क्या आपके बच्चे के शरीर या होंठ कभी-कभार नीले पड़ जाते हैं। इससे घबराने की जरूरत नहीं है। रक्त में ऑक्सीजन के स्तर में कमी आने से ऐसा होता है। इस तरह का नीलापन होठों के अलावा मुख्यत: अंगुलियों के पोरों पर दिखाई देता है। जानें ऐसा होने के अन्य कारण क्या हैं।
मुख्य कारण
आनुवांशिक वजहों के अलावा फेफड़ों से जुड़ी समस्या, हृदय में किसी प्रकार की विकृति या परेशानी, निमोनिया अहम वजह हैं। कई बार बच्चों द्वारा कोई जहरीला पदार्थ खाने या पीने से संबंधित अंग पर नीलापन दिखाई देता है। फेफड़ों या हृदय संबंधी कोई दिक्कत होती है तो जन्म के समय ही इसकी पहचान आसानी से हो जाती है। वहीं इस तरह की समस्या जेनेटिक होने पर उम्र बढऩे के साथ लक्षणों की पहचान होती है।
बेहोशी छाना
होंठ, अंगुलियों के पोर नीले पडऩे के अलावा शरीर के कई हिस्से नीले पड़ते हैं। इन लक्षणों के साथ ही शरीर में ऑक्सीजन का स्तर कम होने से थकान, सुस्ती, ऊर्जा का स्तर कम होने के अलावा बार-बार बेहोशी भी छाती है तो सतर्कता बरतने की जरूरत है। रक्त में ऑक्सीजन रहित हीमोग्लोबिन की मात्रा यदि पांच ग्राम प्रतिशत से ऊपर हो जाती है तो नीलापन दिखाई देने लगता है। घर पर कोई नुस्खे न अपनाएं, तुरंत विशेषज्ञ को दिखाएं।
शिशु की भूख पर ध्यान दें
अक्सर रोते समय बच्चे के होंठ नीले पड़ जाते हैं। ऐसा यदि बार-बार या हर बार हो तो विशेषज्ञ को दिखाएं। हृदय संबंधी दिक्कत से भी ऐसा हो सकता है। उसे ज्यादा न रोने दें। समय-समय पर उसे दूध पिलाएं ताकि वह भूख से न रोए।
प्रमुख जांचें
फिजिकल एग्जामिनेशन के अलावा पेरिफेरल कैपिलरी ऑक्सीजन सैचुरेशन (स्श्चश२) जांच कर रक्त के हीमोग्लोबिन में ऑक्सीजन का स्तर देखते हैं।
देते हैं ऑक्सीजन
स्थिति बिगडऩे पर सबसे पहले शिशु को इमरजेंसी में ऑक्सीजन देने के बाद दवाएं देते हैं। साथ ही कारण जानकार इलाज का तरीका तय करते हैं। अभिभावक को बताया जाता है कि शिशु में खून की कमी न होने दें। यदि ज्यादा शारीरिक गतिविधि से सांस फूले तो उसे आराम दें।
एक्सपर्ट : डॉ. जी. एस. तंवर, सह आचार्य, शिशु विशेषज्ञ, सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज, बीकानेर
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