Saturday, 28 May 2022

Virus Attack: कोरोना-मंकीपॉक्स के बाद अब एक और वायरस का अटैक,जानिए जीका वायरस के लक्षण और बचाव

जीका वायरस भी डेंगू और चिकनगुनिया की तरह ही एक वायरस है और मच्छरों के जरिये ही फैलता है। तो चलिए जाने जीका वायरस के लक्षण और बचाव क्या हैं, ताकि समय रहते इससे बचाव हो सके।

एडीज मच्छर से फैलती है बीमारी
मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों के उलट यह बीमारी एडीज मच्छर से फैलती है। ये मच्छर दिन के समय ही काटता है। एडीज की कई प्रजातियां जीका संचारित कर सकती हैं।

जीका वायरस के लक्षण
जीका वायरस के शुरूआती लक्षण डेंगू और चिकनगुनिया की तरह ही होता है। शुरुआत हल्के बुखार से तेज बुखार तक से होती है। इसके बाद बदन में रैशेज, जोड़ों में दर्द, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द और उल्टी जैसे समस्या सामने आने लगती है। जीका वायरस का संकेत मिलते ही इसका इलाज शुरू कर देना चाहिए। अगर प्रेग्नेंसी में जीका वायरस का अटैक होता है तो बच्चे में जन्मजात मास्तिष्क दोष होने का खतरा बढ़ जाता है। इसे माइक्रोसेफेली के रूप में जाना जाता है. इसमें नवजात शिशु का मास्तिष्क और सिर सामान्य से आकार में छोटा हो सकता है। जीका वायरस के लिए कई रेपिड डिटेक्शन टेस्ट भी उपलब्ध हैं जो संक्रमण की पुष्टि कर सकते हैं।

जीका वायरस के फैलने के कारण
यह मच्छरों के काटने से फैलता है, लेकिन कभी-कभी एक गर्भवती महिला से उसके भ्रूण तक, यौन संपर्क के जरिए और ब्लड ट्रांसफ्यूजन के जरिए भी यह फैल सकता है। बता दें कि जीका का कोई इलाज नहीं है, लेकिन रेस्ट करने और अत्यधिक तरल पदार्थ लेने से ये बीमारी कंट्रोल हो जाती है।

जीका वायरस से बचने का तरीका
जीका संक्रमण को रोकने का सबसे अच्छा तरीका है- मच्छरों के काटने से बचना, मच्छरों को बढ़ने से रोकना, सुरक्षित यौन संबंध बनाना। फुल स्लीव्स कपड़े पहनने मच्छरों को भगाने वाले रिप्लेसमेंट का यूज, मच्छरदानी का प्रयोग आदि करना।

डिस्क्लेमर- आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल सामान्य जानकारी प्रदान करते हैं। इन्हें आजमाने से पहले किसी विशेषज्ञ अथवा चिकित्सक से सलाह जरूर लें। 'पत्रिका' इसके लिए उत्तरदायी नहीं है।



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