अटलांटा स्थित इमोरी विय्रवविद्यालय स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकों के सामने कोरोनावायरस से जुड़ी एक रहस्यमयी बीमारी का सामना करना पड़ रहा है। विभाग के क्रिटिकल केयर सर्जन डॉ. के्रग कूपरस्मिथ ने बताया कि उनके अस्पताल में थक्का-रोधी मशीन पर रखने के बावजूद मरीजों में खून के थक्के बनना बंद नहीं हो रहे। स्टाफ के अन्य सदस्यों ने बताया कि शहर के अन्य अस्पतालों में इलाज करा रहे गंभीर संक्रमण के रोगियों में भी यही बीमारी देखेन को मिल रही है।
कोरोना वायरस के संक्रमण से पीड़ित इन सभी मरीजों में से 40 फीसदी मरीजों में खून के थक्के बनना बंद नहीं हो रहे। चिकित्सकों का कहना है कि ऐसा प्रतीत होता है कि कोरोना वायरस ने अपने आपको बदल लिया है और यह म्यूटेंट वायरस श्वसन तंत्र पर ही नहीं बल्कि हमारे शरीर के अन्य महत्त्वपूर्ण अंगों को भी प्रभावित करता है। इस बीमारी से पीड़ित रोगी की रक्त वाहिनी में ऑक्सीजन का स्तर इतना कम हो जाता है कि वे मूर्छित हो रहे हैं और ज्यादा गंभीर स्थितियों में उनकी मृत्यु भी हो रही है। ऑटोप्सी की रिपोर्ट में कुछ रोगियों के फेफड़ों में सैकड़ों माइक्रोक्लॉट्स से भरे हुए थे। बड़े आकार के रक्त के थक्के बनने से मस्तिष्क या हृदय पर स्ट्रोक या दिल का दौरा पड़ सकता है।
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