आयुर्वेद के अनुसार टमाटर, खीरा और करेला एंटीबायोटिक और एंटीडायबिटिक गुणों से भरपूर होते हैं। लोकोक्ति भी कि लाल टमाटर लीजिए, खीरा सहित सनेह, जूस करेला साथ हो, दूर रहे मधुमेह।जिसके अनुसार इन तीनों चीजों को थोड़े पानी के साथ यदि नियमित लिया जाए तो सेहत में सुधार होता है।
टमाटर जिस तरह व्यक्ति की भूख बढ़ाता है, वैसे ही पाचनतंत्र में सहायक एंजाइम्स को स्त्रावित करता है। इसके अलावा खट्टा होने के कारण मधुमेह रोगियों में रक्त स्तर को नियंत्रित कर रोग से होने वाली कमजोरी को दूर करता है। दूसरी तरफ खीरा शरीर के जरूरी धातुओं की कमी को पूरा करते हुए ताकत देता है। इसे सलाद के रूप में नींबू का रस डालकर खा सकते हैं।
करेला स्वाद में कषाय होता है जो कफ-पित्त से बढ़ने वाली मधुमेह को नष्ट करता है। इसके अलावा कब्ज, बवासीर, लीवर में सूजन या किडनी संबंधी किसी भी तरह की परेशानी की पहली स्टेज में ये तीनों मददगार होते हैं। शुगर लेवल को बढऩे से रोकने में करेला इंसुलिन की तरह काम करता है।
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