Monday, 6 November 2023

सुबह के समय पीएं ये डिटोक्स ड्रिक्स, वायु प्रदूषण से लड़ने की​ मिलेगी शक्ति

यह हम सभी जानते हैं कि जहरीली हवा हमारे स्वास्थ्य पर भारी असर डाल सकती है और शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में हमें हमारे शरीर को इस तरह से तैयार करना होगा, ताकि हम इसके दुष्प्रभावों को कम कर सके। यदि आपको भी आंखों में जलन, गले में खराश और एलर्जी के लक्षण नजर आते हैं तो अपनी दिनचर्या को इस तरह से शुरू करें कि आज वायु प्रदूषण के प्रभावों को कम कर सके। इन सबके लिए आपको हाइड्रेटिंग और एंटीऑक्सीडेंट खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। इसके लिए कुछ ड्रिंक्स बेहद फायदेमंद साबित हो सकते हैं।

नींबू को इस्तेमाल
नींबू के इस्तेमाल से शरीर में वायु प्रदूषण के असर को कम कर सकते हैं। श्वांस संबंधी दिक्कतें दूर होती हैं। गर्म नींबू पानी पाचन में सहायता करता है और शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में असरदार रहता है।

ग्रीन टी
आप अपने दिन की शुरुआत ग्रीन टी से कर सकते हैं, इसमें नींबू का ताजा रस मिलाइए। ग्रीन टी और नींबू का कॉम्बिनेशन रोग प्रतिरक्षा क्षमता बढ़ाता है। इसमें मौजूद कैटेचिन शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट के रूप में कार्य करते हैं, जो कोशिकाओं को वायु प्रदूषकों से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद कर सकते हैं।

अदरक की चाय
हल्दी और अदरक में सूजन-रोधी गुण होते हैं। गर्म पानी में ताजी हल्दी और अदरक से बनी चाय हमारी बॉडी और ब्रेन को सेहतमंद बनाती है। यह प्रदूषकों के संपर्क में आने से होने वाली सूजन को कम कर सकती हैं। दोनों मसाले एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर हैं, जो ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाव प्रदान करते हैं। इनका यूज हम शहर के साथ भी कर सकते हैं।

पुदीना पानी

पुदीने का पानी भी शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकलने में मदद करता है। इससे पाचन क्रिया में सुधार आता है और सबसे अहम इसकी तासीर ठंडी होने के चलते ये गले में राहत देती है। गले में खराश कम होती है।

एलोवेरा भी फायदेमंद
एलोवेरा अपने डिटॉक्सिफाइंग और एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रभावों के लिए जाना जाता है। पानी में एक बड़ा चम्मच एलोवेरा जूस और नींबू का रस मिलाएं और आपको एक शक्तिशाली डिटॉक्स पेय मिलेगा। इससे लिवर को भी फायदा मिलता है।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।



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