Monday, 28 February 2022

Abdominal Pain: पेट दर्द के कारण और पेट दर्द दूर करने के घरेलू उपाय

आज के समय में पेट दर्द एक आम समस्या बन गई है। बड़े-बुजुर्गों से लेकर छोटे-छोटे बच्चों सभी को पेट दर्द होने लगा है। किसी बड़ी बीमारी होने के अलावा खराब जीवनशैली और असंतुलित खानपान के कारण भी पेट दर्द की समस्या हो सकती है। तो आइए जानते हैं पेट दर्द होने के विभिन्न कारण और इसे दूर करने के कुछ घरेलू उपायों के बारे में...

पेट दर्द के विभिन्न कारण-

  • ज्यादा दाल खाने या सूखे मांस के सेवन से
  • लंबे समय तक भूखा रहने से
  • यूरीनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन होने पर
  • पेट में गैस बनने या एसिडिटी होने से
  • इरिटेबल बॉवल सिन्ड्रोम में
  • अत्यधिक तेल-मसाले युक्त भोजन करने से
  • किडनी में पथरी होने पर
  • हर्निया की बीमारी में
  • कभी-कभी ज्यादा पानी पी लेने से
  • महिलाओं को पीरियड्स के दौरान
  • जंगक फूड के अधिक सेवन से आदि।





kaaran.jpg

पेट दर्द के प्रभावकारी घरेलू उपाय- सामान्य कारणों से पेट दर्द होने पर निम्न उपायों को करने से पेट दर्द से राहत मिल सकती है...

  • बच्चों के पेट में भी बाहर का खाने या मौसम बदलाव की वजह से कई बार दर्द हो जाता है। ऐसे में आप आधा छोटा चम्मच हींग को पानी के साथ मिलाकर एक पेस्ट तैयार कर लें। अब हींग के पेस्ट को बच्चे की नाभि के किनारे-किनारे पर लगा दीजिए। इससे जल्द ही पेट दर्द में आराम मिलता है।
  • अजवाइन को भूनकर आधा छोटी चम्मच अजवाइन को एक गिलास छाछ में मिलाकर पीने से पेट दर्द में आराम मिलता है।
  • पेट दर्द में राहत के लिए आप 4 चम्मच पानी में 4 चम्मच ही दशमूलारिष्ट दवा को मिलाकर सुबह नाश्ते तथा रात्रि भोजन के पश्चात सेवन कर सकते हैं।
  • 3 ग्राम गुड़ और 3 ग्राम अजवायन दोनों को एक साथ कूट लें। अब इसके दो भाग करके रख लें और सुबह-शाम सेवन करें। इससे पेट दर्द कम होने के साथ ही फूले हुए पेट से भी छुटकारा मिल सकता है।

यह भी पढ़ें: एड़ियों के फटने को न करें नजरअंदाज, इस विटामिन की भारी कमी से मिलते हैं ये संकेत

mattha.jpg

from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/hpFMjQf

Sunday, 27 February 2022

साइलेंट हार्ट अटैक के इन संकेतों को पहचानें, सामान्य से नजर आने वाले ये लक्षण हैं बेहद गभीर

साइलेंट हार्ट अटैक को डॉक्टर्स ज्यादा खतरनाक मानते हैं, क्योंकि इसके लक्षण आम लोगों को सामान्य से लगते हैं, जबकि ये गंभीर लक्षण माने जाते हैं। गैस एसिडिटी या एंजाइटी पेन समझ कर कई बार साइलेंट हार्ट अटैक को लोग समझ नहीं पाते। इसलिए यह जानना जरूरी है कि साइलेंट अटैके के सामान्य से दिखने वाले ये लक्षण क्या होते हैं और कब इसे गंभीर संकेत माना जाना चाहिए।
ब्लड के जरिए ही हमारे पूरे शरीर में आक्सीजन पहुंचता है , लेकिन कई बार धमनियों में कोलेस्ट्रॉल जमा होने के कारण ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होने लगता है और इससे हार्ट पर दबाव पढ़ने लगता है। हार्ट को ऐसी स्थिति में दोगुनी गति से पंप करना पड़ता है और जब ये दबाव ज्यादा होता है, तभी हार्ट अटैक की संभावना होती है। कोलेस्ट्रॉल यदि बढ़ा हुआ है तो सबसे पहला संकेत यही है कि आपके दिल को मेहनत करनी पड़ रही है। ऐसे में धमनियों में ब्लड सर्कुलेशन सही तरीके से नहीं हो पाता। जब भी ब्लड का फ्लो सही नहीं होगा शरीर निम्न संकेत देगा।

साइलेंट हार्ट अटैक भी देता है संकेत

1. सिर में भारीपन महसूस होना।
2. सीने में भारीपन या सांस लेने में दिक्कत।
3. बेचैनी और उल्टी महसूस होना।
4. अचानक से पसीना-पसीना हो जाना।
5. चक्कर आना या बहुत ही अनकंफर्टेबल फील करना।
6. दाहिनी तरफ के कंधे, जबड़े या हाथ में दर्द होना।

ये बीमारियां बनती हैं अटैक का कारण

1. हाई बीपी
2. हाई कोलेस्ट्रॉल
3. मोटापा

खानपान में शामिल करें ये चीजें

1. ओट्स खाएं। ये कोलेस्ट्रॉल या हाईबीपी दोनों में ही फायदेमंद हैं।
2. लहसुन का सेवन बढ़ा दें। नेशनल कार्डियोलॉजिकल की रिपोर्ट भीबताती है कि रोज लहसुन खाना कोलेस्ट्राल को कंट्रोल में रखता है।
3. अनार और कीवी खाने से दिल के साथ पूरा शरीर भी स्वस्थ रहता है।
4. जैतून या सरसों का तेल ही प्रयोग करें।

इन बातों पर दें विशेष ध्यान


1. 40 की उम्र के बाद नियमित तौर पर शुगर, कोलेस्ट्राल और बीपी की जांच कराते रहें।
2. रोजाना कम से कम 45 मिनट की वॉक या साइकिलिंग करें।
3. अल्कोहल, स्मोकिंग और तनाव से दूर रहने का प्रयास करें।

यह भी पढ़े - दिल को स्वस्थ्य रखने के लिए कौन सा एक्सरसाइज सही है, क्या खाएं और किन चीजों को खाने से बचें



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/fhdOLqt

खराब मूड ही नहीं, वेट लॉस और इम्युनिटी को बेहतर बनाने में भी कारगर है ये आयुर्वेदिक कॉफी

ग्रीन टी या ग्रीन कॉफी के बारे में आपने जरूर सुना होगा, लेकिन आपके घर में मौजूद ब्लैक या ब्राउन कॉफी भी आयुर्वेदिक हो सकती हैं, ये सुना है? नहीं, तो चलिए आपको इस आयुर्वेदिक कॉफी के फायदे भी बताएं और ये भी बताएं की ये किन-किन बीमारियों में सबसे इफेक्टिव हैं। ये आयुर्वेदिक कॉफी स्वाद में भी अच्छी होगी और आपके स्वास्थ्य के लिए भी बेस्ट होगी। आयुर्वेदिक कॉफी के लिए आपको कुछ खास चीजों की जरूरत नहीं होगी, बल्कि आपके किचन में मौजूद सामग्री से ही ये आयुर्वेदिक कॉफी बन कर तैयार हो जाएगी। इसके लिए बस आपको दालचीनी, एक्स्ट्रा वर्जिन नारियल तेल और शहद की जरूरत होगी। तो चलिए जानें कि ये आयुर्वेदिक कॉफी किन बीमारियों में फायदेमंद है और इसे कैसे बनाएं।

आयुर्वेदिक कॉफी पीने के फायदे और बनाने का तरीका


1. शरीर की सूजन और फैट होगा दूर
अगर आपको वेट लॉस तेज करना है तो आपको दालचीनी और नारियल तेल के साथ शहद मिक्स कर कॉफी को पीना चाहिए। ब्लैक कॉफी का ये आयुर्वेदिक फार्मुला आपके मेटाबॉलिक रेट को बढ़ा देता है। इससे वेट लॉस में तेजी आती है।

2. एजिंग इफेक्ट को दूर करने लिए

अगर आपके चेहरे पर झुर्रियां नजर आ रही हैं या चेहरे में ग्लो की कमी है तो आपको ब्लैक कॉफी में दालचीनी डाल कर पीना चाहिए। साथ ही आप दालचीनी पाउडर के साथ कॉफी मिक्स कर चेहरे पर फेस पैक की तरह भी यूज कर सकते हैं। कॉफी में मौजदू एंटी-क्सीडेंट्स बढ़ती उम्र का असर कम करते हैं।

3. एनर्जेटिक बने रहने के लिए

कॉफी में मौजूद कैफीन जब दालचीनी और नारियल के तेल के साथ कॉफी में मिलाया जाता है तो इससे शरीर में उर्जा का स्तर बढ़ने लगता है। दिन में एक या दो कप से ज्यादा इसे बिलकुल न पीएं।

यह भी पढ़े - Black Coffee Health Benefits

4. कैंसर और स्ट्रोक का जोखिम होगा कम

आयुर्वेदिक कॉफी कैंसर और स्ट्रोक के खतरे का भी खतरा कम होता है। ब्लड में एंटी ऑक्सीडेंट बढ़ने से ब्लड सर्कुलेशन भी बेहर होता है और फ्री रेडिक्स से भी मुक्ति मिलती है।

5. इम्यून सिस्टम होता है बेहतर

दालचीनी और शहद के साथ नारियल का तेल कई तरह के आयुर्वेदिक तत्वों से भरा होता है। इससे सर्दी-जुकाम और एलर्जी जैसी समस्याएं दूर रहती हैं। जब इन्हें कॉफी के साथ पिया जाता है तो इम्युनिटी बेहतर बनती है।

6. कॉफी में स्ट्रेस फ्री बनाती हैं और जब इसमें दालचीनी मिलती है तो ये मूड को भी बेहतर बनाती हैं। डिप्रेशन या मूड स्विंग्स को दूर करने के लिए इसे पीना फायदेमंद होगा।


नोट- आयुर्वेदिक कॉफी को दिन में दो कप से ज्यादा न पीएं, अन्यथा ये कई बार नुकसान भी कर जाती है।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/ugeadtD

एड़ियों के फटने को न करें नजरअंदाज, इस विटामिन की भारी कमी से मिलते हैं ये संकेत

आमतौर पर फटी एड़ियों की समस्या को गंभीरता से नहीं लिया जाता है। एड़ियां फटने के कई कारण हो सकते हैं। खुश्क त्वचा, बदलते मौसम, लंबे समय तक खड़े रहने, अधिक गरम पानी से नहाने, धूल-मिट्टी के ज्यादा संपर्क में आने आदि कारणों से एड़ियां फट सकती हैं। लेकिन आपको बता दें कि एड़ियों के फटने का एक कारण आपके शरीर में विटामिन की कमी भी हो सकती है। क्योंकि आपके शरीर में होने वाले परिवर्तनों का असर आपकी त्वचा पर भी दिखाई पड़ता है।

इसलिए यदि आपके शरीर में सही से पोषण नहीं पहुँच पा रहा है और विटामिंस की कमी हो रही है, तो इससे आपकी स्किन रूखी-सूखी, बेजान और समय से पहले बूढ़ी हो सकती है। यहाँ तक कि कुछ परिस्थितियों में शरीर में आवश्यक पोषक तत्वों की कमी से त्वचा में दरारें भी आ जाती हैं। तो आइए जानते हैं किस विटामिन की भारी कमी का संकेत आपकी फटी एड़ियां हैं और विटामिंस की कमी को दूर करने के लिए क्या खाएँ...

1. विटामिन बी-3 की कमी
विटामिन बी-3 यानि नियासिन एक आवश्यक पोषक तत्व है, जो ऊर्जा चयापचय में सहायक होता है। इस विटामिन के बिना आप भोजन की ऊर्जा को शरीर के कार्यरत रहने में काम आने वाली ऊर्जा के रूप में नहीं बदल सकते। विटामिन बी-3 एक एंटीऑक्सीडेंट भी है, जिससे यह मुक्त कणों से होने वाली क्षति को कम करने में मदद करता है। इसलिए नियासिन की कमी होने से पेलाग्रा नामक समस्या होने का जोखिम भी बढ़ सकता है। जिसके परिणामस्वरूप आपकी त्वचा के साथ एड़ियां भी ड्राई और पपड़ीदार हो सकती हैं। विटामिन बी-3 की कमी को दूर करने के लिए आप चिकन, ब्राउन राइस, एवोकाडो, टूना और सालमन मछली, मसूर की दाल आदि का सेवन कर सकते हैं।

 

b3.jpg

2. विटामिन ई की कमी
विटामिन ई एक ऐसे एंटी-ऑक्सीडेंट के रूप में काम करता है जो आपकी कोशिकाओं को सुरक्षित रखने के साथ ही उन्हें लंबे समय तक जीवित भी रखता है। विटामिन ई से स्किन हेल्दी रहने के साथ ही आपकी इम्यूनिटी भी मजबूत बनती है। विटामिन ई की कमी भी खुश्क त्वचा और फटी एड़ियों कि समस्या को जन्म दे सकती है। साथ ही इससे कोलेजन निर्माण भी प्रभावित होता है। ऐसे में आप विटामिन ई डिफिशिएन्सी से लड़ने के लिए अपने आहार में बादाम या सूरजमुखी का तेल, हेज़लनट्स, सालमन मछली, पाइन नट्स, आम तथा एवोकाडो आदि शामिल कर सकते हैं।

e.jpg

3. विटामिन सी की कमी
कॉलेजन निर्माण में विटामिन सी की अहम भूमिका होती है। आपका शरीर त्वचा को पर्यावरणीय क्षति से बचाने के लिए काफी मात्रा में विटामिन सी का इस्तेमाल करता है। विशेषज्ञों की मानें तो, सूरज की हानिकारक किरणों से बचाव में भी विटामिन सी आवश्यक है। यह आपकी त्वचा की नमी को बनाए रखने में मदद करता है। अर्थात विटामिन सी कि कमी से भी आपकी त्वचा, बाल और एड़ियां सूखी और निर्जलीकृत हो सकती हैं। इसलिए विटामिन सी की मात्रा शरीर में बनाए रखने के लिए आप अपनी डाइट में गोभी, लाल तथा हरी मिर्च, ब्रोकली, स्ट्रॉबेरी, अमरूद, संतरा और ब्रसल स्प्राउट आदि शामिल कर सकते हैं।


यह भी पढ़ें:

vitamin-c-rich-foods.jpg

from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/vR0PrMa

Saturday, 26 February 2022

क्रोनिक इन्फ्लेमेशन के लक्षण और इन्फ्लेमेशन से लड़ने के लिए डाइट में शामिल करें ये चीजें

इंफ्लेमेशन यानि सूजन आपके शरीर के लिए बिल्कुल भी सही नहीं है। इससे आपको कई अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। क्रोनिक इंफ्लेमेशन की समस्या के कई कारण हो सकते हैं। जिसमें तनाव, वायरस, बैक्टीरिया और एंग्जायटी आदि शामिल हैं। क्रोनिक इंफ्लेमेशन को सही समय पर ठीक न किया जाए तो यह आपके शरीर को कई बीमारियों का घर बना सकता है। इसलिए क्रोनिक इंफ्लेमेशन की समस्या के लक्षणों को पहचाना जरूरी है। इसमें आपका आहार भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। तो आइए जानते हैं क्रोनिक इंफ्लेमेशन के लक्षण और सूजन की समस्या को कम करने के लिए डाइट में शामिल करें ये चीजें...

क्रोनिक इंफ्लेमेशन के लक्षण

1. जोड़ों में दर्द और अकड़न

2. सीने में दर्द होना

3. मुह में छाले होना

4. बुखार और थकान

5. त्वचा पर खुजली होना

6. पेट में दर्द का अनुभव होना आदि।

 

chronic inflammation symptoms and causes, chronic inflammation, chronic inflammation symptoms, chronic inflammation symptoms in body, chronic inflammation diet

एंटी-इनफ्लेमेटरी डाइट

1. आंवला खाएं
आंवला विटामिन सी और एंटी-ऑक्सीडेंट का एक अच्छा होता है। इसलिए संक्रमण के कारण होने वाली इन्फ्लेमेशन यानि सूजन को कम करने में आंवला खाना फायदेमंद हो सकता है। सुबह के समय आंवला खाने से इम्यून प्रतिक्रिया संतुलित होने के साथ ही टिशू भी स्वस्थ होते हैं।

chronic inflammation symptoms and causes, chronic inflammation, chronic inflammation symptoms, chronic inflammation symptoms in body, chronic inflammation diet

2. खूब पानी पियें
पानी ही जीवन है, यह बात कोई नहीं नकार सकता। लेकिन आपको बता दें कि पानी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी भरपूर पाए जाते हैं। विशेषज्ञों की मानें तो पानी पीने से सूजन प्रतिक्रिया को संशोधित करने में मदद मिलती है। हर दिन एक वयस्क व्यक्ति को 4 लीटर पानी पीना ही चाहिए। बार-बार सादा पानी पीने की इच्छा न हो, तो आप अपनी इम्यूनिटी को स्ट्रॉंग करने के लिए पानी में पुदीना, अदरक, नींबू, हल्दी आदि चीजें मिला सकते हैं।

chronic inflammation symptoms and causes, chronic inflammation, chronic inflammation symptoms, chronic inflammation symptoms in body, chronic inflammation diet

3. अदरक
अदरक में मौजूद जिंजरोल नामक तत्व के कारण इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। पुरानी से पुरानी सूजन की समस्या में अदरक का सेवन काफी फायदेमंद हो सकता है। साथ ही अर्थराइटिस और ऑस्टियोअर्थराइटिस की समस्या में तो अदरक को डाइट में जरूर शामिल करें।

यह भी पढ़ें: इम्यूनिटी बढाने के लिए जरूर अपनाएं ये तरीके

chronic inflammation symptoms and causes, chronic inflammation, chronic inflammation symptoms, chronic inflammation symptoms in body, chronic inflammation diet

from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/fwyjSDk

डायबिटीज में मोरिंगा है रामबाण दवा, ब्लड शुगर तुरंत होगा कंट्रोल

सहजन एक जड़ी की तरह शुगर को कंट्र्रोल करने में मददगार साबित होता है। खास बात ये है कि सहजन की जड़ से लेकर छाल और फली से लेकर पत्तियां और फूल तक औषधिय गुणों से भरी हैं। हाई बीपी और डायबिटीज के रोगियों के लिए सहजन बहुत ही लाभदायक होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि सहजन में एंटीहाइपरग्लाइसेमिक, एंटीऑक्सिडेंट, एंटी इंफ्लेमेटरी और लिपिड को कंट्रोल करने वाले औषधिय गुणों की भरमार होती है।

नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फोर्मेशन (NCBI) की रिपोर्ट की मानें तो सहजन की पत्तियों में पाया जाने वाला क्वेरसेटिन तत्व ही ब्लड शुगर को कम करने का काम करता है। वहीं सहजन के छाल, फली आदि में भी क्लोरोजेनिक एसिड होता है। इससे ब्लड शुगर मेंटेन रहता है और इंसुलिन को भी प्रभावित कर सकता है।

How to use Drumstick to control Daibetes

इस तरह करें सहजन का प्रयोग

1. सहजन के पत्तों, जड़, छाल या उसके बीजों का सेवन अलग-अलग तरीकों से कर सकते हैं। जड़ या छाल को सुखकर पाउडर बना लें। इसे सुबह एक या दो चमच्च गुनगुने पानी के साथ लें।
2. सजहन की पत्तियों को पीसकर छान लें और इसे पीएं। पत्तियों का काढ़ा भी बना सकते हैं।
3. सहजन की फलियों को सूप, सब्जी या जूस बना कर लें।
4. इसके पत्तों को आप कच्चा भी चबा सकते हैं। लेकिन ध्यान रहें कि इन सभी में किसी एक चीज का प्रयोग दिन में एक बार ही करें।

इन बीमारियों में भी सहजन फायदेमंद है


सहजन कब्ज, गैस्ट्रिटिस और अल्सरेटिव कोलाइटिस जैसे पाचन विकारों को रोकने में भी मदद करता है।

यह भी पढ़े - Garlic Health Benefits



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/LVKvM21

Thursday, 24 February 2022

Vegetables For Skin: त्वचा को ग्लोइंग बना के रखने के लिए डाइट में शामिल करें इन सब्जियों को, सेहत के लिए भी होते हैं बेहतरीन

Vegetables For Skin: सब्जियों के सेवन सेहत के लिए बहुत ही ज्यादा अच्छा होता है, इसके सेवन से कई प्रकार की समस्याएं दूर होती जाती हैं और स्किन में ग्लो भी बरक़रार रहता है। सब्जियों में कई प्रकार के पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं जैसे कि विटामिन ए, विटामिन सी, मिनरल्स, फाइबर आदि। इसके सेवन से न केवल शरीर से जुड़ी बीमारियां दूर होती हैं वहीं स्किन में भी ग्लो बरक़रार रहता है। इसलिए जानिए कि कौन से ऐसी सब्जियां हैं जिनका सेवन से स्किन में ग्लो बरक़रार रहता है।

1.ब्रोकली: ब्रोकली की बात करें तो इसका सेवन सेहत के लिए बहुत ही ज्यादा अच्छा होता है। इसके सेवन से पोषक तत्व शरीर को मिलते हैं वहीं त्वचा में यदि पिम्पल्स,दाग या अन्य दिक्कतें रहती हैं तो उसको दूर करने में भी ब्रोकली का सेवन बहुत ही ज्यादा अच्छा होता है।

2.गाजर: गाजर की बात करें तो इसका सेवन सेहत के लिए बहुत ही ज्यादा अच्छा होता है। गाजर का यदि आप रोजाना सेवन करते हैं तो इसके सेवन से लंबे समय तक स्वस्थ रहते हैं वहीं स्किन में लंबे समय तक ग्लो बरक़रार रहता है। इसके सेवन से झुर्रियों की समस्या दूर होती जाती है। इसलिए इसका सेवन आप रोजाना जरूर करें।

3. लौकी: लौकी का सेवन सेहत के लिए बहुत ही ज्यादा अच्छा होता है। लौकी एंटी ऑक्सीडेंट्स, एंटी इन्फ्लामेट्री और अन्य फायदेमंद पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इसके सेवन से झुर्रियों की समस्या दूर होती जाती है वहीं इसके सेवन से सेहत से जुड़ी कई समस्याएं दूर होती जाती हैं।

4.करेला: करेला का सेवन सेहत के लिए बहुत ही ज्यादा अच्छा होते हैं। इसके रोजाना सेवन से दाग-धब्बों की समस्या भी दूर होती जाती हैं वहीं स्किन में भी ग्लो बरक़रार रहता है। इसके सेवन से दाग-धब्बे की समस्या भी दूर होती जाती हैं।

5.पालक: पालक का सेवन सेहत के लिए अच्छा होता है, पालक कई सारे पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसके रोजाना सेवन से त्वचा चमकदार और हेल्दी बनी रहती है। इसलिए आप रोजाना पालक को डाइट में शामिल कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें: जीवनभर रहना चाहते हैं फिट, तो आप भी अपना सकते हैं इन आसान से नियमों को



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/T0xOkBa

Wednesday, 23 February 2022

Tips To Boost Your Immunity System: इम्यूनिटी बढाने के लिए जरूर अपनाएं ये तरीके

आपके शरीर को किसी भी प्रकार के संक्रमण अथवा रोगों से सुरक्षित रखने के लिए इम्यूनिटी या रोग-प्रतिरोधक क्षमता का बेहतर होना बहुत जरूरी है। इस रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर रखने में आपकी जीवनशैली और आहार एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आजकल वैसे भी असंतुलित खानपान और पोषक तत्वों की कमी के कारण लोगों की इम्यूनिटी को काफी नुकसान पहुंचता है। जिससे उन्हें कोई भी बीमारी बड़ी जल्दी जकड़ सकती है। लेकिन कुछ आसान तरीकों से आप अपनी इम्यूनिटी को बूस्ट करके रोगों के जोखिम को कम कर सकते हैं। तो आइए जानते हैं उन तरीकों के बारे में...

1. रोजाना व्यायाम करने की आदत डालें
अपनी दिनचर्या में योग-व्यायाम आदि को शामिल करके आप अपने जीवन के कुछ और साल बढ़ा सकते हैं। रोजाना कसरत करने की आदत से न केवल आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत बनती है, बल्कि आप शारीरिक और मानसिक दोनों रूपों में स्वस्थ रहते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, रोजाना केवल 30 मिनट की कसरत करने से प्रतिरक्षा प्रणाली को उत्तेजित करने में काफी मदद मिलती है।

 

female_yoga_1200x628-facebook-1200x628.jpg

यह भी पढ़ें: शिमला मिर्च खाने के जबरदस्त फायदे

2. भरपूर पानी पियें
पानी के बारे में ये तो आपने सुना ही होगा कि, जल ही जीवन है। आपको हाइड्रेट रखने के साथ ही पानी आपके शरीर में कई महत्वपूर्ण भूमिकाएँ अदा करता है, जिसके तहत आपके इम्यून सिस्टम को बेहतर करना भी शामिल है। निर्जलीकरण के कारण आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को नुकसान पहुँच सकता है। अगर आप सोचें कि व्यायाम या अन्य किसी ऐक्टिविटी के कारण आप पसीना नहीं बहा रहे हैं, तो निर्जलीकरण कैसे होगा। लेकिन आपको बता दें कि सांस लेने या छोड़ने और मल-मूत्र के माध्यम से भी आप अपने शरीर से पानी बाहर निकालते हैं। इसलिए सुनिश्चित करें कि आप दिन भर में पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें।

water_1.jpg

3. तनाव कम करें
चिंता, तनाव आदि तुरंत हों या समय के साथ-साथ बढ़ते जाएँ, आपको ये समझना बहुत जरूरी है किइसका आपके इम्यून सिस्टम पर बहुत गलत असर होता है। इससे आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली दबने लगती है और आप जल्दी ही किसी भी रोग या संक्रमण कि चपेट में या सकते हैं। इसलिए तनाव को जितना हो सके कम करने की कोशिश करें। इसके लिए आप योग-मेडिटेशन के साथ-साथ ऐसे चीजों को डाइट में शामिल करें जिनमें एंटी-डिप्रेसेंट गुणन पाए जाते हैं।

cnr.jpg

from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/tUhBL6T

Garlic Health Benefits: जानिए अंकुरित लहसुन के रोजाना सेवन से होने वाले इन फायदों के बारे में, रोजाना करें इनका सेवन

Garlic Health Benefits: अंकुरित लहसुन का सेवन सेहत के लिए बहुत ही ज्यादा अच्छा होता है। ये एंटी ऑक्सीडेंट, एंटी इन्फ्लामेट्री, मिनरल और कई तरीके के विटामिन्स से भरपूर होता है। इसके सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता बूस्ट होती जाती है और ये कई बीमारियों को दूर रखने में भी बहुत ही ज्यादा सहायक होते हैं। इसलिए जानिए कि रोजाना अंकुरित लहसुन के सेवन से शरीर को कौन से फायदे मिलते हैं और इसको डाइट में क्यों शामिल करना चाहिए।

दिल की सेहत को रखता है स्वस्थ: दिल की सेहत को स्वस्थ रखना चाहते हैं तो लहसुन का सेवन बहुत ही ज्यादा फ़ायदेमन्द होता है। इसके रोजाना सेवन से दिल से जुड़ी कई गंभीर बीमारी होने का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। इसलिए आप रोजाना कि डाइट में सुबह के खाली पेट दो-तीन लहसुन का सेवन कर सकते हैं।

पाचन तंत्र को करता है बूस्ट: अंकुरित लहसुन का यदि आप रोज सेवन करते हैं तो ये पेट के साथ पाचन तंत्र को मजबूत करने में बहुत ही ज्यादा सहायक होता है। लहसुन के रोजाना सेवन से पाचन शक्ति दिन-प्रतिदिन मजबूत होती जाती है। वहीं ये इन्फेक्शन से भी आपको बचा के रखने में सहायक होता है।

स्ट्रोक के खतरे को कम करने में करता है मदद: अंकुरित लहसुन में एंजिन की मात्रा भरपूर होती है जो स्ट्रोक की समस्या को कम करने में मदद करते हैं। इसमें नाइट्राइट्स की मात्रा भी भरपूर होती है जो स्ट्रोक के खतरे को काफी हद तक कम करती है। इसके रोजाना सेवन से वहीं डायबिटीज की बीमारी का खतरा भी दो गुना कम हो जाता है।

एंटी-एजिंग गुण: लहसुन का सेवन आप करते हैं तो ये एंटी एजिंग के बढ़ते प्रभाव को दूर करने में बहुत ही ज्यादा मदद करता है, इसके सेवन से रिंकल्स, मुहासें की समस्या भी दूर हो जाती है। एंटी-एजिंग की समस्या को दूर करने में अंकुरित लहसुन के सेवन आपकी बहुत ही ज्यादा मदद कर सकता है।

यह भी पढ़ें: दिल की सेहत को स्वस्थ रखने से लेकर इम्युनिटी को करता है बूस्ट,जानिए लहसुन के रोजाना सेवन से होने वाले इन जबरदस्त फायदों के बारे में



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/1IhwZE6

Health Tips: पेट में रहता है भारीपन तो इस समस्या को दूर करने के लिए अपना सकते हैं इन घरेलू उपायों को

Health Tips:अक्सर कई लोग खाना खाने के बाद पेट में भारीपन की समस्या से परेशान रहते हैं। ये समस्या सुनने में तो आम लगती है लेकिन इसके होने पर व्यक्ति को बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। पेट में भारीपन का इलाज यदि समय पर नहीं किया जाता है तो ये पेट में सूजन के साथ दर्द का कारण भी बन सकता है। इसलिए यदि आपको भी खाना खाने के बाद ये समस्या रहती है तो ये घरेलू उपाय आपकी बेहद मदद कर सकते हैं। जानिए इन आसान से घरेलू उपायों के बारे में।

1.सौंफ का मिश्री का सेवन करें: यदि पेट में अक्सर भारीपन के साथ दर्द की समस्या रहती है तो सौंफ के साथ मिश्री का सेवन बहुत ही ज्यादा फ़ायदेमन्द साबित हो सकता है। इन दोनों में ही ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो पेट से जुड़ी कई समस्याओं को दूर करने में बहुत ही ज्यादा सहायक होते हैं। इसलिए खाना खाने के बाद एक चम्मच आप सौंफ के साथ मिश्री का सेवन मिक्स करके जरूर करें।

2.हरी इलायची का कर सकते हैं सेवन:हरी इलायची का सेवन आमतौर पर खाने के स्वाद को बढ़ाने के लिए किया जाता है लेकिन क्या आपको पता है कि यदि पेट में भारीपन की समस्या को दूर करना चाहते हैं तो भी हरी इलायची का सेवन बेहद मददगार होता है। हरी इलायची कई प्रकार के पोषक तत्वों से भरपूर होती है जो पेट फूलने की समस्या से जल्द आराम दिलाने में आपको मदद करती है। इसलिए पेट फूलने की समस्या से जल्द आराम पाने के लिए आप इसका सेवन कर सकते हैं।

3.शहद का कर सकते हैं सेवन: शहद का सेवन सेहत के लिए बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होता है। यदि आप भी खाना खाने के बाद पेट में भारीपन की समस्या से निजात पाना चाहते हैं तो शहद का सेवन बहुत ही ज्यादा लाभदायक साबित होता है। पेट में भारीपन की समस्या को दूर करने के लिए बस आप एक चम्मच शहद का सेवन कर लें। इसके सेवन से ये समस्या तो दूर हो जाएगी वहीं इम्युनिटी को बूस्ट करने में भी ये मददगार साबित होगा।

4.अलसी के बीज: पेट में भारीपन की समस्या से निजात पाना चाहते हैं तो अलसी के बीज आपकी बहुत ही ज्यादा मदद कर सकते हैं। पेट में भारीपन की समस्या को दूर करने के लिए आप अलसी के बीजों को लें और इसे पानी में भिगो दें। इसके बड़ा रोजाना इसका सुबह के खाली पेट सेवन करें। इसके सेवन से न केवल पेट में भारीपन की समस्या खत्म होगी वहीं इसके सेवन से आपका पाचनतंत्र भी मजबूत हो जाएगा।

5.लौंग का सेवन: पेट में भारीपन की समस्या से निजात पाना चाहते हैं लौंग का सेवन बहुत ही ज्यादा फ़ायदेमन्द साबित हो सकता है। इसलिए पेट में भारीपन की समस्या को दूर करने के लिए आप खाना खाने के बाद दो लौंग का सेवन कर सकते हैं। इसके सेवन से कब्ज के जैसी गंभीर समस्या भी दूर हो जाती है।

यह भी पढ़ें: गैस और एसिडिटी की समस्या से पाना चाहते हैं आराम तो अपना सकते हैं इन घरेलू उपायों को



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/UWg2kzI

Tips For Healthy Heart: अपने हार्ट को फिट और बीमारियों से दूर रखने के लिए लाइफस्टाइल में आज से शुरू कर दें ये जरूरी बदलाव

Tips For Healthy Heart: हार्ट से जुड़ी बीमारियों के मामले तेजी से फ़ैल रहे हैं, इस बीमारी का खतरा पहले बढ़ते उम्र के लोगों को ज्यादातर होता था लेकिन आजकल कम उम्र के लोगों को भी इस बीमारी ने अपना शिकार बना रखा है। इसलिए हार्ट की सेहत को यदि आप स्वस्थ रखना चाहते हैं तो हेल्थी लाइफस्टाइल और डाइट को फॉलो करने कि जरूरत होती है। जानिए कि दिल की सेहत को स्वस्थ रखने के लिए कौन-कौन से टिप्स को आप फॉलो कर सकते हैं।

अच्छी नींद जरूर लें: आजकल कि लाइफस्टाइल और डाइट ऐसी हो गई है कि पूरे दिन आप व्यस्त रहते हैं और टेंशन में रहते हैं। इसलिए स्वस्थ रहना चाहते हैं तो आपको अच्छी नींद लेने कि बहुत ही ज्यादा आवश्य्कता होती है। इसलिए टाइम से सोएं और टाइम से उठें। इससे आपके मन के साथ शरीर को भी शांति मिलती है।

पौष्टिक आहार का सेवन करें: शरीर को लंबे समय तक स्वस्थ रखना चाहते हैं और दिल से जुड़ी गंभीर बीमारियों को दूर रखना चाहते हैं तो पौष्टिक आहार का सेवन आप कर सकते हैं। कोशिश करें कि ज्यादा तेल-मसाले युक्त बाहर का खाना और फ़ास्ट फ़ूड को कम से कम खाएं। वहीं डाइट में दूध, दही और पनीर को भी शामिल कर सकते हैं। ये सारी चीजें आपको लंबे समय तक स्वस्थ बना के रखने में मदद करती हैं।

वजन को रखें नियंत्रण में: वेट का तेजी से बढ़ना बीमारी के खतरे को दो गुना ज्यादा बढ़ाता है। वेट का बढ़ना दिल की सेहत के लिए बिल्कुल भी अच्छा नहीं होता है। इसके बढ़ने से कई गंभीर बीमारी के होने का खतरा दो गुना ज्यादा बढ़ जाता है। इसलिए वेट कंट्रोल करने के लिए आपको लाइफस्टाइल और डाइट के ऊपर खासतौर पर अधिक ध्यान देना चाहिए।

लगातार काम न करें: लगातार काम करने से आपको टेंशन बहुत ही ज्यादा रहती है, ऐसे में यदि टेंशन फ्री आप रहना चाहते हैं तो लगातार काम करने से आपको अवॉयड करना चाहिए। कोशिश करें कि एक ही जगह पर ज्यादा देर न बैठें। थोड़ी-थोड़ी देर में जरूर टहलते रहे।

यह भी पढ़ें: हार्ट को रखना है हेल्दी तो डाइट में शामिल कर सकते हैं इन सुपरफूड्स को



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/Feb1oVI

Bell Pepper Benefits: शिमला मिर्च खाने के जबरदस्त फायदे

पीली, हरी और लाल जैसे चटक रंगों की शिमला मिर्च देखने में जितनी खूबसूरत लगती हैं, उनका स्वाद भी काफी अच्छा होता है। अंग्रेजी में शिमला मिर्च को कैप्सिकम या बेल पैपर कहा जाता है। सलाद, सब्जी, चाइनीज जैसे कई तरह के व्यंजनों में शिमला मिर्च का इस्तेमाल किया जाता है। भोजन का स्वाद बढ़ाने के अलावा शिमला मिर्च आपके स्वास्थ्य के लिए भी काफी फायदेमंद होती हैं। इनमें कई तरह के पोषक तत्व जैसे कार्बोहाइड्रेट, ऊर्जा, प्रोटीन, विटामिन-ए, विटामिन-बी, विटामिन-सी, फाइबर, आयरन आदि मौजूद होते हैं। तो आइए जानते हैं शिमला मिर्च खाने से होने वाले स्वास्थ्य लाभों के बारे में...

1. हृदय स्वास्थ्य के लिए
शिमला मिर्च में कैप्साइसिन नामक तत्व पाया जाता है, जो आपके दिल को स्वस्थ बनाए रखने में मदद कर सकता है। एक शोध के अनुसार, कैप्साइसिन युक्त लाल शिमला मिर्च का सेवन करने से मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है, जिससे मोटापा और दिल से जुड़ी बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद मिलती है।

 

heart.jpg

2. आंखों की रोशनी बढ़ाए
हमारे शरीर का एक बहुत ही महत्वपूर्ण अंग होती हैं। लेकिन आजकल बड़े-बुजुर्गों से लेकर छोटे-छोटे बच्चों को भी असंतुलित खानपान और लंबे समय तक फोन, लैपटॉप आदि के इस्तेमाल के कारण आँखों से जुड़ी समस्याएं होने लगी हैं। ऐसे में आँखों को स्वस्थ रखने के लिहाज से शिमला मिर्च का सेवन फायदेमंद हो सकता है। क्योंकि इसमें ल्यूटिन, विटामिन-ए और जेक्सैथीन जैसे कुछ खास तत्व मौजूद होते हैं, जो आँखों की रोशनी बढ़ाने के साथ-साथ मोतियाबिंद जैसी समस्याओं से बचा सकते हैं।

eyes.jpg

3. मजबूत हड्डियों के लिए फायदे
अगर आप अपनी डाइट में शिमला मिर्च को शामिल करते हैं, तो इससे आपकी हड्डियों को काफी लाभ होता है। क्योंकि शिमला मिर्च या बेल पैपर खाने से आपके शरीर में मैंगनीज की आपूर्ति होती है। साथ ही एंटी-इंफ्लेमेटरी और विटामिन-सी से युक्त बेल पैपर के सेवन से हड्डियों से जुड़े रोग जैसे ऑस्टियोपोरोसिस को रोकने में भी मदद मिल सकती है।

यह भी पढ़ें: लो-कार्बोहाइड्रेट फूड्स को डाइट में शामिल करके आसानी से घटाएं वजन

cap.jpg

from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/x5LH1qy

Low Carb Foods: लो-कार्बोहाइड्रेट फूड्स को डाइट में शामिल करके आसानी से घटाएं वजन

कार्बोहाइड्रेट आपके शरीर के लिए एक बहुत ही आवश्यक पोषक तत्व है। यह आपके शरीर में कई क्रियाकलापों में हिस्सा लेता है। कार्बोहाइड्रेट कई प्रकार की खाद्य वस्तुओं में पाया जाता है। कार्बोहाइड्रेट आपकी बॉडी के लिए जरूरी तो है, लेकिन सही मात्रा में ही इसका सेवन करना चाहिए। साथ ही आजकल लोग वजन घटाने के लिए तरह-तरह की डाइट फॉलो करते हैं, जिसमें लो-कार्ब डाइट भी शामिल है। इस डाइट में वजन घटाने के लिए ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन किया जाता है जिसमें कार्बोहाइड्रेट कि मात्र कम होती है। क्योंकि कार्बोहाइड्रेट का अधिक सेवन आपके शरीर में कैलोरी और वसा की मात्रा को बढ़ाता है। जिससे मोटापा बढ़ सकता है। तो अगर आप भी वजन घटाने कि कोशिश कर रहे हैं, तो ये लो-कार्बोहाइड्रेट फूड्स का सेवन कर सकते हैं...

1. सीड्स
कम कार्ब युक्त बीजों का सेवन वजन घटाने में सहायक हो सकता है। इसके लिए आप चिया सीड्स, फ्लैक्स सीड्स, सूरजमुखी तथा कद्दू के बीजों को अपनी डाइट में आसानी से शामिल कर सकते हैं। साथ ही इन बीजों में विभिन्न पोषक तत्व जैसे सेलेनियम, कैल्शियम, विटामिन ए, पोटैशियम, विटामिन सी, मैग्नीशियम, फैटी एसिड एवं मैंगनीज आदि पाए जाते हैं, जो आपकी सेहत को भी कई फायदे पहुंचाते हैं।

 

Chia Seeds

2. मछली और चिकन
अगर आप भी वजन कम करने के लिए कम कार्ब फूड्स की तलाश में हैं, तो चिकन और मछली दोनों ही अच्छे और स्वस्थ विकल्प हो सकते हैं। विशेषज्ञों की मानें तो चिकन और मछली में कार्बोहाइड्रेट कम होने के साथ ही प्रोटीन पर्याप्त मात्रा में होता है। ध्यान रखें कि इनका सेवन कच्चा न करें। इन्हें सेक कर या ग्रिल करके ही खाएँ।

goan-fish-fry.jpg

3. मसाले
मसालों का हमारी सेहत को बेहतर बनाए रखने के साथ ही वजन घटाने में भी अहम योगदान होता है। एंटीऑक्सिडेंट्स से युक्त दालचीनी, इलायची, काली मिर्च, नमक, हल्दी, राई आदि का सेवन कर सकते हैं। इनमें कार्ब सामग्री कम होने के साथ ही ये मसाले भोजन का स्वाद भी बढ़ाते हैं।

masaale.jpg

4. बादाम
लो-कार्बोहाइड्रेट डाइट में बादाम को शामिल करना भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इसमें प्रोटीन की मात्रा भी पर्याप्त होने के कारण वजन कम करने में मदद में मिलती है। इसके लिए आप सुबह उठकर रात को भिगोए हुए बादाम खा सकते हैं।

यह भी पढ़ें: हाइपरटेंशन की समस्या को छूमंतर कर देंगी ये ड्रिंक्स...

badam.jpg

from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/CFIN9tV

Weight Loss Tips: बढ़ता वजन और मोटापा बन सकता है कई गंभीर बीमारियों का कारण, वजन कम करने के लिए अपनाएं इन 5 तरीकों को

Weight Loss Tips:आजकल कि लाइफस्टाइल ऐसी हो गई है कि वजन का बढ़ना तय होता है, वजन के बढ़ने से अनेकों लोग ग्रसित हैं। मोटापा न सिर्फ बॉडी के शेप को खराब करता है बल्कि ये कई गंभीर बीमारियों का कारण भी बनता है। इसलिए मोटापे को कंट्रोल करने कि बहुत ही ज्यादा आवश्य्कता होती है। वजन कम करने के लिए स्वस्थ आहार और पोषक तत्वों को डाइट में शामिल कर सकते हैं।
जानिए इन 5 आसान से टिप्स के बारे में जो वजन कंट्रोल करने में आपकी बहुत ही ज्यादा मदद कर सकते हैं।

1.नियमित रूप से एक्सरसाइज करें: यदि आप स्वस्थ रहना चाहते हैं और वजन को भी नियंत्रण में रखना चाहते हैं तो आपको नियमित रूप से एक्सरसाइज जरूर करना चाहिए। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि एक्सरसाइज के साथ सुबह 15-20 मिनट की वॉक पर भी जरूर जाएँ। ये आपके वजन को कम करने में काफी हद तक मददगार साबित होता है और लंबे समय तक स्वस्थ भी बने रहते हैं।

2.ब्रेकफास्ट को कभी भी स्किप न करें: ब्रेकफास्ट को आपको कभी भी स्किप नहीं करना चाहिए। कोशिश करें कि ब्रेकफास्ट में हमेसा ऐसी चीजों का ही सेवन करें जो प्रोटीन की मात्रा से भरपूर हो। आप डाइट में अंडा, एवोकाडो, स्प्राउट्स, बीन्स आदि चीजों को शामिल कर सकते हैं।

3.नियमित रुप से पानी का सेवन करें: मोटापे को कम करने कि सोंच रहे हैं तो पानी का सेवन आपकी बहुत ही ज्यादा मदद कर सकता है। सुबह उठते ही यदि आप रोजाना दो गिलास पानी का सेवन करते हैं तो ये न केवल वजन कम करता है बल्कि शरीर से विषाक्त पदार्थों को भी बाहर निकाल देता है। पानी के सेवन से हानिकारक एंजाइम के कारण वजन बढ़ने का जोखिम भी कम होता है। इसलिए इसका सेवन आपको भरपूर मात्रा में जरूर करना चाहिए।

4.तेल-मसाले युक्त चीजों का सेवन कम मात्रा में करें: वजन कम करना चाहते हैं तो आपको तेल-मसाले युक्त चीजों का सेवन कम मात्रा में करने कि आवश्य्कता होती है। इसलिए यदि आप बाहर का खाना ज्यादा खाते हैं या तेल-मसाले युक्त चीजों का सेवन ज्यादा मात्रा में करते हैं तो अवॉयड करें। आप डाइट में दलिया, एवोकाडो, दाल, हरी सब्जियां ऐसी चीजों को डाइट में शामिल कर सकते हैं। इनमें विटामिन सी और विटामिन डी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। जो लंबे समय तक आपको स्वस्थ बना के रखने में बेहद मदद करते हैं।

यह भी पढ़ें: वेट को करना चाहते हैं कम तो डाइट में जरूर शामिल करें तुलसी और अजवाइन के पानी को

5.लक्ष्य तय करें: वजन कम करने के लिए आपको लक्ष्य तय करने कि जरूरत होती है। बिना लक्ष्य के आप अपना वजन कम नहीं कर सकते हैं। एक-साथ आप पूरे वजन को कम नहीं कर सकते हैं। इसके लिए आपको लक्ष्य को तय करने कि जरूरत होती है, तब जाके आपका वेट कम होता है।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/VeTIqUs

आंखों में होने वाले ये बदलाव गंभीर बीमारी का हैं संकेत, कोरोना संक्रमित लोगों में बढ़ा हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया का खतरा

हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया, हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण होता है और हार्ट अटैक जैसी बीमारी की वजह बन सकता है। कोरोना के बाद इस तरह के लक्षण तेजी से लोगों में देखने को मिल रहे हैं। यदि आप पहले से हाई कोलेस्ट्रॉल के पेशेंट रहे हों या कोरोना के बाद आपकी आंखों के आसपास कुछ बदलाव नजर आ रहे हैं तो आपको इसे गंभीरता से लेना चाहिए। सबसे पहले जानें कि आंखों में किस तरह के बदलाव खतरे का संकेत हो सकते हैं।

क्या है ये हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया?
हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया की स्थिति में हमारे खून में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा काफी ज्यादा बढ़ जाती है। यह स्थिति सेहत के लिए खतरनाक होती है। इस स्थिति में हार्ट अटैक का भी खतरा बढ़ जाता है। हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया को लिपिड डिसऑर्डर या हाइपरलिपिडिमिया के रूप में भी जाना जाता है।

आंखों के पास ऐसे निशान दिखें, तो कराएं जांच

1. आंखों के आसपास या पलकों के ऊपर दर्द रहित दाने, वसानुमा दाने, नजर आ रहे हों।
2. यदि आंखों की पुतलियों में बदलाव दिखे।
3. कॉर्निया की बाहर की तरफ या ऊपर नीले या सफेद रंग की गुंबद जैसी आकृति दिखाई दे रही हो।

इन लक्षणों के अलावा ये भी हैं संकेत

1. मिचली
2. थकान
3. उच्च रक्तचाप
4. सांस की तकलीफ
5. सीने में दर्द
6. एनजाइना

कोलेस्ट्राल दो तरह का होता है। पहला एलडीएल यानी लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन जिसे बैड कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है और एचडीएल हाई डेंसिटी लिप्रोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल। बैड कोलेस्ट्रॉल सेहत के लिए हानिकारक होने का साथ दिल संबंधी गंभीर बीमारी का कारण भी बनता है। इस प्रकार की स्थिति होने पर कोरोनरी आर्टरी डिजीज और हार्ट अटैक खतरा बढ़ जाता है।

कोरोना के बाद जरूर कराएं जांच
अगर आप कोरोना संक्रमित रहे हों तो आपको अपने कोलेस्ट्रॉल की जांच करानी चाहिए। भले ही आपके आंखों या शरीर पर कोई लक्षण नजर न आ रहे हों। क्योंकि कोरोना के बाद डायबिटीज, कोलेस्ट्राल और नसों से जुड़ी दिक्कते तेजी से बढ़ी हैं। कई बार बिना लक्षण के भी बीमारी शरीर में नजर आती है।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/dDQmbpG

Tuesday, 22 February 2022

पीरियड्स का दर्द कर रहा परेशान तो कर लें बस छोटा सा ये काम, पेनकिलर लेना भी भूल जाएंगी

पीरियड्स में क्रैंप, कमर और पैर के ऊपरी हिस्से में दर्द तब समस्या बनता है जब इस दर्द से डेली रूटीन गड़बड़ होने लगता है। हर महीने ऐसे होने वाले दर्द कई बार शारीरिक ही नहीं, मानसिक कष्ट का कारण भी बन जाते हैं। ऐसे में कुछ उपाय आपकी इस समस्या का जड़ से खात्मा कर सकते हैं। पीरियड्स में क्रैंप का होना पीरियड्स के शुरुआती दिनों से शुरू हो कर सालों तक बना रह सकता है। दर्द को नजरअंदाज करना या इसके लिए हर बार पेनकिलर लेना समस्या को बढ़ा सकता है। ऐसे में जरूरी है कि पहले लाइफस्टाइल में बदलाव किया जाए। तो चलिए जानें कि इस दर्द से छुटकारा पाने के लिए क्या करना जरूरी है।

पीरियड दर्द को कम करने के लिए इन बातों पर दें विशेष ध्यान

1. पीरियड्स के दर्द को कम करने में एक्सरसाइज बहुत जरूरी है। वॉकिंग, साइकिलिंग या स्विमिंग करने से दर्द को दूर किया जा सकता है।
2. पीरियड्स के दिन जब करीब आने वाले हों तो डाइट में चेज जरूरी है। ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं और खट्टे फल, मिर्च-मसाला कम कर दें।
3. पपीता, सेब या केला जैसे फलों का सेवन बढ़ा दें।
4. अपनी डाइट में विटामिन बी 12 की मात्रा बढ़ा दें। ये क्रैंप और नसों के लचीलेपन के लिए जरूरी है।
5. पेट में जब भी दर्द हो तो गर्म पानी से सिकाई करें।
6. पेनकिलर लेने से जितना संभव हो बचें। दर्द ज्यादा हो तो लेट जाएं और हीट बाथ लें।
7. मेंटल हेल्थ पर फोकस करें
8. कई बार दर्द शारीरिक ही नहीं, मानसिक कारणों से भी होता है। इसलिए पीरियड्स के दर्द का खौफ खुद पर हावी न होने दें।
9. दर्द से ध्यान हटाने के लिए गाने सुनें या फिल्म देखें।
10. लोगों के बीच में बैठें, दोस्तों से गपशप करें। ताकि आपका ध्यान दर्द से हट सके और आपके अंदर हैपी हार्मोंस यानी डोपामाइन का स्तर बढ़े।
11. खुद को रिलेक्स रखने के लिए आप योग या मेडिटेशन का भी सहारा ले सकती हैं।

खानपान में इन चीजों को करें शामिल
1. किशमिश, छुहाड़ा, अखरोट और बादाम खाएं।
2. पीरियड्स के समय ही नहीं, बाद में भी दाल, हरी सब्जी और सलाद को अधिक से अधिक शामिल करें।
3. मेथी के बीज रोजाना रात में भिगा कर सुबह खाने की आदत डालें।

यह भी पढ़े - महिलाओं को 30 की उम्र के बाद रोजाना करना चाहिए इन सप्लीमेंट्स का सेवन



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/nM7eXNk

Hypertension Lowering Drinks: हाइपरटेंशन की समस्या को छूमंतर कर देंगी ये ड्रिंक्स

आज के समय में अस्त-व्यस्त जीवनशैली, असंतुलित खानपान, चिंता, तनाव आदि तो जैसे लोगों के जीवन का हिस्सा बन गए हैं। इससे कई स्वास्थ्य समस्याएं भी घेर लेती हैं। जिसमें उच्च रक्तचाप भी शामिल है। आजकल हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन की समस्या आम बात बन गयी है। आपको बता दें कि हाइपरटेंशन की समस्या के कारण दिल के रोगों का जोखिम भी बढ़ जाता है। क्योंकि इस अवस्था में आपके दिल को रक्त दाब अधिक होने से अतिरिक्त कार्य करना पड़ता है। यानी कि उच्च रक्त की समस्या को कंट्रोल न करने से हार्ट अटैक या हार्ट स्ट्रोक जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए हाइपरटेंशन को कम करने में कुछ ड्रिंक्स यानी पेय पदार्थ आपकी मदद कर सकते हैं। तो चलिए जानते हैं हाई ब्लड प्रेशर को कम करने के लिए कौनसी ड्रिंक्स का सेवन फायदेमंद हो सकता है...

1. नारियल पानी
विशेषज्ञों की मानें तो, हाइपरटेंशन या बीपी के रोगियों के लिए नारियल पानी का सेवन काफी लाभकारी साबित हो सकता है। कम कैलोरी युक्त नारियल पानी में वसा और कोलेस्ट्रॉल बिलकुल नहीं होता है। ऐसे में बीपी के मरीजों के लिए अपनी डाइट में नारियल पानी को शामिल करना एक स्वस्थ विकल्प हो सकता है।

 

Coconut water

2. पानी
आपको जानकार हैरानी होगी कि सादा पानी का सेवन भी रक्तचाप को नियंत्रण करने में बहुत फायदेमंद हो सकता है। साथ ही बता दें कि हमारे ह्रदय का 73 प्रतिशत हिस्सा जल से ही बना होता है। पानी में कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे खनिजों का मिश्रण एक बेहतरीन हाइपरटेंशन लोअरिंग ड्रिंक हो सकती है।

02-01-1.jpg

3. अनार का रस
विटामिन सी और फोलेट जैसे पोषक तत्वों से भरपूर अनार के रस में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी मौजूद होते हैं, जो आपके ह्रदय को स्वस्थ रखने में काफी फायदेमंद होते हैं। एक शोध के अनुसार, उच्च रक्तचाप से पीड़ित जिन लोगों ने अनार के रस को अपनी डाइट में शामिल किया, उनके रक्तचाप में कमी पायी गयी। साथ ही यह भी ध्यान रखें कि अनार का जूस आपको बिना चीनी का ही पीना है।

saib-aur-anar-ka-juice_12595.jpg

4. स्किम्ड मिल्क
हाइपरटेंशन की समस्या को कम करने में कम फैट वाले डेयरी प्रोडक्ट्स जैसे स्किम मिल्क या दही का सेवनं काफी फायदेमंद हो सकता है। इसलिए उच्च रक्तचाप की समस्या को कम करने के साथ वजन नियंत्रण में भी ये डेयरी प्रोडक्ट्स सहायक हो सकते हैं।

skimmilkmainhp-istock_thinkstock.jpg

यह ही पढ़ें: क्या दिल को बीमरियों से बचाने में नहीं है सब्जियों की कोई भूमिका...



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/g79bqTr

Health Benefits Of Cashew Nuts: डायबिटीज के पेशेंट रोजाना करें काजू का सेवन, जानिए इसके सेवन से होने वाले इन 5 फायदों के बारे में

Health Benefits Of Cashew Nuts: डायबिटीज की बीमारी लगातार तेजी से फ़ैल रही है ऐसे में डाइट के ऊपर अधिक ध्यान देने कि जरूरत होती है। डायबिटीज के पेशेंट्स के बॉडी में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ने लग जाती है ऐसे में उनको बॉडी के ऊपर अधिक ध्यान देने कि जरूरत होती है। साथ ही साथ ग्लूकोज की मात्रा को नियंत्रण में रखने कि भी आवश्य्कता होती है। डायबिटीज के मरीजों को काजू का सेवन बहुत ही ज्यादा अच्छा होता है।
इसलिए जानिए डायबिटीज के पेशेंट के लिए काजू के सेवन से होने वाले इन फायदों के बारे में।

1.डायबिटीज के मरीजों में स्ट्रेस को करता है कम: डायबिटीज के पेशेंट्स अक्सर अपनी सेहत को लेकर या अन्य किसी और चीज से स्ट्रेस में रहते हैं तो ये उनके सेहत के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। इसलिए काजू का सेवन इनके लिए लाभदायक साबित हो सकता है। काजू में भरपूर मात्रा में विटामिन सी, फाइबर, पोटेशियम और आदि सारे पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। जो स्ट्रेस को कम करने में बेहद मददगार हो सकते हैं।

2.इन्सुलिन की मात्रा को बढ़ाने में सहायक होता है काजू: शरीर में जब पैन्क्रियाज, इन्सुलिन हार्मोन नहीं बनाते हैं तो डायबिटीज की बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है। यदि डायबिटीज के पेशेंट हाई ब्लड शुगर को नियंत्रित नहीं करते हैं तो तो ब्रेन स्ट्रोक, हार्ट फेलियर, मल्टीपल ऑर्गेन फेल होने का खतरा बढ़ जाता है। इसको नियंत्रित करना चाहते हैं और स्वस्थ रहना चाहते हैं तो काजू का सेवन बहुत ही ज्यादा अच्छा होता है।

3.वेट कम करने में मदद करता है काजू: यदि वेट को कंट्रोल करना चाहते हैं तो काजू का सेवन बहुत ही ज्यादा लाभदायक होता है। काजू में भरपूर मात्रा में पोटेशियम,फाइबर,मैग्नीशियम और कई तरह के फायदेमंद कार्ब्स पाए जाते हैं। इनका रोजाना सेवन से वेट कंट्रोल करने में बहुत ही ज्यादा सहायक होता है और फायदों कि बात करें तो इनके सेवन से पेट में जमी एक्स्ट्रा चर्बी भी कम होती है। इसलिए डायबिटीज के पेशेंट के लिए काजू का सेवन बहुत ही ज्यादा अच्छा होता है।

4. हाइपरटेंशन की समस्या को करता है दूर: डायबिटीज के पेशेंट के लिए काजू का सेवन बेहद अच्छा होता है क्योंकि ये हाइपरटेंशन को कम करता है। काजू में प्रोटीन की भरपूर मात्रा होती है जिनके सेवन से हाइपरटेंशन की समस्या दूर हो जाती है। काजू के सेवन से किडनी की सेहत भी स्वस्थ रहती है। इसलिए इसको रोज डाइट में शामिल करें।

यह भी पढ़ें: हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से रहते हैं परेशान तो डाइट में शामिल कर सकते हैं इन ड्रिंक्स को

5.एनर्जी का अच्छा सोर्स होता है काजू: डायबिटीज के मरीजों के बॉडी में एनर्जी की कमी बनी रहती है इसलिए काजू का सेवन बहुत ही ज्यादा अच्छा साबित हो सकता है। काजू के रोजाना सेवन से बॉडी लंबे समय तक एनर्जेटिक बनी रहती है। इसलिए डाइट में दो से लेकर चार काजू को शामिल कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें: इम्युनिटी को बनाना चाहते हैं मजबूत, तो डाइट में इन चीजों के सेवन से बचें



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/845rhnR

Monday, 21 February 2022

Health Benefits Of Kiwi: कीवी का करें रोजाना सेवन कई बीमारियों को दूर रखने में करता है मदद

Health Benefits Of Kiwi: कीवी की बात करें तो इसका सेवन सेहत के लिए बहुत ही ज्यादा अच्छा होता है। इसके सेवन से इम्यून सिस्टम बूस्ट होता जाता है। वहीं ये फाइबर की मात्रा से भरपूर होता है और इसमें कैलोरी की मात्रा भी भरपूर होती है। इसलिए कीवी का रोजाना सेवन आपको जरूर करना चाहिए। जानिए कीवी का यदि आप रोज सेवन करते हैं तो इससे शरीर को कौन-कौन से फायदे मिलते हैं और इसका सेवन आपको रोज क्यों करना चाहिए।

1.डायबिटीज के पेशेंट्स के लिए होता है फायदेमंद
कीवी में शुगर कि मात्रा न के बराबर होती है, इसके सेवन से डायबिटीज के जैसी गंभीर बीमारी का खतरा काफी हद तक कम होता जाता है। कीवी विटामिन सी और विटामिन ए की मात्रा से भी भरपूर होते हैं। यदि आप शुगर के लेवल को नियंत्रण में रखना चाहते हैं तो शाम के स्नैक्स के रुप में भी आप इसका सेवन कर सकते हैं।

2.इम्युनिटी के लिए होता है अच्छा
कीवी का यदि आप सेवन करते हैं तो ये इम्युनिटी के लिए बहुत ही ज्यादा लाभदायक होता है। कीवी में विटामिन सी, कैरोटिनॉइड, पॉलीफेनल और फाइबर की मात्रा भरपूर होती है। इसलिए आप इम्युनिटी को मजबूत बनाना चाहते हैं तो कीवी का सेवन कर सकते हैं।

3.पाचन से जुड़ी समस्याओं को करता है दूर
यदि आप पाचन तंत्र को बूस्ट करना चाहते हैं तो कीवी का सेवन बहुत ही ज्यादा अच्छा होता है। वहीं कीवी के सेवन से होने वाले और फायदों कि बात करें तो इसके रोजाना सेवन से कब्ज से जुड़ी समस्याएं भी दूर हो जाती हैं। कीवी में लैक्सटिव नामक तत्व प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो की सेहत को स्वस्थ बना के रखने में असरदार होता है। इसलिए आपको रोजाना एक कीवी को अपने डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए।

यह भी पढ़ें: गैस और एसिडिटी की समस्या से पाना चाहते हैं आराम तो अपना सकते हैं इन घरेलू उपायों को

वेट को करता है नियंत्रित
यदि आप वेट को कंट्रोल करना चाहते हैं तो कीवी का सेवन बहुत ही ज्यादा अच्छा होता है। कीवी के रोजाना सेवन से वजन संतुलित रहता है। रोजाना एक कीवी के सेवन से शरीर में एकत्रित एक्स्ट्रा फैट भी कम हो जाता है। इसलिए आप इसे रोजाना कि डाइट में शामिल कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें: वेट को करना चाहते हैं कम तो डाइट में जरूर शामिल करें तुलसी और अजवाइन के पानी को

नींद लिए होते हैं अच्छे
कीवी खाने के फायदे की बात करें तो ये नींद अच्छी लेकर आने में बहुत ही ज्यादा मददगार होता है। इसमें एंटी ऑक्सीडेंट की मात्रा भरपूर होती है। इसके सेवन से शरीर लंबे समय तक एनर्जेटिक बना रहता है। इसलिए कीवी का रोजाना आपको जरूर करना चाहिए।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/DowCE3b

Essential Vitamin And Minerals Diet: जरुरी विटामिन और मिनरल्स के लिए डाइट में शामिल करें ये चीजें

आपके शरीर को स्वस्थ बनाये रखने में पौष्टिक भोजन का एक ख़ास योगदान होता है। हमें प्रतिदिन ऐसे आहार की जरूरत होती है जिसमें विटामिन और खनिज मौजूद हों। क्योंकि इन्हीं से आपका शरीर सही ढंग से कार्य करने के साथ ही रोगों से लड़ पाता है। अन्यथा शारीरिक परेशानियों को आते देर नहीं लगती। आपके शरीर को रोज़ाना कुछ ख़ास विटामिन और मिनरल्स की आवश्यकता होती है। इसलिए डाइट में ऐसी चीजों को शामिल करना चाहिए जो आपकी हर दिन की जरूरत की पूर्ति कर सकें। लेकिन ध्यान रखें कि जंक फ़ूड और तैलीय खाद्य पदार्थों से दूरी बनाये रखें। तो आइये जानते हैं जरुरी विटामिन और मिनरल्स के लिए आहार में क्या-क्या शामिल करना बेहतर है...

1. फल तथा फलों का रस
फलों में कई तरह के विटामिन और खनिज जैसे फोलेट, पोटैशियम, डाइटरी फाइबर और विटामिन सी आदि मौजूद होते हैं। इसलिए इन पोषक तत्वों से भरपूर फलों का सेवन आपके स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक साबित हो सकता है। इसके लिए आप नाश्ते में सुबह ताजे-रसीले फलों का सेवन कर सकते हैं। इससे आपका पेट भी लम्बे समाये तक भरा रहने के साथ ही आपको काम करने की पर्याप्त ऊर्जा भी मिलती है। आपका पेट भरा रहेगा तो आप अनावश्यक खाने से भी बच पाएंगे। आपको रोज़-रोज़ फल खाना पसंद नहीं है, तो कभी-कभी फलों का ताज़ा रस या स्मूदी बनाकर पीना भी एक अच्छा विकल्प होता है।

 

fruits_1.jpg

यह भी पढ़ें: वजन घटाने के लिए अपना सकते हैं ये कीटो डाइट प्लान...

2. बादाम खाएं
आपकी सेहत से लेकर त्वचा, बाल और मस्तिष्क सभी के स्वास्थ्य के लिए बादाम खाना काफी फायदेमंद होता है। क्योंकि इसमें शरीर के लिए जरुरी तत्त्व जैसे विटामिन ई, प्रोटीन और फाइबर आदि पाए जाते हैं। साथ ही रोज़ाना मुट्ठी भर बादाम का सेवन आपके हार्ट के लिए अच्छा है। इससे बैड कोलेस्ट्रॉल घटाने में भी मदद मिल सकती है। बादाम में अनसैचुरेटेड वसा होती है, जो आपके वेट को नियंत्रित करने में सहायक हो सकती है।

almonds-raw_146735661254_650_070116124834.jpg

3. दलिया हैं फायदेमंद
दलिया में घुलनशील फाइबर मौजूद होते हैं, जो आपके पाचन को दुरुस्त करने में मदद करते हैं। आपको सादा दलिया खाना पसंद न हो, तो आप स्किम्ड मिल्क या दही के साथ दलिया खा सकते हैं। ब्रेकफास्ट डाइट में दलिया ऐड करके शुगर लेवल को नियंत्रित करने में भी मदद मिलती है।

fruits_1.jpg

from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/XL54wIQ

मोदी सरकार की योजना ने बचाई गरीब रिक्शा चालक की जान, BHU के डॉक्टर ने शेयर की सक्सेस स्टोरी

नवनीत मिश्र
नई दिल्ली। Ayushman Bharat Yojana: मोदी सरकार की आयुष्मान भारत योजना ने ब्रेन ट्यूमर से जिंदगी और मौत से जूझ रहे एक गरीब रिक्शा चालक की जान बचाई। इलाज में मदद करने वाले बीएचयू के न्यूरोलॉजी विभाग के प्रो. डॉ. वीएन मिश्रा ने जब यह जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर की तो पत्रिका ने उनसे बात की। डॉ. वीएन मिश्रा ने पत्रिका को फोन पर बताया कि बीएचयू के न्यूरोलॉजी विभाग में आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीबों के हर महीने 100 से 150 ऑपरेशन मुफ्त हो रहे हैं। नहीं तो गंभीर बीमारियों से जूझ रहे गरीबों को ऑपरेशन के लिए 2 से 3 लाख रुपये कहां जुटा पाते? अब पैसे की कमी से सांसों की डोर नहीं टूट रही है। विभागाध्यक्ष प्रो. रविशंकर खुद आयुष्मान योजना के लाभार्थियों के इलाज की मॉनीटरिंग करते हैं।

प्रो. वीएन मिश्रा ने पत्रिका को बताया, छह महीने पहले की बात है। बीएचयू के न्यूरोलॉजी विभाग में ज्ञानपुर जिले का एक 55 वर्षीय गरीब मरीज इलाज के लिए पहुंचा। पता चला कि ब्रेन ट्यूमर है। मैने उसे बताया कि ऑपरेशन करना पड़ेगा। इसमें डेढ़ से दो लाख रुपये कम से कम लगेंगे। मरीज की खराब माली हालत देख मैने उससे पूछा- क्या आयुष्मान भारत कार्ड है? मरीज ने बताया कि हां है। मरीज को यह मालुम नहीं था कि आयुष्मान भारत कार्ड से उसे नई जिंदगी मिल सकती है।" प्रो. मिश्रा ने मरीज को आयुष्मान भारत कार्ड के जरिए न्यूरोसर्जरी डिपार्टमेंट में ऑपरेशन कराने की सलाह दी। इसके बाद रिक्शा चालक का मुफ्त इलाज हुआ और उसकी जान बच सकी।

प्रो. मिश्रा ने बताया कि पिछले, तीन वर्षों में,लकवा मिर्गी ब्रेन कैंसर जैसे अति गंभीर बीमारियों वाले मरीजों की जान आयुष्मान भारत जैसी केंद्र सरकार की योजना के कारण बच सकी है। सिर में चोट, ब्रेन ट्यूमर, नसों की सूजन आदि के महंगे इलाज में आयुष्मान भारत योजना रामबाण साबित हुई है।


क्या है आयुष्मान भारत योजना?

मोदी सरकार ने एक अप्रैल 2018 को पूरे देश में आयुष्मान भारत योजना या प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, लागू की थी। यह एक स्वास्थ्य योजना है। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लोगों (बीपीएल धारक) को स्वास्थ्य बीमा मुहैया कराना है। इसके अंतर्गत प्रत्येक परिवार को 5 लाख तक का कैशरहित स्वास्थ्य बीमा सुविधा उपलब्ध होती है।


पात्र परिवार को मिलने वाला लाभ

प्रत्येक पात्र परिवार को प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक के नि:शुल्क उपचार का लाभ

योजना से संबद्ध देशभर के किसी भी चिह्नित सरकारी या निजी अस्पताल में मुफ्त ईलाज की सुविधा

भर्ती होने से 7 दिन पहले तक की जांचें, भर्ती के दौरान उपचार व भोजन और डिस्चार्ज होने के 10 दिन बात तक का चेकअप व दवाएं नि:शुल्क उपलब्ध

योजना के तहत अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में कोरोना, कैंसर, गुर्दा रोग, हृदय रोग, डेंगू, चिकुनगुनिया, मलेरिया डायलिसिस, घुटना व कूल्हा प्रत्यारोपण, नि:संतानता, मोतियाबिंद और अन्य चिह्नित गंभीर बीमारियों का नि:शुल्क उपचार इस योजना के तहत किया जाता है।

कैसे और कहां बनवाएं आयुष्मान कार्ड?

पारिवारिक समग्र आईडी के साथ एक पहचान पत्र (आधार कार्ड, पेन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी, सरकारी पहचान पत्र) ले जाएं।

कॉमन सर्विस सेंटर, लोक सेवा केंद्र, यूटीआई-आईटीएसएल केंद्र पर जाकर पात्रता जांच कराएं और आयुष्मान कार्ड बनवाएं।

चिह्नित ग्राम रोजगार सहायक व वार्ड इंचार्ज के सहयोग से भी आयुष्मान कार्ड बनाए जा सकते हैं।

योजना से संबद्ध अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में आयुष्मान मित्र के माध्यम से नि:शुल्क कार्ड बनवाए जा सकते हैं।

भर्ती के समय अस्पताल में आयुष्मान कार्ड दिखाएं और नि:शुल्क उपचार का लाभ उठाएं।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/cIo32VU

Fruits For Healthy Intestine: आंतों को स्वस्थ रखने के लिए इन 7 फ्रूट्स को करें डाइट में शामिल, पाचन में भी होगा सुधार

Fruits For Healthy Intestine: आंत भी हमारे शरीर का मुख्य हिस्सा होता है। इसके ऊपर कोई भी प्रभाव पड़ता है तो शरीर को ढेरों नुकसान झेलने पड़ सकते हैं। आंतों में समस्या होने पर बार-बार मितली आना, आंतों के साथ पेट में सूजन भी और दर्द का बने रहना, और चिड़चिड़ाहट होने के जैसी अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए आज हम आपको इन फ्रूट्स के बारे में बताएंगें जो आंतों कि सेहत को स्वस्थ बना के रखने में आपकी बहुत ही ज्यादा मदद कर सकती है। इन फ्रूट्स के रोजाना सेवन से वहीं आपकी इम्युनिटी भी बूस्ट हो जाएगी।

1.सेब: सेब के रोजाना सेवन से शरीर स्वस्थ रहता है और ये कई बीमारियों को दूर रखने में भी सहायक होता है। एक सेब का सेवन रोजाना किया जाता है तो ये पाचन से जुड़ी दिक्कतों को दूर कर देता है। इसमें फाइबर की भरपूर मात्रा होती है साथ ही साथ कैलोरी की मात्रा भी बेहद कम होती है। वेट को नियंत्रण में रखना चाहते हैं तो सेब को रोजाना के डाइट में शामिल कर सकते हैं। सेब के रोजाना सेवन से आंतों से जुड़ी की समस्याएं भी दूर हो जाती हैं।

2.कीवी: कीवी स्वाद में कम मीठा होता है लेकिन सेहत और पाचन तंत्र को मजबूत रखने में ये बेहद मददगार होता है। कीवी में एक्टिनिडिन नामक तत्व पाया जाता है जो आंतों से जुड़ी कई समस्याओं को दूर करता है। इसके सेवन से पाचन तंत्र मजबूत होता जाता है। यदि आप आंतों को स्वस्थ और बीमारियों से दूर रखना चाहते हैं तो कीवी को डाइट में शामिल कर सकते हैं।

3.केला: केले का सेवन अक्सर स्वाद को बढ़ाने के लिए किया जाता है लेकिन क्या आपको पता है कि इसके रोजाना सेवन से आंतों से जुड़ी कई गंभीर समस्याएं दूर हो जाती हैं। ये पाचन क्रिया को बेहतर बना के रखने में भी मदद करता है। यदि पेट में सूजन की समस्या रहती हो या बार-बार दर्द रहता हो तो केला का सेवन आप कर सकते हैं।

4.खुबानी: खुबानी का सेवन अक्सर आप स्वाद में बदलाव लेकर आने के लिए करते होंगें लेकिन क्या आपको पता है कि इसके रोजाना सेवन से आंतों से जुड़ी कई समस्याएं दूर हो जाती हैं। खुबानी विटामिन ए, विटामिन सी, एंटी ऑक्सीडेंट्स और कई प्रकार से पोषक तत्वों से भरपूर होता है। यदि आपको पेट से जुड़ी परेशानियां रहती हैं जैसे कि कब्ज, पेट में गैस या सूजन तो इसका सेवन बहुत ही ज्यादा लाभदायक होता है।

5.अमरुद: अमरूद का सेवन सेहत के लिए बहुत ही ज्यादा अच्छा होता है। अमरूद कई प्रकार के फाइबर और कई सारे फायदेमंद एंजाइम्स से भरपूर होता है। इसका सेवन आंतों की सेहत को तो स्वस्थ रखता है वहीं पाचन से जुड़ी कई समस्याओं को भी दूर करता है।

6.पपीता: पपीता का सेवन आंतों की सेहत के लिए अच्छा होता है। इसके सेवन से आंतों से जुड़ी परेशानियों को दूर करने में मदद मिलती है। पपीता खाने से बॉडी लंबे समय तक एनर्जेटिक बनी रहती है। वहीं इसके सेवन से गैस से जुड़ी कई समस्याएं भी दूर होती जाती हैं।

यह भी पढ़ें: गुणों की खान कहा जाने वाला पपीता आपके स्वास्थ्य के लिए कई हितकारी गुणों से निहित है

7.पीच: पीच में फाइबर की मात्रा भरपूर होती है। इसके रोजाना सेवन से आंत की सेहत स्वस्थ बनी रहती है। पीच पाचन क्रिया को सुधारने में भी तेजी से मदद करता है। पीच के सेवन से कब्ज की जैसी अन्य समस्याएं भी दूर हो जाती हैं और फायदों कि बात करें तो ये एसिडिटी की समस्या से भी निजात दिलाता है।

यह भी पढ़ें: जीवनभर रहना चाहते हैं फिट, तो आप भी अपना सकते हैं इन आसान से नियमों को



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/Jx70YBa

How To Control Diabetes: ब्लड शुगर लेवल को करना चाहते हैं कंट्रोल तो ये टिप्स कर सकते हैं आपकी मदद, जानिए

How To Control Diabetes: डायबिटीज एक गंभीर बीमारी है जिसे कम तो किया जा सकता है लकिन इस बीमारी को खत्म नहीं किया जा सकता है। डायबिटीज की बीमारी होने पर व्यक्ति को बहुत ही ज्यादा सतर्कता बरतने कि जरूरत होती है। इसे कंट्रोल में करने के लिए व्यक्ति को समय से खान-पान करना, प्रॉपर लाइफस्टाइल को फॉलो करने कि जरूरत होती है। यदि इसका ध्यान नहीं दिया जाता है तो व्यक्ति के बॉडी में ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ जाता है। जिनका शुगर लेवल हाई रहता है उन्हें अपने वजन के ऊपर भी खासतौर पर अधिक ध्यान देने कि जरूरत होती है।
इसलिए जानिए कि यदि आप डायबिटीज के पेशेंट्स हैं तो शुगर लेवल को नियंत्रण में रखने के लिए कौन-कौन से टिप्स को फॉलो कर सकते हैं।

1.मेथी का सेवन करें: डायबिटीज के पेशेंट्स के लिए मेथी बहुत ही ज्यादा बेहतरीन मानी जाती है। मेथी के रोजाना सेवन से ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रहता है। शुगर लेवल को कंट्रोल में करने के लिए आप रोजाना एक चम्मच ,मेथी के बीज को पानी में भिगो दें। फिर इनका सेवन सुबह खाली पेट सेवन करें।

2.अंजीर के पत्ते का सेवन करें: अंजीर ही नहीं इसके पत्ते भी डायबिटीज के पेशेंट्स के लिए बहुत ही ज्यादा अच्छे होते हैं। यदि आप डायबिटीज के पेशेंट हैं तो अंजीर के पत्तों का रोजाना सेवन कर सकते हैं। इसके पत्तों को रोजाना सुबह खाली पेट चबाने से ब्लड शुगर लेवल नियंत्रण में रहता है क्योंकि ये ऐसे तत्वों से भरपूर होता है जो ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करते हैं।

3.लहसुन: लहसुन का सेवन आमतौर पर खाने के स्वाद को बढ़ाने के लिए किया जाता है, लेकिन क्या आपको पता है कि ये डायबिटीज के पेशेंट्स के लिए भी फायदेमंद होता है। लहसुन के रोजाना सेवन से वहीं कोलेस्ट्रोल का लेवल भी नियंत्रण में रहता है। आप रोजाना तीन चार लहसुन की कलियों को पानी में भिगो दें और इनका सुबह के खाली पेट सेवन करें। इनके रोजाना सेवन से शुगर लेवल नियंत्रित रहेगा।

4.जामुन के बीज का करें सेवन: डायबिटीज के पेशेंट्स के लिए जामुन का सेवन बहुत ही ज्यादा फ़ायदेमन्द होता है। जामुन के साथ इसके बीज भी कई सारे पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं इसलिए डायबिटीज के पेशेंट्स हैं तो इसके बीज को डाइट में शामिल कर सकते हैं। इसके बीज के सेवन के लिए जामुन की गुठलियों को सुखाकर इसे पीस लें और इसका पाउडर बना लें। आप इसका सेवन रोजाना सुबह खाली पेट गुनगुने पानी के साथ करें। ये ब्लड शुगर लेवल को भी नियंत्रित करेगा वहीं पेट से जुड़ी कई समस्याएं भी दूर हो जाएंगी।

5.स्ट्रेस से खुद का बचाव करें: जितना ज्यादा आप तनाव में रहेंगें इसका इफ़ेक्ट आपके मानसिक सेहत के साथ-साथ बाकी शरीर के हिस्सों के ऊपर भी पड़ेगा। डायबिटीज के पेशेंट्स के लिए अधिक स्ट्रेस का लेना बिल्कुल भी अच्छा नहीं होता है। इसलिए अपने आप को किसी न किसी काम में व्यस्त रखें। स्ट्रेस मैनेजमेंट रणनीतियों को अपनाएं और स्ट्रेस को कम करने कि कोशिश करें।

यह भी पढ़ें: स्ट्रेस और टेंशन से रहना चाहते है दूर तो अपना सकते हैं इन घऱेलू उपायों को, मन भी रहेगा शांत

6.रोजाना करें वर्कआउट: वर्कआउट करने से न केवल आप स्वस्थ रहते हैं वहीं आपके बॉडी में ब्लड शुगर लेवल भी नियंत्रण में रहता है। इसलिए डायबिटीज के पेशेंट्स को रोजाना कम से कम 20-30 मिनट वर्कआउट जरूर करना चाहिए। वर्क आउट तो करें हीं साथ ही साथ वॉक में भी जरूर जाएँ। इन्हें करने से वेट भी कंट्रोल में रहेगा, और शुगर का लेवल भी नहीं बढ़ेगा।

यह भी पढ़ें: बढ़ते वजन से हैं परेशान तो अपना सकते हैं इन जड़ी बूटियों को



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/OHyPxjc

बढ़ते कोलेस्ट्रॉल के लेवल को करना चाहते हैं कम तो ये हर्ब्स कर सकते हैं आपकी मदद, प्रतिदिन करें इनका सेवन

कोलेस्ट्रॉल की बात करें तो इसका शरीर में होना बहुत ही ज्यादा आवश्यक होता है। कोलेस्ट्रॉल के बिना शरीर काम नहीं कर सकता है। लेकिन वहीं यदि कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाए तो अनेकों दिक्कतों का सामना भी करना पड़ सकता है। इसके बढ़ने से हार्ट अटैक, नसों का रोग, स्ट्रोक के जैसे गंभीर बीमारी का खतरा दो गुना ज्यादा बढ़ जाता है। इसलिए इसको कंट्रोल में रखने कि आवश्य्कता होती है।
जानिए कि यदि आप कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करना चाहते हैं तो कौन से मसाले और हर्ब्स का सेवन कर सकते हैं।

1.लहसुन: लहसुन न केवल खाने के स्वाद को बढ़ाता है वहीं ये कोलेस्ट्रोल के लेवल को भी नियंत्रित करता है। इसके रोजाना सेवन से पेट की सेहत भी दुरुस्त रहती है। लहसुन में अनेकों प्रकार के पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं जैसे कि मैंगनीज, एलसीन,एंटीऑक्सीडेंट,फोस्फोरस आदि। इसको रोजाना खाने से कोलेस्ट्रोल का लेवल नियंत्रण में रहता है। लहसुन के और फायदों कि बात करें तो ये हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए भी अच्छा होता है।

2.अदरक: अदरक का सेवन सेहत के लिए बहुत ही ज्यादा अच्छा होता है। अदरक के रोजाना सेवन से कोलेस्ट्रॉल का लेवल नियंत्रण में रहता है। इसके रोजाना सेवन से शरीर से कई प्रकार की समस्याएं दूर होती हैं। यदि आप हाई ब्लड प्रेशर के पेशेंट हैं तो भी अदरक का सेवन बहुत ही ज्यादा अच्छा होता है। वहीं इसके सेवन से दिल से जुड़ी समस्याओं का खतरा भी काफी हद तक कंट्रोल होता है।

3.आंवला: आंवला का सेवन सेहत को स्वस्थ बना के रखने में बेहद मददगार होता है। आवलें के रोजाना सेवन से शरीर में से एकत्रित फैट बाहर निकल जाता है वहीं इसके सेवन से कोलेस्ट्रॉल का लेवल भी नियंत्रित रहता है। इसलिए रोजाना आवलें को डाइट में जरूर शामिल करें। ज्यादा फायदा चाहते हैं तो आवलें के साथ-साथ इसके जूस का सेवन भी कर सकते हैं।

4.तुलसी: कोलेस्ट्रॉल के लेवल को नियंत्रित करना चाहते हैं तो तुलसी का सेवन बहुत ही ज्यादा अच्छा होता है। तुलसी को हेल्दी हर्ब माना जाता है, जो बहुत सारे पोषक तत्वों से प्रचुर मात्रा में भरपूर होता है। तुलसी एंटी इन्फ्लामेट्री और एंटी बैक्टीरियल के प्रॉपर्टीज से भी भरपूर होती हैं। इसके रोजाना सेवन से शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते हैं। इसलिए यदि आप कोलेस्ट्रोल के लेवल को कंट्रोल करना चाहते हैं तो तुलसी के पत्तियों का सेवन तो करें हीं वहीं आप इसका सेवन काढ़े के रूप में भी कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें: जानिए तुलसी के रोजाना सेवन से होने वाले इन अद्भुत फायदों के बारे में

5.ऑलिव ऑइल
ऑलिव ऑइल का यदि आप रोजाना सेवन करते हैं इसका सेवन सेहत के लिए अच्छा होता है, वहीं ये कोलेस्ट्रोल के लेवल को भी नियंत्रित करता है। यदि आप इसका सेवन रोजाना करते हैं तो ये शरीर में कोलेस्ट्रॉल के लेवल को बढ़ने नहीं देता है। इसलिए इसका सेवन आपको रोजाना करना चाहिए।

यह भी पढ़ें: जानिए जैतून के तेल के रोजाना सेवन से होने वाले इन अदभुत फायदों के बारे में, रोजाना कि डाइट में शामिल करें इसे



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/dE6cnCK