नई दिल्ली। होली का त्यौहार आते ही हर घर से गुछिया बनने की खुश्बू आने लगती है। क्योंकि गुछिया के बिना होली का त्योहार अधूरा सा नजर आता है। रंगों के इस त्योहार में मेहमानों का मुंह मीठा करने के लिए लोग मिठाई की जगह इसी पकवान से मुंह मीठा करते हैं। क्योंकि इसमें इतने ड्राय फ्रूट मिलाए जाते हैं जिससे ये स्वादिष्ट होने के साथ सेहत के लिए भी लाभकारी होती है। लेकिन इन दिनों बाजार में खोए की मिलावट को लेकर काफी शिकायत सुनने को मिल रही है। यदि आप भी बाजार से मावा खरीद रहे हैं तो दो मिनट में इसकी क्वालिटी चेक करके देख सकते है नकली असली खोए का अंतर।
ऐसे करें असली नकली खोए की पहचान
- खोए को खरीदने के लिए जब भी आप बाजार पर जाए तो खरीदने से पहले खोए का जरा सा टुकड़ा हाथ में लेकर अंगूठे पर रखकर थोड़ी देर तक रगड़ें। इसमें मौजूद घी की महक अगर देर तक अंगूठे पर टिकी रही तो समझ लीजिए मावा एकदम शुद्ध है।
- हथेली पर मावे की एक गोली बनाएं और उसे देर तक दोनों हथेलियों के बीच घूमाते रहें। यदि गोली फटने लगे तो समझ जाइए कि मावा नकली या मिलावटी है।
- खोए की असली पहचान करने के लिये 5 मिली लीटर गर्म पानी लेकर उसमें कुछ मात्रा में खोया डालें। थोड़ी देर ठंडा होने के बाद इसमें आयोडीन सॉलूशन डालें। इसके बाद यदि खोए का रंग नीला पड़ता है तो समझ जाइए की आपका खोया नकली है।
- आप चाहें तो मावा खाकर भी असली-नकली की परख कर सकते हैं। अगर मावे में चिपचिपाहट महसूस हो रही है तो समझ लीजिए कि वो खराब हो चुका है। असली मावा खाने पर कच्चे दूध जैसा स्वाद आएगा।
पानी में मावा डालकर फेंटने पर अगर वो छोटे-छोटे टुकड़ों में टूटता है तो ये उसके खराब होने की निशानी है।दो दिन से ज्यादा पुराना मावा खरीदने से बचें। इसे खाने से आपकी सेहत खराब हो सकती है।
कच्चे मावे की बजाय अगर आप सिंका हुआ मावा खरीदें तो बेहतर होगा. इससे बनी मिठाई का स्वाद भी ज्यादा बेहतर होगा और इसके जल्दी खराब होने की संभावना भी कम होती है।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3crI4dW
No comments:
Post a Comment