बोस्टन में इजरायली डीकोनैस चिकित्सा केन्द्र पर कोरोना वायरस टैस्ट में उपयोग होने वाली स्वाब स्टिक खत्म होने पर चिकित्सकों ने जांच परीक्षण रोकने की बजाय एक नया तरीका अपनाया। उनके पास केवल एक सप्ताह का ही स्टॉक बचा था। ऐसे में 43 वर्षीय डॉ. रैमी अर्नौट ने मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के अपने पुराने सहपाठियों से संपर्क किया। तब उनके दोस्तों ने 3डी प्रिंटर्स की सहायता से सैकड़ों स्वाब के नमूनों को जांचना शुरू किया। टीम का कहना है कि 3डी प्रिंटर प्रोटोटाइप से स्वाब के नमूने जांचने की यह गति अगले सप्ताह तक प्रतिदिन एक लाख तक पहुंच जाएगी। फिलहाल अभी वे चार 3डी प्रिंटर्स पर जांच परीक्षण कर रहे हैं। दरअसल नाक के रास्ते 6 इंच अंदर तक जानेवाली खास नासोफेरींजल स्वैब स्टिक की कमी को फिलहाल इस तरह से पूरा किया जा रहा है।
एमआइटी में अर्नौट के दोस्तों ने 22 दिन में दिनरात मेहनत कर चार उच्च गुणवत्ता वाले 3डी प्रिंटर बनाने में कामयाब हो गए जिससे जांच की गति में की नहीं आई। प्रत्येक प्रोटोटाइप को कम से कम 20 बार दोबारा बनाना पड़ा। अमरीका की खाद्य और औषधि प्रशासन यानी एफडीए ने भी इन प्रोटोटाइप डिजाइन को आपातकालीन उपयोग प्राधिकरणों को देने के लिए कहा है ताकि वहां भी इनका उपयोग किया जा सके।
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