Wednesday, 31 March 2021

स्ट्रेस टेस्ट ही नहीं, हैल्दी हार्ट की पहचान ऐसे भी करें

हृदय स्वस्थ है इसकी पहचान के लिए डॉक्टर ट्रेड मिल पर दौड़ाकर स्ट्रेस टेस्ट कराते हैं। लेकिन एक उपाय है जिसे खुद भी आजमाकर हैल्दी हार्ट की पहचान कर सकते हैं।
क्या एक मिनट में चढ़ते हैं 40-50 सीढ़ियां?
हाल ही यूरोपियन सोसायटी ऑफ कार्डियोलॉजी में प्रकाशित शोध में कहा गया है कि अगर कोई व्यक्ति एक मिनट में करीब 40 सीढिय़ां चढ़ता है तो उसका हार्ट स्वस्थ है। उसे भविष्य में हार्ट अटैक का खतरा कम है। लेकिन जिन्हें 40 सीढिय़ां चढऩे में 90 सेकंड से अधिक समय लग रहा है तो यह हृदय के अस्वस्थ होने का संकेत हो सकता है। लेकिन खुद को रोगी न मानें। विशेषज्ञ से सलाह लें।
छह लक्षणों से पहचानें हृदय रोग
सांस लेने में दिक्कत: काम करने या फिर सीधा सोते समय सांस लेने में तकलीफ, ऐसा तब होता है जब हार्ट ठीक से पंप नहीं करता है। द्रव फेफड़ों में पहुंचने से सांस लेने में परेशानी होती है।
एडिय़ों के पास सूजन: जब शरीर में द्रव की मात्रा बढ़ती है तो पैरों की एडिय़ों में सूजन होती है। ऐसा तब होता है जब हार्ट ठीक से पंप नहीं कर पाता है। अंगों में द्रव जाने लगता है।
थकान होना : जब दिल इतना खून पंप नहीं करता है कि वह शरीर के अंगों तक पहुंच पाए, तो शरीर मांसपेशियों का खून इन अंगों को भेज देता है। इससे मांसपेशियों में कमजोरी से थकान होती है।
सांस लेने पर लगातार खांसी या घबराहट: जब हार्ट कमजोर होता है तो फेफड़ों में द्रव जमा होने लगता है। इससे सांस लेने पर घबराहट या लगातार खांसी की दिक्कत होती है।
सोचने-समझने की क्षमता पर असर: दिल की कमजोरी से खून में रसायनिक बदलाव या सोडियम की मात्रा घट-बढ़ जाती है। इससे सोचने-समझने की क्षमता पर असर पड़ता, उलझन होती है।
हार्ट बीट का बढऩा: जब हार्ट सामान्य रूप से खून को पंप नहीं कर पाता है तो शरीर के सभी अंगों तक पहुंचाने के लिए खून तेजी से दौड़ता है। इससे हार्ट बीट बढ़ जाती है।
स्थानीय फल-सब्जियां ज्यादा खाएं
फल-सब्जियां प्राकृतिक रूप से खराब कोलेस्ट्रॉल को घटाते हैं। एंटीऑक्सीडेंट्स भी अधिक होता है। जिससे हार्ट के सेल्स ज्यादा मजबूत होते हैं। लेकिन बाहरी और ऑफ सीजन के फल-सब्जियों की की जगह स्थानीय और मौसमी फल-सब्जियां अधिक खाएं। ये सस्ते और फायदेमंद भी होते हैं। बाहरी फल-सब्जियां ताजा न होने से उनमें पोषकता कम हो जाती है।
फिल्टर्ड तेल के उपयोग से बचें
हार्ट के लिए वे सब खाद्य पदार्थ नुकसान करती हैं जो फिल्टर्ड की जाती हैं। कई बार फिल्टर किया तेल भी नुकसान करता है। इसको लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए इसमें कैमिकल्स मिलाते हैं।
डॉ.प्रवीन कहाले, वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ, कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल, मुंबई



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खट्टी डकार की समस्या आ रही है तो घर में करें यह उपाय

बार-बार खट्टी डकार आने के कारण व्यक्ति काफी परेशान हो जाता है। यह समस्या खान-पान में हुई गड़बड़ के कारण होती है। इससे जल्दी राहत नहीं मिले तो व्यक्ति को सुकून नहीं मिलता है। ऐसे में हम आपको कुछ घरेलू उपाय बताएंगे। जिसके माध्यम से खट्टी डकार और अपचन की समस्या से निजात मिलेगी।

दरअसल कई बार खानपान में अचानक हुए बदलाव और तला गला खाने के कारण खाना पच नहीं पाता है। और शरीर में खाने के साथ प्रवेश करने वाली हवा बाहर नहीं निकलने के कारण डकार आने लगती है। यह डकार बार-बार आने से व्यक्ति परेशान हो जाता है और कई बार स्थिति यह बनती है कि जो खाया है वह गले तक आता नजर आता है। ऐसे में व्यक्ति के मुंह में खट्टा पानी भी आता है और गले और पेट में जलन सी महसूस होती है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति को तुरंत राहत की जरूरत महसूस होती है।

अगर आपको भी खट्टी डकार की समस्या हो रही है, या बार-बार गैस बन रही है। तो इसके लिए आप हींग का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए आप चुटकी भर हींग पानी में घोलकर पीएं, इससे तुरंत आराम मिलेगा।

सौंफ भी खट्टी डकार की समस्या को दूर करने का रामबाण उपाय हैं। इसे इलायची के साथ सेवन करें।जिससे तुरंत पाचन तंत्र बेहतर होगा और आपको खट्टी डकार से निजात मिलेगी।

खट्टी डकार की समस्या आम हो गई है। तो आपको मेथी दाने का भी उपयोग करना चाहिए। मेथी को रात भर पानी में भिगोकर रखें और सुबह खाली पेट इस पानी को पी लें और हो सके तो मेथी दाने को भी चबाकर खाएं। इससे खट्टी डकार की समस्या दूर हो सकती है।

अगर गैस और खट्टी डकार की समस्या हो रही है। तो आपको भोजन करने के बाद थोड़ा टहलना भी चाहिए।खाना खाने के बाद आप टहलेंगे तो निश्चित ही हवा पास हो जाएगी और आप को इस प्रकार की समस्या नहीं होगी। कई बार खाना खाते ही सो जाने या देर रात खाना खाने से यह समस्या होती है। इसलिए जहां तक हो सके समय पर भोजन करें और भोजन करने के बाद थोड़ा टहलें जरूर।



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बालों का झड़ना रोकने के लिए घर में करें आंवले का इस तरह उपयोग

बालों का झड़ना एक आम समस्या होती जा रही है ।महिलाओं के साथ ही पुरुषों में भी बालों के झड़ने की समस्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। इससे व्यक्ति की सुंदरता पर भी फर्क पड़ता है। ऐसे में लोग कई प्रकार के तेल और अन्य प्रोडक्ट का इस्तेमाल भी करते हैं। लेकिन इसके बावजूद भी उन्हें फायदा नहीं मिलता है। आज हम आपको ऐसा घरेलू उपाय बताएंगे। जिससे आपको निश्चित ही बालों के झड़ने की समस्या से निजात मिलेगी।

अगर आप बालों के झड़ने की समस्या से परेशान हैं। तो आज से ही आंवले का उपयोग शुरू कर दें। इससे आपके बालों को पोषण तो मिलेगा ही सही, साथ ही यह आपके बालों को घना भी बनाएगा। इसके लिए आपको आंवले की मदद से टॉनिक तैयार करना हैं और इसे एक तेल की तरह भी उपयोग कर सकते हैं।

आंवले से हेयर टॉनिक बनाने के लिए आपको करीब चार-पांच कच्चे आंवले लेने होंगे। इसमें आधा नींबू का रस निचोड़ना होगा। इसके बाद पहले आंवले को मसल कर उसके बीज निकालने हैं। फिर इसे किसी कपड़े की सहायता से रस निकालना है। जिसके लिए एक कॉटन के कपड़े पर इसका गूदा रखें और उसे निचोड़ लें। इस प्रकार आंवले का रस निकालने के बाद दो चम्मच नींबू का रस डालना है। दोनों के मिश्रण को आपको एक स्प्रे बॉटल की मदद से अपने बालों में, स्केल पर लगाएं।अगर आपके पास स्प्रे बॉटल नहीं है तो आप रुई की मदद से भी बालों में लगा सकते हैं। इसे करीब आधे घंटे तक लगे रहने दें। इसके बाद अपने बालों को शैंपू से धो लें। इस प्रयोग का रोजाना उपयोग करने से आपको बाल झड़ने की समस्या से निजात मिलेगी।

यह टॉनिक बालों में शाइनिंग लाएगा। हालांकि आप अगर बालों के लिए कोई दूसरा ट्रीटमेंट ले रहे हैं तो पहले चिकित्सक से सलाह लें। लेकिन आंवले के टॉनिक से आपको किसी प्रकार का नुकसान नहीं होगा। आंवले के टॉनिक का उपयोग आप बालों के झड़ने, गंजापन, एयरलाइन के कम होने, स्कैल्प में डैंड्रफ होने, इंफेक्शन को कम करने और बालों में खुजली होने पर कर सकते हैं।



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अगर आप भी हैं स्लीप एपनिया के शिकार तो करना होगा इस तरह इलाज

नई दिल्ली। ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (OSA) एक ऐसी शारीरिक समस्या है, जिसमें नींद के दौरान गले की मांसपेशियां बहुत अधिक शिथिल हो जाती हैं। इस तरह शरीर को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं हो पाती है। ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया को OSA भी कहा जाता है। इसके गंभीर मामलों में ऑक्सीजन की आपूर्ति की कमी से मस्तिष्क को नुकसान हो सकता है, जिसके चलते याददाश्त कमजोर होना, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई और चिड़चिड़ापन हो सकता है।

स्लीप एपनिया के कारण इन बीमारियों का हो सकते हैं शिकार
जयपुर स्थित एटर्नल हार्ट केयर सेंटर के पल्मोनरी मेडिसिन के एचओडी डॉ. केके शर्मा बताते हैं कि अध्ययनों से पता चला है कि नींद में कमी से श्वेत रक्त कोशिकाओं के निर्माण में भी कमी आती है, जिससे व्यक्ति का मन अशांत हो जाता है, चिड़चिड़ापन होता है और सतर्कता में कमी आती है। वास्तव में, कई अध्ययनों से स्लीप एपनिया के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं का भी पता चला है, क्योंकि ऐसी स्थिति में गाड़ी चलाते वक्त व्यक्ति अपने आसपास की चीजों के प्रति सतर्क नहीं रह पाता है। स्लीप एपनिया की वजह से डायबिटीज, हृदय रोग, हार्ट फेलियर, हाइपरटेंशन (हाई ब्लड प्रेशर), मोटापा और कुछ मामलों में स्ट्रोक जैसी समस्याएं भी उत्पन्न होती हैं। कई अध्ययनों से पता चला है कि, OSA की वजह से लोगों को इन बीमारियों से जूझना पड़ता है, साथ ही इन बीमारियों के इलाज के दौरान भी अक्सर OSA को नजरअंदाज कर दिया जाता है।

If you have also sleep apnea, then you have to be treated like this

क्या आपको भी होती है इस तरह की परेशानी
- क्या आप रात में सोते समय खर्राटे लेते हैं?
- क्या आप दिन के समय थकान, सुस्ती या बेवजह उलझन महसूस करते हैं?
- क्या किसी ने यह महसूस किया है कि सोते समय कभी-कभी आपकी साँस रुक जाती है?
- क्या आपको हाई ब्लड प्रेशर है?
- क्या आपकी उम्र 30 से 60 के बीच है?
- क्या आपकी गर्दन की मोटाई 40 सेंटीमीटर से ज्यादा है?

तो तुरंत कराएं जांच
डॉ. केके शर्मा के अनुसार अगर आप इनमें से किसी एक या एक से ज्यादा सवालों का जवाब 'हां' में देते हैं, तो निश्चित तौर पर आपको OSA की जांच करानी चाहिए। रात को चैन से सोने का मतलब यह है कि आप पूरी रात आराम से सांस लेते हैं, आपके अंगों को पूरा आराम मिलता है, और ऑक्सीजन की सही मात्रा आपके मस्तिष्क तक पहुंचती है। OSA का सही समय पर इलाज कराने से नींद के दौरान आपकी श्वास नली हमेशा खुली रहती है, जिससे आप सोते समय आराम से सांस ले सकते हैं। इसके अलावा, जीवन शैली में बदलाव, यानी कि वजन कम करने, शराब या सिगरेट का सेवन छोड़ने से भी OSA ठीक हो सकता है। अधिक गंभीर मामलों में मशीन से उपचार की जरूरत होती है। कंटीन्यूअस पॉजिटिव एयरफ्लो प्रेशर (CPAP) की मदद से इसका बड़ी आसानी से उपचार किया जा सकता है। आमतौर पर OSA के उपचार के लिए इस उपकरण का इस्तेमाल किया जाता है।

यह मशीन है कारगर
डॉ. केके शर्मा मशीन के बारे में बताते हुए कहते हैं कि CPAP मशीन में एक मास्क होता है, जिसे आप सोते समय आपको अपनी नाक और मुंह पर पहनना पड़ता है – यह बिल्कुल N95 मास्क की तरह ही होता है जिसे आप घर से बाहर जाते समय पहनते हैं। इस मास्क में एक छोटी मशीन से जुड़ी नली होती है, जिसे सोते समय आपके बिस्तर के किनारे रखा जाता है। मशीन नियमित दबाव के साथ आपकी श्वास नली में हवा भेजती है, ताकि आपकी श्वास नली हमेशा खुली रहे। यह OSA के इलाज का सबसे बेहतर तरीका है, इसके इस्तेमाल से मरीज़ चैन की नींद ले सकता हैं और एक बेहतर सुबह की शुरुआत कर सकता हैं साथ ही इसके इस्तेमाल से शरीर में ऑक्सीजन की कमी नहीं होती हैं और आप सुबह स्वस्थ व तरो-ताज़ा महसूस करते हैं।



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नारियल पानी से करें स्किन की देखभाल, घर में बनाए फेसपैक और टोनर

गर्मी के मौसम में त्वचा की देखभाल करना बहुत जरूरी होता है। क्योंकि इस मौसम में धूप और गर्मी के कारण त्वचा रूखी और बेजान हो जाती है। इसलिए हम आपको प्राकृतिक रूप से तैयार किए गए ऐसे फेस पैक के बारे में बताएंगे, जिससे आपकी त्वचा को नमी भी मिलेगी और आप अपने आप को जवां भी महसूस करेंगे।

जानकारी के अनुसार गर्मी के मौसम में कोकोनट वाटर का उपयोग फेस को क्लीन करने के लिए करना चाहिए। आज हम आपको फेसपैक को लगाने का तरीका बताएंगे। जिसमें आप को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होगा और आपकी त्वचा दमकती नजर आएगी।

कोकोनट वाटर गर्मी में त्वचा को हाइड्रेट रखता है और किसी भी प्रकार के संक्रमण से आपकी त्वचा का बचाव करता है। इसलिए आपको कोकोनट वाटर का उपयोग चेहरे की सफाई , टोनिंग और मॉश्चराइजिंग के लिए कर सकते हैं।

-आपको एक छोटा चम्मच कोकोनट वाटर, एक छोटा चम्मच शहद और एक बड़ा चम्मच केमिकल फ्री फेस वॉश का इस्तेमाल करना है। इन सभी को एक बाउल में डालकर मिक्स कर लें और इससे अपने चेहरे पर सर्कुलर मोशन में लगाएं। इसके बाद सादे पानी से अपने चेहरे को धो लें। ऐसा आप रोजाना सुबह करें। जिससे आपके चेहरे में नमी बनी रहेगी और चेहरे पर नजर आने वाले दाग धब्बे भी हट जाएंगे।

-कोकोनट वाटर से फेस टोनर बनाने के लिए आपको एक चम्मच ग्रीनट्री वाटर, दो बड़े चम्मच गुलाबजल, एक स्प्रे की बोतल और 3 बड़े चम्मच कोकोनट वाटर लेना होगा। पहले पानी को एक बर्तन में डालकर उबालना है और इस पानी में ग्रीन टी बैग डाल दें और 2 मिनट बाद निकाल दें और पानी को ठंडा होने दें। जब ग्रीन टी का पानी ठंडा हो जाए तो उसमें गुलाबजल और नारियल का पानी डालें। इस मिश्रण को एक स्प्रे की बोतल में भर लें और सुबह फेस क्लीनिंग के बाद इस मिश्रण को से फेस टोनिंग करें।

-कोकोनट वाटर से फेस मास्क बनाने के लिए आपको एक बड़ा चम्मच कोकोनट वाटर, एक छोटा चम्मच खीरे का रस, एक छोटा चम्मच एलोवेरा और एक बड़ा चम्मच चंदन का पाउडर लेना होगा। इसके बाद फिर एक कटोरी में चंदन पाउडर ले और उसमें एलोवेरा जेल मिला लें। इस मिश्रण में खीरे का रस और कोकोनट वाटर भी डालें। इसे अच्छी तरह से मिक्स कर चेहरे पर लगा ले और करीब 20 से 25 मिनट तक चेहरे पर लगा रहने दें। इसके बाद चेहरे को सादे पानी से धो लें, आपकी त्वचा चमकती हुई नजर आएगी। गर्मी के मौसम में आपकी त्वचा को फ्रेश रखने के लिए मॉर्निंग स्किन केयर को रूटीन में लाना होगा और इसमें कोकोनट वाटर को शामिल करने से आपकी त्वचा काफी अच्छी हो जाएगी।



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गर्मी में करें ऐसा नाश्ता शरीर भी रहे फिट आप भी रहे खुश

गर्मी के मौसम में शरीर को फिट और स्वस्थ रखने के लिए आपको ऐसा नाश्ता करना होगा, जिससे आपको किसी प्रकार की समस्या नहीं हो, इससे आपका पाचन तंत्र भी मजबूत रहना चाहिए और आप के शरीर को सभी प्रकार के पोषण भी मिलने चाहिए। इसीलिए आज हम आपको बता रहे हैं कि गर्मी के मौसम में आपको नाश्ते में क्या क्या शामिल करना है।

दरअसल गर्मी के मौसम में थोड़ा सा तला गला खाने पर ही स्वास्थ्य बिगड़ जाता है। ऐसे में लोग खाने पीने से बचते हैं। क्योंकि शरीर के लिए भोजन भी जरूरी होता है, इसलिए हम आपको बता रहे हैं कि कौन सा नाश्ता करने से आपको पर्याप्त मात्रा में पोषण भी मिलेगा और आप भूखे भी नहीं रहेंगे।

गर्मी के मौसम में आपको नाश्ते में पोहे को शामिल करना चाहिए। इसमें विटामिन, कैल्शियम, आयरन और फाइबर तो होता ही है। यह एंटीऑक्सीडेंट से भी भरपूर होता है। इससे पाचन तंत्र भी मजबूत होता है और यह कैलोरी कम होने के कारण आपका वजन भी नियंत्रण में रखता है।

गर्मी के मौसम में नाश्ते के साथ शरबत लेना चाहिए। आपको सत्तू का एक गिलास शरबत जरूर लेना चाहिए। इससे आपके शरीर को ठंडक भी रहेगी और यह आपका पेट भी भरा रखेगा।

गर्मी के मौसम में आपको तला गला खाने की अपेक्षा फलों का सेवन करना चाहिए। इस मौसम में तरबूज, पपीता, कीवी, केला आदि को मिक्स कर फ्रूट सैलेड के रूप में खाएं। जो शरीर के लिए फायदेमंद रहेगा।

पाचन तंत्र दुरुस्त रखने के लिए गर्मी के मौसम में ओट्स से बढ़कर कोई उपाय नहीं है। यह आपके स्वास्थ्य के लिए भी काफी फायदेमंद होता है। इसमें सूरजमुखी और अलसी के बीज के साथ ड्राई फ्रूट्स भी मिला सकते हैं। यह प्रोबायोटिक होने के साथ ही गुड बैक्टीरिया बढ़ाने का काम करता है। इससे भूख भी नहीं लगती है और आपका वजन भी कंट्रोल में रहेगा।



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शरीर के लिए बहुत जरूरी है जिंक, इन बीमारियों से मिलेगी निजात

जिस प्रकार अन्य प्रोटीन और विटामिन शरीर के लिए बहुत जरूरी होते हैं। उसी प्रकार जिंक भी हमारे शरीर के लिए बहुत उपयोगी है। जिंक के अभाव के कारण उल्टी दस्त जैसी समस्या तो होती ही है। शरीर के घाव नहीं भरने और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम रहती है।इसलिए हमें जिंक की आपूर्ति करनी होगी।

विश्व स्वास्थ संगठन की माने तो बच्चों में जिंक की कमी होने से बार बार दस्त की समस्या होती है। इसलिए उन्हें जिंक का ड्रॉप और टेबलेट दी जाती है। जहां बच्चों को जिंक की जरूरत होती है। वही बड़ों को भी जिंक की कमी नहीं होना चाहिए। ऐसे में हमें उन खाद्य पदार्थों का उपयोग करना होगा। जिससे हमारे शरीर को जिंक मिलता रहे।

जिन लोगों को लंबे समय से कोई घाव है या वे अल्सर की समस्या से परेशान हैं। तो उनमें निश्चित ही जिंक की कमी होगी। जिन लोगों के घाव जल्दी नहीं भराते हैं। उन्हें चिकित्सक भी जिंक लेने की सलाह देते हैं।

जिंक में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। जिससे तनाव को कम किया जा सकता है। इसी के साथ जिन पुरुषों के शरीर में जिंक का लेवल कम होता है। उन्हें प्रजनन और यौन समस्याएं भी हो सकती है। जानकारी के अनुसार जस्ता को पुरुष यौन स्वास्थ्य के लिए आवश्यक बताया गया है। जिंक की कमी का नकारात्मक प्रभाव देखा गया है।

शरीर में जिंक की आपूर्ति करने के लिए हमें दूध, दही, पनीर, मशरूम, गोभी, कद्दू के बीज, काजू, लहसुन, तिल, मटर, गेहूं, बादाम, राजमा, सोयाबीन और दालों का उपयोग करना चाहिए।



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Tuesday, 30 March 2021

वजन कम करना है तो खाने में शामिल करें कुकुंबर

एक बार अगर मोटापा व्यक्ति को घेर लेता है। तो वजन कम करना किसी चुनौती से कम नहीं होता है। क्योंकि भागदौड़ भरी इस जिंदगी में लोगों के पास समय का अभाव है। ऐसे में लोग अपने आप को मोटा होते हुए देखने के बावजूद भी कुछ कर नहीं पाते हैं। लेकिन आज हम आपको ऐसा उपाय बताएंगे। जिससे घर बैठे बिना पसीना बहाए भी व्यक्ति अपना वजन कम कर सकता है।

वजन को कंट्रोल करना है तो आपको अपनी डाइट में कुकुंबर को शामिल करना होगा। कुकुंबर एक ऐसी ककड़ी है। जिससे शरीर में पानी की कमी भी नहीं होगी और यह आपके वजन को कंट्रोल करेगी, अगर आप इस का रोजाना सेवन करेंगे तो निश्चित ही आपका वजन बहुत जल्दी गिरने लगेगा।

कुकुंबर डाइट का इस्तेमाल करने से व्यक्ति 1 से 2 सप्ताह में ही अपना वजन 5 से 7 किलो तक कम कर सकता है। इसमें आपको खीरा का उपयोग करना जरूरी होता है। इसी के साथ फल सब्जियां और प्रोटीन युक्त चीजें खाने की सलाह दी जाती है। इसके तहत जब भी आपको भूख लगे तो आपको खीरा अधिक से अधिक खाना है। क्योंकि खीरे में कैलोरी बहुत कम होती है और इससे पेट बढ़ने की समस्या कम हो जाती है। इसमें फाइबर होता है जो भूख कम करता है और बार-बार खाने की आदत से भी निजात दिलाता है।इसलिए खीरा खाने से आपका वजन तेजी से कम होगा।

आपको बता दें कि वैसे तो खीरा से किसी प्रकार का नुकसान नहीं होता है। यह आपके शरीर को फायदा ही करता है। लेकिन आप इसका उपयोग करने से असहज महसूस करें तो चिकित्सक से भी सलाह ले सकते हैं।



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शरीर में थकान और खानपान में हुई गड़बड़ तो ऐसे करें बॉडी को डिटॉक्स

अक्सर त्योहारों के दौरान थकान के साथ खानपान में आए बदलाव के कारण व्यक्ति अपने आपको ठीक महसूस नहीं करता है। ऐसे में बॉडी को डिटॉक्स करना जरूरी होता है। ताकि शरीर से विषैले तत्व बाहर निकल जाए और हम अपने आप को फिर से तरोताजा महसूस करें। चूंकि होली खेलने के बाद थकान तो होती है, साथ ही खाने पीने में अधिक आने के कारण पेट भी भारी भारी लगने लगता है।

आपको बता दें कि होली खेलने के बाद शरीर में कई दिनों तक थकान महसूस होती है। इस कारण रेस्ट करने के साथ ही शरीर को कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों की आवश्यकता होती है, जिससे शरीर को किसी प्रकार की एलर्जी नहीं हो और पोषण भी मिले। आज हम आपको ऐसे ही कुछ टिप्स बताएंगे।

त्योहार के बाद बॉडी को रिलैक्स देने के लिए खूब पानी पीना चाहिए। इससे शरीर में मौजूद विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं और व्यक्ति अपने आपको तरोताजा महसूस करता है।

बॉडी को डिटॉक्स करने के लिए नींबू पानी भी अच्छा उपाय है। यह पाचन तंत्र में सहायता करता है।

भरपेट भोजन करने की अपेक्षा सब्जियों का जूस सेवन करें। अगर आपको पेट भारी लग रहा है, तो आप कम खाएं और गाजर चुकंदर आदि का जूस पीएं। इसमें अदरक और काली मिर्च भी मिला सकते हैं।

आपको कुछ खाने का मन नहीं है और आपने अधिक तला गला खा लिया है। तो इसके बाद आप खीरे का उपयोग कर सकते हैं। खीरे की छोटी-छोटी स्लाइस काट कर उस पर हल्का मसाला लगाकर खाएं। इसी के साथ खीरे का पानी भी पी सकते हैं। इसे छोटा काटकर मिक्सर में पीस लें। इसमें स्वाद अनुसार पुदीना भी डाल सकते हैं। यह आपकी प्यास भी बुझाएगा और बॉडी को डिटॉक्स भी करेगा।

बॉडी को डिटॉक्स करने और शरीर के लिए नारियल का पानी बहुत फायदेमंद होता है। क्योंकि नारियल में कई प्रकार के विटामिन, कैल्शियम और मिनरल्स होते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देते हैं।



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सोने से पहले करेंगे यह काम तो जीवन भर बनी रहेगी अच्छी सेहत

आज के समय में हर कोई अपनी सेहत के लिए फिक्र मंद है। सेहत की बात आती है तो हर व्यक्ति अपने आप को फिट और स्वस्थ रखना चाहता है। क्योंकि सदियों से कहा जाता है पहला सुख निरोगी काया। आज हम आपको अपने शरीर को निरोगी रखने के लिए एक घरेलू उपाय बताने जा रहे हैं। जिसे आप सोने से पहले करेंगे। तो निश्चित ही इससे आपकी सेहत को फायदा होगा।

एक कहावत है गुस्सा अक्ल को खा जाता है। ऐसे में हर कोई एक दूसरे को अपने गुस्से पर काबू करने की सलाह देता है। लेकिन फिर भी लोग गुस्सा करते हैं और गुस्से में कई बार गलत कदम भी उठा लेते है। लोग अक्सर गुस्से में रहने के कारण चिड़चिड़ा हो जाते हैं। ऐसे में न तो आपको ठीक से नींद आती है और ना ही सुकून मिलता है। इसलिए हम आज आपको गुस्से पर नियंत्रण रखने की सलाह दे रहे हैं।

-अगर आप सोने से पहले अपने दिमाग से गुस्सा निकाल देंगे, तो निश्चित ही आपको अच्छी नींद आएगी और इससे आपका दिमाग भी शांत रहेगा। इस प्रक्रिया से आपको शांति मिलेगी। वहीं अच्छी नींद आने से आपका शरीर भी स्वस्थ रहेगा।

-जानकारों की माने तो गुस्सा आने से आपको ठीक से नींद नहीं आती है और नींद नहीं आने से आपका शरीर भी अस्वस्थ रहेगा। इसलिए जरूरी है कि अगर आपको गुस्सा आए तो सोने से पहले उसे दिमाग से निकाल दें।

-गुस्से पर नियंत्रण करने के लिए आपको शांत बैठना होगा और उल्टी गिनती गिनना शुरू करनी होगी। या फिर आप कोई फिल्म देख कर या संगीत सुनकर भी गुस्से पर काबू कर सकते हैं। कहने का मतलब यह है कि जब आप सोए तो आपका दिमाग एकदम शांत होना चाहिए। ताकि आपको नींद अच्छे से आए और आप स्वस्थ रहें। अगर आप रोजाना समय पर बिना टेंशन के सोएंगे तो निश्चित इससे आपकी उम्र भी बढ़ेगी और आप हमेशा स्वस्थ रहेंगे।



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आंख में आ जाए आंसू तो रोकना नहीं, सेहत के लिए यह भी है जरूरी

यह तो सभी जानते हैं कि सेहत के लिए हंसना बहुत जरूरी होता है। लेकिन क्या आपको पता है कि हंसने के साथ रोना भी शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है। आज हम आप को रोने से होने वाले फायदे के बारे में बताएंगे। अब अगर आपकी आंख में भी आंसू आते हैं तो उन्हें रोकना नहीं बल्कि रो लेना चाहिए। इससे मन तो हल्का होता ही है, साथ ही दिमाग को भी शांति मिलती है।

-जानकारों की माने तो रोने से मन हल्का हो जाता है, और रोने के बाद अगर आदमी सोता है, तो उसे नींद अच्छी आती है। क्योंकि उसका दिमाग शांत रहता है, ऐसे में अगर आपकी आंख में आंसू आ रहे हैं, तो आप उन्हें रोकना नहीं।

-इंसान जब रोता है तो उसकी आंख से निकले आंसू के साथ ही शरीर के विषैले पदार्थ भी बाहर निकल जाते हैं। ऐसे में इंसान का मानसिक तनाव भी कम होता है।इसलिए अगर आंख में आंसू आते हैं तो रो लेना चाहिए।

-आंख से आंसू निकलने के फायदे अनेक है, रोने से आंख की भी सफाई हो जाती है। शहरों में बढ़ते प्रदूषण के कारण आंखों पर भी प्रभाव पड़ता है। लेकिन अगर आप की आंखों से आंसू निकल जाते हैं। तो इससे आंखें तरल हो जाती है और साफ़ रहती है।

-कई बार आपने देखा है कि आपको किसी बात का अत्यधिक तनाव रहता है, या किसी बात को लेकर आप परेशान हैं। लेकिन जब आप रो लेते हैं। तो आपका मन हल्का हो जाता है। इसलिए यह कह सकते हैं कि रोने से आपको तनाव से भी मुक्ति मिलेगी।



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Sunday, 28 March 2021

चेहरे की बदलनी है रंगत तो रोज करें आलू के रस का उपयोग

आलू का उपयोग वैसे तो हर घर में सब्जी के रूप में किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका उपयोग चेहरे के निखार के लिए भी किया जा सकता है। आज हम आपको आलू के रस से चेहरे पर होने वाले दाग धब्बे और डार्क सर्कल को हटाने का तरीका बताएंगे। अगर आपके चेहरे पर भी इस प्रकार की कोई समस्या है। तो आज से ही आलू के रस का उपयोग करें।

आपको बता दें कि आलू में आयरन, पोटेशियम, फाइबर, कैल्शियम, फास्फोरस, प्रोटीन, विटामिन ए, बी और सी होते हैं। जो चेहरे के लिए काफी फायदेमंद है। अगर आपके चेहरे पर भी दाग धब्बे और डार्क सर्कल है। तो आज से ही आप भी आलू का उपयोग शुरू कर दें।

-आलू का उपयोग करने के लिए आपको आलू के छिलके को पीसना है और फिर इसे चेहरे पर लगाकर हल्की हल्की मसाज करना है। इसे कुछ समय रहने दें और इसके बाद पानी से चेहरे को धो लें। इससे आपके चेहरे के काले दाग धब्बे साफ होते नजर आएंगे।

- आलू के रस का उपयोग करने से आपकी त्वचा जवां नजर आएगी। इसके लिए आप आलू के रस में करीब 2 चम्मच दूध मिलाएं और इसे घोल लें, फिर इसे रुई या कपड़े की सहायता से अपने चेहरे से लेकर गर्दन तक लगाएं। करीब आधे घंटे तक इसे रहने दें। इसके बाद पानी से चेहरा धो लें। इस प्रकार का मिश्रण सप्ताह में दो बार लगाएं, इससे आपकी त्वचा निखरेगी।

-अगर आपके चेहरे पर झुर्रियां है, तो आलू का रस आपके लिए रामबाण औषधी का काम करेगा। आप चेहरे पर आलू का रस लगाएं और करीब 20 मिनट तक रहने दें। फिर इसे पानी से धो लें, आपके चेहरे पर होने वाली झुर्रियां खत्म हो जाएगी।

- आलू के रस में ऐसे तत्व होते हैं। जो आपके चेहरे से टेनिंग को हटाकर त्वचा को निखारते हैं। इसके लिए आप आलू के रस में नींबू का रस भी मिलाएं और इसे चेहरे पर लगाएं। इससे आपकी त्वचा दमकती हुई नजर आएगी।

-अगर आपकी स्किन ड्राई है, तो आलू का रस लगाना आपके लिए बहुत फायदेमंद होगा। इससे चेहरे में निखार आएगा और आपकी त्वचा दमकती नजर आएगी। इसके लिए आलू के रस में एक चम्मच दही मिलाएं और इसे पेस्ट की तरह चेहरे से गर्दन तक पर लगाएं। करीब 20 मिनट तक इसको रहने दें और फिर पानी से धो लें।



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सेहत बनाने के लिए रोजाना करें चीकू का सेवन, गर्मी में नहीं होगी पानी की कमी

गर्मी के मौसम में चीकू का सेवन करना आपके शरीर के लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है। क्योंकि इसमें कई प्रकार के विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं। जिससे आपके शरीर में पानी की कमी नहीं होगी और यह सेहत के लिए भी बहुत काम का है। आज हम इसके फायदे आपको बताएंगे।

-चीकू में फास्फोरस, कैल्शियम, पोटेशियम के साथ ही एंटी इन्फ्लेमेटरी तत्व होते हैं। इस कारण गर्मी के मौसम में चीकू खाने से आपके शरीर में पानी की पर्याप्तता रहती है।

-इसमें फाइबर होने के कारण यह आपके शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इससे कब्ज, एसिडिटी की समस्या नहीं होती है और यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाए रखता है।

-अगर आप रोजाना चीकू का सेवन करेंगे, तो यह आपके शरीर में एनर्जी बनाए रखेगा। चीकू फल खाने के साथ ही आप इसका शेक बनाकर भी पी सकते हैं।

-चीकू में पर्याप्त मात्रा में विटामिन होने के कारण यह आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। चिकित्सक भी लोगों को गर्मी के मौसम में चीकू खाने की सलाह देते हैं।

-चीकू का रोजाना सेवन करने से आपका रक्त संचार भी ठीक रहेगा। ब्लड प्रेशर के मरीजों को चीकू खाना चाहिए। क्योंकि यह शरीर में विषैले तत्वों को भी बाहर करता है और इससे किसी प्रकार का नुकसान नहीं होता है।



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सौंफ का शरबत गर्मी के मौसम में देगा ठंडक और ताजगी, इस तरह करें तैयार

गर्मी के मौसम में शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए लोग कई प्रकार के पेय पदार्थों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में बाजार की अपेक्षा घर में तैयार किया हुआ ठंडा पेय आपके शरीर के लिए बहुत फायदेमंद रहेगा। आज हम आपको सौंफ से तैयार होने वाले शरबत की विधि बताएंगे। ताकि आप घर में तैयार कर इसका सेवन कर सकें।

आपको बता दें कि लोग भोजन करने के बाद सौंफ का सेवन माउथ फ्रेशनर के रूप में करते हैं। क्योंकि सौंफ में कई पोषक तत्व होते हैं। इसलिए यह शरीर के लिए फायदेमंद होती है। सौंफ खून को साफ करती है और शरीर को ठंडक प्रदान करती है। इसलिए गर्मी में इसका शरबत पीना आपकी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होगा।

सौंफ का शरबत बनाने के लिए आपको एक बर्तन में पानी और सौंफ डालकर उबालना होगा। जब यह अच्छी तरह से उबल जाए, तो इसे ठंडा कर कर पीना है। एक और तरीका है कि इसे आप रात में सामान्य पानी में भिगोकर रख दें और दूसरे दिन सुबह छानकर पीएं, आपके शरीर को कई फायदे होंगे।

आपको बता दें सौंफ एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती है ।जिससे शरीर की थकान दूर होकर ठंडक मिलती है। सौंफ के पानी में मिश्री और शहद मिलाकर पी सकते हैं। इससे आपका वजन भी कम होगा और यह आपके चेहरे की रौनक भी बढ़ाएगी। सौंफ शरीर से विषैले तत्व बाहर निकालती है और लू से भी बचाने का काम करती है। कुछ लोग तो अन्य शरबत में भी सौंफ पीसकर डालते हैं, क्योंकि सौंफ हर प्रकार से फायदेमंद होती है।



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होली खेलने से पहले आंखों का रखें इस तरह ख्याल, रंग चला जाए तो ऐसे करें साफ

होली का त्यौहार बुराई को भूलकर आपसी प्रेम का त्यौहार है। इस दिन लोग दुश्मनी भूलकर भी एक दूसरे को गले लगाते हैं और यह रंगों का त्योहार बच्चों से लेकर बड़े तक सभी हर्षोल्लास से मनाते हैं। इस दिन घरों में भी तरह-तरह के पकवान बनाए जाते हैं। हम आपको होली से पहले अपनी आंखों की सुरक्षा के कुछ टिप्स बताएंगे। ताकि गलती से रंग चला भी जाए तो कोई दिक्कत नहीं हो।

आपको बता दें कि बाजार में मिलने वाले रंग कई प्रकार के केमिकलों से तैयार होते हैं। ऐसे में होली खेलते वक्त अगर गलती से आपकी आंखों में रंग चला जाता है। तो आप से बड़ी सावधानी के साथ निकालना होगा। अगर जल्दबाजी में आपने आंखों को रगड़ने की कोशिश की तो हो सकता है आपकी आंखों में और अधिक परेशानी हो जाये। इसलिए होली खेलने के पहले कई बातों का ध्यान रखें।

-होली खेलने जाने से पहले अपनी आंखों के चारों और नारियल का तेल या वैसलीन लगाएं, इससे आपकी आंखों के चारों और नमी बनी रहेगी। जिससे आंखों में रंग जाने की अपेक्षा व बाहर ही चिपक कर रह जाएगा।

-अगर गलती से आपकी आंखों में रंग चला जाए तो आप उनको रगड़ कर साफ करने की कोशिश नहीं करें, क्योंकि इससे आपकी आंखों को नुकसान हो सकता है। इसलिए आप किसी कपड़े से हल्के हाथों से उस रंग को निकालने की कोशिश करें।

-हो सके तो होली खेलने जाने से पहले आंखों के ऊपर कोई ऐसा चश्मा लगा ले जो कम कीमत का हो और खराब होने के बाद उसे फेंक दें। इससे आपकी आंखों में रंग भी नहीं जाएगा और आंखें सुरक्षित रहेगी। क्योंकि कई लोग रंग और गुलाल उड़ाते हैं, जिसका आंखों में जाने का भय बना रहता है।

-आजकल बाजार में इस प्रकार का आई ड्रॉप भी मिलते है। जिसे आंख में डालते ही रंग जल्दी से निकल जाता है। लेकिन कोई आई ड्रॉप लेने से पहले चिकित्सक से जरूर सलाह लें।

-आपकी आंखों में गलती से रंग चला जाए तो इसे तुरंत पानी से नहीं धोए। क्योंकि ऐसा करने से रेटिना में रंग फेल सकता है। जिससे आंखों की रोशनी भी जा सकती है। इसलिए आप होली खेलते समय ग्लेयर्स भी पहन सकते हैं। इससे आपकी आंख धूप और रंग दोनों से सुरक्षित रहेगी।

-अगर आप कांटेक्ट लेंस का उपयोग करते हैं। तो होली के दिन इसे पहनने से बचें। क्योंकि गलती से भी आपकी आंखों में रंग गया तो यह काफी नुकसान पहुंचा सकता है। इसकी जगह आप चश्मा ही पहनकर होली खेल सकते हैं।



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वजन कम करना है तो रोज इस तरह करें मैथी दाने के पानी का सेवन

भागदौड़ भरी जिंदगी में समय के अभाव के कारण लोगों का वजन तेजी से बढ़ जाता है। ऐसे में शरीर भी बेडौल नजर आता है। इस कारण व्यक्ति अपने आप को फिट रखने हर संभव प्रयास करने लगता है। अगर आपका भी वजन बढ़ रहा है, तो हम आपको तुरंत वजन कंट्रोल करने घरेलू नुस्खा बताएंगे।

जानकारों की माने तो मैथी दाने का सेवन करने से आपका वजन जल्दी कंट्रोल होगा और आप अपने आप को फिट महसूस करेंगे। हम आज आपको मैथी का विभिन्न तरीके से उपयोग करने का तरीका बताएंगे।जिससे आपको वजन कम करने में सुविधा हो, चिकित्सक भी वजन कम करने के लिए सुबह के समय मैथी पानी पीने की सलाह देते हैं।

-मैथी का पानी तैयार करने के लिए आपको रात में एक गिलास गुनगुने पानी में एक चम्मच मैथी दाना भिगोना है। इसे दूसरे दिन सुबह खाली पेट पीना है और मेथी को चबा चबाकर खाना है। इससे आपका वजन जल्द ही नियंत्रित हो जाएगा।

-आपको बता दें कि मैथी में कई औषधीय गुण होते हैं ।और मेथी में हल्का कड़ापन भी रहता है। इसलिए स्वस्थ्य रहने के लिए लोग इसकी सब्जी बनाकर खाते हैं । यह पेट के लिए भी काफी फायदेमंद होती है, इसी के साथ में मैथी डायबिटीज के रोगियों के लिए भी काफी फायदेमंद होती है। क्योंकि यह ब्लड में शुगर की मात्रा को कंट्रोल कर इंसुलिन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

-वजन कम करने के लिए चिकित्सक भी मैथी पानी की सलाह देते हैं। इसका उपयोग प्रतिदिन करने से आपका वजन कंट्रोल होगा। इसी के साथ आप मेथी के दानों को पानी में उबालकर भी खा सकते हैं। इससे शरीर में मौजूद टॉक्सिंस भी बाहर हो जाएगा और पाचन तंत्र भी मजबूत होगा। क्योंकि इसमें कैलोरीज नहीं होती है इसलिए आप दिन में दो बार भी मेथी का पानी पिएंगे तो आपके शरीर के लिए अच्छा होगा।

-वजन को कंट्रोल करने के लिए मैथी दाने की चाय का भी उपयोग कर सकते हैं। इस चाय में आप दालचीनी, अदरक और शहद भी मिला सकते हैं। क्योंकि यह तीनों का मिश्रण आपके शरीर के लिए काफी फायदेमंद होगा । आप सप्ताह में दो-तीन बार भी मेथी दाने की चाय इस तरह से पिएंगे, तो आपको बहुत फायदा होगा।

-जो लोग मोटापे के कारण काफी परेशान होते हैं। उन्हें शहद और नींबू का पानी पीने की सलाह दी जाती है। क्योंकि शहद के पानी से सूजन कम होती है और इम्यूनिटी सिस्टम मजबूत होता है। अगर आप शहद और मेथी का सेवन करते हैं। तो यह वजन घटाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण उपाय होगा। इसके लिए आपको मेथी के दानों को पीसना होगा और शहद के साथ सेवन करें।



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Saturday, 27 March 2021

होली खेलने से पहले अपनी त्वचा और बालों का इस तरह रखें ध्यान

वैसे तो कोरोना महामारी के चलते इस बार बहुत कम लोग ही होली खेलते नजर आएंगे। लेकिन अगर आप होली खेल रहे हैं। तो अपनी त्वचा और अपने बालों का ख्याल रखने के लिए कुछ टिप्स को अपनाएं। ताकि होली खेलने के बाद आपको किसी प्रकार की स्किन एलर्जी का सामना नहीं करना पड़े।

आपको बता दें कि बाजार में मिलने वाले कुछ रंग आपके चेहरे को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए जहां तक हो सके प्राकृतिक रंगों का उपयोग करें। हो सके तो रंग की जगह गुलाल से होली खेले। लेकिन इससे पहले भी अपने चेहरे और बालों का ध्यान रखने के लिए कुछ घरेलू उपाय को अपनाएं। जिससे आपको किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी।

-होली खेलने से पहले अपने चेहरे और बालों में नारियल का तेल लगाएं। इससे रंग का असर आपकी स्किन पर कम होगा। यह जल्दी निकल भी जाएगा और नुकसान भी नहीं करेगा।

-होली खेलने से पहले आप चेहरे पर सनस्क्रीन लगा सकते हैं। लेकिन इसका उपयोग 5 से 10 मिनट पहले ही करें। इसी के साथ अपने शरीर पर सरसों, अरंडी, बादाम का तेल भी लगा सकते हैं। इसे गर्दन तक चारो ओर लगा लेने से आप सुरक्षित रहेंगे।

-बालों की देखभाल के लिए होली खेलने से पहले नारियल के तेल से अच्छी तरह मालिश करें। इससे आपके बालों को पोषण तो मिलेगा ही, साथ ही रंग से आपके बालों को नुकसान नहीं होगा।

-होठों पर वेसलीन या लिप बाम का उपयोग कर सकते हैं। इससे रंगों में उपयोग होने वाले केमिकल से किसी प्रकार का नुकसान नहीं होगा।

-होली खेलने से पहले ऐसे कपड़े पहने, जिससे आपका शरीर अधिक से अधिक ढका जाए। यानी फुल आस्तीन के कपड़े पहनने से आपके शरीर को कम से कम रंग लगेगा और वह जल्द निकल जाएगा।

-जहां तक हो सके होली खेलने के बाद धूप में नहीं बैठे और तुरंत नहाने की कोशिश करें। इससे रंग जल्दी निकल जाएगा और नहाने के बाद फिर से नारियल का तेल लगा ले। इससे रंगों के कारण होने वाली जलन और किसी भी प्रकार के नुकसान से बचा जा सकता है।

-होली खेलने से पहले अपने नाखून को नेल पॉलिश से पेंट कर लें। इससे रंगों का असर आपके नाखूनों पर नही नजर नहीं आएगा।

-जब तक हो सके केमिकल के रंगों का उपयोग नहीं करें और अपने मित्रों से भी प्राकृतिक और अच्छे रंगों का ही उपयोग करने की सलाह दें।



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किशमिश में है ऐसे पोषक तत्व, रोज खाने से दूर होगी कई बीमारियां

किशमिश ऐसा ड्राई फ्रूट है जो शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है। क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में कैल्शियम, पोटेशियम, मैग्नीशियम, आयरन आदि प्रोटीन और विटामिन होते हैं। इसमें फाइबर भी बहुत अच्छी मात्रा में होता है। इस कारण यह आपके शरीर को कई बीमारियों से बचाता है।आज हम आपको किशमिश से होने वाले फायदों के बारे में बताएंगे।

जानकारों की मानें तो अगर किशमिश का उपयोग आप रोजाना करेंगे। तो इससे आपके शरीर को कई प्रकार के लाभ होंगे। इसलिए आप रोजाना करीब 10 से 12 किशमिश रात के समय भिगोकर रख दें। सुबह किशमिश निकाले और खा लें। इससे आपका कई प्रकार की बीमारियों से बचाव होगा। इसी के साथ किशमिश का पानी पीना भी आपके शरीर के लिए फायदेमंद होगा।

किशमिश का उपयोग करने से आपको कब्ज की समस्या से राहत मिलेगी। क्योंकि इसमें फाइबर होता है जो आप का पाचन तंत्र बेहतर बनाएगा।

अगर आपके चेहरे पर झुरिया है, तो किशमिश का उपयोग करने से यह खत्म हो जाएगी। किशमिश का नियमित उपयोग करने से आप हमेशा जवान नजर आएंगे। इसके लिए किशमिश का पानी पीना शुरू करें। रात के समय पानी में किशमिश डालकर उबालें और सुबह किशमिश का पानी को पीएं।

किशमिश खाने और उसका पानी पीने से आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। इसमें पर्याप्त मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। जो आपको वायरस और बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करता है।

मोटापा कम करने के लिए भी यह बहुत फायदेमंद है। क्योंकि इसे खाने से कैलोरी नहीं बढ़ती है और वजन कंट्रोल में रहता है। इसमे एंटीबैक्टीरियल तत्व होते हैं, इस कारण इसे चबाने से मुंह की दुर्गंध खत्म होती है, और गले में किसी प्रकार का इन्फेक्शन भी नहीं होगा।

शरीर में खून की कमी है या आप एनीमिया के शिकार हैं। तो भी आप किशमिश का उपयोग कर सकते हैं। यह आयरन से भरपूर होती है और शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं बनाने का काम करती है।

किशमिश का उपयोग करने से दांत और हड्डियां भी मजबूत होती है। इसी के साथ यह शरीर में जमा विषैले तत्वों को भी बाहर निकालती है। अगर आपको अनिद्रा की शिकायत है, तो किशमिश का सेवन इसके लिए भी फायदेमंद रहेगा।



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गर्मी में गंभीर बीमारियों से बचाएगा पुदीना, कुछ इस तरह करें उपयोग

गर्मी के मौसम में हर कोई अपने आप को ठंडा और तरोताजा रखना चाहता है। क्योंकि इस मौसम में शरीर का टेंपरेचर अधिक होने के कारण कई प्रकार की समस्याएं शुरू हो जाती है। इसलिए गर्मी की शुरुआत के साथ ही लोग ठंडे पेय पदार्थ का उपयोग शुरू कर देते हैं। आज हम आपको पुदीना से बनने वाले शरबत के बारे में बताएंगे।

जानकारी के अनुसार पुदीना में कई प्रकार के प्रोटीन, वसा, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन ए, कॉपर, आयरन, मेंथॉल आदि होते हैं। गर्मी के मौसम में इसका उपयोग करने से उल्टी की समस्या से बचा जा सकता है और यह पेट में बनने वाली गैस से भी राहत दिलाता है।

इसका शरबत कई प्रकार की बीमारियों से बचाता है, और स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक होता है। गर्मी के मौसम में लू नहीं लगे और किसी भी प्रकार की बीमारी से बचा जा सके, इसलिए अधिकतर लोग इसका उपयोग शरबत के रूप में करते हैं।

आज हम आपको पुदीने का शरबत बनाने की विधि बताएंगे। जिससे आप स्वादिष्ट शरबत का लुत्फ ले सकें। इसके लिए आपको करीब एक कप पुदीने की पत्तियां, एक चम्मच सेंधा नमक, एक चम्मच शहद, करीब एक चम्मच भुना हुआ जीरा, एक चम्मच नींबू का रस और एक गिलास पानी लेना है। इन सब को मिलाकर एक मिक्सर में पीस लें। जब यह अच्छे से मिक्स हो जाएगा, तो इस मिश्रण को एक बर्तन में निकाल ले। अब इसमें से एक गिलास में करीब एक चौथाई मिश्रण डालें और बाकी तीन चौथाई ठंडा पानी मिलाकर इसे पी सकते हैं और लोगों को भी सर्व कर सकते हैं।

गर्मी के मौसम में पुदीना पाचन तंत्र को बेहतर करता है, इसमें सैलिसिलिक एसिड होता है। जो आपकी त्वचा के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। पुदीने में मेंथोल होने के कारण यह वेट लॉस में भी फायदा करता है। क्योंकि पुदीने की तासीर ठंडी होती है। इसलिए यह त्वचा के लिए भी बेहतर उपाय है। पुदीने की पत्तियों के रस को निकाल कर उसे चेहरे पर लगाने से आपको चेहरे में ताजगी और नमी नजर आएगी और चेहरे की चमक भी बढ़ेगी।



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जायफल बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी के लिए है फायदेमंद

जायफल का नाम तो सभी ने सुना होगा। लेकिन बहुत कम लोगों को पता है कि इसका उपयोग सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। वैसे तो कुछ लोग बच्चे को जायफल देते हैं। लेकिन यह मसाला बड़ों के लिए भी बहुत उपयोगी होता है। आज हम जायफल से होने वाले फायदों के बारे में बताएंगे।

जायफल में एंटीऑक्सीडेंट्स, मैग्निशियम, कॉपर, विटामिन b1, B6 आदि पाए जाते हैं। सालों से इसका उपयोग देशी दवाइयों के लिए किया जाता रहा है। बच्चों को जायफल घीस कर देते हैं। ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो।

आपको बता दें कि जायफल का सेवन करने से आपको नींद अच्छी आएगी, यह आपके शरीर और दिमाग दोनों को शांत रखेगा, इससे तनाव दूर होता है और अनिद्रा की समस्या खत्म होती है। इसका सेवन करने के लिए एक गिलास गर्म दूध में एक चुटकी जायफल का पाउडर मिलाकर पीना चाहिए।

नवजात शिशुओं को जायफल दिया जाता है। क्योंकि उन्हें पेट में दर्द गैस आदि की समस्या हो तो वह बोल नहीं पाते हैं। ऐसे में जायफल देने से उनकी परेशानी दूर हो जाती है और उन्हें नींद भी आती है। कई लोग बच्चे को दूध में भी जायफल मिला कर देते हैं। तो कुछ लोग घिसकर भी बच्चों को जायफल चटाते हैं।

जायफल का सेवन करने से डिप्रेशन और इंजाइटी से भी राहत मिलती है। कुछ लोग जायफल के तेल का इस्तेमाल करते हैं। इसे सिर में लगाने से थकान और तनाव से राहत मिलती है। यह मस्तिष्क की नसों को भी आराम पहुंचाता है।

जायफल स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। लेकिन आपको किसी प्रकार की समस्या है तो चिकित्सक को भी जरूर दिखाएं।



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संतरा सेहत के लिए है बहुत जरूरी, गर्मी के मौसम में रोज खाएं एक

वैसे तो आप सभी जानते हैं, संतरे में विटामिन सी होने के कारण यह शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है। लेकिन गर्मी के मौसम में हर दिन एक संतरे का उपयोग जरूर करना चाहिए। क्योंकि यह आपके शरीर में इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ ही शरीर को ठंडक भी प्रदान करेगा। इस मौसम में बार-बार प्यास लगती है, अगर आप संतरे का उपयोग करेंगे, तो आपको इस समस्या से भी निजात मिलेगी।

आपको बता दें कि गर्मी के मौसम में संतरा आपके शरीर को भरपूर एनर्जी देता है। इसमें शरीर को हाइड्रेट रखने की क्षमता होती है। इस कारण यह पानी की कमी नहीं होने देगा और इसमें कई प्रकार के विटामिन पाए जाते हैं। जो आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के साथ ही हार्ट भी मजबूत करेगा। इसलिए आप कम से कम एक संतरे का सेवन रोज करें।

कोलेस्ट्रोल करेगा कम-

हर रोज एक संतरा खाने से आपका कोलस्ट्रोल लेवल कंट्रोल में रहेगा। क्योंकि संतरे में कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं। जो कोलेस्ट्रॉल लेवल को कंट्रोल में रखते हैं। इसका रोजाना सेवन करने से आपको हार्ट संबंधी समस्या भी नहीं होगी।

ब्लड प्रेशर रहेगा कंट्रोल में-

ब्लड प्रेशर के रोगियों के लिए भी संतरा फायदेमंद है। इससे हीमोग्लोबिन की मात्रा भी बढ़ती है और इसमें विटामिन बी होने के कारण यह ब्लड प्रेशर को भी कंट्रोल में रखता है। गर्मी में संतरा खाने से यह शरीर के लिए काफी फायदेमंद होता है।

आंखों के लिए फायदेमंद-

रोजाना एक संतरा खाने से आपकी आंखों की रोशनी बढ़ती है। संतरे में भरपूर मात्रा में विटामिन ए होता है।जो आंखों के लिए फायदेमंद होता है। ऐसे में जो लोग स्क्रीन पर बैठकर काम करते हैं। उनके लिए संतरा एक रामबाण औषधि का काम करता है।



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Friday, 26 March 2021

Holi 2021: गुजिया में भरा मावा असली है या नकली, 2 मिनट में इन तरीकों से करें इसकी पहचान

नई दिल्ली। होली का त्यौहार आते ही हर घर से गुछिया बनने की खुश्बू आने लगती है। क्योंकि गुछिया के बिना होली का त्योहार अधूरा सा नजर आता है। रंगों के इस त्योहार में मेहमानों का मुंह मीठा करने के लिए लोग मिठाई की जगह इसी पकवान से मुंह मीठा करते हैं। क्योंकि इसमें इतने ड्राय फ्रूट मिलाए जाते हैं जिससे ये स्वादिष्ट होने के साथ सेहत के लिए भी लाभकारी होती है। लेकिन इन दिनों बाजार में खोए की मिलावट को लेकर काफी शिकायत सुनने को मिल रही है। यदि आप भी बाजार से मावा खरीद रहे हैं तो दो मिनट में इसकी क्वालिटी चेक करके देख सकते है नकली असली खोए का अंतर।

ऐसे करें असली नकली खोए की पहचान

  • खोए को खरीदने के लिए जब भी आप बाजार पर जाए तो खरीदने से पहले खोए का जरा सा टुकड़ा हाथ में लेकर अंगूठे पर रखकर थोड़ी देर तक रगड़ें। इसमें मौजूद घी की महक अगर देर तक अंगूठे पर टिकी रही तो समझ लीजिए मावा एकदम शुद्ध है।
  • हथेली पर मावे की एक गोली बनाएं और उसे देर तक दोनों हथेलियों के बीच घूमाते रहें। यदि गोली फटने लगे तो समझ जाइए कि मावा नकली या मिलावटी है।
  • खोए की असली पहचान करने के लिये 5 मिली लीटर गर्म पानी लेकर उसमें कुछ मात्रा में खोया डालें। थोड़ी देर ठंडा होने के बाद इसमें आयोडीन सॉलूशन डालें। इसके बाद यदि खोए का रंग नीला पड़ता है तो समझ जाइए की आपका खोया नकली है।
  • आप चाहें तो मावा खाकर भी असली-नकली की परख कर सकते हैं। अगर मावे में चिपचिपाहट महसूस हो रही है तो समझ लीजिए कि वो खराब हो चुका है। असली मावा खाने पर कच्चे दूध जैसा स्वाद आएगा।

पानी में मावा डालकर फेंटने पर अगर वो छोटे-छोटे टुकड़ों में टूटता है तो ये उसके खराब होने की निशानी है।दो दिन से ज्यादा पुराना मावा खरीदने से बचें। इसे खाने से आपकी सेहत खराब हो सकती है।

कच्चे मावे की बजाय अगर आप सिंका हुआ मावा खरीदें तो बेहतर होगा. इससे बनी मिठाई का स्वाद भी ज्यादा बेहतर होगा और इसके जल्दी खराब होने की संभावना भी कम होती है।



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Holi: कोरोनाकाल में होली की पार्टी में शामिल करें ये हेल्दी चीजें, मजबूत होगी इम्यूनिटी

नई दिल्ली। होली का त्योहार आते ही हर घरों से मीठे पकवानों की सुंगध फैलना शुरू हो जाती है। क्योंकि इस त्यौहार में लोग मीठा खाना ज्यादा पंसद करते है। रंग खेलने के साथ घर में आए मेहमान भी मीठी चीजों से अपना मुंह मीठा करके रंग खेलते है। लेकिन इन दिनों तेजी से बढ़ रही कोरोना महामारी ने फिर से अपना विकराल रूप ले लिया है,ऐसे में जरूरी है अपनी सेहत को ध्यान में रखते हुए आप सभी लोग ऐसी चीजों का सेवन करें जिनसे शरीर की इम्यूनिटी बढ़े और आप स्वस्थ बने रहें।

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ठंडाई-

होली के त्योहार पर लोग ज्यादातर ठंडाई का मजा बड़े ही शौक से लेते हैं। इसे बनाते समय कई तरह के ड्राई फ्रूट्स का उपयोग किया जाता है। जिससे शरीर में एनर्जी आती है और शरीर को ठंडक भी मिलती है, यह आपके इम्यूनिटी बूस्ट करने में मदद कर सकता है।

तरबूज का जूस-

गर्मियों में शरीर के ठंडाहट के लिए आप घर में तरबूज का जूस भी बना सकते हैं। इसका सेवन करने से कोलेस्‍ट्रॉल नियंत्रित में रहता है। और यह शरीर को हाइड्रेट रखता है जिससे पानी की कमी नहीं होती है। होली की पार्टी में तरबूज के जूस को शामिल करना एक अच्छा ऑप्शन है।

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बेक्ड गुझिया-

होली के त्यौहार पर हर घरों में गुझिया ना बने ,तो यह त्यौहार अधुरा सा लगता है। इसे बनाने के लिए खोवे के साथ कई तरह के ड्राइ फ्रूट्स का इस्तेमाल किया जाता है जो आपकी सेहत को ठीक करने के साथ शरीर में एनर्जी बनाए रखने में मदद करता है।

ड्राई फ्रूट्स मिठाई-

होली के त्योहार पर ज्यादातर लोग मीठा खाना पसंद करते है ऐसे में ड्राई फ्रूट्स से बनी मिठाई सेहत के लिहाज से काफी अच्छा ऑफ्शन है। इसमें ड्राई फ्रूट्स की एनर्जी और गुड़ की मिठास दोनों होती है जिससे यह मिठाई स्वादिष्ट होने के साथ-साथ हेल्दी भी होती है।

गुड़ की खीर-

होली के खास मौके पर खीर का मजा लेना होतो आप सेहत को ध्यान में रखते हुए गाजर की खीर, ड्राई फ्रूट्स खीर, मखाने की खीर आदि बना सकते हैं गुड़ इम्यूनिटी बूस्ट करने में सहायक माना जाता है। इसलिए खीर में चीनी की जगह आप गुड़ का इस्तेमाल जरूर करें।

घर का बना ही खाएं-

होली पर जितना हो सके, बाहर की चीजें का सेवन करने से बचें। होली खेलने के बाद पहले अपने आप को साफ कर लें। इसके बाद ही घर की बनी चीजों को खाएं। कोरोना के बढ़ते हालात को देखते हुए आप सभी लोग घर के अंदर ही होली मनाने का मजा लें बाहर ना निकलें।



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Thursday, 25 March 2021

भुने हुए चने खाने से दूर होगा मोटापा, शरीर को मिलेंगे कई फायदे

भुना हुआ चना आपके शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है। जो खाने में तो अच्छा लगता ही है, साथ ही इसमें कई प्रकार के प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन और विटामिन होने के कारण यह शरीर को कई रोगों से लड़ने की शक्ति भी प्रदान करता है। इसलिए प्राचीन काल से ही लोग भुने हुए चने का सेवन करने की सलाह देते आ रहे हैं।

आपको बता दें कि भुने हुए चने में कार्बोहाइड्रेट भी पर्याप्त मात्रा में होता है। इसे रोजाना 50 ग्राम खाने से शरीर को कई प्रकार के फायदे होंगे। आज हम भुने हुए चने को खाने से होने वाले फायदे के बारे में बताएंगे।

-भुना हुआ चना आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। यदि आप लंच से पहले करीब 50 ग्राम चने खाते हैं, तो यह आपको कई बीमारियों से भी बचाता है।

-भुना हुआ चना आपके शरीर में जमा अतिरिक्त फैट को कम करता है। इससे आपका मोटापा धीरे-धीरे कम हो जाता है। इसलिए भुने हुए चने का मोटे व्यक्ति को भी रोज सेवन करना चाहिए।

-कुछ लोगों को बार बार पेशाब की समस्या होती है। ऐसे लोगों को भुना हुआ चना गुड़ के साथ खाना चाहिए। जिससे जल्दी आराम मिलने लगेगा।

-कुछ लोगों को पेट से संबंधित कई रोग होते हैं। जिसमें कब्ज सबसे अहम हैं। जिस व्यक्ति को कब्ज की समस्या है उसे कई बीमारियां घेर लेती है। लेकिन अगर आप चने का रोज सेवन करेंगे तो आपको कब्ज की समस्या से भी निजात मिलेगी। चना कब्ज को दूर कर पाचन तंत्र को मजबूत करता है और खून को भी साफ करता है। चने में फास्फोरस होता है जो हिमोग्लोबिन का लेवल बढ़ाता है और किडनी से एक्स्ट्रा साल्ट को बाहर निकालता है।

-जिन लोगों को डायबिटीज है उनके लिए भुना हुआ चना काफी फायदेमंद होता है। यह ग्लूकोज की मात्रा को सोख लेता है और डायबिटीज को कंट्रोल करता है।



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गर्मियों में हेल्दी रहने के लिए रखें इन बातों का खास ध्यान

नई दिल्ली। गर्मियों का मौसम आते ही बीमारियां भी साथ चली आती है। इस मौसम में ज्यादातर लोगों को हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, लू लगना जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस मौसम में शरीर को फिट और एक्टिव रहने के लिए जरूरी है शरीर में पानी की कमी को पूरा करना। तभी हम स्वस्थ रह सकते हैं। गर्मी के समय में ज्यादातर पानी या फ्रेश जूस का सेवन करना चाहिए। इसके अलावा ऐसी कई तरीके हैं जिससे आप बढ़ती गर्मी के प्रकोप से बच सकते हैं।

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हैवी फूड खाने से बचें

गर्मी का मौसम आते ही भूख कम प्यास ज्यादा लगने लगती है। ऐसे मौसम में लोगों को भारी खाने से बचना चाहिए। इस दौरान हल्का भोजन शरीर के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। साथ ही इस मौसम में सलाद का सेवन ज्यादा मात्रा में करना चाहिए।

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ज्यादा से ज्यादा जूस का सेवन करें

गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडाहट देने के लिए छाछ का सेवन करना काफी अच्छा होता है।। इसके अलावा नींबू पानी, तरबूज का जूस, सोडा इत्यादि का सेवन करने से आप काफी हद तक सेहत संबंधी समस्याओं से बचा जा सकता है। हेल्दी चीजों के सेवन करने से आपके शरीर में एनर्जी आएगी और आप दिन भर एक्टिव महसूस करेंगे।

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एक्सरसाइज न छोड़े

कुछ लोग बढ़ती गर्मी के कारण एक्सरसाइज करना छोड़ देते हैं। असल में इन दिनों एक्सरसाइज करने से शरीर में पानी की कमी होने से थोड़ी कमजोरी आने लगती है। इसलिए एक्सरसाइज करते वक्त समय समय पर पानी पीना चाहिए। यह मौसम शरीर के वजन को कम करने के लिए सबसे अच्छा होता है। क्योंकि इन दिनों वर्कआउट करने से बॉडी पसीने के रूप में दोगुनी फैट शरीर से बाहर निकलती है।

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चाय-कॉफी के सेवन से बचें

गर्मियों में कैफीनयुक्त चीजों का सेवन करने से बचें। खासकर नाश्ते में चाय की जगह जूस लें

धूप में निकलने से बचें

गर्मी के मौसम में सूरज की किरणों का प्रभाव सीधे शरीर पर पड़ता है। इसलिए घर से निकलने से पहले चेहरे और सिर को ढक कर निकलें। साथ ही आंखों को धूप से बचाने के लिए सनग्लासेज का इस्तेमाल करें।

बाहर से आकर तुरंत पानी न पीएं

धूप से आने के बाद लोग तुंरत पानी पी लेते है जो काफी गलत है। कुछ देर रूकें और फ्रिज का पानी पीने से बचें।



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खजूर में होते हैं कई पोषक तत्व, शरीर को बनाती है मजबूत और स्वस्थ

खजूर में कैल्शियम, शुगर, आयरन, पोटेशियम, मिनरल आदि कई तत्व होते हैं। जिसके कारण यह शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होती है। इससे आपको कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं और यह आपका शरीर भी हष्ट पुष्ट बनाती है। इसलिए खजूर का सेवन रोजाना करना चाहिए। गर्मी के मौसम में खजूर बाजार में बहुत मात्रा में मिलती है।

जानकारी के अनुसार खजूर ऐसा फल है। जो व्यक्ति की यौन क्षमता को भी बढ़ाता है। क्योंकि इसमें फ्लेवेनाइड और एस्ट्राडियोल होता है। जो स्पर्म काउंट और स्पर्म क्वालिटी बढ़ाने में मददगार होता है। अगर व्यक्ति नियमित खजूर खाए तो वह शारीरिक रूप से और भी फिट हो जाएगा।

खजूर कई प्रकार की बीमारियों से निजात दिलाती है।इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। जो कैंसर, डायबिटीज, ह्रदय रोग, अल्जाइमर आदि बीमारियों से भी बचाती है और यह क्रॉनिक कंडीशन में सुधार भी करती है।

आपकी त्वचा निखारने में भी खजूर काफी फायदेमंद होती है। इसमें विटामिन सी और डी होते हैं। जो त्वचा के ढीलेपन को खत्म करते हैं और इसमें एंटी एजिंग गुण होता है। जो आपकी त्वचा को लंबे समय तक जवां बनाए रखता है।

खजूर खाने से शुगर के मरीजों को भी लाभ होता है। क्योंकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। पर्याप्त मात्रा में फाइबर होता है। जो ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखता है। ह्रदय रोग, मोटापा, पेट का कैंसर, अल्सर जैसी बीमारियों से भी बचाता भी है।

खजूर पाचन तंत्र को बेहतर बनाने के लिए भी बहुत अच्छा विकल्प है। आप रात को खजूर को भिगो दें और सुबह उठकर पानी में भीगे हुए खजूर को खाएं। तो इससे पाचन तंत्र सही रहेगा। इसमें सेलेनियम, कॉपर, मैग्नीज, मैग्नीशियम जैसे तत्व होते हैं। जो कमजोर हड्डियों का लिए बहुत फायदेमंद है।

आपको बता दें कि खजूर में सोडियम नहीं के बराबर होता है। इस कारण से यह नर्वस सिस्टम को बैलेंस करके चलता है। इसे खाने से दिमाग तेज चलता है और सोचने समझने की क्षमता बढ़ती है। अगर आप इसका रोजाना सेवन करेंगे। तो इससे निश्चित ही आपको शारीरिक और मानसिक दोनों फायदे मिलेंगे।



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शरीर की सुस्ती को दूर करते हैं ये 4 योगासन, नियमित करें इसका अभ्यास

नई दिल्ली। अक्सर देखा जाता है कि सुबह के समय जब हम उठते है तो अजीब तरह का भारीपन होने के साथ शरीर में सुस्ती बनी रहती है उस समय लगता है कि जैसे शरीर काफी दिनों से बीमार होने के चलते कमजोर हो गया है। शरीर में दर्द के साथ थकान आने लगती है। ऐसे समय में यदि आप अपने दिन की शुरूआत योगासन से करते है तो आपको कई तरह के फायदे देखने को मिलेंगे। योगासन ना केवल आपके शरीर में एनर्जी देने का काम करता है बल्कि आपके रक्त प्रवाह को बेहतर बनाता है। आज हम आपको ऐसे योगासन का बारे में बता रहे हैं जो आपके शरीर को स्वस्थ बनाने में मदद करेंगे।

यह भी पढ़ें:- वर्कआउट के दौरान ना करें ये गलतियां

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भुजंगासन (कोबरा पोज)

यह योगासन आपके पूरे शरीर मांस पेशियों में खीचाव लाने का काम करते है। इसको करने से शरीर की अकड़न दूर होती है और आपके दिमाग को शांति प्रदान करता है।

मार्जरी आसन

इस आसन को करने से शरीर में मजबूती आती है रीढ़ की हड्डी में लचक मिलती है। पाचनक्रिया भी मजबूत बनती है।

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बालासन (चाइल्ड पोज)

इस योगासन को करने से आपके शरीर का दर्द खत्म हो जाएगा। य़ह आसन आपके पूरे शरीर को रिलैक्स देने का काम करता है। इस आसन को जरूर ट्राई करें।

सावधानी- बिना विशेषज्ञ की सलाह, निगरानी के ना करें। शुरु में एक से तीन बार अभ्यास करें। जितना संभव हो उतना ही शरीर को मोड़ें, जबरन कोशिश न करें।



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दाद, खाज, खुजली की समस्या है तो घर में करें यह उपाय, नहीं फैलेगा इन्फेक्शन

अगर आप भी दाद, खाज, खुजली की समस्या से परेशान हो रहे हैं। तो आज से ही कुछ घरेलू उपाय शुरू कर दीजिए। इससे आपको तो इस समस्या से राहत मिलेगी ही सही, साथ ही इससे किसी अन्य को इंफेक्शन नहीं होगा। क्योंकि यह ऐसी समस्या है जो जल्दी फैलने लगती है।

आपको बता दें कि गर्मी के मौसम में कई लोगों को दाद, खाज और खुजली की समस्या हो जाती है। त्वचा पर लाल रंग के दाने नजर आने लगते हैं और फिर उस पर खुजली होती है। खुजालने पर यह समस्या फैलती जाती है। यह समस्या स्किन की एलर्जी से होती है। जिसे कुछ घरेलू उपाय से खत्म किया जा सकता है। यह समस्या मौसम में बदलाव आने के कारण और कई बार गीले कपड़े पहनने से भी हो जाती है। कई बार गर्मी में त्वचा ड्राई होने से या किसी प्रकार के ब्यूटी प्रोडक्ट के इंफेक्शन से भी हो जाती है।

-अगर आपको त्वचा से संबंधित रोग हो रहे हैं। तो आप हल्दी का उपयोग कर सकते हैं। इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं। जो किसी भी प्रकार के संक्रमण को फैलने से रोकती है। इसके लिए आपको हल्दी में थोड़ा पानी मिलाकर पेस्ट जैसा बनाना है और जहां भी दाद, खाज या खुजली हो रही है, वहां पर लगा दे। जब यह पेस्ट सूख जाए तो इसे धो लें। इससे निश्चित ही आपको इस समस्या से छुटकारा मिलेगा।

-अगर आपको खुजली हो रही है तो आप नारियल का तेल में कपूर मिलाकर खुजली वाली जगह पर लगाएं। इससे निश्चित ही खुजली में आराम मिलेगा। नारियल के तेल में माइक्रोबियल तथा एंटीफंगल तत्व होते हैं। जिससे आपको दाद खाज खुजली में राहत मिलेगी।

-आपकी त्वचा ड्राई हो रही है और दाद, खाज, खुजली हो रही है। तो आप मुल्तानी मिट्टी में गुलाब जल मिलाकर प्रभावित जगह पर लगाएं। इससे आपको दाद, खाज, खुजली से राहत मिलेगी। क्योंकि गुलाबजल आपकी त्वचा को नमी देगा और मुल्तानी मिट्टी इंफेक्शन को काम करेगी।

-आपको अगर दाद है तो टमाटर और नींबू दोनों का रस मिलाकर दाद वाली जगह पर लगाएं। इससे आपको जल्द ही समस्या से निजात मिलेगी। इसमें इमली के बीज भी पीसकर मिला सकते हैं।



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30 की उम्र पार करने के बाद कैल्शियम की कमी को पूरा करने के लिए जरूरी हैं ये चीजें

नई दिल्ली। शादी के बाद महिलाओं को अपने शरीर की देखभाल काफी अच्छी तरह से करना चाहिए, क्योंकि महिलाएं पुरूषों की अपेक्षा ज्यादा काम करती हैं। घर के साथ-साथ बाहर का काम भी उन्हीं के कंधों पर रहता है। सारा दिन घर-बाहर के कामकाज में वो इतनी व्यस्त हो जाती हैं कि अपने शरीर का ध्यान नही दे पाती। और जब वो उम्र के 30 या 40वें पड़ाव में पहुंचती हैं तो उस दौरान उन्हें कई तरह की बीमारीयां घेरने लग जाती हैं। क्योंकि इस उम्र में आने के दौरान महिलाओं में कैल्शियम की कमी होने लगती है जो उनके हाथ, पैर और हड्डियों के दर्द का कारण बन जाती है।

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शरीर में कैल्शियम की कमी ना हो, इसके लिए महिलाओं को दवाईयों की जगह अच्छी डाइट लेनी चाहिए। जो शरीर में कैल्शियम की कमी को पूरा करने में मदद करता है। आज हम आपको बताएंगे कि कैल्शिम की कमी को पूरा करने के लिए आप किस तरह की चीजों को सेवन करें। लेकिन इससे पहले जानें कैल्शियम की कमी के संकेत..

1. हड्डियों का कमजोर होना

महिलाओँ में जब कैल्शियम की कमी होती है तो उस दौरान उनकी हड्डियों में दर्द होना शुरू हो जाता है। इसके अलावा पीठ व कमर में दर्द रहता है यही छोटे-छोटे लक्षण कैल्शियम की कमी के कारण होते हैं इसलिए इसे इग्नोर न करें।

2. पीरियड्स देरी से आना

कैल्शियम की कमी होने पर महिलाओं और लड़कियों के हार्मोन्स अनबैलेंस होने लगते है जिससे पीरियड्स आने में देरी हो जाती है कईं बार पीरियड्स के समय उन्हें काफी दर्द भी होता है।

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3. नाखूनों का टूटना

शरीर में कैल्शिम की कमी से नाखूनों का बढ़ना बंद हो जाता है। नाखून कमजोर होकर टूटने लगते हैं।

4. दांत हो जाते हैं कमजोर

कैल्शियम की कमी से दांत भी कमजोर होकर टूटने लग जाते हैं और दातों में दर्द की समस्य़ा बनी रहती है।

इन चीजों से दूर करें कैल्शियम की कमी

1. दूध का करें सेवन

दूध कैल्शियम का सबसे अच्छा स्त्रोत माना गया है। कैल्शियम की कमी को पूरा करने के लिए आप एक कप गर्म दूध के साथ एक चम्मच भुने हुए तिल का पाउडर लें।

2. जीरा भी रहेगा फायदेमंद

हर घर में उपयोग किया जाने वाला जीरा खाने का स्वाद बढ़ाने के साथ पाचन क्रिया को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाता है। इससे कैल्शियम की कमी को भी पूरा कर सकती हैं। इसके लिए आप उबलते पानी में एक चम्मच जीरा डालकर उबालें। उसे ठंडा होने के बाद इस पानी को दिन में कम से कम दो बार पीयें। फायदा मिलेगा।

3. अदरक करेगा कैल्शियम की कमी को पूरा

अदरकका उपयोग खांसी जुकाम तो दूर करने के लिए किया जाता है साथ ही यह कैल्शियम की कमी को भी पूरा करता है। आप अदरक के 1-2 टुकड़ों को पानी में डालकर उबालें। और इसे छानकर पिएं।

4. दही का करें सेवन

दही भी कैल्शियम की कमी को दूर करने में सहायक है। रोज एक कप दहीं का सेवन आपके शरीर को 250-300 मिग्रा. कैल्शियम देता है।



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शरीर में है थकान, सिर से झड़ रहे बाल तो घर में करें यह उपाय...

आधुनिक दौर में स्लिम दिखने के चक्कर में कई लड़कियां खानपान भी कम कर देती है। इस कारण उनके शरीर में एनीमिया यानी खून की कमी की समस्या हो जाती है। शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी होने से महिलाओं को कई प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ता है। उनके सिर के बाल झड़ने लगते हैं और उन्हें हर समय थकान महसूस होती है। ऐसे में समय पर ध्यान देने से इन समस्या से बचा जा सकता है।

जानकारी के अनुसार हमारे खून में हिमोग्लोबिन नामक प्रोटीन होता है। जो शरीर में उपस्थित कोशिकाओं तक ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है। अगर किसी कारण हिमोग्लोबिन का लेवल कम हो जाता है। तो शरीर की मौजूद सभी कोशिकाओं को ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाता है। ऐसे में व्यक्ति को हमेशा थका हुआ महसूस होता है, नाखून की रंगत बदल जाती है, नाखून सफेद होना, पीरियड्स के दौरान ब्लीडिंग ना होना या अधिक ब्लीडिंग होना, ध्यान में कमी होना, भोजन करने में मन नहीं लगना आदि समस्याएं सामने आती है। अगर इसका समय पर इलाज मिल जाए, तो ठीक अन्यथा कई महिलाएं अन्य बीमारियों की शिकार हो जाती है। इस वजह से आज हमें आपको इस समस्या से निजात दिलाने के उपाय बताएंगे।

-शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी आयरन विटामिंस और अन्य पोषक तत्वों की कमी के कारण होती है। कुछ लोगों को अनुवांशिक शिकायत भी रहती है। तो कुछ दुर्घटना या किसी सर्जरी के कारण भी अधिक खून निकलने से इस समस्या के शिकार हो जाते हैं।

-हिमोग्लोबिन की कमी को दूर करने के लिए हमें खजूर, चने, हरी पत्तेदार सब्जियां आदि का सेवन करना चाहिए।

-हिमोग्लोबिन की कमी को दूर करने के लिए गाजर और चुकंदर खाने के साथ ही इसका रस, अनार का रस बहुत फायदेमंद होता है और हमें चाय, काफी का कम से कम सेवन करना चाहिए।

-ड्राई फ्रूट्स से एनीमिया के मरीजों को राहत मिलती है। ड्राई फ्रूट्स खाने से शरीर को आयरन मिलता है। इसलिए अखरोट का सेवन तो करना ही चाहिए, इसी के साथ काजू बदाम भी खाएं।

-वैसे तो घरेलू उपाय के माध्यम से भी आप शरीर में होने वाली खून की कमी को पूरा कर सकते हैं। लेकिन अगर आपके शरीर में ज्यादा खून की कमी है, तो तुरंत चिकित्सक को दिखाकर परामर्श लें। ताकि समय पर आप स्वस्थ हो सके।



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Wednesday, 24 March 2021

Weight loss: 2 हफ्तों में इन घरेलू उपायों से करें बढ़ते वजन को कम

नई दिल्ली। आज के समय की बदलती दिनचर्या के चलते लोगों के रहन सहन से लेकर खाने पीने के तौर तरीके में काफी बदलाव आया है। क्योंकि भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच लोगों के पास इतना भी नही हैं कि वो चैन की दो रोटी खा सकें। जिसके चलते वो जंक फूड या फिर बाहर का खाना लेना ज्यादा पसंद करते है जिसका परिणाम यह होता है कि या तो वे बीमार पड़े रहते है या फिर तेजी से वजन बढ़ने लग जाता है।

अब बढ़ते वजन कम करने के लिए लोग ना जानें कितना पैसा खर्च कर जाते है लेकिन इसका असर भी बेअसर सा दिखाई देता है। लेकिन कुछ चीजें ऐसी भी जिनका यूज आप घर बैठे बिना पैसे खर्च किए वजन को कम करने के लिए कर सकते हैं। इन घरेलू उपायों की मदद से आप अपने वजन को कम कर सकते है।

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तो आइए जानते हैं कि कैसे करें 2 हफ्तों में अपना वजन कम

सेब का सिरका:

सेब के सिरके का उपयोग सेहत को सही रखने के साथ वजन को कम करने के लिए भी किया जाता है इसमें एसिटिक एसिड की मात्रा काफी ज्यादा होती है जो शरीर के हाई कोलेस्ट्रॉल को कम करके मोटापे को कम करने में मदद करती है। इसका सेवन करने के लिए आप रोज सुबह 1 गिलास पानी में 1 चम्मच सेब का सिरका मिलाकर पिएं। चाहें तो इसमें आप शहद भी मिला सकते हैं।

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ग्रीन टी:

ग्रीन टी वजन कम करने में अहम भूमिका निभाती है। इसके लिए रोजाना दिन में 2-3 बार ग्रीन टी का सेवन करें।

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शहद और नींबू:

वजन कम करने के लिए नींबू का रस और शहद काफी फायदेमंद माना गया है इसका सेवन करने के लिए आप दिन में 3-4 बार 1 गिलास गरम पानी में आधा नींबू का रस और 2 चम्मच शहद मिलाकर पिएं।

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काली मिर्च:

काली मिर्च में पाइपरिन नामक रसायन होता है जो शरीर के फैट को कम करने में मदद करता है। इसके लिए आप भोजन में 1 चम्मच काली मिर्च मिलाकर इसका सेवन करें।

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एलोवेरा जूस:

पोषक तत्वों से भरपूर एलोवेरा जेल को कई तरह की बीमारी को दूर करने वाला सबसे अच्छा उपचार माना गया है यह वजन को कम करने भी मदद करता है।



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इलायची वाली चाय स्वाद से लेकर सेहत तक के लिए है फायदेमंद

चाय मेहमान नवाजी का सबसे अहम हिस्सा होती है। हर घर में चाय का उपयोग होता है। लेकिन क्या आपको पता है, गर्मी के मौसम में अदरक की जगह इलायची वाली चाय पीने से आपके शरीर में भी कई फायदे होंगे और यह चाय आपके शरीर को नुकसान भी नहीं करेगी।

आपको बता दें कि इलायची में पोटेशियम, मैग्नीशियम, विटामिन b1, B6 और कई विटामिन पाए जाते हैं।इलायची में फाइबर भी होता है और कैल्शियम भी रहता है। जो आपके शरीर में फैट को जमा नहीं होने देता है। इससे आपका वजन भी दिनोंदिन कम होता है।

-गर्मी के मौसम में इलायची वाली चाय बनाने के लिए आपको सबसे पहले एक बर्तन में पानी डालकर उबालना होगा। जैसे ही पानी उबलने लगेगा, उसमें थोड़ा अदरक और थोड़ी इलायची डालकर करीब एक डेढ़ मिनट तक फिर उबालें। इसके बाद इसमें चाय की पत्ती डाल दें और उबलने दें, जब ठीक से उबल जाए तो दूध डाल दें। अब 2 से 3 उबली आने के बाद इसे छानकर सर्व कर सकते हैं। यह चाय आपको टेस्टी लगने के साथ ही शरीर के लिए भी फायदेमंद होगी।

-जानकारों की माने तो इलायची वाली चाय पीने से शरीर में मौजूद विषैले तत्व बाहर निकलते हैं। इससे आप अपने आप को फ्रेश भी महसूस करेंगे और गर्मी के मौसम में आपको चाय का स्वाद भी अच्छा लगेगा। कई लोगों को चाय पीने से पेट फूलने की समस्या होती है। लेकिन अगर आप इलायची वाली चाय पीएंगे, तो उससे यह समस्या नहीं होगी। क्योंकि जब आप चाय में हरी इलायची का उपयोग करेंगे तो वह पेट फूलने नहीं देगी। इससे पाचन तंत्र भी मजबूत होता है।

-इलायची की चाय पीने से शरीर में बैड केलोस्ट्रोल भी कम होता है। यह एलडीएल कोलेस्ट्रोल को भी कम करने में मददगार होती है। इसलिए साधारण चाय की अपेक्षा इलायची वाली चाय पीना चाहिए।



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कच्चे पनीर से होते हैं शरीर को कई फायदे, आप भी सुन कर रह जाएंगे हैरान

पनीर का नाम आते ही लोगों के मुंह में पानी आ जाता है। क्योंकि पनीर ऐसी चीज है, जो लोगों को सब्जी के साथ ही अन्य खाद्य पदार्थों में भी बहुत अच्छी लगती है। लोग इसे शौक से खाते हैं। लेकिन क्या आपको पता है की पनीर को कच्चा खाने के अनगिनत फायदे हैं, आज हम उन्हीं फायदों के बारे में आपको बताएंगे।

पनीर में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन, वसा, कैल्शियम, फास्फोरस, फोलेट और कई न्यूट्रिएंट्स होते हैं। पनीर का सेवन करने से व्यक्ति का मानसिक तनाव दूर होता है, इसी के साथ शुगर लेवल भी कंट्रोल होता है। क्योंकि पनीर में सेलेनियम, कैल्शियम, फास्फोरस और पोटेशियम पाया जाता है। जो स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक होता है। पनीर खाने से व्यक्ति की याददाश्त भी बढ़ती है और हड्डियां भी मजबूत होती है।

-वैसे तो पनीर का सेवन शरीर के लिए काफी फायदेमंद है। लेकिन उसे खाने का वक्त भी सही होना चाहिए। कच्चा पनीर आपको दोपहर के भोजन से 1 घंटे पहले खाना ठीक रहता है। क्योंकि इससे आप अधिक खाने से बच जाते हैं। इसी के साथ एक्सरसाइज के कुछ घंटे बाद भी पनीर का सेवन लाभदायक रहता है। इसके बाद आप रात को सोने से करीब 1 घंटे पहले भी पनीर खा सकते हैं।

-वैसे तो बाजार की चीजें खाने से आपका मोटापा बढ़ता है। लेकिन अगर आप पनीर का सेवन करेंगे, तो यह मोटापे से मुक्ति दिलाएगा। इसमें लिनेलाइक एसिड की मात्रा होती है। जो शरीर में फैट बर्न करने की रफ्तार को तेज करता है।

-अगर आपके शरीर की हड्डियां कमजोर है। तो आपको पनीर का इस्तेमाल करना चाहिए। पनीर में कैल्शियम, फास्फोरस होने के कारण यह आपका इम्यून सिस्टम तो मजबूत करता ही है, साथ ही तनाव को दूर करने में भी मदद करता है। आज की व्यस्तम जिंदगी में काम के अत्यधिक प्रेशर के चलते कई लोग टेंशन की चपेट में आ जाते हैं। इसके लिए कच्चे पनीर का सेवन करना बहुत जरूरी है।

-कच्चे पनीर का सेवन करने से इम्यून सिस्टम, कॉलेस्ट्रॉल लेवल, शुगर लेवल, बाबासीर आदि के लिए काफी फायदेमंद होता है। अगर आप रोजाना एक समय भी कच्चे पनीर का सेवन करेंगे, तो आपके शरीर में फाइबर की कमी पूरी हो जाएगी। इससे आपको कई समस्याओं से निजात मिलेगी।



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विश्व क्षय दिवस 2021 : क्या है टीबी रोग, जानिए इसके लक्षण और कारण

नई दिल्ली। 24 मार्च का दिन विश्व में टीबी या तपेदिक दिवस के रूप में मनाया जाता है क्योंकि आज ही के दिन साल 1882 में जर्मन के फिजिशियन और माइक्रोबायोलॉजिस्ट रॉबर्ट कॉच ने टीबी के जीवाणु माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस की खोज की थी। इसके बाद से लोगों को इस खतरनाक बीमारी से छुटकारा मिलने लगा था। टीबी रोग काफी खतरनाक और संक्रामक बीमारी होती है, जो ट्यूबरक्‍युलोसिस बैक्टीरिया के कारण होती है।

इस बीमारी का सबसे ज्यादा असर फेफड़ों से लेकर ब्रेन, यूटरस, मुंह, लिवर, किडनी, गले आदि में भी पड़ता है। यह बीमारी ज्यादातर ऐसे लोगों को होती है जिनके शरीर में पौषण में कमी होती है खान पान सही नही होने के कारण यह बीमारी कमजोर लोगों पर सीधे अटैक करती है। यह रोग हवा के जरिए एक इंसान से दूसरे इंसान में असानी से फैल जाता है। इसका यदि सही समय पर सही इलाज ना किया जाए तो यह जानलेवा होजाती है।

क्षय रोग होने के कारण-

क्या आप जानते कि इस बीमारी के होने की सबसे बड़ी वजह हम खुद होते है क्योंकि सही समय पर खान पान ना होने के चलते, या फिर बाहर का खुला खाना खाकर, घर पर रखा बासा भोजन करने से टीबी रोग होने के खतरे बढ़ जाते है। टीबी जीवाणु के कारण होती है इस जीवाणु को माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसि नाम से जाना जाता है। यदि कोई व्यक्ति इस जीवाणु के संपर्क में आता है और जीवाणु से ग्रसित व्यक्ति के पास कोई दूसरा व्यक्ति बैठ जाता है तो ग्रसित व्यक्ति के मुँह से निकले छींटे दूसरे व्यक्ति के पास तेजी से पंहुच जाते है जिससे वो व्यक्ति भी संक्रमित हो सकता हैं।

यदि इस रोग के लक्षणों को सही समय पर पहचान लिया जाए तो सही इलाज करने से इस बीमारी को खत्म किया जा सकता है।

आइये जानते है टीबी के लक्षणों के बारे मे...

क्षय रोग (टीबी) के लक्षण-

1. तीन हफ़्तों से ज्यादा समय तक लगातार खांसी का बने रहना।

2. खांसी के साथ साथ बुखार का आना और ठण्ड लगना ।

3. सीने में दर्द होना और खांसते वक्त दर्द का बढ़ जाना।

4. इस रोग के होने से कमजोरी और थकाबट का आना।

5. भूख न लगना तथा वजन का कम होना।

6. रात में सोते समय बैचेनी होने के साथ अधिक पसीना आना।

उपचार तथा देखभाल-

क्षय रोग (टीबी) संक्रमित रोग होता है जिसके कारण यह शरीर के अन्य हिस्से जैसे की हड्डियां, मष्तिष्क, पेट, लीवर, किडनी पर तेजी से असर कर सकता है। इस रोग का इलाज डॉक्टर तथा डाइइटीएन की सलाह के साथ महिनों तक चलता है।

टीबी के इलाज के दौरान मरीज को कई प्रकार की एंटीबायोटिक दवाईयां दी जाती है जो शरीर के अंदर मौजूद माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसि जीवाणु को नष्ट करने में मदद करती है। लेकिन इलाज के दौरान मरीज कुपोषित होने लगता है जिससे शरीर कमजोर होने के साथ वजन कम होने लगता है, खून की कमी जैसी अन्य समस्याएं उत्पन्न होने लगती है।

टीबी के मरीजों के लिए सही आहार एवं का पोषण :

टीबी के साथ कुपोषण की कमी को दूर करने के लिए मरीजों को टीबी की एंटीबायोटिक दवाइयों के साथ साथ मल्टीविटामिन्स, मल्टीमिनरल्स तथा उचित मात्रा में एनर्जी, प्रोटीन, फैट, कार्बोहाइड्रेट्स, तथा भोजन में फाइबर की सही मात्रा लेना जरुरी है जो की इस प्रकार हैं।

प्रोटीन: शरीर की हड्डियां मजबूत बनी रहे इसके लिए प्रोटीन की मात्रा 1.2 से लेकर 1.5 ग्राम रोज लेना चाहिए। प्रोटीन तथा ऊर्जा की उचित मात्रा के साथ विटामिन्स और मिनरल्स जैसे की विटामिन डी, विटामिन इ, विटामिन सी, विटामिन ए, बी काम्प्लेक्स विटामिन, के साथ कैल्शियम उचित मात्रा में लेना चाहिए।

इसके अलावा टीबी के मरीज को अपने खान-पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। रोज संतुलित आहार लेना चाहिए। सन्तुलिन आहार में आपकी थाली में सभी प्रकार के खाद्य पदार्थ जैसे दालें, दूध, दही, घी, पनीर, हरी सब्जियां खाने में सम्मलित करें। इस प्रकार के आहार लेने से हम टीबी से होने वाली मृत्यु दर को रोक सकते है और इस बीमारी से अपने आप का बचाव भी कर सकते है।



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रोज सोने से पहले खाएं दो लौंग, शरीर को होंगे गजब के फायदे

वैसे तो सभी जानते हैं कि लौंग में औषधीय गुण होते हैं। लोग इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए घर में बनाने वाले काढ़े में भी इसका इस्तेमाल करते हैं। लेकिन कुछ लोगों को इसके फायदों के बारे में नहीं पता है। आज हम लौंग से होने वाले फायदों के बारे में बताएंगे। अगर आप रोज दो लौंग भी खाते हैं। तो यह आपके शरीर के लिए बहुत लाभदायक होगा।

आपको बता दें कि लौंग में एंटीऑक्सीडेंट की भरपूर मात्रा होती है। ऐसे में अगर आप रात को सोने से पहले 2 लौंग खाएंगे, तो आपके शरीर को कई लाभ होंगे। लौंग खाने के बाद आपको हल्का गर्म पानी पीना चाहिए। इससे जब आप सुबह उठेंगे तो पेट भी साफ हो जाता है। शरीर में भी ताजगी महसूस होगी। इससे इम्युनिटी सिस्टम तो मजबूत होता ही है, साथ ही शरीर में होने वाली कमजोरी भी दूर होगी।

-लौंग का सेवन करने से शरीर में बने रहने वाले सर्दी या बुखार की समस्या से भी निजात मिलती है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होने के कारण यह संक्रमण और जीवाणुओं का विकास भी रोकता है।

-अगर आपको सूजन की समस्या है, तो लौंग का सेवन करना चाहिए। क्योंकि लौंग में यूजेनिया नामक गुण होता है। जो एंटी इन्फ्लेमेटरी एजेंट काम करता है और यह गले और मसूड़ों में होने वाली सूजन को भी कम करता है। लौंग खाने से सूजन कम होती है।



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Tuesday, 23 March 2021

दालचीनी खाने से कंट्रोल होगा ब्लड शुगर लेवल, इस तरह करें उपयोग

खानपान में आए बदलाव और बदलती दिनचर्या के कारण डायबिटीज की समस्या हर चौथे व्यक्ति को नजर आने लगी है। इस पर समय रहते ध्यान दे दिया जाए तो ठीक, वरना इसे कंट्रोल करना किसी चुनौती से कम नहीं होता है। इसलिए आज हम आपको बताएंगे किस प्रकार आप दालचीनी का उपयोग करके डायबिटीज लेवल को नियंत्रित कर सकते हैं।

जानकारी के अनुसार डायबिटीज से पीड़ित रोगियों के शरीर में इंसुलिन हार्मोन की कमी हो जाती है। इस कारण डायबिटीज के मरीजों के ब्लड में ग्लूकोस का लेवल बढ़ जाता है। ऐसे में यह बीमारी बढ़ते हुए दूसरी बीमारियों को भी अपनी चपेट में ले लेती है। इसलिए समय पर ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करना बहुत जरूरी होता है।

आपको बता दें कि दालचीनी को पीसकर चूर्ण बना लेना चाहिए। जिसे सिनेमन पाउडर के नाम से भी जाना जाता है। जानकारों की माने तो यह anti-diabetic फूड के रूप में भी पहचाना जाता है। दालचीनी के पाउडर का रोजाना उपयोग करने से शुगर लेवल कम किया जा सकता है। इससे व्यक्ति अपने आप को भी स्वस्थ महसूस करेगा।

यह तो सभी को पता है कि खाना खाने के बाद शुगर का लेवल बढ़ जाता है। ऐसे में अगर आप भोजन करने के बाद दालचीनी का उपयोग करेंगे। तो वह आपके ब्लड शुगर को कंट्रोल करेगा। क्योंकि दालचीनी खाना खाने के बाद ब्लड स्ट्रीम में जाने वाले ग्लूकोस के लेवल को कम करता है। इसलिए डायबिटीज के रोगी को इसका उपयोग करना चाहिए। अगर आप हर दिन करीब 6 ग्राम दालचीनी का सेवन करते हैं। तो डायबिटीज लेवल काफी कंट्रोल में रहेगा।

डायबिटीज के रोगी अगर समय पर ध्यान नहीं दे, तो उन्हें हार्ट से जुड़ी समस्याएं भी घेर लेती हैं। जानकारों की माने तो दालचीनी के सेवन से कोलेस्ट्रॉल लेवल भी नियंत्रित रहता है। इसका नित्य उपयोग करने से हार्ट संबंधी रोगों से भी निजात मिल सकती है। दालचीनी को एंटीऑक्सीडेंट का स्रोत भी माना जाता है। इसमें पॉलीफेनोल्स होता है। जो डायबिटीज के कारण होने वाली समस्याओं को रोकता है।

दालचीनी को निर्धारित मात्रा में ही लेना चाहिए। अधिक मात्रा में खाने से नुकसान भी होता है। जानकारों की माने तो डायबिटीज के रोगियों को अपनी डाइट में दिन में तीन बार करके करीब 500 मिलीग्राम दालचीनी से अधिक नहीं खाना चाहिए। दालचीनी से बना हुआ काढ़ा भी पी सकते हैं और इसका पाउडर भी उपयोग कर सकते हैं। हालांकि यह जानकारी घरेलू नुस्खे के अनुसार दी जा रही है। अगर आपका डायबिटीज लेवल अत्यधिक कम या ज्यादा है। तो चिकित्सक को जरूर दिखाएं। ताकि समय रहते बीमारी पर नियंत्रण किया जा सके।



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आंखों की रोशनी बढ़ाती है भिंडी, रोजाना उपयोग से वजन भी होगा कम

गर्मी का सीजन शुरू होते ही बाजार में भिंडी की आवक शुरू हो जाती है। लोग वैसे तो इसे बड़े शौक से खाते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि भिंडी का रोजाना सेवन करने से आंखों की रोशनी तो बढ़ती ही है यह आपका वजन भी कम करती है। इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व के कारण आपके शरीर को भी कई फायदे भी होते हैं। आज हम भिंडी के बारे में आपको विस्तार से बताएंगे।

जानकारी के अनुसार भिंडी में पर्याप्त मात्रा में फाइबर होता है। इसी के साथ इसमें कई विटामिन, मिनरल्स और पोषक तत्व होते हैं। भिंडी में anti-obesity गुण होता है। जो वजन को नियंत्रित करने में मददगार रहता है। इसी के साथ इसमें बेहतरीन कार्ब्स होते हैं। जो आपके शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं। आज हम आपको भिंडी से होने वाले फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं।

-कोरोना महामारी के चलते हुए लॉक डाउन के कारण लाखों लोग वर्क एट होम के तहत घर से ही स्क्रीन पर काम करते हैं। ऐसे में उनकी आंखों की रोशनी भी प्रभावित हो रही है। चूंकि भिंडी में बीटा कैरोटीन होता है, जिससे आंखों की रोशनी बढ़ती है, इसलिए अगर आप भी स्क्रीन पर काम कर रहे हैं या आंखों में कमजोरी झलक रही है, तो आज से ही भिंडी का सेवन शुरू कर दें।

-अगर आप को पेट से संबंधित कोई समस्या है। तो भिंडी का सेवन करें। क्योंकि भिंडी में पर्याप्त मात्रा में फाइबर होता है। जिससे कब्ज, एसिडिटी की समस्या तो खत्म होगी, साथ ही आपका डाइजेशन भी ठीक रहेगा।

-भिंडी मोटापा कम करने के लिए भी काफी फायदेमंद होती है। क्योंकि इसमें एंटी ओबेसिटी गुण होता है। जो वजन को कंट्रोल करने में मददगार होता है। जो लोग अपना वजन कम करना चाहते हैं, उन्हें भिंडी का उपयोग शुरू कर देना चाहिए।

-अगर आपकी त्वचा गर्मियों में रूखी और बेजान नजर आने लगे, तो भिंडी का सेवन शुरू कर दें। क्योंकि इसमें विटामिन सी पाया जाता है। जिससे आपके चेहरे की डेड स्किन ठीक होगी और इसमें beta-carotene और विटामिन ए भी होता है जो आपकी त्वचा को निखारने में मददगार होगा। भिंडी को लोग सब्जी बनाकर भी खाते हैं, इसी के साथ कई लोग भरवा भिंडी तो कई अन्य प्रकार से भी इसकी सब्जी बनाते हैं। यह रोटी के साथ ही चावल आदि के साथ भी बड़े शौक से खाई जाती है।



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वर्कआउट के दौरान ना करें ये गलतियां

नई दिल्ली। आज के समय में वर्कआउट हमारी जीवनशैली का अहम हिस्सा बन चुका है यह शरीर को स्वस्थ बनाने के साथ ऊर्जावान बनाने में मदद करता है। लेकिन वर्कआउट करते समय में आपको सही तरीके से करने के बारे जानकारी होना चाहिए, तभी आप इसके अच्छे परिणाम पा सकते हैं। यदि आप वर्कआउट के सही तरीके के बारे में अनजान है तो आज हम आपको बता रहें है इसके बारे में। जानिंए वर्कआउट के दौरान किस तरह की गलतियों से बचना चाहिए...

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वर्कआउट के दौरान क्या करें और क्या नहीं

1. वार्म-अप

वर्कआउट करते वक्त आपको स्किप नहीं करना चाहिए। हैवी वर्कआउट करने से पहले आप वार्म अप करें इससे आपके मसल्स मजबूत बनेगें।

2. स्ट्रेच
वर्कआउट करने से पहले स्ट्रेचिंग करना बेहद फायदेमंद होता है इसे हमेशा वार्म-अप करने के बाद ही किया जाना चाहिए। स्ट्रेचिंग करने से मासपेशियां ढीली होती हैं लेकिन इसे करते वक्त इस बात का खास ध्यान रखें कि पहले आप तनावमुक्त रहे। क्योंकि तनाव रहने से स्‍ट्रेचिंग में मन नहीं लगता, जिससे चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है।

3. पानी की बोतल

वर्कआउट करने के लिये आप जब भी जिम जाएं, तो अपने साथ पानी की बोतल जरूर रखें। अगर आपको वर्कआउट के दौरान प्यास लगती है तो इसका मतलब है कि आप डिहाइड्रेटेड है।

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वर्कआउट के दौरान ना करें ये काम

1. हैवी वेट लिफ्टिंग

जब आप वेट लिफ्टिंग के लिये वजन उठाते है, तो उससे पहले अपने सलाहकार से वजन के बारे में पूछ लें। अगर आपको लगता है कि आप ज्यादा वजन उठाने के लिए तैयार है तभी वजन उठाएं। अधिक हैवी वेट लिफ्ट ना करें।

2. मशीन पर लेटना

जिम में मौजूद मशीन जैसे स्टेयर क्लाइम्बर, ट्रेडमिल, क्रॉस ट्रेनर्स पर लेटकर एक्सरसाइज भूलकर भी ना करें। ऐसा करने से कमर और कलाई पर दबाव पड़ने से चोट आ सकती है।

3. एनर्जी बार और ड्रिंक्स

वर्कआउट के दौरान अक्सर लोग एनर्जी ड्रिंक्स का सेवन ज्यादा मात्रा में करते हैं जो गलत है दो घंटे के वर्कआउट में इन चीजों के सेवन से दूर रहें, क्योंकि इनमें कैलोरी की मात्रा अधिक होती हैं।



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