व्यस्त दिनचर्या के कारण थकान व दर्द से परेशान हैं। इससे ऑफिस, घर और दैनिक क्रियाकलाप प्रभावित होता है। पेन किलर लेने से पहले शरीर में दर्द के कारण को जानना जरूरी है। दर्द को हल्के में न लें। चिकित्सकीय परामर्श लें। यह किसी पुरानी चोट या बीमारी के कारण होता है। शरीर में कुछ बंद चोटें होती हैं जो लंबे समय तक दर्द करती रहती हैं।
खुद से न लें दवाएं -
एक्यूट पेन चोट लगने या किसी बीमारी की वजह से होने वाले दर्द को कहते हैं। यह कुछ समय बाद स्वत: या इलाज के बाद ठीक हो जाता है। एक्यूट पेन क्रोनिक पेन में बदलता है। दर्द की जड़ पता करने के लिए सीटी स्कैन, एमआरआई, सोनोग्राफी और सियाम (विशेष प्रकार की एक्सरे जांच) करते हैं। खुद से दवा न खाएं। जांच, इलाज के कुछ दिनों बाद दोबारा दिक्कत होती है तो पेन फिजीशियन के पास जाते हैं।
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