नई दिल्ली। हाइजीन और साफ-सफाई करना एक अच्छी आदत है। परंतु हमारे देश में कई सारे ऐसे प्रचलित मिथक हैं जो हाइजीन जिनके नाम पर चले आ रहे हैं। आज हम आपको इनके विषय में भी अवगत करवाएंगे । और बताएंगे कि सच में हाइजीन के लिए क्या सही है और क्या गलत। पुराने समय से चले आ रहे कई ऐसे स्वास्थ्य संबंधी टिप्स है जिनके बारे में डॉक्टरों की राय अब कुछ और है।
आइए जाने
1. पसीने से बदबू आना
पसीने से बदबू आता है । यह एक प्रकार का मिथक है। क्योंकि 99% पसीना प्योर वाटर होता है ।जो कि किसी भी प्रकार का स्मेल नहीं छोड़ता। ऐसे में यह बहुत समय पूर्व से चले आ रही मात्र एक मिथक ही है।
2. पब्लिक टॉयलेट जर्म्स का घर है
पब्लिक टॉयलेट को जर्म्स का घर कहना
सही नही होगा। रिसर्च का मानना है कि यदि आप पब्लिक टॉयलेट में सीट को भी टच कर लेते हैं। तो आपके और जर्म्स के बीच के कांटेक्ट का समय बहुत कम होता है। ऐसे में आपको किसी भी प्रकार की बीमारियां इसके थ्रू नहीं हो सकती।
3. रोज नहाना
रोज नहाना भी एक प्रकार का वर्षों से चला आ रहा प्रक्रिया ही है । यदि कोई इंसान एक दिन नहीं नहाता है तो इससे किसी भी प्रकार की बीमारियां या किसी भी प्रकार की गंदगी नहीं पनपती । रोज नहाना हाइजीन से ज्यादा एक सोशल कल्चर बन गया है ।जिसे हम रोजमर्रा की जिंदगी में फॉलो करते हैं।
4.पीरियड्स में सिर नहीं धोना चाहिए
लेकिन ये एक मिथक है, जो काफी समय से लोगों के मन में बनी हुई है। सच तो ये है कि नियमित रूप से स्नान करके अंतरंग क्षेत्र की सफाई करके महिलाओं को स्वच्छता बनाए रखनी चाहिए। इससे महिलाओं को पीरियड्स से जुड़ी कई तरह की बीमारियों से बचने में बहुत मदद मिलेगी।
5. पीरियड्स में नो एक्सरसाइज
इस दौरान ये भी माना जाता है कि एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए, क्योंकि आप पहले से ही कमजोर महसूस कर रही हैं। परंतु यह एक मिथक है । लेकिन असल में रेगुलर एक्सरसाइज आपकी बॉडी को एक्टिव रखती है और पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द को कम करती है।
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