Sunday, 31 October 2021

Benefits of Water Chestnut: जानिए सिंघाड़ा आपके स्वास्थ्य के लिए कितना फायदेमंद होता है

नई दिल्ली। Benefits of Water Chestnut: सिंघाड़ा पानी में पैदा होता है। इसलिए इसे पानी फल भी कहा जाता है। सिंघाड़ा खाने से कई तरह के फायदे होते हैं। सिंघाड़ा में विटामिन ए, सिट्रिक एसिड, फॉस्फोरस, विटामिन सी, मैंगनीज, थायमिन, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, आयोडीन और मैग्नीशियम पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। इन तत्वों के होने से सिंघाड़ा हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी माना गया है, जो आपकी कई बीमारियों से रक्षा करते हैं। खासकर दिल की बीमारियों के लिए यह रामबाण औषधि है। साथ ही गले में खराश, थकावट, सूजन और ब्रोंकाइटिस में फायदेमंद है। आइए जानते हैं सिंघाड़ा के फायदे के बारे में।

सिंघाड़ा के फायदे

  • गले में किसी तरह की समस्या हो तो सिंघाड़ा खाने से फायदा होता है। अगर गला बैठ गया हो, गले में खराश हो गई हो या टॉन्सिल में सूजन आ गई हो तो सिंघाड़े को उबाल कर खाएं। सिंघाड़े का आटा दूध में मिला कर पीने से भी गले की समस्याओं में फायदा होता है।
  • सिंघाड़े में मौजूद आयोडीन, मैग्नीज जैसे मिनरल्स थायरॉइड और घेंघा रोग की रोकथाम में अहम भूमिका निभाते हैं।
  • कच्चे सिंघाड़े का सेवन करने से पाइल्स के कारण जो ब्लीडिंग होता है उसके दर्द और रक्तस्राव को कम करने में सहायता करता है।
  • प्रेग्नेंसी में सिंघाड़ा खाने से मां और बच्चा दोनों स्वस्थ रहते हैं। इससे गर्भपात का खतरा भी कम होता है। इसके अलावा सिंघाड़ा खाने से पीरियड्स की समस्याएं भी ठीक होती हैं।
  • सिंघाड़ा शरीर के लिए मैंगनीज का अवशोषक करने में सक्षम होता है जिससे शरीर को मैंगनीज का भरपूर लाभ मिलता है। यह पाचन तंत्र के लिए बढ़ि‍या है साथ ही बुढ़ापे में होने वाली कई बीमारियों से भी बचाता है।
    अगर एसिडिटी की समस्या हो और गैस ज्यादा बन रही हो तो सिंघाड़ा खाने से फायदा होता है। यह एसिटिडी को खत्म करता है। यह अधिक पित्त बनने और कब्ज की समस्या में भी फायदा करता है। अगर भूख नहीं लगती हो तो सिंघाड़ा खाने से अच्छी भूख लगती है।


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How To Get Rid of Lizard: अगर आप भी छिपकली से छुटकारा पाना चाहते हैं तो आजमाएं ये घरेलू उपाय

नई दिल्ली। How To Get Rid of Lizard: हर इंसान चाहता है कि उसका घर साफ सुथरा रहे और कीड़े मकोड़ों और छिपकलियों का वहां नामों निशान न हो। लेकिन फिर भी छिपकलियां घर में घुस आती है। कुछ लोग इनसे डर जाते हैं तो कुछ लोगों को छिपकली देखकर घृणा हो जाती है। कुछ लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन आपको शायद मालूम न हो कि छिपकली कई तरह से सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है। इसका मल अगर खाने में चला जाए तो फूड पॉइजनिंग का खतरा होता है, वहीं धोखे से अगर छिपकली खाने में गिर जाए तो व्यक्ति की मौत भी हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि छिपकली को घर से दूर रखा जाए। आइए जाने छिपकली से छुटकारा पाने के घरेलू उपाय के बारे में।

छिपकली से छुटकारा पाने के घरेलू उपाय

  • अंडे की गंध छिपकली को कभी पसंद नहीं आती, इसलिए जब भी आप अंडा खाएं तो इसे छिलकों को फेंकने की बजाय वहां रख दें जहां छिपकली आती है।
  • काली मिर्च एक ऐसा इनग्रेडिएंट है जो छिपकली को परेशान करता है और उनमें एक एलर्जीक रिएक्शन की वजह बनता है। आप घर पर ही काली मिर्च पाउडर को पानी में मिला लें और हर छिपकली वाले कोनों में इसका छिड़काव करें। आप काली मिर्च पाउडर के बजाय मिर्च के गुच्छे या लाल मिर्च पाउडर का भी उपयोग कर सकते हैं।
  • कॉफी पाउडर और कत्थे को मिलाकर एक गाढ़ा घोल बना लें। इसके बाद इसकी छोटी-छोटी गोलियां बनाकर उन जगहों पर रख दें, जहां छिपकली के होने की आशंका हो। कॉफी और कत्थे की गंध से या तो छिपकली मर जाएगी या फिर भाग जाएगी।
  • ठंडा पानी भी छिपकली भगाने में मदद कर सकता है। जब आपको कही छिपकली दिखे तो उसपर ठंडा पानी छिड़क दें। इससे वह भाग जाएगी।
  • लहसुन की कलियों को दरवाजे, खिड़कियों आदि पर रख दें। इससे छिपकली नहीं आएंगी।


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Herbs Must For Winters: आपको सर्दी के लिए तैयार करेंगे ये हर्ब्स

नई दिल्ली। Herbs Must For Winters: भारत को औषधियों का खजाना कहा जाए तो गलत नहीं होगा। इस खजाने के भीतर पेड़, पौधों, फूल, फल अथवा जड़ी-बूटियों के गुण समाहित है। तो आइए जानते हैं कुछ ऐसी ही जड़ी बूटियों के बारे में, जिनके सर्दी में सेवन से आप कई बीमारियों से अपने शरीर को सुरक्षित रख सकते हैं...

• अदरक
ठंड के मौसम में अदरक का सेवन सर्दी-खांसी और गले की खराश में राहत देता है। अदरक उबालकर इसका पानी पीने से इम्यूनिटी बढ़ने के साथ वायरल इंफेक्शन का खतरा भी कम होता है। इसके अलावा जोड़ों के दर्द में भी अदरक के फायदे देखे गए हैं।

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• तुलसी
हिंदू संस्कृति को मानने वाले परिवारों में तुलसी को एक पूजनीय पौधा माना जाता है। वहीं दूसरी तरफ इस का औषधीय महत्व भी है। एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इन्फ्लेमेंटरी गुणों से युक्त तुलसी का सेवन सर्दियों में बेहद लाभकारी होता है। सर्दियों में तुलसी का काढ़ा बनाकर पीने या चाय में इसके प्रयोग से प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। तुलसी की पत्तियों को चबाने से श्वसन प्रणाली बेहतर होने के साथ यह शरीर के लिए भी गर्मी प्रदान करती है।

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• रोजमेरी
कई व्यंजनों में रोजमेरी का इस्तेमाल किया जाता है। साथ ही पोटेशियम, कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम तथा विटामिन युक्त रोजमेरी में एलर्जी से लड़ने की क्षमता होती है। अस्थमा के मरीजों के लिए भी रोजमेरेनिक एसिड, एंटी-इन्फ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर रोजमेरी का सेवन आरामदायक होता है। इसके अलावा, रोजमेरी का तेल सूजन और दर्द से निजात दिलाने में भी इस्तेमाल किया जाता है।

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• अश्वगंधा
अश्वगंधा को आयुर्वेद की एक बेहद महत्वपूर्ण जड़ी-बूटी माना गया है। यूं तो अश्वगंधा का सेवन वर्षभर किया जा सकता है, परंतु सर्दियों में इसके सही तरीके से इस्तेमाल द्वारा बहुत से लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं। अश्वगंधा की तासीर गर्म होने के कारण यह हमें सर्दी के प्रकोप से बचाती है। साथ ही जिन लोगों को अधिक ठंड सताती है, वह अश्वगंधा की चाय का सेवन कर सकते हैं।

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• नीम
नीम के गुणों की चर्चा तो हमेशा से ही होती आई है। नीम की पत्तियों से लेकर उसकी छाल, जड़, फल सभी के फायदे सेहत के लिहाज से देखे गए हैं। खाली पेट नीम की पत्तियों का सेवन इम्यूनिटी बढ़ाकर हमें रोगों से बचाता है। इसके अलावा नीम के पाउडर में हल्दी मिलाकर सुबह खाली पेट गर्म पानी में डालकर सेवन की जाए, तो इससे सर्दी-जुकाम में भी आराम मिलता है।

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हाई यूरिक एसिड को कंट्रोल करता है जीरे के पानी का सेवन, वेट लॉस में भी है लाभदायक, आप भी जानें सेवन का सही तरीका

नई दिल्ली। जीरे का इस्तेमाल आप अक्सर खाने में मसाले के तौर पर करते ही होंगें, लेकिन क्या आपको पता है कि ये सिर्फ खाने के स्वाद और महक को नहीं बढ़ाता है बल्कि सेहत के लिए भी बहुत ही ज्यादा लाभदायक होता है। यदि आप इसके पानी का रोज सेवन करते हैं तो यूरिक एसिड को नियंत्रण करने में काफी हद तक फायदेमंद होता है। वहीं वजन घटाने से लेकर इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने तक इसके पानी से शरीर को अनेकों लाभ मिलते हैं। सेहत की समस्या को दूर करने में तो कारगर होता है वहीं स्किन में भी ग्लो लेकर आने का काम करता जीरे के पानी का सेवन। आप भी जानिए इसके पानी से होने वाले अनेकों फायदों के बारे में।

हाई यूरिक एसिड को कंट्रोल करता है जीरे के पानी का सेवन, वेट लॉस में भी है लाभदायक, आप भी जानें सेवन का सही तरीका
  • सबसे पहले तो ये जानिए कि किस तरह करें जीरे के पानी का सेवन
    सबसे पहले एक गिलास पानी में लगभग दो से तीन छोटे चम्मच जीरे को रातभर भिगो के रख दें। रातभर भीगने के बाद इसे सुबह-सुबह उठकर छान लें और इसमें दालचीनी के पाउडर को भी मिलाएं। यदि आपको इसका स्वाद नहीं पसंद आता है तो इसमें थोड़ा सा नमक भी मिला सकते हैं। इसके पानी का यदि आप सुबह रोजाना सेवन करेंगें तो यूरिक एसिड तो नियंत्रण में रहेगा ही साथ ही साथ अनेकों स्वास्थ्य समस्याओं से भी बचा के रखने में कारगर साबित होता है। आप भी जानिए इसके फायदों के बारे में।

यूरिक एसिड को करता है कंट्रोल
जीरे से होने वाले फायदों कि बात करें तो इसमें जिंक,आयरन, कैल्शियम, मिनरल्स, फोस्फोरस, एंटी ऑक्सीडेंट्स आदि महत्वपूर्ण तत्वों से भरपूर होता है। इसका रोजाना सेवन से यूरिक एसिड काफी हद तक कंट्रोल होता है। वहीं ये यूरिक एसिड से होने वाली सूजन को भी कम करने में सहायता करता है। आप जीरे के पानी का सेवन यदि खाली पेट सुबह करते हैं तो ये और भी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है। इसलिए कोशिश करें कि सुबह खाली पेट ही जीरे का पानी पिएं।

वेट लॉस में मददगार
यदि आप भी बढ़ते हुए मोटापे से परेशान हैं और इसे तेजी से कम करने कि सोंच रहे हैं तो ऐसे में जीरे के पानी का सेवन काफी हद तक लाभदायक साबित हो सकता है। बहुत सारे विशेषज्ञों का मानना है कि इसका पानी नैचुरली तरीके से वजन को कम करने का एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। इसलिए वेट लॉस करना चाहते हैं तो इस पानी का सेवन सुबह खाली पेट ही करें। रोजाना सेवन से इसका प्रभाव जल्द दिखने लग जाता है।

पाचन को करता है दुरुस्त
पाचन की सेहत को दुरुस्त करना चाहते हैं तो जीरे का पानी का सेवन फायदेमंद हो सकता है। साथ ही साथ ये अपच, पेट दर्द, गैस व अन्य समस्याओं को कम करने में भी मददगार होता है। वहीं ये आंतों को स्वस्थ रखने का काम करता है। जीरे का पानी पाचन से जुड़ी कई समस्याओं को दूर करता है। आप जीरे के पानी का सेवन पेट से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए भी कर सकते हैं। ये पेट से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में कारगर साबित होगा।

शुगर लेवल को करता है नियंत्रित
आप बढ़ते हुए शुगर के लेवल से परेशान हो चुके हैं तो ऐसे में जीरे के पानी का सेवन शुगर कंट्रोल करने में लाभदायक हो सकता है। इसका नियमित रूप से रोजाना खाली पेट सेवन करें। शुगर को तो कंट्रोल करेगा ही साथ ही साथ अन्य बीमारियों को दूर रखने में भी कारगर साबित होता है। इसलिए यदि सेहत को फायदा पहुंचाना चाहते हैं तो ऐसे में ये लाभदायक हो सकता है।

बॉडी से टॉक्सिन्स को निकालता है बाहर
जीरा पानी के पीने से बॉडी से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकलने में सहायता मिलती है। ये ड्रिंक आपके बॉडी से यूरिन के जरिए टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद कर सकती है। रोजाना सेवन स्वास्थ्य के लिए चमत्कार कर साबित हो सकता है।



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Health Tips: निंबोली के फायदे जानकर रह जाएंगे हैरान

नई दिल्ली। Health Tips: नीम में ढेर सारे औषधीय गुण पाए जाते हैं। इसके अलावा आयुर्वेद के अनुसार नीम के फल यानी निंबोली में भी ढेर सारी स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी समस्‍याओं को दूर करने के गुण मौजूद हैं। आप जानते ही होंगे कि बहुत पुराने समय से ही नीम के विभिन्‍न भागों का उपयोग प्रमुख औषधि के रूप में होता आया है। तो आइए जानते हैं कि जीवाणुरोधी निंबोली के उपयोग से कौन-कौन सी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है...

1. घाव भरने के लिए
हमारी शरीर पर कहीं चोट लग जाने पर घाव से बैक्टीरिया त्वचा में प्रवेश कर सकते हैं। जिससे हम संक्रमण का शिकार हो सकते हैं। इसके लिए आप निंबोली का इस्तेमाल कर सकते हैं। चोट वाले स्थान पर निंबोली का लेप लगाने अथवा इसका सेवन करने से आप संक्रमण से बच सकते हैं। क्योंकि इससे बैक्टीरिया को अंदर घुसने का रास्ता नहीं मिल पाएगा। नीम में घाव भरने के गुड होते हैं जिससे यह आपकी चोट को जल्द से जल्द ठीक होने में मदद करती है।

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2. इंफेक्शन से बचाव के लिए
मानसून के मौसम में नीम के फल यानी निंबोली का सेवन करने अथवा नीम के पत्तों से नहाने पर शरीर में बैक्टीरिया की प्रवेश करने या संक्रमण का खतरा बहुत कम हो जाता है। नीम की पत्तियों से लेकर इसकी छाल, इसके फल हर पदार्थ में एंटी-बैक्टेरियल गुण उपस्थित होते हैं, जो हमारी त्वचा में बैक्टीरिया की ग्रोथ होने से बचाता है।

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3. त्वचा समस्याओं के लिए
पुराने समय से त्वचा समस्याओं को दूर करने के लिए निंबोली से निकाला गया तेल का उपयोग होता आया है। यहां तक कि बहुत से सौंदर्य उत्पादों में निंबोली का प्रमुख घटक के रूप में उपयोग किया जाता है। आप त्‍वचा संबंधी समस्याओं जैसे कील-मुंहासे, फंगल इंफेक्शन, परतदार त्‍वचा आदि को ठीक करने के लिए निंबोली का उपयोग कर सकते हैं।

त्वचा के दाग-धब्बों को दूर करने के लिए निंबोली का पेस्ट फायदेमंद होता है। इसके अलावा चेहरे की रंगत निखारने के लिए भी निंबोली के फायदे देखे गए हैं। नीम के तेल में एंटीऑक्‍सीडेंट, एंटीफंगल और एंटीसेप्टिक गुण होते हैं, जो पिंपल्स, एग्जिमा अथवा सोरायसिस जैसी विभिन्‍न प्रकार की त्‍वचा समस्‍याओं का उपचार करने में सहायक होते हैं।

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4. मलेरिया में लाभदायक
मच्छर के काटने से फैलने वाली संक्रामक बीमारी यानी मलेरिया से ग्रसित रोगी के लिए नीम के बीज के बहुत फायदे होते हैं। मलेरिया का घरेलू उपचार करने के लिए नीम को एक औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। विशेषज्ञों की मानें तो, निंबोली को पीसकर इसका लेप लगाने से मच्‍छर पास में नहीं आते हैं। जिससे मलेरिया फैलाने वाले मच्‍छरों से होने वाले संक्रमण अथवा उनके काटने से बचा जा सकता है। साथ ही नीम के बीज से प्राप्‍त तेल का इस्तेमाल करने पर मच्‍छरों को पास में आने से रोका जा सकता है।

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Health Benefits of Drumsticks: ड्रमस्टिक के सेवन से मिलेंगे ढेरों फायदे

नई दिल्ली। Health Benefits of Drumsticks: आमतौर पर आपने सांभर के स्वाद में बढ़ोतरी के लिए ड्रमस्टिक यानी सहजन के इस्तेमाल के बारे में सुना होगा। लेकिन आपको बता दें कि ड्रमस्टिक केवल सांभर की स्वाद को ही नहीं बढ़ाती, बल्कि सेहत के लिए भी काफी अच्छा विकल्प है। आयुर्वेद में तो सहजन का इस्तेमाल औषधि के रूप में किया जाता है। सहजन का सबसे अधिक इस्तेमाल भारत में किया जाता है। सहजन ही नहीं बल्कि इसकी फूल पत्तियां भी बेहद गुणकारी होती हैं। तो आइए जानते हैं कि अपने आहार में सहजन को शामिल करके आप सेहत संबंधी किन लाभों को उठा सकते हैं...

1. प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है
आजकल के खानपान, लगातार बदलते मौसम तथा व्यस्त जीवन शैली का प्रभाव हमारे इम्यून सिस्टम पर भी पड़ता है। सहजन तथा इसकी स्वस्थ हरी पत्तियां हमारे इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने के लिए सहायक होती हैं। साथ ही बुखार में सहजन का सेवन करने से शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।

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2. रक्त शुद्धि करता है
सहजन विषाक्त पदार्थों को रक्त से निष्कासित करके रक्त को शुद्ध करने के साथ हमारे अंगों को बेहतर ढंग से कार्य करने में मदद करता है। ड्रमस्टिक एक शक्तिशाली एंटीबायोटिक एजेंट है, जिसके नियमित रूप से सेवन करने से हमारे शरीर में रक्त संचार को बेहतर करने में मदद मिल सकती है।

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3. मोटापे की समस्या में
मोटापे या बढ़ते वजन की समस्या से निजात पाने के लिए अपने आहार पर ध्यान देना काफी जरूरी है। इसके लिए अपनी डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन एक अच्छा विकल्प हो सकता है और उन्हीं हरी सब्जियों की सूची में सहजन की फली या पत्तियों को शामिल करके आप अपने वजन को नियंत्रित कर सकते हैं। दरअसल, सहजन में क्लोरोजेनिक एसिड मौजूद होने के कारण इसमें एंटी-ओबेसिटी गुण मौजूद होते हैं। इन्हीं गुणों के कारण सहजन को आप एक स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थ के रूप में अपने आहार में शामिल कर सकते हैं।

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4. मधुमेह के लिए
सहजन की फलियों के साथ इसकी छाल और अन्य भागों में भी एंटी-डायबिटिक गुण मौजूद होते हैं, जो मधुमेह के मरीजों के लिए गुणकारी साबित हो सकते हैं। इसलिए सहजन के सेवन से मधुमेह के स्तर को कम किया जा सकता है। अगर आपको सहजन का स्वाद पसंद नहीं है, तो आप चिकित्सक की सलाह से सहजन की पत्तियों की टैबलेट भी ले सकते हैं। क्योंकि टैबलेट में भी एंटी-डायबिटिक गुण होते हैं।

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5. एनीमिया में राहत
खून की कमी को दूर करने के लिए भी सहजन के लाभों को देखा जा सकता है। सहजन की छाल अथवा इसकी पत्तियों का सेवन एनीमिया में राहत दिलाने यानी लाल रक्त कोशिकाओं की कमी से बचाव के लिए भी किया जा सकता है। इसकी पत्तियों के एथनोलिक एक्सट्रैक्ट में एंटी-एनीमिया गुण उपस्थित होते हैं। इसलिए सहजन के सेवन से हीमोग्लोबिन के स्तर में सुधार किया जा सकता है, जिससे रेड ब्लड सेल्स के उत्पादन में मदद मिल सकती है।

 

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Saturday, 30 October 2021

Ginger Usage For Dry Cough: इन तरीकों से करें अदरक का इस्तेमाल, तो सूखी खांसी से मिलेगा जल्द आराम

नई दिल्ली। Ginger Usage For Dry Cough: सर्दी-खांसी, जुकाम आदि में काफी समय से अदरक का इस्तेमाल घरेलू नुस्खे के रूप में होता आया है। आयुर्वेद ने भी माना है कि, अदरक कई रोगों के इलाज में सहायक है। मौसमी बीमारियों से लड़ने के लिए इसमें एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। इसके अलावा, अदरक में पाए जाने वाले कुछ यौगिक सर्दी-जुकाम के लक्षणों को कम करने के साथ फेफड़ों को स्वस्थ रखने में भी मददगार हैं। आपने अक्सर लोगों को सर्दी-जुकाम में अदरक को काढ़े या फिर चाय में डालकर पीते हुए देखा होगा।

लेकिन अगर किसी व्यक्ति को सूखी खांसी हो जाए, तो उसका खांस-खांस के बुरा हाल हो जाता है। लेकिन इसका उपाय भी अदरक में छिपा है। दरअसल, सूखी खांसी होने पर अदरक खांसी को शांत करके गले को आराम पहुंचाती है। अदरक आपके गले में होने वाली एलर्जी के प्रभाव को धीमा करके बार-बार गले में महसूस होने वाली खिचखिच को कम करती है। तो, आइए जानते हैं कि सूखी खांसी होने पर अदरक के उपायों और फायदों के बारे में...

1. अदरक और घी
यह उपाय दादी-नानी के कुछ खास नुस्खों में से हैं। घी में अदरक पका कर सेवन करने से यह गले के पैसेज को क्लीन करने में मदद करता है। इसके अलावा एलर्जी या इंफेक्शन को कम करने के लिए भी अदरक में एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं। साथ ही घी सूखी खांसी के समय सूखे गले की समस्या को दूर करके एक नमी की परत बनाता है।

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2. अदरक और शहद
सूखी खांसी होने पर गले में खिचखिच ज्यादा महसूस होती है और बिना कफ के खांसने से गला बार-बार सूखने लगता है। जिसके कारण नाक से मुंह तक आने वाले पैसेज छिल जाते हैं, यहां तक कि कई बार उनमें सूजन आ जाती है। इसके लिए आप अदरक को शहद में मिलाकर सेवन कर सकते हैं। इससे गले के साथ नेसेल पैसज की सूजन भी कम होती है। जहां एक तरफ अदरक नाक से मुंह तक आने वाली नलिकाओं के मेम्ब्रेन की सूजन कम करती है, वहीं शहद इसमें एक आरामदायक परत का निर्माण करता है।

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3. अदरक और गुड़
अदरक और गुड़ दोनों की तासीर गर्म होने के कारण यह हमें सर्दी-खांसी से बचाने के साथ अदरक का एंटीवायरल गुण गले में वायरस को बढ़ने से रोकता है। इसके अलावा मौसमी संक्रमण से हुई सूखी खांसी को कम करने में भी यह लाभदायक है। आपको बता दें कि गुड़ एक नेचुरल क्लीनजिंग एजेंट की तरह काम करता है। ये पूरे श्वसन तंत्र के पैसेज को साफ करके सांस लेने को आसान बनाता है। इसलिए सूखी खांसी होने पर आप अदरक को अदरक को कूटकर और गुड़ में पका कर लड्डू बना सकते हैं और फिर इसे दिन में दो-तीन बार खा सकते हैं।

 

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4. अदरक और मुलेठी, दालचीनी, लौंग, गुड़
सबसे पहले सभी सामग्री को दरदरा करके पीस लें और सबको सूखे पैन में गर्म कर लें। अब इस पाउडर को एक डिब्बे में बंद करके रख लें। और जब भी आपको खांसी आए या रात में सोने से पहले गर्म पानी के साथ इस पाउडर को लें। यह उपाय सूखी खांसी को कम करने में मदद करता है। साथ ही यह पाउडर सीने की जगड़न को कम करने की साथ ही नेसेल पैसेज को साफ करेगा और सांस लेने में मदद करेगा।

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Yoga Asanas For Vertigo: वर्टिगो की समस्या दूर करेंगे ये आसान

नई दिल्ली। Yoga Asanas For Vertigo: वर्टिगो यानी बार-बार चक्कर आने की समस्या गर्दन, कंधे में दर्द ,रीढ़ की हड्डी से ब्रेन तक रक्त की सप्लाई का कम होना या फिर तनाव जैसी समस्याओं के कारण पैदा हो सकती है। आज हम आपको कुछ ऐसे योग आसनों के बारे में बताने जा रहे हैं...

  • उष्ट्रासन
    जमीन पर एक योगा मैट बिछाकर उस पर घुटने के बल बैठ जाएं और अपने दोनों हाथों को अपने कुल्हे पर रखें। घुटने कंधों के समांतर होने चाहिए तथा पैरों के तलवे आकाश की तरफ। सांस अंदर लेते हुए मेरुदंड को पुरोनितम्ब की तरफ खींचे, जैसे कि नाभि से खींचा जा रहा है। ध्यान रहे गर्दन पर कोई तनाव ना आए और तटस्थ बैठे रहें। कुछ समय के लिए इसी अवस्था में सांस लेते रहें। तथा सांस छोड़ते हुए प्रारंभिक स्थिति में आ जाएं। गर्दन को सीधा करें तथा हाथों को वापस अपनी कमर पर लाकर सीधे हो जाएं। सुनिश्चित करें कि इस आसन को धीरे-धीरे करें। आप भी जितना हो सके उतना ही पीछे जाएं।
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  • षण्मुखी मुद्रा
    इस आसन को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर बैठकर दोनों हाथों के अंगूठों से दोनों कान बंद कर लें। अब अपनी दोनों हाथों की तर्जनी उंगलियों से पलकों को बंद करें तथा मध्यमा उंगलियों को नासिकाओं के बीच रखकर हल्का दबाव बनाए रखें। इसके बाद अनामिका उंगलियों को ऊपरी होंठ के ऊपर, कनिष्ठा उंगलियों को निचले होंठ के नीचे रखें। आपकी कोहनियां कन्धों के समानान्तर फैली हों, सिर व पीठ बिल्कुल सीधी रहनी चाहिए। अब मुंह से सांस भरकर ठोड़ी से छाती को लग जाने दें। इस स्थिति में अपने शरीर के उस अंग पर ध्यान केंद्रित करें जिसमें कोई विकार हो। अपनी क्षमता अनुसार सांस रोकने के बाद नासिकाओं से धीरे-धीरे सांस बाहर निकलने दें। इस आसन को करने से आंखों और चेहरे की तंत्रिकाओं, ऊतकों को लाभ मिलता है।

 

 

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  • मरकट आसन
    इस आसन को करने के लिए सर्वप्रथम योगा मैट पर पीठ के बल लेट जाएं। अब अपने दोनों हाथों को कमर से नीचे रखें और अपने दोनों पैरों को साथ में मिलाकर घुटनों से मोड़ लें। इसके बाद कमर से नीचे के हिस्से को मोड़ते हुए पैरों को एक बार दाईं तरफ बगल में जमीन पर टिकाने की कोशिश करें। ध्यान रहे इस अवस्था में सिर को विपरीत दिशा में घुमाना है। इसी प्रकार बाई तरफ भी करें। प्रारंभ में करीबन 20 सेकंड के लिए इस आसन को कर सकते हैं और फिर धीरे-धीरे समय बढ़ाते जाएं। वर्टिगो की समस्या को दूर करने में यह एक बेहतर आसन है।
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Hair care Tips: सर्दियों में गर्म पानी से बाल धोना है आपके बालों के लिए नुकसानदेह

नई दिल्ली। दिन भर काम करने के बाद थकान हो जाती है। इसके बाद मन करता है कि नहाकर थकान मिटा ली जाए। ऐसा देखा जाता है कि लोग थकान को कम करने के लिए ठंडे पानी के बजाय गर्म पानी से नहाना पसंद करते हैं क्योंकि गर्म पानी से ज्यादा राहत मिलती है। राहत मिलने वाली बात में कोई दो राय नहीं हैं लेकिन गर्म पानी से नहाने से आपके बालों को नुकसान पहुंचता है।

बाल झड़ने का समस्या — अगर आप शैंपू से बाल धोते हैं तो कोशिश करें कि गर्म पानी के साथ न धोएं क्योंकि इससे बालों को नुकसान होता है। शैंपू और गर्म पानी के आपस में मिलने से बाल अधिक झड़ने लगते हैं।

बाल के साथ स्किन और सिर को नुकसान —गर्म पानी से नहाने से बालों को नुकसान पहुंचने के साथ आपकी स्कीन और सिर को भी नुकसान पहुंचता है। इससे लालिमा या जलन पैदा हो सकती है। गर्म पानी से बालों को धोना हानिकारक हो सकता है।

बाल की जड़ें होती हैं कमजोर— नहाने के दौरान गर्म पानी आपके सिर के रोम छिद्रों को खोल देता है, जिससे बालों की जड़ें कमजोर हो जाती हैं। ऐसे में गर्म पानी में नहाने से बाल झड़ने की समस्या होने लगती है।



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थायरायड समस्याओं से राहत पाने के लिए डाइट में शामिल करें ये चीजें

नई दिल्ली। थायरायड एक आम समस्या नहीं है ये एक गंभीर बीमारी है जो हमारे डाइट के कारण भी हो सकती है। ये एक प्रकार कि गले कि बीमारी होती है जिसके बारे में लोगों को शुरुआत में पता नहीं चल पाता है। थायरायड बीमारी भी दो प्रकार की हो सकती हैं हाइपोथायराइड थायरायड और हाइपरथा यराइडिज्मथायरायड। इस बीमारी के हो जाने से गले में दर्द व सूजन जैसी समस्या बनी रहती है। इस बीमारी के और लक्षणों की बात करें तो इसमें तेजी से वजन का बढ़ जाना या कम हो जाना, गले में अत्यधिक सूजन का आ जाना आदि कारण हो सकते हैं। ऐसे में थायरायड जैसी बीमारी से सुरक्षा के लिए डाइट की स्पेशल केयर करने की जरूरत होती। तो चलिए इन फूड्स के बारे में जानते हैं जो थायरायड जैसी समस्याओं को कम करने में सहायक हो सकते हैं।

थायरायड समस्याओं से राहत पाने के लिए डाइट में शामिल करें ये चीजें

तुलसी
तुलसी का सेवन सेहत के लिए बहुत ही ज्यादा अच्छा होता है। ये एक प्रकार कि औषिधि है जो सेहत के लिए अच्छा होता है। थायरायड को कंट्रोल करने के लिए आप तुलसी के साथ एलोवेरा के रस को मिला के सेवन कर सकते ये हैं। थायरायड कि बीमारी को कंट्रोल करता है। इसलिए तुलसी का सेवन आपको करना चाहिए। ये थायरायड जैसी समस्या को कम करने में लाभदायक साबित हो सकती है।

फल
फल वैसे भी सेहत के लिए बहुत ज्यादा लाभदायक होते हैं। फलों में एंटीऑक्सीडेंट्स की प्रचुर मात्रा पाई जाती है। ये कई बिमारियों को दूर रखती है। वहीं थायरायड के पेशेंट्स को अपनी रोजाना कि डाइट में फलों का सेवन ज्यादा से ज्यादा करना चाहिए। ये थायरायड जैसी बीमारी को कंट्रोल करने में लाभदायक होती है।

हल्दी
हल्दी का सेवन सेहत के लिए बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होता है। हल्दी बहुत सारे ऐसे तत्वों से भरपूर होती है जो थायरायड की समस्या को छुटकारा दिला सकते हैं। इसके लिए एक गिलास दूध में हल्दी के साथ सेवन कर सकते हैं। इससे थायराइड को कंट्रोल किया जा सकता है। इसलिए हल्दी का सेवन लाभदायक साबित हो सकता है।

मछली
थायराइड के पेशेंट्स को मछली का सेवन बहुत ज्यादा लाभदायक साबित हो सकता है। उन्हें अपनी डाइट में मछली को शामिल करना चाहिए। मछली में ओमेगा 3 की प्रचुर मात्रा पाई जाती है जो सेहत के लिया अच्छी होती है। आप अपनी में झींगा मछली, सेलफिश जैसी मछलियों को शामिल कर सकते हैं। इनका सेवन थायराइड के पेशेंट्स के लिए लाभदायक साबित होता है।



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Gond Laddu Benefits: सर्दियों में बेहद गुणकारी हैं गोंद के लड्डू, मिलेंगे ये फायदे

नई दिल्ली। Gond Laddu Benefits: सर्दियों के खानपान का अपना ही अलग मजा है। आपने सर्दियों में गोंद के लड्डू खाने के बारे में भी शायद सुना होगा। यदि हम उत्तर भारत की बात करें, तो राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में सर्दियां शुरू होते ही वहां पर गोंद के लड्डू बनने शुरू हो जाते हैं। आपको बता दें कि पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण लोग सर्दियों में गोंद के लड्डू खाना पसंद करते हैं। इसके अलावा प्रसव के बाद महिलाओं को भी गोंद के लड्डू खाने की सलाह दी जाती है। तो आइए जानते हैं सर्दियों में गोंद के लड्डूओं के सेवन से हम कौन-कौन से लाभ पा सकते हैं...

1. मजबूत हड्डियां
सुबह खाली पेट गुनगुने दूध के साथ गोंद के लड्डू के सेवन से आपको भरपूर मात्रा में कैल्शियम और प्रोटीन मिलता है, जो कि आपकी हड्डियों को मजबूती प्रदान करता है। इसलिए मजबूत हड्डियों तथा मांसपेशियों के लिए आप सर्दी में गोंद के लड्डू का सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा यह आपकी रीढ़ की हड्डी के लिए भी एक उत्तम औषधि है।

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2. बेहतर रोग प्रतिरोधक क्षमता
बेहतर इम्यूनिटी के लिए गोंद के लड्डू काफी फायदेमंद हो सकते हैं। इसके लिए आप सुबह दूध के साथ गोंद के लड्डू खाते हैं, तो इससे आपकी इम्यूनिटी अच्छी होने के साथ रोगों से लड़ने में भी मदद मिलेगी। क्योंकि हमें सर्दियों में अक्सर सर्दी-जुकाम की शिकायत रहती है। इसलिए यदि आप रोजाना गोंद के लड्डू खाएंगे, तो आपको इस समस्या से काफी हद तक छुटकारा मिल सकता है, क्योंकि गोंद की तासीर गर्म होती है, जो आपको सर्दियों में रोगों से बचाएगी।

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3. स्वस्थ हृदय
आपके दिल की धड़कन को सामान्य एवं नियमित रखने के लिए भी गोंद के लड्डू के फायदे बताए गए हैं। इन लड्डुओं में फैट बिलकुल नहीं पाया जाता। इसके अलावा ठंड के मौसम में गोंद का नियमित सेवन करने से ह्रदय रोग का खतरा भी काफी कम हो सकता है। क्योंकि इसमें मौजूद प्रोटीन और कैल्शियम शरीर को मजबूती प्रदान करता है। लेकिन ध्यान रखें कि गोंद का इस्तेमाल सीमित मात्रा में ही करें, क्योंकि गोंद के अधिक सेवन से आपका कोलेस्ट्रोल भी बढ़ सकता है।

 

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4. कब्ज से राहत
आसानी से हजम हो जाने के कारण सर्दियों में गोंद के लड्डू खाना सही रहता है। बशर्ते इसको बनाते समय इसमें वसा का उपयोग कम किया गया हो। प्रसव के बाद भी महिलाओं को गोंद के लड्डू इसलिए खाने को दिए जाते हैं ताकि उन में पोषक तत्वों की पूर्ति हो जाए और पचाव आसानी से हो। जिन लोगों को कब्ज की शिकायत रहती है, उन्हें गोंद के लड्डू अवश्य खाने चाहिए। क्योंकि यह आपकी आंतो में फंसे हुए मल को बाहर निकलने में मदद करेगा।

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Health tips: घर में लगाएं ये पांच पेड़ और पाए शुद्ध वातावरण

नई दिल्ली। कुछ पौधे, खासकर जड़ी-बूटी वाले पौधे, हमारे स्वास्थ्य को हर तरीके से बेहतर बनाने में मदद करते हैं। इन पौधों की पत्तियों का सेवन हमारे शरीर से कई बीमारियों को बाहर निकालने में मदद करता है और हमारे शरीर पर सकरात्मक प्रभाव डालता है। तो आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताने जा रहे ऐसे ही कुछ पेड़ पौधों के बारे में।

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अजवायन के पौधें
अजवायन के पत्तों का सेवन करने से पेट की समस्याओं को दूर करने में सहायता मिलती है और पाचन में सुधार हो सकता है। अगर आप अपच, पेट फूलने या फिर गैस की समस्या का सामना कर रहे हैं, तो अजवायन का सेवन आपको तुरंत राहत प्रदान कर सकता है।

रोजमेरी
रोजमेरी का पौधा एंटीऑक्सीडेंट का बहुत अच्छा स्रोत है। अगर आप अपनी इम्यूनिटी को बढ़ाना चाहते हैं और अपने ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करना चाहते हैं, तो इस पौधे को अपने घर पर जरूर ले आएं।

मनी प्लांट
मनी प्लांट के पौधें ऑक्सीजन से भरपूर होते हैं । साथ ही उन्हें पोस्टिव भी माना जाता है। घर के वातावरण में पॉजिटिव एनर्जी



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Home and natural remedies : अपना यह घरेलू नुस्खे और पाए डार्क एल्बो और घुटने से छुटकारा


नई दिल्ली। सॉफ्ट और हेल्दी स्किन हर किसी की चाहत होती है लेकिन, शरीर के कुछ हिस्से ऐसे होते हैं जहां की स्किन को थोड़ी अधिक देखभाल और पोषण की ज़रूरत पड़ती है। इन हिस्सों की त्वचा बाकी शरीर की त्वचा के मुकाबले अधिक संवेदनशील होती है या प्रदूषण, धूप और अन्य ऐसे कारकों के सम्पर्क में अधिक आती है जो त्वचा का टेक्स्चर बिगाड़ देते हैं।

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शहद-नींबू का पैक
नींबू और शहद का मिश्रण त्वचा को हेल्दी बनाने वाले कई घरेलू नुस्खों में इस्तेमाल किया जाता है। आप इन दोनों की समान मात्रा लें और उन्हें अच्छी तरह मिक्स करें। इस मिश्रण को नहाने से पहले इस्तेमाल करें।

रोज़ वॉटर
गुलाब जल त्वचा को ठंडक दिला सकता है और स्किन को इरिटेशन से आराम दिला सकता है। स्किन के लिए एक नैचुरल टोनर की तरह काम कर सकता है गुलाब जल या रोज़ वॉटर। अपनी गर्दन, घुटने और कोहनियों की सख्त और डार्क स्किन से छुटकारा पाने के लिए आप इसकी मदद ले सकते हैं।

दही
त्वचा के लिए दही का इस्तेमाल कई तरीकों से किया जा सकता है। दही के एंटी-बैक्टेरियल तत्व त्वचा को स्वस्थ बना सकते हैं। साथ ही साथ दही लगाने से त्वचा की ड्राईनेस कम हो सकती है और स्किन की रंगत को भी निखारा जा सकता है।



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Consume These Things Before Running: सुबह दौड़ने से पहले इन चीजों के सेवन से मिलेगी भरपूर ऊर्जा

नई दिल्ली। Consume These Things Before Running: आपने यह तो अक्सर ही सुना होगा कि सुबह-सुबह सैर करना और दौड़ना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यह न केवल हमारी मांसपेशियों और बॉडी को फिट बनाने के लिए अच्छा है, बल्कि सुबह की ताजी हवा हमारे फेफड़ों और सेहत के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है। यह तो आप जानते ही होंगे कि लंबी और तेज दौड़ के लिए हमें बहुत ऊर्जा की आवश्यकता होती है।

इसलिए सुबह की दौड़ का मतलब नाश्ते में साधारण कार्बोहाइड्रेट की एक अतिरिक्त खुराक हो सकती है। इससे आप बेहतर प्रदर्शन कर पानी में सफल हो सकते हैं। जैसे गाड़ी को लंबी दूरी तक चलने के लिए पर्याप्त फ्यूल की आवश्यकता होती है उसी प्रकार दौड़ने से पहले हमारे अंदर भी सही भोजन के साथ ऊर्जा भरना महत्वपूर्ण है। तो आइए जानते हैं आप दौड़ने से पहले किन चीजों के सेवन से भरपूर ऊर्जा ले सकते हैं...

• केले
शकरकंद की तरह, केले को भी एक अच्छा कार्बोहाइड्रेट सोर्स माना गया है। इसके अलावा केले में मैग्नीशियम तथा पोटेशियम भी पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। केले को टोस्ट, ओट्स टॉपिंग, स्मूदी में जोड़ने या सिर्फ कुछ पीनट बटर के साथ स्मियर किया जा सकता है।

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• टोस्ट
टोस्ट को अच्छे कार्ब स्रोतों में से एक माना जाता है। इसे आसानी से पचाया जा सकता है तथा टोस्ट को और अधिक पौष्टिक बनाने के लिए इसके ऊपर वॉलनट बटर की टाइपिंग कर सकते हैं।

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• शकरकंद
नाश्ते में शकरकंद का सेवन हमें काफी ऊर्जा दे सकता है। क्योंकि इसमें पर्याप्त कार्बोहाइड्रेट मौजूद होता है। साथ ही मांसपेशियों की ऐंठन को रोकने के लिए शकरकंद पोटेशियम से भी युक्त होता है।

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• स्मूदी
कई मिश्रित चीजों से बने होने के कारण स्मूदी एक पौष्टिक विकल्प हो सकते हैं होते हैं। साथ ही इसका सेवन करने पर आपकी आंतों को इसमें मौजूद पदार्थों को तोड़ने के लिए इतनी मेहनत नहीं करनी पड़ती है। अगर आपको सुबह-सुबह कुछ खाना पसंद नहीं है तो स्मूदी एक बेहतर ऑप्शन हो सकता है। इसके अलावा आप कैलोरी इनटेक के लिए प्रोटीन शेक पी सकते हैं अथवा अपने सुबह के ड्रिंक में शहद मिला सकते हैं।

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• ओट्स
कैल्शियम, मैग्निशियम, फास्फोरस, सेलेनियम प्रोटीन जैसे पोषक तत्वों से भरपूर ओट्स एक हाई-कार्ब प्री-रेस भोजन है। इसके अलावा इसमें पोटेशियम को बढ़ावा देने के लिए केले तथा प्रोटीन, वसा, फाइबर के लिए सूखे मेवे और बैरीज की टॉपिंग की जा सकती है। ध्यान रहे कि दौड़ने से पहले पाचन के लिए कुछ समय अवश्य दें, क्योंकि ओट्स में फाइबर की मात्रा अधिक होती है।

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कब्ज की समस्या से रहते हैं परेशान तो ये घरेलू उपचार आपकी कर सकते हैं मदद

नई दिल्ली। कब्ज जैसी पेट की समस्या आजकल एक प्रॉब्लम हो गई है जो गलत खानपान के कारण और लाइफस्टाइल के कारण हो सकती है। कब्ज की समस्या से सिर्फ पेट में ही परेशानी नहीं होती है बल्कि इनके साथ-साथ और भी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। कब्ज होने पर पेट साफ़ नहीं हो पाता है ऐसे में पेट दर्द के साथ-साथ पिम्पल्स जैसी प्रोब्लेम्स आ सकती हैं। अगर ये समस्या अधिक हो जाए तो लिवर तक को डैमेज कर सकती है। इसलिए यदि आप भी कब्ज जैसी समस्याओं से परेशान रहते हैं तो आपको इन घरेलू उपायों के बारे में जानना चाहिए, जो राहत दिलाने में कारगर साबित हो सकती है।

कब्ज की समस्या से रहते हैं परेशान तो ये घरेलू उपचार आपकी कर सकते हैं मदद

अदरक और पुदीना का सेवन
पुदीना और अदरक की बात करें तो ये दोनों ही चीज़ें स्वास्थ्य के लिए अच्छी होती हैं। इनके सेवन से पेट साफ़ होता है वहीं ये पेट की सेहत के लिए बहुत ही ज्यादा अच्छे होते हैं। यदि आपके पेट में कब्ज जैसी दिक्कतें ज्यादा बढ़ गई हैं तो ऐसे में पुदीना कि चाय या अदरक का सेवन फायदेमंद साबित हो सकता है। इसलिए इन दोनों ही चीजों का सेवन करना चाहिए। ये पेट की दिक्कत को कम करने काफी हद तक लाभदायक साबित होगा।

त्रिफला
त्रिफला का सेवन सेहत के लिए बहुत ही ज्यादा अच्छा होता है। ये एक औषिधि है जो पेट की समस्या को दूर करने में लाभदायक साबित हो सकता है। त्रिफला का सेवन आप सूखे आवलें के साथ और हरीतकी के साथ कर सकते हैं। इन चीजों के साथ मिलाकर पीते हैं तो ये बहुत ही ज्यादा लाभदायक साबित होगा। वहीं पेट में इसका कोई भी साइड इफ़ेक्ट नहीं होता है। कब्ज जैसी समस्या को दूर करने के लिए आप त्रिफला का सेवन कर सकते हैं। साथ ही साथ ये पेट से जुड़ी और समस्याओं को भी दूर रखेगा।

नींबू
नींबू का सेवन शरीर में बहुत ही ज्यादा अच्छा होता है ये शरीर से विषाक्त पदार्थों को दूर करने में सहायता करता है। नींबू के और फायदों की बात करें तो इनमें विटामिन सी की प्रचुर मात्रा पाई जाती है। इसका सेवन इम्युनिटी को मजबूत बना के रखता है। वहीं यदि आपको कब्ज जैसी गंभीर समस्या हो जाए तो ऐसे में नींबू का सेवन काफी फायदा पहुंचा सकता है। आप एक एक गिलास गर्म पानी में नींबू के रस के साथ शहद को मिलाकर सेवन करें। ये कब्ज जैसी समस्या को दूर करने में कारगर साबित होगा।

सौंफ
सौंफ कि बात करें तो इसमें एंटी इन्फ्लेमेट्री जैसे अनेकों तत्त्व पाए जाते हैं जो कि पेट से जुड़ी हुई समस्याओं को दूर करने में मदद करते हैं। सौंफ में फाइबर की भरपूर मात्रा होती है। वहीं ये कब्ज की समस्या को दूर करके रखने में सहायक होता है। यदि आप पेट की समस्या से परेशान रहते हैं या पेट दर्द, सूजन जैसी समस्याएं रहती हैं तो सौंफ का सेवन लाभदायक साबित हो सकता है।

बेल
बेल के सेवन पेट को काफी ज्यादा आराम मिलता है। बेल ठंडा होता है, ऐसे में यदि आपको पेट में जलन के जैसी समस्याएं रहती हैं तो बेल का सेवन फायदेमंद हो सकता है। बेल में फाइबर की प्रचुर मात्रा पाई जाती है जो कब्ज की प्रॉब्लम को दूर रखती है। आप बेल का सेवन कई प्रकार से कर सकते हैं। बेल का जूस भी बहुत ज्यादा लाभदायक होता है। वहीं गर्मी के मौसम में आप इसका शरबत भी बना सकते हैं।



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