Thursday, 14 November 2019

वात, पित्त, कफ नाशक है अनार, जानें इसके फायदे

अनार रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। इसके पत्ते, जड़, छाल, फूल, बीज, फल के छिलके उपयोगी होते हैं। ये वात, पित्त, कफ तीनों का नाश करता है।

मुंह की दुर्गंध : यह शीतल, तृप्तिकारक, पौष्टिक, सुपाच्य होने के साथ प्यास, जलन, ज्वर, ह्दय रोग, कंठ रोग, मुंह की दुर्गंध को भी दूर करने में फायदेमंद है। यह पित्त, जठराग्निवद्र्धक, हलका व सुपाच्य होता है। ये पित्तकारक भी होता है। अनार में बढ़ती उम्र के लक्षणों को कम करने के साथ कील-मुंहासों को ठीक करने के गुण होते हैं। इसका रस पीने से चेहरे पर निखार आता है।

पौष्टिक तत्त्व : एक अनार में कार्बोहाइड्रेट 14.5, प्रोटीन 1.6, वसा 0.1 प्रतिशत होती है। फास्फोरस, कैल्शियम, सोडियम, तांबा, मैगनीशियम, लोहा, गंधक, पोटैशियम, शर्करा, विटामिन होते हैं।

सावधानी : ठंडी तासीर वालों, लो ब्लडप्रेशर मरीजों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। जुकाम, खांसी कब्ज की दिक्कत है तो प्रयोग न करें। एलर्जी के मरीज चिकित्सक की सलाह से लें।

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