Monday, 10 February 2020

खून बढ़ाने के साथ, बीपी भी रहता है नियंत्रित रखता है ये रंगीन डाइट

गणतंत्र से जुड़े तीनों रंगों का खास महत्व है। केसरिया साहस और बलिदान, सफेद - सच्चाई, शांति और पवित्रता तो हरा रंग सम्पन्नता का प्रतीक है। पर, क्या ये रंग हमारे सेहततंत्र पर भी प्रभाव डालते हैं? तो जानते हैं ति-रंगा डाइट के बारे में-
केसरिया : सेल्स मजबूत होते
केसरिया यानी नारंगी चीजें खाना काफी फायदेमंद होता है। इनमें संतरा, कीनू, गाजर, टमाटर, खरबूजा, बेल आदि शामिल है। इनमें विटामिन ए, बी और सी होता है जो त्वचा और शरीर में कोशिकाओं के लिए जरूरी हैं। पाचन ठीक रखने, बीपी से भी बचाते हैं।
हरा : पाचन ठीक रहता
भारतीय आहार में अधिकतर फल-सब्जियां हरे रंग के ही हैं। इन्हें पूरे वर्ष खा सकते हैं। इनमें फायटोकैमिकल्स होते हैं जो महत्वपूर्ण अंगों की रक्षा करते हैं। इनमें फाइबर, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स भी होते हैं। ये खून की मात्रा बढ़ाने के साथ विकास के लिए जरूरी होते हैं।
सफेद : आयरन अधिक होता
सफेद रंग में मशरूम, गोभी, मूली, शलगम, डेयरी प्रोडक्ट आदि भी सेहत के लिए अच्छे होते हैं। इनमें कैल्शियम, पोटैशियम, आयरन आदि पोषक तत्व होते हैं। ये शरीर को चुस्त-दुरुस्त रखते हैं।
भक्ति सामंत, चीफ डायटीशियन, कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल, मुंबई



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