Saturday, 30 April 2022

Don't Take Medicine With These Drinks: दवा खाते हुए आप तो नहीं करते ये भूल, इन 5 ड्रिंक्स के साथ कभी न खाएं मेडिसिन

दवा खाने के लिए पानी के अलावा अगर आप किसी अन्य ड्रिंक का यूज करते हैं तो आप ऐसा कर अपनी सेहत से खिलड़वाड़ कर रहे होते हैं। कई बार लोग दूध, जूस या किसी भी अन्य ड्रिंक के साथ दवा ले लेते हैं। ऐसा करने से कई बार या तो दिक्कत बढ़ सकती हैं या दवा शरीर में पूरी तरह से अवशोषित नहीं हो पाती। इससे शरीर में दवा का असर कम होता है।

इन 5 चीजों के साथ दवा खाने के होते हैं नुकसान-disadvantages of eating medicine with 5 things

साइट्रस जूस- साइट्रस जूस के साथ दवा खाने से बचना चाहिए। कई बार लोग ऑरेंज जूस के साथ दवा खाने लगते हैं। ऐसा करने से दवा को डिजॉल्व होने में लंबा समय लगता है। विटामिन सी के कारण कई बार दवा का अवशोषण भी बाधित होता है।

कोल्ड ड्रिंक- किसी भी प्रकार के कोल्ड ड्रिंक या सोडे के साथ दवा खाना भी हानिकारक होता है। कई बार दवा का साइड इफेक्ट भी होता है। कुछ दवाएं सोडा या ऐसे ड्रिंक के साथ रिएक्ट कर सकती हैं।

एनर्जी ड्रिंक्स- दवाई खाने के लिए एनर्जी ड्रिंक्स का भी प्रयोग नहीं करना चाहिए। इससे दवा को डिजॉल्व होने के टाइम लगता है औँर ये पूरी क्षमता के साथ अपना असर शरीर पर नहीं छोड़ पाती हैं।

कॉफी- कॉफी के साथ दवा खाने के कई साइड इफेक्ट्स हैं। पहला कैफीन के साथ कई बार दवा ओवर रिएक्ट करती है या दवा का अवशोषण रुक जाता है। दूसरे गर्म चीजों के साथ दवा लेना उसकी क्षमता को कम कर डिजाल्व होने में परेशानी का कारण बनता है।

लस्सी या छाछ- छाछ, लस्सी या दूध के साथ दवाई का सेवन भी सही नहीं है। छाछ से दवाई के अवशोषण और टूटने की प्रक्रिया प्रभावित होती है

तो दवा को केवल पानी के साथ लें और वह भी नार्मल पानी के साथ उसका सेवन करना चाहिए। बहुत गर्म या ठंडा पानी भी सही नहीं होता है।

डिस्क्लेमर- आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए दिए गए हैं और इसे आजमाने से पहले किसी पेशेवर चिकित्सक सलाह जरूर लें। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने, एक्सरसाइज करने या डाइट में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।



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Coconut Water Benefits: गर्मियों में नारियल पानी पीने से मिलते हैं गजब के फायदे, शरीर को हाइड्रेट रखने में होता है मददगार

Coconut Water Benefits: गर्मियों के मौसम में चिलचिलाती धूप से खुद को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी होता है। क्योंकि हम दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी नही पी पाते है, जिसकी वजह से शरीर में डिहाइड्रेशन और कई तरह की समस्याएं होने लगती है। नारियल पानी पीने से शरीर में होने वाली पानी की कमी को पूरा करने में मदद मिलता है। गर्मी में रोजाना नारियल पानी पीने से कई तरह के स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं। नारियल पानी पीने से त्वचा पर चमक आती है और वजन भी नियंत्रित रहता है। साथ ही, यह सिर दर्द की समस्याओं से भी राहत दिलाता है। तो आइए जानते हैं गर्मियों में नारियल पानी पीने के फायदे के बारे में

नारियल पानी पीने के फायदे


1. शरीर को हाइड्रेट रखता

शरीर को हाइड्रेट रखने में नारियल पानी का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद है। नारियल पानी में 90% पानी नहीं होता है। शरीर में पानी की कमी होने पर नारियल का पानी पीना फायदेमंद होता है, जो पानी की कमी को पूरा करने में सहायक होता है। साथ ही आपको डिहाइड्रेशन की समस्या भी बचाता है।

यह भी पढ़े: वजन कम करने के साथ ही हड्डियों को मजबूत बनाने में मददगार होता है, पीनट बटर

2. पाचन तंत्र स्वस्थ रखता

पाचन तंत्र स्वस्थ रखने में नारियल का पानी बहुत ही लाभदायक होता है। क्योंकि नारियल पानी में उच्च मात्रा में फाइबर और मैग्नीशियम पाए जाते हैं, जो पेट के लिए काफी फायदेमंद होता है। पेट की समस्याओं को दूर करने के जितना हो सके, उतना तरल पदार्थ का सेवन जरुर करना चाहिए। नियमित रूप से नारियल पानी का सेवन करने से पाचन तंत्र स्वस्थ रहता है और साथ ही, कब्ज और अपच की समस्या भी कम हो जाती है।

3. सिरदर्द से राहत मिलता

गर्मियों के मौसम में कई लोग सिर दर्द की समस्या से परेशान रहते हैं। अक्सर धूप की वजह से लोगों में यह समस्या बनी रहती है। इसके पीछे का कारण डिहाइड्रेशन भी हो सकता है। ऐसे में नारियल पानी का सेवन करना सिर दर्द से राहत दिलाने में फायदेमंद होता है। तुरंत नारियल पानी पीने से शरीर को उसी वक्त इलेक्ट्रोलाइट्स मिल जाते हैं जिससे कि स्थिति संभल जाती है और पानी की कमी को भी कंट्रोल किया जा सकता है।

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4. वजन कम करने में फायदेमंद

वजन कम करने के लिए नारियल पानी का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद साबित होता है। क्योंकि नारियल पानी पीने से शरीर को सभी आवश्यक तत्व मिल जाते हैं, जिससे पेट बहुत देर तक भरा रहता है। साथ ही, भूख भी जल्दी नहीं लगती है, जिससे आप अधिक खाने से बच सकते हैं और अपने वजन को आसानी से कम कर सकते हैं।

डिस्क्लेमर- आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए दिए गए हैं और इसे आजमाने से पहले किसी पेशेवर चिकित्सक सलाह जरूर लें। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने, एक्सरसाइज करने या डाइट में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।



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Kadha Side Effects: काढ़ा बनाते समय इन 5 बातों का रखें ख्याल, नहीं तो फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

Kadha Side Effects: अक्सर सर्दी-जुकाम, बुखार से बचने के लिए हम काढ़ा का सेवन करते हैं, इसे कई तरीकों के नेचुरल चीजों से मिलाकर बनाया जाता है, जिसका सेवन स्वास्थ्य के लिए बहुत ही ज्यादा फ़ायदेमन्द होता है। लेकिन इस बात को भी ध्यान में रखने कि जरूरत होती है कि ये जितना ज्यादा फ़ायदेमन्द होता है, उतना ज्यादा नुकसानदायक भी हो सकता है। इसलिए सावधानी बरतने कि बेहद खास आवश्य्कता होती है। यदि इसमें कोई भी सामग्री जरूरत से ज्यादा हो जाती है तो सेहत को कई सारे नुकसान झेलने पड़ सकते हैं, जिनके बारे में आपको भी पता होना चाहिए।

-कई लोग काढ़ा बनाते समय जरूरत से ज्यादा हल्दी, काली मिर्च, लौंग को डाल देते हैं, लेकिन इस बात को ध्यान में रखना है कि आधा चम्मच से ज्यादा कुछ भी ज्यादा मात्रा में नहीं होना चाहिए क्योंकि वहीं ये फायदे कि जगह सेहत को कई सारे नुकसान पंहुचा सकते हैं इससे बॉडी में डिहाइड्रेशन कि समस्या भी उत्पन्न हो सकती है।

-बॉडी को स्वस्थ बना के रखने के लिए और इम्युनिटी को बूस्ट करने के लिए अक्सर लोग काढ़े का सेवन करते हैं, लेकिन हर चीज़ को नेचुरल समझ कर इसमें बिना जाने-समझें न मिलाएं। नहीं तो इनके फायदे कि जगह बॉडी को कई सारे नुकसान भी भुगतने पड़ सकते हैं।

-काढ़े में कई मसाले ऐसे होते हैं जो तासीर में गर्म होते हैं, इसलिए एक-साथ ज्यादा मात्रा में काढ़े का सेवन नहीं करना चाहिए। वहीं यदि गर्मी का मौसम है तो इस बात को ध्यान में रखे कि एक गिलास से ज्यादा इसका अधिक मात्रा में सेवन बिल्कुल न करें।

- इस बात का खासतौर पर ध्यान रखें कि कितनी मात्रा में इसका सेवन कर रहे हैं वहीं कौन से मसालों का उपयोग इन्हें बनाने में कर रहे हैं, क्योंकि ज्यादा मात्रा में काढ़ा पीने से लिवर में इन्फेक्शन का खतरा बढ़ सकता है, वहीं ये लिवर फेलियर का कारण भी बन सकता है।

-यदि कब्ज, पेट दर्द, पेट में गैस या पेट से जुड़ी अन्य समस्या रहती है तो काढ़े के ज्यादा मात्रा में सेवन से बचना चाहिए, क्योंकि इसमें मसालों कि मात्रा बहुत ही ज्यादा होती है जो कि कब्ज, अपच के जैसे कई दिक्कतों को बढ़ सकती हैं, वहीं यदि आप इसके सेवन को पसंद इसकी मात्रा के ऊपर भी खासतौर पर अधिक ध्यान देने कि जरूरत होती है।

यह भी पढ़ें: स्ट्रेस या एंग्जायटी की समस्या से रहते हैं परेशान, तो ये आयुर्वेदिक उपाय आ सकते हैं काम

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Peanut Butter Benefits: वजन कम करने के साथ ही हड्डियों को मजबूत बनाने में मददगार होता है, पीनट बटर

Peanut Butter Benefits: पीनट बटर का सेवन करने से स्वास्थ्य को कई तरह के लाभ मिलता है। क्योंकि पीनट बटर में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन, सोडियम, मैग्नेशियम, कैल्शियम और फोलेट की भरपूर मात्रा पाया जाता है जो कई बीमारियों से बचाने के साथ-साथ आपको एनर्जेटिक भी बनाए रखता है। इसलिए इसे सुपर फूड भी कहते हैं। पीनट बटर प्रोटीन और हेल्दी फैट के लिए सबसे अच्छा स्रोत मान जाता है। ये डायबिटीज से लड़ने में मदद करता है। साथ ही वजन कम करने और हृदय को स्वस्थ रखने में सहायक होता है। तो आइए जानते हैं पीनट खाने की वजह से होने वाले फायदे के बारे में

पीनट बटर खाने के फायदे


1. डायबिटीज के लिए फायदेमंद

डायबिटीज में पीनट बटर का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद है। यह डायबिटीज से लड़ने में मदद करता है। इसके सेवन से खासतौर से टाइप 2 डायबिटीज के जोखिम को कम करने में मदद मिलती है। पीनट बटर प्रोटीन और हेल्दी फैट के लिए सबसे अच्छा स्रोत होता है, जिसकी वजह से इन्सुलिन नियंत्रित रहता है।

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2. दिल के लिए फायदेमंद

दिल को स्वस्थ रखने में पीनट बटर का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद होता है। पी-कौमरिक नाम का एसिड पीनट बटर में पाया जाता है जो, हृदय रोगों से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में सहायक होता है। साथ ही इसमें अनसैचुरेटेड फैट होता है जो, स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है।

3. पाचन तंत्र को बेहतर बनाता

पाचन तंत्र को बेहतर बनाने के लिए पीनट बटर का सेवन करना फायदेमंद साबित होता है। क्योंकि पीनट बटर में फाइबर की भरपूर मात्रा पाई जाती है, जो पाचन तंत्र को बेहतर और मजबूत बनाने का काम करता है। नियमित रूप से पीनट बटर का सेवन करने से पाचन तंत्र मजबूत होता है, जो पेट से जुड़ी समस्याओं को दूर कर सकता है।

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4. वजन कम करने में फायदेमंद

वजन कम करने के लिए पीनट बटर का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद होता है। पीनट बटर के एक बड़े चम्मच में 100 कैलोरी पायी जाती है। साथ ही पीनट बटर में प्रोटीन और फाइबर की भरपूर मात्रा होती है, जो आपके पेट को लंबे समय तक भरा हुआ रखता है। इसके सेवन से भूख भी जल्दी नहीं लगती है। नियमित रूप से पीनट बटर का सेवन करना वजन कम करने के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

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Symptoms Of Asthma: ये संकेत बताते हैं आप अस्थमा के हो रहे शिकार, पहचानें लक्षण

अस्थमा यानी दमा एक जानलेवा बीमारी है और अगर इसे समय पर कंट्रोल न किया जाए तो इससे तमाम तरह की परेशानियां हो सकती है। सांस से जुड़ी इस बीमारी का अटैक कभी भी आ सकता है, इसलिए इसके प्रिकॉश्न पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

अस्थमा होने से पहले शरीर में कई तरह के संकेत नजर आते हैं और अगर समय रहते इन संकेतों को समझ कर एतिहात लिया जाने लगे तो सांस की समस्या को अस्थमा में बदलने से रोका जा सकता है। तो चलिए जानें अस्थमा के संकेत क्या हैं।

अस्थमा यानि दमा के लक्षण-symptoms of asthma

बार-बार खांसी आना- अगर आपको बिना सर्दी-जुकाम के भी खांसी आती रहती है और कई खांसी लगातार आने से सांस भी लेना मुश्किल होने लगता है। तो ये संकेत अस्थमा के हैं। अगर ऐसा बार-बार हो तो अपने डॉक्टर से जरूर संपर्क करें।

सांस लेते समय सीटी बजने जैसी आवाज-सांस लेते समय अगर सीटी की आवाज या घरघराहट होती है, तो यह अस्थमा का संकेत हो सकता है। कई बार सांस लेने के साथ कफ भी आता है।

सांस फूलना- बिना किसी काम या थकान के सांस फूलने लगती है, तो यह अस्थमा का लक्षण हो सकते है। मौसम बदलने पर भी अगर आपको ऐसी दिक्कत हो तो अपनी जांच जरूर कराएं।

सीने में जकड़न और भारीपन- दिल की बीमारी में जकड़न और भारीपन की समस्या आम है, लेकिन अगर आपको ये बीमारी नहीं है और ऐसे संकेत दिख्रते हैं तो ये अस्थमा का इशारा करते हैं।

इन संकेतों पर भी दें ध्यान
अस्थमा की परेशानी रात में या सुबह के समय और भी गंभीर हो जाती है, यानी सांस फूलना, बार-बार खांसी आना और सीने में जकड़न जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। इसके अलावा ठंडी हवा में सांस लेने पर भी स्थिति गंभीर हो जाती है। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो यह अस्थमा का संकेत हो सकता है। आपको तुरंत अपने डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

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Home Remedies: कमजोरी होने पर आप हो सकते हैं कई बीमारियों के शिकार, तुरंत एनर्जी पाने के लिए करें ये घरेलू उपचार

Home Remedies: आजकल के व्यस्त जीवनशैली में शरीर बहुत ज्यादा थक जाता है, जिसके कारण हम कमजोरी के शिकार होने लगते है। कमजोरी का एहसास होने पर सेहत का ध्यान रखना बहुत ही जरूरी होता है। थोड़ी सी लापरवाही आपके लिए कई बीमारी का रूप ले सकती। क्योंकि शरीर कमजोर होने पर हमारा इम्यूनिटी सिस्टम कमजोर हो जाता है। इसलिए अपनी सेहत का खासतौर पर ध्यान रखें। कमजोरी को दूर करने के लिए ज्यादातर लोग दवा का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन आप कुछ घरेलू उपाय अपना कर भी इस समस्या से राहत पा सकते हैं। तो आइए जानते हैं इन घरेलू उपाय के बारे में जो इस समस्या आपको राहत दिला सकते है

कमजोरी दूर के घरेलू उपाय


1. स्प्राउट्स

स्प्राउट्स सेवन करने से कमजोरी की समस्या से राहत मिलती है। अगर आप भी कमजोरी महसूस कर रहे हैं तो स्प्राउट का सेवन जरूर करें। यह आपको भरपूर एनर्जी देता है। इसके लिए आप चना या मूंग दाल को भी रात को भिगोकर सुबह खा सकते हैं या फिर किशमिश को रात में भिगोकर सुबह उसके पानी का सेवन करने से भी शरीर की कमजोरी को कुछ ही दिनों में खत्म किया जा सकता है।

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2. बादाम

शरीर की कमजोरी को दूर करने में बादाम का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद होता है। अगर आप नियमित रूप से बादाम का सेवन करते हैं, तो आप कमजोरी की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। साथ ही यह आपको एनर्जी देने का काम करता है, जिससे सारे थकान खत्म हो जाते हैं।

3. खजूर

खजूर शरीर की कमजोरी को दूर करने में बहुत ही फायदेमंद साबित होता है। अगर आप भी कमजोरी को दूर करना चाहते हैं तो नियमित रूप से सुबह खाली पेट खजूर का सेवन जरूर करें। इससे आपको एनर्जी मिलेगी और साथ ही कमजोरी से छुटकारा भी।

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4. केला

केला का सेवन करने से शरीर में एनर्जी मिलती है जो कमजोरी को दूर करने में मदद करता है। केला कमजोर शरीर को स्वस्थ बनाता है। साथ ही ये आपके शरीर को मोटा और पुष्ट बनाता है। इसलिए आप नियमित रूप से केले का सेवन जरूर करें।

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Tips To Reduce Stress: स्ट्रेस या एंग्जायटी की समस्या से रहते हैं परेशान, तो ये आयुर्वेदिक उपाय आ सकते हैं काम

Tips To Reduce Stress: आजकल कि लाइफस्टाइल और डाइट ऐसी हो गई है कि अधिकतर लोग स्ट्रेस की समस्या से परेशान रहते हैं, वहीं कई बार लोग इतना ज्यादा चिंता में आ जाते हैं कि वे पैनिक अटैक का शिकार तक हो जाते हैं। लेकिन कुछ ऐसे उपाय भी होते हैं जिनको अपनाते हैं तो स्ट्रेस और तनाव की समस्या को दूर किया जा सकता है। जैसे सुबह रोजाना उठ के वॉक में जाना, व्ययाम करना ये सारे ऐसे उपाय हैं जिनको यदि अपनाते हैं तो शारीरिक सेहत के साथ मानसिक सेहत भी स्वस्थ बनी रहती है। इसलिए, जानिए इन आयुर्वेदिक टिप्स के बारे में भी जो स्ट्रेस की समस्या को दूर करने में मदद कर सकते हैं।

1.अश्वगंधा का करें सेवन
अश्वगंधा का सेवन सेहत के लिए बहुत ही ज्यादा बेहतरीन माना जाता है, इसके सेवन से शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक समस्या भी दूर रहती है। रोजाना इसके खाली पेट सेवन से दिमाग से लेकर मन दोनों को शक्ति और शांति मिलती है। यदि आप डिप्रेशन का शिकार हैं तो इसका सेवन माइंड को रिलैक्स करने में मदद कर सकता है। दिमाग से जुड़ी समस्या जैसे कि स्ट्रेस या एंग्जायटी को दूर करने के लिए अश्वगंधा का सेवन कर सकते हैं।

 

2.अम्बा यानी कच्ची हल्दी को करें रोजाना के डाइट में शामिल
कच्ची हल्दी की बात करें तो ये भी एक महत्वपूर्ण आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी होती है, जो कई समस्यायों को दूर करने में मदद कर सकती है। लेकिन क्या आपको पता है कि इसके रोजाना सेवन से स्ट्रेस और एंग्जायटी की समस्या भी दूर हो सकती है। इसको खाने में मसाले के तौर पर तो सेवन करें हीं वहीं चाय अथवा टॉनिक के रूप में भी सेवन कर सकते हैं।

 

3.अदरक का करें सेवन
अदरक का सेवन आमतौर पर खाने के स्वाद को बढ़ाने के लिए किया जाता है, लेकिन वहीं अदरक के सेवन से स्ट्रेस से लेकर एंग्जायटी की समस्या भी दूर हो सकती है, अदरक के रोजाना सेवन से दिमाग से जुड़ी कई समस्याएं दूर होती जाती हैं,आप अदरक के साथ नींबू का सेवन कर सकते हैं। यदि ज्यादा स्ट्रेस में हैं तो अदरक से बनी चाय आपके स्ट्रेस को दूर करने में मददगार साबित हो सकती है।

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4.लहसुन को कर सकते हैं डाइट में शामिल
लहसुन कई सारे फायदेमंद तत्वों से भरपूर होता है, इसमें एंटी फंगल और एंटी बैक्टेरियल के जैसे कई सारे तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। लहसुन के रोजाना सेवन से शारीरिक तनाव के साथ-साथ मानसिक तनाव भी दूर होता जाता है। मानसिक तनाव से बचे रहने के लिए रोजाना खाली पेट 2-3 लहसुन का सेवन गर्म पानी के साथ कर सकते हैं।

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Pain In Heart: क्या आपके हार्ट में चुभन महसूस होती है? जाने 5 बड़े कारण और बचाव

हार्ट में होने वाली कोई भी हलचल या दर्द सामान्य मानने की भूल नहीं करनी चाहिए। अगर बार-बार आकको अपने हार्ट में किसी समस्या का अहसास होता है या चुभन होती है तो आपको इसके कारण जरूर जानने चाहिए।

हार्ट में होने वाली कोई भी हलचल या दर्द सामान्य मानने की भूल नहीं करनी चाहिए। अगर बार-बार आकको अपने हार्ट में किसी समस्या का अहसास होता है या चुभन होती है तो आपको इसके कारण जरूर जानने चाहिए।
हार्ट चुभन एक नहीं कई समस्या का कारण हो सकता है। तो चलिए, जानें कि इस समस्या से बचने के लिए क्या करना चाहिए और ये चुभन कि बीमारी का संकेत हैं।

हार्ट में चुभन के कारण (Pricking pain in chest causes)

1. दिल में चुभन का सबसे सामान्य कारण होता है एसिडिटी होती है। सीने और पेट में जलन के साथ अगर चुभन हो रही है तो ये एसिडिटी का कारण हो सकता है। हालांकि, बार-बार एसिडिटी से ऐसा होना भी अच्छे संकेत नहीं देता।

2. निमोनिया होने की स्थिति में भी सीने में चुभन की समस्या हेाती है। निमोनिया में सीने में दर्द भी हो सकता है। अगर चुभन के साथ सांस लेने में दिक्कत और लगातार खांसी आ रही हो तो ये निमोनिया का कारण हो सकता है।

3. तनाव या स्ट्रेस में रहने पर पैन‍िक अटैक आता है और तब सीने में चुभन सा तेज दर्द होता है। हार्ट की मसल्स में खिंचाव के साथ दर्द होना, हार्ट पल्‍प‍िटेशन, पसीना आना, सांस फूलने की समस्‍या पैनिक अटैक का लक्षण होती है।

4. अगर कार्ट‍िलेज में सूजन होने के कारण भी हार्ट में चुभन की समस्या होती है। गहरी सांस लेने पर दर्द बढ़ने या पसल‍ियों में सूजन की दिक्कत में भी ऐसे संकेत दिखते हैं।

5. गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स डिसीज के कारण भी सीने में जलन या चुभन और मुंह का स्‍वाद खराब होने जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं।

6. हार्ट में चुभन साइलेंट हार्ट अटैक के लक्षण हो सकते हैं। साइलेंट अटैक में दर्द तेज नहीं आता। ज‍िन लोगों का ब्‍लड प्रेशर बढ़ा हुआ होता है या शुगर के मरीज हो तो आपको खास ख्‍याल रखना चाह‍िए। ईसीजी की मदद से साइलेंट हार्ट अटैक का पता लगाया जाता है।

हार्ट को हेल्‍दी हेल्दी रखनें के टिप्स- Tips for healthy Heart

1. अगर आप कोलेस्ट्रॉल और बीपी के मरीज हैं तो अपनी जांच कराते रहें। ताकि कोई भी अप या डाउन पर तुरंत इलाज हो सके और हार्ट फेल की नौबत न आएं।

2. पर्याप्त नींद लें और तेल और वसायुक्‍त खाने से दूर रहें।

3. सलाद, हरी सब्‍ज‍ियों, विटामिन सी युक्त फल अधिक से अधिक खाएं

4. रोज करीब 45 मिनट की एक्सरसाइज जरूर करें।

5. शराब-सिगरेट से दूर रहें।

तो इन आसान ट‍िप्‍स को फॉलो करके आप भी अपने हार्ट को हेल्‍दी बनाए रख सकते हैं।

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Friday, 29 April 2022

Rose Water Benefits: जानिए गुलाब जल के जबरदस्त फायदे के बारे में, त्वचा को मुलायम रखने में करता है मदद

Rose Water Benefits: गर्मियों में होने वाली कई समस्याओं को दूर करने में गुलाब जल फायदेमंद होता है। क्योंकि गुलाब जल में एंटी ऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेट्री के भरपूर गुण पाए जाते हैं, जो त्वचा के लिए बहुत ही फायदेमंद होते है। साथ ही गुलाब जल त्वचा को हाइड्रेट कर स्वस्थ भी बनाने में मदद करता है। गुलाब जल का इस्तेमाल त्वचा से दिनभर की थकान व धूल- मिट्टी के कण को साफ करने के लिए भी किया जाता है और साथ ही आंखों में होने वाले जलन से ठंडक पहुंचाने में भी गुलाब जल मदद करता है। तो आइए जानते हैं गुलाब जल के फायदे के बारे में

गुलाब जल के फायदे


1. आंखों के लिए फायदेमंद

आंखों के लिए गुलाब जल बहुत ही फायदेमंद होता है। क्योंकि जब आंखों में कुछ चला जाए या फिर जलन हो रही हो तो गुलाब जल की कुछ बूंदें आंखों में डालें। इससे थोड़े ही समय में आपको इस समस्या से राहत मिलती हैं। साथ ही ये आंखों को साफ और चमकदार बनाए रखने में भी मदद करता है।

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2. डार्क सर्कल को दूर करने में फायदेमंद

डार्क सर्कल को दूर करने में गुलाब जल बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। अगर आप इस समस्या को दूर करना चाहते हैं तो आज से ही गुलाब जल का इस्तेमाल करना शुरू करे। इसके लिए आप कॉटन बॉल लेकर उस पर गुलाब जल लगा ले, फिर उसे डार्क सर्कल पे लगा ले। इससे आपको जल्दी राहत मिलेगी।

3. गंदगी को दूर करने में फायदेमंद

त्वचा से गंदगी को दूर करने में गुलाब जल बहुत फायदेमंद होता है। आप अपने चेहरे को गुलाब जल से भी साफ कर सकते है। इसके इस्तेमाल से आपके चेहरे की गंदगी बिलकुल साफ हो जायेगी। इसके लिए आप रुई के ऊपर थोड़ा सा गुलाब जल लेकर चेहरे को उससे साफ करें।

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4. स्ट्रेस दूर करने में फायदेमंद

स्ट्रेस को दूर करने में गुलाब जल बहुत ही फायदेमंद माना जाता है है। क्योंकि गुलाब जल के अंदर फेनोलिक्स मौजूद होता है जो अवसाद के कारण हुए तनाव को दूर कर सकता है। लेकिन व्यक्ति को तनाव को दूर करने के लिए गुलाब जल का सेवन करने से पहले एक बार एक्सपर्ट की सलाह लेनी जरूरी है।

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Health Tips: गर्मियों में ठंडी तासीर वाले मसाले पेट को देंगे ठंडक और बढ़ाएंगे इम्युनिटी, जाने इसके और भी फायदे

Health Tips: गर्मी के मौसम आ गया है, ऐसे में यदि आप इस मौसम से बचाव करना चाहते हैं तो डाइट में इन मसालों को डाइट में शामिल कर सकते हैं। ये मसाले आपको गर्मी से बचा के रखने में मदद करते हैं वहीं स्वास्थ्य से जुड़ी समस्यायों को भी दूर करते हैं। इसलिए जानिए कि गर्मी से खुद का बचाव करना चाहते हैं तो कौन-कौन से मसालों का सेवन कर सकते हैं।

1.हरी इलायची
हरी इलायची का सेवन आमतौर पर खाने के स्वाद को बढ़ाने के लिए किया जाता है, लेकिन क्या आपको पता है कि हरी इलायची वहीं गर्मी के मौसम से आपको बचा के रखने में भी मदद करती है। हरी इलायची में कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम और आदि सारे पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। वहीं इसमें फाइबर की मात्रा भरपूर होती है और कैलोरी की मात्रा बेहद कम होती है। गर्मी के मौसम से अपना बचाव करने के लिए कोशिश करें कि तीन से चार हरी इलायची को अपने साथ रखें।

2.सौंफ
सौंफ का सेवन अक्सर माउथ फ्रेशनर की तरह किया जाता है, लेकिन इसके खाने से शरीर को बहुत सारे स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं। सौंफ खाने से शरीर में लंबे समय तक ठंडक बनी रही है, वहीं ये विटामिन ए और विटामिन सी की मात्रा से भरपूर होते हैं। इसलिए शरीर को एनर्जेटिक बना के रखना चाहते और गर्मी के मौसम में ठंडक का अहसास चाहते हैं तो सौंफ को रोजाना के डाइट में शामिल कर सकते हैं।

3.पुदीना
पुदीना खाने के स्वाद को बढ़ाने का काम करता है, ये कई सारे औषधीय गुणों से भी भरपूर होता है, पुदीना के रोजाना सेवन से लंबे समय तक बॉडी को ठंडक का अहसास होता है क्योंकि इसकी तासीर ठंडी होती है। वहीं पुदीना सीने में जलन, पेट दर्द, पेट में गैस के जैसी अन्य समस्यायों को दूर करने में मदद करता है। आप पुदीना को चटनी, इसकी चाय, नींबू पानी में शामिल कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें: भुना प्याज के सेवन से होते हैं ये 4 बड़े फायदे, पेट से जुड़ी समस्या से लेकर हड्डियों को बनाता है मजबूत

4.धनिया
धनिया का सेवन आमतौर पर खाने के स्वाद को बढ़ाता है,धनिया की तासीर बहुत ही ज्यादा ठंडी होती है, इसका यदि आप रोजाना सेवन करते हैं तो ये शरीर और पेट में ठंडक का अहसास दिलाता है। वहीं ये विटामिन ए, विटामिन सी के जैसे कई सारे तत्वों से भरपूर होते हैं , इनको आप रोजाना के डाइट में शामिल कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें: शरीर में फाइबर की कमी होने होने पर हो सकते हैं ये नुकसान, जानें कम मात्रा में फाइबर युक्त चीजों के सेवन से होने वाली इन समस्यायों के बारे में

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Cucumber Peel Benefits: खीरे के छिलके भी देते हैं गजब के फायदे, कई समस्याओं को दूर करने में होता है फायदेमंद

Cucumber Peel Benefits: खीरे के अलावा इसका छिलका भी काफी फायदेमंद होता है। खीरे के छिलके में एंटीऑक्सीडेंट, फाइबर और विटामिन के गुण भरपूर पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होते हैं। साथ ही ये कई तरह की समस्याओं को दूर करने में भी फायदेमंद होता है। खीरे का छिलका पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और साथ ही वजन को कम करने में भी मददगार होता है। तो आइए जानते हैं खीरे के छिलके के फायदे के बारे में।

खीरे के छिलके के फायदे


1. पाचन तंत्र को मजबूत बनाता

पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में खीरा का छिलका बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। क्योंकि खीरे के छिलके में फाइबर की भरपूर मात्रा होती है, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। इसलिए नियमित रूप से खीरे के छिलके का सेवन करने से पेट से जुड़ी कई समस्याएं दूर हो जाती है।

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2. वजन कम करने में फायदेमंद

वजन कम करने में खीरे का छिलका बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। वैसे तो खीरा भी वजन कम करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है लेकिन छिलके के साथ इसका सेवन करना और भी अधिक फायदेमंद रहता है।

3. आंखों के लिए फायदेमंद

आंखों के लिए खीरे का छिलका बहुत ही फायदेमंद होता है। क्योंकि खीरे के छिलके में बीटा-कैरोटीन के गुण पाए जाते है। इसके साथ ही इसमें विटामिन ए भी पाया जाता है। ये सारे तत्व मिलकर आंखों को हेल्दी बनाने के साथ आंखों की रोशनी बढ़ाने में मदद करते हैं।

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4. त्वचा के लिए फायदेमंद

खीरे का छिलका त्वचा के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। खीरे का छिलका त्वचा को हाइड्रेट रखता है और साथ ही मेलेनिन के उत्पादन को नियंत्रित करने में मदद करता है। जिससे टैनिंग दूर होता है और त्वचा भी मुलायम होता है।

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Dangrous Combination With Mango: आम के साथ इन चीजों को कभी न खाएं, पेट से लेकर स्किन और सांस लेने तक में हो सकती है दिक्कत

अगर आम के साथ आप भी कई एक्सपेरिमेंट कर नई-नई डिश बनाते हैं तो आपके लिए ही ये खबर है। कुछ चीजें आम के साथ मिलाकर खाने से एलर्जी, पेट में तकलीफ, स्किन डिजीज या सांस से संबंधित परेशानियां खड़ी कर सकती हैं।

तो चलिए आज आपको बताएं कि आम के साथ किन चीजों को मिलाना सेहत के लिए अच्छा नहीं होता। भले ही आपको ये स्वाद में अच्छा लगता हो।
आम के साथ न खाएं ये चीजें- Do Not Eat These Foods With Mango:

आम और कोल्ड ड्रिंक
गर्मियों के दिनों में कोल्ड ड्रिंक पीना भले ही आपकी जीभ को बहुत पंसद हो, लेकिन आपके पेट को ये बिलकुल पसंद नहीं आएगा। कोल्ड ड्रिंक और आम वर्स्ट कांबिनेशन होते हैं। आम खाने से पहले या बाद में भी कोल्ड ड्रिंक नहीं पीना चाहिए, क्योंकि इससे आपका ब्लड शुगर अचानक से हाई हो सकता है और कोमा में जा सकते हैं।

आम और दही
दही और आम दोनों ही गर्मियों में फेवरेट फूड्स होते हैं। मैंगो लस्सी पीने के अगर आप शौकीन है तो इस आदत को बदल लें। क्योंकि आम के साथ दही स्किन से जुड़ी समस्याओं का कारण बनती है।

आम और करेला
आम खाने के बाद करेले को खाना आपको मिचली, उल्टी और सांस लेने जैसी दिक्कतों का शिकार बना सकता है।

आम के साथ मसालेदार खाना
मसालेदार के खाने के साथ मीठा-मीठा आमरस या आम खूब पसंद आता है तो आप इस खाने की हैबिट को बदल लें। क्योंकि ये कांबिनेशन आपके फोड़े-फुंसी, मुंहासे और स्किन डिजीज का कारण बन सकता है।

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शरीर में फाइबर की कमी होने होने पर हो सकते हैं ये नुकसान, जानें कम मात्रा में फाइबर युक्त चीजों के सेवन से होने वाली इन समस्यायों के बारे में

Health Tips: बॉडी को स्वस्थ और बीमारियों से दूर रखना चाहते हैं तो डाइट में विटामिन, मिनरल, पोटैशियम, फाइबर से युक्त चीजों को शामिल कर सकते हैं। वहीं इनके साथ एक और महत्वपूर्ण चीज होती है जो शरीर को स्वस्थ बना के रखने में मदद करते हैं वे हैं फाइबर। फाइबर की बात करें तो ये कार्बोहायड्रेट होता है, जो पेट में आसानी से नहीं डाइजेस्ट नहीं होता है। इसकी कमी यदि हो जाए तो शरीर को कई सारे गंभीर समस्याएं झेलनी पड़ सकती हैं।
इसलिए जानिए इसके कमी के लक्षणों के बारे में और इसकी पूर्ती कैसे कर सकते हैं।

 

बॉडी में फाइबर की मात्रा का भरपूर होना बहुत ही ज्यादा आवश्यक होता है, इसकी कमी यदि में हो जाती है तो पेट दर्द से लेकर ब्लड शुगर लेवल हाई होने के जैसी अन्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए इससे युक्त चीजों का सेवन बहुत ही ज्यादा आवश्यक होता है।

1.ब्लड शुगर स्तर में बदलाव
शरीर में फाइबर की कमी होने पर ब्लड शुगर के स्तर में उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। डायबिटीज के मरीजों में वजन बढ़ने की सबसे प्रमुख वजह डाइट में फाइबर की कमी होती है। जब आप पर्याप्त मात्रा में फाइबर की प्रचुर मात्रा वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं तो इससे आपका वजन भी संतुलित रहता है और ब्लड शुगर का स्तर भी ठीक रहता है।

 

2.कब्ज की बढ़ सकती है समस्या
फाइबर की समस्या के कारण कब्ज की समस्या उत्पन्न हो सकती है, वहीं मलत्यागने में भी परेशानी हो सकती है, इसलिए डाइट में फाइबर युक्त चीजों का सेवन करना बहुत ही ज्यादा आवश्यक होता है। ये कब्ज के साथ पेट दर्द, पेट में गैस की समस्या को भी दूर करता है।

 

3.पाचन तंत्र आ सकती है कमजोरी
शरीर में यदि पानी की कमी हो जाती है तो पाचन से जुड़ी कई समस्यायों का सामना करना पड़ सकता है, इसके वजह से पाचन तंत्र से जुड़ी कई समस्या भी उत्पन्न हो सकती है इसलिए फाइबर युक्त चीजों का सेवन अवश्य सेवन करें।

 

4.वेट बढ़ना
शरीर में फाइबर की कमी हो जाती है तो व्यक्ति का वेट भी बढ़ सकता है, फाइबर युक्त चीजों के सेवन से लंबे समय तक पेट भरा हुआ रहता है, वहीं बार-बार भूख का अहसास भी नहीं होता है, इसलिए जिन व्यक्तियों का वेट कम होता है उन्हें फाइबर युक्त आहार के सेवन की सलाह दी जाती है।

बॉडी में फाइबर की पूर्ती किस प्रकार से की जा सकती है
बॉडी में फाइबर की पूर्ती करना चाहते हैं तो डाइट में दही, हरी सब्जियां, ब्रोकली, साबुत अनाजों को डाइट में शामिल कर सकते हैं। इनमें फाइबर की मात्रा भरपूर होती है वहीं इनमें कैलोरी की मात्रा भी बेहद कम होती है।

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Potassium Rich Foods: पोटेशियम रिच ये सस्ते फूड्स, दूर करेंगे हाई बीपी से लेकर मांसपेशियों और नसों तक की तकलीफ

पोटेशियम शरीर के लिए वो जरूरी मिनरल्स में शुमार है जो शरीर को न केवल अंदर से ताकत देता है, बल्कि ये कई बीमारियों को कंट्रोल भी रखता है। पोटेशियम इलेक्ट्रोलाइट है, जिसकी कमी शरीर में कई जानलेवा रोगों का कारण बनती है।

शरीर में पोटेशियम की कमी से कई समस्याएं पैदा होती हैं। नसों और मांसपेशियों में दर्द के साथ कमजोरी-थकान और हाई ब्लड प्रेशर का बढ़ना पोटेशियम की कमी बताता है। पाचन संबंधी समस्या, घबराहट, शरीर में झुनझुनी या हाथ-पैर की सुन्नता और सांस से संबधित दिक्कतों के पीछे भी पोटेशियम ही होता है। तो चलिए जानें कि इन सारी समस्याओं के लिए डाइट में किन सस्ते और पोटेशियम से भरे फूडस को शामिल करना चाहिए।

पोटेशियम रिच फूड्स-Potassium Rich Foods

शकरकंद - शकरकंद हृदय रोग से बचाने के साथ ही हाई बीपी और नसों संबंधित दिक्कत को दूर करता है। इसमें बीटा कैरोटीन और विटामिन ए के साथ पोटैशियम खूब होता है। इसलिए इसे डाइट में शामिल करना पोटिशियम की कमी को दूर करता है।

केला - केले में पोटेशियम खूब होता है और यही कारण है कि शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी में भी ये बहुत काम आता है। मध्यम आकार के एक केले में 422 मिलीग्राम पोटेशियम होता है। केला हाई बीपी को कंट्रोल करता है। वहीं ये हडि्डयों की मजबूती के लिए भी काम आता है।

आलू - आलू पोटेशियम का सबसे अच्छा स्त्रोत है। एक छोटा भुना आलू 738 मिलीग्राम पोटेशियम होता है। तो आलू को किसी भी रूप में आप प्रयोग कर शरीर में पोटेशियम की कमी को पूरा कर सकते हैं।

अनार - एक अनार में 666 मिलीग्राम पोटेशियम होता है। इसके अलावा अनार में विटामिन सी और विटामिन के के साथ-साथ फोलेट भी पाया जाता है। इसके लिए आप अनार को छिलकर खाएं या फिर इसका जूस भी ले सकते हैं।

हरी मटर - पोटेशियम के साथ ही अन्य पोषक तत्वों से समृद्ध होने के कारण सेहत के लिए मटर को फायदेमंद माना जाता है। इसलिए अपनी डाइट में किसी भी रूप भी कर सकते हैं।

किशमिश - किशमिश में पोटेशियम के साथ ही फेनोलिक कंपाउंड और फाइबर की अच्छी मात्रा होती है। 10-12 किशमिश आप रोजाना अपनी डाइट में जरूर शामिल करें।

नारियल पानी - नारियल पानी पोटेशियम, मैग्नीशियम, कैल्शियम, सोडियम और मैंगनीज का अच्छा स्त्रोत है। एक कप नारियल पानी में लगभग 600 मिलीग्राम पोटेशियम होता है।

चुकंदर - पोटेशियम के लेवल को सुधारने के लिए चुकंदर भी अच्छा विकल्प है। एक कप या लगभग 170 ग्राम उबले हुए चुकंदर में 518 मिलीग्राम पोटेशियम होता है। चुकंदर को आप सलाद या जूस के रूप में भी अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।

पालक - पालक में पोटेशियम के अलावा आयरन और कैल्शियम भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो हड्डियों, दांतों और कार्डियक मसल्स को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। एक कप पालक यानी लगभग 156 ग्राम पालक में 540 ग्राम पोटेशियम होता है।

तो पोटेशियम की कमी को पूरा करने के लिए इन सस्ते विकल्प को अपनी डाइट में शामिलकर कई तरह की परेशानी से बच सकते हैं।

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Thursday, 28 April 2022

Major cause of obesity: हेल्दी खाने के बाद भी बढ़ रहा है वेट? जानिए ओबेसिटी से डायबिटीज तक जैसी 5 समस्याओं का बड़ा कारण

वेट का बढ़ना केवल डाइट या किसी शारीरिक समस्या से ही नहीं जुड़ा, बल्कि इसका कनेक्शन मस्तिष्क से भी है। जी हां, अगर आप हमेशा तनाव में रहते हैं तो आपके मोटा होने के चांसेज ज्यादा होंगे।

ओबेसिटी के पीछे कई बार डिप्रेशन, एंग्जाइटी भी होती है, क्योंकि ये मानसिक दिक्कते हमारे पाचन तंत्र को इफेक्ट करती है। तो चलिए आज आपको बताएं कि मोटापे के अलावा तनाव के बड़े साइड इफेक्ट्स क्या हैं और तनाव से कैसे बचें।

स्ट्रेस में हमेशा रहने के साडइट इफेक्टस-side effects of always being in stress

भूख को अनियंत्रित करता है- uncontrolled appetite
अगर आप हमेशा ही किसी न किसी कारण तनाव में रहते हैं तो आपका मस्तिष्क हमेशा भूखा रहेगा। तनाव से भूख अनियंत्रित होती है। इसकी वजह से व्यक्ति ज्यादा खाता है। भले ही हेल्दी खा रहा हो, लेकिन अपनी भूख से ज्यादा खाता है। ज्यादा खाने से कैलोरी शरीर में फैट के रूप में जमा होने लगती है और मेटाबोलिज्म स्लो होता है। ये मोटापे का बड़ा कारण है। भूख के अनियंत्रित होने से ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, हड्डियों और पेट सभी पर बुरा प्रभाव पड़ने लगता है।

कोर्टिसोल के कारण इंसुलिन होती है प्रभावित-effect of cortisol hormone on insulin
जब भी मस्तिष्क तनाव महसूस करता है कोर्टिसोल नामक हार्मोन मस्तिष्क से निकलना शुरू हो जाता है। ये हार्मोन सीधा इंसुलिन को प्रभावित करता है। इससे न केवल ब्लड शुगर हाई होता है, बल्कि तेजी से मोटापा भी बढ़ता है। कोर्टिसोल स्ट्रेस हार्मोन के नाम से भी जाना जाता है।

डायजेशन में होती है दिक्कत-problems with digestion
तनाव की वजह से डायजेशन यानी पाचन तंत्र पर भी प्रभाव पड़ता है। लिवर से बाइल जूस कम निकलता है इसेस खाना सही से पचनता नहीं और मेटाबॉलिक रेट स्लो रहने से वेट का बढ़ना शुरू हो जाता। गैस और बदहजमी, एसिडिटी जैसी पेट से जुड़ी समस्याएं शुरू हो जाती हैं।

नींद की कमी-lack of sleep
तनाव का असर नींद पर भी होता है और नींद का कनेक्शन मोटापे से भी जुड़ा हुआ है। अगर नींद न आए या बार-बार टूटती रहती है तो इससे भी मोटापा होता है।

आंत के गुड बैक्टीरिया नष्ट होने का कारण-causes destruction of good gut bacteria
तनाव की वजह से निकलने वाला कार्टिसोल हार्मोन आंतों में रहने वाले गुड बैक्टीरिया को नष्ट करता है। इसकी वजह से व्यक्ति का मेटाबोलिज्म प्रभावित होता है। साथ ही आंत में भी समस्या होने लगती है। कब्ज के कारण भी वेट बढ़ता है।

थायरॉयड हार्मोनप्रभावित होना-Thyroid being affected by hormones
तनाव का बढ़ता स्तर थायरॉयड हार्मोन थायरॉक्सिन का उत्पादन कम करने लगता है। इससे हापोथायरॉडिज्म की दिक्कत बढ़ती है। इससे भी मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और वेट बढ़ना शुरू होता है।

स्ट्रेस से दूर रहने के लिए करें ये काम- ways to stay away from stress

1. स्ट्रेस न हो ये संभव नहीं, लेकिन अगर आप स्ट्रेस से लड़ना सीख लें तो इससे आपका नुकसान नहीं होगा। इसके लिए डाइट से लेकर एक्सरसाइज तक आपकी मदद कर सकते हैं। तो स्ट्रेस से बचने के लिए ये काम जरूर करें।

2. रोज कम से कम 45 मिनट की वॉक या कोई भी कार्डियो एक्सरसाइज करें। कोशिश करें कि जिम या घर में इन एक्सरसाइज को करने की जगह आप खुले में करें। योग, मेडिटेशन जैसी एंटी स्ट्रेस तकनीक को अपनाएं।

3. ओमेगा 3 और 6 फैटी एसिड से भरपूर चीजें और विटामिन डी खानपान में बढ़ा दें। ये स्ट्रेस फाइटर होते हैं।
स्ट्रेस दूर करने के लिए बादाम, अखरोट, मेवे के साथ अलसी के बीज, कद्दू के बीज, सूरजमुखी के बीज आदि जैसे बीज नियमित रूप से शामिल करें।

4. डाइट में फाइबर और लिक्विड खूब लें। ओट्स, जौ,और राई खूब खाएं। फलों में विटामिन सी युक्त संतरा, मौसमी, अनार, जामुन आदि का सेवन करें।

तो ये उपाय आपको केवल स्ट्रेस से नहीं, बल्कि इससे होने वाली बीमारियों से भी बचाएंगे।

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Eyes Health Alert: आंखों की सेहत को खराब कर सकती हैं ये चीजें, आज ही से कम करदें इनका सेवन

Health Care Tips: आंखों की बात करें तो ये हमारे बॉडी का एक अहम पार्ट है, आजकल कि लाइफस्टाइल और डाइट ऐसी हो गयी है कि आंखों की सेहत में कोई न कोई परेशानी बनी ही रहती है, ऐसे में यदि आप आंखों से जुड़ी समस्यायों को दूर करना चाहते हैं और आंखों की रोशनी को तेज बना के रखना चाहते हैं तो डाइट में इन फूड्स को शामिल नहीं करना चाहिए। आंखों की रोशनी को तेज बना के रखने के लिए ऐसी चीजों का सेवन करें जो विटामिन ए, सी, ई, ओमेगा 3 फैटी के जैसे अन्य पोषक तत्वों से भरपूर हों।

 

जानिए आंखों की सेहत को नुकसान पहुंचाने वाले इन फूड्स के बारे में:
1.कोल्डड्रिंक का ज्यादा मात्रा में सेवन आंखों को पंहुचा सकता है नुकसान:
ज्यादा मात्रा में कोल्डड्रिंक का सेवन करते हैं तो इसका सेवन आंखों के लिए अच्छा नहीं होता है, कोल्डड्रिंक में फ्रुक्टोज नामक तत्व पाया जाता है जो यदि ज्यादा मात्रा में शरीर में पहुंच जाए तो ब्लड शुगर लेवल हाई हो सकता है, वही इसका असर आंखों के ऊपर भी पड़ता है। इसलिए आंखों की रोशनी को तेज बना के रखने के लिए और बीमारियों से दूर रहने के लिए कोल्ड ड्रिंक का सेवन कम मात्रा में ही करें।

2.फ्राई चीजों का न करें सेवन
ज्यादा तेल-मसाले या फ्राई वाली चीजों का सेवन करते हैं तो ये आंखों की सेहत के लिए अच्छे नहीं होते हैं, तली हुए चीजों का यदि आप सेवन करते हैं तो इनमें मोनोअनसैचुरेटेड की मात्रा ज्यादा होती है, जिनसे आँखें खराब हो सकती हैं। वहीं ये रक्तचाप को बढ़ा सकते हैं।

3.जंक फ़ूड का सेवन कम मात्रा में करें
जंक फ़ूड का सेवन आमतौर पर सभी पसंद करते हैं, लेकिन इनके ज्यादा मात्रा में सेवन से आंखें खराब हो सकती हैं, इसलिए आंखों को स्वस्थ बना के रखना चाहते हैं तो जंक फ़ूड का सेवन ज्यादा मात्रा में न करें क्योंकि ये रक्त और ऑक्सीजन का प्रवाह को बाधित करता है।

आंखों को सेहतमंद रखने के लिए खाएं ये चीजें
- बादाम
-ओमेगा 3 युक्त चीजों का सेवन
-खट्टे फल का सेवन कम मात्रा में करें
-हरी पत्ते वाली सब्जियों का सेवन करें


यह भी पढ़ें: पसंद नहीं करते हैं ढूध का सेवन तो इसका विकल्प हो सकते हैं ये 7 फूड्स, रोजाना कि डाइट में करें शामिल

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Loose motion home remedies: लूज मोशन रोकने के 5 सस्ते और असरदार घरेलू उपाय, तेजी से मिलेगा दस्त से आराम

यदि लगातार आपको लूज मोशन हो रहे तो आपको तुरंत कुछ घरेलू नुस्खों को आजमाना चाहिए। ये नुस्खे तुरंत मोशन को कंट्रोल करने में कामयाब होंगे। गर्मियों में दस्त या लूज मोशन बहुत ही आम बीमारी है, लेकिन इस आम बीमारी में थोड़ी भी लापराही जानलेवा हो सकती है।

असल में दस्त में सबसे खतरनाक शरीर से पानी का खत्म होना ही होता है। इसलिए कुछ बातों का ध्यान रखकर और नुस्खों को आजमा कर आप इस समस्या पर कंट्रोल कर सकते हैं।

दस्त के कारण- Causes of watery diarrhea
दस्त के कारण कई हो सकते हैं। अमूमन दस्त किसी खाद्य पदार्थों से एलर्जी,फूड प्वाइजनिंग, बैक्टिरियल इंफेक्शन, दूषित पानी, पाचन शक्ति खराब होने, दूषित खानपान, डायबिटीज, आंतों के रोग, शराब अधिक पीने के कारण होती है। कई बार कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट्स से भी ऐसा होता है।

पतले दस्त के लक्षण-Symptoms of watery diarrhea
बार-बार पानी की तरह मोशन होना, पेट में सूजन, ऐंठन, उबकाई और उल्टी आना इसके प्रमुख लक्षण हैं। अगर दस्त के साथ मल में रक्त या बलगम आने लगे या बुखार के साथ बेहद कमजोरी या बेहोशी सा महसूस हो तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। दस्त की दवा के साथ कुछ घरेलू उपचार आपके बहुत काम आ सकते हैं।

दस्त में असरदार घरेलू उपाय- Diarrhea home remedies

1. हाइड्रेटेड रहें
दस्त में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए। सबसे पहले दवा इसकी पानी ही होता है। इसके लिए नमक-चीनी का घोल या ओआरएस का घोल लें। पानी की मात्रा खूब बढ़ा दें। शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स बढ़ाने के लिए स्पोर्ट्स ड्रिंक और इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक पीएं।

2. कम खाएं और कई बार खाएं
दस्त में एक साथ खाना न खाएं, बल्कि बहुत थोड़ा-थोड़ा लेकिन बार-बार खाएं। खाने में जल्दी पचने वाली चीजों को शामिल करने से बचें। इसके अलावा मसालेदार चीजों से दूर रहें।

3. खाने में इन चीजों को शामिल करें
दस्त में केला बहुत ही फायदेमंद होता है। आलू और शकरकंद, पकी हुई, मुलायम सब्जियां जिसमे कम रफेज हो और प्रोटीन ज्यादा हो।

4. जीरा पानी पीएं
1 लीटर पानी में एक चम्मच जीरे को ऊबाल लें और फिर ठंडा करके रख लें। आपको पानी तब तक उबालना है, जब तक यह उबलकर आधा न रह जाए। उसके बाद थोड़ी-थोड़ी मात्रा में उसका सेवन करें। यह दस्त रोकने का काफी अच्छा उपाय है।

5. नारियल पानी पीएं
ताजा नारियल पानी दस्त से पीड़ित रोगियों को पिलाने की सलाह दी जाती है। दरअसल नारियल पानी में पोटैशियम और सोडियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं। जो शरीर के इलेक्ट्रोलाइट संतुलन को बनाए रखने में मदद करते हैं। ये लूज मोशन की वजह से होने वाले डिहाइड्रेशन से बचाता है और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करता है।

इन चीजों से बना लें दूरी
कुछ खाद्य पदार्थ दस्त को बदतर बना सकते हैं। कुछ खाद्य पदार्थों से तब तक बचने की कोशिश करें जब तक कि लक्षण ठीक न हो जाएं। इन चीजों में डेयरी उत्पाद, तला हुआ भोजन, चटपटा खाना, शराब, कैफीन आदि के सेवन से बचें।

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Toothache Home Remedies: क्या आपके दांत में हो रहा है बहुत तेज दर्द, तो ये घरेलू उपाय दिलाएंगे तुरंत राहत

Toothache Home Remedies: दांत में दर्द होने से कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। क्योंकि दांत का दर्द असहनीय दर्द होता है, जो दांत के साथ मुंह, सिर और गले में पूरा दर्द रहता है। यह बात वही समझ सकते है जो इस पीड़ा से गुजरे है। दांत दर्द की वजह से किसी भी चीज में मन नहीं लगता है। दांत में दर्द होने की कई वजह हो सकते है, इसलिए आप अपने दांतों का खासतौर पर ध्यान रखें। अगर आपके दांत में हल्का दर्द हो रहा है तो आप इसे कुछ घरेलू उपायों के मदद से ठीक कर सकते है। लेकिन ज्यादा दर्द है तो आपको डॉक्टर के पास जाना पड़ेगा। तो आइए जानते है इन घरेलू उपायों के बारे में

दांत का दर्द से राहत पाने के घरेलू उपाय

1. लहसुन
दांत दर्द से राहत दिलाने में लहसुन बहुत ही लाभदायक होता है। क्योंकि लहसुन में एंटी-बायोटिक गुण पाए जाते है, जो दांत दर्द को दूर करने में मदद करते है। इसलिए आप लहसुन की कुछ कलियों को पीस लें और उसमे थोड़ी मात्रा में नमक मिला लें। फिर इस पेस्ट को दर्द वाली जगह पर लगा लें। इससे आपको कुछ ही समय में दांत दर्द से राहत मिलने लगेगा।
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2. लौंग
क्या आपको पता है लौंग चूसने से दांत दर्द से राहत मिलता है। जी हाँ अगर आपके भी दांत में तेज दर्द हो रहे है तो लौंग आपको इससे राहत दिला सकता है। इसके लिए आप एक लौंग लेकर उसे दांत के बीच दबाकर टॉफी की तरह चूसते रहें। ऐसा करने से आपको दांत दर्द से तुरंत ही राहत मिलेगा।

3. नीम
दांतों के लिए नीम बहुत ही फायदेमंद होता है। क्योंकि नीम में एंटी बैक्टीरियल के गुण पाए जाते है, जो मुँह के बैक्टीरिया को मार के दांत के दर्द से राहत दिलाते है। अगर आप भी दांत के दर्द से परेशान है तो आप नीम की पत्तियां चबाएं या फिर नीम के तेल को दर्द वाले स्थान पर लगाएं। इससे आपको कुछ ही मिनटों में राहत मिलेगा।
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4. गर्म पानी
गर्म पानी दांत के दर्द से राहत दिलाने में काफी फायदेमंद होता है। गर्म पानी से सिकाई करने पर भी दांत दर्द से राहत मिलता है। इसलिए आप एक गिलास पानी गर्म करें और उसमें आधा चम्मच नमक मिला लें और फिर इस पानी के छोटे-छोटे घूंट लें। फिर इस पानी को मुंह में ही रोक कर उससे दांत की सिकाई करें। कम से कम आप 10 मिनट तक इस गर्म पानी से सिकाई करें। इससे आपको तुरंत राहत मिलेगा

डिस्क्लेमर- आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए दिए गए हैं और इसे आजमाने से पहले किसी पेशेवर चिकित्सक सलाह जरूर लें। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने, एक्सरसाइज करने या डाइट में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।



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Health Tips: पसंद नहीं करते हैं ढूध का सेवन तो इसका विकल्प हो सकते हैं ये 7 फूड्स, रोजाना कि डाइट में करें शामिल

Health Care Tips: दूध कैल्शियम का एक सबसे अच्छा सोर्स होता है, लेकिन बहुत से लोग ऐसे होते हैं जो दूध का सेवन पसंद नहीं करते हैं। दूध की कमी यदि हो जाती है तो व्यक्ति को अनेकों समस्यायों का सामना करना पड़ सकता है, जैसे कि हड्डियों का कमजोर होना, जोड़ों में दर्द का बढ़ जाना आदि। ऐसे में यदि आप भी उनमें से हैं जो दूध पीना पसंद नहीं करते हैं तो डाइट में इन फूड्स को शामिल कर सकते हैं, जो दूध के बेस्ट सोर्स में से एक होते हैं।
जानिए कैल्शियम के कमी की पूर्ती के लिए कौन-कौन से फूड्स का सेवन कर सकते हैं।

 

संतरा को करें डाइट में शामिल
यदि आप दूध का सेवन पसंद नहीं करते हैं तो संतरे का सेवन बहुत ही ज्यादा लाभदायक हो सकता है, संतरा विटामिन सी और कैल्शियम की मात्रा से भरपूर होता है। संतरे के सेवन तो कर ही सकते हैं वहीं आप इसके जूस को भी डाइट में शामिल कर सकते हैं। इसके रोजाना सेवन से कैल्शियम की पूर्ती हो जाती है और ये आंखों की रोशनी को तेज रखने में भी मदद करता है।

 

हरे पत्तेदार सब्जियां
हरे पत्तेदार सब्जियों की बात करें तो ये सेहत के लिए बहुत ही ज्यादा लाभदायक होते हैं, वहीं यदि आप दूध का सेवन करना पसंद नहीं करते हैं तो हरे पत्तेदार सब्जयों को डाइट में शामिल कर सकते हैं। आप डाइट में पालक, ब्रोकली, बीन्स के जैसे अन्य चीजों को शामिल कर सकते हैं।

 

ओट्समील
ओट्समील का सेवन सेहत के लिए बहुत ही ज्यादा फ़ायदेमन्द साबित हो सकता है, ओट्समील दूध की कमी की पूर्ती भी कर सकता है, इसमें प्रचुर मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है। इसका सेवन आप सुबह के नाश्ते में या शाम के समय स्नैक्स के रूप में भी कर सकते हैं।

 

सफ़ेद तिल
सफ़ेद तिल सेहत के लिए बहुत ही ज्यादा अच्छा होता है, इसके सेवन से सेहत से जुड़ी अनेकों समस्याएं दूर होती जाती हैं, आप रोजाना के डाइट में तिल के एक लड्डू का सेवन कर सकते हैं। वहीँ ये कैल्शियम का बेहद अच्छा सोर्स होता है।

यह भी पढ़ें: गर्मियों के मौसम में कैसे करें तिल का सेवन? जानिए इसके फायदे और डाइट में शामिल करने से जुड़ी सावधानियां

 

बीन्स
बीन्स के सेवन से शरीर को बहुत से लाभ मिलते हैं। ये कैल्शियम की मात्रा से तो भरपूर होते हैं वहीं इनमें प्रोटीन और एंटी ऑक्सीडेंट्स के जैसे कई सारे तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। कैल्शियम की पूर्ती के लिए रोजाना बीन्स का सेवन कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें: जानिए क्या होता है ओमेगा 3 फैटी एसिड और ये कैसे पहुंचाता है शरीर को फायदा

डिस्क्लेमर- आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए दिए गए हैं और इसे आजमाने से पहले किसी पेशेवर चिकित्सक सलाह जरूर लें। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने, एक्सरसाइज करने या डाइट में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।



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Omega 3 Benefits: जानिए क्या होता है ओमेगा 3 फैटी एसिड और ये कैसे पहुंचाता है शरीर को फायदा

Omega 3 Benefits: शरीर को स्वस्थ बना के रखना चाहते हैं और बीमारियों से दूर रखना चाहते हैं तो कई तरह के विटामिन्स, मिनरल्स और फाइबर युक्त चीजों की जरूरत होती है, लेकिन क्या आपको पता है कि इनके साथ में एक ऐसा तत्व होता है जो कि सेहत को फिट बना के सहायक होता है और ये हैं ओमेगा 3 फैटी एसिड्स। ओमेगा 3 हमारे कोशिकाओं को मजबूत बना के रखने में मदद करते हैं। इसलिए डाइट में ऐसी चीजों के सेवन की आवश्य्कता होती है जो ओमेगा 3 फैटी एसिड्स से भरपूर हों।
इसलिए जानिए क्या होता है ओमेगा 3 और इसके रोजाना सेवन से होने वाले इन फायदों के बारे में।

 

जानिए कि क्या होता है ओमेगा 3:
ओमेगा 3 की बात करें तो ये न केवल शरीर को स्वस्थ बनाता है बल्कि ये स्किन से जुड़ी कई समस्याओं को दूर करने में भी मदद करता है, यदि इसकी कमी हो जाती है तो त्वचा में अनेकों परेशानियां आना शुरू हो जाती हैं, जैसे कि डार्क स्पॉट्स, झुर्रियों की समस्या आदि। वहीं बॉडी में यदि इसकी कमी हो जाती है तो हार्ट से जुड़ी कई समस्यायों का सामना करना पड़ सकता है। ओमेगा 3 दिल से लेकर बॉडी के महत्वपूर्ण पार्ट्स के लिए काम करता है।

 

ओमेगा 3 स्किन के लिए होता है फ़ायदेमन्द
ओमेगा 3 फैटी एसिड त्वचा को स्वस्थ बना के रखने में मदद करता है, ये स्किन को सॉफ्ट, हाइड्रेट और ग्लोइंग बना के रखने में मदद करता है। वहीं यदि आप इम्पल्स या डार्क स्पॉट्स जैसी के जैसे अन्य समस्यायों से परेशान रहते हैं तो ये संकेत हो सकता है कि शरीर में ओमेगा 3 की कमी हो, इसलिए इससे युक्त चीजों का सेवन आपको करते रहना चाहिए।

हार्ट को बनाता है स्वस्थ
हार्ट की सेहत को स्वस्थ बना के रखना चाहते हैं तो ओमेगा 3 युक्त चीजों को डाइट में शामिल कर सकते हैं, ये शरीर में कोलेस्ट्रॉल के लेवल को नियंत्रित करने में मदद करता है, जिससे कि हार्ट लंबे तक स्वस्थ बना रहता है, वहीं ये ब्लड सर्कुलेशन को भी बेहतर बनाने में मदद करता है।

 

बढ़ते वजन को कम करने में करता है मदद
यदि बढ़ते वजन से परेशान हैं और वेट को कम करना चाहते हैं तो ओमेगा 3 फैटी एसिड काफी ज्यादा मददगार साबित हो सकता है, इसके सेवन से और फायदों कि बात करें तो ये बेली फैट को कम करने में भी मदद करता है। इसलिए वजन को कंट्रोल में करना चाहते हैं तो ओमेगा 3 फैटी एसिड युक्त चीजों को डाइट में शामिल कर सकते हैं।

 

हड्डियों के लिए होता है फ़ायदेमन्द
हड्डियों को मजबूत बना के रखना चाहते हैं और हड्डियों से जुड़ी समस्यायों को दूर करना चाहते हैं तो ओमेगा 3 फैटी एसिड का सेवन कर सकते हैं, इससे युक्त भोजन के सेवन से गठिया, जोड़ों में दर्द की समस्या दूर होती जाती है, वहीं ये जोड़ों में होने वाले दर्द को दूर करने में भी मदद करता है।

 

आंखों की रोशनी को करता है तेज
ओमेगा 3 फैटी एसिड आंखों की रोशनी को तेज बना के रखने में मदद करता है, वहीं इससे युक्त फूड्स का सेवन करते हैं तो आंखों से जुड़ी कई समस्याएं भी दूर होती जाती हैं, इसलिए आंखों की रोशनी को तेज बना के रखने के लिए ओमेगा 3 युक्त चीजों का सेवन कर सकते हैं।

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ओमेगा 3 की पूर्ती करना चाहते हैं तो जानिए डाइट में कौन-कौन से फूड्स को शामिल कर सकते हैं:
1.अखरोट
अखरोट को ओमेगा 3 का बेहद अच्छा सोर्स माना जाता है, यदि शरीर में ओमेगा 3 की कमी है तो रोजाना डाइट में अखरोट को शामिल कर सकते हैं।

2.एवोकाडो
एवोकाडो का सेवन सेहत के लिए बहुत ही ज्यादा फ़ायदेमन्द होता है, इसमें प्रचुर मात्रा में ओमेगा 3 फैटी एसिड पाया जाता है, वहीं ये पेट से जुड़ी दिक्कतों को भी दूर करता है। रोजाना एक एवोकाडो को डाइट में शामिल कर सकते हैं।

3.अलसी
अलसी की बात करें तो ये ओमेगा 3 फैटी एसिड की मात्रा से भरपूर होती है, ओमेगा 3 की पूर्ती करना चाहते हैं तो रोजाना के डाइट में इसे शामिल कर सकते हैं, ज्यादा फायदा चाहते हैं तो इसे खाली पेट सेवन कर सकते हैं।

4.फूलगोभी
फूलगोभी न केवल स्वाद बेहतरीन होती है, वहीं ये ओमेगा 3 फैटी एसिड की मात्रा से भी भरपूर होती है, ये इम्युनिटी को भी मजबूत बना के रखने में मदद करती है।

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Dry Nose Home Remedies: अगर आप गर्मियों में सूखी नाक की समस्या से परेशान हैं, तो ये घरेलू उपाय दिलाएंगे इससे निजात

Dry Nose Home Remedies: गर्मियों के मौसम में नाक में सूखापन होना आम बात होता है। लेकिन कभी कभी ये सूखी नाक कई तरह की बीमारियों का कारण भी बन जाती है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक भी हो सकती है। सूखी नाक के कारण सांस लेने में परेशानी भी होने लगती है। इसके अलावा ये सांस सम्बंधी समस्याओं का कारण भी हो सकती हैं और कई बार मौसम में बदलाव, डिहाइड्रेशन, वातावरण में धूल-गंदगी के कणों, प्रदूषण के कारण भी नाक सूख जाती है। गर्मियों में लोगों को सूखी नाक की वजह से बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लेकिन से कुछ ऐसे घरेलू उपाय भी है जो आपको इस नाक का सूखापन से आपको राहत दिला सकते है। तो आइए जानते है इन घरेलू उपायों के बारे में

सूखी नाक से राहत पाने के घरेलू उपाय

1. खूब पानी पिएं
सूखी नाक की समस्या को दूर करने के लिए आप अधिक मात्रा में पानी पिएं। क्योंकि अक्सर पानी की कमी की वजह से नाक सूखने की समस्या होने लगती है। खासकर गर्मियों के मौसम में अक्सर शरीर में पानी की कमी होने लगती है और जिससे नाक सूखने लगता है। इसलिए जितना हो सके आप उतना ज्यादा पानी पीने की कोशिश करें। इससे आप कई तरह की समस्याओं से भी बच सकते है।
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2. नारियल का तेल
अगर आप भी सूखी नाक की समस्या से परेशान है तो नारियल का तेल आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। यदि आपकी नाक अंदर से सूखी-सूखी सी रहती है, तो नाक के अंदर दो बूंद नारियल तेल डालें। इससे आपके नाक के अंदर की त्वचा में नमी बनी रहेगी और ड्राई हुई कोशिकाएं भी स्वस्थ हो जाएंगी। जिससे आपको नाक का सूखापन से जल्द ही राहत मिल जाएगा।

3. भाप
सूखी नाक की समस्या से राहत दिलाने में भाप को भी फायदेमंद माना जाता है। भाप लेने के लिए बड़े बर्तन में पानी गर्म करके भाप ले सकते हैं या फिर स्टीमर से भी भाप ले सकते है। भाप लेने से पहले अपने सिर को तौलिए या किसी कपडे से अच्छे से ढक लें और जितनी देर बर्दाश्त हो सके, उतनी देर आप भाप लें। ऐसा करने से आपको राहत महसूस होगा।
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4. बादाम तेल
नाक का सूखापन से राहत दिलाने में बादाम का तेल काफी मददगार साबित होता है। बादाम का तेल दो बूँद नाक के अंदर डालने से आपको सूखी नाक से काफी हद तक राहत दिलाती है। इसलिए आप सोने से पहले अपने नाक के अंदर बादाम का तेल डालकर जरूर सोएं। इससे आपको तुरंत राहत महसूस होगी।

डिस्क्लेमर- आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए दिए गए हैं और इसे आजमाने से पहले किसी पेशेवर चिकित्सक सलाह जरूर लें। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने, एक्सरसाइज करने या डाइट में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।



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Causes and dangers of calf pain: क्या हर वक्त रहता है पिंडलियों में दर्द? तो जानिए कारण और बचाव और अलार्मिंग साइन

अगर आप डेस्क जॉब करते हैं या लगातार एक जगह घंटों बैठे रहते हैं तो संभव है कि आपके पैर में दर्द होता हो। यही नहीं, कई बार एक ही पोजिशन में बैठे रहने से कुछ समय के लिए खड़े होकर चलना भी मुश्किल हो जाता है। पिंडलियों का ये दर्द क्यों होता है और अलार्मिंग साइन क्या है, चलिए जानें।

वर्क फ्रॉम होम और बिस्तर पर पैर फैलाकर बैठने या लगातार पैर लटका कर बैठने से पैरों की पिंडलियों में दर्द हो सकता है। लगातार बैठने की पोजिशन में बदलाव न होने से ये दर्द बीमारी में बदलने लगता है। हर रोज पिंडलियों में दर्द एक अच्छा संकेत नहीं होता।

पिंडलियों में दर्द के दो मुख्य कारण
पिंडलियों में दर्द के दो मुख्य कारण होते हैं। पहला यह कि पिंडलियों का उपयोग अधिक हो रहा है, इससे उसमें खिंचाव होता है। दूसरा पिंडलियों का इस्तेमाल बिलकुल नहीं करना। इससे मांसपेशियां सिकुड़ने लगती हैं और यही अलार्मिंग स्थिति होती है।

पिंडली का दर्द भी है अलार्मिंग साइन
पिंडली यानी पैर घुटने और एड़ी के ऊपर के पीछे का एरिया। पैरों में दर्द, ऐंठन या सुन्नता अगर आपको बार-बार महसूस हो रही तो ये अलार्मिंग साइन है। अगर आपने समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया तो आपका चलना-फिरना भी मुश्किल हो जाएगा। और अंत में ये आस्टियोऑर्थराइटिस में बदल जाएगा।

इन कारणों से भी होता है पिंडलियों में दर्द

लिवर और पेट की समस्या- अगर आपके लिवर या पेट में दिक्कत है तो संभव है आपके पिंडलियों में दर्द रहे। डेस्क जॉब से डायजेस्टिव सिस्टम गड़बड़ होताा है। अपच, गैस और खट्टी डकार और कुछ भी खाने से लिवर खराब होने लगता है। इससे पिंडलियों में पित्त जमा होने लगता है। इससे दर्द बढ़ता है।

हील भी वजह हो सकती है-अगर आप हाई हील पहनने की आदी हैं तो संभवत आपकी पिंडलियों में दर्द का कारण भी यही हो। हील्स पहन कर चलने से पिंडलियों पर जोर पड़ता है और दर्द होता है।

ब्लड सर्कुलेशन और मूवमेंट्स प्रभावित होना- लगातार बैठे रहने से पैरों की मसल्स में ब्लड सर्कुलेशन सही नहीं हो पाता। इसेस मसल्स में दर्द और ऐंठन होने लगती है। कई बार पैर की नस चढ़ने लगती है और मूवमेंट में परेशानी होती है।

सोते ही होता है पिंडलियों में दर्द
पिंडलियों में होनेवाला दर्द और ऐंठन सबसे ज्यादा सोते समय ही होता है। क्योंकि इस दौरान भले ही आप रिलेक्सिंग मूड में होते हैं, लेकिन पिंडलियों सबसे अधिक टूट उसी समय होती है। इसलिए दर्द ज्यादा महसूस होता है।

पैरों और पिंडलियों की मसाज करें। इससे तुरंत आराम मिलेगा।
1. सरसों के तेल में लहसुन और अजवाइन को पका लें और इसे तेल को ठंड कर मसाज करें।
2. पिंडलियों के दर्द से राहत पाने के लिए गर्म पानी में सेंधा नमक डालकर सिंकाई करें।
3. हर दिन कम से कम 15 से 20 मिनट स्ट्रेचिंग करें, टहलें या साइकिंलिंग करें।
4. डाइट में प्रोटीन की मात्रा बढ़ा दें। पनीर, टोफू, दाल, ड्राईफ्रूट्स ओट्स और साबुत अनाज खूब खाएं।

डेस्क पर काम करते हुए हर एक घंटे पर 10 मिनट की चहलकदमी करें। इसेस ब्लड सर्कुलेशन सही होगा।

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Wednesday, 27 April 2022

Cause of swelling: आंख से लेकर चेहरे और पैरों तक की सूजन की वजह हो सकती हैं ये बीमारियां, ऐसे पहचानें लक्षण

सूजन शरीर के अंदर हो रहे बदलाव और परेशानी को बताता है। सूजन होने की एक नहीं कई वजह हो सकती है और मुख्यत: सभी वजहें गंभीर ही होती हैं। शरीर में होने वाली सूजन को देखकर यह पता लगाया जा सकता है कि किस अंग में परेशानी हो रही है। सूजन की समस्या के साथ कई बार बार-बार प्यास लगना और बुखार होने जैसे भी संकेत शरीर देता है। तो चलिए जानें कि सूजन की वजह क्या है और किन बीमारियों का ये संकेत होती हैं। साथ ही इनका घरेलू उपचार क्या होता है।

शरीर में सूजन से पहचानें किस अंग में है परेशानी

किडनी की समस्या- अगर सूजन आपके चेहरे और हाथ पैर में भी नजर आ रहा है तो ये किडनी की समस्या का संकेत है। किडनी जब प्रॉपर तरीके से काम नहीं करती तो शरीर से विषैले तत्व बाहर नहीं निकल पाते और ये शरीर में जमा होने लगते हैं, इसकी वजह से सूजन की समस्या होती है।

थॉयरायड- अगर आपके शरीर में मोटापा सूजन की तरह नजर आ रहा तो ये हाइपो थायरॉयरिडिज्म का लक्षण हो सकता है। थायरॉक्सिन हार्मोन की कमी के कारण ये समस्या होती है।

दिल की बीमारी- जांघ और हाथ में सूजन नजर आ रही तो ये आपके दिल की बीमारी का संकेत है।

लिवर की समस्या- लिवर की समस्या में पेट में सूजन और दर्द दोनों हो सकता है। कई बार पीरियड्स में भी पेट में सूजन आती है, हांलांकि ये पीरियड्स खतम होने के बाद खत्म भी हो जाती है।

पैरों में सूजन-डीप वेन थ्राम्बोसिस के कारण पैरों में सूजन और दर्द की समस्या होती है। ये एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में कहीं किसी एक नस के भीतर रक्त का थक्का बन जाता है। डीप वेन थ्राम्बोसिस निचले पैर में होता है। रक्त का थक्का जमा हुआ रक्त है जो रक्त के साथ दूसरे स्थानों तक स्थानांतरित हो सकता है।

आंखों के नीचे सूजन-आंखों के नीचे की सूजन उम्र बढ़ने के कारण भी होती है। जब वसा के पैड और कोलेजन घटने लगते है तो आंखों के आसपास सूजन और स्किन का रंग बदलेने लगता है।

सूजन खत्म करने के घरेलू उपाय

वैसे तो शरीर की सूजन तभी ठीक होती है, जिस बीमारी की वजह से यह हुई है। हालांकि, कुछ घरेलू उपचार ऐसे भी हैं जो शरीर की सूजन को कम करने के साथ शरीर की कई बीमारियों पर कागर होते हैं।

1. हल्दी और दूध पीने से शरीर के बाहरी ही नहीं अंदरूनी सूजन में भी बहुत आराम आता है।

2. गर्म पानी में नमक डालकर उससे सूजन वाली जगह की सिकाई से बहुत आराम मिलता है।

3. कुछ सूजन पर आईस से सिकाई करना लाभप्रद होता है। मोच आदि में बर्फ की सिकाई ज्यादा अच्छी होती है।

4. जीरा और चीनी को एक बराबर लेकर इसे पीस लें और इसे पानी के साथ दिन में कम से कम तीन बार लें।

5. प्याज और हल्दी को चोट और सूजन वाली जगह पर लगाने से तुंरत आराम मिलता है।

6. सोंठ दस ग्राम लें और उसमें गुड़ मिला लें। इसे खाने से भी शरीर की सूजन दूर होती है।

7. खजूर खाने से भी सूजन की समस्या दूर होती है।

तो सूजन के इन लक्षणों को पहचान कर तुरंत इलाज कराएं और घरेलू उपचार से अपनी सूजन को कम करें।

(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सभी जानकारियां सूचनात्मक उद्देश्य से लिखी गई हैं। इनमें से किसी भी सलाह पर अमल करने या किसी तरीके को अपनाने का फैसला आपका व्यक्तिगत निर्णय होगा। किसी भी निष्कर्ष तक पहुंचने से पहले कृपया किसी विशेषज्ञ से परामर्श जरूर करें।)



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Paracetamol- Myths vs facts: क्या सच में सबसे सेफ दवा है पेरासिटामोल? जानिए क्या है सच्चाई

पेरासिटामोल तेज बुखार, शरीर के हल्के दर्द, सर्दी और फ्लू जैसे लक्षणों से राहत दिलाने में मदद करती है। हर घर में ये दवा जरूर होती है। डॉक्टर भी इस दवा को लक्षणों के आधार पर देते हैं। प्रेग्नेंसी तक में पेरासिटामोल दी जाती है, लेकिन क्या सच में ये दवा सेफ है? डायबिटीज, किडनी या लिवर की बीमारी में इसे लिया जा सकता है? इन सारे सवालों का जवाब पाने के लिए ये खबर पढ़ें।

कोरोना संक्रमण के दौरान भी यही दवा दी जाती है-medicine is also given during corona infection

कोरोना संक्रमण के दौरान भी डॉक्टर इस दवा पर विश्वास करते रहे हैं। हालांकि, इसके उपयोग के बावजूद, लोग अभी भी इसके बारे में बहुत नहीं जानते हैं कि ये सही मायने में कैसे काम करता है। कोरोना संक्रमण में बुखार, सिरदर्द या शरीर में दर्द जैसे लक्षणों को कम करने के लिए पेरासिटामोल का प्रयोग होता है। इतना ही नहीं, WHO भी तेज बुखार, शरीर में मध्यम दर्द, सर्दी और फ्लू जैसे लक्षणों में इसके सेवन के सिफारिश करता है।

बता दें कि, पेरासिटामोल डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर तक में लेना सेफ माना जाता है, लेकिन इंटरनेट पर दी गई सूचनाओं ने इस दवा के मारे में बहुत से मिथ्स फैलाए हुए हैं। तो चलिए कुछ मिथ्स और उसके पीछे की सच्चाई को जानें।

मिथक - पैरासिटामोल 24 घंटे शरीर में रहता है।
तथ्य - इस पेरासिटामोल की प्रभावशीलता खपत के 30 मिनट के भीतर शुरू होती है, और यह आमतौर पर शरीर में 4-6 घंटे तक रहती है।
मिथक - पेरासिटामोल के दीर्घकालिक दुष्प्रभाव होते हैं और इससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
तथ्य - पेरासिटामोल को हल्के और मध्यम दर्द में फर्स्ट इफेक्टिव मेडिसनी के रूप में जाना जाता है। और किसी भी अन्य दर्द निवारक की तुलना में इसके कम दुष्प्रभाव होते हैं।
मिथक - मधुमेह और उच्च रक्तचाप में पेरासिटामोल नहीं लेना चाहिए।
तथ्य - पेरासिटामोल एकमात्र दर्द निवारक है जिसके लिए सबसे कम ड्रग इंस्ट्रक्शन दिए जाते हैं। इसे डायबिटीज और हाई ब्लडप्रेशर के मरीज भी ले सकते हैं।

ऑप्टिज़ोर्ब तकनीक के जरिये दवा तुरंत छोटे अणुओं में टूटने लगते है, जिससे बहुत जल्दी ही बुखार या दर्द से राहत मिलता है। हालांकि, इसे लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

डिस्क्लेमर- आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए दिए गए हैं और इसे आजमाने से पहले किसी पेशेवर चिकित्सक सलाह जरूर लें। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने, एक्सरसाइज करने या डाइट में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।



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Lemon water side effects: ज्यादा मात्रा में करते हैं नींबू पानी का सेवन तो हो जाइए सावधान, सेहत को हो सकते हैं ये बड़े 6 नुकसान

Lemon water side effects: नींबू पानी का सेवन अक्सर गर्मियों में लोग ज्यादातर करना पसंद करते हैं लेकिन इसके ज्यादा मात्रा में सेवन से सेहत को कई सारे नुकसान भी हो सकते हैं। इसके ज्यादा मात्रा में सेवन से दांतों से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती हैं वहीं पेट की भी समस्या हो सकती है। इसलिए इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना फ़ायदेमन्द होता है। यदि आप भी गर्मियों के मौसम में ज्यादा मात्रा में नींबू पानी के सेवन को पसंद करते हैं तो जानिए शरीर को कौन-कौन से नुकसान हो सकते हैं।

 

1.दांतों पर पड़ सकता है बुरा प्रभाव
नींबू का सेवन यदि आप ज्यादा मात्रा में करते हैं तो इसका असर आपके दांतों में भी पड़ता है, नींबू के रस में एसिड की मात्रा अधिक होती है, जिसके कारण यदि इसका सेवन ज्यादा मात्रा में करते हैं तो दांतों का इनेमल खराब हो सकता है। इसलिए ज्यादा मात्रा में नींबू पानी के सेवन आपको नहीं करना चाहिए, वहीं थोड़ी-थोड़ी देर के गैप में आप नींबू पानी का सेवन कर सकते हैं।

2.बढ़ सकती है त्वचा में जलन की समस्या
नींबू में विटामिन सी की मात्रा अधिक होती है, ज्यादा मात्रा में विटामिन सी युक्त चीजों का यदि सेवन कर लेते हैं तो कई बार त्वचा में जलन, खुजली के जैसी कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है, वहीं त्वचा का लाल पड़ जाना, रेडनेस आ जाने के जैसी कई समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है। इसलिए सीमित मात्रा में ही नींबू पानी का सेवन आपको करना चाहिए।

3.बढ़ सकती है एसिडिटी की समस्या
नींबू पानी का यदि आप ज्यादा मात्रा में सेवन करते हैं तो ये आपके शरीर में एसिडिटी की समस्या को भी बढ़ा सकता है, इसके ज्यादा मात्रा में सेवन से पेट में जलन, दर्द की समस्या हो सकती है, जिसका असर पाचन क्रिया के ऊपर भी पड़ता है, इसलिए जिन व्यक्ति को पेट एसिडिटी, पेट में जलन के जैसी अन्य समस्याएं रहती हैं उन्हें सीमित मात्रा में ही नींबू पानी का सेवन करना चाहिए।

4. हो सकती है स्टोन की समस्या
नींबू में ऑक्सलेट नामक तत्व प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो यदि ज्यादा मात्रा में हो जाए तो बॉडी में एकत्रित हो सकता है, वहीं ये धीरे-धीरे स्टोन बन सकता है, इसलिए नींबू पानी के सेवन को ज्यादा मात्रा में करने से बचना चाहिए, ताकि किडनी में स्टोन के जैसी अन्य सम्भावनाएं दूर होती जाएँ।

5.हड्डियां हो सकती है कमजोर
नींबू पानी का ज्यादा मात्रा में सेवन करते हैं तो हड्डियां कमजोर हो सकती हैं, इसमें बहुत ही ज्यादा मात्रा में सिट्रस एसिड पाया जाता है, जिसका ज्यादा मात्रा में सेवन करते हैं तो ये हड्डियों की कमजोरी का कारण बनता है, इसलिए हड्डियों को मजबूत बना के रखना चाहते हैं तो नींबू पानी का सेवन ज्यादा न करें।

यह भी पढ़ें: गर्मियों के मौसम में जरूर करें तोरई का सेवन, जानें इसके रोजाना सेवन से होने वाले इन चमत्कारिक फायदों के बारे में

 

6.सिरदर्द की बढ़ सकती है समस्या
नींबू खट्टा फल होता है जो जिसका ज्यादा मात्रा में सेवन सिरदर्द की समस्या को बढ़ावा दे सकता है,यदि किसी व्यक्ति के सिर में दर्द की समस्या रहती है तो माना जाता है कि उसे खट्टे फल के ज्यादा मात्रा में सेवन से बचना चाहिए, वहीं इसमें टाइरामाइन भी ज्यादा मात्रा में पाया जाता है, जो सिरदर्द की समस्या को बढ़ाता है।


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डिस्क्लेमर- आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए दिए गए हैं और इसे आजमाने से पहले किसी पेशेवर चिकित्सक सलाह जरूर लें। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने, एक्सरसाइज करने या डाइट में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।



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Ridge Gourd Benefits: गर्मियों के मौसम में जरूर करें तोरई का सेवन, जानें इसके रोजाना सेवन से होने वाले इन चमत्कारिक फायदों के बारे में

Ridge Gourd Benefits: गर्मियों के मौसम तोरई का सेवन बहुत ही ज्यादा लाभदायक होता है, इसके रोजाना सेवन से स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याएं दूर होती जाती हैं। तोरई वहीं कैल्शियम, मैग्नीशियम, फोस्फोरस और आदि सारे पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जो स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्यायों को दूर करने में मदद करता है। वहीं इसके सेवन से आप हाइड्रेट बने रहते हैं, वहीं ये पेट से जुड़ी कई बीमारियों को भी दूर करता है।
जानिए गर्मियों के मौसम में यदि रोजाना तोरई का सेवन करते हैं तो स्वास्थ्य को कौन-कौन से लाभ मिलते हैं।

 

1.कोलेस्ट्रॉल के लेवल को करता है कम
तोरई के रोजाना सेवन से कोलेस्ट्रॉल का लेवल काफी हद तक नियंत्रित रहता है, इसका सेवन हानिकारक कोलेस्ट्रॉल को कम करने में काफी हद तक लाभदायक हो सकता है। वहीं ये दिल से जुड़ी बीमारियों को भी दूर करता है, इसलिए स्वस्थ रहना चाहते हैं और कोलेस्ट्रॉल के लेवल को नियंत्रित करना चाहते हैं तो डाइट में तोरई को शामिल कर सकते हैं।

 

2.वेट कंट्रोल करने में करता है मदद
वेट कंट्रोल करना चाहते हैं तो तोरई का सेवन अत्यधिक लाभदायक होता है, इसके सेवन से वेट कंट्रोल में रहता है, क्योंकि ये फाइबर से भरपूर होता है वहीं इसमें कैलोरी की मात्रा भी बेहद कम होती है। वहीं बेली फैट को कम करने कि सोंच रहे हैं तो तोरई को उबाल के सुबह के ब्रेकफास्ट में या शाम को स्नैक्स के रूप में इसका सेवन कर सकते हैं।

 

3.हड्डियों को बनाता है मजबूत
हड्डियों को मजबूत बना के रखना चाहते हैं तो तोरई का सेवन कर सकते हैं, इसके रोजाना सेवन से वहीं हड्डियों से जुड़ी कई बीमारियां भी दूर हो जाती हैं जैसे कि गठिया रोग, जोड़ों का दर्द आदि। तोरई ज़िंक, मैग्नीशियम, आयरन के जैसे कई सारे पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इसलिए हड्डियों को मजबूत बनाना चाहते हैं तो तोरई का रोजाना सेवन कर सकते हैं।

 

4.ब्लड शुगर को करता है कंट्रोल
डायबिटीज के पेशेंट हैं तो तोरई का सेवन काफी ज्यादा लाभदायक साबित हो सकता है, तोरई कई सारे पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जो ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है, इसलिए इसको रोज के डाइट में शामिल कर सकते हैं।

 

5.एनर्जी का अच्छा सोर्स होता है
तोरई एनर्जी का एक अच्छा सोर्स होता है,इसका यदि रोजाना सेवन करते हैं तो बॉडी में ताजगी बनी रहती है, वहीं ये आसानी से डाइजेस्ट भी हो जाता है, खुद को तरोताजा और स्वस्थ रखना चाहते हैं तो तोरई को रोज के डाइट में शामिल कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें: कब्ज,अपच और पेट से जुड़ी कई दिक्कतों को दूर करने में मदद कर सकते हैं ये होममेड ड्रिंक्स,जानें कैसे करें इनका सेवन

 

6.त्वचा में ग्लो को रखता है बरक़रार
त्वचा में ग्लो को बरक़रार रखना चाहते हैं तो तोरई को डाइट में शामिल कर सकते हैं, इसके रोजाना सेवन से त्वचा से जुड़ी कई समस्याएं दूर होती जाती हैं, पिम्पल्स, रैसज और अन्य समस्यायों को दूर करना चाहते हैं तो तोरई को रोजाना के डाइट में शामिल कर सकते हैं।

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डिस्क्लेमर- आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए दिए गए हैं और इसे आजमाने से पहले किसी पेशेवर चिकित्सक सलाह जरूर लें। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने, एक्सरसाइज करने या डाइट में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।



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Uric Acid Reducing Foods : यूरिक एसिड को तुरंत कम करते हैं ये फूड, ज्वाइंट्स पेन में क्या खाएं- क्या नहीं

यूरिक एसिड का बढ़ना अगर कंट्रोल न हो तो ये किडनी फ्ल्योर तक का कारण बन जाता है। गठिया का कारण भी यूरिक एसिड का बढ़ना ही होता है। तो चलिए आपको बताएं कि यूरिक एसिड को कम आसानी से नेचुरली कैसे करें और इस बीमारी में क्या न खाएं।

यूरिक एसिड का लेवल बढ़ने से शरीर में विषाक्त पदार्थ बढ़ते हैं और किडनी, ब्लड से इसे फिल्‍टर नहीं कर पाती है। इस कारण ये ब्लड के साथ मिलकर जोड़ों में जमा होने लगते हैं।

यूरिक एसिड बढ़ने का संकेत- Uric Acis Symptoms

1. जोड़ों में दर्द होना। उठने-बैठने में परेशानी होना।

2. यूरिक एसिड बढ़ने का सबसे पहला लक्षण पैर के अंगूठे पर सूजन और दर्द के रूप में नजर आता है।

3. जोड़ों में गांठ की शिकायत होना

4. पैरों और हाथों की उंगलियों में चुभन वाला दर्द होता है जो कई बार असहनीय हो जाता है।

5. बहुत जल्दी थकान होना।

यूरिक एसिड बढ़ने के मुख्य कारण -Causes Of Uric Acid
खान-पान और लाइफस्टाइल में बदलाव यूरिक एसिड बढ़ने का सबसे बड़ा कारण है। रेड मीट, सी फूड, दाल, राजमा, मशरूम, गोभी, टमाटर, मटर, पनीर, भिंडी, अरबी और चावल खाने से भी यूरिक एसिड बढ़ता है। बहुत ज्यादा प्यूरिन प्रोटीन भी यूरिक एसिड को बढ़ाता है। जबरदस्ती एक्सरसाइज करने या फिर वजन कम करने के चक्कर में भी कई बार यूरिक एसिड का लेवल बढ़ जाता है। इसके अलावा डायबिटीज, ब्लड प्रेशर की दवाएं, पेन किलर्स और कैंसर रोधी दवाएं खाने से भी यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है।

यूरिक एसिड घरेलू तरीके से करें कम- Uric Acid Home Remedies

  • अगर हर दिन 500 मिलीग्राम विटामिन सी लेना शुरू करें, दो महीने में आपका यूरिक एसिड कम होता नजर आएगा।
  • रोजाना खाना खाने के बाद एक चम्मच अलसी के बीज चबाएं, यूरिक एसिड की कम होगी।
  • बथुए के पत्तों का जूस निकालकर रोजाना सुबह खाली पेट पीएं उसके 2 घंटे बाद तक कुछ ना खाएं। कुछ वक्त बाद यूरिक एसिड की मात्रा कम हो जाएगी।
  • रोज सुबह 2 से 3 अखरोट खाएं। ऐसा करने से बढ़ा हुआ यूरिक एसिड धीरे-धीरे कम होने लगेगा।
  • हाई फायबर फूड जैसे ओटमील, दलिया, बींस, ब्राउन राईस (ब्राउन चावल) ज्यादा खाएं। इससे यूरिक एसिड इसमें एब्जॉर्ब हो जाएगी और उसका लेवल कम हो जाएगा।
  • एक चम्मच बेकिंग सोडा को एक गिलास पानी में मिलाएं और रोज 8 गिलास रोजाना पीएं। ऐसा करने से यूरिक एसिड कम हो जाएगा। बेकिंग सोडा यूरिक एसिड के क्रिस्टल में तोड़कर खून में घोल देता है।
  • अजवाईन का सेवन रोजाना करें। इससे भी यूरिक एसिड की मात्रा कम होगी।

यूरिक एसिड के अगर आपको लक्षण नजर आ रहे तो आपको अपनी डाइट पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

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Health Tips: कब्ज,अपच और पेट से जुड़ी कई दिक्कतों को दूर करने में मदद कर सकते हैं ये होममेड ड्रिंक्स,जानें कैसे करें इनका सेवन

Health Care Tips: आजकल कि लाइफस्टाइल और डाइट ऐसी हो गई है कि पेट में कोई न कोई समस्या बनी ही रहती है जैसे कि कब्ज, पेट में गैस या दर्द की समस्या आदि। ऐसे में यदि आप भी कब्ज के जैसी गंभीर समस्या से ग्रसित रहते हैं और इन समस्यायों को दूर करना चाहते हैं तो ये होममेड ड्रिंक्स आपके बेहद काम आ सकते है। इन होममेड ड्रिंक्स के रोजाना सेवन से न केवल पेट से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं वहीं ये शरीर को भी लंबे समय तक स्वस्थ बना के रखने में बहुत ही ज्यादा असरदार साबित हो सकते हैं।
इसलिए जानिए इन होममेड ड्रिंक्स के रोजाना सेवन स होने वाले इन फायदों के बारे में जो पेट से जुड़ी समस्यायों को दूर करने में असरदार साबित हो सकते हैं।

 

1.सौंफ के पानी का करें सेवन
सौंफ का सेवन अक्सर माउथ फ्रेशनर की तरह किया जाता है लेकिन क्या आपको पता है कि इसके रोजाना सेवन से स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याएं भी दूर होती जाती हैं। यदि आप कब्ज की समस्या से परेशान रहते हैं और साथ ही साथ दर्द भी बना रहता है तो सुबह उठते ही सौंफ का पानी से बहुत ही ज्यादा लाभ मिलता है। वहीं इसके पानी के सेवन से न केवल कब्ज की समस्या बल्कि ये एसिडिटी, पेट दर्द, पेट में गैस बनने जैसी अन्य प्रोब्लेम्स को भी दूर करता है। इसके पानी को बनाने के लिए रोजाना रात में दो चम्मच सौंफ को पानी में भिगो के रख दें, फिर सुबह सौंफ को चबा कर खा जाएँ और इसके पानी को पी लें।

2.अजवाइन के पानी का करें सेवन
अजवाइन ही नहीं इसका पानी भी सेहत के लिए बहुत ही ज्यादा अच्छा होता है, इसके पानी के रोजाना सेवन से स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याएं दूर होती जाती हैं। अजवाइन के पानी का यदि रोजाना सेवन करते हैं तो ये पेट से जुड़ी कई समस्यायों को दूर रखने में मदद करता है। वहीं यदि पेट न साफ रहता हो या अपच की समस्या रहती हो तो अजवाइन के पानी का रोजाना सेवन कर सकते हैं।

 

3.छाछ में पुदीना मिला के करें सेवन
कब्ज की समस्या होने पर पेट में दर्द बना रहता है ऐसे में यदि छाछ में पुदीना मिला के पीते हैं तो ये समस्या धीरे-धीरे दूर हो जाती है। कब्ज की समस्या को दूर करने के लिए रोजाना सुबह के खाली पेट आप पुदीना के छाछ का सेवन करें। कब्ज की समस्या तो दूर हो जाएगी वहीं दर्द, ऐंठन, अपच के जैसी अन्य समस्यायों से भी आपको आराम मिलेगा।


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4.नींबू पानी का करें सेवन
नींबू पानी के सेवन से शरीर को बहुत ही ज्यादा लाभ मिलते हैं, वहीं इसके रोजाना सेवन से कब्ज, पेट में दर्द, गैस के जैसी अन्य समस्याएं दूर होती जाती हैं। कब्ज की समस्या को दूर करने के लिए रोजाना नींबू का सेवन गर्म पानी के साथ करें, वहीं इसमें एक चम्मच काला नमक भी मिला लें।

यह भी पढ़ें: वेट से लेकर कोलेस्ट्रॉल तक को कम करती है पीली सरसों, जानिए कैसे करें इसका इस्तेमाल

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Tuesday, 26 April 2022

Isabgol For Weight Loss: तेजी से वजन करना है कम, तो इसबगोल की भूसी इन 5 तरीकों से खाएं

इसबगोल पेट साफ रखने का सबसे बेस्ट उपाय होता है, लेकिन क्या आपको पता है ये आपकी भूख को खत्म कर वेट लॉस में भी साहयक होता है।

अगर आपको बार-बार भूख लगती है और आपका वेट कम नहीं हो रहा तो आपके लिए इसबगोल की भूंसी बहुत काम आ सकती है। फाइबर और रफेज से भरी ये भूंसी कब्ज का इलाज तो करती ही है, पेट को भरा और भूख को कम करने में भी कारगर है। रफेज अधिक होने के कारण मेटाबोलिज्म को बूटस्ट भी करती है। इससे वेट लॉस तेजी से होता है।

तो चलिए जानें कि इसबगोल को किन चीजों के साथ लेना चाहिए और कैसे

जूस-स्मूदी या सब्जियों के पल्प के साथ इसबगोल
जूस-स्मूदी या सब्जियों के पल्प में मिक्स कर इसबगोल लेना चाहिए। ये भूख को शांत कर पेट में रफेज की मात्रा को बढ़ा देगा। इससे ब्लड शुगर से लेकर कोलस्ट्रॉल और वेट सब कम होंगे। ऐसा करने से फैट टिशूज को क्लीन करने में मदद मिलती है और तेजी से फैट लॉस होगा।

इसबगोल छाछ
इसबगोल को हेल्दी और टेस्टी बनाने के लिए आप इसे छाछ में मिलाकर पीएं। इससे आपकी आंतें भी साफ होंगी और हाजमा भी अच्छा हरेगा। ऐसा करने से आपके पेट में गुड बैक्टिरिया बढ़ेंगे और आप इंफेक्शन आदि से भी बच कर रहेंगे। इससे मेटाबोलिज्म सही होता है और वेट लॉस में मदद मिलती है।

इसबगोल त्रिफला ड्रिंक
त्रिफला के साथ भी इसबगोल को पीना तेजी वे वेट को कम करने का काम करता है। ये एक डिटॉक्स ड्रिंक की तरह काम करेगा और पेट से लेकर आंखें तक आपकी सुरक्षित रहेंगी। इससे आपका बॉवेल मूवमेंट तेज होगा और पाचर शक्ति मजबूत होगी। इससे वजन घटाने में मदद मिलती है।

इसबगोल सत्तू
गर्मियों में हम सभी सत्तू पीते हैं। ऐसे में अगर आप इसी सत्तू में इसबगोल मिला लें तो, ये तेजी से वेट लॉस में आपकी मदद करेगा। ये आपके फैट को पचाने के साथ मेटाबोलिक रेट को सही करेगा, जिससे आप तेजी से वजन घटा पाएंगे। इसके अलावा इसबगोल भूली और सत्तू से बना ड्रिंक शरीर को डिटॉक्स करने में भी मदद करेगा और आंतों की क्लींनजिंग करेगा। साथ ही ये आपके पेट को लंबे समय के लिए भरा भी रखेगा, जिससे भूख कंट्रोल में रहेगी और लंबे समय के लिए बिना खाए रह पाएंगे। तो, वेट लॉस के लिए आप इन तमाम तरीकों से इसबगोल भूसी का इस्तेमाल कर सकते हैं।

खाली पेट लें इसबगोल का घोल
अगर आप वेट कम करने के लिए इसबगोल को लेना चाहते हैं तो आपको इसे खाली पेट ही लेना चाहिए। खाली पेट इसबगोल बैली फैट कम करता है। खाली पेट इसबगोल मेटाबॉलिक रेट को बढ़ाता है और इससे आप जो कुछ भी खाएंगे वह आसानी बचेगा और भूख भी लंबे समय तक आपको परेशान नहीं करेगी।

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Coriander Water Benefits: धनिया का पानी पीने से मिलते हैं ये अद्भुत फायदे, पेट से जुड़ी समस्याओं को करता है दूर

Coriander Water Benefits: धनिया कई तरह के पौष्टिक तत्वों के गुणों से भरपूर होता है। इसके औषधीय गुण हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद उत्तम माने जाते हैं। यह शरीर के लिए जरूरी विटामिन ए, सी सहित कई पोषक तत्‍वों की आपूर्ति करता है। धनिया का पानी पाचन शक्ति बढ़ाने, कोलेस्ट्रॉल लेवल मेंटेन करने, डायबिटीज को कंट्रोल करने में मदद कर सकती है। धनिया का पानी पीने के कई लाभ हैं। सुबह खाली पेट धनिया का पानी पीना कई समस्याओं के लिए रामबाण का काम करता है। तो आइए जानते हैं धनिया का पानी पीने से होने वाले फायदे के बारे में

धनिया पानी पीने के फायदे


1. पेट की समस्या दूर करने में फायदेमंद

धनिया का पानी पीने से पेट से जुड़ी समस्या दूर हो सकती है। क्योंकि धनिया का पानी डाइजेशन की समस्‍या को भी दूर करता है और पेट में गैस, जलन आदि की समस्‍या को शांत करता है। इसलिए पेट से जुड़ी समस्या में धनिया का पानी पीना बहुत ही फायदेमंद होता है।

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2. इम्यूनिटी मजबूत बनाता

अगर आप रोजाना सुबह धनिया का पानी पीते है तो इससे आपका इम्यूनिटी बढ़ सकता है। धनिया का पानी इम्यूनिटी को मजबूत बनाने में सहायक होता है। क्योंकि धनिया में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट शरीर में फ्री रैडिकल को कम करने, संक्रमण और कई अन्य बीमारियों से बचाने और इम्यूनिटी को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।

3. त्वचा के लिए फायदेमंद

त्वचा के लिए धनिया का पानी पीने का बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। क्योंकि धनिया आयरन से भरपूर होता है। इसमें एंटी-फंगल, एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं। धनिया के पानी के सेवन से चेहरा चमकदार बनता है। ये आपकी त्वचा साफ और स्वस्थ रखने में मदद करता है।

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4. बालों के लिए फायदेमंद

बालों के लिए धनिया का पानी पीना बहुत ही फायदेमंद साबित होता है। क्योंकि धनिया में मौजूद विटामिन सी के गुण इसे बालों के लिए बेहद उपयोगी बनाते हैं। इसे पीने से बाल मजबूत होते हैं। इसलिए रोजाना सुबह खाली पेट धनिया का पानी पीना टूटते और कमजोर बालों के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है।

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Fungal Infection Home Remedies: गर्मी और पसीने की वजह से हुए फंगल इंफेक्शन से राहत दिलाएंगे ये घरेलू उपाय

Fungal Infection Home Remedies: गर्मियों में ज्यादातर लोग फंगल इन्फेक्शन के परेशान रहते हैं। क्योंकि गर्मियों में ज्यादा पसीना होने के कारण, ठीक से साफ सफाई न होने या शरीर में कहीं ज्यादा देर गीलापन रहने से फंगल इंफेक्शन होने का डर रहता है। फंगल इंफेक्शन की वजह से खुजली होने लगती है जो काफी परेशान करती है। अगर आप भी गर्मी के मौसम में होने वाले फंगल इंफेक्शन की परेशानी से जूझ रहे हैं तो कुछ घरेलू उपाय इससे आपको राहत दिला सकते हैं। तो आइए जानते हैं इन घरेलू उपायों के बारे में

फंगल इंफेक्शन से राहत पाने के घरेलू उपाय


1. लहसुन

फंगल इंफेक्शन से राहत दिलाने में लहसुन काफी फायदेमंद माना जाता है। क्योंकि लहसुन में बहुत स्ट्रॉन्ग एंटी बैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण पाए जाते हैं। जो फंगल को नष्ट करने में मददगार साबित होते हैं। ऐसे में आप लहसुन की कली को पीस कर उसमें जैतून का तेल मिला लें। फिर इस पेस्ट को इंफेक्शन वाले हिस्से पर लगा कर रखें और आधे घंटे बाद धो लें। आपको जल्दी राहत मिलेगा।

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2. तुलसी

तुलसी की पत्तियां बैक्टीरियल इंफेक्शन और फंगल इंफेक्शन की परेशानी को दूर करने में फायदेमंद होती हैं। इसके लिए आप तुलसी की पत्तियों को पीसकर पेस्ट तैयार कर लें। अब इस पेस्ट को अपने प्रभावित हिस्से पर लगाएं। इससे फंगल इंफेक्शन और खुजली की समस्या से राहत मिलेगी।

3. हल्दी

हल्दी में एंटीसेप्टिक गुण पाए जाते है और इंफेक्शन को दोबारा होने से रोकता है। सूखी हल्दी से ज्यादा कच्ची हल्दी बेहतर असर दिखाती है। कच्ची हल्दी के एंटीसेप्टिक गुणों का लाभ लेने के लिए आप कच्ची हल्दी के जड़ के रस को प्रभावित जगह पर लगाए और 2-3 घंटे के लिए ऐसे ही लगा रहने दे। फिर गुनगुने पानी से धो लें। हर रोज इसे दो बार लगाने से लाभ मिलता है।

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4. नारियल तेल

फंगल इन्फेक्शन को दूर करने में नारियल तेल बहुत फायदेमंद माना जाता है। क्योंकि नारियल तेल में एंटी-एलर्जिक, एंटी बैक्टीरियल और एंटी माइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं, तो बैक्टीरियल और फंगल इंफेक्शन से बचाव करने में आपकी मदद कर सकते हैं। साथ ही नारियल तेल में मौजूद फैटी एसिड किसी भी तरह के इंफेक्शन को खत्म या कम करने में कारगर हैं। इसे दो से तीन बार इंफेक्शन वाली जगह पर लगाएं।

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