Thursday, 28 September 2023

बढ़ती उम्र में हो रही है यूरिन लीकेज की समस्या, तो शाम को अपनाएं ये उपाय

वृद्धावस्था में खांसते-छींकते समय, कोई सामान उठाते हुए या टॉयलेट तक पहुंचने से पहले कपड़ों में यूरिन लीक होना असामान्य समस्या नहीं है। महिलाओं में पुरुषों के मुकाबले यह ज्यादा देखी जाती है। बुजुर्गों में यह समस्या है तो तुरंत डॉक्टरी परामर्श लें। यूरिन लीक होने की समस्या को यूरिन इन्कॉन्टिनेंस कहा जाता है।

 

प्रिवेंटेबल, क्योरेबल और ट्रीटेबल है यह बीमारी

महिलाओं में पेल्विक फ्लोर कमजोर होने के कारण यूरिन इन्कॉन्टिनेंस होती है। पीरियड्स बंद होने, प्रसव आदि के कारण यूरिनरी ब्लेडर, यूट्रस व रेक्टम ढीले होने लगते हैं। 50-60 वर्ष की उम्र के बाद खांसते-छींकते समय यूरिन लीक हो जाता है। इस लीकेज को महिलाएं सामान्य न मानें। यह लीकेज प्रिवेंटेबल, क्योरेबल और ट्रीटेबल है। महिलाएं हर डिलीवरी के बाद पेल्विक फ्लोर को मजबूत करने वाली एक्सरसाइज करें ताकि मेनोपॉज के बाद उन्हें इस तरह की समस्या न हो। महिलाओं में स्ट्रेस और अर्ज इन्कॉन्टिनेंस होती है। स्ट्रेस इन्कॉन्टिनेंस नीचे झुकने, झाड़ू लगाने आदि से होती है। अर्ज इन्कॉन्टिनेंस में ब्लेडर ओवर एक्टिव हो जाता है।


यूरिन लीकेज के कारण
ब्लेडर मसल्स की ज्यादा सक्रियता होना।
महिलाओं में पेल्विक फ्लोर की मसल्स का कमजोर होना।
ब्लेडर में सूजन आना।
पुरुषों में प्रोसेस्ट की समस्या।
न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर जैसे मल्टीपल स्केलेरोसिस, स्ट्रोक आदि।

 

पुरुष भी ध्यान दें
पुरुषों में पेल्विक फ्लोर कमजोर नहीं होता है। प्रोस्टेट की बीमारी के कारण उन्हें यूरिन लीकेज की समस्या हो सकती है। इसे नजरअंदाज न करें। क्योंकि इससे ब्लेडर सेकंडरी ओवर एक्टिव हो जाता है। इसके अलावा जिनके प्रोस्टेट की सर्जरी हुई और यूरिन लीकेज होता है तो तुरन्त डॉक्टरी परामर्श लें।

 

क्या करें मरीज और उनके परिजन
रात को खाने व सोने में दो घंटे का गैप रखें। बेड और टॉयलेट की दूरी ज्यादा न हो। यूरिनरी पॉट बेड के पास हो। घर से बुजुर्ग अगर बाहर जाएं तो टॉयलेट कर ही जाएं। डायबिटीज और कब्ज से पीडि़त मरीज यदि घर में है और उन्हें यूरिन लीकेज की समस्या है तो परिजन को पता होना चाहिए कि ऐसे लोगों को शाम के बाद पानी कम कर दें। इस बीमारी के प्रति जागरूकता बेहद जरूरी है। कब्ज न होने दें। यदि ऐसी किसी को समस्या है तो यूरोलॉजिस्ट से परामर्श जरूर लें। हाइजीन का ध्यान रखें। इसमें सबसे अच्छी बात यह है कि डॉक्टर को दिखाते हैं तो कुछ दवाइयों से इसका इलाज संभव है।



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