चिकित्सा विशेषज्ञों के मुताबिक हर महीने सैकड़ों ऐसे मामले सामने आते हैं, जहां लोग अनजाने में अपने कानों को नुकसान पहुंचाते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक मानव कान में स्वयं-सफाई तंत्र होता है और किसी नियमित रखरखाव की आवश्यकता नहीं होती है। ऐसे में यदि आप कान को साफ कर रहे हैं, तो एक बार चिकित्सक से बात कर लें, ताकि आगे किसी तरह की परेशानी न हो।
ईयरवैक्स इसलिए जरूरी
ईयरवैक्स धूल और गंदगी के खिलाफ कान के पर्दों और आंतरिक कान के लिए एक प्राकृतिक रक्षक के रूप में कार्य करता है। अनुचित सफाई से मोम कान नहर में गहराई तक चला जाता है, जिसके परिणामस्वरूप दबाव बढ़ जाता है, सुनने की क्षमता कम हो जाती है और कान में दर्द होता है और संक्रमण होता है। ऐसे पांच-छह मामले हर महीने प्रकाश में आते हैं।
नहीं डालें बच्चों के खान में सरसो तेल
ओटोलरींगोलॉजिस्ट के मुताबिक बच्चों के कान में सरसों का तेल नहीं डालना चाहिए। कान की नलिका में तेल डालने से कोई फायदा नहीं होता है। इसके विपरीत इससे संक्रमण बढ़ सकता है।
क्या काम करता है वैक्स
विशेषज्ञों के मुताबिक मोम पानी से कान को संक्रमण से बचाता है। यह कान के पर्दे को गंदगी से भी बचाता है। कान की सेहत के लिए कान में कुछ वैक्स होना चाहिए। यहां तक कि संक्रमण के मामले में भी, जब संक्रमण ठीक हो जाता है तो तब वैक्स को साफ करते हैं। हालांकि कुछ लोगों के कानों में वैक्स ज्यादा बनता है, उस स्थिति में डॉक्टर्स को दिखाना चाहिए।
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