Tuesday, 1 August 2023

World Breastfeeding Week: बच्चे के लिए अमृत के समान है मां का दूध, पीने से जीवनभर मिलता है फायदा

World Breastfeeding Week: हर साल 1 से लेकर 7 अगस्त तक 'वर्ल्ड ब्रेस्टफीडिंग वीक' मनाया जाता है। एक बच्चे के लिए मां का दूध 6 महीने की उम्र तक ही संपूर्ण आहार माना गया है। इस दौरान बच्चे के लिए सिर्फ मां का दूध ही संपूर्ण आहार होता है। स्तनपान कराने से शिशुओं को सभी पौष्टिक तत्व मिलते हैं, साथ ही ब्रेस्टफीड कराना मां की सेहत पर भी अच्छा होता है।

अगर बच्चे को मां का दूध मुख्य आहार के रूप में ना मिले तो उसके फिजिकल और मेंटल हेल्थ प्रभावित हो सकता है। स्तनपान ना करने वाले शिशु उन शिशुओं की तुलना में अधिक कमजोर और जल्दी बीमार पड़ते हैं, जिन्हें ब्रेस्टफीड नहीं कराया जाता है।

यह भी पढ़ें- अगर आप भी पहनते हैं टाइट जींस तो हो जाएं सावधान, 6 बीमारियां बना सकती है अपना शिकार

बच्चे के लिए स्तनपान के फायदे

मां का दूध बच्चो को अनेक रोगों से बचाने, प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत करने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मददगार साबित होता है।

स्तनपान करने वाले बच्चे का मस्तिष्क का विकास तेजी से होता है।

जब मां अपने बच्चे को स्तनपान करवाती है तो मां के गर्भाशय और अंडाशय के कैंसर होने की संभावना कम रहती है।

मां का स्तनपान बच्चे की शारीरिक वृद्धि, विकास और संतुलित पोषण व आहार प्रदान करता है। इसलिए बच्चे को स्तनपान जरूर करवाना चाहिए।

breastfeeding.jpg

मां के लिए स्तनपान कराने के फायदे

जब मां बच्चे को जन्म देती है तो उनके शरीर में कई घाव व दर्द स्तनपान कराने की वजह से जल्दी से भर जाते है।

स्तनपान मां और बच्चो के बीच बेहतर सम्बन्ध बनाता व रिश्ते भी मजबूत करता है।

यह भी पढ़ें: Reduce Cancer Risk: सिर्फ 5 मिनट के इस काम से कैंसर का खतरा होगा कम, नई स्टडी में हुआ खुलासा

प्रेग्नेंसी के समय मां का वजन बढ़ने लगता है लेकिन स्तनपान कराने की वजह से वजन को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।

स्तनपान की वजह से मां के हार्मोन संतुलित रहते है जिसके कारण मां को अधिक ऊर्जा प्राप्त होती है साथ ही कील-मुंहासे होने की संभावना कम होता है।

 

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/s7WG8PO

No comments:

Post a Comment