अग्न्याशय (पैंक्रियाज) जब पर्याप्त इंसुलिन नहीं बनाता है तो रक्त में ग्लूकोज का स्तर बिगड़ता है। इसके लिए एचबीए1सी टेस्ट करते हैं। इसे ग्लाइकोसायलेटेड हीमोग्लोबिन टेस्ट भी कहते हैं। हृदय संबंधी बीमारियों में भी यह टेस्ट करते हैं।
क्या होता है ग्लूकोज का स्तर
एचबीए1सी टेस्ट 2-3 माह में रक्त में ग्लूकोज के औसत स्तर को जांचते हैं। यदि ए1सी का स्तर 5.7 से 6.4% है तो व्यक्ति प्री-डायबिटिक श्रेणी में आता है। डायबिटीज की आशंका रहती है। 6.5% या उससे अधिक है तो वह डायबिटिक होता है। यह रक्त में ग्लूकोज का वास्तविक स्तर को दर्शाता है। जिन्हें डायबिटीज नहीं है उनका ए1सी का स्तर 4.5 से 6त्न होना चाहिए। जिनकी डायबिटीज अनियंत्रित रहती है उनका ए1सी का स्तर 8% से ज्यादा होता है।
तो जांच न कराएं
लिवर सिरोसिस, किडनी खराब होने पर मरीज को यह जांच नहीं करानी चाहिए। डायबिटीज की समस्या से बचने के लिए जीवनशैली में सुधार की जरूरत होती है। इसके अलावा खानपान में पौष्टिक व संतुलित चीजों का प्रयोग करें। इससे ब्लड शुगर के नियंत्रित होने की संभावना बढ़ जाती है।
- डॉ. लीनेश्वर हर्षवर्धन, फिजिशियन, जयपुर
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