नई दिल्ली : एक्ने खूबसूरत त्वचा चहरे को भी बदरंग बना सकते हैं। इस लिए इसके संभावित कारणों को जानना चाहिए ताकि इससे बचाव किया जा सके। थोड़ी सावधानी बरतकर आप मुहांसो से छुटकारा और खूबसूरत व बेदाग त्वचा पा सकते हैं आमतौर पर मुंहासे जहां बिना किसी विशेष उपचार के किशोरावस्था के बाद स्वयं ही ठीक हो जाते हैं वहां एक्ने के साथ ऐसा नहीं होता और जब तक इसका सही ढंग से इलाज न हो यह ठीक नहीं होता। एक्ने त्वचा की समस्या है इसके उपचार के लिए आयुर्वेद अपनाना फायदेमंद है। आयुर्वेद में कुछ ऐसे एंटीऑक्सीडेंट्स हैं जिनके उपयोग से एक्ने की समस्या से आसानी से निजात पाई जा सकती हैं। आज आप को हम इसका घरेलू और आसान टिप्स बताएंगे जिसे आप भी एक्ने की प्रॉबलम से छुटकारा पा सकते हैं ।
एक्ने होने की वजह
अगर ये ज्यादा सक्रिय हो जाएं तो रोमछिद्र चिपचिपे होकर बंद हो जाते हैं और उनमें बैक्टीरिया पनपने लगते हैं जो आगे चलकर एक्ने का कारण बनते हैं। इसकी खास वजह एंड्रोजन हार्मोन की अधिकता होती है। एंड्रोजन पुरुष सेक्स हार्मोन है और यह लड़के और लड़कियों दोनों में ही होता है। किशोरावस्था में इसका प्रभाव ज्यादा होता है। दरअसल टीनेज में हार्मोंस में लगातार बदलाव आते रहते हैं नतीजन चेहरे पर दाग धब्बे मुंहासे और एक्ने की समस्या होने लगती हैं। एक्ने ऐसी समस्या है जो आमतौर पर टीनेज और युवावस्था में अधिक होती है। आइए हम आपको एक्ने के उपचार के लिए आयुर्वेद तरीकों के बारे में बताते हैं।
एक्ने की समसस्या का इलाज
चिरौंजी
गाय के ताजे दूध में चिरौंजी पीसकर इसका लेप बनाकर चेहरे पर लगाएं और सूखने पर धो लें, इससे एक्ने की समस्या से निजात मिलेगी।
चमेली का तेल
चमेली के तेल को सुहागा में मिलाकर रात को सोते समय चेहरे पर लगाकर मसलें। सुबह बेसन को पानी से गीला कर गाढ़ा-गाढ़ा चेहरे पर लगाकर मसलें और पानी से चेहरा धो डालें। इससे चेहरे पर होने वाली जलन पर बहुत आराम मिलेगा।
मसूर की दाल
मसूर की दाल 2 चम्मच लेकर बारीक पीस लें। इसमें थोड़ा सा दूध और घी मिलाकर फेंट लें और पतला-पतला लेप बना लें। इस लेप को मुंहासों पर लगाएं।
जायफल
मुंहासों को दूर करने के लिए जायफल भी बहुत फायदेमंद होता है। इसके लिए साफ पत्थर पर पानी डालकर जायफल घिसकर लेप को कील-मुंहासों पर लगाएं।
अन्य आयुर्वेदिक उपाय
शुद्ध टंकण और शक्ति पिष्टी आयुर्वेदिक दुकानों में उपलब्ध 10-10 ग्राम मिलाकर एक शीशी में भर लें। थोड़ा सा यह पावडर और शहद अच्छी तरह मिलाकर कील-मुंहासों पर लगाएं।
लोध्र, वचा और धनिया, तीनों 50-50 ग्राम खूब बारीक पीसकर शीशी में भर लें। एक चम्मच चूर्ण थोड़े से दूध में मिलाकर लेप बना लें और कील-मुंहासों पर लगाएं। आधा घंटे बाद पानी से धो डालें।
सफेद सरसों लोध्र, वचा और सेन्धा नमक 25-25 ग्राम बारीक चूर्ण करके मिला लें और शीशी में भर लें। एक चम्मच चूर्ण पानी में मिलाकर लेप बना लें और कील-मुंहासों पर लगाएं।
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