Saturday, 20 June 2020

मधुमेह और गोनोरिया जैसे रोगों का अचूक उपाय है कुंदरू

हरी सब्जिया सेहत के लिए बहुत ज़रूरी होती हैं लेकिन कुछ सब्ज़ियां भले ही उतनी लोकप्रिय न हों लेकिन उनके औषधीय गुणों को जानकार आप भी इन्हे खाना शुरू कर देंगे। ऐसी ही एक सब्ज़ी है कुंदरू जो इन दिनों बाज़ार में बहुतायत में उपलब्ध है और कोरोना संक्रमण के समय इम्युनिटी बढ़ाने में भी लाभदायक है। यह सिरदर्द और कान के दर्द से राहत दिलाने के अलावा डायबिटीज और गोनोरिया जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज में भी फायदा पहुंचाती है।
कुंदरू एक लाभ अनेक
कुन्दरु तृष्णा, दाह, ज्वर, श्वास एवं क्षय रोग, रक्तपित्त नाशक होता है। कुन्दरू का शाक तिक्त, कषाय, शीत, लघु, संग्राही, वातकारक तथा कफपित्तशामक होता है।

01. कुंदरू की सब्जी में कफ और पित्त को नियंत्रित करने वाले गुण होते हैं। त्वचा रोगों और डायबिटीज जैसी बीमारियों में इसके सेवन को फायदेमंद बताया गया है।
02. सिरदर्द से आराम पाने में आप कुंदरू का उपयोग कर सकते हैं। जब भी सिरदर्द हो तो कुंदरू की जड़ को पीसकर माथे पर लगाएं। यह सिरदर्द दूर करने में मदद करता है।
03. आयुर्वेद के अनुसार कुंदरू में मौजूद औषधीय गुण कान के दर्द से आराम दिलाने में सहायक है। विशेषज्ञों का कहना है कि कान दर्द होने पर कुंदरू के पौधे के रस में सरसों का तेल मिलाकर 1-2 बूँद कान में डालें। इससे कान दर्द से आराम मिलता है।

04. जीभ पर छाले होने की समस्या को ठीक करने के लिए कुंदरू का उपयोग करना चाहिए। अगर जीभ पर छाले निकल आए हैं तो कुंदरू के हरे फलों को चूसें। इससे छाले जल्दी ठीक होते हैं।
05. कुंदरू की पत्तियां और तने का काढ़ा बनाकर पीने से सांस की नली की सूजन दूर होती है। इसके अलावा इसे पीने से सांस से जुड़ी बीमारियां में भी लाभ मिलता है।
06. आंतों में कीड़े पड़ना एक आम समस्या है और बड़ों की तुलना में बच्चे इस समस्या से ज्यादा परेशान रहते हैं। कुंदरू के पेस्ट से पकाए हुए घी की 5 ग्राम मात्रा का सेवन करने से आंतों के कीड़े खत्म होते हैं।

07. डायबिटीज के मरीजों की संख्या दिन प्रति दिन बढ़ती ही जा रही है और आयुर्वेदिक विशेषज्ञों की मानें तो घरेलू उपायों की मदद से डायबिटीज को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
08. गोनोरिया एक यौन संचारित रोग है और इसमें जननांगो के आस पास वाले हिस्सों में संक्रमण हो जाता है। अगर आप गोनोरिया से पीड़ित हैं तो कुंदरू आपके लिए फायदेमंद हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार कुंदरू की पत्तियों के रस की 5 मिली मात्रा का सेवन करें। अधिक जानकारी के लिए नजदीकी आयुर्वेदिक चिकित्सक से संपर्क करें।

09. गठिया के मरीजों को अक्सर घुटनों या जोड़ों में दर्द और सूजन से अक्सर परेशान रहते हैं, ऐसे रोगियों को कुंदरू का उपयोग करना चाहिए। कुंदरू की जड़ को पीसकर जोड़ों पर लगाएं। ऐसा करने से दर्द और सूजन में लाभ मिलता है।
10. आयुर्वेदिक विशेषज्ञों का कहना है कि त्वचा रोगों और कुष्ठ रोग के इलाज के लिए आप कुंदरू का उपयोग कर सकते हैं। त्वचा रोग होने पर कुंदरू की पत्तियों को तेल के साथ पकाएं और इसे छानकर त्वचा के प्रभावित हिस्से पर लगाएं। आयुर्वेदिक विशेषज्ञों का मानना है कि कुंदरू की पत्तियों को घी के साथ पीसकर घाव पर लगाने से घाव जल्दी भरता है।

डिस्क्लेमर- सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है, अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। राजस्थान पत्रिका इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3fHXZE2

No comments:

Post a Comment