Friday, 17 November 2023

किडनी इंफेक्शन: ये 5 लक्षण आपको बताएंगे कि आपके गुर्दे में है संक्रमण

किडनी इंफेक्शन के शुरुआती लक्षण अक्सर हल्के होते हैं और इन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है। जैसे-जैसे इंफेक्शन बढ़ता है, लक्षण भी गंभीर होते जाते हैं। किडनी इंफेक्शन के कुछ आम लक्षण हैं:

किडनी में इंफेक्शन के एक नहीं, कई कारण होते हैं। पानी से लेकर खानपान और यूटीआई आदि के कारण भी किडनी तक इंफेक्शन पहुंच जाता है। तो चलिए आज आपको किडनी इंफेक्श से जुड़ी पूरी जानकारी दें, ताकि आप इस बीामरी को समझ सकें और सतर्क रहें।

जानिए कैसे होता है किडनी इंफेक्शन?
1. गंदे या दूषित पानी और खाने की चीजें पेट खराब करती हैं और इसके बैक्टिरिया कई बार किडनी तक पहुंच जाते हैं।
2. ब्लैडर इंफेक्शन होने पर यूरेथ्रा (यूरिन के शरीर से बाहर निकालनेवाली ट्यूब) से इंफेक्शन किडनी तक पहुंच जाता है।
3. किडनी इंफेक्शन का एक बड़ा कारण यूटीआई यानी यूरिन इंफेक्शन भी होता है। यही कारण है कि इसे 'कॉम्प्लिकेटेड यूटीआई' भी कहा जाता है।

किडनी इंफेक्शन के लक्षण
1. यूरिन का रंग, स्मेल और कम या ज्यादा मात्रा इंफेक्शन का इशारा करती है।
2. यूरिन पास करने के दौरान दर्द या खुजली भी इंफेकशन का कारण है।
3. इंफेक्शन बढ़ने पर तेज बुखार और बहुत अधिक सर्दी लगना।
4. कमर के नीचले हिस्से या पीठ और पेट के साइड में तेज दर्द
5. मिचली सा महसूस होते रहना
6. भूख न लगना
7. यूरिन में खून आना
8. यूरिन बार-बार महसूस होना लेकिन होना नहीं
9. किडनी इंफेक्शन होने की स्थिति में व्यक्ति को पेल्विक एरिया में दर्द हो सकता है। यह दर्द हल्का भी हो सकता है तेज भी। कुछ लोगों को यह दर्द अचानक उठता है जबकि कुछ में इंफेक्शन होने के बाद लगातार बना रह सकता है।

यूरिन कलर से पहचानें किडनी इंफेक्शन
- अगर आपके यूरिन का कलर साफ और ट्रांसपैरंट पानी की तरह ना होकर मटमैला हो।
- यूरिन का रंग हल्का गुलाबी या हल्का लाल लगने पर ये गंभीर किडनी इंफेक्शन का संकेत है।
- यूरिन का रंग गुलाबी या लाल होना इस तरफ इशारा करता है कि आपके यूरिनरी ट्रैक्ट में ब्लीडिंग यानी खून का रिसाव हो रहा है।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।



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