Thursday, 16 December 2021

Benefits of Herbal Tea: जानिए हर्बल टी पीने के फायदे जो आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद होती है

नई दिल्ली। Benefits of Herbal Tea: हर्बल टी पीना सेहत के लिए फायदेमंद होती है। रोज सुबह और शाम हर्बल टी पीना स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभदायक होती है। हर्बल टी एक तरह की आयुर्वेदिक चाय है जो सामान्य चाय की तरह बनाया जाता है। हर्बल टी विभिन्न प्रकार के पौधों की पत्तियों, फूलों, बीजों व जड़ों से तैयार की जाती है। इस चाय में बहुत से पोषक तत्व और खनिज उपस्तिथ रहते है, ये स्वास्थ्य से संबंधित समस्या को रोकने में मदद करता है। हर्बल टी का सेवन करने से फेफड़े साफ रहते हैं। हर्बल टी आपके शरीर के वजन को कम करने के साथ दिल के दौरे और कैंसर की संभावना को कम करने तक में मदद करती है। हर्बल टी कई प्रकार के होते हैं। तो आइए जानते हैं हर्बल टी पीने के फायदे के बारे में।

हर्बल टी पीने के फायदे

1. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में फायदेमंद होती है :

हमारे शरीर में रोगप्रतिरोधक क्षमता बीमारी और संक्रमण से रक्षा करती है। यदि यह कमजोर हो जाये तो रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने लगती है और साथ ही मनुष्य बीमार पड़ने लगता है। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए हर्बल टी का उपयोग करना चाहिए। इसमें अच्छी मात्रा में विटामिन सी होता है और कई तरह के मिनरल्स मौजूद है जो शरीर को शक्तिशाली बनाते है और रोगो से बचाते है।

2. डाइजेशन अच्छा करने में फायदेमंद होती है :

डाइजेस्टिव और गैस्ट्रोइंटेस्टिनल प्रॉब्लम्स के लिए भी हर्बल टी बहुत लाभकारी हैं। आप इनका सेवन दिन में दो बार करेंगी तो आपका पाचन दुरुस्त होगा। विशेषतौर पर कैमोमाइल टी डाइजेस्टिव सिस्टम के फंक्शन में सुधार करती है। इसमें फ्लैवोनोइड्स और टरपेनोइड्स होते हैं। यह बुखार, इंफ्लेमेशन, मसल्स क्रैंप और इंसोम्निया जैसी समस्याओं को ठीक करने में मदद करती है।

3. तनाव को कम करने में फायदेमंद होती है :

हर्बल टी तनाव को कम करती है। आज कल कम उम्र में ही लोगों के पास तनाव ज्यादा रहता है, ज्यादा तनाव दिमाग को बीमार कर सकता है। मस्तिष्क को बीमारियों से बचाने के लिए हर्बल टी बेस्ट आयुर्वेदिक चाय है। यह ब्लड सर्कुलेशन को इम्प्रूव करती है, साथ ही याददाश्त भी बढ़ाती है।

4. वजन कंट्रोल करने में फायदेमंद होती है :

वजन पर काबू रखने में हर्बल टी कारगर साबित हो सकती हैं। यही वजह है की कई लोग वजन को नियंत्रित रखने के लिए और मोटापे से बचाव के लिए हर्बल टी पीना पसंद करते हैं। दरअसल, एक शोध में वजन नियंत्रण में कारगर उन सामग्रियों का जिक्र किया गया है, जिनका इस्तेमाल कर हर्बल टी बनाई जाती है। इनमें अदरक, दालचीनी, नींबू, जिनसेंग व लौंग शामिल हैं। ऐसे में हम कह सकते हैं कि हर्बल टी का सेवन मोटापे से बचाव में मददगार साबित हो सकता है।

5. अनिद्रा दूर करने में फायदेमंद होती है :

हर्बल टी अनिद्रा की समस्या को दूर करने में फायदेमंद होती है। कैमोमाइल का उपयोग कर हर्बल टी बनाये और सेवन करे आपकी नींद न आने की समस्या कुछ दिन में समाप्त होने लगेगी।



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Wednesday, 15 December 2021

Omega 3 Fatty Acids Sources: ओमेगा 3 फैटी एसिड की कमी को करना चाहते हैं दूर, तो डाइट में शामिल करें इन चीजों को

नई दिल्ली। Omega 3 Fatty Acids Sources: बॉडी को स्वस्थ और फिट बना के रखने के लिए हर प्रकार के पोषक तत्वों की जरूरत होती है,जैसे कि मिनरल्स,विटामिन्स,एंटीऑक्सीडेंट्स,प्रोटीन आदि। लेकिन अक्सर हम ओमेगा 3 फैटी एसिड्स के बारे में भूल जाते हैं। ओमेगा 3 फैटी एसिड्स भी सेहत के लिए बहुत ही ज्यादा आवश्यक होता है। यदि इसकी कमी हो जाए तो आप हड्डियों कि बीमारी जैसे कि गठिया,ओस्टियोपोरोसिस की बीमारी से ग्रसित हो सकते हैं। वहीं इसकी कमी होने में एंजायटी और डिप्रेशन जैसे मानसिक बीमारी का भी आप शिकार हो सकते हैं। ऐसे में ओमेगा 3 युक्त फैटी एसिड्स का सेवन शरीर के लिए बहुत ही ज्यादा आवश्यक हो जाता है।
जानते हैं वो कौन सी ऐसी चीजें हैं जिनमें ओमेगा 3 भरपूर फैटी एसिड भरपूर मात्रा में पाया जाता है-

1.अंडा
अंडा से होने वाले अनेकों फायदों के बारे में तो आप जानते ही होंगें। अंडा कई सारे पोषक तत्वों से भरपूर होता है, वहीं अंडे के सेवन से शरीर को कई प्रकार के पोषक तत्व मिलते हैं जैसे कि विटामिन,मिनरल,एंटी ऑक्सीडेंट्स,प्रोटीन और भी कई सारे पोषक तत्व। वही ओमेगा 3 फैटी एसिड्स के जैसे महत्वपूर्ण तत्वों से भी भरपूर होते हैं। यदि आप शरीर में ओमेगा 3 फैटी एसिड की कमी को पूरा करने कि सोंच रहे हैं तो ऐसे में एक अंडा का सेवन आपको फायदा पंहुचा सकता है।

Omega 3 Fatty Acids Sources: ओमेगा 3 फैटी एसिड्स की कमी को करना चाहते हैं दूर, तो डाइट में शामिल करें इन चीजों को

2.मछली
मछली में ओमेगा 3 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसमें मैग्नीशियम और प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है। ये मांसपेशियों के दर्द को भी ठीक करता है। यदि आप ओमेगा 3 फैटी एसिड की कमी को पूरा करना चाहते हैं तो आप सैल्मन और मैकेरल फिश को डाइट में शामिल कर सकते हैं। वहीं इसमें अनेकों पोषक तत्वों से भी भरपूर होता है जैसे कि विटामिन बी 1 और डी और सेलेनियम। मछली के सेवन से वहीं आपकी इम्युनिटी भी मजबूत हो जाती है।

Omega 3 Fatty Acids Sources: ओमेगा 3 फैटी एसिड्स की कमी को करना चाहते हैं दूर, तो डाइट में शामिल करें इन चीजों को

3.सोयाबीन
सोयाबीन का सेवन आप अक्सर करते होंगें अपने स्वाद में बदलाव को लेकर आने के लिए। लेकिन क्या आपको पता है कि ये सिर्फ स्वाद में ही अच्छे नहीं होते हैं बल्कि ये कई सारे पोषक तत्वों से भी भरपूर होते हैं। इनमें विटामिन्स, मिनरल्स,कार्बोहाइड्रेट्स आदि चीजें भरपूर मात्रा में पाई जाती हैं। वहीं सोयाबीन ओमेगा 3 फैटी एसिड जैसे कई सारे पोषक तत्वों से भी भरपूर होता है। यदि आप इसका सेवन सुबह के ब्रेकफास्ट में शामिल करते हैं तो इससे कई प्रकार कि बीमारियां दूर होती हैं। वहीं ये शरीर से ओमेगा 3 फैटी एसिड की कमी को ची दूर कर देता है।

soyabean

4.फूलगोभी
फूलगोभी की बात करें तो ये सेहत के लिए बहुत ही ज्यादा अच्छी मानी जाती है। फूलगोभी के सेवन से शरीर से कई सारी बीमारियां दूर हो जाती हैं। वहीं इसमें प्रोटीन,विटामिन,कैल्शियम आदि चीजें भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इनमें ओमेगा 3 फैटी एसिड की मात्रा भी भरपूर होती है। यदि आप शरीर में ओमेगा 3 फैटी एसिड की मात्रा को बढ़ाने कि सोंच रहे हैं तो ऐसे में फूलगोभी एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। आप इसका सेवन कई तरीकों से कर सकते हैं जैसे कि इसकी सब्जी के रूप में, इसको फ्राई करके भी आप खा सकते हैं। हर तरीके से ये बहुत ही ज्यादा लाभदायक साबित होता है।

Omega 3 Fatty Acids Sources: ओमेगा 3 फैटी एसिड्स की कमी को करना चाहते हैं दूर, तो डाइट में शामिल करें इन चीजों को

5.ब्लूबेरी
ब्लूबेरी न केवल स्वाद में बेहतरीन होती है बल्कि इसके फायदे भी बहुत सारे होते हैं। ब्लूबेरी में कैलोरी की मात्रा बेहद कम होती है। वहीं ये कई सारे पोषक तत्वों से भी भरपूर होते हैं जैसे कि एंटीऑक्सीडेंट्स, मिनरल्स, विटामिन्स आदि। इसके सेवन से आपके शरीर को भरपूर मात्रा में ओमेगा 3 फैटी एसिड मिलता है। वहीं ये कई सारे तत्वों की कमी को भी दूर करता है। ये दिल से जुड़े कई सारे जोखिम कारकों को कम करने में सक्षम होता है। साथ ही साथ में ये एलडीएल यानी कोलेस्ट्रॉल के मात्रा को भी शरीर में कम कर देता है।

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खाली पेट करते हैं तुलसी का सेवन तो शरीर को हो सकते हैं ये अनेकों फायदे

नई दिल्ली। तुलसी सेहत के लिए बहुत ही ज्यादा लाभदायक होती है,,तुलसी के रोजाना सेवन से शरीर से कई बीमारियां भी दूर हो जाती हैं। इम्युनिटी को बूस्ट करने से लेकर पेट से जुड़ी कई समस्याओं को दूर करने में तुलसी आपकी काफी मदद करता है। वहीं सर्दी-जुकाम,खांसी,गले में दर्द को दूर करने के लिए भी तुलसी का सेवन आपको फायदा पंहुचा सकता है। ये अनेकों तरीके के पोषक तत्वों से भरपूर होता है जैसे कि विटामिन ए,फाइबर,विटामिन डी, एंटी बैक्टीरियल आदि सारे पोषक तत्वों से भरपूर होता है। लेकिन क्या आपको पता है कि यदि आप तुलसी का सेवन खाली पेट करते हैं तो शरीर को कई तरह के फायदे मिल सकते हैं।

1.वायरल से बचाव
सर्दी के मौसम में अधिकतर आप किसी न किसी समस्या से परेशान रहते हैं जैसे कि सर्दी-जुकाम,गले में खरास आदि। वहीं इन समस्याओं को दूर करने के लिए हमेसा आपको दवाइयों की ही सेवन की जरूरत नहीं होती है। आप यदि रोजाना खाली पेट तुलसी के पत्तियों का सेवन करते हैं तो वायरल से आपको बचा के रखने में बहुत ही ज्यादा लाभदायक हो सकता है। इसके सेवन से सर्दी-जुकाम की समस्या दूर जाएगी वहीं आपकी इम्युनिटी भी मजबूत रहेगी।

2.सांसों की समस्या को करते हैं दूर
तुलसी एंटीबैक्टीरियल और एंटी ऑक्सीडेंट्स के जैसे तत्वों से भरपूर होती है। इसका रोजाना सेवन से आपके ओरल हेल्थ को काफी हद तक लंबे समय तक स्वस्थ रहता है। मुँह में दुर्गन्ध की समस्या से परेशान रहते हैं तो रोजाना कुछ तुलसी के पत्तों को लें और गर्म पानी के साथ खाली पेट इनका सेवन करें। ये लंबे समय तक ताजगी बनाए रखेगी। वहीं मुँह से दुर्गन्ध की समस्या भी दूर हो जाएगी।

3.प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है
तुलसी में प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटी बैक्टीरियल के जैसे तत्व पाए जाते हैं, ये बॉडी में अनेकों प्रकार के संक्रमण से हमें बचाते हैं वहीं हमारे रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बूस्ट करने में भी मददगार होता है। यदि आप अपने प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाना चाहते हैं तो ऐसे में तुलसी की पत्तियों का खाली पेट सेवन बहुत ही ज्यादा लाभदायक हो सकता है।

खाली पेट करते हैं तुलसी का सेवन तो शरीर को हो सकते हैं ये अनेकों फायदे

4.वेट कंट्रोल करने में होता है मददगार
वेट कंट्रोल करना चाहते हैं तो आपको तुलसी की पत्तियां काफी हद तक लाभदायक साबित हो सकती है। इसके सेवन से पेट में जमी एक्स्ट्रा फैट भी बर्न हो जाती है। कोशिश करें कि सुबह उठके कुछ भी खाने से पहले आप तुलसी की पत्तियों को खाली पेट जरूर खाएं। ये आपके पेट में जमी एक्स्ट्रा फैट को बर्न करने में आपकी मदद करेगी वहीं आपकी इम्युनिटी भी लंबे समय तक मजबूत बनी रहेगी।

खाली पेट करते हैं तुलसी का सेवन तो शरीर को हो सकते हैं ये अनेकों फायदे

5.ब्लड शुगर के स्तर को करता है कम
यदि आप तुलसी के पत्तों का सेवन सुबह के खाली पेट करते हैं तो इससे आपका शुगर का लेवल काफी हद तक कंट्रोल में रहता है। शरीर के मेटाबायोलिज्म को मजबूत बना के रखने के लिए भी तुलसी के पत्ते का खाली पेट सेवन फायदा पहुंचाता है। यदि आप ब्लड शुगर के स्तर को कम करना चाहते हैं तो रोजाना सुबह खाली पेट तुलसी के चार-पांच पत्तियों को लें और उसे चबा-चबा के अच्छे से सेवन करें।

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Winter Skin Problems सर्दियों में त्वचा ये समस्याएं आम हो जाती हैं ये जानें इनसे बचाव के तरीके

नई दिल्ली : सर्दी में त्वचा से संबंधित समस्याएं अधिक देखने को मिलती हैं। सर्दी में स्किन रैशेज स्किन ड्रायनेस समेत कई त्वचा संबंधी समस्याएं होना बेहद आम है। इसलिए इस मौसम में त्वचा को अधिक देखभाल की जरूरत होती है।

सर्दियों में स्किन को होने वाली समस्या

1. विंटर रैशेज या स्किन रैशेज
सर्दी के मौसम में कई लोगों को स्किन रैशेज हो जाते हैं। वातावरण में कम तापमान होने की वजह से स्किन में नमी कम हो जाती है, जिससे स्किन रैशेज और इचिंग होने लगती है। साबुन गर्म पानी से नहाना रूम हीटर स्ट्रेस या इंफेक्शन की वजह से सर्दी में स्किन रैशेज हो सकते हैं। स्किन रैशेज होने पर त्वचा में खुजली जलन ड्रायनेस जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। विंटर स्किन रैशेज सोरायसिस एक्जिमा जैसी त्वचा संबंधी गंभीर बीमारियों का भी कारण बन सकते हैं।

2. ड्राय स्किन
सर्दियों में त्वचा रूखी क्यों होती है सर्दी के मौसम में त्वचा में नमी कम हो जाती है। दरअसल सर्दियों में ठंडी हवा के कारण त्वचा का प्रोटेक्टिव लेयर खत्म हो जाता है और त्वचा ड्राय होने लगती है। इसकी वजह से स्किन फटने लगती है रूखी और बेजान नजर आने लगती है। ड्राय स्किन को मॉयश्चराइज करना बहुत जरूरी होता है। ड्राय स्किन से कई बार खून भी निकलने लगता है। त्वचा पर एलोवेरा जैल लगाने से ड्राय स्किन से छुटकारा मिलता है। आप चाहें तो ऑयल मसाज भी कर सकते हैं।

3. बियर्ड डैंड्रफ
बियर्ड डैंड्रफ की समस्या अधिकतर पुरुषों में सर्दी के मौसम में देखने को मिलती है। सर्दियों में शेविंग क्रीम या गलत रेजर के इस्तेमाल से त्वचा परतदार हो जाती है। इसलिए सर्दी में इस समस्या को रोकने के लिए सही रेजर का इस्तेमाल करना जरूरी है। आप चाहें तो इलेक्ट्रिक ट्रिमर का यूज कर सकते हैं। टी ट्री ऑयल युक्त शेविंग क्रीम का यूज करना सही रता है। बीयर्ड डैंड्रफ से बचने के लिए बीयर्ड ऑयल लगाना भी बहुत जरूरी होता है। इसके साथ ही समय-समय पर अपने बीयर्ड को साफ भी करते रहें।

4. रूखे-बेजान होंठ
सर्दियों में त्वचा के साथ ही होंठ भी रूखे या ड्राय हो जाते हैं। होंठों की त्वचा काफी पतली होती है। सर्दी में होंठों का फटना या बेजान होना एक आम समस्या है। लेकिन थोड़ी सी केयर करके आप इस समस्या को दूर कर सकते हैं। होंठों की ड्रायनेस को दूर करने के लिए विटामिन ई विटामिन सी युक्त नैचुरल ऑयल लगाएं। होंठों पर हाइड्रेटिंग मॉयश्चराइजर का इस्तेमाल करें। इससे होंठों में नमी बनी रहेगी। मॉयश्चराइजर होंठों को फटने से बचाएगा।

5. कील मुहांसों की समस्या
सर्दियों में स्किन ड्रायनेस की वजह से मुहांसे होने लगते हैं। ऑयल सेंसिटिव स्किन वाले लोगों को मुहांसों की समस्या अधिक होती है। सर्दी में स्किन ड्राय हो जाती है रोमछिद्र बंद हो जाते हैं इसके कारण मुहांसों की समस्या होने लगती है। सर्दी में मुहांसों की समस्या से बचने के लिए त्वचा को एक्सफोलिएट करें। स्किन को मॉयश्चराइज करें। नैचुरल क्लींजर से चेहरे को साफ करें। यह कील मुहांसों को दूर करना का अच्छा उपाय है।

सर्दी में स्किन केयर
सर्दी में स्किन की केयर करने के लिए आपको त्वचा को मॉयश्चराइज करने के साथ ही कई बातों का ध्यान रखना पड़ता है।

1. त्वचा को तेज धूप, हीटर के संपर्क में आने से बचाएं।
2. स्किन को हाइड्रेट रखने के लिए दिन में दो बार मॉयश्चराइज करें।
3. ड्राय स्किन की समस्या को दूर करने के लिए भरपूर मात्रा में पानी पिएं।
4. बहुत अधिक गर्म पानी पीने से बचें।
5. नहाने के बाद तुरंत मॉयश्चराइज लगाएं।


स्किन रैशेज, स्किन ड्राय होना होंठों का फटना सर्दी में होने वाली आम त्वचा संबंधी समस्याएं होती हैं। इससे बचाव के लिए आप त्वचा को मॉयश्चराइज रखें। मौसमी फलों और सब्जियों का अधिक मात्रा में सेवन करें। लिक्विड डाइट लें और पानी अधिक मात्रा में पिएं।



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good health tips पीरियड के दर्द से राहत दिलाता है ये योगासन जाने इसके फायदे

नई दिल्ली : महिलायें इस प्राकृतिक घटना से भाग नहीं सकते हैं लेकिन कुछ आसान योगाभ्यास करके आप निश्चित रूप से पीरियड में होने वाले दर्द को कम कर सकते हैं। आराम योग आसनों का अभ्यास करने से आपको दर्द में तो राहत मिलती ही है साथ ही आपका मूड भी अच्छा रहता है। आज हम आपको कुछ योगासन के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपको पीरियड के दर्द से निजात दिला सकते हैं।

पीरियड के दर्द से निजात दिलाने वाले छ योगासन

1. बालासन

बालासन एक बहुत ही अच्छा योग है. यह आपको पीरियड के दर्द से तुरंत आराम दिलाता है। चलिए आपको बताते हैं कि इसको कैसे करना है। सबसे पहले अपने पैर की उंगलियों के साथ जमीन पर घुटने टेकें और घुटनों को एक दूसरे से थोड़ा अलग करें। इसके बाद सांस छोड़ें और अपने धड़ को आगे की ओर नीचे ले जाएं। ध्यान रहे कि आपका पेट आपकी जांघों पर टिका होना चाहिए। इसके बाद सिर को चटाई से छुआएं। फिर कुछ सेकंड के लिए इंतजार करें और प्रारंभिक स्थिति में वापस आ जाएं।

2. कोनासन

इस योग को करने से आपके जांघ की कोशिकाएं खुल जाती हैं। जिससे की रक्त प्रवाह अच्छे से होता है। इस आसन को करने के लिए सबसे पहले अपने पैरों को अपने सामने लाएं और हाथों को आगे की तरफ फैलाकर जमीन पर अच्छे से बैठा लें। फिर घुटनों को मोड़ें और दोनों पैरों के तलवों को एक साथ अपने सामने लाएं। इसके बाद से पैरों के पंजों को अपने हाथों से पकड़ें और एड़ियों को पेल्विस के करीब लाएं। फिर धीरे- धीरे श्वास लें और अपने शरीर को आराम दें। इसके बाद सांस छोड़ते हुए अपने घुटनों को जमीन पर दबाएं और धीरे से अपने कूल्हों से आगे की ओर झुकें। अपनी रीढ़ की संरचना से समझौता किए बिना जितना हो सके नीचे की ओर ले जाएं. कुछ सेकंड के लिए इसी मुद्रा में रहें फिर प्रारंभिक स्थिति में वापस से आ आएं। इस योग को 10 से 15 मिनट तक दोहराएं।

3. सिरासन

सिरासन न सिर्फ आपको आपके पीरियड के दर्द से निजात दिलाता है बल्कि आपको कई अन्य बीमारियों से भी छुटकारा दिलाता है। इस एक्सरसाइज को करने के लिए सबसे पहले अपने पैरों को अपने सामने फैलाकर बैठ जाएं। इसके बाद अपने बाएं पैर के तलवे को अपने दाहिने पैर की भीतरी जांघ पर रखने के लिए अपने बाएं घुटने को मोड़ें। अब अपनी कमर को आगे की ओर झुकाएं और अपने पैर के अंगूठे को टच करें। फिर कुछ सेकंड के लिए इस मुद्रा में बने रहें।



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पान के पत्तों का शरबत दर्द के लिए बहुत लाभदायक होता है जाने इसके फायदे

नई दिल्ली : पान के पत्तों  को खाना बेहद ही फायदेमंद माना जाता है । लेकिन इससे भी ज्यादा फायदा पान के पत्तों का शरबत  पहुंचाता है।  इसे पीने से हेल्थ को कई फायदे मिलते है। आज हम पान खाने नहीं बल्कि इसके पत्तों का शरबत बनाकर पीने के लिए कहेंगे।  जितनी क्वालिटीज पान में होती है उतना ही फायदेमंद पान के पत्तों का शरबत बनाकर पीना होता है।  तो, चलिए इससे फायदे कैसे मिलेंगे वो देख लेते है। 

पान के पत्तों से बने शर्बत से होने वाले फायदे 

1. मेटाबोलिज्म तेज करता है
सुबह-सुबह खाली पेट पान का शरबत पीने से ये बॉडी के अंदर जाता है और इंटेस्टाइन्स में जाकर डिटॉक्स करने का काम करता है।  इसके साथ ही ये मेटाबोलिज्म  को भी तेज करता है।  ये बाउल मूवमेंट को भी तेज करता है जो कब्ज की प्रॉब्लम को दूर करते है।  आयुर्वेद के मुताबिक कॉन्स्टिपेशन से राहत पाने के लिए पान के पत्तों को खाने की सलाह दी जाती है।  इसके लिए आप बस पान के पत्तों को मसल कर रात भर पानी में भिगोकर छोड़ दें।  उसके बाद इसे पीस कर छाछ में काले नमक के साथ मिलाकर पी लें।  इस तरह से ये स्टमक को क्लीन करने में मदद करेगा। 

2. इम्यूनिटी करे बूस्ट 
पान के पत्ते  एंटी-सेप्टिक और एंटी-फंगल क्वालिटीज से भरपूर होते है।  ये इम्यूनिटी बूस्ट करने में काफी मदद करते है।  वैजाइनल इंफेक्शन होने पर भी इन्हें खाने से काफी आराम मिलता है। 

3. जोड़ों के दर्द से राहत 

पान के पत्तों में एंटी-इंफ्लामेट्री कंपांउड्स होते है। जो जोड़ों में हो रही बेचैनी और दर्द को कम कर देते है।  गर्म दूध से बने पान के शरबत को पीने से ये ज्वाइंट्स की मजबूती लाने में मदद करता है।  इसके अलावा पान के शरबत को पीने से हड्डियों के चोट की हीलिंग में भी तेजी से मदद मिलती है। 

4. भूख बढ़ाएं 
पान का शरबत पीने से भूख भी बढ़ने लगती है।  दरअसल इसे पीने से टॉक्सिक सब्सटांसिज को बाहर निकलकर मेटाबॉलिज्म तेज करने में मदद मिलती है। फिर आप जो भी खाते है वो तेजी से पचने लगता है। ये भूख को बढ़ावा देने में भी तेजी से मदद करता है।  अगर आपको भूख ना लगने की प्रॉब्लम है तो आप पान का शरबत पी सकते है। 

5. ओरल हेल्थ बेहतर 

पान में एंटी-बैक्टीरियल क्वालिटीज होती है जो इफेक्टिव तरीके से मुंह में रहने वाले बैक्टीरिया का मुकाबला करते हैं जो कि दांतों की सड़न को रोकते है।  इसके अलावा जिन लोगों के मुंह या सांसों से बदबू आती है। उनके लिए भी ये काफी फायदेमंद होता है. ये ना सिर्फ इंटेस्टाइन्स की हेल्थ को बढ़ाता है बल्कि सांस और मुंह की बदबू से भी छुटकारा दिलाता है।  इसके साथ ही ये दांतों के दर्द, मसूड़ों के दर्द सूजन और मुंह के इंफेक्शन से भी बचाए रखने में मदद करता है। 



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अक्सर गले के पिछले हिस्से में होने वाले दर्द से रहते हैं परेशान तो ये घरेलू उपाय आपके आ सकते हैं काम

नई दिल्ली। आजकल कि लाइफस्टाइल और डाइट ऐसी हो गई है कि शरीर में अक्सर कोई न कोई समस्या बनी ही रहती है,ऐसे में वहीं एक बहुत ही ज्यादा कॉमन समस्या है और वो है गले के पिछले हिस्से में दर्द का बना रहना। गर्दन के पिछले हिस्से में दर्द होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे कि ज्यादातर एक ही पोजीशन में बैठे रहना, या गलत पोजीशन में सो जाना और भी कई कारण हो सकते हैं। गर्दन में दर्द होने की समस्या को अक्सर हम इग्नोर कर देते हैं वहीं ये समस्या और बढ़ती चली जाती है। ऐसे में आज हम आपको कुछ आसान से घरेलू नुस्खों के बारे में बताएंगें जो इस समस्या को दूर करने में आपकी मदद कर सकते हैं।

1.लैवेंडर ऑयल
लैवेंडर ऑयल अपने सुगंध के लिए जाना जाता है लेकिन क्या आपको पता है कि ये आपके गले में होने वाले दर्द को दूर करने में भी फायदेमंद हो सकता है। आप लैवेंडर ऑयल को लें इसे हल्का सा गर्म करें उसके बाद हल्के हल्के हाथों से गले के पिछले हिस्से में सिकाई करें। कुछ ही देर में आपके गले में होने वाले दर्द से आपको राहत मिल जाएगी।

2.अदरक
अदरक का सेवन आमतौर पर खाने के स्वाद को बढ़ाने के लिए किया जाता है लेकिन क्या आपको पता है कि अदरक सेहत के लिए बहुत ही ज्यादा लाभदायक होता है। यदि आप अदरक का सेवन रोजाना करते हैं तो इससे काफी हद तक दर्द की समस्या से आपको आराम मिल सकता है। इसके होने वाले फायदों कि बात करें तो ये एंटी बैक्टीरियल के जैसे कई सारे तत्वों से भरपूर होती है। इसके सेवन से गले में दर्द होने की समस्या से भी आपको आराम मिलता है।

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3.दूध के साथ हल्दी का सेवन
हल्दी और दूध ये दोनों ऐसे चीजें हैं जो अनेकों पोषक तत्वों और कैल्शियम से भरपूर होती हैं। यदि आप भी गले में होने वाले दर्द की समस्या से निजात पाना चाहते हैं तो ऐसे में हल्दी वाला दूध आपकी काफी मदद कर सकता है। ये दोनों ही ऐसे तत्वों से भरपूर होते हैं जो दर्द को दूर करने में कारगर साबित होते हैं। ऐसे में आप सोने से पहले रोजाना हल्दी वाले दूध को अपने रोजना कि डाइट में शामिल कर सकते हैं।

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4.गर्म पानी से सिकाई
यदि आपके गले के पिछले हिस्से में दर्द बहुत ही ज्यादा बढ़ गया है तो ऐसे में गर्म पानी आपकी काफी मदद कर सकता है। गर्म पानी में एक चम्मच सेंधा नमक को मिलाएं इसके बाद इससे अपने गले की सिकाई करें। थोड़ी ही देर में आपको दर्द से निजात मिल जाएगा वहीं यदि सूजन है तो वो भी चली जाएगी। ऐसा आपको कम से कम दिन में दो से तीन बार करना है।

5.कुर्सी में झुककर बैठें
यदि आपके गले के पिछले हिस्से में दर्द बना रहता है तो आपको कुर्सी में झुककर के बैठना चाहिए। झुककर बैठे से ये फायदा होगा कि आपके गले में ज्यादा भार नहीं आएगा। जिससे कि गर्दन में दर्द की समस्या से आपको निजात मिल सकता है। वहीं इस बात का भी ध्यान रखें कि हर थोड़ी-थोड़ी देर में चाल-फेर को जरूर करते रहें। क्योंकि यदि एक ही पोजीशन में ज्यादा देर आप बैठे रहते हैं तो भी दर्द बढ़ सकता है।



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Tuesday, 14 December 2021

Health Tips In Hind जानिए सर्दियों मूली का रस से स्वास्थ को होने वाले फायदे के बारे में मिलेगी कई बीमारियों से छुटकारा

नई दिल्ली : मूली के पत्तों का रस शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में काफी कारगर माना जाता है। इसमें भरपूर मात्रा में आयरन पाया जाता है। यह हीमोग्लोबिन की चीजों को बढ़ाने में मदद करता है। साथ ही यह सोडियम आयरन मैग्नीशियम प्रोटीन कार्बोहाइड्रेट क्लोरीन का बहुत अच्छा स्रोत माना जाता है। इसके साथ ही यह विटामिन ए बी और सी का बहुत अच्छा स्रोत है। इससे कई तरह के स्वास्थ्य लाभ होते हैं।

मूली के पत्तों का रस ऐसे बनाएं

मूली के पत्तों का रस बनाने के लिए सबसे पहले मूली के पत्तों को लेकर उन्हें अच्छी तरह साफ कर लें। इसके बाद इसे छोटे-छोटे टुकड़ों में काट कर मिक्सर में पीस लें। इसके बाद इस जूस में काला नमक काली मिर्च पाउडर और नींबू मिलाएं। इसके बाद इसका सेवन करें। मूली के पत्तों की ड्रिंक बनाने के लिए आपको सबसे पहले फ्रेश मूली के पत्तों की जरूरत होती है। इसके बाद मूली के पत्तों को साफ पानी से 2-3 बार अच्छी तरह से धो लें. फिर इसके बाद इसको छोटे-छोटे टूकड़ों में काट लें.इसके बाद पत्तों को मिक्सी में पीस लें। फिर इसमें स्वाद के हिसाब से काला नमक एक चुटकी काली मिर्च पाउडर और नींबू का रस मिलाएं। अब आपका जूस तैयार है आप इसे सुबह पी सकते हैं।

मूली के पत्तों के जूस के फायदे
1. पाचन
मूली के पत्तों में पर्याप्त मात्रा में फाइबर पाया जात है। जो कि हर किसी के पेट के लिए काफी लाभदायक होता है। अगर आप मूली के पत्तों से तैयार ड्रिंक का सेवन कर पाचन की समस्या को दूर किया जा सकता है। सके साथ ही मूली का रस हमारे पाचन तंत्र को मजबूत करने में भी मदद करता है। इसमें बड़ी मात्रा में फाइबर होता है। यह पेट को साफ रखता है। और कब्ज जैसी समस्याओं को दूर रखता है।

2.मोटापा
अगर आप सर्दियों में वजन कम करना चाहते हैं तो ये हर किसी के लिए एक बेस्ट ऑप्शन है जी हां आप मूली के पत्तों से तैयार ड्रिंक का सेवन कर वजन को आसानी से कम कर सकते हैं ये आपके लिए लाभकारी है

3. लो ब्लड प्रेशर
अगर ब्लड प्रेशर की समस्या है तो हर लो ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए मूली के पत्तों के ड्रिंक को काफी फायदेमंद माना जाता है मूली के पत्तों में सोडियम अच्छी मात्रा में होता है जो शरीर में नमक की कमी को पूरा करने में मदद कर सकता है इसके सेवन से लो ब्लड प्रेशर की समस्या भी दूर हो जाती है। इसमें बड़ी मात्रा में सोडियम पाया जाता है। जो शरीर में नमक की मात्रा को सामान्य रखने में मदद करता है।



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Red Banana Benefits: लाल केला सेहत को स्वस्थ बना के रखने में होता है फायदेमंद, जानिए इसके फायदे

नई दिल्ली। Red Banana Benefits: लाल केला शायद ही आपने सुना होगा क्योंकि आमतौर पर हमें पीला और हरे केला का सेवन अधिक करते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि लाल केला भी कई सारे पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसके सेवन से शरीर से कई बीमारियां दूर होती जाती है। इस केले को रेड डक्का के नाम से भी जाना जाता है। वहीं ये ज्यादातर ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों में पाया जाता है। रोजाना एक लाल केले का सेवन आपके शरीर को लंबे समय तक एनर्जेटिक बना के रखता है। वहीं ये इम्युनिटी को लंबे समय तक मजबूत बना के रखने में भी कारगर होता है। आपको भी लाल केले के सेवन से होने वाले अनेकों फायदों के बारे में जानना चाहिए।

लाल केला होता क्या है-
लाल केला भी केले कि एक प्रजाति है, ये अन्य दूसरे केलों के मुकाबले अधिक सॉफ्ट, मीठा और स्वादिष्ट होता है। वहीं ये आकार में उनसे थोड़ा छोटा होता है। ये केला ज्यादातर अरब अमीरात, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, दक्षिण अफ्रीका में पाया जाता है। वहीं भारत में ये अधिकतर महाराष्ट्र और केरल में इसका उत्पादन किया जाता है। लाल केले में आमतौर पर इसके स्वाद के लिए जाना जाता है। लेकिन साथ ही साथ ये सेहत के लिए भी उतना ही फायदेमंद होता है।
आपको भी इसके सेवन से होने वाले फायदों के बारे में जानना चाहिए।

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1.रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है लाल केला
यदि आप रोजाना एक लाल केला का सेवन करते हैं तो ये आपके रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में बहुत ही ज्यादा मदद करता है। इसका रोजाना सेवन बॉडी में एंटी बॉडीज, विटामिन बी 6 और रेड ब्लड सेल्स का निर्माण कर सकती है। वहीं इसका सेवन सुबह किया जाए तो ये आपको लंबे समय तक एनर्जेटिक बना के रखने में भी मददगार होते हैं। बॉडी को बीमारियों से बचा के रखने के लिए मेटाबॉयोलिज्म की अहम भूमिका होती है। वहीं ये विटामिन सी के जैसे अनेकों विटामिन्स से भी भरपूर होता है। इसलिए यदि एक लाल केले को डाइट में शामिल किया जाए तो ये आपके रोग-प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बना के रखता है।

2.खून के थक्के को जमने नहीं देता है
क्या आपको पता है कि यदि आप अपने डाइट में लाल केले को शामिल करते हैं तो इससे शरीर को कई पोषक तत्व मिलते हैं वहीं कई बीमारी होने का खतरा कम भी हो जाता है। ज्यादातर हम दो तरह के केले का सेवन करते हैं लाल और पीला। लेकिन लाल केला इन दोनों से ही कई ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। ये अनेकों विटामिन्स, खनिज पदार्थों और कार्बोहायड्रेट से भरपूर होता है। वहीं ये फाइबर की मात्रा से भरपूर होता है और कैलोरी की मात्रा भी बहुत कम होती है। इसमें बीटा कैरोटीन नामक एक तत्व पाया जाता है, जो कि धमिनियों में खून को नहीं जमने देता है। इसलिए आपको लाल केला को अपने डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए।

3.वेट लॉस में होता है मददगार
यदि आप वजन को कम करना चाहते हैं तो ऐसे में लाल केला का सेवन आपको बहुत ही ज्यादा फायदा पंहुचा सकता है। लाल केले के रोजाना सेवन से वेट लॉस में आपको मदद मिल सकती है। इसके सेवन से आपका पेट लंबे समय तक भरा हुआ रहता है। वहीं फाइबर की भरपूर मात्रा होने की वजह से आपको जल्दी-जल्दी भूख भी नहीं लगती है। फाइबर की भरपूर मात्रा होती है और कैलोरी की कम मात्रा होने के कारण ये वजन को कंट्रोल करने में मददगार होता है। इसलिए यदि आप इसका सेवन सुबह के ब्रेकफास्ट में करते हैं तो ये लंबे समय तक आपको भूख लगने से बचाता है और आपके वेट को कंट्रोल करने में भी मदद करता है।

Red Banana Benefits: लाल केला सेहत को स्वस्थ बना के रखने में होता है फायदेमंद, जानिए इसके फायदे

4.पाचन क्रिया में लेकर आता है सुधार
लाल केले को यदि आप अपने डाइट में शामिल करते हैं तो ये आपके पाचन क्रिया को मजबूत बना के रखने में मदद करता है। इसके सेवन से पेट से जुड़ी कई बीमारियां भी दूर होती हैं जैसे कि कब्ज,पेट में दर्द या गैस की समस्या आदि। वहीं ये खाने को पचाने में भी आपकी मदद कर सकता है। इसमें पोटैशियम की भरपूर मात्रा पाई जाती है। ये शरीर में इलेक्ट्रोलाइट की भी पूर्ती कर सकता है। इसलिए रोजाना एक लाल केले को आपको अपने डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए। क्योंकि ये पेट के सेहत के लिए बहुत ही ज्यादा अच्छा होता है

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सर्दी में रोज खाएं तुलसी का पत्ता सेहत को मिलेगा जबरदस्त फायदा

नई दिल्ली : आयुर्वेद के अनुसार तुलसी छोटी से लेकर कई गंभीर बीमारियों को दूर करने में सहायक होती है। तुलसी एक आयुर्वेदिक दवा है। तुलसी के पत्तों में आवश्‍यक तेल जैसे यूजेनॉल कैरोफिलीन और मिथाइल यूजेनॉल आदि होते हैं। ये घटक अग्‍नाशयी बीटा कोशिकाओं के कामकाज को सुधारने में मदद करते हैं जो इंसुलिन प्रबंधन में सहायक होते हैं। शरीर में इंसुलिन का उत्‍पादन बढ़ने से रक्‍त शर्करा के स्‍तर को कम करने में मदद मिलती है। यदि आप भी मधुमेह के रोगी हैं तो नियमित रूप से सुबह खाली पेट तुलसी के पत्तों का सेवन कर लाभ प्राप्‍त कर सकते हैं। आज हम आपको तुलसी से होने वाले फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं । दिल को स्‍वस्‍थ्‍य रखने के लिए तुलसी के पत्तों का सेवन सुबह में करें। ये यूजेनॉल से भरपूर होते हैं। इनकी मौजूदगी शरीर के रक्‍तचाप और कोलेस्‍ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद करती है। ऐसे में सुबह खाली पेट तुलसी के पत्ते खाने से दिल को स्वस्थ्य रख सकते हैं।

तुलसी से होने वाले फायदे

1- ओरल हेल्थ

तुलसी आपकी ओरल हेल्थ के लिए अच्छी होती है। इसका सेवन करने से मुंह में छिपे बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद मिलती है। इसका साथ ही यह एक माउथ फ्रेशनर का भी काम करती है। इसका सेवन करने से आपकी सांसों में ताजगी बनी रहेगी

2-सर्दी छू भी नहीं पाएगी

सर्दी और जुकाम होना कोई गंभीर स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍या नहीं है लेकिन एक बार यह हो जाती है तो किसी भी काम को करने की इच्छा नहीं होती। यदि आप सर्दी को बेअसर करना चाहते हैं, तो तुलसी के पत्तों का उपयोग कर सकते हैं। तुलसी के पत्तों में एंटी-माइक्रोबियल गुण होते हैं जो सर्दी के लक्षणों को कम करने में मदद करते हैं।

3-कैंसर से बचाए

जो लोग कैंसर के खतरे से बचना चाहते हैं उन्‍हें नियमित रूप से तुलसी के पत्तों का सेवन करना चाहिए। तुलसी के पत्तों में एंटी-कार्सिनोजेनिक और एंटीऑक्‍सीडेंट की उच्‍च मात्रा होती है। ये घटक रक्त वाहिकाओं को स्‍वस्‍थ्‍य रखने रक्‍तचाप को नियंत्रित करने और स्‍तन कैंसर के विकास को रोकने में मदद करते हैं। इस तरह से कैंसर के लक्षणों को कम करने के लिए तुलसी के पत्ते खाली पेट खाना लाभदायक होता है।

4 - बुखार को कम करने में मदद मिलती है

तुलसी का सेवन करने से आपकी इम्यूनिटी बूस्ट होती है, जिससे आपको संक्रमण से बचने के लिए मदद मिलती है। आप सर्दी-जुकाम और खांसी से बचने के लिए तुलसी का सेवन कर सकते हैं।

5 - सिर दर्द में राहत

तुलसी आपको सिर के दर्द से राहत देने में मदद करती है। आप तुसली की चाय का सेवन कर सकते हैं।

6 - मेटाबॉलिज्म दुरुस्त करने का काम करती है

अगर आप पेट की समस्याओं से परेशान है तो रोजाना खाली पेट तुलसी के पत्ते का सेवन कर सकते हैं। इससे आपका मेटाबॉलिज्म सिस्टम दुरुस्त होगा। इसके साथ ही आपको गैस, अपच, एसिडीटी समेत कई समस्याओं से राहत मिलेगी।

7 - स्किन के लिए अच्छी होती है तुलसी

आपकी स्किन के लिए भी अच्छी होती है इसमें एंटी-एजिंग गुण पाएं जाते हैं, जो आपकी त्वचा को जवा बनाएं रखने में मदद करते हैं।



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health care इन सब चीजों को करें अपने भोजन में शामिल शरीर होगा मजबूत कई बीमारियों से मिलेगी राहत

नई दिल्ली : भागमभाग भरी लाइफस्टाइल और हमारे खानपान की आदतों के कारण आज कोई न कोई किसी न किसी बीमारी से जूझ रहा है। वजह है शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता की कमी। इसमें कोई शक नहीं कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए अच्छी डाइट और उचित लाइफस्टाइल की जरूरत है। ऐसे में फिट और सेहतमंद बने रहने के लिए खानपान में कुछ बदलाव लाना बेहद जरूरी है। आइए जानें ऐसी चीजों के बारे में जो प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करती हैं। कुछ चीजें ऐसी भी है जिनको एक साथ खाने से आपकी सेहत के लिए फायदेमंद होता है । हममें से कई लोग भोजन को लेकर बड़े कॉन्शियस होते है। वहीं कुछ चीजें ऐसी भी है जिनको एक साथ खाने से आपकी सेहत के लिए फायदेमंद होता है

1. टमाटर और जैतून का तेल

वैसे तो टमाटर को आप कितनी चीजों के साथ मिलाकर खा सकते हैं. इससे किसी भी चीज का स्वाद दोगुना हो जाता है। वहीं टमाटर में लाइकोपीन पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है जो कैंसर जैसी बीमारी से लड़ने वाले गुण होते हैं। लेकिन इसको और ज्यादा हेल्दी बनाने के लिए इसे जैतून के तेल में पकाकर खाएं।

2. हल्दी और काली मिर्च

हल्दी और काली मिर्च दोनों ही स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद हैं। लेकिन इन दोनों को मिलाकर खाने के पीछे खाने से गठिया जैसी बीमारी से राहत मिल सकती है क्योंकि हल्दी में एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइंफ्लेमेट्री गुण पाए जाते हैं जो हमारे स्वास्थ्य के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं।

3. ओटमील और बेरी

ओटमील और बेरी का गजब का कॉम्बिनेशन है. जी हां, आपने कई लोगों को ओटमील में बेरी मिलाकर खाते देखा होगा। वे सिर्फ इसलिए नहीं खाते है कि दोनों के साथ में खाने से स्वाद बढ़ जाता है। बल्कि इन दोनों की पेयरिंग पौष्टिक के लिहाज से सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। बेरी मे फाइबर पर्याप्त मात्रा में होता हैय जबकि ओटमील विटामिन बी और आयरन के साथ पैक किया जाता है।

4. पालक
पौष्टिक तत्वों से भरपूर इस पत्तेदार सब्जी में फोलेट नामक ऐसा तत्व पाया जाता है जो नए सेल्स बनाने के साथ उन सेल्स में मौजूद डीएनए की मरम्मत का भी काम करता है। इसमें मौजूद आयरन फाइबर एंटीऑक्सीडेंट तत्व और विटामिन सी शरीर को हर तरह से स्वस्थ बनाए रखते हैं।

5. ब्रोकली
इसमें विटामिन ए और सी के अलावा ग्लूटाथियोन नामक एंटी ऑक्सीडेंट तत्व पाया जाता है। ये इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने वाली ऐसी सब्जी है जो आप रोजमर्रा के भोजन में आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें थोड़ा सा पनीर मिलाकर स्वादिष्ट सलाद तैयार किया जा सकता है जिसके सेवन से शरीर को पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन और कैल्शियम भी मिल जाता है।



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good health tips for winter जानिए सर्दी में हाथों को झुर्रियों से बचाने और हाथों को मुलायम रखने के आसान उपाय

नई दिल्ली : रोजमर्रा के कार्यों के बीच अक्सर हम ऐसी गलतियां कर देते हैं जिसके कारण हाथों पर झुर्रियां पड़नी शुरू हो जाती हैं। समय से पहले हाथों पर आने वाली ये झुर्रियां ना केवल आपकी सुंदरता को प्रभावित कर सकती हैं बल्कि व्यक्ति का ध्यान आपकी तरफ आकर्षित भी कर सकती हैं। ऐसे में इनके बारे में पता होना जरूरी है। आज हम आपको बताएंगे कि किन गलतियों के कारण हाथों पर झुर्रियां पड़ सकती हैं। हाथों पर झुर्रियां आने के पीछे रोजमर्रा में की गई गलतियां जिम्मेदार हो सकती हैं। ऐसे में जानते हैं इन गलतियों के बारे में।

हाथों पर झुर्रियां लाने वाले कारण

1 - शरीर में पानी की कमी
शरीर में पानी की कमी के कारण व्यक्ति को झुर्रियों का सामना करना पड़ सकता है। जी हां, डिहाइड्रेशन के कारण अकसर व्यक्ति को ना केवल त्वचा की बल्कि हाथों की झुर्रियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में दिन में 10 से 12 गिलास पानी पीना जरूरी है। बता दें कि खुद को हाइड्रेट रखने से न केवल हाथ सुंदर नजर आ सकते हैं बल्कि व्यक्ति का चेहरा भी खिला-खिला नजर आ सकता है

2 - सैनिटाइजर के ज्यादा इस्तेमाल से
कोरोनाकाल में सभी लोगों ने सैनिटाइजर को अपना दोस्त बनाया। ऐसा इसलिए क्योंकि सैनिटाइजर के इस्तेमाल से लोग कोरोना वायरस को शरीर में प्रवेश करने से रोक सकते थे। बता दें कि लोग हाथ धोने की बजाय भी सैनिटाइजर का इस्तेमाल कर रहे हैं। जिसके कारण उनके हाथ जरूरत से ज्यादा ड्राई नजर आ सकते हैं। यदि कारण होता है उन्हें अपने हाथों पर झुर्रिया नजर आनी शुरू हो जाती हैं।

3 - हाथों में मॉइश्चरराइजर की कमी
हाथों पर नमी की कमी के कारण भी अकसर लोगों को झुर्रियों का सामना करना पड़ता है। खासकर सर्दियों में लोगों को रूखी त्वचा के चलते कई बार रिंकल्स नजर आ सकते हैं। ऐसे में समय रहते इस समस्या को दूर करना जरूरी है। आप हाथों पर प्राकृतिक नमी को बरकरार रखने के लिए नारियल के तेल की मदद भी ले सकते हैं।

4 - सनब्लॉक का इस्तेमाल करना भूल जाएं
अकसर लोग बाहर जाने से पहले सनब्लॉक का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन बता दें कि सनब्लॉक का इस्तेमाल केवल चेहरे के लिए ही नहीं होता है। लोगों को हाथों पर भी सनब्लॉक का इस्तेमाल करना चाहिए। वरना सूर्य की हानिकारक किरणों के चलते अकसर लोगों को हाथों की झुर्रियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में बाहर निकलने से पहले हाथों पर भी सनब्लॉक का इस्तेमाल करें।

5 - नाइटकेयर में रूटीन में कमी

अकसर लोग दिन में अपनी त्वचा का ख्याल रख लेते हैं लेकिन नाइट में त्वचा का ख्याल रखना भूल जाते हैं। हाथों के लिए नाइटकेयर रूटीन को अपनाना जरूरी है। ऐसे में नाइटकेयर रूटीन में हैंड क्रीम या पेट्रोलियम जेली का इस्तेमाल कर सकते हैं और हाथों की त्वचा को मॉइश्चरराइज कर सकते हैं। बता दें कि रात भी इनके हाथों पर लगे रहने से ना केवल झुर्रियों से राहत मिल सकती है बल्कि व्यक्ति के हाथ एब्जॉर्ब भी कर लेते हैं।



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अपनाए ये आसान उपाय सर्दियों में फटे होंठ से मिलेगा राहत हैं होंट होगा मुलायम

नई दिल्ली : अगर आप सर्द‍ियों में फटे होंठ से परेशान है तो ल‍िप केयर रूटीन में आप क्‍लीन‍िंग स्‍क्रबिंग मॉइश्‍चराइजर आद‍ि को शाम‍िल करें साथ ही होंठ को मॉइश्‍चर देने के ल‍िए पानी का पर्याप्‍त मात्रा में सेवन करें। जिसे आप का होंट मुलायम और गुलाबी होगा । आइए जानते सर्दियों में होंट की देखभाल के लिए आसान टिप्स ।

सर्दियों में होंठ को मुलायम बनाने के ट‍िप्‍स
अगर आप सर्दियों फटे होंट से बचना चाहते हैं और अपने में होंठ को मुलायम बनाना चाहते हैं तो आपको ढेर सारा पानी पीना चाह‍िए पानी पीने से बॉडी हाइड्रेट रहती है और स्‍क‍िन में मॉइश्‍चर रहता है। आपको रोजाना सोने से पहले होंठ पर नार‍ियल का तेल या श‍िया बठर एप्‍लाई करना चाह‍िए नार‍ियल के तेल से होंठ मुलायम बनते हैं।

1. रात को सोने से पहले होंठ क्‍लीन करें
आपको रात को सोने से पहले सबसे पहले अपने होंठ क्‍लीन करने चाह‍िए। होंठ साफ करने से होंठ पर मौजूद धूल या गंदगी साफ हो जाती है। होंठ को साफ करने के ल‍िए आप कोई भी कैर‍ियर ऑयल जैसे नार‍ियल का तेल या बादाम का तेल ऑल‍िव ऑयल का इस्‍तेमाल कर सकते हैं।

2. रात को सोने से पहले लि‍प स्‍क्रब‍िंग करें
आपको रात को सोने से पहले ल‍िप स्‍क्रब करना चाह‍िए ल‍िप स्‍क्रब करने से होंठ पर मौजूद डेड सैल्‍स कम होते हैं। आप चीनी और शहद की मदद से होंठ की स्‍क्रब‍िंग कर सकते हैं।

3. रात को सोने से पहले ल‍िप्‍स हाइड्रेट करें
आपको रात को सोने से पहले ल‍िप्‍स को हाइड्रेट भी रखना है, डाइट के जर‍िए ल‍िप्‍स को हाइड्रेट रखा जा सकता है। अगर आपके होंठ सूख रहे हैं तो इसका एक कारण ड‍िहाइड्रेशन की समस्‍या भी हो सकती है। होंठ को हाइड्रेट रखने के ल‍िए रोजाना 7 से 8 ग‍िलास पानी पीएं। आप होंठ को हाइड्रेट करने के ल‍िए श‍िया बटर का इस्‍तेमाल भी कर सकते हैं।

ल‍िप केयर मास्‍क कैसे बनाएं
1. नाइट ल‍िप केयर मास्‍क बनाने ल‍िए आपको एक टीप्‍सून कोकोनट ऑयल की जरूरत होगी।
2. कोकोनट ऑयल में आप एक व‍िटाम‍िन ई की कैप्‍सूल काटकर ऑयल म‍िक्‍स करें।
3. इस म‍िश्रण में आप गुलाब की पंखुड़‍ियों का पेस्‍ट म‍िक्‍स कर सकते हैं।
4. आपको ल‍िप केयर मास्‍क में बादाम तेल की दो बूंदें मिक्‍स करनी है।
5. इस पेस्‍ट को ल‍िप्‍स पर लगाकर छोड़ दें और रात भर के ल‍िए मास्‍क को ल‍िप्‍स पर लगा रहने दें।
6. रात में लि‍प केयर रूटीन फॉलो करने से कुछ समय बाद आपके ल‍िप्‍स मुलायम लगने लगेंगे।



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जानिए खाली पेट काजू खाना आप की सेहत के लिए फायदेमंद है या नुकसानदेह

नई दिल्ली : अगर खाली पेट काजू का सेवन किया जाए तो सेहत को कई फायदे हो सकते हैं। लेकिन हम बात कर रहे हैं खाली पेट काजू के सेवन की। बता दें कि यदि खाली पेट काजू का सेवन किया जाए तो इसके कई फायदे हो सकते हैं। आज हम आपको बताएंगे कि यदि काजू का सेवन खाली पेट किया जाए तो सेहत को क्या-क्या फायदे हो सकते हैं। साथ ही खाली पेट काजू खाने के नुकसान के बारे में भी जानेंगे। लेकिन इसकी अधिकता सेहत के लिए नुकसानदेह भी हो सकती है।

खाली पेट काजू खाने के फायदे
यदि व्यक्ति खाली पेट सुबह उठकर काजू का सेवन करता है तो इससे सेहत को कई फायदे हो सकते हैं।

1 - कब्ज की समस्या से राहत
जिन लोगों को कब्ज की समस्या रहती है उन्हें बता दें कि काजू के सेवन से कब्ज की समस्या को दूर किया जा सकता है। काजू के अंदर भरपूर मात्रा में फाइबर मौजूद होता है। ऐसे में इसके सेवन से ना केवल पाचन तंत्र तंदुरुस्त रह सकता है बल्कि व्यक्ति पेट की समस्याओं से दूर भी रह सकता है। ऐसे में कब्ज से राहत पाने के लिए काजू का खाली पेट सेवन करना एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।

2 - वजन को करें नियंत्रित
वजन को कम करने में काजू आपके बेहद काम आ सकता है। बता दें कि यदि सुबह खाली पेट काजू का सेवन किया जाए तो ऐसे में व्यक्ति को दिन भर में भूख नहीं लगती है और वह अधिक भोजन खाने से भी बच सकता है। अधिक भोजन करना ही अधिक वजन का कारण हो सकता है। ऐसे में काजू के सेवन से व्यक्ति का वजन नियंत्रित हो सकता है।

3 - याददाश्त हो तेज
याददाश्त तेज करने में काजू आपके बेहद काम आ सकता है। जैसा कि हमने पहले भी बताया कि काजू के अंदर मैग्नीशियम पाया जाता है और मैग्नीशियम के सेवन से मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है। ऐसे में जो लोग याददाश्त को तेज करना चाहते हैं वह अपनी डाइट में काजू को जोड़कर शरीर में मैग्नीशियम के स्तर को सही रख सकते हैं और अपनी याददाश्त को तेज बना सकते हैं।

4 - हड्डियों को मिलेगी मजबूती
हड्डियों को मजबूत करने में काजू आपके बेहद काम आ सकता है। जैसा कि हमने पहले भी बताया कि काजू के अंदर मैग्नीशियम पाया जाता है जो हड्डियों को मजबूत रखने में उपयोगी है। वहीं काजू के अंदर सोडियम और कैल्शियम भी मौजूद होता है जो हड्डियों की कमजोरी को दूर करने में उपयोगी है। ऐसे में आप काजू के सेवन से हड्डियों को मजबूत कर सकते हैं या हड्डियों की समस्या से राहत पा सकते हैं।

खाली पेट काजू खाने के नुकसान

1 - काजू के अंदर सोडियम पाया जाता है। ऐसे में यदि काजू का सेवन अधिक मात्रा में किया जाए तो शरीर में सोडियम का स्तर बढ़ सकता है और सोडियम के स्तर से हाई ब्लड प्रेशर की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

2 - काजू के अंदर फाइबर मौजूद होता है। ऐसे में यदि शरीर में फाइबर की मात्रा बढ़ जाए तो शरीर को पेट से संबंधित कई समस्याएं जैसे पेट फूलने की समस्या गैस की समस्या आदि का सामना करना पड़ सकता है।

3 - काजू के अंदर पोटेशियम मौजूद होता है। ऐसे में यदि शरीर में पोटेशियम का स्तर बढ़ने लगे तो शरीर को किड़नी से संबंधित कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

एक दिन में कितने काजू खा सकते हैं
एक दिन में एक व्यक्ति 4 से 5 काजू का सेवन कर सकता है। इससे संबंधित एक रिसर्च भी सामने आई है, जिससे पता चलता है कि जिन लोगों का वजन कम है या जो स्पोर्ट्स एक्टिविटी करते हैं वे 50 से 100 ग्राम काजू का सेवन सुबह खाली पेट कर सकते हैं। संबंधित रिसर्च पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

काजू के सेवन से शरीर को क्या फायदे हो सकते हैं। लेकिन इसकी अधिकता सेहत के लिए नुकसानदेह भी हो सकती है। ऐसे में सबसे पहले काजू की सीमित मात्रा का ज्ञान होना जरूरी है। उसके बाद ही व्यक्ति काजू को अपनी डाइट में जोड़ें।



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sweet potato benefits सर्दी में बच्चों के लिए बहुत लाभदायक होता है शकरकंद जानें इसके फायदे

नई दिल्ली : सर्दी के मौसम में छोटे बच्चों को शकरकंद जरूर खिलाना चाहिए। यह उनके शारीरिक विकास में मदद करता है। शकरकंद स्वादिष्ट और पौष्टिक होता है। इसलिए इसे छोटे बच्चों को आसानी से खिलाया जा सकता है। 6 महीने के बाद बच्चे को शकरकंद खिलाया जा सकता है। लेकिन शकरकंद पूरी तरह से पकाया हुआ और नरम होना चाहिए। लेकिन अगर बच्चा न खाए, तो उसे जबरदस्ती करके न खिलाएं। जोर-जबरदस्ती से खिलाने से बच्चा खाने से भूर भागने लगेगा।

शकरकंद में मौजूद पोषक तत्व
शकरकंद में कैल्शियम, आयरन मैग्नीशियम फॉस्फोरस पोटैशियम और सोडियम काफी मात्रा में पाया जाता है। इसमें जिंक भी होता है। शकरकंद में मौजूद ये सभी तत्व शिशुओं के लिए जरूरी होते हैं। विटामिन ए के अलावा शकरकंद में विटामिन सी विटामिन ई विटामिन के विटामिन बी1 विटामिन बी6 और विटामिन बी9 भी होता है। शकरकंद की सभी किस्में शिशुओं के लिए फायदेमंद होती हैं। इनमें विटामिन ए एंथोसायनिन होता है। इससे बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनती है।

बच्चों के लिए शकरकंद के फायदे
क्या शकरकंद बच्चों या शिशुओं के लिए फायदेमंद है? जी हां। शकरकंद पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसमें बीटा-कैरोटीन, विटामिन ए भरपूर होता है। शकरकंद शिशुओं के स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी होता है। इसमें मौजूद विटामिन बी 6 भी होता है, जो मस्तिष्क के विकास में मदद करता है। जानें शकरकंद के फायदे

1. आंखों के लिए फायदेमंद शकरकंद

शकरकंद में विटामिन ए होता है। जो शारीरिक विकास आंखों के लिए जरूरी पोषक तत्व  है। इसलिए बच्चे को इसे जरूर खिलाएं। शकरकंद में मौजूद बीटा-कैरोटीन शरीर में विटामिन-ए बनाता है। आंखों की रोशनी बढ़ाने का अच्छा उपाय है।

2. मेटाबॉलिज्म दुरुस्त बनाए शकरकंद

शकरकंद मेटाबॉलिज्म को दुरुस्त बनाने में मदद करता है। मेटाबॉलिज्म को ठीक करने के लिए कई तरह के मिनरल्स  की जरूरत होती है। ये सभी मिनरल्स शकरकंद  में पाए जाते हैं। 

3. शारीरिक विकास में मददगार शकरकंद

शिशुओं के शारीरिक विकास के लिए उन्हें शकरकंद  खिलाना बहुत फायदेमंद होता है। इसमें कई तरह के विटामिंस पाए जाते हैं जो बच्चे के प्रत्येक अंग को विकसित करने में मदद करते हैं।

  4. कब्ज की समस्या दूर करे

छोटे बच्चों को अकसर ही कब्ज की समस्या रहती है। कब्ज की समस्या दूर करने के लिए बच्चे को शकरकंद खिलाना फायदेमंद होता है। शकरकंद में डाइटरी फाइबर होता है जिससे कब्ज से राहत मिलती है। यह कब्ज से छुटकारा पाने का अच्छा उपाय है।

5. ऊर्जावान बनता है शिशु 

शकरकंद में स्टार्च और विटामिंस होते हैं जो शिशु को एनर्जेटिक बनाते हैं। शकरकंद एक सुपर फूड है इसलिए बच्चों को इसे जरूर खिलाएं।

6. इम्यूनिटी बढ़ाए

शकरकंद में विटामिन सी और विटामिन ई मौजूद होता है। इससे शिशु की इम्यूनिटी मजबूत होती है। शकरकंद खिलाने से शिशु या बेबी जल्दी बीमार नहीं पड़ता है।

7. वजन बढ़ाने में लाभकारी

शकरकंद में भरपूर मात्रा में कैलोरी होती है। अगर आपके शिशु का वजन कम है, तो आप उसे शकरकंद खिला सकते हैं। इससे उसका वजन बढ़ने में आसानी होगी। शिशु का शारीरिक विकास भी होगा।

शकरकंद स्वाद में मीठा होता है, इसलिए बच्चे इसे शौक से खाते हैं। आप बच्चों को शकरकंद की अलग-अलग रेसिपी बनाकर खिला सकते हैं। लेकिन अगर आपके बच्चे को इसका स्वाद पसंद न आए तो उसे जबरदस्ती न खिलाएं।



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Monday, 13 December 2021

जानिए बच्चों को कैसे बनाएं वक्त का बच्चों को टाइम मैनेजमेंट सिखाने के आसान तरीके

नई दिल्ली :बच्चों को वक़्त का पाबंद होना जरूरी है। ऐसे में माता-पिता कुछ तरीकों को अपनाकर अपने बच्चों को वक्त की कीमत का अहसास करवा सकते हैं। ऐसे में कुछ तरीके माता-पिता के बेहद काम आ सकते है। आज हम आपको से बताएंगे कि माता-पिता कैसे अपने बच्चों को वक़्त का पाबंद बना सकते हैं। इसके

कुछ आदतें जो बच्चों को सिखाएं

1 - बने खुद उदाहरण
अकसर बच्चे अपने माता-पिता द्वारा की गई एक्टिविटीज को दोहराने की कोशिश करते हैं। ऐसे में सबसे पहले माता-पिता को वक्त की कीमत समझनी जरूरी है। यदि वे बच्चे के सामने वक्त बर्बाद करेंगे या बेकार के कामों में अपना समय व्यतीत करेंगे तो बच्चे भी आपको देखा देख इसी चीज को दोहराएंगे और सीखेंगे। ऐसे में सबसे पहले माता पिता को न केवल समय की कीमत समझनी होगी बल्कि बच्चों के लिए एक उदाहरण भी बनना होगा।

2 - बच्चों को दें इनाम
यदि आपके बच्चे ने कोई काम समय पर पूरा किया है या आपके द्वारा तय समय पर किसी काम को समाप्त कर दिया है तो ऐसे में न केवल उसकी तारीफ करें बल्कि उसके काम की सराहना करते हुए उसे इनाम भी दें। ऐसा करने से वह भविष्य में भी अपने काम को न केवल समय पर पूरा करने के लिए प्रेरित होगा बल्कि यह उसकी आदत का भी हिस्सा बन जाएगा।

3 - बच्चों को दें घड़ी या कैलेंडर
बच्चों के पास एक घड़ी या कैलेंडर का होना जरूरी है। ऐसा इसलिए क्योंकि वह घड़ी या कैलेंडर को देखकर ही टाइम मैनेजमेंट को समझ पाएंगे। उदाहरण के तौर पर आप कैलेंडर पर या घड़ी पर समय निर्धारित करें कि बच्चे को किस समय उठना है, किस समय पर सोना है किस समय नहाना है। ऐसा करने से बच्चे उस समय को फॉलो करेंगे और समय पर अपना काम पूरा करने की कोशिश करेंगे।

4 - बच्चे को दिखाएं अपना भरोसा
यदि आपके बच्चे में आत्मविश्वास की कमी है तो हो सकता है कि ऐसे में वह किसी भी काम को थोड़ा धीरे धीरे या रुक रुक कर पूरा करता हो। ऐसे में आपकी जिम्मेदारी है कि आप अपने बच्चे को भरोसा दिखाएं कि वह अपना काम भली-भांति और समय पर पूरा कर सकता है। जब आप अपने बच्चे पर भरोसा रखेंगे तो बच्चे के अंदर भी आत्मविश्वास का विकास होगा।

5 - बातों की कीमत समझाएं
बच्चे को बताएं कि जुबान की कीमत क्या होती है। यदि बच्चे ने किसी से कहा है कि यह काम वो तय समय पर पूरा करके देंगा तो बच्चे को उसी समय पर काम को पूरा करने के लिए प्रेरित करें। ऐसा करने से न केवल सामने वाला व्यक्ति बच्चे की जुबान की कीमत को समझेगा बल्कि उस पर भरोसा भी रखेगा। ऐसे में बच्चे के अंदर भी ईमानदारी का विकास होगा।

6 - छोटे बच्चों का करें मार्गदर्शन
बच्चों को सही राह दिखाना भी माता-पिता की जिम्मेदारी है। ऐसे में केवल कहने मात्र से काम नहीं चलेगा। माता-पिता को समय-समय पर अपनी बच्चों का मार्गदर्शन करना होगा। यदि बच्चे आपके द्वारा द्वारा दिए गए नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं तो ऐसे में उसे प्रेरित करने के लिए आप मार्गदर्शन दें और सही तरीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करें।

माता-पिता कुछ तरीकों को अपनाकर अपने बच्चों को वक़्त का पाबंद बना सकते हैं। हालांकि इसके लिए उन्हें थोड़े से धैर्य और अनुशासन की जरूरत है। बच्चों की आदत में एक साथ बदलाव लाना संभव नहीं है। ऐसे में सबसे पहले माता-पिता को खुद के अंदर बदलाव लाने की जरूरी है। तभी वह अपने बच्चे के अंदर भी बदलाव ला सकते हैं।



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दंडासन योग जो तनाव कम करने के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है जानें इसके फायदे

नई दिल्ली : आज के समय में जब दुनियाभर में योग का डंका बज रहा है तो ऐसे में तमाम योग एक्सपर्ट ऐसे कुछ प्राचीन योगासनों का अभ्यास कर उनके फायदों के बारे में बताते रहते हैं। इन्हीं आसनों में से एक है विपरीत दंडासन । विपरीत दंडासन का अभ्यास शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के साथ मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद माना जाता है। विपरीत दंडासन का अभ्यास शरीर को लचीला बनाने और एंग्जायटी कम करने के लिए बहुत लाभदायक माना जाता है । आइये विस्तार से जानते हैं विपरीत दंडासन के फायदे

क्या है विपरीत दंडासन योग

विपरीत दंडासन योग का अभ्यास एक्सपर्ट लेवल पर किया जाता है और इसे कठिन योगासन माना जाता है। इस आसन का नाम संस्कृत भाषा के शब्द से बनाया गया है। अंग्रेजी में विपरीत दंडासन को इनवर्टेड स्टाफ पोज कहा जाता है। कठिन योगासन होने की वजह से विपरीत दंडासन का अभ्यास 30 से 40 सेकंड तक के लिए ही किया जाता है। दंडासन का अभ्यास जमीन पर बैठ कर किया जाता है और विपरीत दंडासन का अभ्यास करते समय आपका शरीर ऊपर की तरफ उठा हुआ होता है। शरीर को बेहतर आकार देने के लिए स्ट्रेच करने के लिए और मानसिक समस्याओं जैसे तनाव और एंग्जायटी को कम करने के लिए इसका अभ्यास बहुत फायदेमंद माना जाता है।

विपरीत दंडासन का अभ्यास करने के फायदे
विपरीत दंडासन या इनवर्टेड स्टाफ पोज का अभ्यास करने से शरीर को लचीला बनाने और मानसिक समस्याओं को दूर करने के लिए बहुत उपयोगी माना जाता है। शरीर के अंगों को स्टिम्युलेट करने और शरीर को लचीला बनाने के लिए विपरीत दंडासन का अभ्यास बहुत फायदेमंद होता है।

1. विपरीत दंडासन का रोजाना अभ्यास करने से आपके शरीर को मजबूती मिलती है। इसके अलावा शरीर को लचीला बनाने के लिए विपरीत दंडासन का अभ्यास बहुत फायदेमंद माना जाता है। इसका अभ्यास करने से रीढ़ की हड्डी, हैमस्ट्रिंग कंधे, गर्दन और पेट की मांसपेशियों को फायदा मिलता है। मांसपेशियों में खिंचाव की वजह से शरीर को अधिक मजबूत और लचीला बनाने में इसका अभ्यास उपयोगी होता है।

2. एंग्जायटी को कम करने और दिमाग को शांत करने के लिए विपरीत दंडासन का अभ्यास बहुत फायदेमंद माना जाता है। मानसिक समस्याएं जैसे तनाव चिंता और घबराहट आदि को दूर करने के लिए भी नियमित रूप से विपरीत दंडासन या इनवर्टेड स्टाफ पोज का अभ्यास फायदेमंद माना जाता है।

3. पाचन तंत्र के लिए विपरीत दंडासन का अभ्यास बहुत उपयोगी माना जाता है। इसका अभ्यास करते समय आपके पेट पर दबाव पड़ता है जिसकी वजह से आपकी पाचन प्रक्रिया को मजबूती मिलती है। रोजाना विपरीत दंडासन का अभ्यास करने वाले लोगों में पेट या पाचन से जुड़ी समस्याओं का खतरा नहीं रहता है।

4. विपरीत दंडासन का अभ्यास साइटिका की समस्या में भी बहुत उपयोगी माना जाता है। इसके नियमित अभ्यास से साइटिका नर्व्स से जुड़ी समस्याओं में फायदा मिलता है। इसका अभ्यास करने से शरीर में रक्त का प्रवाह भी बढ़ता है जो साइटिका की समस्या में फायदेमंद होता है।

5. शरीर के संतुलन को ठीक बनाए रखने के लिए विपरीत दंडासन या इनवर्टेड स्टाफ पोज का अभ्यास बहुत फायदेमंद माना जाता है।

6. जो लोग नियमित रूप से रनिंग करते हैं या दौड़ते हैं उनके लिए इस आसन का अभ्यास बहुत फायदेमंद माना जाता है। इसका अभ्यास आपकी हैमस्ट्रिंग को खोलने में मदद करता है।



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सर्दियों में ज्यादा गुड़ का सेवन सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है जानिए नुकसान के कारण

नई दिल्ली :सर्दी के मौसम में गुड़ खाना लोग काफी पंसद करते हैं। गुड़ को सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद भी माना जाता है। गुड़ औषधीय गुणों से भरपूर होता है और यही वजह है कि बरसों से आयुर्वेद में भी गुड़ खाने की सलाह दी गुड़ कई बीमारियों के इलाज के लिए आयुर्वेद में काफी समय से प्रयोग किया जाता रहा है। मसलन माइग्रेन डाइजेशन चक्कर आना और घबराहट जैसी समस्या को कंट्रोल करने में गुड़ काफी फायदेमंद होता है। लेकिन अगर आप जरूरत से अधिक गुड़ खाते हैं तो इससे सेहत को नुकसान भी होता है। हम गुड और तिल की बाद करें तो कई तरह की चीजों में इन दोनों का इस्तेमाल किया जाता है। गुड और तिल का सेवन हमारे शरीर के लिए काफी फायदेमंद साबित होता है। ऐसे में आइए जानते हैं इसके फायदों के बारे में

गुड खाने के नुकसान

1.वज़न का बढ़ना

अगर आप एक दिन में बहुत सारा गुड़ खा लेते हैं तो इसकी वजह से आपका वजन तेजी से बढ सकता है। आपको बता दें कि 10 ग्राम गुड में 9.7 ग्राम शुगर मौजूद होता है। वजन तेजी से बढ़ना- जो लोग डायटिंग करते हैं उन्हें गुड के अत्यधिक सेवन से बचना चाहिए। गुड में कैलोरी की मात्रा काफी अधिक पाई जाती है। जिससे आपका वजन बढ़ सकता है

2. ब्लड शुगर को बढ़ाता है

अगर आप अधिक गुड़ खाएं तो आपके ब्‍लड शुगर को ये बढा देता है जिसकी वजह से कई समस्‍याएं शुरू हो जाएंगी गुड़ का सेवन करने से ब्लड शुगर का स्तर भी बढ़ सकता है क्योंकि 10 ग्राम गुड़ में करीब 9.7 ग्राम शुगर होता है. अगर आपको ब्लड शुगर की समस्या है तो इससे दूर ही रहें।

3. बदहजमी

फ्रेश गुड़ खाने से बदहजमी और पेट खराब की समस्या होने लगती है इसलिए मार्केट से जब भी गुड़ खरीदें तो जांच कर लें कि गुड़ फ्रेश है या फिर कुछ समय पुराना। कई लोगों को गुड़ खाने से बदहजमी और पेट खराब की समस्या हो जाती है। इस लिए खरीदते समय अधिक सचेत होकर गुड़ खरीदें. नया गुड़ डायजेशन में दिक्‍कत करता है। अगर आपको गुड़ खाने के बाद इस तरह की समस्‍या हो रही है तो आपको डॉक्‍टर से संपर्क करना चाहिए।

4 .बॉडी फूल जाना

पहले से अगर शरीर में सूजन रहती है तो आपके लिए गुड़ का सेवन बहुत ही नुकसानदेह है। गुड़ में सुक्रोज काफी अधिक होता है जो सूजन को अधिक बढ़ा सकता है। शोधों में भी इस बात की पुष्टि हुई है कि शरीर में सुक्रोज ओमेगा-3 फैटी एसिड जब एक साथ मिलते हैं तो शरीर में सूजन की समस्या शुरू हो जाती है। आपको पहले से ही शरीर में सूजन है तो गुड़ का सेवन बिल्कुल ना करें। गुड़ में सुक्रोज काफी अधिक होता है जो आपके सूजन को और अधिक बढ़ा सकता है।

5. नाक से खून आना

गुड की तासीर काफी गर्म होती है ऐसे में इसका बहुत अधिक सेवन करने से शरीर में गर्मी बढ़ सकती है जिससे नाक से खून आ सकता है। खासतौर पर गर्मियों में गुड नहीं खाना चाहिए।



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जानिए सुबह-सुबह घास पर नंगे पांव चलने से सेहत होने वाले फायदे के बारे में दूर होतीं हैं ये बीमारियां

नई दिल्ली : यह बात तो सभी जानते हैं कि सुबह की सैर हमारी सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होती है। हरी घास पर नंगे पैर चलने से शारीरिक और मानसिक तनाव दूर हो सकता है। चलने के फायदे सभी को पता होंगे और यह एक तरह का व्‍यायाम भी है लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि नंगे पैर घास पर चलना आपके स्‍वास्‍थ्‍य के लिहाज से कितनी फायदेमंद है। अच्छे स्वास्थ्य के लिए टहलना बहुत महत्वपूर्ण होता है। सिर्फ वॉक कितनी देर की जाए इस बात पर ध्यान देने से ही फायदा नहीं होता बल्कि ये भी सोचना चाहिए कि वॉक कहां की जाए। वॉक के लिए पार्क जाइये और हरियाली देखिये। हरियाली के बीच सुबह का टहलना न केवल तनाव से मुक्ति दिलाता है बल्कि दिल के लिए भी अच्छा है। हृदय रोगियों को हरियाली के बीच टहलना चाहिए। घास पर टहलने के और भी कई लाभ होते हैं। आइये जानते हैं उनके बारे में।

सुबह हरी घास पर नंगे पैर चलने के फायदे

1. आंखों की रोशनी होगी तेज

अगर आप अपने आंखों की रोशनी को अच्छा करना चाहते हैं तो घास पर चलना आपके लिए काफी अच्छा होगा।  डॉक्टर्स के अनुसार हमारे पैरों में एक प्रेशर पॉइन्‍ट होता है।  नंगे पाव घास पर चलने से ये इस प्रेशर पॉइन्‍ट प्रेशर पड़ता है।  जिसकी वजह से ये दुरुस्त रहता है।  डॉक्टर्स के अनुसार हरी चीजों को देखने से आंखों की रोशनी अच्छी होती है।  अगर आप घास की ओस अपनी आंखो में रोजाना सुबह लेंगे। तो इससे आपके आंखों की रोशनी काफी अच्छी होगी। सुबह-सुबह ओस में भीगी घास पर चलने से आंखों की रोशनी भी तेज होती हैं। जो लोग चश्मा लगाते है कुछ दिन नंगे पैर हरी घास पर चलने से उनका चश्मा उतर जाता है या चश्मे का नंबर कम हो जाता है। ये भी ग्रीन थेरेपी का चमत्कार है 

2. मधुमेह में उपयोगी
मधुमेह रोगियों के लिए हरियाली के बीच बैठना टहलना और उसे देखना बहुत अच्छा माना जाता है। ऐसे लोगों में कोई भी घाव आसानी से नहीं भरता परंतु मधुमेह रोगी यदि हरियाली के बीच रह कर नियमित गहरी सांस लेते हुए टहले तो शरीर में ऑक्सीजन की पूर्ति होने से समस्या से निजात पाया जा सकता है। 

3. उच्च रक्तचाप में लाभदायक
उच्च रक्तचाप के सभी रोगियों को प्रतिदिन सूर्योदय के समय भ्रमण के लिये किसी पार्क में जाकर एक घंटे शुद्ध वायु के वातावरण में प्रतिदिन बैठने व इसी अवधि में ओस पड़ी हरी घास पर कुछ समय नंगे पैर नियमित चलने से पर्याप्त लाभ मिलता है।

4. छींक एलर्जी का इलाज
ग्रीन थेरेपी का मुख्य अंग है हरी-भरी घास पर नंगे पैर चलना या बैठना। सुबह-सुबह ओस में भीगी घास पर चलना बहुत बेहतर माना जाता है। जो पांवों के नीचे की कोमल कोशिकाओं से जुड़ी तंत्रिकाओं द्वारा मस्तिष्क तक राहत पहुंचाता है।

5. नर्वस सिस्‍टम होगा दुरुस्त

अगर आप घास पर नंगे पांव चलते हैं तो इससे आपका नर्वस सिस्टम भी अच्छा रहता है। दरअसल नंगे पाव चलने से हमारे पैर का विशिष्ट एक्यूपंक्चर पॉइन्‍ट उत्तेजित होता हैं जो हमारी नर्वस सिस्टम को उत्तेजित करने में सहायक होती है। इससे नर्वस सिस्‍टम में काफी सुधार होता है। 



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Health Benefits Of Sweet Potato: जानिए शकरकंद से होने वाले इन बेहतरीन फायदों के बारे में

नई दिल्ली। Health Benefits Of Sweet Potato: शकरकंद का सेवन अक्सर आप अपने स्वाद को बदलने के लिए कभी-कभी कर लेते होंगें,पर क्या आपको पता है कि शकरकंद न केवल स्वाद में अच्छा होता है बल्कि सेहत के लिए भी इसे बहुत ही ज्यादा बेहतरीन माना जाता है। ये अनेकों पोषक तत्वों से भरपूर होता है जो इम्युनिटी को बूस्ट करता है, वहीं कई बीमारियों को भी शरीर से दूर करता है। इसमें बीटा केरोटीन, विटामिन ए, विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। वहीं शकरकंद का ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी बहुत ही कम होता है। इसलिए आपको भी शकरकंद से होने वाले इन फायदों के बारे में जानना चाहिए।

पाचन तंत्र को मजबूत बना के रखता है
यदि आपके पाचन में भी परेशानी रहती है तो स्वीट पोटैटो को आप अपने रोजाना कि डाइट में शामिल कर सकते हैं। इसमें फाइबर की भरपूर मात्रा पाई जाती है वहीं इसमें कैलोरी की मात्रा न के बराबर होती है। फाइबर युक्त भोजन के सेवन से आपका पेट आसानी से साफ़ हो जाता है वहीँ ये डाइजेस्ट भी हो जाते हैं। शकरकंद का रोजाना सेवन खराब पाचनतंत्र को भी सुधार सकता है। इसमें प्रोटीन की भरपूर मात्रा पाई जाती है। वहीं ये गैस्ट्रिक डाइजेशन को भी स्वस्थ रखने में सहायक होता है।

Health Benefits Of Sweet Potato: जानिए शकरकंद से होने वाले इन बेहतरीन फायदों के बारे में

शुगर के लेवल को करता है कंट्रोल
यदि आपके शरीर में शुगर की मात्रा बढ़ी हुई रहती है तो ऐसे में शकरकंद का सेवन आपको बहुत ही ज्यादा फायदा पंहुचा सकता है। खून में बढे हुए ग्लूकोज के स्तर को ये कम कर देता है। वहीं शकरकंद में एक फ्लेवोनोइड नामक तत्व पाया जाता है जो खून में मौजूद ग्लूकोज के स्तर को कंट्रोल में करने में सहायक हो सकते हैं। वहीं ये अनेकों गुणों से भी भरपूर होता है इसमें एंटीडायबिटिक के जैसे ढेरों गुण पाए जाते हैं। जो शुगर के लेवल को कंट्रोल में करने में आपकी मदद कर सकते हैं। इसलिए इसका सेवन आपको जरूर करना चाहिए।

Health Benefits Of Sweet Potato: जानिए शकरकंद से होने वाले इन बेहतरीन फायदों के बारे में

हार्ट की सेहत के लिए
यदि हार्ट की समस्या को आप दूर करना चाहते हैं तो शकरकंद का सेवन आपको फायदा पंहुचा सकते हैं। इसमें सोडियम,पोटाशियम,कैल्शियम के जैसे अनेकों पोषक तत्व आदि भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। शकरकंद का सेवन हृदय गति को नियंत्रित्र करने में भी मददगार होता है। वहीं ये खून को पतला भी बनाता है। शकरकंद में फ्लेवोनॉइड, एंटी ऑक्सीडेंट्स, एंटी इन्फ्लामेट्री, एंटीकार्सिनोजेनिक जैसे गुणों से भी भरपूर होता है। जो दिल की सेहत को स्वस्थ बना के रखने में मददगार होता है।

Health Benefits Of Sweet Potato: जानिए शकरकंद से होने वाले इन बेहतरीन फायदों के बारे में

अस्थमा की समस्या को दूर करने के लिए
अस्थमा की समस्या से यदि आप परेशान रहते हैं तो शकरकंद का सेवन आपको फायदा पंहुचा सकता है। इसमें एंटी ऑक्सीडेंट्स और एंटी इन्फ्लामेट्री के जैसे तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। वहीं इसमें केरोटीन नामक तत्व भी होता है जो शरीर को स्वस्थ बना के रखने में सहायक होता है। यदि आपको स्वास से जुड़ी समस्याएं रहती हैं तो ऐसे में शकरकंद का सेवन बहुत ही ज्यादा लाभदायक साबित हो सकता है। इसे आप डाइट में कई तरीकों से खा सकते हैं जैसे कि भुनी हुई शकरकंद, हल्वे के रूप में, दूध के साथ आदि।

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Radish Leaf Benefits: स्वस्थ रहने के लिए करें मूली के पत्तों का सेवन, होंगें अनेकों फायदे

नई दिल्ली। Radish Leaf Benefits:मूली का सेवन तो आप करते ही होंगें लेकिन क्या आपको पता है कि मूली के साथ-साथ इसके पत्ते भी सेहत के लिए बहुत ही ज्यादा अच्छे होते हैं। मूली के पत्ते कई तरीकों के पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इसमें विटामिन ए, विटामिन सी, सोडियम, मिनरल्स, आयरन,मैग्नीशियम आदि सारे तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। मूली के पत्ते का सेवन से वहीं आपके पेट से जुड़ी दिक्क्तें भी दूर हो जाती हैं। आप अपने डाइट में मूली के पत्तों को कई तरीके से शामिल कर सकते हैं। जैसे कि इसकी सब्जी के रूप में, जूस के रूप में आदि।

ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखने के लिए
ब्लड प्रेशर को कम करने में मूली के पत्ते काफी ज्यादा लाभदायक साबित हो सकते हैं। इसमें एक एंटीहाइपरटेंसिव नामक तत्व भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखने में मदद कर सकता है। ब्लड प्रेशर के पेशेंट को रोजाना सुबह एक गिलास मूली के पत्तों का जूस का भी सेवन करना चाहिए। ये ब्लड प्रेशर के जैसी समस्या को नियंत्रण में रखने में कारगर साबित हो सकती है। वहीं इसे अनेकों तरीकों से अपने डाइट में शामिल किया जा सकता है। ये ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के साथ-साथ अन्य बीमारियों को भी दूर रखती है।

Radish Leaf Benefits: स्वस्थ रहने के लिए करें मूली के पत्तों का सेवन, होंगें अनेकों फायदे

डायबिटीज के मरीजों के लिए
यदि आप डायबिटीज के पेशेंट हैं मूली के पत्ते आपको बहुत ही ज्यादा फायदा पंहुचा सकते हैं। इसमें कई सारे ऐसे तत्व होते हैं जो डायबिटीज की समस्या को कम करने में आपकी मदद कर सकते हैं। यदि आपके शरीर में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ी रहती है तो ऐसे में मूली के पत्ते का सेवन इन्हें नियंत्रण करने में बहुत ही ज्यादा लाभदायक साबित हो सकता है। इसके सेवन से एंजाइमेटिक निषेध प्रभाव बॉडी में ग्लूकोज की मात्रा को कम करके शुगर के प्रबंधन और रोकने में भी सहायक हो सकता है। इसलिए डायबिटीज के मरीजों के लिए मूली के पत्तों का सेवन लाभदायक साबित हो सकता है।

Radish Leaf Benefits: स्वस्थ रहने के लिए करें मूली के पत्तों का सेवन, होंगें अनेकों फायदे

लिवर के लिए
यदि आप भी लिवर को लंबे समय तक स्वस्थ बना के रखना चाहते हैं तो मूली के पत्तों का सेवन आपको फायदा पंहुचा सकता है। इसके पत्तों में एक हेपेटोप्रोटेक्टिव नामक तत्व पाया जाता है, जो लिवर को लंबे समय तक स्वस्थ बना के रखता है। मूली के पत्तों का इस्तेमाल आप कई तरीकों से कर सकते हैं जैसे कि इसकी सब्जी बना के खा सकते हैं, जूस के रूप में आदि। लिवर का स्वस्थ रखना सेहत के लिए बहुत ज्यादा आवश्यक होता है। ऐसे में मूली का पत्ता आपकी मदद कर सकता है। यदि रोज आप इसे डाइट में शामिल करते हैं।

Radish Leaf Benefits: स्वस्थ रहने के लिए करें मूली के पत्तों का सेवन, होंगें अनेकों फायदे

इम्युनिटी को देता है बढ़ावा
इम्युनिटी को बढ़ाने के लिए मूली का पत्ता बहुत ही ज्यादा लाभदायक होता है। मूली के पत्ते को यदि आप अपने डाइट में शामिल करते हैं तो ये भरपूर मात्रा में शरीर को आयरन, फ़ास्फ़रोस के जैसे कई सारे फायदेमंद तत्व को बढ़ाता है। वहीं ये विटामिन ए, विटामिन सी के जैसे कई विटामिन्स से भरपूर भी होता है। इसमें एक एंटीजेनिक निर्धारक और प्रोटियोग्लाइकेन नामक तत्व पाया जाता है, जो इम्युनिटी को बढ़ाने में बहुत ही ज्यादा मददगार होते हैं। वहीं ये पेट से जुड़ी समस्याओं को भी दूर कर देते हैं।

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good tips for Hair Fall जानिए आसान और घरेलू उपाय जिसे बाल का गिरना होगा बंद चंद दिनों में दिखाई देने लगेगा असर

नई दिल्ली : सामान्यता हमारे बाल भी एक निश्चित विकास चक्र से गुजरते हैं। पहला फेस 3 से 4 महीने की अवधि के लिए होता है जिसे एनाफेज कहते हैं इस फेज में बाल बढ़ते हैं। फिर आती है टेलोजन फेज.इस फेज में बाल 3 महीने आराम करते हैं टेलोजन फेज के अंत में बाल गिर जाते हैं। हर समय हमारे 10% बाल वेस्टिंग फेस में होते हैं जो 2 से 3 महीने के बाद गिर जाते हैं उनकी जगह पर नए बाल आ जाते हैं। लेकिन कुछ लोगों में बाल गिरने की समस्या बहुत अत्यधिक होती है इसका सबसे बड़ा कारण है खोपड़ी का कमजोर होना। सिर की खोपड़ी के मजबूती के लिए नियमित व्यायाम संतुलित पोषण पर्याप्त नींद पर्याप्त पानी और तनाव से दूर रहना चाहिए।

ये है बालों के झड़ने के कारण

आपने कभी यह महसूस किया है कि आपके बाल गर्मियों के मौसम में पतले और सर्दी के मौसम में घने मालूम पड़ते हैं । अधिकतर कुछ लोगों में मौसम बदलाव के कारण में बाल झड़ सकते हैं। लेकिन आपकी बाल झड़ने की प्रक्रिया बहुत तेज है तो आप विशेषज्ञ से मिले क्योंकि आपकी कोई और प्रॉब्लम हो सकती है सर्दियों में बालों में अधिकतर डैंड्रफ हो जाते हैं। डैंड्रफ भी बालों को झड़ने का प्रमुख कारण होता है। डैंड्रफ से बचने के लिए हमें नियमित रूप से बालों को शैंपू से धोना चाहिए सैंपल अच्छे ब्रांड का होना चाहिए सप्ताह में दो से तीन दिन शैंपू यूज़ करें। गर्मियों में हमारे वाले रूखे हो जाते हैं जिसके कारण बालों में कड़ापन हो जाता है इसलिए गर्मियों में बालों को मुलायम रखने के लिए बालों को सूखने से बचाने के लिए नियमित तेल लगाना चाहिए।

बालों को झड़ने से कैसे रोके

1. विटामिन ए बालों की पोषण के लिए बहुत जरूरी होता है

हमारे शरीर में विटामिन ए की कमी ना होने दें विटामिन ए बालों की पोषण के लिए बहुत जरूरी होता है लेकिन यह ध्यान रखें विटामिन ए अधिक मात्रा में ना लें। आज के समय में अपने बालों को डिजाइन फैशन दिखाने के लिए हॉट रोरल हेयर ड्राय बालों को सीधा रखने के लिए जेल और कॉलिंग आयरन का उपयोग करते हैं। इन आधुनिक मशीन के कारण हमारे बालों में खिंचाव रूखापन और काडीपन आता है जिसके कारण बाल झड़ने लगते हैं। इन सब चीजों का उपयोग कभी काल जैसे शादी ब्याह का पार्टी फंक्शन में जाना हो तभी यूज़ करें।

2. तनाव चिंता से मुक्त रहें

बालों से झड़ने को रोकने के लिए तनाव चिंता और घरेलू समस्याएं को लेकर गंभीर विचार नहीं करना चाहिए जिससे हमारे मस्तिष्क को क्षति पहुंचती है इसके लिए हमें योगा जोगिंग नार्मल एक्सरसाइज करना चाहिए जिससे हमारे मस्ती को शांति मिल सके। कम से कम हमारे शरीर को 6 से 8 घंटे की नींद लेनी चाहिए। बालों को धोते समय माइल्ड शैंपू और कंडीशनर का इस्तेमाल करना चाहिए जिससे हमारे बालों को आवश्यक नुकसान ना हो। सप्ताह में एक से दो बार हमारे बालों पर तेल से अच्छी तरह मालिश करना चाहिए। इससे रक्त संचार बढ़ता है बालों का विकास होता है।

3 बालों को अच्छी तरह से साफ करे

एक्सरसाइज करने और जिम से आने के बाद बालों को अच्छी तरह धो ले क्योंकि सिर पर पसीने की गंदगी ना जमा रहे। चाय कॉफी कैफीन युक्त पदार्थ और कार्बोहाइड्रेट ड्रिंक से दूर रहना चाहिए इन्हें कम मात्रा में उपयोग करना चाहिए। तेज हवा या धूप से रक्षा के अपने बालों पर टोपी या रुमाल से सिर को बांध लेना चाहिए। नहाने के बाद भीगे हुए बालों को तुरंत कम ही नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे बालों के टूटने का खतरा बढ़ जाता है। बालों को अच्छी तरह सूखने दें उसके बाद ही कंघी करें. बालों को धोने के बाद तोलिए से धीरे-धीरे पोछना चाहिए क्योंकि तेजी से बालों को लगाने से वह कमजोर हो जाता है और टूटने का डर बना रहता है



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Sunday, 12 December 2021

Causes Of Frozen Shoulder: जानिए कंधे की अकड़न के कारण,इसके लक्षण और घरेलू उपचारों के बारे में

नई दिल्ली। Causes Of Frozen Shoulder: फ्रोजेन शोल्डर की बात करें तो ये बहुत ही ज्यादा कॉमन है,बढ़ती उम्र के साथ अक्सर लोगों को ऐसी समस्याएं होती रहती हैं वहीं सर्दियों के मौसम में ये समस्याएं और भी ज्यादा बढ़ जाती हैं। ऐसी बीमारियां आमतौर पर लाइफस्टाइल और अनियमित खान-पान के कारण अधिक होती है। इसलिए रोजाना व्यायाम करने की और प्रॉपर डाइट को फॉलो करने कि अधिक आवश्य्कता होती है। ताकि आप स्वस्थ रहे साथ ही साथ फ्रोजेन शोल्डर के जैसी समस्याएं भी शरीर से दूर रहे।

Causes Of Frozen Shoulder: जानिए कंधे की अकड़न के कारण,इसके लक्षण और घरेलू उपचारों के बारे में

फ्रोजेन शोल्डर होता क्या है-
फ्रोजेन शोल्डर की बात करें तो इसे एक और नाम से भी जाना जाता है "एडहेसिव कैप्सूलाइटिस ", ये एक प्रकार से कंधे में होने वाला दर्द है। जिसका यदि आप शुरुआत से ध्यान नहीं देते हैं तो ये और बढ़ता चला जाता है। इसके कारण वहीं आपके कंधे में दर्द बना रहता है और आपको अपना काम करने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसके होने पर हड्डियां भी सही तरीके से काम नहीं कर पाती हैं और हाथों को मोड़ने में भी दर्द का अहसास होता है।

फ्रोजेन शोल्डर के लक्षण की पहचान-
आपके कंधे में दर्द का लगातार बने रहना, वहीं इतना दर्द होना जहां आप काम भी ठीक से न कर पा रहे हों।
कंधे में तेज दर्द का लगातार अनुभव होना।
हाथों को ऊपर या नीचे की और हिलाने से दर्द का और बढ़ जाना।

ये हैं कुछ घरेलू उपचार जो आपके काम आ सकते हैं-

1.कंधे में जकड़न को दूर करने के लिए एक्सरसाइज आपकी काफी हद तक मदद कर सकता है। इसलिए स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज को जरूर करें। लेकिन साथ ही साथ यदि आप डॉक्टर की सलाह से एक्सरसाइज करते हैं तो वे इस समस्या को दूर करने के लिए आपको बेहतर एक्सरसाइज बता सकते हैं। वहीं जिस हाँथ में फ्रोजेन शोल्डर की समस्या हो उससे कोई भी भारी चीज न उठाएं।

2.सेंधा नमक भी कंधे में होने वाले दर्द और फ्रोजेन शोल्डर को दूर करने में सहायक हो सकता है, इसे करने से आपके मांसपेशियों का तनाव दूर होगा वहीं ये ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बना के रखने में भी आपकी मदद कर सकता है। इसलिए जब आप सिकाई करें तो एक चमच्च सेंधा नकम का जरूर मिला लें।

3.ठंडे पानी की तरह आप गर्म पानी का इस्तेमाल भी कर सकते हैं,गर्म पानी सूजन की समस्या को दूर करने में आपकी बहुत ही ज्यादा मदद कर सकती है साथ ही साथ इसके करने से आपको कंधों में होने वाले दर्द से भी निजात मिल सकता है। कंधे में ज्यादा दर्द होने से आप गर्म पाने से अपने कंधे कि लगातर सिकाई करें लगभग 10 से लेकर 15 मिनट तक वहीं दिन में दो ये तीन आप भी आप ऐसा कर सकते हैं।

4.कंधे में ज्यादा दर्द हो रहा हो तो आप ठन्डे पानी से सिकाई कर सकते हैं, ये दर्द को कम करने में आपको मदद करेंगें। आप एक रुमाल लें उसमें बर्फ रखें और हल्के-हल्के हाथों से अपंने कंधों की सिकाई करें। ऐसा कम काम से कम पांच मिनट तक करें। वहीं ये दर्द ज्यादा हो रहा हो तो डॉक्टर से भी जरूर संपर्क करें।

5.यदि आप सख्त पिलो का इस्तेमाल करते हैं तो कम करदें क्योंकि ये आपके कंधों की समस्या को और बढ़ा सकता है, इसलिए आप सॉफ्ट पिलो का ही इस्तेमाल करें।

6.फ्रोजेन शोल्डर की समस्या कई बार शरीर में कैल्शियम के कमी के कारण भी आ सकती हैं ऐसे में इसे दूर करने के लिए आप कैल्शियम से युक्त भोजन को अपने डाइट में जरूर शामिल करें।



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सर्दियों में शरीर को गर्म रखने के लिए ये योगासन जरूर करें मौसमी बीमारियों से भी बचाएगा

नई दिल्ली : डी के महीनों में गिरते तापमान की वजह से तमाम लोग परेशान होते हैं और लोग रोजाना वर्कआउट या व्यायाम भी नहीं कर पाते हैं। ऐसे में कुछ योगासन ऐसे भी हैं जिनका अभ्यास कर आप कड़ाके की ठंड से अपना बचाव कर सकते हैं और शरीर के तापमान को भी ठीक कर सकते हैं। फिट रहने के साथ-साथ शरीर को गर्म रखने के लिए सर्दी के मौसम में इन योगासनों का अभ्यास बहुत फायदेमंद माना जाता है। आइये जानते हैं इनके बारे में।

सर्दी के मौसम में शरीर को गर्म रखने के लिए करें ये योगासन
सर्दी के मौसम की शुरुआत हो चुकी है और इस मौसम में शरीर को ठंड से बचाने के लिए लोग तमाम तरह के उपाय अपनाते हैं। सर्दी की वजह से तमाम ऐसे लोग भी हैं जो नियमित रूप से एक्सरसाइज या वर्कआउट नहीं कर पाते हैं। ऐसे लोगों के लिए योगासनों का नियमित अभ्यास बहुत फायदेमंद हो सकता है। कुछ योगासन ऐसे हैं जिनका रोजाना अभ्यास कर आप सर्दी से अपना बचाव कर सकते हैं। आइये जानते हैं इनके बारे में।

1. नौकासन

नौकासन शब्द दो संस्कृत शब्दों से मिलकर बना है। जिसमें नौका का मतलब है नाव और आसन का अर्थ है आसन या सीट। इस योगासन के अभ्यास में आपका शरीर नाव की मुद्रा में हो जाता है। यह आसन मध्यम श्रेणी का योगासन है जिसका अभ्यास प्राचीन काल से ही किया जा रहा है। पेट की चर्बी कम करने से लेकर रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाने तक इस योगासन के अनेकों स्वास्थ्य लाभ हैं। रोजाना सही ढंग से नौकासन का अभ्यास करने से आपके फेफड़े मजबूत होते हैं और पेट के अंदर मौजूद अंगों को भी फायदा मिलता है। नौकासन के अभ्यास में आपका शरीर अंग्रेजी के अक्षर V की आकृति में आ जाता है। इसके अभ्यास से आपके लोअर बैक पेट, कोर और बाइसेप्स और ट्राइसेप्स और पैर व टखनों के लिए बहुत फायदेमंद होता है।

2. शीर्षासन

शीर्षासन को वृक्षासन और कपालासन के नाम से भी जाना जाता हैं। शीर्षासन के कई लाभ हैं इसीलिए इसे बहुत ही उपयोगी माना जाता है। शीर्षासन का अभ्यास सिर के बल किया जाता है। इस योगासन का अभ्यास करने से पहले आपको इसके अभ्यास के लिए कोशिश करनी पड़ती है। यह एक कठिन आसनों में से एक माना जाता है। पूरे शरीर की सेहत को ठीक करने के लिए इस आसन का अभ्यास बहुत फायदेमंद माना जाता है।

3. सेतुबंधासन

सेतुबंधासन का नाम दो शब्दों से मिलकर बना है। पहला सेतु जिसका अर्थ है पुल और दूसरा बंध जिसका मतलब बांधना होता है। सेतुबंधासन का नियमित अभ्यास पीठ और रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाने के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। सेतुबंधासन का नियमित अभ्यास करने के फायदे अनेक हैं लेकिन विशेष रूप से यह पीठ और रीढ़ की हड्डी के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इस आसन का अभ्यास करने से आपकी पीठ, गर्दन और रीढ़ की हड्डी व सीने को फायदा मिलता है। इसमें आप शरीर के इन अंगों को स्ट्रेच करते हैं और इसके अभ्यास से मांसपेशियां मजबूत होती हैं। इसका नियमित रूप से अभ्यास कर आप शरीर को सर्दी के मौसम में भी गर्म रख सकते हैं।

4. कुंभकासन
कुंभकासन का नियमित अभ्यास हड्डियों के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। इसका नियमित अभ्यास करने से आपके कंधे की हड्डियां भी मजबूत होती हैं। इसका रोजाना सही ढंग से अभ्यास करने से पेट और हिप्स की मांसपेशियों के साथ रीढ़ की हड्डी भी मजबूत होती है। कुंभकासन का अभ्यास करने से सर्दी के मौसम में शरीर का तापमान बढ़ जाता है।



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बालों को स्वस्थ रखने के लिए कितना फायदेमंद होता है हेल्दी स्नैक्स जानें इन्हें खाने के फायदे

नई दिल्ली : बालों को स्वस्थ रखने के लिए हम क्या नहीं करते। पर अगर आप अपनी डाइट में कुछ हेल्दी स्नैक्स शामिल करें तो ये काम और आसान हो जाएगा। आज हम आपको कुछ ऐसे स्नैक्स के बारे में बताएंगे जो कि आपके बालों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। साथ ही हम आपको ये भी बताएंगे कि इन चीजों में ऐसा क्या है जो कि आपके बालों के लिए खासतौर पर फायदेमंद है।

बालों को स्वस्थ रखने के लिए खाएं ये हेल्दी स्नैक्स
1. अखरोट खाएं
अपने शाम के नाश्ते में आप अखरोट खा सकते हैं। अखरोट बालों के लिए बहुत फायदेमंद हैं। अखरोट में ओमेगा-3 होता है जो कि बालों को स्वस्थ और सुंदर बनाए रखने के लिए फैट का एक प्रकार है। ओमेगा-3 बालों के रोम और त्वचा को पोषक तत्व प्रदान करता है। साथ ही ये स्कैल्प की सूजन को कम करता है। इस तरह ये सीधे बालों के झड़ने से रोकता है। इसके अलावा अखरोट ब्लड सर्कुलेशन को बढ़वा देता है और बालों के विकास में एक मुख्य भूमिका निभाता है।

2. गाजर स्प्राउट्स
गाजर न केवल आपकी आंखों को तेज करने में मदद करता है बल्कि इसका विटामिन ए बालों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में भी मदद करता है। विटामिन ए की मौजूदगी स्कैल्प में सीबम बनाने में मदद करती है। सीबम एक बहुत ही महत्वपूर्ण तत्व है जो स्कैल्प और बालों को अच्छी तरह से मॉइस्चराइज रखने में मदद करता है और मॉइस्चराइज्ड स्कैल्प का मतलब है स्वस्थ बाल। इसके अलावा स्प्राउट्स यानी कि अंकुरित अनाज फोलिक एसिड से भरपूर होती है। फोलिक एसिड की उपस्थिति आपके स्कैल्प को ऑक्सीजन प्रदान करने में मदद करती है जो बालों के विकास और सेल नवीनीकरण को बढ़ावा देती है। तो, शाम को स्प्राउट्स लें और उसमें गाजर को कद्दूकस करके मिलाएं। अब ऊपर से चाट मसाला और नमक मिलाएं। सबको सर्व करें।

3. पनीर-मटर स्नैक्स
शाम के स्नैक्स के लिए आप मटर को भून कर कच्चे पनीर में मिला कर खा सकते हैं। दरअसल, कच्चा पनीर खाने के फायदे कई हैं। कच्चे पनीर में कैल्शियम और प्रोटीन की भरपूर मात्रा होती है। ये आपके बेजान बालों के लिए बेहद फायदेमंद है। तो, वहीं हरी मटर स्वस्थ बालों के लिए एक संतुलित आहार है। इसमें जिंक आयरन और विटामिन बी जैसे सभी प्रकार के खनिजों और विटामिन हैं जो आपके बालों और स्कैल्प के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।

4. शकरकंद और ब्लूबेरी चाट
शाम के लिए शकरकंद और ब्लूबेरी चाट परफेक्ट स्नैक्स है। शकरकंद बीटा-कैरोटीन से भरा होता है जिसका सेवन करने पर विटामिन ए में परिवर्तित हो जाता है। विटामिन ए खराब स्कैल्प और डल बालों को रोकता है और बालों के रोम में ऑक्सीजन को उत्तेजित करता है। इसके अलावा ब्लूबेरी विटामिन सी से भरा होता है जो स्कैल्प और बालों के रोम में ऑक्सीजन के संचार में मदद करता है और बालों को टूटने से रोकता है।

5. बनाना टोस्ट
केले में पोटेशियम और सिलिका होता है जो बालों के रोम को खनिज, विटामिन, फैट और प्रोटीन की आपूर्ति करता है और इसे मोटा बनाता है। आप केले से टोस्ट बना सकते हैं। इसमें आप कद्दू के बीज डाल सकते हैं। कद्दू के बीज भी प्रोटीन ओमेगा -6 फैटी एसिड, जिंक और आयरन से भरे हुए हैं। ये दोनों मिल कर बालों को स्वस्थ बनाता है।

इस तरह आप इन पांच स्नैक्स को खा कर अपने बालों को बढ़ा सकते हैं। आपको ध्यान रखना है कि इन चीजो को आप रेगुलर खाएं। साथ ही डाइट में इन चीजों के अलावा अच्छे हेयर केयर रूटीन को भी फॉलो करें।



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Health Tips शरीर में ऑक्सीजन लेवल को बढ़ाने के लिए अपने डाइट में जरूर शामिल करें ये चीजें

नई दिल्ली : आजकल बढ़ते प्रदूषण और गलत खान-पान की वजह से ज्यादातर लोगों में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। ऐसे में आपको ऐसी चीजों का सेवन करना चाहिए। जिससे शरीर में ऑक्सीजन का स्तर बढ़े। ऐसे में यहां हम आपको कुछ ऐसी चीजों के बारे में बताएंगे। जिससे आपके शरीर में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ने के साथ-साथ आपकी इम्युनिटी भी मजबूत होती है। शरीर में हीमोग्लोबिन की उचित मात्रा बनाए रखने के लिए अपने आहार में कॉपर आयरन विटामिन के अलावा फॉलिक एसिड जरूर शामिल करना चाहिए ये पोषक तत्‍व खून में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ाने में मददगार होंगे। आइए जानते हैं।

ऑक्सीजन लेवल बढ़ाने के लिए करें इन चीजों का इस्तेमाल

1. खूब पानी पिएं

ऑक्सीजन के स्तर को बढ़ाने के लिए आहार में पानी पीना बहुत जरूरी है। क्योंकि हमारी कोशिकाओं को सांस लेने की जरूरत होती है। और जब हम पर्याप्त पानी पीते हैं। तो हमारा शरीर कोशिकाओं तक ऑक्सीजन पहुंचाता है। इसलिए नियमित रूप से खूब पानी पिएं।

2. कम नमक वाला आहार लें

आयुर्वेद के अनुसार कम नमक वाला आहार भी महत्वपूर्ण है। क्योंकि यह न केवल हृदय और रक्तचाप के लिए अच्छा है। बल्कि अधिक नमक के कारण जल प्रतिधारण भी सांस लेने में कठिनाई का कारण बन सकता है। वहीं, कम पोटैशियम से सांस लेने में दिक्कत हो सकती है।

3. हीमोग्लोबिन बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ खाएं

ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। इससे शरीर में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ जाता है। इसके लिए आप रेड मीट ऑर्गन मीट का सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा हरी पत्तेदार सब्जियां खजूर पोहा और दाल का भी सेवन कर सकते हैं। इसलिए आंवला अमरूद और नींबू जैसी चीजें खाएं।

ये चीजें भी बढ़ाएंगी ऑक्सीजन का स्‍तर
इसके अलावा नींबू में विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है आप इसे भी अपनी डाइट में जरूर शामिल करें। इससे कई बीमारियों से बचने में मदद मिलेगी साथ ही यह ऑक्सीजन का स्‍तर बढ़ाने में भी मददगार माना जाता है। लहसुन सेहत के लिए फायदेमंद होता है इसमें अल्कालाइन पर्याप्‍त मात्रा में पाया जाता है साथ ही यह ऑक्सीजन को बढ़ाने में भी मदद करता है।

ऑक्सीजन लेवल बढ़ाने के लिए करें हेल्दी ड्रिंक्स का सेवन

हेल्दी ड्रिंक कैसे बनाएं

हेल्दी ड्रिंक बनाने के लिए सामग्री

आधा कप कटी हुई गाजर आधा कप अनार चौथाई कप चुकंदर चौथाई कप पालक 2 कप संतरा आधा चम्मच हल्दी चुटकी भर दालचीनी पाउडर।

ड्रिंक बनाने की विधि- सभी को जूसर में ब्लेंड कर लें। फिर इसे गिलास में डालें। इसके बाद अब आप इसे छान कर पी सकते हैं।



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Brahmi Benefits: दिमाग की सेहत के साथ शरीर को भी स्वस्थ रखती है ब्राह्मी,जानें इसके और फायदे

नई दिल्ली। Brahmi Benefits: ब्राह्मी के बारे में आपने सुना ही होगा,लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये न केवल सेहत के लिए अच्छा होता है बल्कि दिमाग के लिए भी इसे बहुत ही ज्यादा अच्छा माना जाता है। ब्राह्मी से होने वाले फायदों कि बात करें तो ये याददाश्त को तेज बना के रखती है वहीं ये बालों के ग्रोथ से लेकर इम्युनिटी को भी बूस्ट करके रखती है। इसलिए यदि आप भी ब्राह्मी से होने इन फायदों के बारे में यदि नहीं जानते हैं तो आपको भी जानना चाहिए कि ब्राह्मी शरीर को स्वस्थ बना के रखने के साथ दिमाग के लिए भी अच्छी होती है।

Brahmi Benefits: दिमाग की सेहत के साथ शरीर को भी स्वस्थ रखती है ब्राह्मी,जानें इसके और फायदे

याददाश्त बढ़ाने में करती है मदद
यदि आपकी याददाश्त कमजोर है और आप चीजों को जल्दी-जल्दी भूल जाते हैं तो ऐसे में ब्राह्मी आपकी बहुत ही ज्यादा मदद कर सकती है। बढ़ती उम्र के साथ अक्सर ये समस्या रहती है कि चीजें याद नहीं रहती हैं ऐसे में ब्राह्मी आपकी बहुत ही ज्यादा मदद कर सकती है। वहीं इसका सेवन आपके याददाश्त को मजबूत तो बनाता ही है वहीं साथ ही साथ में सोचने की वृद्धि भी लेकर आता है। इसके सेवन से आपके सोचने की क्षमता भी तेज होती जाती है। इसलिए ब्राह्मी का सेवन आपके लिए बहुत ही ज्यादा लाभदायक साबित हो सकता है।

रक्त संचार के लिए ब्राह्मी
ब्राह्मी के रोजाना सेवन से आपका रक्त संचार दिन-प्रतिदिन बेहतर होता जाता है। इसमें मौजूद बूटी दिल और रक्त वाहिकाओं के भीतर एंडोथेलियम मेमबरेन से नाइट्रिक ऑक्साइड को रिलीज़ करके रखतचाप के जैसे खतरे को कम करने में सक्षम हो सकती है। वहीं इसके और फायदों की बात करें तो ये खून को पतला बना के रखने में भी मदद करती है। पतला खून होने से आसानी से नसों में रक्त प्रवाह हो सकता है। इसलिए आपका रक्त संचार को बेहतर बना के रखने में ब्राह्मी आपकी मदद कर सकती है।

तनाव होता है कम
ब्राह्मी का यदि रोजाना सेवन किया जाए तो ये काफी हद तक तनाव को कम करने में सक्षम होता है। ब्राह्मी तनाव को दूर करके रखने में आपकी मदद कर सकती है। क्योंकि इसके सेवन से कोर्टिसोल का लेवल कम होता जाता है। कोर्टिसोल की बात करें तो ये एक प्रकार से तनाव से जुड़ा हुआ ही एक प्रकार का हार्मोन होता है, ये बॉडी के सेरटोनिन के स्तर को बढ़ाकर स्ट्रेसबस्टर का काम करता है। तनाव को कम करने के लिए आप रोजाना नियमित रूप से ब्राह्मी के पत्ते और फूलों का सेवन करें।

दर्द में ब्राह्मी के तेल के फायदे
यदि आपके शरीर में अक्सर दर्द बना रहता है तो ऐसे में ब्राह्मी का सेवन तो करें हीं वहीं इसका ते भी बहुत ही ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है। ब्राह्मी के तेल में एंटीनोसिसेप्टिव नामक एक तत्व पाया जाता है जो दर्द को दूर करने में आपकी मदद कर सकता है। शरीर में दर्द की समस्या को दूर करने के लिए आप ब्राह्मी के तेल को लें और इसे गर्म करें, फिर इसे बॉडी में हल्के हाथों से लगालें। इससे आपको काफी ज्यादा मदद मिलेगी।

शुगर को कंट्रोल करने में
ब्राह्मी के सेवन से होने वाले और फायदों की बात करें तो ये शुगर के लेवल को कम करने में आपकी बहुत ही ज्यादा मदद कर सकती है। शुगर में एंटीऑक्सीडेंट्स के जैसे अनेकों तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं जो एंटीडायबिटिक होते हैं। इन तत्वों के भरपूर मात्रा में होने की वजह से ब्राह्मी शुगर के लेवल को कंट्रोल करने में बहुत ही ज्यादा फायदा पंहुचा सकती है। वहीं इसमें एंटीहाइपरग्लाइसेमिक गुण भी होता है। इसलिए यदि आप भी बढ़ते हुए शुगर के लेवल से परेशान रहते हैं तो ब्राह्मी का सेवन कर सकते हैं।



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