Tuesday, 25 July 2023

Food Poisoning: जानिए कब खाना होता है खराब, खाने से हो सकती है फूड पॉइजनिंग

Food Poisoning: फूड पॉइजनिंग एक संक्रमण है, जो बैक्टीरिया, वायरस या फंगस से हो सकता है। जब बैक्टीरिया या फंगस किसी खाने को संक्रमित करते हैं और उसे कोई व्यक्ति खाता है तो ये बैक्टीरिया पेट के अच्छे बैक्टरिया को नष्ट कर देते हैं। इससे पाचन क्रिया बिगड़ जाती है। यह दिक्कत गंदे पानी या एक्सपायरी डिब्बाबंद जूस व फूड खाने-पीने से भी हो सकती है। इनका भी ध्यान रखें।

 

गर्मी में तेजी से पनपते हैं बैक्टीरिया व फंगस
जब तापमान 32-35 सेल्सियस से अधिक हो जाता है तो यह मौसम बैक्टीरिया और फंगस के लिए ज्यादा अच्छे होता है। कई अध्ययनों से स्पष्ट है कि 37 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान पर बैक्टीरिया और फंगस तेजी से ग्रो करते हैं। इसलिए गर्मी के दिनों में खाना जल्दी खराब हो जाता है। डॉक्टर भी ताजा बना भोजन खाने की सलाह देते हैं।


यह भी पढ़ें: Yoga for weight loss: तेजी से वजन घटाने के लिए करें ये 4 आसन, मिलेंगे गजब के फायदे

कुछ भी खाने के बाद उल्टी है मुख्य लक्षण
फूड पॉइजनिंग के मुख्य लक्षणों में पेट में तेज दर्द, हर आधे घंटे के आसपास उल्टी-दस्त, खाना न पचना आदि शामिल हैं। तुरंत उल्टी होना, सिर में तेज दर्द, ज्यादा थकान व कमजोरी, शरीर बेजान महसूस होना, शरीर का तापमान बढऩा यानी बुखार होना आदि। वैसे तो यह समस्या किसी भी उम्र में हो सकती है, लेकिन बच्चों में अधिक होती है।

 

संक्रमण हो गया हो तो...
शरीर में पानी की कमी न होने दें। उल्टी-दस्त होने पर नारियल या नींबू पानी, ग्लूकोज, इलेक्ट्रॉल पाउडर का घोल पीते रहें। हल्का खाना जैसे सूप, खिचड़ी या गीले चावल लें। पोटैशियम से भरपूर केला भी इसमें खाने से दस्त से राहत मिलती है।

food_poisoning_side_effect.jpg

घर पर ये तरीके काम लें
पानी में अदरक का रस लेने से पेट में दर्द व सूजन में आराम मिलता है। भुने जीरे को पीसकर इसे दही, रायता या छाछ में मिलाकर पीएं। पुदीने का उपयोग भी किसी रूप में करने से आराम मिलता है। इसमें दूध और नॉनवेज लेना तत्काल बंद कर दें।

 

डॉक्टर को कब दिखाएं
उल्टी-दस्त के साथ बुखार, दस्त में खून आ रहा, बार-बार उल्टी और केवल पानी ही निकल रहा, दिक्कत तीन दिन से अधिक हो, मुंह सूख रहा हो, शरीर पर रेशेज आ रहे हों आदि। अगर यूरिन कम या नहीं हो रहा है तो किडनी पर असर हो रहा है।

यह भी पढ़ें: बिना दवा के कोलेस्ट्रॉल-ब्लड प्रेशर सहित 5 बीमारियां होंगी कंट्रोल, बस करें छोटा से ये काम

साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें
खाना खाने की जगह और बर्तनों को साफ-सुथरा रखें।
सूखे मसालों और अनाज में फंगस पनप सकते हैं, उनका भी ध्यान रखें।
नमकीन, स्नैक्स, बिस्किट को हमेशा एयर टाइट डिब्बों में बंद रखें। गीले हाथों से न छुएं।
पैक्ड फूड की एक्सपायरी जरूर देखें। एक्सपायरी वाले फूड न खाएं।
गूंथा हुआ आटा बचता है तो 12 घंटे बाद इस्तेमाल में न लें।


मौसमी फल-सब्जियों, दूध-दही को फ्रिज में स्टोर रखें।
चाकू को साफ करें, तब ही इस्तेमाल करें। खाना बनाने से पहले हाथों को साबुन से धो लें।
फ्रिज में कच्ची चीजें, पके खाने के साथ न रखें। फ्रिज में भी फूड को ढककर ही रखें। बैक्टीरिया पनप सकते हैं। मक्खियों से बचाव करें।
चॉपिंग बोर्ड, चकला-बेलन आदि लकड़ी के बने होते हैं, जिन्हें धोकर अच्छी तरह से सुखाने के बाद रखें। ऐसा न करने पर नमी के कारण भी फंगस पनप सकते हैं।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/nyYKzGJ

No comments:

Post a Comment