Checkup your Heart At Home: दुनियाभर में मौत का सबसे बड़ा कारण हैं दिल से जुड़ी बीमारियां। जिसमें हाई बीपी, वाल्व डिजीज, अनियमित दिल की धड़कन (एरिथमिया), हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर शामिल हैं। ये बीमारियां मौत की वजह बनती हैं। लेकिन आज हम आपको ऐसा टिप्स देने जा रहे हैं जो जिससे आप पता लगा सकते हैं कि आपको दिल से संबंधित बीमारी है या नहीं। आप एक साधारण घरेलू टेस्ट से पता लगा सकते हैं कि आपको कोई दिल का रोग है या नहीं। इसका पता आप पानी से कुल्ला करके लगा सकते हैं।
वैज्ञानिकों के अनुसार, इस आसान से उपाय से आप कुछ ही सेकंड में यह जान सकते हैं कि आपका दिल ठीक तरह से काम कर रहा है या नहीं। फ्रंटियर्स इन ओरल हेल्थ जर्नल में प्रकाशित एक रिसर्च में दिल के रोग के जोखिम का अनुमान लगाने का एक तरीका खोजा है।
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Saline water से कुल्ला करके जानें दिल की हेल्थ
फ्रंटियर्स इन ओरल हेल्थ जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में पाया गया कि सेलाइन वाटर से कुल्ला करने से हृदय रोग के खतरे का पता लगाने में मदद मिल सकती है। शोधकर्ताओं का मानना है कि कुल्ला करने के बाद मुंह से निकली लार में वाइट ब्लड सेल्स की अधिक मात्रा यह दर्शाती है आपके दिल में कुछ गड़बड़ चल रही है।
कुल्ला करने से कैसे पता चलती है दिल की सेहत
शोधकर्ताओं ने अध्ययन में शामिल सभी लोगों से पानी से कुल्ला करने को कहा और उनकी लार में वाइट ब्लड सेल्स के लेवल की जांच की। वैज्ञानिकों का मानना है कि इसका अधिक लेवल मसूड़ों की सूजन का संकेत है और यह दिल के रोगों के संकेत से जुड़ा हो सकता है। वैज्ञानिकों की टीम ने कहा है कि इसका अधिक लेवल दिल की धमनियों में खराबी का पहला संकेत है।
दिल के रोगों से जुड़े हैं मसूड़ों के रोग
शोधकर्ताओं ने बताया है कि मसूड़ों की सूजन ब्लड फ्लो के जरिए धमनियों को प्रभावित कर सकती है। कई अध्ययनों ने भी मसूड़ों के रोगों को दिल के रोगों से जोड़ा है। मसूड़ों की सूजन, जिसे चिकित्सकीय भाषा में पेरियोडोंटाइटिस कहते हैं, हृदय रोग से जुड़ी हुई है। मसूड़ों की सूजन धमनियों की नाइट्रिक ऑक्साइड बनाने की क्षमता को खराब करता है। यह तत्व धमनियों को ब्लड फ्लो बदलने का काम करता है।
मसूड़ों की बीमारी वाले को हार्ट अटैक का ज्यादा खतरा
हार्वर्ड हेल्थ की एक रिपोर्ट के अनुसार, मसूड़ों की बीमारी से पीड़ित लोगों में दिल का दौरा, स्ट्रोक या अन्य गंभीर हृदय संबंधी बीमारियों का जोखिम दो से तीन गुना बढ़ जाता है।
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क्या हैं मसूड़ों की बीमारी के लक्षण
मसूड़ों में सूजन या कोमलता
मसूड़ों से खून आना
मसूड़ों के बीच मवाद
सांसों की दुर्गंध जो दूर नहीं होती
मसूड़ों की रेखा पर प्लेक जमा होना
बिना किसी कारण के दांत ढीले होना
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
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