1. हल्के लक्षण वालों को
जिनमें हल्के या कोई लक्षण नहीं थे। उनके लिए ज्यादा चिंता की बात नहीं है। वे सही डाइट और ब्रीदिंग व्यायाम करें। कमजोरी धीरे-धीरे जाएगी। स्वाद व गंध वापस आने में भी 2-3 सप्ताह तक का समय लग सकता है।
2. सांस की दिक्कत हुई
सांस की परेशानी के कारण जो ऑक्सीजन थैरेपी और वेंटिलेटर पर थे। उनके फेफड़ों को भी नुकसान संभव है। निगेटिव होने के 15 दिन बाद तक ऑक्सीजन का स्तर नापें। डॉक्टरी सलाह 3-4 बार ब्रीदिंग व्यायाम करें।
3. हार्ट पर असर हुआ
जिन्हें रिकवरी के बाद भी कुछ कदम चलने पर सांस लेने में तकलीफ हो रही है, लेकिन ऑक्सीजन का स्तर सही है। तो हृदय पर असर हुआ है। हृदय रोग विशेषज्ञ की सलाह से ईसीजी-ईको करवाएं। घबराएं बिल्कुल नहीं।
4. खड़े होने पर चक्कर
कोरोना नर्वस सिस्टम पर भी असर करता है। जिनका बीपी ठीक है, लेकिन खड़े होने पर चक्कर आते हैं तो बीपी की जांच लेटकर और खड़े होकर करवाएं। खड़े होने पर बीपी 10 एमएम से कम होता है तो डॉक्टर को दिखाएं।
5. हाथ-पैरों में ऐंठन
14 दिन आइसोलेशन में रहने और वायरस के दुष्प्रभाव से ऐसा होता है। इसमें विटामिन ए, बी कॉम्पलेक्स व ‘सी’ लेना चाहिए। एक माह तक फोलिक एसिड लेनी चाहिए। गंभीर रोगियों को तीन माह तक भी दे सकते हैं।
6. कमजोरी है तो
अधिक कमजोरी हो रही है तो हाई प्रोटीन डाइट लें। कोरोना संक्रमण के दौरान मसल्स को भी अधिक नुकसान होता है। प्रोटीन, कोशिकाओं को ठीक करता है।
7. पहले से शुगर है तो...
कोरोना से शुगर अनियंत्रित हो जाती है। ऐसे लोग डॉक्टर को दिखाकर नई दवा शुरू करवाएं। शुगर नियंत्रित रखें। शुरू के तीन महीने विशेष ध्यान रखें। ऐसे मरीजों की इम्युनिटी बहुत कम होती है। सप्ताह में एक बार शुगर जांच कराएं।
8. बीपी होने पर
जिन्हें पहले से ब्लड प्रेशर या हार्ट की दिक्कत है या फिर जिनकी फैमिली में हार्ट अटैक हो चुका है। उन्हें भी डॉक्टर को दिखाकर खून पतला करने और कोलेस्ट्रॉल के लिए दवा लेनी चाहिए। लेकिन अपने मन से दवा न लें।
9. याददाश्त में कमी
आइसोलेशन, अकेलापन या फिर वायरस के कारण ये परेशानी हो रही है तो सकारात्मक विचार रखें। अपने शौक वाले काम जैसे अच्छी किताबें पढ़ें, पेंटिंग करें या म्यूजिक सुनें। जल्दी रिकवर होंगे। नियमित योग-ध्यान करें।
10. पेट की परेशानी
कोरोना में डायरिया भी हो रहा है और ज्यादा एंटीबायोटिक दवाइयां लेने से पेट के अच्छे बैक्टीरिया मर जाते हैं। पाचन बिगड़ जाता है। पाचन के लिए प्रोबायोटिक्स-फाइबर वाली चीजें लें। इसके लिए आहार में एक कटोरी दही और भरपूर मात्रा में सलाद लें।
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