गर्भावस्था में यूं तो सभी पोषक तत्त्वों की पूर्ति जरूरी है, लेकिन फोलिक एसिड सबसे खास है। इसकी कमी से मां को प्रसव में जटिलता व बच्चे में रीढ़ की हड्डी व दिमागी रोगों का खतरा रहता है। गर्भधारण से पहले विटामिन-बी 12 की जांच करा इससे बच सकते हैं।
इसलिए जरूरी फोलिक एसिड
इसका काम रक्त में मौजूद लाल रक्त कणिकाओं (आरबीसी) की संख्या बढ़ाना है ताकि शरीर में ऑक्सीजन का संचार हो।शरीर में इसकी कमी से प्रेग्नेंसी के दौरान शिशु को ऑक्सीजन कम मिलती है जिससे उसमें स्पाइन बिफिडा या न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट (रीढ़ की हड्डी का ठीक से विकास न होने के कारण चल-फिर न पाना) जैसी समस्या होने का खतरा रहता है।इसके अलावा गर्भपात, प्रीमेच्योर डिलीवरी, जन्म के समय नवजात कम वजन के साथ भी पैदा हो सकता है।
लक्षण : थकान, मुंह में छाले
इसकी कमी के कारण दिखने वाले लक्षण आयरन की कमी से मिलते जुलते हैं जैसे थकान, कमजोरी, सुस्ती, मुंह में छाले, चिड़चिड़ापन आदि हैं।
कितनी हो मात्रा
गर्भधारण के पहले महीने से 4 मिग्रा. फोलिक एसिड रोजाना लें। तीसरे माह से डिलीवरी तक 6 मिग्रा. रोज व ब्रेस्ट फीडिंग के दौरान 5 मिग्रा. लेनी चाहिए। अगर पहले से इस तत्त्व की कमी है तो 20-40 मिग्रा. तक रोजाना लें।
अंकुरित गेंहू और हरी सब्जियां लें
सब्जियां- हरी सब्जियां जैसी पालक, मेथी, सरसों का साग मूली व छोले, टमाटर, राजमा, मक्का, फूलगोभी, चुकंदर।
मेवे- बादाम, काजू, अखरोट, मूंगफली व तिल आदि आयरन के अच्छे स्त्रोत हैं।
फल- खरबूजा, केला, संतरा, पाइनएप्पल, अनार, अमरूद।
अनाज- चावल, गेंहू (अंकुरित भी), मक्का, ज्वार आदि।
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