Wednesday, 19 July 2023

रिसर्च में हुआ खुलासा, अधिक उम्र में खुश रहने से घटती हैं बीमारियां

Happiness in old age: हाल ही लिबर्टी इन लाइफ ऑफ ओल्डर पीपुल्स सर्वे 2022 में देश के 10 शहरों के 10 हजार बुजुर्गों पर किए गए एक रिसर्च में सामने आया कि 16.2% वृद्ध अधिकांश समय अकेलापन महसूस करते हैं। 19.4% वृद्ध उदास महसूस करते हैं जबकि 16.8% वृद्ध अधिकांश समय निराशा अनुभव करते हैं और 41.6% कभी किसी बिंदु पर आकर आशा खो बैठते हैं। इसकी वजह से उनमें बीमारियों की आशंका बढ़ती है।

यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन के एक रिसर्च के अनुसार, खुश रहने वाले व्यक्ति का हृदय सामान्य लोगों की अपेक्षा ज्यादा स्वस्थ रहता है। यह अध्ययन 50 से 74 वर्ष के 2873 महिलाओं-पुरुषों पर किया गया। इन लोगों में कॉर्टिसोल हॉर्मोन की मात्रा कम पाई गई। इसके साथ ही सी-रिएक्टिव प्रोटीन व इंटरल्यूकिन-6 की कमी से रोग प्रतिरोधक क्षमता ज्यादा पाई गई।

यह भी पढ़ें: झमाझम बारिश में भीगने के बाद भी नहीं पड़ेंगे बीमार, अपनाएं ये 6 टिप्स

2018 में सिंगापुर में ड्यूक-एनयूएस मेडिकल स्कूल में हुए शोध में कहा गया था कि प्रसन्नता में थोड़ी-सी बढ़ोतरी भी बुजुर्गों की उम्र बढ़ाने में कारगर हो सकती है। यह अध्ययन एज एंड एजिंग जर्नल में प्रकाशित हुआ था। शुरुआत में खुशी और बाद में किसी भी कारण से मौत की आशंका के बीच संबंधों का अध्ययन किया गया। इसमें पाया गया था कि खुश रहने वाले बुजुर्गों में रोग भी कम होते हैं।

happiness.jpg

अधिक उम्र में दर्द भी घटता है
जब अधिक उम्र में व्यक्ति प्रसन्न रहता है तो अलग-अलग तरह की एक्टिविटी जैसे सोशल कनेक्ट, योग, डांस, वॉक, तैराकी आदि करता है। इससे वह सक्रिय होता है। इससे जोड़ों या कमर आदि के दर्द में बचाव होता है। इससे बीमारी होने में भी बचाव होता है।

इम्युनिटी बढ़ाती है खुशी
उम्र बढऩे के साथ ही टी-सेल्स की कमी होने लगती है। ये इम्युनिटी बढ़ाने के लिए जिम्मेदार होती हैं। इसलिए अधिक उम्र में सर्दी-खांसी और निमोनिया आम है। जब प्रसन्न रहते हैं तो शरीर के एंटीबॉडीज बीमारियों के खिलाफ लड़ती हैं और इम्युनिटी बढ़ती है।

यह भी पढ़ें: Purity test of Spices at home: लाल मिर्च और धनिया पाउडर में कर देते हैं भूसा और पिसी ईट की मिलावट, इस तरह आसानी से करें शुद्धता की जांच
बेहतर होती है हृदय की क्षमता

उम्र बढऩे के साथ रक्त वाहिकाएं सख्त होने लगती हैं। इससे हाइ बीपी होता है। जब बुजुर्ग खुश होते हैं तो एस्ट्रोजन हार्मोन अधिक निकलता है। जो हाइ बीपी को नियंत्रित करता है और हृदय स्वस्थ रखता है। इससे बुजुर्गों की मेंटल हैल्थ भी अच्छी होती है।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3m9lJcO

No comments:

Post a Comment