भोजन में रोटी को संपूर्ण आहार कहा जाता है। खाना चाहे दिन का हो या रात का, रोटियों के बिना अधूरा है। जानते हैं अलग-अलग अनाज से तैयार रोटियों से होने वाले फायदे क बारे में।
ज्वार -
पोटेशियम, फास्फोरस, कैल्शियम, सोडियम और आयरन से भरपूर ज्वार को रोजाना भोजन में शामिल करने से गर्भवती महिलाओं को जरूरी विटामिन और खनिज पदार्थ मिलते हैं। यह हृदय रोग जैसे आर्टरीज (धमनियां) में होने वाले ब्लॉकेज को रोकने में मददगार है। प्रति 100 ग्राम ज्वार से 25 मिग्रा कैल्शियम मिलता है।
जौ -
बीटा-ग्लूकेन से भरपूर जौ सॉल्यूबल फाइबर का ही एक प्रकार है। इससे कोलेस्ट्रॉल कम होता है। रजोनिवृत्ति के बाद महिलाओं को अपने भोजन में हफ्ते में कम से कम छह बार जौ की रोटी शामिल करनी चाहिए। साथ ही यह ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए भी फायदेमंद है। 100 ग्राम जौ में 3.9 ग्राम फायबर व 11.5 ग्राम प्रोटीन मिलता है।
बाजरा - राजस्थान में अधिक खाया जाने वाला ये अनाज आयरन, जिंक, मैग्नीशियम और विटामिन-ई से भरपूर है। अन्य अनाज की तुलना में बाजरे में अधिक ऊर्जा होती है और कैल्शियम होने के कारण हड्डियों के लिए अच्छा है। यह खून की कमी वाले रोगियों के लिए फायदेमंद है। बाजारा गर्मी के मौसम में नहीं लेना चाहिए। इसे सर्दी के मौसम में ही खाना फायदेमंद होता है।
चना और मकई -
मसल्स मजबूत करना चाहते हैं तो चने की रोटी डाइट में शामिल करें। 100 ग्राम चने में 17.1 ग्राम प्रोटीन मिलता है। इसकी बनी रोटी में पर्याप्त बी-कॉम्प्लेक्स और अन्य जरूरी विटामिंस होते हैं। यह मधुमेह के मरीजों के लिए अच्छा भोजन है। वहीं मकई की रोटी कोलोन कैंसर के खतरे कम करती है। इससे तैयार रोटी में विटामिन बी 1, बी-5, विटामिन-सी, फास्फोरस और मैगनीज होता है। साथ ही, ये बीटा कैरोटीन यानी विटामिन-ए से भरपूर होती है। इसमें मौजूद फाइबर हृदय रोगों से बचाता है।
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