जेनेवा । कोविड-19 को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की आपातकालीन समिति ने सर्वसम्मति से सहमति जताई है कि महामारी ने सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल को वैश्विक चिंता का विषय बना दिया है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, यह घोषणा शुक्रवार को 2 दिवसीय बैठक के समापन के बाद हुई। यह बैठक डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक ट्रेडोस एडनहोम घेब्रेयसिस ने अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य रेगुलेशन के तहत महामारी की स्थिति और प्रगति की समीक्षा करने के लिए की गई थी।
समिति के अनुसार, महामारी को अब भी एक समन्वित अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया की जरूरत है। समिति ने डब्ल्यूएचओ और देशों को आने वाले महीनों के लिए अंतर्राष्ट्रीय यातायात के संबंध में विभिन्न उपायों, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं सहित आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं को बनाए रखना और भावी कोविड -19 टीकों के लिए योजना तैयार करने संबंधी सलाह दीं। समिति ने देशों से महामारी को लेकर दी जाने वाली प्रतिक्रिया के राजनीतिकरण से बचने का भी आग्रह किया।
ट्रेडोस ने बैठक के बाद एक प्रेस वार्ता में कहा कि सरकारों को वायरस से निपटने पर ध्यान देना चाहिए और राजनीतिकरण से बचना चाहिए।" ट्रेडोस ने घोषणा की कि अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों के एक समूह ने अपने चीनी समकक्षों के साथ पहली वर्चुअल बैठक की। यह बैठक डब्ल्यूएचओ के नेतृत्व वाले अंतर्राष्ट्रीय मिशन का हिस्सा थी जो कोरोनावायरस का मूल पहचानने के लिए काम कर रही है। जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के अनुसार, दुनिया में कोरोनावायरस मामलों की कुल संख्या 4.54 करोड़ और मौतों की संख्या 11.87 लाख हो चुकी है।
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