप की जरूरत नहीं होगी। एक आई-पेंसिल, काजल और लिपस्टिक साथ रखें जो दिन और रात दोनों समय यूज कर सकें। लिप ग्लॉस, कॉम्पैक्ट पाउडर और पाउडर ब्लश-ऑन शामिल करें। कुछ टिश्यू और कॉटन बॉल्स साथ में रखें। यदि आपकी त्वचा ऑयली है, या मौसम गर्म और नम है, तो वेट वाइप्स (wet wipes )अच्छे होते हैं। इसके अलावा डिओडोरेंट और टैल्कम पाउडर भी लें।

5) बीच में नहाने के बाद अपने चेहरे को सादे पानी से अच्छी तरह धो लें। जब आप होमस्टे/ होटल के कमरे में आए, तो चेहरे पर ठंडे दूध की मालिश करें और कुछ मिनटों के लिए छोड़ दें। यह सन बर्न को शांत करने में मदद करता है। फिर मॉइस्चराइजर लगाएं। त्वचा को पोषण और फ्रेश करने के लिए एक पील ऑफ मास्क लगाएं। अगर पॉसिबल हो तो अंडे के सफेद भाग में शहद मिलाकर चेहरे पर लगाएं। 20 मिनट बाद धो लें। यह कॉम्बिनेशन त्वचा को मुलायम और चमकदार बनाता है। शहद एक प्राकृतिक मॉइस्चराइजर है।

6)त्वचा को क्लीन और चमकदार बनाने के लिए एक "पिक-मी-अप" फेस मास्क यूज करें। यह थकान दूर करने और त्वचा को तरोताजा करने का आसान तरीका है। ट्रेवल में एक-दो पील-ऑफ मास्क साथ रखें । मार्किट में रेडी-टू-यूज पील-ऑफ मास्क आसानी से उपलब्ध हैं।

7) बीच पर ज़्यादा समय बिताने से पानी का नमक बालों को सुस्त और उलझा हुआ बना सकता है। ऐसे में स्विमिंग कैप बालों को धूप और समुद्र के पानी के नमक से बचाने में मदद करेगा।

8) बालों को अच्छी तरह से गीला करने के बाद ही बीच में स्विमिंग के लिए जाएँ। पहले से गीले बाल और ज़्यादा पानी सोख नहीं पाएंगे बाद में बालों को अच्छी तरह से धो लें। बीच में नहाने के बाद बालों को धोने के लिए माइल्ड हर्बल शैंपू का इस्तेमाल करें। शैम्पू के बाद लीव-इन कंडीशनर या हेयर सीरम लगाएं।

9) हिल स्टेशन पर त्वचा और बालों में नमी की कमी हो सकती है। हाथ और होंठ भी रूखे हो सकते हैं। ऐसे में मॉइस्चराइजिंग क्रीम को हाथों पर दो-तीन बार लगाएं और त्वचा पर मालिश करें।

10) बालों की देखभाल के लिए सनस्क्रीन वाली हेयर क्रीम, हर्बल शैंपू, हर्बल हेयर सीरम और कंडीशनर साथ रखें। बालों को सॉफ्ट करने और उन्हें मैनेज करने के लिए हल्के हर्बल शैम्पू और कंडीशनर का इस्तेमाल करें।

 


11) बालों को तेज धूप, हवा और धूल से बचाने के लिए स्कार्फ साथ रखें। यदि आप ट्रैकिंग, बाइकिंग, बोटिंग या यहां तक कि वाकिंग कर रहे हैं तो आपको इसकी आवश्यकता होगी।

12) छुट्टियों के दौरान भी बालों के लुक को बेहतर बनाने के लिए नेचुरल products का उपयोग कर सकते हैं। होटल्स में चाय और बीयर जैसी सामग्री आसानी से उपलब्ध हो सकती है और इसका उपयोग बालों को धोने और उनमें चमक लाने के लिए किया जा सकता है। बीयर रूखे बालों के लिए अच्छा काम करती है। बियर में एक नींबू का रस मिलाकर उससे बाल धोएं। कुछ मिनटों के लिए छोड़ दें और सादे पानी से धो लें। यह बालों को मुलायम बनाता है और उनकी चमक भी बढ़ाता है।

13) ऑयली बालों के लिए, 4 से 5 कप गर्म पानी में एक टी बैग डालें। टी बैग निकालें और पानी को ठंडा कर लें। फिर इसमें एक नींबू का रस मिलाएं और बाल रिंस करने के लिए इस्तेमाल करें। यह बालों को सिल्की और शाइनी बनाने में मदद करता है।

यह भी पढ़ें : कामयाब आदमी के बराबर और कामयाब कैमरा के पीछे - वीमेन



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/cICN1Ei

Thursday, 2 March 2023

बंगाल में फैला एडिनो वायरस, 2 साल तक के बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक, दो दिन में 12 बच्चों की मौत

Adeno virus in West Bengal: पश्चिम बंगाल में बच्चों में एक खतरनाक बीमारी फैली है। इस बीमारी का नाम एडिनो वायरस है। राज्य में सांस में संक्रमण के कारण बीते दो दिन में 12 बच्चों की मौत हो चुकी है। मरने वाले इन बच्चों में एडिनो वायरस का प्रभाव था या नहीं इस बात जांच अभी जारी है। इस बीच बच्चों की मौत का आंकड़ा बढ़ने से लोगों में दहशत का माहौल है। एक्सपर्ट के अनुसार एडिनो वायरस से सांस संबंधी परेशानी होती है। बंगाल में बीते 48 घंटों में जिन 12 बच्चों की मौत हुई उन सभी को भी सांस लेने में परेशानी थी। हालांकि आधिकारिक रूप में अभी यह पुष्टि नहीं की गई है कि इन बच्चों की मौत एडिनो वायरस से हुई या कोई अन्य बीमारी। संबंधित टेस्ट की रिपोर्ट का इंतजार है। हालांकि, एक अधिकारी ने कहा कि स्थिति से घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि इस मौसम में इन्फ्लूएंजा (influenza) जैसी बीमारियां आम हैं और जान गंवाने वाले बच्चे अन्य बीमारियों से भी पीड़ित थे।



सीएम बोली- दो साल तक के बच्चों का रखें खास ध्यान-

ममता बनर्जी ने गुरुवार को हावड़ा में कहा कि राज्य में 2 एडिनो वायरस के मामले हैं और 10 मामलों में पल्मोनरी हेमरेज के सिंड्रोम हैं। डरने की बात नहीं है क्योंकि हमने 5000 बेड की व्यवस्था की है। बच्चे मास्क नहीं पहन सकते इसलिए उन्हें घर पर रखें। 2 साल तक के बच्चों का खास ध्यान रखें। सीएम से पहले डॉक्टरों ने दो साल तक के बच्चों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत बताई थी।

 


एडिनो वायरस को लेकर बंगाल में गाइडलाइन जारी-


एडिनो वायरस के मामले में सीएम ममता बनर्जी ने आगे कहा कि एक मानक प्रबंधन दिशानिर्देश सभी के लिए जारी किया गया है। वर्तमान में वायरल महामारी का कोई प्रमाण नहीं है। वर्तमान स्थिति और कुछ नहीं बल्कि एक मौसमी घटना है। एडिनो वायरस के कारण होने वाले संक्रमणों की संख्या में कमी आना शुरू हो गई है।

यह भी पढ़ें - बच्चों में तेजी से फैल रहा एडिनो वायरस, जानिए कितना खतरनाक ये बीमारी

 


बीते 48 घंटों में बंगाल के इन-इन जिलों में हुई मौत-


मिली जानकारी के अनुसार पिछले 24 घंटे में कोलकाता में सरकारी अस्पतालों में पांच बच्चों और बांकुड़ा सम्मिलनी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में दो बच्चों की मौत हो गई। स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि एडिनो वायरस के लक्षण वाले मरीजों के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। बच्चे अन्य बीमारियों से पीड़ित थे।

उन्होंने कहा कि यह पुष्टि होने में समय लगेगा कि ये मौत एडिनो वायरस की वजह से हुई है या नहीं। इनमें से दो बच्चों का इलाज कोलकाता मेडिकल कॉलेज और अस्पताल चल रहा था जबकि तीन अन्य का उपचार डॉ. बीसी रॉय पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ पीडियाट्रिक साइंसेज में हो रहा था।

 

एडिनो वायरस के क्या हैं लक्षण-

एडिनो वायरस के लक्षण में सर्दी या फ्लू, बुखार और गले में खराश होना, गले में सूजन, निमोनिया, आंख आना और पेट में सूजन आदि इसके लक्षणों में शामिल हैं। कमजोर रोग प्रतिरोधक (इम्यूनिटी) क्षमता वाले लोगों को इससे खतरा ज्यादा है. वहीं, जो लोग पहले से सांस या हृदय रोग से ग्रसित हैं, उन्हें खासतौर से सावधान रहने की सलाह दी जाती है।


अभी एडिनो वायरस की कोई दवा नहीं-

वर्तमान में एडिनो वायरस के लिए अलग से कोई विशेष कोर्स या एंटी वायरल दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। फिलहाल इससे ग्रसित मरीजों का इलाज पेन-किलर्स या ऐसी किसी दवा से किया जाता है जो इसके लक्षणों में उपचार के काम आ सकती हैं। अमरीका के रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र के मुताबिक, एडिनो वायरस संक्रमित व्यक्ति के साथ शारीरिक संपर्क में आने से फैल सकता है। खांसी और छींक के कारण हवा के जरिये भी यह शिकार बना सकता है।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/YTE2yZR