Home Remedies for Healthy Joints: जोड़ों और हड्डियों में दर्द व जलन आज आम शिकायत है, इसे आर्थराइटिस कहते हैं। हड्डियों के बीच के कार्टिलेज घिसने या ऊत्तकों की प्रतिरोधक क्षमता घटने से जोड़ों की कार्यक्षमता प्रभावित होने लगती है। आइए जानते हैं इन्हें दुरुस्त रखने के उपायों के बारे में:-
हल्दी ( turmeric )
हल्दी में शक्तिशाली ऑक्सीडेंट करक्यूमिन होता है जो जलन पैदा करने वाले एंजाइम्स का प्रतिरोधक है। दो कप पानी में आधा छोटा चम्मच हल्दी व इतनी ही मात्रा में अदरक का रस मिलाकर 10-15 मिनट के लिए उबालें और दिन में दो बार पिएं। ऐसा करने से कुछ दिनों में आराम मिलने लगेगा।
सेंधा नमक ( rock salt )
सेंधा नमक में मैगनीशियम सल्फेट होता है जो दर्द से राहत प्रदान करता है। एक कप गर्म पानी में आधा चम्मच सेंधा नमक मिलाएं और इसे तेल की तरह जोड़ों पर मलें। इसी तरह सेंधा नमक के पानी से नहाने से भी दर्द से राहत मिलती है।
सौंठ ( Dried Ginger )
सौंठ का पाउडर 1-3 ग्राम की मात्रा में भोजन करनेे के बाद पानी से लें। यदि डिनर के बाद इसे लेना चाहते हैं तो सोने से आधा घंटा पहले एक कप दूध के साथ लें। इस प्रयोग से जोड़ों के दर्द में फौरन राहत मिलती है।
इन्हें भी आजमाएं
- आयुर्वेद विशेषज्ञाें के अनुसार जब दर्द बहुत तेज हो और कारण का पता न हो तो शलाकी या हरसिंगार की पत्तियों से तैयार किए गए रस को 1-3 चम्मच की मात्रा में सुबह और शाम को लेने से लाभ होगा। ये पत्तियां आपको परचून की दुकान पर मिल जाएंगी।
- जोड़ों का दर्द होने पर नमक मिले पानी से सेक करें, इसके आधे घंटे के बाद सेंधवारी तेल से जोड़ों की मालिश करें। 5-10 मिनट के बाद उस हिस्से पर भाप लें और सूती पट्टी से इसे कवर कर लें। ध्यान रहे कि इस हिस्से पर हवा न लगे वर्ना सूजन आ सकती है।
- बिच्छू के काटने जैसा तेज दर्द हो तो सूती कपड़े पर गुनगुने पानी में भीगी हुई मिट्टी का लेप लगाएं और इसे दर्द वाले स्थान पर रखें। ऐसा दिन में दो बार करने से लाभ होगा।
- लहसुन की 6-7 कलियों का पेस्ट, एक चम्मच आटा और थोड़ी सी हल्दी को मिलाकर अरंडी के तेल से गूंथ लें। अब इसे दर्द वाले स्थान पर लगा लें। आधे घंटे बाद इसे हटा दें, दर्द में आराम मिलेगा।
- योगराज व सिंघनाद गुग्गल की दो-दो गोलियां असहनीय दर्द होने पर सुबह व शाम पानी के साथ लेने से राहत मिलती है। लेकिन इनका प्रयोग विशेषज्ञ की सलाह के बाद ही करें।
- जोड़ों का दर्द होने पर बासी, खट्टी व ठंडी चीजों से परहेज करना चाहिए क्योंकि इससे रोग गंभीर हो जाता है और सूजन बढ़ने लगती है।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/34AmGNi
No comments:
Post a Comment