अक्सर डॉक्टर दो सप्ताह में एक दिन उपवास के लिए कहते हैं। इसके पीछे वैज्ञानिक कारण है। सद्गुरु जग्गी वासुदेव कहते हैं कि शरीर में प्राकृतिक चक्र से जुड़ी ‘मंडल’ नाम की एक चीज होती है। इसका मतलब 40 से 48 दिनों में शरीर एक खास चक्र से गुजरता है। हर चक्र में तीन दिन (11-14 दिन के बीच में एक) ऐसे होते हैं जिनमें शरीर को भोजन की आवश्यकता नहीं होती है। भूख का अहसास कम होता है। इस दिन बिना कुछ खाए भी रहा जा सकता है। मनुष्यों के साथ कुछ जानवर भी उपवास करते हैं। उस दिन को शरीर की सफाई का दिन भी कहते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए देश में एकादशी का दिन तय किया गया है। हिंदी महीनों के हिसाब से देखें तो हर 14 दिनों में एक बार एकादशी आती है। इसका अर्थ हुआ कि हर 14 दिनों में एक दिन नहीं खाएं तो सेहत के लिए अच्छा होगा।
वहीं डाइटीशियन भी 15 दिनों में एक दिन उपवास करना चाहिए। इसमें ध्यान देना चाहिए कि एकदम से पेट खाली नहीं होना चाहिए। इसमें थोड़ी-थोड़ी देर से फल या लिक्विड डाइट ले सकते हैं। कोई व्यक्ति पूरे दिन का उपवास नहीं कर सकता तो उसको एक समय का भी उपवास करना चाहिए। यह सेहत के लिए ठीक होता है। वजन नियंत्रित रहता है। वजन नियंत्रित रहने से कई बीमारियों से बचाव होता है।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2DTXeXo
No comments:
Post a Comment