नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर (NAFLD)खान-पान और बिगड़े रूटीन के कारण होता है। बता दें कि डायबिटीज या मोटापे तक से लिवर को इतना नुकसान नहीं होता, जितना लिवर पर फैट जमने से होता है।
बहुत ज्यादा मात्रा में लिवर की कोशिकाओं में जब फैट इकट्ठा हो जाता है, तब लिवर डैमेज का खतरा भी बढ़ता है। हालांकि कुछ बीमारियां भी लिवर को फैटी बनाती हैं जैसे, मोटापा, डायबिटीज, हार्मोनल असंतुलन, हाई कोलेस्ट्रॉल, नींद में कमी, पीसीओडी और खून में ज्यादा मात्रा में ट्राइग्लिसराइड्स का होना।
पेट में अगर आपको दो तरह का सेंशेन महसूस हो रहा है तो समझ लें कि आपके लिवर में दिक्कत है या फैटी लिवर का ये संकेत है।
पेट में दिखने वाले ये 2 लक्षण हैं फैटी लिवर का संकेत
1-अगर आपको हमेशा ही पेट में असहजता महसूस होती है। जैसे पेट का अत्यधिक फूला रहना या पेट बिना खाए ही भरा महसूस होना। ऐसा लगना जैसे खाना गले में अटका हुआ हो।
2-पेट के दाईं ओर दर्द या बेचैनी। ये दर्द सिर्फ पसलियों के नीचे होता है।
एनएएफएलडी के अन्य लक्षणों को भी पहचानें
• बिना वजह ही वेट का कम होते जाना लेकिन पेट का निकलते जाना
• बेहद कमज़ोरी और थकान महसूस होना
• पीलिया का खतरा बढ़ जाना
• स्किन में बेहद खुजली होना या पपड़ीदार स्किन का होना
• टखनों, पैरों, पैरों में भी सूजन महसूस होना।
ध्यान रहे कि पीलिया, खुजली वाली त्वचा, और सूजन रोग के बाद के चरणों में होती है; एनएएफएलडी के शुरुआती लक्षण शरीर पर जल्दी नजर नहीं आते।
डिस्क्लेमर- आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल सामान्य जानकारी प्रदान करते हैं। इन्हें आजमाने से पहले किसी विशेषज्ञ अथवा चिकित्सक से सलाह जरूर लें। 'पत्रिका' इसके लिए उत्तरदायी नहीं है।
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