अध्ययन में यह भी पाया गया कि दिन के दौरान मोटापे से ग्रस्त लोगों में हार्मोन इंसुलिन का स्तर अधिक होता है। शोधकर्ताओं के लिए यह भी हैरान करने वाली स्थिति थी कि मोटे और सामान्य लोगों में बॉडी की एनर्जी बर्न होने का समय अलग—अलग था। मोटापे को 30 या उससे अधिक के बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) के रूप में परिभाषित किया गया है। अधिक वजन या मोटापा होने से उच्च रक्तचाप और टाइप 2 मधुमेह जैसी स्वास्थ्य स्थितियों का खतरा बढ़ाता है।
शरीर में होते हैं बदलाव
हर 24 घंटे में लोग शरीर में कई बदलावों का अनुभव करते हैं जो मानव शरीर की आंतरिक घड़ी से शुरू होते हैं। ये परिवर्तन आम तौर पर किसी भी समय शरीर की जरूरतों को सर्वोत्तम ढंग से पूरा करने के लिए दिन के निश्चित समय पर होते हैं।
ऐसे हुआ अध्ययन
नींद की प्रत्येक अवधि के बाद प्रतिभागियों को प्रत्येक दिन के समय में खाने और विभिन्न परीक्षणों में भाग लेने के लिए जगाया गया। एक परीक्षण में प्रतिभागियों को मास्क पहनकर व्यायाम करना था जो एक अप्रत्यक्ष कैलोरीमीटर नामक मशीन से जुड़ा था, जो उत्सर्जित कार्बन डाइऑक्साइड को मापता है और ऊर्जा के उपयोग का अनुमान लगाने में मदद करता है। प्रत्येक दिन प्रदान किए गए समान भोजन के जवाब में ग्लूकोज के स्तर को मापने के लिए रक्त के नमूने भी एकत्र किए गए।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
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