कैंसर एक जानलेवा बीमारी है जिसका नाम सुनते ही मन सिहर उठता है। मुंह के अंदर होने वाले कैंसर को कभी-कभी मौखिक कैंसर कहा जाता है। मौखिक कैंसर सामान्य और आसानी से इलाज योग्य है यदि यह प्रारंभिक अवस्था में पाया जाता है। शरीर के ओरल कैविटी के किसी भी भाग में कैंसर होता है तो इसे ओरल कैंसर कहा जाता है। ओरल कैविटी में होंठ, गाल, लार ग्रंथिया, कोमल व हार्ड तालू, यूवुला, मसूडों, टॉन्सिल, जीभ और जीभ के अंदर का हिस्सा आते हैं।

मुंह के अंदर किसी भी हिस्से जैसे गले में, होठो पर अगर गांठे नजर आये, तो फ़ौरन किसी अच्छे डॉक्टर के पास जाएँ, और इन गांठो का चेकअप कराये। ये गांठे मुंह के कैंसर की भी हो सकती हैं, इसीलिए इनका चेकअप कराना बहुत जरुरी हैं।
मुँह या होठ पर अल्सर होना सामान्य बात हैं, लेकिन अगर यह अल्सर 2 से 3 हफ़्तों में ठीक ना हो, तो समझ लीजिये आप मुंह के कैंसर के शिकार हो चुके हैं।

Third party image reference
डॉक्टर कहते हैं कि जिस व्यक्ति का मुंह 3 सेंटीमीटर से कम खुलता है या मुंह को 3 सेंटीमीटर से ज्यादा खोलने में दिक्कत महसूस होती है तो यह आपके अंदर मुंह के कैंसर का लक्षण है।
कभी कभी ज्यादा देर तक खली पेट रहने से मुंह से बदबू आना आम बात है लेकिन अगर आपके सांस से हर वक़्त बदबू आता हो तो ये मुँह का कैंसर का हीं लक्षण होता है।
चेहरे, मुंह, गर्दन या कान के किसी भी क्षेत्र में बिना किसी वजह के स्तब्धता होना, कुछ महसूस न होना या दर्द कोमलता होना।

मुंह के अंदर किसी भी हिस्से जैसे गले में, होठो पर अगर गांठे नजर आये, तो फ़ौरन किसी अच्छे डॉक्टर के पास जाएँ, और इन गांठो का चेकअप कराये। ये गांठे मुंह के कैंसर की भी हो सकती हैं, इसीलिए इनका चेकअप कराना बहुत जरुरी हैं।
मुँह या होठ पर अल्सर होना सामान्य बात हैं, लेकिन अगर यह अल्सर 2 से 3 हफ़्तों में ठीक ना हो, तो समझ लीजिये आप मुंह के कैंसर के शिकार हो चुके हैं।

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डॉक्टर कहते हैं कि जिस व्यक्ति का मुंह 3 सेंटीमीटर से कम खुलता है या मुंह को 3 सेंटीमीटर से ज्यादा खोलने में दिक्कत महसूस होती है तो यह आपके अंदर मुंह के कैंसर का लक्षण है।

कभी कभी ज्यादा देर तक खली पेट रहने से मुंह से बदबू आना आम बात है लेकिन अगर आपके सांस से हर वक़्त बदबू आता हो तो ये मुँह का कैंसर का हीं लक्षण होता है।
चेहरे, मुंह, गर्दन या कान के किसी भी क्षेत्र में बिना किसी वजह के स्तब्धता होना, कुछ महसूस न होना या दर्द कोमलता होना।
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