सलाद में फाइबर अधिक होता है। इसे भोजन से आधा-एक घंटे पहले ही खाना चाहिए क्योंकि इसके बाद भोजन करने से काब्र्स वाली चीजें (रोटी-चावल) कम खाने में आती हैं। कम काब्र्स से वजन नियंत्रित रहता है। वेज सलाद रात में तो फ्रूट्स सलाद दिन में खाएं। वेज सलाद में फाइबर की वजह से पाचन ठीक रहता है। फ्रूट्स सलाद रात में खाने सेे ग्लूकोज लेवल बढ़ सकता है। इसलिए दिन में खाएं। फ्रूट्स सलाद में हल्का काला नमक डाल सकते हैं स्प्राउट सलाद को स्नैक के रूप में लें। वेज सलाद में नमक का इस्तेमाल न करें क्योंकि हरी सब्जियों में शरीर के जरूरत के अनुसार नमक होता है। इससे पौष्टिकता बनी रहती है। मियोनीज आदि न मिलाएं।
मिथ : फैट फ्री सलाद हमेशा सेहतमंद है
फैक्ट्स : ऐसा जरूरी नहीं है। पत्तेदार सब्जियों और फलों के सलाद में बहुत अधिक मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जिन्हें पचाने के लिए थोड़ा फैट्स जरूरी है। सलाद में ऑलिव ऑयल की ड्रेसिंग आपके लिए सुरक्षित और कारगर विकल्प हो सकती है। यह बाद में लंबे समय तक भूख को भी नियंत्रित करता है और मीठा खाने की इच्छा को भी कंट्रोल करता है।
मिथ : सलाद में हमेशा कम कैलोरी होती है
फैक्ट्स : ऐसा जरूरी नहीं है। यह निर्भर करता है कि आप कैसा सलाद अधिक खाते हैं। नट्स, चीज या मेयोनीज युक्त सलाद में कैलोरी की मात्रा चिप्स या बर्गर से भी अधिक हो सकती है। ऐसे में सलाद में फैट कितनी हद तक आवश्यक है, इसका बैलेंस बनाना भी जरूरी है।
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