वात: इस प्रकृति के लोगों के बाल छोटे व पतले होते हैं। शरीर दुबला, त्वचा रुखी और मन चंचल होता है। तेज गति से चलते या दौड़ते हैं। ऐसे लोगों में जोड़ों और मानसिक रोग अधिक होते हैं।
पित्त: ऐसे लोगों के बाल असमय सफेद होने लगते हैं। अधिक पसीना, जल्दी गुस्सा होना और सपने में तेज चमकने वाली चीजें दिखाई देती हैं। इनके मुंह में छाले, पेट संबंधी समस्याएं अधिक होती हैं।
कफ: मोटापा, बाल मोटे, घने व चमकदार और शरीर बलवान होता है। स्वप्न में जल जैसे झील, तालाब नदी इत्यादि दिखता है। कफ प्रकृति के लोगों में डायबिटीज, बीपी और कोलेस्ट्रॉल की समस्या होती है।
मिश्रित प्रकृति: ज्यादातर व्यक्ति मिश्रित प्रकृति के ही होते है। इनमें दो प्रकृति जैसे वात-पित्त, पित्त-कफ एवं वात-कफ तथा त्रिदोष भी होते हैं। आयुर्वेद में मिश्रित प्रकृति वाले लोगों को श्रेष्ठ कहा गया है। ऐसे लोगों को बीमारियों की आशंका कम होती है।
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