Saturday, 16 October 2021

Kundalini Yoga For Insomnia: अनिद्रा से राहत दिलाएगा कुंडलिनी योग

नई दिल्ली। Kundalini Yoga For Insomnia: आपने देखा होगा कि कई लोग ऐसे होते हैं आसपास शांति होने और पूरे दिन की थकान होने के बावजूद रात में आसानी से नींद नहीं आती। ये लोग बिस्तर पर समय से लेट तो जाते हैं परंतु नींद आने में इन्हें काफी समय लग जाता है और ऐसे लोग करवटें ही बदलते रहते हैं। नींद ना आने की समस्या के कारण उनका पूरा दिन आलस्य में और थकान भरा निकलता है। जिससे शारीरिक और मानसिक दोनों रूपों में ये लोग प्रभावित होते हैं। कई लोग तो नींद की गोलियां लेना भी प्रारंभ कर देते हैं, जिससे उन्हें कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है।

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अगर आप भी इस समस्या से ग्रस्त हैं तो योग अपनाना आपके लिए बेहतर उपाय साबित हो सकता है। और यह कोई नया उपाय नहीं है। वर्षों से कई शारीरिक और मानसिक रोगों से लड़ने में योग का अपना एक अलग योगदान रहा है। कई लोगों में तनाव, उग्रता और ज्यादा सोचना नींद ना आने के कारण हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में योग आपको मानसिक रूप से शांति प्रदान करता है। और अनिद्रा से परेशान ज्यादातर लोगों को अशांत मन की शिकायत होती है। इसलिए ऐसे ही अशांत दिमाग वाले लोगों के लिए यह स्लीप डिसऑर्डर नहीं है बल्कि, विचारों की वह प्रक्रिया है जिसे नियंत्रित करके अनिद्रा से छुटकारा पाया जा सकता है। तो आइए जानते हैं योग द्वारा किस प्रकार हम बेहतर नींद पा सकते हैं...

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समय पर और अच्छी नींद के लिए कुंडलिनी योग अच्छा माना जाता है। अनिद्रा से ग्रस्त लोग राहत पाने के लिए रात को सोने से करीबन एक घंटा पहले कुंडलिनी योग कर सकते हैं। नियमित रूप से 2 माह तक कुंडलिनी योग करने पर यह व्यक्ति की सांसो की गति को बेहतर बनाने के साथ एकाग्रता में भी वृद्धि करता है। जिससे मन: शांति प्राप्त होती है। अब आपको बताते हैं कुंडलिनी योग का तरीका।

सबसे पहले 2-3 मिनट के लिए पेट से लंबी और गहरी सांसें लें। फिर 5 मिनट तक अपनी बाहें 60 डिग्री के कोण पर फैलाएं और हथेलियां भी फैली हुई हों। इसके बाद 6-7 मिनट के लिए बाहों को पूर्ण रूप से फैला लीजिए। याद रहे कलाइयां भी सपाट होनी चाहिए। इसके पश्चात करीबन 7-8 मिनट के लिए अपनी दोनों हथेलियों को मिलाइए। फिर 9-10 मिनट के लिए दोनों हथेलियों को अपनी गोद में रखें। ध्यान रहे कि आपकी दोनों हथेलियां एक-दूसरे के ऊपर हों। बायीं हथेली नीचे और दायीं हथेली उसके ऊपर होनी चाहिए। इसके अलावा हाथों के दोनों अंगूठे एक दूसरे को स्पर्श कर रहे हों।

 

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जल्द ही आप देखेंगे कि आपको सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं और साथ ही बिस्तर पर जाने के बाद आपको काफी समय तक नींद के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

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