नई दिल्ली। आजकी भागदौड़ भरी ज़िंदगी में इंसान कई आसाध्य रोग को पाले जीवन गुजार रहा है। लेकिन वाराणसी के स्वामी शिवानंद की ज़िंदगी दूसरों के लिएमिसाल है। दरअसल स्वामी शिवानंद की उम्र सुनने वालों को चौंका देती है। लेकिन हैरत तब और भी ज्यादा होती है जब यह पता चलता है कि वे 125 साल के हैं और इस उम्र में भी चुस्त-दुरुस्त हैं। स्वामी शिवानंद की ज़िंदगी का राज है 'नो ऑयल, ओनली ब्वॉएल' स्वामी शिवानंद के चाहने वालों ने अपने गुरु का नाम 'गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड' में सबसे उम्रदराज व्यक्ति के तौर पर दर्ज कराने की कोशिश में हैं।
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स्वामी शिवानंद के कोलकाता निवासी शिष्य अशीम कृष्ण की माने तो वाराणसी के दुर्गापुरी निवासी स्वामी शिवानंद बाल ब्रह्माचारी हैं। जानकार बताते हैं कि उन्होंने स्कूली शिक्षा ग्रहण नहीं की है लेकिन इसके बाद भी योग, आध्यात्म के गूढ़ रहस्य से वाकिफ हैं। स्वामी शिवानंद की अंग्रेजी, हिंदी, बांग्ला भाषा पर अच्छी खासी पकड़ है। प्राकृतिक चिकित्सा पर भी उनकी अच्छी पकड़ है।
स्वामी शिवानंद के उम्र के रिकार्ड को देखें तो पासपोर्ट और आधार कार्ड पर उनकी जन्मतिथि 8 अगस्त, 1896 अंकित है जिसके मुताबिक उनकी उम्र 124 साल 7 माह 3 दिन है। 124 बसंत देख चुके स्वामी जी स्वस्थ दुरुस्त हैं। अपनी सेहत का राज वे राज इंद्रियों पर नियंत्रण, संतुलित दिनचर्या, सादा भोजन, योग और व्यायाम को मानते हैं।
स्वामी शिवानंद कई देशों का भ्रमण कर चुके हैं
स्वामी शिवानंद के शिष्य भारत भर में नहीं हैं वे दुनिया के कई देशों में हैं। और अपने गुरु को वे आमंत्रित करते रहते हैं। स्वामी शिवानंद अबतक इंग्लैंड, ग्रीस, फ्रांस, स्पेन, ऑस्ट्रिया, इटली, हंगरी, रूस, पोलैंड, आयरलैंड, नीदरलैंड, स्विट्जरलैंड, जर्मनी, बुल्गेरिया एवं यूके सहित 50 से ज्यादा देशों की यात्रा कर चुके हैं।
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