अक्सर महिलाएं घर और जॉब में बिजी रहने के कारण खानपान का ध्यान नहीं रख पाती हैं। इस दौरान खानपान में पोषक तत्त्वों की कमी से उनके शरीर को जरूरी पोषक तत्त्व नहीं मिल पाते। ऐसे में शरीर की इम्युनिटी कम हो जाती है और कई प्रकार के रोगों का सामना करना पड़ता है। इसके पीछे एक भ्रम यह भी है कि वजन ज्यादा न बढ़े इसलिए भी वे बेहद कम खाती हैं। ऐसे में कामकाजी महिलाओं को बैलेंस डाइट लेना जरूरी होता है।
डाइट प्लान -
बे्रकफास्ट: इसे स्किप न करें क्योंकि दिनभर के लिए शरीर को मिलने वाली ऊर्जा के लिए यह जरूरी है। नाश्ते में दूध, दलिया, सैंडविच और कॉर्नफ्लेक्स खा सकती हैं। यदि जल्दी में हैं तो सेब, पपीता, अनार आदि से फू्रट चाट भी तैयार कर सकती हैं। एक गिलास दूध के साथ ड्राई फ्रूट्स भी लेना बेहतर विकल्प है।
लंच: सब्जी, दाल, चपाती व सलाद खाएं। गर्मी के दिनों में दही या छाछ लें। हरी सब्जियों में ब्रोकली, पालक आदि ले सकती हैं। कम तेल में बनी पनीर की भुजिया ले सकती हैं। सलाद में शिमला मिर्च, खीरा, किशमिश और थोड़ा-सा नींबू डालकर खाएं।
ईवनिंग स्नैक्स: फल, स्प्राउट्स ले सकती हैं।
डिनर: सोने से दो घंटे पहले लें ताकि ये आसानी से पच सके। गेंहू की चपाती व कम मसाले वाली सब्जी लें। 20 मिनट की वॉक जरूर करें। इससे खाना आसानी से पचेगा।
अनाज व फल जरूर लें -
साबुत अनाज (गेहूं, जौ, भूरे चावल) में फाइबर, मिनरल्स, विटामिंस, प्रोटीन व कैल्शियम होता है। इससे दिनभर एक्टिव रहने के लिए ऊर्जा मिलती है। नॉन वर्किंग वुमन के लिए भी वजन नियंत्रित रखने के लिए साबुत अनाज का प्रयोग अच्छा है। वर्किंग और नॉन-वर्किंग वुमन को रोजाना एक मौसमी फल खाना चाहिए। इनसे इम्युनिटी बढ़ती है। इस मौसम में गाजर, मूली, खीरा आदि खाएं।
हरी सब्जियां-
डाइट में रोजाना 2 हरी और मौसमी सब्जियों को शामिल करें। इनमें पोटैशियम, विटामिन और फाइबर अधिक रहते हैं। पालक, पत्तागोभी, ब्रोकली, बथुआ, मेथी, सरसों का साग आदि भी खा सकती हैं।
डेयरी प्रोडक्ट्स -
कामकाजी महिलाओं के लिए दूध व पनीर सर्वश्रेष्ठ फूड है। सर्दियों में दही, छाछ न लें। डिनर के बाद मलाईरहित दूध पीएं। पानी अधिक पीएं। इससे शरीर से विषैले तत्त्व बाहर निकलते हैं।
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