Tuesday, 20 June 2023

BP रग कर वक-जगग शरर पर नह पडग जयद दबव य ह तरक

हाइ ब्लड प्रेशर के साथ एक्सरसाइज करना कहीं न कहीं जोखिमयुक्त है, लेकिन डॉक्टरी परामर्श और सही ट्रेनिंग के साथ भी व्यायाम किया जा सकता है। ऐेसे व्यायाम करें जिससे शरीर पर ज्यादा दबाव न पड़े।

यह भी पढ़ें- मोटापा कम करता है जीरा, ये है इस्तेमाल का सही तरीका

कार्डियो व एरोबिक व्यायाम: फिजिशियन, डॉ. विजय प्रकाश शर्मा के अनुसार, ये एक्टिविटीज हृदय को मजबूती देने के साथ ही ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने में भी सहायक हैं। इनमें वॉकिंग, साइकिलिंग, रोप जंपिंग, स्कीइंग, स्केटिंग लो या हाइ इम्पैक्ट एरोबिक्स, वाटर एरोबिक्स जैसी एक्टिविटीज शामिल हैं।

walk_jogging.jpg

स्ट्रेंथ ट्रेनिंग: मांसपेशियां मजबूत बनाने और कैलोरी बर्न करने के साथ ही जोड़ों व हड्डियों के लिए भी बेहतर है।
स्ट्रेचिंग: शरीर लचीला बनता है, फुर्ती आती है, बॉडी मूवमेंट में सहायता मिलती है और शरीर का दर्द भी दूर होता है।

यह भी पढ़ें-International Yoga Day 2023: हेपेटाइटिस के खतरे को कम करता है ये आसन, करना है बेहद आसान

क्या करें : सप्ताह में कम से कम 5 दिन व्यायाम करें। हर दिन मीडियम इंटेंसिटी के व्यायाम 30 मिनट तक कर सकते हैं। समय कम हो तो सप्ताह में 4 दिन और 20 मिनट रोजाना एक्सरसाइज कर सकते हैं। इससे भी कम समय हो तो नियमित 5-10 मिनट व्यायाम जरूर करें।

एक्सरसाइज के दौरान या बाद में शरीर के रिएक्शन पर ध्यान दें और कोई भी दिक्कत हो तो एक्सरसाइज न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। कुछ जरूरी बातें जिन पर ध्यान दें।

walk_jogging_benefits.jpg

बीपी बढऩे के कारणों का पता करें।
लिपिड प्रोफाइल, किडनी रोग, शुगर सहित जीवनशैली से प्रेरित रोगों व समस्याओं का पता करें।
छाती में अकडऩ, दर्द, चक्कर जैसे लक्षण दिखें तो व्यायाम न करें।
जैसे ही थकान होने लगे, व्यायाम बंद कर दें।

यह भी पढ़ें-International Yoga Day 2023: ये 8 योगासन करके रह सकते हैं निरोग, कभी नहीं पड़ेगी डॉक्टर के पास जाने की जरूरत

ट्रेनर की देखरेख में व्यायाम करें।
वॉकिंग-जॉगिंग को प्राथमिकता दें और छोटे लक्ष्य के साथ व्यायाम करें।
किसी भी तरह की समस्या होने पर चिकित्सक से परामर्श जरूर करें।

 

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/8ErsZSO

No comments:

Post a Comment