मिताहार अपनाएं
जितनी भूख है उससे एक तिहाई कम खाने को मिताहार कहते हैं। इससे ज्यादा खाने से आलस्य आता है। यह मेद यानी वसा को बढ़ाता है। सुबह के समय आहार में मूंग, शहद, जौ, चुकंदर, अनार का प्रयोग करें।
गर्भावस्था में ये करें
गर्भावस्था के दौरान जो महिलाएं मेहनत नहीं करती हैं, प्रसव के बाद उनकी बच्चेदानी नहीं सिकुड़ती है। प्रसव के बाद भी पेट निकला रहता है। एक घंटे मेहनत करें ताकि पसीना निकाले। शरीर भी मजबूत होता है।
ऐसे समझें निदान परिवर्जन
ऐसे आहार जो आलस्य को बढ़ाते हैं उन्हें खाने से बचें। ऐसी चीजें जो शरीर की क्षमता बढ़ाए व बीमारी से लडऩे में मदद करे, ऋतु अनुसार उसका प्रयोग करें। यदि किसी को ग्वार फली खाने से घुटने में दर्द होता है तो उसे निदान परिवर्जन समझना चाहिए।
ये उपाय करें : शारीरिक कमजोरी होने पर गिलोय आंवला, गोखुरु को समान भाग में मिलाकर चूर्ण का प्रयोग करें। यह शरीर को जीर्ण होने से रोकती है।
एक्सपर्ट : डॉ. हेतल एच. दवे, आयुर्वेद विशेषज्ञ, राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, जयपुर
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