सौंफ को आयुर्वेद में त्रिदोष नाशक कहते हैं। शरीर में आयरन, पोटैशियम की कमी को दूर करती है। महिलाओं के पीरियड्स में अनियमितता में फायदेमंद है। बच्चों में पाचन की समस्या होने पर दो चम्मच सौंफ के चूर्ण को दो कप पानी में एक चौथाई रह जाने तक उबालें। पानी को छानकर ठंडा कर लें। एक-एक चम्मच दिन में दो से तीन बार पिलाएं।
कब्ज में फायदेमंद -
अनियमित माहवारी में नियमित सुबह के समय खाली पेट गुनगुने पानी के साथ एक चम्मच सौंफ लेने से फायदा मिलता है। सौंफ-मिश्री का चूर्ण बना लें। सोते समय पांच ग्राम चूर्ण गुनगुने पानी के साथ लें। मुंह के छालों से परेशान हैं तो पानी में सौंफ उबालें, जब पानी आधा रह जाए तब उसमें भुनी हुई फिटकरी की छोटी सी डली डालें। इसे दिन में दो-तीन बार गरारे करने से मुख के छाले ठीक हो जाते हैं। सांस की बदबू भी कम होती है।
सावधानी -
माहवारी के दौरान, स्तनपान कराने वाली महिलाएं न लें। कच्ची डकार, गैस, चर्म रोग के मरीजों न लें। इससे पेशाब में जलन होती है। आयुर्वेदाचार्य की परामर्श लेना चाहिए।
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