Saturday, 20 June 2020

जल्द नष्ट होगा दुनिया से कोरोना वायरस, अमरीकी सेना बनी सबसे बड़ी कोरोना 'वॉरियर' जानिए कैसे

कोरोना वायरस (Covid-19) से निपटने के लिए वैक्सीन बनाने के लिए एंटीबॉडीज (Anti Bodies) पर भी तेजी से काम चल रहा है। एंटीबॉडीज शरीर को वायरस से लडऩे में सक्षम बनाती हैं। हाल ही कोरोना से सबसे ज्यादा त्रस्त अमरीका से ही एक खुशखबरी आई है। अमरीकी आर्मी (American Army) ने कोरोना वायरस से लडऩे के लिए १८ नई एंटीबॉडीज की खोज की है। इतना ही नहीं उन्होंने सार्स वायरस के लिए भी एंटीबॉडीज ढूंढने में सफलता हासिल की है। ऑस्टिन में टेक्सास विश्वविद्यालय (Texas University) के साथ अमरीकी सेना के शोधकर्ताओं ने मानव शरीर में कोरोनावायरस को नष्ट करने के लिए नए तरीके तैयार विकसित किए हैं। शोधकर्ताओं ने कोरोना रोगियों के शरीर से एंटीबॉडी के 18 नए सेट हासिल किए हैं। हालांकि प्रयोग अभी भी चल रहे हैं। अमरीकी सेना का कहना है कि यह दुनिया के लिए एक बड़ी खुशखबरी है।

जल्द नष्ट होगा दुनिया से कोरोना वायरस, अमरीकी सेना बनी सबसे बड़ी कोरोना 'वॉरियर' जानिए कैसे

अमरीकी सेना के फ्यूचर्स कमांड (American Army's Future Command) के कमांडर जनरल जॉन मरे (General John Murrey) ने कहा कि उनकी एजेंसी विश्वविद्यालय में अन्य विशेषज्ञों के साथ 'संभावित न्यूट्रलाइजिंग' एंटीबॉडी हो सकती हें जो सीधे वायरस को नष्ट कर देंगे। सभी 18 नए खोजे गए एंटीबॉडीज तकनीकी रूप से वायरस को बेअसर करने के लिए एक वैक्सीन के रूप में विकसित किए जा सकते हैं। एक 'संभावित न्यूट्रलाइजिंग' एंटीबॉडी एक रोगजऩक़ वरायरस के प्रसार को रोकने में सक्षम है।

जल्द नष्ट होगा दुनिया से कोरोना वायरस, अमरीकी सेना बनी सबसे बड़ी कोरोना 'वॉरियर' जानिए कैसे

कैसे काम करता है एंटीबॉडी
नोवेल कोरोना वायरस कोविड-19 एंटीबॉडी वायरस का टीका नहीं हैं। ये ब्लड पैकेट्स कोरोनोवायरस रोगियों से एकत्र किए जाते हैं। शोध के अनुसार एक बार जब कोई व्यक्ति वायरस से ठीक हो जाता है तो संभावनाएं होती हैं कि उनके रक्त में एंटीबॉडी होते हैं जो वायरस के खिलाफ लड़ सकते हैं जिससे रोगी वायरस के संक्रमण से काफी हद तक सुरक्षित हो जाता है। वाशिंगटन विश्वविद्यालय (Washington University) के शोधकर्ताओं ने 25 विभिन्न एंटीबॉडी का परीक्षण किया, लेकिन एस-309 नामक एक विशेष नमूना मिला जिसमें कोविड-19 के खिलाफ एक शक्तिशाली पोटेंशियल एंटीबॉडी है। एस-309 पर हो रहा शोधकर्ताओं का यह प्रयोग अगर सफल होता है तो नोवेल कोरोनावायरस को उत्परिवर्तन से रोका जा सकता है।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2BrSIBn

No comments:

Post a Comment