रसगुल्ला लोगों की पसंदीदा मिठाई होने के साथ ही एक बेहतरीन प्रोटीन सोर्स भी है। इसे खाने से कई बीमारियों में राहत मिलती हैं। चिकित्सकों के मुताबिक पीलिया में रसगुल्ला मदद करता है, कई पीलिया रोगी दिन में दो से तीन रसगुल्ले भी खाते हैं, जिससे उन्हें फायदा मिलता है। जानकारी के अनुसार रसगुल्ला कम कैलोरी वाली मिठाइयों में शामिल होता है। 100 ग्राम रसगुल्ले में 153 कैलोरी कार्बोहाइड्रेट, 17 कैलोरी फैट और 16 कैलोरी प्रोटीन होता है। रसगुल्ला एनर्जी से भरपूर होता है। इसके अतिरिक्त रसगुल्ले में भरपूर लैक्टोएसिड और केसिन पाया जाता है। जिससे भी सेहत को फायदा होता है।
पीलिया में रोज सुबह खाएं रसगुल्ला
रसगुल्ला खाली पेट भी खाया जा सकता है, ऐसे में पीलिया रोगी सुबह यदि रोजाना रसगुल्ला खाएंगे तो उन्हें आराम मिल सकता है। इससे लिवर को आराम मिलता है। इसमें प्रोटीन भी होता है, जो पीलिया के दौरान शरीर को पहुंचे नुकसान को कम करता है।
प्रेग्नेंसी में फायदेमंद
प्रेग्नेंसी के दौरान भी रसगुल्ला से काफी फायदा हो सकता है। हालांकि गर्भवती महिलाओं को रोजना दो रसगुल्ले से ज्यादा का सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि इससे उन्हें डायबिटीज हो सकती है। रसगुल्ले को पूरी तरह निचोड़कर ही खाएं, ताकि उसमें से शुगर लेवल कम हो जाए।
आंखों के लिए फायदेमंद
रसगुल्ला आंखों के लिए भी फायदेमंद होता है। इससे आंखों की जलन दूर होती है।
आंखों का पीलापन भी दूर होता है। इसमें कैल्शियम की मात्रा भी होती है, जिससे हड्डियों की सेहत सुधरती है। जोड़ों के दर्द में राहत मिलती है।
यूरिन की जलन होती है दूर
रसगुल्ले के सेवन से यूरिन की जलन भी दूर होती है। यह ठंडी तासीर का होता है, बॉडी के अंदर की जलन को सही करता है। इससे मांसपेशियों में भी मजबूती बनी रहती है। हालांकि डायबिटीज के मरीजों को रसगुल्ले का सेवन नहीं करना चाहिए।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
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