कार दुर्घटनाओं में अपने पुरुष समकक्षों की तुलना में महिलाओं को चोटों की संभावना अधिक होती है। एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने यह बात कही है।
शोधकर्ताओं ने कहा कि कार दुर्घटना में बेल्ट लगाई हुई महिला के बेल्ट लगाए पुरुषों की तुलना में 73 प्रतिशत अधिक गंभीर रूप से घायल होने की संभावना होती है।
इसमें टक्कर की गंभीरता नियंत्रण करने के बाद, उम्र, कद, बॉडी मास इंडेक्स और वाहन मॉडल वर्ष आदि कारक शामिल हैं।
वर्जीनिया विश्वविद्यालय के प्रधान वैज्ञानिक जेसन फोर्मैन ने कहा, ‘‘जब तक हम महिलाओं के लिए जोखिम बढ़ाने में योगदान देने वाले मूलभूत बायोमैकेनिकल कारकों को नहीं समझते हैं, हम जोखिम अंतराल को बंद करने की अपनी क्षमता में सीमित रहेंगे।’’
शोधकर्ताओं के अनुसार, नए ऑटोमोबाइल ने समग्र रूप से चोट के कम जोखिम का प्रदर्शन किया है।
विशेष रूप से, खोपड़ी के फ्रैक्चर, गरदन की रीढ़ की चोट और पेट की चोट के लिए जोखिम कम हो गया है। घुटने-जांघ-कूल्हे और टखने में चोट लगने का जोखिम भी काफी कम हो जाता है।
जर्नल ट्रैफिक इंजरी प्रिवेंशन में प्रकाशित अध्ययन, 1998 से 2015 तक संकलित दुर्घटना और चोट के आंकड़ों का विश्लेषण है। ये डेटा अमेरिका में पुलिस द्वारा रिपोर्ट किए गए क्रैश से लिए गए हैं।
यह अध्ययन 13 से अधिक आयु वर्ग के बेल्ट पहने अग्र प्रभाव दुर्घटनाओं पर केंद्रित था। डेटा में लगभग 23 हजार फ्रंट-एंड क्रैश शामिल थे।
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