कोरोना वायरस ने बीते चार महीनों में ही लोगों की शारीरिक गतिविधियों, दिनचर्या और सामाजिक व्यवहार को बदल कर रख दिया है। कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए डब्ल्यूएचओ (WHO RELEASE NEW ADVISORY FOR WEARING FACE MASK) ने मास्क पहनने के लिए विशेष एडवाइजरी भी जारी की है। डब्ल्यूएचओ का कहना है कि मास्क पहनकर हम कोरोना वायरस के खतरे को फैलने से रोक सकते हैं। लेकिन यह भी जरूरी है कि हम मास्क पहनने और उपयोग किए हुए मास्क को डिस्पोज करने का सही तरीका जानते हों। वहीं जो लोग रियूजेबल मास्क जैसे कपड़े का बना हुआ पहनते हैं तो इसके ठीक से धोने का तरीका भी मालूम होना जरूरी है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो इस्तेमाल किए हुए मास्क से संक्रमण कई गुना तेजी से फैल सकता है। मास्क पहनते समय केवल मुंह ही नहीं बल्कि नाकऔर चेहरे के ज्यादा से ज्यादा हिस्से को ढंकना जरूरी है।
नाक है ज्यादा संवेदनशील
अमरीका की एक शीर्ष यूनिवर्सिटी के हालिया अध्ययन में यह कहा गया है कि मास्क को सही ढंंग से न पहनने पर संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। खासकर तब जब हम नाक को हवा में खुला छोड़ देते हैं। ऐसे में कोविड-19 वायरस के लिए गले या फेफड़ों की तुलना में हमारी नाक में मौजूद कोशिकाओं को निशाना बनाना ज्यादा आसान है। नाक की कोशिकाओं से कोरोना वायरस के प्रोटीन स्पाइक (PROTEIN SPIKES) चिपककर महज 4 से 5 दिन में ही एक करोड़ से ज्यादा आबादी कर लेता है। इसके बाद धीरे-धीरे यह श्वास प्रणाली के रास्ते गले और फिर फेफड़ों फैलने लगता है। इसलिए कोरोना संक्रमण को दूर रखने के लिए नाक को मास्क से अच्छे से ढंकना और उसे अच्छे से साफ करते रहना बेहद जरूरी है।
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